बुजुर्ग को लगाया 22 लाख रुपए की साइबर ठग ने चपत
पुलिस ने दर्ज किया FIR, इंटरनेट बैंकिग एप डाउनलोड करने में हुआ फ्राड
Mohd Rizwan
Varanasi (dil India live). वाराणसी के साइबर क्राइम थाने में एक बुजुर्ग ने 22 लाख के साइबर फ्राड का मुकदमा दर्ज कराया है। बुजुर्ग के अनुसार उसने फेसबुक से एक लिंक से पंजाब नेशनल बैंक के इंटरनेट बैंकिंग का एप डाउनलोड करने के प्रयास किया पर हुआ नहीं। कुछ ही देर बाद एक व्यक्ति का फोन आया और उसने खुद को पंजाब नेशनल बैंक का कर्मचारी बताया और एप डाउनलोड करने में मदद की बात कही। उसके कुछ ही देर बाद अकाउंट से 22 लाख रुपए कट गए। फिलहाल इस मामले में साइबर क्राइम थाने में संबंधित धाराओं में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर अग्रिम कार्रवाई में जुट गई है।
बुजुर्ग शशिकांत गुप्ता ने बताया की मेरा खाता पंजाब नेशनल बैंक में है। इंटरनेट बैंकिंग सुविधा के लिए फेसबुक से मिले एक एप्लिकेशन को डाउनलोड कर रहा था। लेकिन वह डाउनलोड नहीं हुआ। लिंक का नाम www.pnbindia.in था। कई बार उस लिंक पर क्लिक कर सरे प्रोसीजर किए पर आखिर में लिंक पहले पेज पर चला आ रहा था। जिस पर मैंने उसे छोड़ दिया और मोबाइल रख दिया।
शशिकांत गुप्ता ने बताया कुछ ही समय बात एक व्यक्ति जिसने अपना नाम अमित मिश्रा बताया उसका फोन आया। उसने कहा वह पंजाब नेशनल बैंक से बात कर रहा है। अभी आप बैंक का एप डाउनलोड कर रहे थे। उसमें कोई दिक्कत आ रही थी क्या ? इस पर मैंने उसे तुरंत सब कुछ बता दिया। उसने कहा कोई नहीं मैं आप का एप डाउनलोड करवा दूंगा बस कुछ प्रोसेस आप को करना होगा। उसके बाद उसने एक एप्लिकेशन मेरे मोबाइल में डाऊनलोड करवाया।
एक रुपया काट कर, निकाला 22 लाख
बुजुर्ग ने बताया कि व्यक्ति अमित मिश्रा ने कहा आप के अकाउंट के वेरिफिकेशन के लिए आप के अकाउंट से एक रुपया कटेगा। कुछ ही देर में एक रुपया कट गया। मैंने देखा कि मेरे मोबाइल एसएमएस फारवर्ड एप भी डाउनलोड है। जिससे कोई भी मैसेज किसी के भी पास जा सकता है। इसपर मैंने सोमवार को अकाउंट चेक करवाया तो पता चला। वहां से 22 लाख रुपए का फ्राड हो चुका था।
साइबर थाने में दर्ज हुआ मुकदमा
बुजुर्ग शशिकांत गुप्ता ने इस बात की सूचना साइबर क्राइम थाने पर लिखित रूप से दी है। थाना प्रभारी ने बताया बुजुर्ग का मुकदमा दर्ज कर बैंक में अकाउंट को सीज किया गया है। जिन भी अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए गए हैं उनकी जानकारी इकठ्ठा की जा रही है और एक्सपर्ट की टीम मोबाइल नंबर और डिजिटल फुट प्रिंट से अपराधियों को तलाशने में लगी हुई है।