मंगलवार, 1 जुलाई 2025

UP : Varanasi k BHU पहुंचे संसदीय स्थायी समिति के सदस्यगण

राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह के नेतृत्व मेंबीएचयू का किया दौरा

समिति सदस्यों ने बीएचयू एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ की बैठक


Varanasi (dil India live). सोमवार को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसद की स्थायी समिति ने मंगलवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय का अध्ययन दौरा किया। संसद सदस्य, राज्यसभा, दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में राज्यसभा और लोकसभा के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के केन्द्रीय कार्यालय में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय समेत अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ बैठक की। स्थायी समिति के सदस्यों में संसद सदस्य बिकास रंजन भट्टाचार्य, डॉ. भीम सिंह, राजीव राय, रेखा शर्मा, बृजमोहन अग्रवाल, अमरदेव शरददाव काले, डॉ. हेमांग जोशी, तथा शोभनाबेन महेन्द्रसिंह बरैया बैठक में उपस्थित रहे।  

बैठक में एस. के. बरनवाल, अपर सचिव, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, प्रो. संजय कुमार, कुलपति (कार्यवाहक), काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, प्रो. एस. एन. संखवार, निदेशक, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, बीएचयू, प्रो. आशीष बाजपेयी, निदेशक, प्रबंध शास्त्र संस्थान, बीएचयू, प्रो. अमित पात्रा, निदेशक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-बीएचयू, विवेक कुमार, निदेशक, शिक्षुता प्रशिक्षण बोर्ड, कानपुर, प्रो. आशीष खरे, कुलसचिव, केंद्रीय विश्वविद्यालय इलाहाबाद, प्रो. लक्ष्मी कांत मिश्रा, डीन-शिक्षण, मोतीलाल नेहरू एनआईटी, इलाहाबाद, तथा उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, के प्रतिनिधि के तौर पर काशी विद्यापीठ, वाराणसी, के कुलपति प्रो. ए. के. त्यागी भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान शिक्षण, उद्योग-अकादमिक सहयोग और अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र में श्रेष्ठ पद्धतियों और प्रमुख उपलब्धियों तथा उच्च शिक्षा संस्थानों में आने वाली चुनौतियों (वित्तीय, मानव संसाधन, स्थान और प्रशासनिक) का अवलोकन किया गया। इस दौरान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा अन्य संस्थानों के अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


बैठक के उपरांत, समिति के सदस्यों ने 'सीडीसी भवन' का दौरा किया, जहाँ उन्हें विश्वविद्यालय में अनुसंधान व नवोन्मेष के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त समिति सदस्यों ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) स्थित 'छात्र गतिविधि केंद्र' और 'प्रिसिजन इंजीनियरिंग हब (पीईएच)' का भी दौरा किया। यह दौरा शैक्षणिक और तकनीकी नवाचारों को समझने के लिए महत्वपूर्ण था।


बीएचयू मुख्यद्वार पर हुआ भव्य स्वागत 

इस दौरान समिति के सदस्यों का बीएचयू के मुख्य द्वार पर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। इसके पश्चात्, समिति सदस्य मालवीय भवन पहुँचे, जहाँ विश्वविद्यालय के संस्थापक पंडित मदन मोहन मालवीय जी की प्रतिमा पर 'माल्यार्पण' कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का समन्वयन काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संयुक्त कुलसचिव एवं नोडल अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने किया।

UP: Varanasi Main Summer vacation खत्म, खुलें स्कूलों के द्वार

पहले दिन बच्चों का स्कूल ही नहीं बादलों ने भी किया स्वागत 

कोई मौसम का मज़ा लेते तो कोई भींगते स्कूल से पहुंचा घर 

किताब व गिफ्ट पाकर बच्चे खुशी से झूमे

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live)। UP के Varanasi Main Summer vacation खत्म होते ही स्कूल बच्चों से गुलज़ार हो गये। मौज मस्ती के दिन बीतने के साथ ही स्कूलों के द्वार एक जुलाई से खुल गये। इस दौरान पहले दिन बच्चों का स्कूलों में तो वेलकम हुआ ही साथ ही बादलों ने भी उनका दिल खोलकर स्वागत किया। इस दौरान खुशनुमा मौसम में बच्चे घरों से स्कूलों का रुख़ करते दिखाई दिए तो छुट्टी के दौरान हुई बरसात का भी बच्चों ने खूब मज़ा लिया। इस दौरान कोई भींगते स्कूल से घर पहुंचा तो कोई घर पहुंच कर बरसात के पानी में नहाता दिखाई दिया। इस दौरान सरकारी स्कूलों में बच्चों को किताब देकर सम्मानित किया गया। कुछ स्कूलों में गीता संगीत और नृत्य के साथ ही कई रोचक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कैंटोंमेंट के सेंट मैरीज कांवेंट स्कूल में छुट्टी के समय ही बरसात का बच्चों ने लुत्फ उठाया तो कुछ भींगते हुए भी पैरेंट्स के साथ घर पहुंचे। 


किताब व गिफ्ट पाकर बच्चे खुशी से झूमे

चिरईगांव ब्लॉक के गौराकला प्राथमिक विद्यालय में ग्रीष्म अवकाश के बाद प्रथम दिन स्कूल आगमन पर बच्चों का अध्यापकों ने गिफ्ट देकर जोरदार स्वागत किया। कक्षा 1,2 एवं 3 के बच्चों को निःशुल्क पुस्तक वितरण किया गया। बच्चे पुस्तक पाकर बहुत अधिक प्रसन्न हुए। इस अवसर पर रविन्द्र यादव (ए आर पी हिंदी) ने कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं को शत प्रतिशत लागू होनी चाहिए,अधिक नामांकन कराने पर जोर दिया। ग्राम प्रधान राजेश कुमार राजू ने कहा कि सरकारी स्कूल मैंने बहुत देखे हैं लेकिन गौराकला स्कूल में पढ़ाई का माहौल अच्छा दिखता है जो सराहनीय है। यहां के शिक्षक परिश्रम के साथ शिक्षण कार्य करते हैं। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के जिला उपाध्यक्ष डॉ एहतेशामुल हक ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं हमें अपने कर्तव्यों का पालन हर हाल में करना चाहिए।


कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रिंसिपल आरती देवी ने एवं संचालन वरिष्ठ अध्यापक रेखा उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर प्रिंसिपल आरती देवी, ए आर पी रविन्द्र यादव, ग्राम प्रधान राजेश कुमार राजू, अटेवा के डॉ एहतेशामुल हक, रेखा उपाध्याय, सादिया तबस्सुम, शशि कला, अनीता सिंह, ज्योति कुमारी, प्रमिला सिंह सहित अभिभावक मौजूद थे।

Bhagalpur K RJD MLA रीतलाल की जेल में तबीयत बिगड़ी अस्पताल में भर्ती

जेल प्रशासन पर लगाया प्रताड़ना का आरोप

जेल अधिकारियों ने आरोपों को किया खारिज

Patna (dil India live). भागलपुर जेल में बंद राजद विधायक रीतलाल यादव को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने जेल प्रशासन पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है जबकि जेल अधिकारियों ने आरोपों को खारिज किया है। पिछले दिनों रीतलाल यादव को रंगदारी के एक मामले में बेऊर जेल से भागलपुर जेल स्थानांतरित किया गया था। चिकित्सकों की जांच के बाद उन्हें वापस जेल भेजा जा सकता है। उन्हें आननफानन में जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया।

विधायक भागलपुर जेल से मायागंज हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में फिलहाल भर्ती है। इस संबंध में जेल प्रशासन का कहना है कि उन्हें बीती रात में लगभग 9:30 बजे के आसपास मायागंज अस्पताल में भर्ती किया गया है।

विधायक रीतलाल की पत्नी के आरोप

इस संबंध में विधायक रीतलाल यादव की पत्नी रिंकू देवी ने एक वीडियो जारी करते हुए आरोप लगाया है कि उनके पति की तबीयत खराब हो गई है। उनकी जेल में ही हत्या करवाने की योजना बनायीं जा रही है। इतना ही नहीं हम पूरे परिवार को भी ख़तरा महसूस हो रहा है।

उनका कहना है कि एक साजिश के तहत हम पूरे परिवार को जान से मारने की योजना बनायी जा रही है। बता दें कि बाहुबली छवि वाले विधायक रीतलाल यादव पर एक बिल्डर से रंगदारी मांगने का आरोप लगा था, जिसके बाद पटना पुलिस ने उनके आवास पर छापेमारी की थी।

पुलिस के दबाव के कारण राजद विधायक रीतलाल यादव, उनके भाई टिंकू और उनकी पत्नी के भाई पिंकू समेत कई लोगों ने दानापुर अनुमंडल न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया था। फिर सुरक्षा कारणों से या प्रशासनिक निर्णय के तहत उन्हें बेऊर जेल से भागलपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया। बताया गया था कि न्यायालय ने उन्हें तब न्यायिक हिरासत में लेकर आदर्श केंद्रीय कारागार बेऊर भेज दिया था। लेकिन, बेऊर जेल में रीतलाल के रहने से विधि-व्यवस्था, लोक व्यवस्था और शांति व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने की संभावना बनने लगी थी।

जानिए क्या बोले विधायक रीतलाल...

राजद विधायक रीतलाल का कहना है कि जेल के अंदर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था। वहां, वो कारागार प्रशासन के खराब बर्ताव के कारण अनशन पर बैठ रहे थे। जेल प्रशासन ने उन्हें अनशन करने से भी रोक दिया। उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया।

उधर, जेल अधिकारियों ने राजद विधायक को सारी सुविधाएं मुहैया कराने को कहा है, जिस श्रेणी के वह बंदी हैं। उनके साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार नहीं किया गया। बल्कि, विधायक ही कारागार कर्मियों से उलझते रहे। जेल से अस्पताल लाने पर चिकित्सकों का दल उनकी स्वास्थ्य जांच की और कैदी वार्ड में उन्हें शिफ्ट करा दिया गया है।

Doctor मरीजों की नज़र में Hero

दिल से इलाज के लिए पहचाने जाते हैं सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा

के डी अब्बासी  

Jaipur (dil India live)। बेस्ट डॉक्टर का खिताब चुनाव, मतदान, विज्ञापन, पोस्टरों से नहीं बल्कि डॉक्टर के पास उपचार करा चुके मरीजों द्वारा दिया जाता है। मरीज़ बताते हैं कि उपचार के लिए कौनसा डॉक्टर बेस्ट है। राजस्थान के कोटा शहर के भीमगंज मंडी क्षेत्र, रेलवे कॉलोनी क्षेत्र सहित शहर और शहर से बाहर उपचार कराने वाले मरीज सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा को बेस्ट डॉक्टर का खिताब देते हैं। सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा सेटेलाइट अस्पताल रामपुरा से  रिटायर्ड होने के बाद वह स्टेशन रोड, उपभोक्ता होलसेल भंडार के नजदीक कोटा जंक्शन पर अपने क्लिनिक पर सुबह और शाम मरीजों का उपचार करते है। सीनियर फिजियशन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा की पत्नी वरिष्ठ चिकित्सक डॉ मीनू कोरपाल, एम एस गायनी भी शाम को क्लिनिक पर मरीजों का उपचार करती है। मशहूर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ मीनू कोरपाल  भीमगंज मंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रिटायर्ड हुई है।

नौकरी नहीं, सेवा चिकित्सक पेशा

डॉक्टर जब आज की दुनिया में चिकित्सा भी व्यापार बनती जा रही है, ऐसे समय में कोई डॉक्टर अगर मरीज को सिर्फ इंसानियत के नाते सच्चे मन से देखे, तो वो न केवल डॉक्टर कहलाने लायक है, बल्कि समाज का सच्चा सेवक भी है। ऐसे ही एक नाम हैं, सीनियर फिजिशियन डॉ. सुनील दत्त शर्मा का।वो एक अनुभवी फिजिशियन हैं, जो अपने पेशे को सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम मानते हैं। उनके पास रोज़ाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन जो बात उन्हें बाकी डॉक्टरों से अलग बनाती है, वो है अन्य फिजिशियन डॉक्टर से कम फीस, बिना कमीशन की दवा और सही इलाज की नीयत। सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा अपने क्लिनिक पर आज भी विभिन्न तरह की जांचों के निशुल्क कैंप भी करते हैं।

कमीशन से परे सोच

अक्सर देखने में आता है कि डॉक्टर मरीज को महंगी दवाइयाँ लिखते हैं, जो विशेष मेडिकल स्टोर पर ही मिलती हैं और जिन पर डॉक्टर को कमीशन भी मिलता है। लेकिन सीनियर फिजिशियन डॉ. शर्मा ने इस चलन से खुद को अलग रखा है। वह हमेशा ऐसी दवाएं लिखते हैं जो शहर के किसी भी मेडिकल स्टोर से प्राप्त की जा सकती है, जो सस्ती होती हैं और आम आदमी की पहुँच में भी रहती हैं। उनका मानना है, "इलाज का मकसद पैसा कमाना नहीं, मरीज को राहत देना है। सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा का इलाज केवल दवाओं से नहीं होता, बल्कि उनके सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार से भी लोग जल्दी ठीक हो जाते हैं। वो हर मरीज की बात ध्यान से सुनते हैं, उन्हें पूरा समय देते हैं और न तो फालतू जांचें करवाते हैं, न ही उन्हें भ्रमित करते हैं।

कई बुज़ुर्ग मरीज कहते हैं, "आजकल ऐसे सीनियर फिजिशियन डॉक्टर  सुनील दत्त शर्मा जैसा मिलना मुश्किल है। सीनियर फिजिशियन डॉ. सुनील दत्त शर्मा भगवान की तरह हैं।" अभावग्रस्त निर्धन मरीज के लिए मुफ्त में दवा देना, किसी अभावग्रस्त गरीब मरीज की फीस माफ कर देना, ये उनके रोज़मर्रा के काम हैं।

एक मिशन, एक सोच

सीनियर फिजिशियन डॉ. सुनील दत्त शर्मा का सपना है कि "भारत में स्वास्थ्य सेवा अमीरों की जागीर न रह जाए, बल्कि हर गरीब को भी अच्छा इलाज मिले।" उनका ये काम न सिर्फ प्रेरणादायक है, बल्कि आने वाले डॉक्टरों के लिए एक मिसाल भी है। डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा ईमानदारी, मेहनत से समाज की गत 45 वर्षों से शोषित, पीड़ित जनता की नि : स्वार्थ सेवा कर रहे हैं। कोटा के मशहूर सीनियर फिजिशियन डॉ सुनील दत्त शर्मा (एम. डी . मेडिसन) का जन्म वर्ष 1957 में कोटा जंक्शन के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा के पिता स्व. ब्रह्मदत्त शर्मा रेल कर्मचारी और माताजी धार्मिक और कर्तव्य परायण गृहणी थी। दोनों ने अपने बच्चों को सेवा, परिश्रम, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के भरपूर संस्कार दिए। सीनियर फिजिशियन डॉ सुनील दत्त शर्मा बचपन से ही मेधावी छात्र रहे इसलिए शिक्षा की हर परीक्षा उन्होंने सर्वश्रेष्ठ परिणाम के साथ उत्तीर्ण की। मन में प्रारंभ से ही चिकित्सक बनकर दुखी मानवता की इच्छा थी और योग्यता भी थी। इसलिए उदयपुर के सरकारी आर एन टी मेडिकल कॉलेज से एम बी बी एस करने के लिए चुन लिए गए और एम बी बी एस के श्रेष्ठ परिणाम के आधार पर वहीं से एम डी मेडिसिन करने का अवसर प्राप्त हुआ। समय के साथ सीनियर फिजिशियन डॉ सुनील दत्त शर्मा का विवाह प्रसिद्ध महिला डॉक्टर डॉ मीनू कोरपाल, एम एस गायनी के साथ सम्पन्न हुआ। जिन्होंने हर कदम जीवन की धूप-छांव में डॉ शर्मा का खूब साथ निभाया। उदयपुर से एम डी करने के बाद सीनियर फिजिशियन डॉ सुनील दत्त शर्मा की पहली नियुक्ति सरकारी चिकित्सक के रूप में बारां जिले की दूरदराज  आदिवासी क्षेत्र शाहबाद में हुई।उस समय उस क्षेत्र में न तो पक्की सड़के थी और ना ही यातायात के साधन। नियुक्ति के स्थान पर जीवनयापन की सामान्य सुविधाएं भी नहीं थीं। ऐसे अभावग्रस्त क्षेत्र को मानवता की सेवा का ईश्वर प्रदत्त श्रेष्ठ अवसर मानकर सीनियर फिजिशियन डॉ शर्मा ने वर्षों तक अभावग्रस्त साधनहीन निर्धन आदिवासियों की मन वचन कर्म से खूब सेवा की। उस का ही परिणाम है कि लगभग चार दशक बीत जाने के बाद आज भी डॉ शर्मा का शाहबाद क्षेत्र से जीवंत संपर्क है और वो समय समय पर शाहबाद और मामोनी क्षेत्र में अपने संपर्क से नि:शुल्क चिकित्सा शिवरों का आयोजन करवाते रहते हैं। सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त  शर्मा ने कई दशकों तक सेटेलाइट हॉस्पिटल, रामपुरा में वरिष्ठ चिकित्सक और हॉस्पिटल प्रभारी के पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। सीनियर फिजिशियन डॉ सुनील दत्त शर्मा की सर्वश्रेष्ठ सेवाओं का ही परिणाम है कि वशिष्ठ चिकित्सक के पद पर निरन्तर चार दशकों की चिकित्सा सेवाओं पर सदैव सराहना और प्रशंसा होती रही, कभी कोई प्रश्नचिन्ह या उंगली नहीं उठी। सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा को उत्कृष्ट शिक्षा सेवाओं के लिए नौकरी में रहते हुए राजस्थान सरकार द्वारा सम्मानित किया गया।सीनियर फिजिशियन डॉ सुनील दत्त शर्मा अपनी चिकित्सा सेवाओं के प्रति इतने समर्पित हैं कि कभी किसी के दबाव या प्रभाव से आकर्षित नहीं होते।वो मरीज को चेहरे से नहीं उसके रोग से जानते हैं। बीमारी की भली भांति जांच करवाना और फिर बिना कमीशन की ब्रांडेड दवाइयां लिखकर चिकित्सा करने में विश्वास करते हैं। सीनियर फिजिशियन डॉ  सुनील दत्त शर्मा के क्लीनिक में दवाई कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा नि:शुल्क दवाइयों के सैंपल मित्रों,परिचितों और प्रभावशाली लोगों के लिए नहीं वरन अभावग्रस्त,निर्धन अस्वस्थ्य लोगों के लिए होते हैं। किसी भी जाति,वर्ग,लिंग धर्म का रोगी हो उसे अपने पूर्व निर्धारित नंबर पर बिना किसी वरीयता के दिखाना होगा। सीनियर फिजिशियन डॉ सुनील दत्त शर्मा के जीवन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व श्री भुवनेश चतुर्वेदी और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के पूर्व अध्यक्ष स्व श्री पुष्पकांत दलाल जैसे  कर्मठ,ईमानदार, समर्पित समाजसेवी और सादगी पसंद व्यक्तित्वों का बहुत प्रभाव रहा है। सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा ने चिकित्सा क्षेत्र में  सुप्रसिद्ध डॉ आर एम सिंघवी,डॉ एस के गोयल,डॉ के के पारिख,  डॉ अरुण बोर्डिया और कोटा के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ एन के गुप्ता जैसे वरिष्ठ चिकित्सकों से भी बहुत प्रेरणा ली है।शाहबाद आदिवासी क्षेत्र में मामोनी ग्राम को आदर्श सेवा गांव बनाने के लिए जीवन भर सेवा समर्पित स्व मोती लाल,नीलू मलहोत्रा,महेश शर्मा के सहयोगी साथी रहे हैं डॉ एस डी शर्मा।आज भी सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा कोटा जंक्शन स्थित श्री राम धर्मार्थ चिकित्सालय में  निरंतर सेवाओं के साथ प्रौढ़ शिक्षा विभाग और अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित किए जाने वाले स्वास्थ्य शिवरों में अपनी नि:शुल्क सेवाएं देते है। अभावग्रस्त,पीड़ित समाज के प्रति ऐसे समर्पित सीनियर फिजिशियन डॉ सुनील दत्त शर्मा के आदर्श जीवन, कृतित्व और व्यक्तित्व पर कुछ लिखने का उद्देश्य यही है कि लोग उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज के प्रति अपने दायित्व का बोध करे और अपने योग्य और स्तर की अभावग्रस्त मानवता की सेवा अवश्य करे। ये देश ये समाज हमारा है इसके केवल अधिकार नहीं इसके प्रति हमारे दायित्व भी है। केवल कोसने से नहीं कुछ करने से ही स्वस्थ्य और विकसित समाज का निर्माण होगा।

सोमवार, 30 जून 2025

4TH Mahe Muharram2025: Varanasi main मजलिसों और जुलूस का दौर हुआ तेज़

सदर इमामबाड़े पहुंचा चौथी मोहर्रम का कदीमी जुलूस

जुलूस के रास्तों में हो रही है दुश्वारियां 

शिवाला के जुलूस में हुआ जोरदार मातम


सरफराज अहमद 

Varanasi (dil India live). ३० जून यानी चार मोहर्रम पर सोमवार को हर तरफ मजलिसों में इमाम हुसैन के दोस्त हबीब इब्ने मज़हिर की जिंदगी पर रौशनी डाली गई। कालीमहल में तकरीर करते हुए शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि इमाम हुसैन ने अपने 80 साल के अजीज दोस्त को खत लिखकर कूफे से बुलाया था। उनकी दोस्ती आज भी सारी दुनिया के लिए मील का पत्थर है। इस दौरान पहला जुलूस इम्तियाज हुसैन नकवी के चौहट्टालाल खान स्थित इमामबाड़े से निकला। जुलूस में अलम, ताबूत शामिल था जिसकी जियारत करने लोगों का हुजूम उमड़ा। जुलूस मस्जिद और इमामबाड़ा चौहट्टा लाल खान में जाकर समाप्त हुआ। अंजुमन आबिदिया ने जुलूस की अगवाई की। वहीं दूसरा जुलूस शिवाला के मोहल्ला क्रीमकुंड से सैयद आलिम हुसैन रिज़वी के संयोजन में उठाया गया। जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ गौरीगंज में वरिष्ठ पत्रकार काजिम रिज़वी के इमामबाड़े पर जाकर समाप्त हुआ। इस मौके पर अंजुमन गुलज़ारे अब्बासिया, समेत कई अंजुमनों ने नौहाखवानी व मातम का नज़राना पेश किया। वहीं अंतिम जुलूस चौहट्टा लाल खान मस्जिद से अलम दुलदुल व ताबूत का उठाया गया। जुलूस में अंजुमन आबिदिया, अंजुमन सज्जादिया तथा अंजुमन हाशिमिया ने नोहा ख्वानी व मातम के साथ शहीदाने कर्बला को खेराजे अकीदत पेश किया। मौलाना बाकर बलियावी, डा. शफीक हैदर, मंजर नकवी ने मजलिसों को खिताब किया। शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता सैयद फरमान हैदर ने कहा कि जुलूस मार्ग में ढेरों दुश्वारियां हैं जिला प्रशासन मीटिंग में बड़ी बड़ी बातें करता है मगर हर बार जुलूस दुश्वारियों के बीच निकाला जाता है। इस अव्यवस्था से मुस्लिमों में रोष है।

पांचवीं मोहर्रम को निकलेगा अलम

इस सिलसिले से फरमान हैदर ने बताया कि पांचवीं मोहर्रम को छत्तातले से अलम का जुलूस अंजुमन हैदरी के जेरे इंतजाम उठाया जाएगा। स्वर्गीय wajjan खान के परिवार के सदस्य मर्सिया पढ़ेंगे। शहनाई पर आंसुओं का नजराना पेश होगा। वहीं अर्धाली बाजार में हाजी अबुल हसन के निवास से ६ महीने के शहीद अली असगर का झूला उठाया जाएगा। अंजुमन इमामिया नोहा मातम करेगी। पांच मोहर्रम को ही रामनगर से महाराज बनारस के द्वारा स्थापित किया गया मन्नत का जुलूस भी उठाया जाएगा। ये जुलूस अहले सुन्नत हजरत भी उठते हैं।

Varanasi Main Barsat के चलते थोड़ी राहत ज्यादा दुश्वारियां

पहली ही बारिश जनजीवन कर गई प्रभावित, घंटों जल जमाव, बिजली भी हुई गुल



सरफराज अहमद 

Varanasi (dil India live). काशी में पहली बार एक ही बार में दो घण्टे तक हुई मूसलाधार बारिश के चलते लोगों को उमस से थोड़ी राहत मिली तो तमाम दुश्वारियां भी उठानी पड़ी। शाम में शुरू हुई बारिश न जहां ठेले-खोमचे वालों समेत ज्यादातर दुकानदारों की रोज़ी रोटी पर असर पड़ा वहीं नगर निगम के साथ साथ बिजली विभाग की भी सक्रियता की पोल खुल गई। बनारस में पहली ही तेज बारिश ने नगर को जलमग्न कर दिया इसके चलते घंटों बरसात का जहां पानी लगा रहा वहीं जिस इलाके में पानी लगा रहा वहां बिजली भी घंटों काट दी गई इसके चलते लोगों को सबसे ज्यादा परेशानी पीने का पानी न भर पाने से हुई।

इस दौरान समस्त फीडरों से बिजली आपूर्ति तकरीबन साढ़े तीन घण्टे से ज्यादा देर तक ठप रही। उपभोक्ताओं ने फोन करके जाना तो पता चला बारिश के कारण कहीं फ़ॉल्ट है, बारिश रुकने के बाद ही पट्रोलिंग सम्भव होगी तभी निर्बाध बिजली आपूर्ति बहाल हो सकेगी। बारिश रुकने के एक घंटे से भी ज्यादा का समय हो गया मगर न तो बिजली के फ़ॉल्ट का ही पता चल सका और न ही जल निकासी का प्रबंधन ही हुआ। इस दौरान दुकानों से लेकर मकान और बुनकरों के करघों तक में पानी घुस गया जिससे उनकी रोजी रोटी पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

वाह रे स्मार्ट काशी !

नई सड़क पर भरे पानी से बिजली विभाग के पैनल डूबे हुए थे। बेनिया उपकेंद्र के कर्मचारी का कहना है की रिस्क नही ले सकते जब पानी निकल जायेगा तभी लाइट चालू होगी।

समाचार लिखे जाने तक कई इलाकों में बिजली गुल थी और बरसात का पानी लगा हुआ था। उसी पानी में लोग जद्दोजेहद करते दिखाई दिए। इस दौरान कोई नगर निगम को तो कोई बिजली विभाग को अपशब्द बोलता दिखाई दे रहा था।










RJD K Tejasvi Yadav का चुनावी ऐलान: बिहार को बनाएंगे स्कॉटलैंड'

बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा हुआ हाई


Patna (dil India live). बिहार में विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी पारा धीरे-धीरे हाई होने लगा है। सभी दलों के दावों-प्रतिदावों एवं जारी जोड़तोड़ के बीच तेजस्वी यादव ने सोमवार को अपने बयान से हलचल मचा दी है। यह सियसी हलचल न केवल एनडीए के घटक दलों में मचा है बल्कि महागठबंधन के घटक दलों के बीच भी है। अंतर केवल इतना है कि महागठबंधन के दल सियसी मजबूरी में तेजस्वी यादव के दावों का समर्थन करने को विवश हैं। उनके पास कोई विकल्प नहीं है। 

देखिए क्या बोलें तेजस्वी 

तेजस्वी यादव ने तस्वीर साफ करते हुए कहा है कि - 'बिहार में महागठबंधन से मुख्यमंत्री का चेहरा तेजस्वी यादव ही हैं। इसे लेकर इंडिया गठबंधन में सहमति बन गई है। बिहार में हमारी सरकार बनने वाली है। हमारी सरकार बनी तो हम बिहार को स्कॉटलैंड बना देंगे।' तेजस्वी ने आगे कहा कि - 'भाजपा के नेता सब चिंटू हैं। ये लोग नमाजवाद और मौलाना स्क्रिप्ट की बात करते हैं। हम बिहार में जाति धर्म की राजनीति नहीं होने देंगे। सुधांशु त्रिवेदी अपनी दम पर नेता नहीं बने हैं।'

उन्होंने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर भी भाजपा पर हमला बोला। अपनी बात रखते हुए तेजस्वी ने कहा कि लोगों को मताधिकार से वंचित करने की किसी भी साजिश को सफल नहीं होने देना है। 

विरोधी दल नेता तेजस्वी यादव यहीं नहीं रुके। आगे यह भी कहा कि - 'बिहार में एनडीए सत्ता से बाहर होने वाली है। बिहार में महागठबंधन की सरकार बनेगी। सरकार बनने पर वक्फ अधिनियम को कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा।' 

आज तेजस्वी यादव की ओर से खुद को सीएम फेस का ऐलान करते ही बिहार में अचानक से सियासी माहौल गरमा गया है। तेजस्वी यादव ने कहा कि - 'केंद्र और राज्य में सरकार साझा करने वाली भारतीय जनता पार्टी को ये याद दिलाना होगा कि हिंदुओं, मुसलमानों, सिखों और ईसाइयों के बलिदान से देश को आजादी मिली थी।...कोई ये ना समझे कि देश उसके पिता की प्रॉपर्टी है। हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने ये साफ कर दिया है कि आरजेडी नए वक्फ कानून का विरोध करेगी। इस कानून के खिलाफ हमने कोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया है।

...बिहार के मुस्लिम भाइयों से कहूंगा कि वो याद रखें कि एनडीए सरकार जाने वाली है। नवंबर में बिहार में नई सरकार बनेगी, जो कि गरीबों की समर्थक होगी और वक्फ कानून को कूड़ेदान में डाल देगी।'

बता दें कि बिहार में सीएम फेस को लेकर तेजस्वी यादव से पहले कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार भी बयान दे चुके हैं। कन्हैया कुमार ने बीते शुक्रवार को कहा था, 'अगर विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को बहुमत मिला तो मुख्यमंत्री आरजेडी से होगा। इसमें कोई भ्रम नहीं है कि तेजस्वी यादव मुख्यमंत्री का चेहरा होंगे।...जिसके पास ज्यादा विधायक होंगे, उसी की पार्टी से मुख्यमंत्री बनेगा। आरजेडी महागठबंधन की सबसे बड़ी पार्टी है और उसके पास अधिक विधायक होंगे, इसलिए मुख्यमंत्री भी उनका ही होगा।'