रविवार, 8 जून 2025

House full -5 ने बक़रीद पर किया 30 करोड़ से ज्यादा का धमाकेदार कलेक्शन

पहले दिन किया था 24 करोड़ का कारोबार, बक़रीद ने दी और हवा 

संडे से भी हाउस फुल को है खासी उम्मीद

dil India live (Desk). ‘हाउसफुल’ सीरीज की पांचवीं फिल्म ‘हाउसफुल 5’ ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छी खासी शुरुआत की है। बीते 6 जून को रिलीज हुई इस मल्टीस्टारर फिल्म ने पहले ही दिन करीब 24 करोड़ रुपये का धमाकेदार कलेक्शन किया और अब दूसरे दिन की कमाई ने भी फिल्म को मजबूती दी है।

आज शनिवार यानी 7 जून को बक़रीद का त्योहार था और इसका सीधा असर सिनेमाघरों की भीड़ पर देखने को मिला। शाम तक फिल्म ने लगभग 30 करोड़ रुपये का कलेक्शन कर लिया था, जिससे महज दो दिनों में फिल्म का कुल कलेक्शन 54 करोड़ रुपये तक पहुंच गया।

रविवार की छुट्टी से भी फिल्म को है उम्मीद

दूसरे दिन के कलेक्शन में अभी और बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। माना जा रहा है कि रविवार की छुट्टी से फिल्म को और भी मजबूती मिलेगी। ‘हाउसफुल 5’ को क्रिटिक्स से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली है।

कुछ प्रमुख थिएटर्स में टिकट की कीमतों में इजाफा किया गया है, जिससे फिल्म की कमाई पर सकारात्मक असर पड़ा है। वहीं, वीकेंड पर दर्शकों की भारी आमद और वर्ड ऑफ माउथ के चलते यह ट्रेंड रविवार को भी जारी रहने की उम्मीद है।

दक्षिण भारत में फिल्म को कमल हासन की ‘ठग लाइफ’ से कड़ी टक्कर मिल रही है। मणिरत्नम के निर्देशन में बनी इस फिल्म ने दो दिन में लगभग 23 करोड़ रुपये का कारोबार किया है, जिसमें तमिल वर्जन की कमाई हिंदी से काफी ज्यादा है।

ग्लैमरस चेहरों और स्टार कलाकारों की कतार

फिल्म में अक्षय कुमार, रितेश देशमुख, अभिषेक बच्चन, संजय दत्त, नाना पाटेकर, जैकी श्रॉफ जैसे धुरंधर सितारे नजर आ रहे हैं। इसके अलावा, जैकलीन फर्नांडिस, सोनम बाजवा और नरगिस फाखरी जैसे ग्लैमरस चेहरों ने फिल्म की स्टार पावर को और मजबूत किया है। अलग-अलग क्लाइमेक्स के साथ फिल्म के दो वर्जन भी दर्शकों की जिज्ञासा का केंद्र बने हुए हैं।

कुछ ने इसे ‘फैमिली एंटरटेनर’ बताया तो कुछ ने इसकी स्क्रिप्ट और ह्यूमर पर सवाल उठाए। बावजूद इसके, दर्शकों की भीड़ इस बात की गवाह है कि फिल्म को भरपूर मनोरंजन के लिए पसंद किया जा रहा है।

शनिवार, 7 जून 2025

Soniya gandhi की तबीयत अचानक बिगड़ी

शिमला में प्रियंका के घर मनाने गई थी छुट्टी 

इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज चिकित्सालय में कराया गया भर्ती
सोनिया गांधी का फाइल फोटो 

Shimla (dil India live). हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में अपनी बेटी प्रियंका के घर छुट्टियां मनाने पहुंचीं कांग्रेस संसदीय बोर्ड की चेयरपर्सन सोनिया गांधी की तबीयत शनिवार तीसरे पहर अचानक बिगड़ गई है। इसके बाद उन्हें तुरंत आईजीएमसी (इंदिरा गांधी मेडिकल कालेज एवं अस्पताल) में भर्ती कराया गया है। 

मिली जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस संसदीय बोर्ड की चेयरपर्सन सोनिया गांधी बीते रविवार को शिमला में अपनी बेटी प्रियंका गांधी के घर छुट्टियां मनाने पहुंची थीं। शनिवार को उनकी अचानक तबीयत खराब हुई। उसके बाद उन्हें उपचार के लिए आईजीएमसी लाया गया। चिकित्सकों ने उनका एमआरआई सहित अन्य टेस्ट करवाए हैं। विस्तृत मेडिकल रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।

ऊना दौरा छोड़ सोनिया के पास पहुंचे सीएम

कांग्रेस संसदीय बोर्ड के चेयरपर्सन की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही हिमाचल प्रदेश के मुख्मयंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू तीसरे पहर ऊना से शिमला के लिए रवाना हुए। वह ऊना जिला के दौरे पर थे। पार्टी की पूर्व अध्यक्ष की तबीयत की जानकारी मिलते ही वह अपना ऊना दौरा छोड़ कर वापस शिमला लौट आए हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, हिमाचल प्रदेश के सीएम सुखविंदर सिंह सुक्खू हेलीकॉप्टर से सायं 6.30 बजे शिमला के अनाडेल हेलीपेड पहुंचे। वहां से सीधे वह आईजीएमसी पहुंचे और अस्पताल में पहुंचकर कांग्रेस नेत्री सोनिया गांधी का हालचाल जाना एवं देखरेख में जुटी चिकित्सकीय टीम से जरूरी सलाह-मशविरा भी लगातार कर रहे हैं। 

शिमला में प्रियंका के घर छुट्टियां मनाती हैं सोनिया गांधी

पूर्व कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया गांधी अक्सर शिमला में छुट्टियां मनाने आती हैं। हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला शहर से करीब 12 किमी दूर छराबड़ा में वह अपनी बेटी प्रियंका वाड्रा के घर पर रुकती हैं और इस बार भी वहीं ठहरी हुई थीं। बताया जा रहा है कि प्रियंका वाड्रा व राहुल गांधी का भी शिमला आने का कार्यक्रम था जो स्थगित हो गया था। बताया जा रहा है कि शिमला में प्रियंका के आवास पर सोनिया गांधी की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिलते ही शिमला में मौजूद प्रदेश के मंत्रियों और कांग्रेस के नेता में आनन-फानन में आईजीएमस की ओर चल पड़े हैं। उधर कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ताओं द्वारा देश भर में दुआओ और सोनिया गांधी की सेहत व स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना का दौर भी शुरू हो गया है।

दक्षिण कोरिया में काशी की Sumedha Pathak ने जीता Gold

सुमेधा आज पहुंच रही अपने शहर वाराणसी, ज़ोरदार होगा स्वागत 


Varanasi (dil India live). दक्षिण कोरिया में आयोजित वर्ल्ड पैरा निशानेबाजी में काशी की बेटी सुमेधा पाठक ने 10 मीटर पिस्टल की टीम स्पर्धा में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। सुमेधा ने 10 मीटर पिस्टल की एकल स्पर्धा में स्वर्ण और मिक्स में कांस्य पदक जीत देश का नाम रोशन किया है। वाराणसी के मानस नगर एक्सटेंशन की रहने वाली सुमेधा पाठक ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में इससे पहले कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया था। उन्होंने यह सफलता दक्षिण कोरिया में आयोजित वर्ल्ड पैरा निशानेबाजी में हासिल की है।

वर्ल्ड रिकार्ड बनाने वाली यूपी की महिला खिलाड़ी

10 मीटर टीम स्पर्धा में काशी की सुमेधा को पहला स्थान मिला जबकि दूसरा स्थान कोरिया जबकि तीसरा स्थान चीनी ताइपे को मिला है। इसमें सुमेधा ने 1695 अंक हासिल कर वर्ल्ड रिकाॅर्ड बनाया है। इस जीत के साथ सुमेधा के पदकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। ऐसा करने वाली वह प्रदेश की पहली पैरा महिला खिलाड़ी बन गईं हैं। सुमेधा पाठक ने इस जीत का श्रेय माता-पिता और कोच को दिया है। उन्होंने बताया कि विदेशी धरती पर स्वर्ण जीतने का सपना बाबा की कृपा से संभव हुआ है। दक्षिण कोरिया में पदक जीतकर सुमेधा पाठक शनिवार बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंच रही हैं। यहां नगर में जगह जगह उनका स्वागत होगा। इसकी पुष्टि करते हुए सुमेधा के पिता बृजेश पाठक ने बताया वे शनिवार दोपहर दिल्ली से इंडिगो विमान में सवार होकर शाम बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचेगी। यहां उनका फूल माला पहनाकर स्वागत होगा। 

कौन हैं सुमेधा क्या है खासियत 

बता दें कि दसवीं में पढ़ाई के दौरान 2013 में उन्हें मल्टी ड्रग ट्यूबरक्लॉसिस बीमारी ने अटैक किया था। उसके बाद सुमेधा के शरीर के निचले हिस्से में कमर से लेकर पैरों तक ने काम करना बंद कर दिया। फिर उन्होंने 11वीं से निशानेबाजी में कदम बढ़ाया और 10 मीटर एयर पिस्टल वर्ग में अभ्यास शुरू किया। 2018 में प्री-स्टेट शूटिंग में स्वर्ण जीता। प्रादेशिक के बाद मद्रास में जीवी मावलंकर में कांस्य पदक जीता। 2021 में दूसरे पैरा नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने तीसरे और चौथे पैरा नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में तीन स्वर्ण जीता। उसके बाद वर्ष 2022 में फ्रांस के सेटूरेक्स वर्ल्ड कप और कोरिया में टीम स्पर्धा में रजत पदक । फिर वर्ष  2023 में चीन में एशियन गेम्स की शूटिंग प्रतियोगिता के फाइनल में पहुंची और सातवां स्थान हासिल किया।

Ex-Deputy Chief Minister Dinesh Sharma पहुंचे अचानक ईदगाह

मुस्लिम धर्मगुरु खालिद रशीद ‘फ़रंगी महली’ से मिले, कहा बक़रीद मुबारक 


Lucknow (dil India live). कहते हैं कि सियासत और राजनीति में सब जायज़ है। कब कौन किसका नजदीकी हो जाए कौन किसका विरोधी ये कहा नहीं जा सकता। लखनऊ की ईदगाह में लोग उस समय हैरान हो गए जब भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री मुस्लिमों के बीच पहुंच गए।

दरअसल ईद–उल–अजहा के अवसर पर ऐशबाग, लखनऊ स्थित ईदगाह पर राज्य सभा सांसद व पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा बक़रीद की नमाज़ के दौरान पहुंचे। इस दौरान उन्होंने प्रमुख मुस्लिम धर्मगुरु खालिद रशीद ‘फ़रंगी महली’ एवं अन्य मुस्लिम बंधुओं से मिलकर उन्हें बक़रीद की मुबारकबाद दी। उन्होंने मौलाना का हाल चाल पूछा और अपने आने की वजह बक़रीद की मुबारकबाद देना बताया। इससे वहां मौजूद तमाम लोगों ने उनका तहे दिल से शुक्रिया अदा किया।

Rab Ki Raza K लिए पेश की कुर्बानी

कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच नमाज़ संग बकरीद के तीन दिनी पर्व का आगाज़



 

सरफराज/रिजवान 

Varanasi (dil India live)। कुर्बानी का पर्व मुक़द्दस बकरीद (ईद-उल-अजहा) रब की बारगाह में सिजदा करने के साथ देश भर में शुरू हो गया। इस दौरान पहले मोमीनीन ने रब की रज़ा के लिए सिजदे में सिर झुकाया, फिर ख़ुदा की राह में कुर्बानी पेश करने की शुरुआत की। इस दौरान बक़रीद की नमाज़ के पहले इमाम साहेबान ने अमन, मिल्लत और सौहार्द के साथ बक़रीद मनाने पर अपनी तकरीरों में जोर दिया। उलेमा ने कहा कि जानवर का गोश्त, हड्डी रब के पास नहीं जाती बल्कि कुर्बानी कराने वाले की नियत रब देखता है। मुगलिया मस्जिद बादशाह के इमाम मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने मीडिया से कहा बक़रीद का पैग़ाम यह है कि वक्त आए तो क़ौम और देश के लिए कुर्बान होने के लिए तैयार रहो, अच्छे कामों के लिए अपनी दौलत कुर्बान करने के लिए तैयार रहो, गरीब बच्चियों की शादी को हम सब आगे आएं और अपने पैसे की परवाह किए बिना उनकी शादी करवाएं। ये सब अच्छी नियत हमारी होनी चाहिए, केवल दिखावे के लिए महंगे जानवर की कुर्बानी न कराएं। कुर्बानी अपनी हैसियत से कराएं और नेक नियत के साथ कराएं।

इसी के साथ कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बकरीद का तीन दिनी त्योहार शनिवार को पूरी अकीदत और एहतराम के साथ शुरू हो गया। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था ईदगाहों और मस्जिदों के आसपास दिखाई दी। वाराणसी में पुलिस अधिकारियों ने ईदगाहों का मुआयना किया। बकरीद की नमाज सुबह 6 बजे से 10.30 बजे के बीच अदा की गई। जब नमाज सकुशल संपन्न हुई तो जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। नमाज अदा करने के बाद छोटे-बड़े जानवरों की कुर्बानी का जो दौर शुरू हुआ वो तीन दिनों तक ऐसे ही जारी रहेगा। इससे पहले ईद-उल-अजहा की नमाज पूरी अकीदत के साथ अदा की गई। मस्जिद खानकाह हमीदिया शक्कर तालाब में मुफ्ती-ए-बनारस अहले सुन्नत मौलाना मोइनुद्दीन अहमद फारूकी प्यारे मियां, मस्जिद लंगड़े हाफिज नई सड़क में मौलाना जकीउल्लाह असदुल कादरी, मुगलिया मस्जिद बादशाह बाग में मौलाना हाफिज हसीन अहमद हबीबी, शाही मस्जिद ज्ञानवापी में मौलाना अब्दुल आखिर नोमानी, शाही मस्जिद ढ़ाई कंगूरा में हाफिज नसीम अहमद बशीरी, मस्जिद शाह तैय्यब बनारसी में मौलाना अब्दुस्सलाम ने नमाज अदा करायी।


ऐसे ही बड़ी ईदगाह विद्यापीठ में मौलाना शमीम, मस्जिद रंग ढलवां फाटक शेख़ सलीम में मौलाना जाहिद, मस्जिद उल्फत बीबी अर्दली बाजार में कारी साकिब, जामा मस्जिद कम्मू खां डिंठोरी महाल में मौलाना शमसुद्दीन साहब, छोटी मस्जिद डिठोरी महाल में हाफिज शाहरूख तो शिया जामा मस्जिद मीर गुलाम अब्बास अर्दली बाजार में मौलाना तौसीफ़, दरगाहे फातमान में मौलाना अकील हुसैनी ने नमाज अदा कराई। ऐसे ही मस्जिद जियापुरा लल्लापुरा में मो. मोइनुद्दीन अंसारी, ईदगाह हकीम सलामत अली में मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, मस्जिद टकटकपुर दरगाह में मौलाना अजहरुल कादरी, मस्जिद याकूब शहीद लंका नगवां में हाफिज मोहम्मद ताहिर, चमेली की मस्जिद कच्ची बाग़ में मौलाना रेयाज़ अहमद क़ादिरी, छंगा बाबा की मस्जिद में मौलाना लतीफ अहमद सेराजी, रहीम दमड़ी की मस्जिद मौलाना नसीर अहमद सेराजी, दाल की मस्जिद में मौलाना निहालुद्दीन सेराजी, गुलरोग़न की मस्जिद में मौलाना रिज़वान अहमद ज़ियाई व मीनार वाली मस्जिद, पीली कोठी में मौलाना मक़सूद अहमद क़ादिरी ने नमाज अदा कराकर लोगों को बकरीद की मुबारकबाद दी। मस्जिद नई बस्ती गौरीगंज में हाफिज परवेज़, जामा मस्जिद राजातालाब में मौलाना जुल्फेकार, मस्जिद ईदगाह लाटशाही में हाफिज हबीबुर्रहमान, ईदगाह पुराना पुल में मौलाना शकील ने नमाज अदा कराई। जामा मस्जिद बुद्धू छैला, कमनगढ़हा में मौलाना कौसर जमाल ज़ेयाई, मौलाना मोहम्मद अहमद रज़ा मस्जिद अल कुरैश हंकार टोला, हाफिज कारी मौलाना सैफी सिब्तैनी मस्जिद रंगीले शाह दालमंडी, मौलाना मोहम्मद आसिफ सिद्दीकी मस्जिद सहाबा पितृकुण्डा, ईदगाह लाट मस्जिद सरैया में मौलाना जियाउर्रहमान, ईदगाह पुरानापुल में मौलाना शकील, ईदगाह शक्कर तालब अहले हदीस मौलाना हसन जमील ईदगाह लंगर मस्जिद दोषीपुरा मौलाना इरशाद रब्बानी, जामा मस्जिद खोजापुरा में मौलाना सगीर, मस्जिद शहीद बाबा हाफिज गुलाम, मस्जिद सुन्नी इमामबाड़ा सरैया मौलाना इकबाल अहमद सेराजी, इमामबाड़ा (शिया) सरैया मौलाना अमीन हैदर, मस्जिद उस्मानिया मौलाना इनाम, जामा मस्जिद आगागंज मौलाना रमजान अली, बड़ी मस्जिद धनधरौवा काजीसादुल्लापुरा मौलाना शफीक अकमल, जामा मस्जिद कमनगढ़हा मौलाना आजाद, मस्जिद मीनार कमालपुरा मौलाना निजाम, बड़ी मस्जिद रसूलपुरा में मौलाना हाजी नसीरुद्दीन, व मस्जिद शाह मूसा शाह ककरमत्ता में हाफ़िज़ तौकीर ने नमाज अदा कराई।

बकरीद के गोश्त का किया तीन हिस्सा 

बकरीद के दिन मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह के नाम पर छोटे बड़े जानवरों की कुरबानी देकर कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटते नज़र आए। इसमें उन्होंने एक हिस्सा खुद के खाने  के लिए, दूसरा हिस्सा गरीबों के लिए और तीसरा अजीजो के लिए लिए किया। कुर्बानी के बाद गोश्त का तबर्रुक लोगों को तकसीम किया गया।

मस्जिदों व ईदगाहों पर दिखा मेले सा नज़ारा 

बकरीद की नमाज के दौरान मुहल्लों की जामा मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास मेले सा नज़ारा देखने को मिला। इस दौरान नमाज के बाद बच्चे अपने अजीजों के साथ गुब्बारे, खिलौने व आइसक्रीम खरीदते दिखाई दिए। इस दौरान पूरा माहौल नूरानी नज़र आ रहा था। 


बक़रीद का जानिए इतिहास 

बकरीद पैगम्बर हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम की सुन्नत है। एक बार खुदा ने हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम का इम्तिहान लेने के लिए ख्वाब में हुक्म दिया कि हजरत इब्राहीम अपनी सबसे अजीज चीज़ की कुर्बानी दें। हजरत इब्राहिम अलैहिस्सलाम के लिए सबसे अजीज उनके बेटे हजरत इस्माईल थे, जिसकी कुर्बानी के लिए वे तैयार हो गए। उन्हे कुर्बानी के लिए ले गये। हज़रत इब्राहीम अलैहिस्सलाम ने हज़रत इस्माईल को जैसे ही जेबा करने के लिए समंदर के पास लिटाया, छूरी ने हज़रत इस्माईल कि गर्दन पर चलने से इंकार कर दिया। कुर्बानी से पहले रब ने हजरत इस्माईल की जगह ये कहते हुए कुर्बानी के लिए दुम्बा भेज दिया कि वो हज़रत इब्राहिम का इम्तेहान ले रहे थे और इम्तेहान में वो पास हो गये। तभी से कुर्बानी का फ़र्ज़ मुसलमान अदा करते चले आ रहे है। 

 








Bihar news: Hajipur में Tejasvi Yadav के काफिले में घुसा अनियंत्रित ट्रक तेजस्वी सुरक्षित, मचा हड़कंप

Tejasvi Yadav घायल सुरक्षा कर्मी व ड्राइवर को लेकर खुद पहुंचे अस्पताल


 

  1. Mohd Rizwan 
Patna (dil India live).  मधेपुरा में राजद के कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बीती रात बिहार की राजधानी पटना लौटते समय हाजीपुर में तेजस्वी यादव के काफिले की गाड़ी को एक अनियंत्रित ट्रक ने जोरदार टक्कर मार दी। इससे सुरक्षाकर्मी और ड्राइवर घायल हो गए। हादसा गोरौल थाना क्षेत्र के गोढिया से कुछ दूर पहले हुआ। हादसे के तुरंत बाद अपनी गाड़ी से निकलकर तेजस्वी यादव घायलों को तुरंत अस्पताल ले गए। पुलिस ने दुर्घटनाकारी ट्रक को पकड़ लिया है और ड्राइवर को हिरासत में ले लिया गया है। तेजस्वी यादव ने घटना पर दुख जताते हुए लापरवाही बरतने वालों पर कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के मुताबिक, हाजीपुर-मुजफ्फरपुर एनएच 22 पर गोरौल थाना क्षेत्र अंतर्गत गोढिया पुल के निकट बीती रात्रि अनियंत्रित ट्रक ने बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के पुत्र व नेता विरोधी दल तेजस्वी प्रसाद यादव के काफिले में शामिल वाहन में जोरदार टक्कर मार दी।

इस हादसे में नेता विरोधी दल के एस्कॉर्ट में शामिल सुरक्षाकर्मी और ड्राइवर घायल हो गए। सभी को तेजस्वी प्रसाद यादव खुद इलाज के लिए सदर अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने घायलों का इलाज किया। घायलों की पहचान रामनाथ यादव, ललन कुमार और धर्मवीर कुमार के रूप में हुई है।

जानिए क्या बोलें हादसे पर तेजस्वी यादव

नेता विरोधी दल के काफिले के साथ हुए हादसे की सूचना मिलते आस-पास के थानों से पुलिस टीमें तुरंत मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने पटेढा टोल प्लाजा के निकट दुर्घटनाकारी ट्रक को पीछा करके सीज कर लिया। दुर्घटनाकारी ट्रक के चालक को हिरासत में लेकर पुलिस आगे की आवश्यक कार्रवाई में जुटी है। अस्पताल में घायल पुलिसकर्मियों का इलाज सुनिश्चित कराने के बाद तेजस्वी यादव ने कहा कि - 'हम लोग शुक्रवार की सुबह 10 बजे मधेपुरा कार्यक्रम के लिए गए थे। कार्यक्रम समाप्ति के बाद वापस लौट रहे थे। रास्ते में चाय पीने के लिए रूके थे। उसी दौरान एक ट्रक ने अनियंत्रित होकर ठीक उनके सामने दो-तीन वाहनों में टक्कर मार दी। चालक और सुरक्षाकर्मी वहां खड़े थे, जिसमें दो-तीन लोग जख्मी हो गए। तुरंत घटना के बारे में प्रशासन के लोगों को सूचना दी गई। आगे पटेढा टोल प्लाजा के पास प्रशासन के लोगों ने ट्रक को पकड़ लिया। अपने एस्कॉर्ट के गाड़ी से सभी घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचा हूं।

Crime news: ढ़ाई फीट की जमीन के लिए ले ली किसान Masud Khan की जान

हत्या से थर्राया यूपी-बिहार सीमा से सटा पूर्वांचल का गाजीपुर 

पूर्व प्रधान समेत तीन हिरासत में, गांव में पसरा सन्नाटा 


  • सरफराज अहमद 
Ghazipur (dil India live). यूपी-बिहार सीमा से सटे पूर्वांचल के गाजीपुर जिला के गहमर कोतवाली क्षेत्र में मसूद खां की हत्या से बकरीद की खुशियां मातम में बदल गई। बक़रीद के एक दिन पहले ढाई फीट की जमीन के विवाद में  किसान मसूद खां की इलाके के कुछ लोगों ने गला दबाकर हत्या कर दी। गहमर कोतवाली की पुलिस ने इस मामले में पूर्व प्रधान समेत कुल 3 लोगों को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ जारी है। 

यह मामला गहमर कोतवाली क्षेत्र के मनिया गांव का है। पुलिस के मुताबिक, यहां ढाई फीट वाले विवादित भूमि पर सीमेंटेड पिलर गाड़ने को लेकर हत्या हुई है। मृतक की पहचान मनिया गांव के पश्चिम मोहल्ला निवासी मसूद खान (55 साल) के रुप में हुई है। 

शुक्रवार को इस हत्याकांड के बारे में गहमर कोतवाली की पुलिस ने देर रात तक पड़ताल करने बाद आरोपी पक्ष के 3 लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। उसके बाद जो कहानी सामने आई है, उसके मुताबिक ढाई फीट जमीन के विवाद के चलते किसान मसूद खान की विरोधियों ने जान ले ली। 

गहमर पुलिस के मुताबिक, मनिया गांव के पश्चिम मोहल्ला निवासी मसूद खान (55 बर्ष) बीते शुक्रवार को पुश्तैनी मकान में आराम कर रहे थे। तभी बगल के ही काश्तकार पूर्व ग्राम प्रधान कृष्ण मौर्य सहित 3 लोग पहुंचे और मसूद खान की जमीन से सटकर सीमेंटेड पिलर गाड़ने लगे। 

इसकी जानकारी मसूद खान को हुई तो मौके पर पहुंचे और समझाने बुझाने का प्रयास करने लगे मगर मना करने पर मौर्य बंधु मसूद से उलझ गए। आरोप है कि इसी बीच पूर्व ग्राम प्रधान ने तीन लोगों के साथ मिलकर गला दबाकर मसूद को अकेला पाकर हत्या कर दी। जब तक परिवार के लोग पहुंचते, हत्यारोपी मौके से फरार हो गए। परिजनों एवं गांव वालों से सूचना मिलते ही गहमर कोतवाली से पुलिस टीम मौके पर पहुंची।

मसूद खान के परिजनों ने पुलिस को बताया कि अपने मकान से सटकर ढाई फीट जमीन हमारी ओर से छोड़ी गई है। बगल के काश्तकार कृष्णा मौर्य के द्वारा भी ढाई फीट जमीन छोड़ने की बात कही गई थी। इस मामले में विवाद होने पर सिविल न्यायालय में मामला करीब 20 साल से चल रहा है। लेकिन शुक्रवार अचानक बगल के काश्तकार यानी आरोपीगण द्वारा हमारे मकान से सटाकर खंभा गाड़ा जाने लगा। उसका विरोध करने पर आरोपियों ने मसूद खान पर हमला बोल दिया और उनकी जान ले ली।

किसान की हत्या की जांच में जुटी पुलिस 
किसान मसूद खान की हत्या के मामले में सीओ जमानिया रामकृष्ण तिवारी ने कहा कि भूमि विवाद में पूर्व प्रधान सहित तीन लोगों ने गला दबाकर मसूद खान की हत्या की है। तीनों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। परिजनों की तहरीर पर पुलिस विधिक कार्रवाई कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। प्रकरण की हर एंगल से पड़ताल करते हुए दस्तावेजी साक्ष्य भी खंगालते हुए विधिक कार्रवाई की तैयारी है।