गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025

Crime: UP K Varanasi में युवक की सिर कूचकर हत्या

जलालीपुरा में सरैया निवासी नौशाद का शव मिलने से फैली सनसनी

सीसीटीवी खंगाल रही स्थानीय पुलिस, कर रही जांच



 

Sarfaraj Ahmed 

Varanasi (dil india live)। जैतपुरा थाना क्षेत्र के जलालीपुरा इलाके में गुरुवार की सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक का खून से बना शव पड़ा मिला। स्थानीय लोगों ने उसकी शिनाख्त सरैया निवासी 28 वर्षीय नौशाद के रूप में की। ऐसा लग रहा था कि नौशाद की बेरहमी से सिर कुचलकर हत्या की गई है। आसपास के लोगों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई।

सूचना मिलते ही डीसीपी काशी जोन (DCP Kashi zone) गौरव वंशवाल और जैतपुरा थानाध्यक्ष बृजेश मिश्रा मय फोर्स मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल इलाके को घेराबंदी कर फॉरेंसिक टीम को बुलाया। टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने, जूते के निशान और ईंट-पत्थरों के टुकड़े बरामद किए। डीसीपी गौरव वंशवाल ने बताया कि हत्या से पहले Noshad की किसी युवक से झड़प हुई थी। सीसीटीवी फुटेज से कुछ अहम साक्ष्य मिले हैं, जिनके आधार पर आरोपी की पहचान कर जल्द खुलासा किया जाएगा।

थानाध्यक्ष बृजेश मिश्रा के मुताबिक, हत्या नजदीक से की गई है और भारी वस्तु से सिर पर कई वार किए गए हैं। हत्या में प्रयुक्त वस्तु अभी तक बरामद नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि नौशाद वहां कैसे पहुंचा और उसके साथ कौन था। स्थानीय लोगों ने बताया कि नौशाद का पिछले कुछ दिनों से कुछ युवकों के साथ विवाद चल रहा था। पुलिस रंजिश या पुरानी दुश्मनी की आशंका से भी इनकार नहीं कर रही। फिलहाल कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।

क्या बोले एसओ जैतपुरा
Jaitpura SO (थानाध्यक्ष) ने बताया कि पोस्टमार्टम (Postmartam) रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी। वहीं पुलिस इस हत्याकांड के सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। अब देखना यह है कि इस पूरे प्रकरण में कौन कौन शामिल था और क्यों नौशाद की हत्या इतनी बेरहमी से की गई।

बुधवार, 22 अक्टूबर 2025

SP Leader Shivpal Yadav को सिल्क की शाल पहना का किया स्वागत

आई सिल्क कैंटोंमेंट के हसनैन रज़ा ने किया अभिनंदन 


सरफराज अहमद 

Varanasi (dil india live)। समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता पूर्व मंत्री शिवपाल यादव (SP Leader Shivpal Yadav) का वाराणसी पहुंचने पर जोरदार स्वागत और अभिनंदन किया गया। इस दौरान हसनैन रज़ा ने आई सिल्क कैंटोंमेंट बंगला नंबर 46 में शिवपाल यादव को प्योर ज़री, सिल्क (Real zari Pure silk) की शाल पहना कर अभिनंदन किया। इस दौरान शिवपाल यादव ने उनका शुक्रिया अदा किया। हसनैन रज़ा ने बताया कि हैंडलूम, सिल्क साड़ी, शाल आदि हमेशा शिवपाल यादव जी के यहां उनके प्रतिष्ठान से ही जाती रहती है।




मंगलवार, 21 अक्टूबर 2025

UP K Varanasi Main कई इलाकों की हवा खराब

दीपावली पर हुई जमकर आतिशबाजी से बिगड़ी काशी की आबो-हवा 

आसमान में दिखा धुंध, बच्चों और अस्थमा मरीज को खतरा



Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil india live) दीपावली (Dipawali) पर वाराणसी में हुई जमकर आतिशबाजी ने शहर (City) की आबो-हवा खराब कर दी है। वाराणसी में सुबह 7 बजे AQI 236 आंका गया है। शहर में पांच जगह लगे वायु गुणवत्ता सूचकांक के अनुसार सबसे खराब हवा BHU की हो गई। यहां AQI सुबह 8 बजे 243 आंका गया है। 

यूएस एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के शहर में बने सेंटर्स ने रात भर शहर में आतिशबाजी के बाद सुबह 8 बजे अपनी रिपोर्ट दी है। जो ऑनलाइन है। इस रिपोर्ट के अनुसार सुबह 8 बजे वाराणसी के कई इलाकों में AQI लेवल 200 के पार पहुंच गया है। जबकि सामाजिक संगठनों और क्लबों ने Dipawali पर हरित पटाखों को ही खरीदने पर जोर दिया था। उसके बाद भी वाराणसी की हवा खराब है।

वाराणसी के अर्दली बाजार, भेलूपुर, मलदहिया, बीएचयू और निराला नगर में AQI मीटर लगाए गए हैं। सुबह 8 बजे यहां मलदहिया पर 240, भेलूपुर में 203, बीएचयू में सर्वाधिक खराब 243 अर्दली बाजार का 214 और निराला नगर का 282 आंका गया है। इसमें बीएचयू का सबसे खराब और अर्दली बाजार का मॉडरेट AQI है। बाकी सभी जगहों पर खराब हवा है।

चिकित्सकों (Doctors) की मानें तो इस खराब हवा का असर आम इंसान पर कम होगा, लेकिन जो लोग पहले से सांस और हार्ट संबंधी समस्याओं से जूझ रहे हैं। उनके लिए ये हवा खतरनाक साबित हो सकती है। ऐसे में बीमार लोगों को घरों में रहना चाहिए और ऐसी जगह रहें जहां धुंआ न हो। आतिशबाजी से दूर रहें।

यहां जानिए क्या है AQI
यूएस एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) बाहरी वायु गुणवत्ता और स्वास्थ्य के बारे में संचार करने के लिए EPA का उपकरण है। AQI में छह रंग-कोडित श्रेणियां शामिल हैं। जिनमें से प्रत्येक सूचकांक एक सीमा के अनुरूप है। AQI मान जितना अधिक होगा, वायु प्रदूषण का स्तर उतना ही अधिक होगा और स्वास्थ्य संबंधी चिंता उतनी ही ज्यादा होगी। उदाहरण के लिए, 50 या उससे कम का AQI मान अच्छी वायु गुणवत्ता को दर्शाता है, जबकि 300 से अधिक का AQI मान खतरनाक वायु गुणवत्ता को दर्शाता है।

सोमवार, 20 अक्टूबर 2025

Police Commissioner Varanasi ने "अपना घर आश्रम" में मनाई Dipawali

मोहित अग्रवाल ने ‘अपना घर आश्रम’ में प्रभुजनों से किया संवाद, बांटी खुशियां

Mohd Rizwan 



Varanasi (dil india live). आज 20.10.2025 को पुलिस आयुक्त, कमिश्नरेट वाराणसी (Police Commissioner Varanasiमोहित अग्रवाल (Mohit Agrawal) द्वारा दीपावली के अवसर पर सामनेघाट स्थित ‘अपना घर आश्रम’ (Apna Ashram) पहुंचकर वहां निवासरत आशाहीन, असहाय, बेघर, मन्दबुद्धि, नेत्रहीन एवं मूक-बधिर सहित लगभग 635 प्रभुजनों संग दीप प्रज्वलित कर आत्मीयता, संवेदना एवं उल्लास के साथ दीपावली का पर्व मनाया। पुलिस आयुक्त ने प्रभुजनों से आत्मीय संवाद करते हुए उनके रहन-सहन, खान-पान एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी प्राप्त की तथा सभी के बीच मिष्ठान, फल, मोमबत्ती, दीपक एवं अन्य उपहार वितरित किए । इस दौरान उन्होंने प्रभुजनों के साथ दीप प्रज्वलित कर, पटाखे जलाकर तथा मिठाई बांटकर दीपावली की खुशियां साझा कीं।




Varanasi Main गन प्वाइंट पर मोबाइल, नगद और पार्सल लूटेरे तीनों बदमाश गिरफ्तार

फ्लिपकार्ट डिलेवरी एजेंट से गन सटाकर मोबाइल, नगद और पार्सल लिया था लूट

मुखबिर की सटीक सूचना पर घटना का हुआ पर्दाफाश, माल बरामद

 

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil india live)। फ्लिपकार्ट (Flipkart) डिलेवरी एजेंट से गन प्वाइंट पर मोबाइल, नगद और पार्सल लूटने वाले तीनों बदमाशों को थाना बड़ागाँव पुलिस ने गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इनके पास से लूट का माल, तमंचा, कारतूस और घटना में इस्तेमाल मोटरसाइकिल (Bike) बरामद कर लिया है।

दरअसल सोमवार को मुखबिर की सटीक सूचना पर चिउरापुर–हथिवार मार्ग के पास पुलिस (police) ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों में मोहित यादव (Mohit yadav) निवासी ग्राम चक्का, हरहुआ, सनी यादव (sani yadav) निवासी जगापट्टी रामेश्वर, थाना जंसा और अमन यादव (aman yadav) निवासी जगापट्टी रामेश्वर, थाना जंसा शामिल है। तीनों की उम्र 19 से 21 वर्ष के बीच बताई जा रही है।

यह है घटना जानिए 

जैसे ही Flipkart एजेंट मोबाइल लेकर पहुंचा, मोहित ने उसे सूनसान स्थान पर बुलाया, जहां उसके साथी सनी यादव और अमन यादव बाइक से पहुंचे। अमन ने तमंचा दिखाकर एजेंट को धमकाया और तीनों ने मिलकर उससे नया मोबाइल, निजी फोन, नगद और पार्सल छीन लिया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।

पुलिस ने किया माल बरामद 

पुलिस ने तीनों के कब्जे से एक नया मोबाइल फोन रेडमी 15 (5जी), एक पुराना मोबाइल रियलमी (स्वर्ण रंग), एक जीन्स पैंट व शर्ट (घटना में प्रयुक्त), ₹1900 नगद, एक गाड़ी धोने की मशीन, फ्लिपकार्ट (Flipkart) एजेंट का आधार कार्ड, एक देशी तमंचा .315 बोर व एक जिंदा कारतूस के अलावा घटना में इस्तेमाल स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल बरामद कर लिया है।

Darbar -E-Mughaliya की दीवाली

"प्यार की जोत से घर- घर है चराग़ां वर्ना,

एक भी शम्अ न रौशन हो हवा के डर से"- शाकिब जलाली




Dr Muhammad Arif 

Varanasi (dil india live). दीवाली का जश्न पौराणिक के साथ-साथ भारतीय संस्कृति की विरासत का भी प्रतीक है। शास्त्रों में भी इसे मान्यता प्राप्त है और इस त्योहार का मूल तत्व बुराई पर अच्छाई की विजय है। दीवाली (diwali) प्रेम, भाई-चारा और उल्लास का संदेश पूरी दुनियां को दे रही है और एक ऐसे समाज की कल्पना को साकार करने का प्रयास कर रही है जहां मनुष्य से मनुष्य के बीच नफरत नहीं बल्कि मोहब्बत हो, पर इस बात से भी इनकार नहीं किया जा सकता कि दीवाली को भव्यता और आधुनिक स्वरूप प्रदान करने में मुग़लों का योगदान उल्लेखनीय रहा है। मुग़ल दरबार में जिस साझी विरासत का जन्म हुआ दीवाली ने उसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

      वैसे तो सभी भारतीय त्योहारों ने हिंदुस्तान में प्रवेश के समय से ही तुर्कों में गहरी दिलचस्पी पैदा किया परन्तु कृष्ण जन्माष्टमी, दशहरा, बसंत पंचमी, होली और दीवाली ने उन्हें खासकर आकर्षित किया। ये पर्व तत्कालीन दरबार का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गए। इसे ही अमीर खुसरो ने हिंदुस्तानी तहज़ीब कहा जो हिंदुस्तान को सारी दुनियां से श्रेष्ठ बनाता है। तुर्क और मुग़ल इस तहज़ीब में ऐसे रंगे की उनकी अलग पहचान कर पाना मुश्किल हो गया। इसी मेल-जोल की परम्परा ने हमें पूरी दुनियां पर मकबूलियत प्रदान की।


        भारत में तुर्क सुल्तानों के भारतीय त्योहार मनाने के दृष्टांत प्रारम्भ से ही मिलते हैं। 14वीं शताब्दी में मुहम्मद बिन तुग़लक़ दीवाली का त्योहार अपने महल में मनाता था। उस दिन महल को खूबसूरती से सजाया जाता और सुल्तान अपने दरबारियों को नए-नए वस्त्र प्रदान करता था तथा एक शानदार दावत का भी आयोजन किया जाता था।

   मुग़ल बादशाह बाबर (Badshah Babar) के समय पूरे महल को दुलहन की तरह सजा कर पंक्तियों में लाखों दीये जलाए जाते थे और इस अवसर पर शहंशाह गरीबों को नए कपड़े और मिठाइयां बाँटता। सम्राट हुमांयू (Humayun) ने अपने पिता की विरासत को न केवल बरकरार रखा बल्कि साथ-साथ महल में लक्ष्मी पूजा की भी शुरूआत किया। पूजा के दौरान एक विशाल मैदान में आतिशबाजी का आयोजन किया जाता था। गरीबों को सोने के सिक्के बांटे जाते और तदुपरांत 101 तोपों की सलामी दी जाती थी।

मुगल शहंशाह अकबर के समय में 'जश्न-ए-चिरागा' होता था। इतिहास में अकबर और जहांगीर के समय 'जश्न-ए-चिरागा' मनाए जाने का उल्लेख ऐतिहासिक ग्रंथो में बहुतायत से मिलता है। आगरा किला दीयों की रोशनी में दमक उठता था।


अकबर मुंडेर पर दीपक जलवाता

अकबर के  दरबारी अबुल फजल (Abdul Fazal) ने 'आइन-ए-अकबरी' में लिखा है कि अकबर दीवाली पर अपने राज्य में मुंडेर पर दीपक जलवाता था। महल में पूजा दरबार का आयोजन होता था। ब्राह्मण दो गायों को सजाकर शाही दरबार में आते और शहंशाह को आशीर्वाद देते। सम्राट उन्हें मूल्यवान उपहार प्रदान करता था। दीवाली के लिए महलों की सफाई और रंग रोगन महीनों पहले से शुरू हो जाता था। अपने कश्मीर प्रवास के दौरान अकबर ने वहां नौकाओं, घरों, झीलों और नदी तट पर दीये जलाने का फरमान जारी किया। अपने शहजादों और शहजादियों को जुए खेलने की भी इजाजत प्रदान की। अकबर ने गोवर्धन पूजा तथा बड़ी दीवाली के साथ छोटी दीवाली मनाने की भी शुरुआत की।


अकबर (Akbar) ने ही आकाश दीये की भी परम्परा शुरु की जो दीवाली की पूरी रात जलता था। इसमें 100 किलो से ज्यादा रुई और सरसों का तेल लगता था। दीये में रुई की बत्ती और तेल डालने के लिए सीढ़ी का इस्तेमाल किया जाता था। दरबार में फ़ारसी में अनुदित रामायण का पाठ भी होता था। पाठ के उपरांत दरबार में राम के अयोध्या वापसी का नाट्य मंचन होता फिर आतिशबाजी का दौर शुरू होता था। इस अवसर पर गरीबों को कपड़े,धन और मिठाइयां वितरित की जाती थी।अकबर ने राम सिया की को प्रदर्शित करता हुआ सिक्का भी जारी किया।

 'तुजुक-ए-जहांगीरी' में दिवाली का जिक्र 

मुगल शहंशाह जहांगीर (Mughal Badshah Jahangir) ने अपनी आत्मकथा 'तुजुक-ए-जहांगीरी' में वर्ष 1613 से 1626 तक अजमेर में दीपावली मनाए जाने का जिक्र किया है। जहांगीर दीपक के साथ-साथ मशाल भी जलवाता था और अपने सरदारों को नज़राना देता था। आसमान में 71 तोपें दागी जाती थीं तथा बारूद के पटाखे छोड़े जाते थे। फकीरों को नए कपड़े व मिठाइयां बांटी जातीं। तोप दागने के बाद आतिशबाजी होती थी। मुगलकालीन पेंटिंग्स में भी दीवाली का जश्न बहुतायत से मिलता है।

   शाहजहां (Shahjahan) के समय भी यह त्योहार परंपरागत तरीके से मनाया जाता रहा। दीवाली के दिन शहंशाह को सोने-चांदी से तौला जाता और इसे गरीब जनता में बांट दिया जाता था। मुग़ल बेगमें और शहजादियां आतिशबाजी देखने के लिए कुतुबमीनार जाती थीं। शाहजहां राज्य के 56 जगहों से अलग-अलग तरह के पकवान मंगा कर 56 तरह का थाल सजवाता था। 40 फिट ऊंची भव्य आतिशबाजी का मनोहारी दृश्य देखने के लिए दूरस्थ इलाकों से लोग आते थे। औरंगजेब के समय दीवाली ही नहीं बल्कि मुस्लिम त्योहारों में भी कुछ फीकापन आ गया।

मुहम्मद शाह (Muhammad Shah) दीवाली के मौके पर अपनी तस्वीर बनवाता था। उसने अकबर तथा शाहजहां से भी अधिक भव्यता इस त्योहार को प्रदान की। सजावट और आतिशबाजी के अलावा शाही रसोई में नाना प्रकार के पकवान बनाये जाते थे जिसे जन-साधारण में बांटा जाता था।


 बहादुर शाह जफर (Bahadur Shah Zafar) भी दीवाली के दिन लक्ष्मी पूजा (Laxmi puja) के बाद दरबार में आतिशबाजी और मुशायरा का आयोजन करते थे।गले मिलने की परंपरा सम्भवतः मुहम्मद शाह के दौर में शुरू हुई जो इस त्योहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन गयी।

  आज इस विरासत पर कुछ लोग सवाल उठाते हैं। ये कौन है जो इन मूल्यों को नकार रहे है। हमें इनसे सावधान रहने की जरूरत है। यही मूल्य हमें दुनिया में अलग पहचान देते है और इन्ही पर विश्वास करके हमनें मिल-जुल कर आजादी की लड़ाई लड़ी। इन्हें ही संविधान में जगह दी गई और उसकी प्रस्तावना में यही मूल्य स्वतंत्रता, समता, बंधुता और न्याय बनकर उभरे। आज हमें इनकी हिफाजत करने और इनके पक्ष में खड़ा होने के लिए तैयार रहना होगा अन्यथा इतिहास हमें माफ नहीं करेगा।

(लेखक : मशहूर इतिहासकार है और पीस के लिए काम करते हैं। )

रविवार, 19 अक्टूबर 2025

31 October तक जमा कर दें हज की दूसरी किशत

इसरा के कैंप में अरकान संग भरवाया गया दूसरी किश्त का फार्म 


Varanasi (dil india live). इसरा (ISSRA) की ओर से स्पेशल हज कैम्प का एहतेमाम मौलाना अब्दुल हादी खां हबीबी की सरपरस्ती व मौलाना हसीन हबीबी की सदारत में Sunday को सम्पन्न हुआ। कैंप में हज 2026 में हज यात्रा पर जाने के लिए चयनित हज जायरीन की दूसरी किश्त जमा करने के लिए FEE TYPE-25 (Pay--in-Slip) फार्म ऑनलाइन व ऑफलाइन निःशुल्क भरवाया गया और हज व उमरह को लेकर आवश्यक शुरूआती जानकारी दी गई। जिसमें आरजी तौर पर चुने गये हज जायरीन को बताया गया कि एक हाजी को दूसरी किस्त 1 लाख 25,00 रूपया प्रति व्यक्ति 31.10.2025 तक ऑनलाइन या ऑफलाइन स्टेट बैंक ऑफ इण्डिया या यूनियन बैंक ऑफ इण्डिया में अवश्य जमा करना है तथा Pay-in- Slip में हज कमेटी द्वारा जारी बैंक रिफरेन्स नम्बर अवश्य लिखें नहीं तो उनकी किश्त बैंक में जमा नहीं होगी। जमा की गई दूसरी किश्त Pay--in-Slip की एक कॉपी हज कमेटी लखनऊ के आफिस में जमा करें या डाक द्वारा भेजें। डाक द्वारा भेजने का पता-एक्सक्यूटिव आफिसर उ०प्र० हज कमेटी मौलाना अली मियां मेमोरियल हज हाउस, सरोजनी नगर, कानपुर रोड, लखनऊ 226008 है। 


इस कैम्प में पूर्वांचल के कई जिलों के लोगों ने FEE TYPE-25 फार्म (Pay--in-Slip) निःशुल्क ऑनलाइन या ऑफलाइन भरवाया तथा हज के मुताल्लिक आवश्यक जानकारी हासिल की। इस मौके पर इसरा के सदस्य एवं पदाधिकारीगण मौजूद थे। शुक्रिया हाजी फारुख खां ने व स्वागत शाहरुख खान ने किया।