सोमवार, 21 जुलाई 2025

UP: Varanasi Main उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान द्वारा हुई उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद पर एक दिवसीय संगोष्ठी

शोषित वंचितों की आवाज को प्रेमचंद ने अपनी लेखनी का हथियार बनाया

Madan yadav 

Varanasi (dil India live). उत्तर प्रदेश भाषा संस्थान द्वारा  उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद पर एक दिवसीय संगोष्ठी भोजूबीर में आयोजित की गई। संगोष्ठी के मुख्य वक्ता प्रोफेसर नरेंद्र नारायण राय (अध्यक्ष हिंदी विभाग राम मनोहर लोहिया पीजी कॉलेज भैरव तालब वाराणसी) ने अपने वक्तव्य में कहा प्रेमचंद को पढ़ना है तो ग्रामीण परिवेश के लम्ही के उन सभी किरदारों को मौके पर जाकर वहां का वर्तमान परिवेश को देखना होगा। वहां जाकर यदि देखेंगे तो उनकी कहानियों और उपन्यासों के पात्र जैसे लगेगा की जीवंतता प्रदान कर रहे हैं। शोषित वंचित की आवाज को प्रेमचंद ने अपनी लेखनी का हथियार बनाया। 

उसी क्रम में डॉक्टर अशोक राय ने कहा कि वंचितों और शोषितों की आवाज को हम प्रेमचंद की आवाज मानते हैं जिन्होंने गबन उपन्यास और कहानी कफन के माध्यम से घीसू माधव के गरीबी को रेखांकित किया। पंडित छतीश द्विवेदी ने कहा कि प्रेमचंद जैसा कालजई कथाकार आज वर्तमान परिवेश में बहुत कम ही दिखाई देता है जिन्होंने हाशिए पर पड़े लोगों को समाज के सर्वहारा वर्ग से जोड़ने का प्रयास किया।

कार्यक्रम में बुद्धदेव तिवारी, सुनील सेठ आदि ने भी अपने विचारों के माध्यम से कथाकार मुंशी प्रेमचंद द्वारा किए गए कार्यों की बखूबी प्रशंसा की। कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन डॉक्टर अशोक राय अज्ञान हास्य कवि ने किया एवं सभागार में उपस्थित सभी के प्रति  आभार व्यक्त किया।

UP: Varanasi K Dargah-e-Fatmaan में उठा 18 बनी हाशिम का ताबूत

इमाम हुसैन के दुलदुल और तुर्बत की जियारत को उमड़े अकीदतमंद, मांगी मन्नतें

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live). वाराणसी के लल्लापुरा स्थित दरगाह फातमान में शहीदाने कर्बला इमाम हुसैन और उनके घर के 17 लोगों की याद में (18 बनी हाशिम) इतवार को ताबूत उठाया गया। इस मौके पर हज़रत इमाम हुसैन का दुलदुल और उनके भाई हज़रत अब्बास का अलम की भी जियारत के लिए लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। जायरीन ने ताबूत, अलम व दुलदुल की जियारत कर मन्नतें व मुराद मांगी। जुलूस का आयोजन अंजुमन हैदरी, चौक बनारस ने किया था।

इससे पहले मौलाना अकील हुसैनी ने जुलूस की मजलिस को खिताब करते हुए 18 बनी हाशिम की शहादत की दास्तां सुनाई जिसे सुनकर तमाम लोग जार-जार रो पड़े। इस मौके पर इमाम हुसैन, उनके बहादुर भाई अब्बास, 18 साल के जवान बेटे अली अकबर, 13 साल के भतीजे कासिम और सबसे छोटे बेटे 6 महीने के अली असगर की शहादत पढ़ी गई। इन सभी को इराक के कर्बला शहर में सन् 61 हिजरी में भूखा और प्यासा उस वक्त के सबसे बड़े आतंकवादी यजीद की फौज ने शहीद किया था।

मौलाना अकील हुसैनी ने इमाम हुसैन के बहादुर भाई अब्बास की शहादत पढ़ते हुए कहा कि 'इमाम हुसैन के खेमों (टेंट) में बच्चे तीन दिन के प्यासे थे। पानी के लिए सभी परेशान थे। ऐसे में इमाम हुसैन की चार साल की बच्ची ने अपने चचा अब्बास से नहर ए फोरात से पानी लाने को कहा। 

मौला अब्बास अपने आका और बड़े भाई इमाम हुसैन से इजाजत लेकर अब्बास नहर पर पहुंचे और पानी भरकर वापस निकले तो उन्हें यजीदी फौजों ने घर लिया और पहले उनके दोनों हाथ काट दिए और सिर पर ऐसा वार किया कि वो शहीद हो गए। ये सुनकर वहां मौजूद लोग जारो कतार रोने लगे। बाद मजलिस मौलाना इंतजार आब्दी ने 18 ताबूतों का तारूफ कराया।

60 साल के बुजुर्ग और 6 महीने के मासूम को भी नहीं छोड़ा* लगभग 1400 साल पहले बादशाह यज़ीद ने इमाम हुसैन को उनके 72 साथियों समेत मौत के घाट उतार दिया था। इनमें 60 साल के बुजुर्ग और 6 माह के मासूम अली असगर के भी जान को नहीं बख्शा गया। तीन दिन का भूखा-प्यासा करबला के मैदान में शहीद कर दिया गया था। मौलाना अकील हुसैनी के अनुसार, इन 72 शहीदों में पैगंबर मुहम्मद साहब के खानदान के 18 असहाब थे। ये ताबूत उन्हीं 18 बनी हाशिम की याद में उठाए गए हैं।

जानिए कर्बला में शहीद 18 बनी हाशिम को

1. इमाम हुसैन बिन अली

2. अल-अब्बास बिन अली

3. उथमान बिन अली

 4 जाफर बिन अली

 5 अब्दुल्लाह बिन अली

6. मुहम्मद बिन अली

7. अल-कासिम बिन अल-हसन

8. अब्दुल्ला बिन अल-हसन

9 अबू बक्र बिन अल-हसन

10. अली अल-अकबर बिन अल-हुसैन

11. अली अल-असगर बिन अल-हुसैन

12. औन बिन अब्दुल्लाह बिन जाफर

13. मुहम्मद बिन अब्दुल्लाह बिन जाफर

14. अब्दुर्रहमान बिन अकील

15. जाफर बिन अकील

16. अब्दुल्लाह बिन अकील

17. अबू अब्दुल्ला अमीर बिन मुस्लिम

18. अब्दुल्लाह बिन मुस्लिम

रविवार, 20 जुलाई 2025

UP: Varanasi Main Sawan Main मांस की दुकानों पर चला निगम का हंटर

मीट, मुर्गा, मछली की खुली दुकानों पर कार्रवाई, 75 किलों मांस किया जब्त

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). नगर आयुक्त अक्षत वर्मा के निर्देश पर डॉ संतोष पाल (पशु कल्याण अधिकारी) के नेतृत्व में चलाए गए अभियान में आज रविवार को सावन माह में मीट मुर्गा मछली की दुकान खोलने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए लगभग 75 किलो से अधिक मीट जब्त कर नष्ट किया गया। यह कार्रवाई शहर के विभिन्न क्षेत्रों में चलाई गई। यह कार्यवाही रेवड़ी तालाब, लल्लापुरा, कचहरी के सामने खुली मीट की दुकान, भोजूबीर इत्यादि क्षेत्रों में की गई। इस दौरान लगभग 75 किलो मांस जब्त किया गया।


इन दुकानों को संचालित करने वाले मोहम्मद शकील पुत्र शमीम अहमद, लाला मोहम्मद, शिराज पुत्र सेराज, पोल्ट्री फार्म, रेवडी तालाब, मोहम्मद हनीफ कुरैशी, रेवडी तालाब, मोहम्मद इम्तियाज पुत्र अब्दुल सत्तार, मौलवी बैग सिगरा, पापू कुरेशी, पुत्र मोहम्मद अलीम कुरैशी मौलवी बैग, मोहम्मद नईम कुरैशी (नेशनल मीट) शोप, आंध्रापुल, मोहम्मद फखरुद्दीन कुरेशी पुत्र निज़ामुद्दीन, गोलघर कचेहरी, गुड्डु पुत्र कादिर अहमद, गोलघर कचहरी शामिल है। बताया जा रहा है कि मांस की दुकान के विरुद्ध संबंधित थाने में आवश्यक कार्यवाही शुरू कर दी गई है। 


गौरतलब हो कि नगर निगम वाराणसी द्वारा पिछले दिनों के निर्णय लिया गया था कि सावन माह में नगर निगम सीमा क्षेत्र की सभी मांस, मछली की दुकान बंद रहेंगे, उसी क्रम में यह कार्यवाही की गई है और आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगी।

Bihar: JDU office के बाहर लगे पोस्टर ने मचाया सियासी गर्दा

बिहार में नीतीश की विरासत संभालेंगे बेटे निशांत!

Patna (dil India live). बिहार में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की विरासत संभालने के लिए उनके बेटे निशांत कुमार का चुनाव लड़ना तय माना जा रहा हैं। जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) कार्यालय के बाहर निशांत के जन्मदिन पर पोस्टर लगाए गए हैं। इन पोस्टरों में उन्हें भावी नेता बताया गया है। अटकल यह भी है कि निशांत, नालंदा जिले से ताल ठोंक सकते हैं।

पटना में जेडीयू कार्यालय के बाहर लगे पोस्टरों से इस बात की चर्चा तेज हो गई है। निशांत कुमार के जन्मदिन पर लगे इन पोस्टरों में उन्हें बिहार की जरूरत बताया गया है। राजनीतिक विश्लेषक अनुमान लगा रहे हैं कि निशांत न सिर्फ अगला विधानसभा चुनाव लड़ेंगे बल्कि वो नीतीश कुमार की विरासत भी संभालेंगे ठीक वैसे ही जैसे लालू यादव की राजनीति विरासत तेजस्वी और मुलायम सिंह यादव की राजनीति विरासत अखिलेश यादव ने संभाला। हालांकि जेडीयू ने इस बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।

पोस्टर ने मचाया गर्दा 

जेडीयू ऑफिस के बाहर उनके जन्मदिन पर लगे पोस्टरों ने गर्दा मचा दिया हैं, उससे राजनीतिक गलियारों में हलचल मची हुई है। बड़े-बड़े पोस्टरों पर लिखा है- 'बिहार की मांग सुन लिए निशांत, बहुत-बहुत धन्यवाद।' माना जा रहा कि जेडीयू में निशांत कुमार के आने की कार्यकर्ताओं की मांग पूरी हो गई है।

जेडीयू ऑफिस के बाहर जो पोस्टर लगे हैं, उनमें निशांत कुमार की बड़ी-बड़ी तस्वीरें हैं। उन्हें पार्टी के भविष्य के नेता के तौर पर दिखाया गया है। इन पोस्टरों को देखकर लगता है कि निशांत कुमार अब राजनीति में आने के लिए तैयार हैं।

यह भी लग रहा है कि वे अगला बिहार विधानसभा चुनाव लड़ सकते हैं। हालांकि निशांत कुमार ने अभी तक राजनीति से दूरी बनाए रखी है। वे हमेशा राजनीति में आने से मना करते रहे हैं। लेकिन उन्होंने लोगों से अपने पिता को फिर से मुख्यमंत्री बनाने की अपील जरूर की है।


निशांत ने गिनाई नीतीश के काम 

इस बीच, पटना के महावीर मंदिर में आज निशांत कुमार पहुंचे। यहां निशांत कुमार के जन्मदिन पर रुद्राभिषेक पूजा करवाई गई। पूजा में शामिल होने के बाद निशांत कुमार ने मीडिया से बात करते हुए जनता से एनडीए और पिता नीतीश कुमार को जिताने की अपील की। निशांत कुमार ने कहा कि उनके पिता ने बिहार के लिए बहुत काम किया है। महिलाओं को 35 फीसदी आरक्षण दिया, अभी एक करोड़ रोजगार और जॉब की बात हुई है, जो अगले पांच साल में पूरी हो जाएगा। बिहार में बिजली सड़क के क्षेत्र में भी सुधार के कई काम किए हैं।


UP: Varanasi K बनी-ठनी मेले में दिखी समूचे India की झलक

मेला महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रतीक-प्रतिमा गुप्ता

Varanasi (dil India live)। मारवाड़ी युवा मंच, वरुणा शाखा द्वारा भेलूपुर स्थित डायमंड होटल में 'बनी-ठनी राजस्थानी मेले' का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि समाजसेवी एवं सनबीम स्कूल की असिस्टेंट डायरेक्टर प्रतिमा गुप्ता, संस्था की अध्यक्ष निधि जसरापुरिया, सचिव पूजा डेरोलिया, कोषाध्यक्ष रितु तुलस्यान सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया। 

मुख्य अतिथि प्रतिमा गुप्ता ने कहा, 'आज की महिलाएं पारिवारिक दायित्वों के साथ-साथ सामाजिक और व्यावसायिक क्षेत्रों में भी आगे बढ़ रही हैं। यह मेला महिला सशक्तिकरण, आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक संरक्षण का प्रतीक है। जिन महिलाओं की दुनिया कभी घर की चारदीवारी तक सीमित थी, वे अब अपने हुनर और दृढ़ इच्छाशक्ति से समाज में नया मुकाम बना रही हैं।'


मेले में 50 से अधिक स्टॉल्स लगाए गए, जिनमें कोलकाता की राखियाँ, लखनऊ की चिकनकारी कुर्तियाँ, बनारसी शिफॉन साड़ियाँ, जयपुरी बंधेज, मथुरा के भगवान श्रीकृष्ण के रंग-बिरंगे वस्त्र, आभूषण, हस्तशिल्प उत्पाद, बेकरी आइटम्स, पापड़, मंगोड़ी, अचार और बच्चों के खिलौनों सहित विभिन्न वस्तुएं आकर्षण का केंद्र रहीं। महिलाएं और युवतियां पारंपरिक राजस्थानी वेशभूषा में सज-धजकर मेले में पहुंचीं और उत्साहपूर्वक खरीदारी की। चटपटी चाट और स्वादिष्ट व्यंजनों का भी लोगों ने भरपूर आनंद उठाया। संस्था की अध्यक्ष निधि जसरापुरिया ने बताया कि मेले का उद्देश्य महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाना और पारंपरिक संस्कृति को संरक्षित रखना है। उन्होंने कहा, 'इस प्रकार के आयोजन महिलाओं के हुनर को मंच प्रदान करते हैं और उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में प्रेरित करते हैं।' मेले की संयोजिका निधि जसरापुरिया, सचिव पूजा डेरोलिया, कोषाध्यक्ष रितु तुलस्यान, श्वेता सरीन, मंजू तुलस्यान, रचना जिंदल, उषा अग्रवाल, अनीता भालोटिया, अनीता गिनोडिया, शीला जसरापुा- रिया, आशा भुवालका, सुजाता बाजोरिया, आरुषि अग्रवाल, दीपा तुलस्यान, पूजा लीला, राखी तुलस्यान, श्वेता मुरारका, कीर्ति केजरीवाल, रेनू बाजोरिया, शशि बुबना, रश्मि बाजोरिया सहित अनेक महिला सदस्य उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के सफल आयोजन में सुरेश तुलस्यान, पवन कुमार अग्रवाल, कृष्ण कुमार काबरा, इशांक शाह और राजेश पोद्दार का विशेष सहयोग रहा।

UP: Varanasi Main Marwadi महिला सम्मेलन विदिशा द्वारा रंगारंग 'सिधारे' में हुआ धमाल

आर्ट ऑफ लिविंग: आशीष, आस्था की भजनों पर झूमी महिलाएं

Varanasi (dil India live). अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन विदिशा शाखा द्वारा रंगारंग सिधारे संपन्न वाराणसी। अखिल भारतीय मारवाड़ी महिला सम्मेलन विदिशा शाखा द्वारा बहुत ही धूमधाम श से रंगारंग सिधारे का कार्यक्रम मनाया गया। संयोजिका पूजा अग्रवाल और नेहा बंसल द्वारा कार्यक्रम की शुरुआत की गई। सांस्कृतिक मंत्री संगीता मुरारका द्वारा अपनी शानदार प्रस्तुति से कार्यक्रम में चार चांद लगाया गया। आर्ट ऑफ लिविंग के आशीष टंडन एवं आस्था टंडन द्वारा शिव कैलाशो के वासी..., शंकरा... इत्यादि भजनों ने सभी को मंत्र मुक्त कर दिया। शाखा की सदस्यों द्वारा हाउजी व गेम खेला गया। रजनी कानोडिया, समता डीडवानिया, स्मिता लोहिया, उषा तुलस्यान, सुनीता कंदोई कृष्णा चौधरी, सोनिया डीडवानिया आदि सदस्यों का खास सहयोग रहा। अध्यक्ष मनीषा अग्रवाल ने सभी का स्वागत किया गया तो सचिव क्षमा अग्रवाल द्वारा सबका धन्यवाद ज्ञापन किया गया।

शनिवार, 19 जुलाई 2025

UP: Varanasi main डराने लगी Ganga

तेजी से बढ़ रहा नदियों का पानी, चेतावनी बिंदु के करीब पहुंचा जलस्तर 

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). गंगा व वरुणा वाराणसी में नदियों के तट पर रहने वाले लोगों को डराने लगी है। इसके चलते तमाम लोग घरों से पलायन को जहां मजबूर हैं वहीं दूसरी ओर जिला प्रशासन ने भी बाढ़ से प्रभावित लोगों के लिए रिलीफ़ कैंप कुछ जगहों पर शुरू किया है। 

दरअसल गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। शनिवार की सुबह गंगा का स्तर 69.94 मीटर दर्ज किया गया, जो अब चेतावनी बिंदु 70.26 मीटर के बेहद करीब है। गंगा हर घंटे 1 सेंटीमीटर की गति से बढ़ रही है, जिससे बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। जलस्तर में हो रही इस निरंतर वृद्धि के कारण वरुणा नदी में भी उलटा प्रवाह देखा जा रहा है। वरुणा किनारे बसे इलाकों में तेजी से पानी भर रहा है, जिससे वहां रहने वाले लोगों में चिंता और दहशत का माहौल है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक शहर के 5 वार्डों के करीब 511 लोग बाढ़ की स्थिति से प्रभावित हुए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने राहत कार्य तेज कर दिए हैं। प्रशासन की ओर से 4 रिलीफ कैंप को एक्टिव कर दिया गया है, जहां प्रभावित परिवारों को जरूरी सुविधाएं मुहैया कराई जा रही हैं।


जिला प्रशासन ने गंगा और वरुणा किनारे रहने वाले लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और आवश्यक होने पर प्रशासन द्वारा बताए गए सुरक्षित स्थानों पर समय रहते पहुंचें। जल पुलिस, NDRF और स्थानीय प्रशासन की टीमें अलर्ट पर हैं और लगातार निगरानी कर रही हैं। मौसम विभाग और सिंचाई विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, फिलहाल गंगा के जलस्तर में गिरावट के कोई संकेत नहीं हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में गंगा का स्तर चेतावनी बिंदु को पार कर सकता है, जिससे हालात और बिगड़ सकते हैं।