शुक्रवार, 1 अगस्त 2025

UP: Election commission ने मतदाता जागरूकता अभियान से क्रिकेटर Rinku Singh को हटाया

सपा सांसद प्रिया सरोज से सगाई के चलते हटाएं गए रिंकू सिंह 

रिंकू सिंह के फैंस को लगा बड़ा झटका

Mohd Rizwan 

Lucknow (dil India live)। भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह को चुनाव आयोग ने मतदाता जागरूकता अभियान से हटा दिया है। दरअसल रिंकू सिंह की पिछले दिनों समाजवादी पार्टी की सांसद प्रिया सरोज से सगाई हुई है, इस सगाई के बाद ही चुनाव आयोग ने यह फैसला लिया है। चुनाव आयोग की तरफ से सभी प्रचार सामग्री से रिंकू की फोटो हटाने के आदेश दिए गए हैं। इससे उनके फैंस को बड़ा झटका लगा है।   

जानिए क्या है आयोग का तर्क 

चुनाव आयोग का कहना है कि भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह यूथ आइकान है। यूथ आइकान होने पर ही रिंकू सिंह को मतदाता जागरुकता अभियान से जोड़ा गया था, लेकिन पिछले दिनों उनकी सगाई सपा सांसद प्रिया सरोज से हो गई है। सपा सांसद से सगाई से उनका राजनीतिक जुड़ाव हो गया है। निर्वाचन आयोग ने राजनीतिक रूप से तटस्थता को देखते हुए यह निर्णय लिया है।

चुनाव आयोग का कहना है कि जब कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह से किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़ जाता है तो उस व्यक्ति को जागरुकता अभियान से नहीं जोड़ा जा सकता है। ऐसे में रिंकू सिंह को निर्वाचन आयोग ने राज्यस्तरीय स्वीप आइकान के पद से हटा दिया गया है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि मतदाता जागरूकता के संबंध जैसे पोस्टर, वीडियो तथा अन्य सभी स्थान वेबसाइट आदि से हटवाना सुनिश्चित करें।

सपा सांसद प्रिया सरोज से जून में हुई थी सगाई

रिंकू सिंह ने यूपी की मछलीशहर लोकसभा सीट से सपा सांसद प्रिया सरोज से जून में सगाई की थी। रिंकू और प्रिया सरोज की सगाई भव्य समारोह में सपा मुखिया अखिलेश यादव और डिंपल यादव समेत तमाम सपा के नेता व अन्य हस्तियां शामिल हुई थीं। नेताओं के अलावा खेल जगत की भी कई हस्तियां और दिग्गज इस सगाई समारोह में आए थे। सगाई के बाद से दोनों को कई मौकों पर साथ देखा गया।

गुरुवार, 31 जुलाई 2025

IIT Kanpur के प्रोफेसर Ajeet चतुर्वेदी BHU के बनाए गए VC

प्रोफेसर अजीत तीन साल के लिए बनाए गए कुलपति 

70 वर्ष की आयु तक बने रहेंगे इस ख्यातिलब्ध पद पर प्रोफेसर अजीज 

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). आईआईटी कानपुर के प्रोफेसर अजीत कुमार चतुर्वेदी को बीएचयू का नया कुलपति नियुक्त किया गया है। केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय की तरफ से गुरुवार को इस आशय का पत्र बीएचयू कुलसचिव कार्यालय को प्राप्त हुआ। प्रो.चतुर्वेदी की नियुक्ति उनके पदभार ग्रहण करने की तारीख से तीन वर्ष की अवधि के लिए या 70 वर्ष की आयु प्राप्त करने तक, जो भी पहले हो, तब तक के लिए होगी। 

चतुर्वेदी बीएचयू के 29 वें कुलपति

प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी बीएचयू के 29 वें कुलपति बने। बता दें कि प्रो. चतुर्वेदी 1994 से लेकर 1996 तक आईआईटी बीएचयू के इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर रह चुके हैं। वो बीएचयू को नजदीक से जानते हैं।

 प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी ने आईआईटी कानपुर से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में 1986 से 1995 तक बी.टेक., एम.टेक. और पीएच.डी. किया। 1996 में आईआईटी बीएचयू के बाद वे भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान आईआईटी रुड़की के इलेक्ट्रिकल और कंप्यूटर इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर रहे।

1999 में आईआईटी कानपुर आ गए। यहां उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभागाध्यक्ष, अनुसंधान एवं विकास डीन और उप निदेशक जैसे पदों को संभाला। अगस्त 2012 में उन्हें प्रोफेसर बनाया गया और मार्च 2015 से वे आईआईटी कानपुर में संजय और रचना प्रधान चेयर प्रोफेसरशिप पर रहे, इसके बाद वे 2017 में फिर आईआईटी रुड़की चले गए। प्रो.चतुर्वेदी जनवरी 2017 से अक्टूबर 2022 तक रुड़की के निदेशक रहे। इसके बाद वह फिर आईआईटी कानपुर लौट आए। उन्हें INSA टीचर्स अवार्ड, आईआईटी कानपुर का विशिष्ट शिक्षक पुरस्कार और सिंगापुर के नानयांग टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी का टैन चिन तुआन फैलोशिप प्राप्त हुआ है। वे टेलीकॉम स्टैंडर्ड्स डेवलपमेंट सोसाइटी ऑफ इंडिया (TSDSI) के संस्थापक सदस्य भी हैं।

बुधवार, 30 जुलाई 2025

UP K Varanasi Main राष्ट्रीय पूर्वांचल एकता पार्टी का सम्मेलन

राष्ट्रीय पूर्वांचल एकता पार्टी जमीनी स्तर पर करेगी काम- रघुनाथ उपाध्याय 

F. Faruqui Babu 

Varanasi (dil India live). उत्तर प्रदेश महिला मोर्चा के नेतृत्व में कवि व कार्यकर्ता सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुनाथ उपाध्याय ने कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि देश की वर्तमान राजनीतिक व्यवस्था पटरी से उतर चुकी है। इसलिए हमें जमीनी स्तर पर कार्य करने की जरूरत है। हम एक परिवार एक नौकरी के लिए काम कर रहे हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुनाथ उपाध्याय ने कहा कि देश से जातिवादी मानसिकता को समाप्त कर सर्व समाज को एक करना ही होगा। क्योंकि जातिवाद और धर्मवाद से देश में नफरतरुपी जहर फैल रहा है जो भविष्य के लिए घातक साबित होगा। राष्ट्रीय पूर्वांचल एकता पार्टी युवाओं के लिए स्वरोजगार पर कार्य करते हुए आगे बढ़ रही है। उपाध्याय ने कहा हमें देशहित और जनहित में कार्य करने की जरूरत है उन्होंने कहा कि देश हमारे लिए सर्वोपरि है और जनता इस लोकतंत्र की महत्वपूर्ण कड़ी है इसलिए देशहित और जनहित का ध्यान रखने वाली पार्टी को सत्ता में लाने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय अध्यक्ष रघुनाथ उपाध्याय ने कहा कि राष्ट्रीय पूर्वांचल एकता पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोजगारी, मंहगाई, पर विशेष कदम उठाने जा रही है साथ ही हमारी टीम किसानों के माध्यम से देश को रोजगार के सुअवसर के तरफ मोड़ने जा रही है।


पार्टी के राष्ट्रीय संरक्षक गंगा सहाय पाण्डेय ने कहा कि सर्व समाज को एक करने से ही भारत का लोकतंत्र मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि हमें देशहित और जनहित में कार्य करने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राजेश मिश्रा ने कहा कि देश में शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को सही करने की आवश्यकता है। राष्ट्रीय महासचिव डॉ मनोज सागर कहा कि समाज को बांट कर राजनीति नहीं किया जा सकता है। इसलिए सर्व समाज को एक करने की जरूरत है। तभी हम मजबूत लोकतंत्र स्थापित कर सकते हैं। राष्ट्रीय संगठन मंत्री ज्ञानेन्द्र तिवारी कहा कि राष्ट्रीय पूर्वांचल एकता पार्टी जमीनी स्तर पर कार्य कर रही है और विशेष रूप से स्वरोजगार पर योजना बनाकर कार्य हेतु हम अग्रसर है ताकि देश के नवयुवकों की समस्या का समाधान हो सके। प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा उत्तर प्रदेश तारा यादव ने कहा कि हमें महिलाओं के कल्याण के लिए नारी सशक्तिकरण पर योजनाबद्ध तरीके से कार्य करने की जरूरत है। कवि सम्मेलन और कार्यकर्ता सम्मान समारोह में तमाम कवियों ने अपनी अपनी काव्य रचना पढ़ी।

 इस कार्यक्रम में आये शशि राजभर, संतोष पाल, मलखान सिंह, साधना यादव, पुष्पा सिंह, कोमल सिंह, रेनू भारद्वाज, कृति वर्मा आदि ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

Post Office:डाककर्मी के पुत्र Munshi Premchand ने लिखी साहित्य की नई इबारत

आज भी प्रासंगिक हैं मुंशी प्रेमचन्द के साहित्यिक व सामाजिक विमर्श- श्रीकृष्ण कुमार यादव

प्रेमचंद साहित्य की वैचारिक यात्रा आदर्श से यथार्थ की ओर उन्मुख

Varanasi (dil India live). साहित्य समाज के आगे चलने वाली मशाल है। कालजयी साहित्य की सबसे बड़ी विशेषता यही है कि, चरित्र और परिवेश के साथ बदलते युग में भी यह नया आख्यान रचता है। मुंशी प्रेमचंद का साहित्य इसी परम्परा को समृद्ध करता है। हिन्दी साहित्य के इतिहास में उपन्यास सम्राट के रूप में प्रसिद्ध मुंशी प्रेमचंद के पिता अजायब राय श्रीवास्तव लमही, वाराणसी में डाकमुंशी (क्लर्क) के रूप में कार्य करते थे। ऐसे में प्रेमचंद का डाक-परिवार से अटूट सम्बन्ध रहा। मुंशी प्रेमचंद को पढ़ते हुए पीढ़ियाँ बड़ी हो गईं। उनकी रचनाओं से बड़ी आत्मीयता महसूस होती है। ऐसा लगता है मानो इन रचनाओं के  पात्र हमारे आस-पास ही मौजूद हैं। प्रेमचंद जयंती (31 जुलाई) की पूर्व संध्या पर उक्त विचार ख़्यात ब्लॉगर व साहित्यकार एवं पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने व्यक्त किये।

 प्रेमचंद की जन्मस्थली लमही, वाराणसी में पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव)

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि लमही, वाराणसी में जन्मे डाककर्मी के पुत्र मुंशी प्रेमचंद ने साहित्य की नई इबारत  लिखी। हिंदी कहानी तथा उपन्यास के क्षेत्र में 1918 से 1936  तक के कालखंड को 'प्रेमचंद युग' कहा जाता है। प्रेमचंद साहित्य की वैचारिक यात्रा आदर्श से यथार्थ की ओर उन्मुख है। मुंशी प्रेमचंद स्वाधीनता संग्राम के भी सबसे बड़े कथाकार हैं। मुंशी प्रेमचंद एक साहित्यकार, पत्रकार और अध्यापक के साथ ही आदर्शोन्मुखी व्यक्तित्व के धनी थे। श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि, प्रेमचंद की स्मृति में भारतीय डाक विभाग की ओर से 30 जुलाई 1980 को उनकी जन्मशती के अवसर पर 30 पैसे मूल्य का एक डाक टिकट भी जारी किया जा चुका है।


पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, प्रेमचन्द के साहित्यिक और सामाजिक विमर्श आज भूमंडलीकरण के दौर में भी उतने ही प्रासंगिक हैं। उनकी कृतियों के तमाम चरित्र, मसलन- होरी, मैकू, अमीना, माधो, जियावन, हामिद कहीं-न-कहीं वर्तमान समाज के सच के सामने फिर से तनकर खड़े हो जाते हैं। प्रेमचंद ने साहित्य को सच्चाई के धरातल पर उतारा। प्रेमचन्द जब अपनी रचनाओं में समाज के उपेक्षित व शोषित वर्ग को प्रतिनिधित्व देते हैं तो निश्चिततः इस माध्यम से वे एक युद्ध लड़ते हैं और गहरी नींद सोये इस वर्ग को जगाने का उपक्रम करते हैं। श्री यादव ने कहा कि प्रेमचन्द ने अपने को किसी वाद से जोड़ने की बजाय तत्कालीन समाज में व्याप्त ज्वलंत मुद्दों से जोड़ा। उनका साहित्य शाश्वत है और यथार्थ के करीब रहकर वह समय से होड़ लेती नजर आती हैं।


मंगलवार, 29 जुलाई 2025

Varanasi Main Nagar Nigam ने की कार्रवाई, कबीरचौरा में प्रतिबंधित प्लास्टिक जब्त, व्यापारी गिरफ्तार

30 बोरिया पकड़ी गई प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री  नियमों के उलंघन पर 50 हजार जुर्माना 


Mohd Rizwan 
Varanasi (dil India live)। नगर निगम के प्रवर्तन दल ने कर्नल संदीप शर्मा के नेतृत्व में मंगलवार को कबीरचौरा क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक सगड़ी चालक को प्रतिबंधित प्लास्टिक की थैलियों के साथ पकड़ा। पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर टीम ने तत्काल औरंगाबाद स्थित विजय प्लास्टिक नामक दुकान पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान दुकान से लगभग 30 बोरियों में भरी हुई प्रतिबंधित प्लास्टिक सामग्री जब्त की गई। पर्यावरण नियमों का उल्लंघन करने पर संबंधित व्यापारी पर ₹50,000 का जुर्माना भी लगाया गया। नगर निगम ने स्पष्ट किया कि प्रतिबंधित प्लास्टिक के उपयोग और बिक्री पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। नागरिकों से अपील की गई है कि पर्यावरण संरक्षण के लिए जागरूकता दिखाएं और प्रतिबंधित प्लास्टिक का उपयोग न करें।

UP: Varanasi K आरंभ हॉस्पिटल में Rotary Club Varanasi Sarnath व सखी पैड बैंक ने किया रक्तदान

देश सेवा का सबसे बेहतरीन तरीका है रक्तदान-डा. श्वेता सरीन

Varanasi (dil India live). वाराणसी के सिद्धगिरी बाग स्थित रोटरी क्लब वाराणसी सारनाथ, सखी पैड बैंक द्वारा संयुक्त रूप  रक्तदान शिविर का आयोजन ख्यातिलब्ध आरंभ हॉस्पिटल में किया गया। इस अवसर पर रोटरी क्लब वाराणसी सारनाथ की अध्यक्ष सुनीता भार्गव ने बताया कि इस शिविर में तकरीबन 52 यूनिट रक्तदान सदस्यों द्वारा का किया गया। उन्होंने कहा कि एक यूनिट रक्तदान करने से तीन जिंदगियां बचाई जा सकती है और हर स्वस्थ इंसान 3 महीने में एक बार रक्तदान कर सकता है। इस शिविर में मुख्य अतिथि डॉक्टर श्वेता सरीन ने सभी को रक्तदान के बारे में जागरूकता अभियान चलाने पर जोर दिया और कहा कि समाज सेवा व देश सेवा का सबसे बेहतरीन तरीका है रक्तदान करना और सबसे महत्वपूर्ण भी।


मुख्य अतिथि के रूप में रोटरी मंडल 3120 के वाराणसी रीजन के ब्लड डोनेशन अध्यक्ष रोटेरियन अमित गुजराती ने कहा कि रक्तदान महादान होता है, इसलिए सहयोग और मदद के लिए सभी लोगों को आगे आना चाहिए और रक्तदान में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेना चाहिए। शिविर के संयोजक रोटेरियन नितिन जायसवाल, रितिका माहेश्वरी, आराध्या श्रीवास्तव, शांतनु सिंह, नितिन जायसवाल, अश्वनी कुमार, आशीष, प्राची गुप्ता, अमर भार्गव, मनोज गोयल, नम्रता मिश्रा, विशाल एवं अजितेश इत्यादि ने बड़े उत्साह के साथ ब्लड डोनेशन किया। रोटरी क्लब वाराणसी सारनाथ के पूर्व अध्यक्ष संजय श्रीवास्तव ने आभार व्यक्त किया।


UP: Varanasi Main Sultan Club का चुनाव सम्पन्न

डाक्टर एहतेशाम अध्यक्ष एवं  एच. हसन नन्हें महासचिव बने

Varanasi (dil India live)। सामाजिक संस्था " सुल्तान क्लब " वाराणसी के पदाधिकारियों का चुनाव रसूलपुरा, बड़ी बाजार स्थित कार्यालय में चुनाव अधिकारी शाही जामा मस्जिद ज्ञानवापी के इमाम ए ईदैन मौलाना अब्दुल आखिर नोमानी की देखरेख में सुचारू रूप से संपन्न हुआ। इस चुनाव में सर्व सम्मति से डॉक्टर एहतेशामुल हक को पुनः अध्यक्ष एवं मुस्लिम जावेद अख्तर को सचिव चुना गया इसके अतिरिक्त महबूब आलम व अजय कुमार वर्मा को उपाध्यक्ष, हुर्मतुल हसन नन्हें को महासचिव, अब्दुर्रहमान को उपसचिव, मोहम्मद इकराम को कोषाध्यक्ष, मुख्तार अहमद अंसारी को लेखा परीक्षक और मौलाना अब्दुल्लाह को सलाहकार के रूप में सर्व समिति से चुना गया।


कार्यकारिणी सदस्यों के रूप में मौलाना अब्दुल आखिर नोमानी, हाफिज मुहम्मद मुनीर, अबुल वफ़ा अंसारी, नसीमुल हक, सुलेमान अख्तर, खलील अहमद चुने गए। नवनिर्वाचित पदाधिकारी ने समाज व देश सेवा हित के कार्यों में और बढ़चढ़ कर करने की शपथ ली जिससे संस्था और आगे की ओर जा सके,नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को शाही जामा मस्जिद ज्ञानवापी के इमाम ए ईदैन मौलाना अब्दुल आखिर नोमानी ने शुभकामनाओं के साथ संस्था के उद्देश्यों और कार्यक्रमों के प्रति सभी को एकजुट होकर मेहनत लगन और कर्तव्य निष्ठा के साथ काम करने की सलाह दी और लोगों का आभार प्रकट किया।


ज्ञात हो कि यह संस्था पिछले 30 वर्षों से समाज की निस्वार्थ भाव से सेवा करती चली आ रही है। जैसे निःशुल्क प्रौढ़ एवं बाल शिक्षा केंद्र का संचालन, निःशुल्क चिकित्सा शिविर का आयोजन, प्राकृतिक आपदा में राहत शिविर का आयोजन करना, बुनकरों व अशिक्षित लोगों को शिक्षा के प्रति जागरूक करना, मतदाता जागरूकता अभियान, महिला सशक्तिकरण अभियान, हर घर तिरंगा अभियान, महापुरुषों के जन्मदिन पर कार्यक्रम, राष्ट्रीय पर्वों पर विभिन्न कार्यक्रम आयोजन करती चली आ रही है।