सोमवार, 10 नवंबर 2025

Education: VKM Varanasi में प्राचीन भारतीय इतिहास, संस्कृति और पुरातत्व विभाग की 6 दिवसीय कार्यशाला शुरू

'मानव का उद्भव: मानव, समायोजन तथा तकनीक पर कार्यशाला 





dil india live (Varanasi). 10 नवंबर 2025 को वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, के प्राचीन भारतीय इतिहास संस्कृति और पुरातत्व विभाग तथा क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई के संयुक्त तत्वावधान में वसंत कन्या के कमच्छा स्थित परिसर में 6 दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का आयोजन किया गया । कार्यशाला का विषय 'मानव का उद्भव: मानव, समायोजन तथा तकनीक था जो वर्तमान कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में प्रतिभागियों के मन में विशेष जिज्ञासा और रुचि को उत्पन्न करने में सफल रहा। उद्घाटन सत्र में अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने प्राचीन भारतीय इतिहास विभाग को इस विषय पर कार्यशाला के आयोजन की बधाई दी और कहा कि मानव के विकास की यात्रा को ऐसे विमर्शों से भी जोड़ना आवश्यक होगा जिसमें हम प्रकृति और समाज पर मनुष्य की निर्भरता पर पुनर्विचार करें और धारणीय भविष्य का निर्माण कर सकने में सक्षम हों। संयोजक, प्रख्यात पुराविद प्रोफेसर विदुला जायसवाल ने कार्यशाला के विषय चयन और रूपरेखा को रेखांकित किया और विश्वविद्यालय तथा महाविद्यालयों में मानव के उद्विकास की जानकारी को प्रायोगिक रूप से सिखाने की आवश्यकता पर बल दिया। उद्घाटन सत्र में देश के ख्यात पुराविद और मानव शास्त्री उपस्थित रहे । कोलकाता से प्रोफेसर रंजना रे, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से डॉक्टर गार्गी चटर्जी, वसंता कॉलेज राजघाट से डॉक्टर राजीव जायसवाल, क्षेत्रीय पुरातत्व इकाई से डॉ राजीव रंजन आदि प्रमुख थे। प्रथम अकादमिक सत्र में डॉक्टर गार्गी चटर्जी ने प्रस्तर उपकरणों पर विमर्श को केंद्रित किया और विश्वस्तर पर मानव के विकास के प्रारंभिक चरणों को उद्घाटित किया। क्षेत्रीय पुरातत्व अधिकारी डॉ रामनरेश पाल ने अपने शुभकामना संदेश में महाविद्यालय के अकादमिक कार्यों की सराहना करते हुए छात्रों को कार्यशाला में उत्साहपूर्ण भागीदारी के लिए प्रेरित किया। पुरातत्व अधिकारी डॉक्टर सुभाष चंद्र यादव ने भी कार्यशाला की शुभकामनाएं प्रेषित कीं। विश्व धरोहर सप्ताह के अवसर पर आयोजित इस कार्यशाला में क्षेत्रीय पुरातत्व विभाग की ओर से एक चित्र-प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया।





कार्यशाला का संयोजन प्रोफेसर विदुला जायसवाल और डॉक्टर आरती कुमारी ने किया। सहयोग विभाग के एंटीक्विटी क्लब की छात्राओं का रहा। प्रोफेसर सीमा वर्मा के निर्देशन में संगीत गायन विभाग की छात्राओं ने कुलगीत की सुमधुर प्रस्तुति की। इस अवसर पर विभाग के डॉक्टर आरती चौधरी, डॉ रवि कुमार, डॉक्टर आराधना तथा डॉक्टर शशिकेश, डॉक्टर श्वेता, डॉक्टर वर्षा और डॉक्टर दीक्षा आदि उपस्थित रहे। धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर आरती कुमारी ने किया और सूत्रधार डॉक्टर नैरंजना श्रीवास्तव रहीं।


Education: VKM Varanasi में साइबर सुरक्षा को लेकर चला जागरूकता अभियान

साइबर सुरक्षा की आधुनिक चुनौतियों और समाधान पर हुई चर्चा


dil india live (Varanasi). वसन्त कन्या महाविद्यालय, वाराणसी  में 10 नवम्बर को आन्तरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (IQAC) के तत्वावधान में छात्र सलाहकार एवं अनुशासन समिति के द्वारा "साइबर सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम" का सफल आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय और अस्मिता संस्थान के बीच हुए एम ओ यू के अंतर्गत संपन्न हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो .रचना श्रीवास्तव ने की। मुख्य अतिथि अस्मिता संस्थान के डायरेक्टर मैजू मैथ्यू उपस्थित थे, जिन्होंने विद्यार्थियों के साथ एक इंटरएक्टिव सेशन के माध्यम से साइबर सुरक्षा की आधुनिक चुनौतियों और समाधान पर चर्चा की। उन्होंने डिजिटल युग में सुरक्षित इंटरनेट उपयोग, साइबर अपराधों से सुरक्षा, सोशल मीडिया के विवेकपूर्ण उपयोग, और मजबूत पासवर्ड नीति जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी।इस अवसर पर महाविद्यालय की  लगभग सौ छात्राओं सहित आई   क्यू ए सी समन्वयक डॉ.शशिकला एवं डॉ.नैरंजना श्रीवास्तव तथा संकाय सदस्य डॉ.पूनम वर्मा एवं अनुराग सेठ भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता और जिम्मेदार डिजिटल नागरिकता का भाव विकसित करना था। अन्त में छात्र सलाहकार डॉ. डॉ.मंजू कुमारी ने मुख्य अतिथि एवं उपस्थित सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया और छात्राओं को साइबर जगत में सतर्कता बरतने के लिए प्रेरित किया।

Education: DAV PG College में 'राष्ट्रीय आंदोलन के दौर में बनारस का क्रांतिकारी आंदोलन' पर व्याख्यान

स्वाधीनता आंदोलन में सेतु की तरह थी काशी- डॉ. कौशिक


dil india live (Varanasi)। डीएवी पीजी कॉलेज के राजनीति विज्ञान विभाग के तत्वावधान में सोमवार को 'राष्ट्रीय आंदोलन के दौर में बनारस का क्रांतिकारी आंदोलन' विषयक विशिष्ट व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता बलिया, एससी कॉलेज के सहायक आचार्य डॉ. शुभनीत कौशिक ने कहा कि 1942 के आंदोलन में बंगाल, महाराष्ट्र और पंजाब के जैसे बड़े केंद्र में काशी एक सेतु के रूप में स्थापित था।

उन्होंने कहा कि स्वाधीनता के लिए भारतीय क्रांतिकारी आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं था अपितु वह उस शोषण के खिलाफ था जिसका शिकार भारत के नागरिकों को बनाया जा रहा था। भगत सिंह जैसे क्रांतिकारी हिन्दुस्तान में बदलाव के पोषक थे। काशी का उल्लेख करते हुए डॉ. कौशिक ने कहा कि यहां सचीन्द्र नाथ सान्याल ने आंदोलन का नेतृत्व किया, उन्होंने अपनी पीढियां लगा दी, उनके चारों भाई आंदोलन में सक्रिय रहे। बाद में रास बिहारी बोस भी आकर आंदोलन से जुड़े। वे बनारस में धुरी के तरह थे। उनके बनाये अनुशीलन केंद्र पर अंग्रेजी हुकूमत द्वारा लगाए प्रतिबंध के बाद उन्होंने युवक सम्मेलन की स्थापना की, जिससे काफी सहयोग मिला। उस दौर में बंगाली टोला, कारमाइकल लाइब्रेरी, सीएम एंग्लो बंगाली जैसे स्थान क्रांतिकारियों के स्थल रहे। 

   अध्यक्षता कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने किया। स्वागत विभागाध्यक्ष डॉ. स्वाति सुचरिता नन्दा, संचालन डॉ. विकास सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रतिमा गुप्ता ने दिया। इस मौके पर मुख्य रूप से डॉ. रविशंकर राज, डॉ. गौरव मिश्रा सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल रहे।


एआई टूल्स पर संगोष्ठी का आयोजन

डीएवी पीजी कॉलेज में आइक्यूएसी के अंतर्गत संचालित यूजीडीसीए पाठ्यक्रम द्वारा सोमवार को कॉमर्स लैब में एआई और मशीन लर्निंग विषय पर विशिष्ट कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि आइक्यूएसी की समन्वयक डॉ. पारुल जैन ने कहा कि एआई का चलन जिस प्रकार से बढ़ रहा है उसमें एआई टेक्निक का प्रयोग अपनी क्षमता बढ़ाने के लिए करना है ना कि उसकी आलोचना करनी है। डॉ. सिद्धार्थ सिंह ने शोध कार्य मे एआई टूल्स की मदद पर प्रकाश डाला। कावेरी शर्मा ने गामा, मर्लिन, चैटजीपीटी  जैसे एआई टूल्स के वारे में विस्तार से समझाया। अतिथियों का स्वागत समन्वयक डॉ. शान्तनु सौरभ, संचालन नजम उज्ज जमान एवं धन्यवाद ज्ञापन रोजिना बानो ने दिया। 

BLW Varanasi Main स्व-विकसित ई-गेट पास वेब आधारित अनुप्रयोग का शुभारंभ

प्रवेश एवं निकास प्रक्रिया होगी डिजिटल व पारदर्शी 


F. farouqi/ Santosh Nagvanshi 

dil india live (Varanasi). बनारस रेल इंजन कारखाना (BLW) में आज महाप्रबंधक सोमेश कुमार के मार्गदर्शन एवं प्रधान वित्त सलाहकार मुक्तेश मित्तल के नेतृत्व में स्व-विकसित “ई-गेट पास” वेब आधारित अनुप्रयोग का शुभारंभ किया गया। इस अनुप्रयोग का विकास पूर्णत: BLW आईटी दल द्वारा किया गया है, जिसका उद्देश्य परिसर में आगंतुकों के प्रवेश एवं निकास प्रक्रिया को डिजिटल, पारदर्शी और कुशल बनाने के साथ ही सुरक्षा सुनिश्चित करना है।

इस प्रणाली के माध्यम से सभी आगंतुकों को अब ऑनलाइन गेट पास की सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे समय की बचत होगी और सुरक्षा व्यवस्था भी सुदृढ़ होगी। गेट पर प्रवेश करने से पूर्व आगंतुकों को ई-गेट पास सुरक्षा कर्मियों को दिखाना होगा, जिसका सत्यापन सुरक्षा कर्मियों द्वारा ई-गेट पास के QR कोड को स्कैन कर किया जा सकेगा। 

ई-गेट पास प्रणाली की प्रमुख विशेषताएं

पूर्णतः वेब आधारित, किसी भी ब्राउज़र से उपयोग योग्य

आगंतुकों के लिए ऑनलाइन पंजीकरण एवं सत्यापन सुविधा

वास्तविक समय (Real-Time) में डेटा निगरानी

सुरक्षा एवं पारदर्शिता में वृद्धि

कागज़ रहित (Paperless) प्रक्रिया।

शुभारंभ कार्यक्रम के अवसर पर प्रधान वित्त सलाहकार मुक्तेश मित्तल ने कहा कि “यह प्रणाली BLW में डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है। इससे न केवल कार्यकुशलता बढ़ेगी बल्कि सुरक्षा और पारदर्शिता भी सुनिश्चित होगी।” 

इनकी रही खास मौजूदगी 

इस अवसर पर वित्त सलाहकार एवं मुख्य लेखा अधिकारी/मु. अजय श्रीवास्तव, वरिष्ठ आंकड़ा संसाधन प्रबंधक, संतोष कुमार सिंह, आंकड़ा संसाधन प्रबंधक, सुरेन्द्र कुमार,वरिष्ठ अभियंता (आई.टी.) नईम अख्तर, प्रमोद कुमार, मो. आजम एवं मुख्य समयपाल अजय कुमार पाण्डेय आदि मौजूद रहे।

रविवार, 9 नवंबर 2025

world Urdu Day पर मुशायरा व कवि सम्मेलन का हुआ आयोजन

उर्दू हमारी सांस्कृतिक विरासत की संरक्षक है: डॉ. अज़हर सईद


dil india live (Varanasi)। सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तान हमारा,, लिखने वाले प्रख्यात शायर अल्लामा इक़बाल की जयंती 9 नवंबर को पूरे उर्दू जगत में विश्व उर्दू दिवस के रूप में मनाई जाती है। इस अवसर पर शहर की समाजसेवी संस्था " सुल्तान क्लब " द्वारा काज़ीसादुल्लाहपुरा स्थित सिटी गर्ल्स इंटर कॉलेज के मल्टीपरपज हॉल में रविवार को "जश्ने उर्दू मुशायरा व कवि सम्मेलन" समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रख्यात शायर एवं ए.ओ. मुस्लिम इंटर कॉलेज, लल्लापुरा के पूर्व प्रधानाचार्य आबिद हाशमी और निज़ामत जमीयत उल अंसार, बनारस के महासचिव इशरत उस्मानी ने की। 


समारोह के मुख्य अतिथि, उर्दू प्रवक्ता डायट ज़िला चंदौली, डॉ. अज़हर सईद ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि उर्दू सिर्फ़ एक भाषा नहीं है बल्कि यह हमारी साझी सभ्यता और एकजुट राष्ट्रवाद का एक उज्ज्वल प्रतीक है।उर्दू इसी भारत भूमि में जन्मी, यहीं पली-बढ़ी और यहीं अपने शिखर पर पहुँची। यदि हम उर्दू भाषा के इतिहास पर दृष्टि डालें तो यह तथ्य स्पष्ट हो जाता है कि भारत के सभी निवासियों ने, चाहे वे किसी भी धर्म या राष्ट्रीयता के हों, इस भाषा के संवर्धन में अपना रक्त और आत्मा अर्पित किया है।उर्दू भाषा भारत के गौरव की व्याख्याकार है और भाषा एवं संस्कृति के इस सफ़र को गति देने में उर्दू शायरी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, आज सूचना प्रौद्योगिकी के इस युग में उर्दू भाषा असंख्य समस्याओं से जूझ रही है इसलिए उर्दू भाषा के लोगों का यह राष्ट्रीय और धार्मिक कर्तव्य है कि वे इस भाषा के संरक्षण और संवर्धन के लिए आगे आएँ और उर्दू को पहले अपने दिलों की भाषा और फिर घर-घर की भाषा बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएँ।

अपने अध्यक्षीय भाषण में आबिद हाशमी ने कहा कि उर्दू साहित्य के इतिहास का सबसे उज्ज्वल अध्याय भारत का राष्ट्रीय स्वतंत्रता आंदोलन है जहाँ इकबाल, मीर, गालिब की उर्दू, स्वतंत्रता सेनानियों के साथ आजादी के गीत गाते हुए दिखाई देते हैं। आज देश को उर्दू की उसी लोकतांत्रिक भूमिका की ओर वापस ले जाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम के संरक्षक सरदार हाजी हाफिज मोइनुद्दीन(बुनकर बिरादराना तंजीम वाईसी)ने कहा कि राष्ट्र अपनी भाषा की रक्षा के बिना अपना अस्तित्व खो देते हैं इसलिए, ऐसे युग में जब हमारे अपने लोग भी इस भाषा का अनादर कर रहे हैं, सुल्तान क्लब के सदस्यों ने इस खूबसूरत महफिल जश्ने उर्दू का आयोजन करके आशा का एक दीपक जलाया है यह दीपक हमेशा रोशन रहे। उन्होंने कार्यक्रम के सभी प्रतिभागियों, विशेष रूप से कवियों का उत्साहपूर्वक स्वागत किया।

इससे पहले कार्यक्रम की शुरुआत पवित्र कुरान के पाठ से हुई। अतिथियों का स्वागत एवं धन्यवाद सुल्तान क्लब के अध्यक्ष डॉ. एहतेशामुल हक ने किया। इस अवसर पर सभी कवियों और विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्रम देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन इशरत उस्मानी ने खूबसूरती से किया और उन्होंने कवियों को बारी-बारी से गजल गीत पढ़ने के लिए आमंत्रित किया।

इस अवसर पर, प्रख्यात शायर आबिद हाशमी, ज़मज़म रामनगरी, अहमद आज़मी, आलम बनारसी, डॉ. शाद मशरिकी मिर्जापुर, ज़िया अहसनी चंदौली, सोहेल उस्मानी मुगलसराय, निज़ाम बनारसी, शारिक़ इलाहाबादी, डॉ. अख्तर मसूद, सलाम बनारसी, डॉ. सुरेश अकेला चंदौली , दानिश इक़बाल, आमिर शौक़ी , अशफ़ाक सिद्दीकी खामोश आदि ने अपनी सुंदर गजल गीत एवं कविताओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

          कार्यक्रम में सर सैयद सोसायटी के महासचिव हाजी इश्तियाक अहमद अंसारी, जमात-ए-इस्लामी हिंद बनारस के अध्यक्ष डॉ. एम अकबर, हाजी यासीन माईको, आजाद हिंद रिलीफ सोसायटी के अध्यक्ष जुल्फिकार अली नक्शबंद, नेशनल इंटर कॉलेज पालीकोठी के प्रधानाचार्य मंजूर आलम खान, सिटी गर्ल्स इंटर कॉलेज के प्रबंधक हाजी रईस अहमद एडवोकेट, हरिश्चंद्र डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर अबू शाहिद, डी ए वी डिग्री कॉलेज के प्रोफेसर नजमुल हसन, मदर हलीमा सेंट्रल स्कूल के डायरेक्टर नोमान हसन,असलम खलीफा, मानव रक्त फाउंडेशन के अध्यक्ष अबू हाशिम एडवोकेट, सचिव अब्दुल्ला बिन गफ्फार एडवोकेट,गुलिस्तां स्कूल के प्रिंसिपल मुहम्मद शाहिद, द मॉडर्न पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल अबुल वफा अंसारी, शहंशाहपुर इंटर कॉलेज के प्रिंसिपल मुसर्रत इस्लाम, सुल्तान क्लब के अध्यक्ष डॉ. एहतेशामुल हक, उपाध्यक्ष महबूब आलम, महासचिव एच.एस. नन्हे, सचिव मुस्लिम जावेद अख्तर, कोषाध्यक्ष मुहम्मद इकराम, पूर्व कोषाध्यक्ष शमीम रियाज, मौलाना अब्दुल्ला, अब्दुल रहमान, उर्दू बीटीसी शिक्षक संघ के महासचिव मुहम्मद जफर अंसारी, शकील अहमद अंसारी, नौशाद अमान अंसारी, हाफिज मुहम्मद मुनीर, पार्षद रमज़ान अली, पार्षद मुहम्मद तय्यब, मौलाना मुहम्मद तारिक, नसीम-उल-हक, हाजी अमीरुल्लाह, मास्टर अकील आदि सहित शहर और आसपास से बड़ी संख्या में उर्दू प्रेमी शामिल हुए। 

W.H. Smith Memorial School का वार्षिक खेलकूद समारोह सम्पन्न

स्टूडेंट्स ने लिया देश के नवनिर्माण का संकल्प



dil india live (Varanasi). विलियम हेनरी स्मिथ मेमोरियल स्कूल (w. h. memorial Smith school) के वार्षिक खेलकूद का आयोजन पिछले दिनों (1.11.25 से 3. 11. 2025) डॉक्टर संपूर्णानंद स्पोर्ट्स कंपलेक्स सिगरा, वाराणसी में किया गया था। जिसका पुरस्कार वितरण शनिवार व रविवार को स्टेडियम सभागार में मुख्य अतिथि के कर कमल से पुरस्कार वितरण किया गया। कार्यक्रम के प्रथम दिवस 8 नवंबर 2025 को मुख्य अतिथि विमला सिंह (क्षेत्रीय खेल अधिकारी वाराणसी) व विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर एच.एस.अस्थाना (मनोविज्ञान विभाग बीएचयू), व लाल चर्च के पादरी संजय दान आदि उपस्थित थे।आगंतुक अतिथियों को अंग वस्त्र एवं पौधा प्रदान कर उप प्रधानाचार्य प्रत्याशा मुखर्जी ने पारंपरिक स्वागत करते हुए विद्यालय के संक्षिप्त गतिविधियों से अभिभावकों व अतिथियों को अवगत कराया। प्राथमिक विभाग की हेड ममता बोथरा ने वर्ष भर की उपलब्धियों का ब्यौरा सबके समक्ष प्रस्तुत किया। 


कार्यक्रम के दूसरे दिन मुख्य अतिथि प्रोफेसर प्रियंकर उपाध्याय (भूतपूर्व समन्वयक यूनेस्को शांतिपीठ काशी हिंदू विश्वविद्यालय), विशिष्ट प्रोफेसर अंजू शरण उपाध्याय (काशी हिंदू विश्वविद्यालय), डॉक्टर पूनम सिंह शैक्षणिक निदेशक, रईस अहमद (अध्यक्ष रोलर स्केटिंग संघ वाराणसी), फ़ैज़ अहमद (अंतरराष्ट्रीय हॉकी खिलाड़ी इंडिया) एवं देवेंद्र नाथ सिंह उपस्थित थे।  प्रधानाचार्या डॉ अनीता पॉलिन डे ने अंगवस्त्रम व पौधा प्रदान कर मुख्य अतिथि व विशिष्ठ अतिथियों का परंपरागत स्वागत किया। 

उपस्थित अतिथियों ने विद्यालय प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए का कि नगर के प्रतिष्ठित प्राचीन विद्यालय में से एक यह विद्यालय अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन बखूबी कर रहा है। क्योंकि इस तरह की गतिविधियों द्वारा ही छात्रों की छुपी हुई खूबियों को निकाला जा सकता है। 

अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विद्यालय की प्रधानाचार्य डॉ. अनीता पॉलिन डे ने अपने संबोधन में कहा कि स्वस्थ प्रतिस्पर्धा एवं नेतृत्व क्षमता के साथ छात्र भविष्य में राष्ट्र के निर्माता बनेंगे। उन्होंने विश्व के सबसे बड़े लोकतांत्रिक देश में आपसी भाईचारा स्वभाव और समाज के प्रत्येक व्यक्ति के सम्मानित विकास की बात की प्रतिबद्धता के साथ दोहराई व उन्होंने विकसित भारत श्रेष्ठ भारत के नवनिर्माण हेतु छात्र-छात्राओं का आवाहन भी किया। कार्यक्रम की सफलता के लिए शिक्षकों एवं अभिभावकों को विशेष रूप से धन्यवाद दिया।

 संपूर्ण कार्यक्रम का कुशल संचालन मीना ममगेन व अंजलि मालवीय ने धन्यवाद ज्ञापन दिया। इस अवसर पर प्रबंधक प्रदीप कुमार डे, प्रधान अध्यापिका संगीता नायक उप प्रधानाचार्य प्रत्याशी मुखर्जी एवं खेल शिक्षक मोहम्मद इसरार व गर्वित साहू उपस्थित रहे।

ये रही खेल गतिविधियां

योग, कराटे के उत्तम प्रदर्शन ने सब का मन मोह लिया। इस अवसर पर कक्षा नर्सरी से कक्षा 5 तक के बच्चों के 60 मीटर दौड़, 100 मीटर दौड़ ,बाधा दौड़, हाथी चला,बॉल के साथ दौड़ आदि के साथ-साथ हिंदी दिवस पर आयोजित कहानी सुनाओ प्रतियोगिता की विजेता छात्राओं को प्रमाण पत्र व पदक प्रदान किया गया। 

कार्यक्रम के दौरान कक्षा 6 से 12 तक के बच्चों का 100 मीटर दौड़, 200 मीटर दौड़ ,400 मीटर दौड़, 800 मीटर दौड़, 400 मीटर रिले रेस ,बाधा दौड़ लंबी कूद ,भला प्रक्षेप, गोला प्रक्षेप, रास्सा कस्सी, मार्च पास्ट पिरामिड आदि के प्रदर्शन में विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र व पदक प्रदान किया गया।

प्रतियोगिता परिणाम
मार्चपास्ट - ब्लू हाउस प्रथम विजेता

खेलकूद परिणाम - ब्लू हाउस सर्वश्रेष्ठ विजेता 

व्यक्तिगत चैंपियन - ब्लू हाउस


शनिवार, 8 नवंबर 2025

कल 9 नवंबर को मनाया जाएगा World Urdu Day

सुल्तान क्लब की ओर से होगा मुशायरा व कवि सम्मेलन


Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi)। सामाजिक संस्था "सुल्तान क्लब" की ओर से विश्व उर्दू दिवस के अवसर पर जश्ने उर्दू मुशायरा व कवि सम्मेलन आयोजन 9 नवंबर रविवार को दोपहर 1:30 बजे सिटी गर्ल्स इंटरमीडिएट कॉलेज, काज़ीसादुल्लाह पुरा (निकट चौकाघाट पानी टंकी), में आयोजित किया गया है। आयोजन में कई जनपदों के शायर और कवि शिरकत हजरात शिरकत करेंगे।

        सुल्तान क्लब के अध्यक्ष डॉ एहतेशामुल हक़ ने बताया कि कार्यक्रम के सरपरस्त सरदार हाफ़िज़ मोइनुद्दीन (अध्यक्ष बुनकर बिरादराना तंजीम वाईसी) होंगे तो मुख्य अतिथि डॉ अज़हर सईद (उर्दू प्रवक्ता डायट चंदौली), मुशायरे की अध्यक्षता मुस्लिम इंटर कॉलेज के पूर्व प्रधानाचार्य व उस्ताद शायर आबिद हाशमी करेंगे तो निजामत वरिष्ठ समाजसेवी इशरत उस्मानी की होगी।

कार्यक्रम में शामिल होने वाले शायर व कवियों में ज़मज़म रामनगरी ,अहमद आज़मी, आलम बनारसी, डॉ शाद मशरिकी मिर्जापुर, ज़िया अहसनी मुगलसराय, सुहेल उस्मानी, निज़ाम बनारसी, शारिक़ इलाहाबादी, डॉ. अख्तर मसूद, सलाम बनारसी, डॉ सुरेश अकेला चंदौली, दानिश इकबाल बनारसी, आमिर शौकी  इत्यादि हैं।