सोमवार, 21 जुलाई 2025

UP : Varanasi K जगतगंज में Puja स्थल पर 40 साल पुराना विवाद खत्म

गुरुद्वारा गुरु तेग बहादुर साहिब का ताला खुला, सिख समुदाय में उत्सव का माहौल


Varanasi (dil India live). श्री बड़े हनुमान मंदिर प्रबंध समिति जगतगंज, वाराणसी के व्यवस्थापक व अधिकृत प्रतिनिधि, श्री श्याम नारायण पाण्डेय एवं गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी वाराणसी के अध्यक्ष सरदार करन सिंह सब्बरवाल व वरिष्ठ उपाध्यक्ष सरदार परमजीत सिंह अहलुवालिया ने संयुक्त रूप से आयोजित पत्रकारवार्ता में बताया कि तकरीबन चालीस साल से रामकटोरा के पूजा स्थल पर विवाद चला आ रहा था। उक्त पूजा स्थल पर विवाद खत्म हो गया है और अब दोनों पक्षों के मध्य समझौता हो गया है।


प्रेस कॉन्फ्रेंस में जगतगंज के प्रतिष्ठित नागरिक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी शहीद बाबू जगत सिंह के वंशज प्रदीप नारायण सिंह की मध्यस्थता में उभय पक्ष के धार्मिक आस्था के समस्त बिन्दुओं का संज्ञान लिया गया। दोनो पक्षों के मध्य समझौता उ०प्र० के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की वजह से संभव हो पाया। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी सदैव  ऋणी रहेगा। यह भी विदित है कि जनपद वाराणसी के प्रशासनिक विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों का भी इस दौरान भरपूर सहयोग मिला। अंततः दोनो पक्षों के मध्य आपसी सौहार्द कायम रखने हेतु कराये गये इस सन्धि-पत्र / सुलहनामा पर जगतगंज कोठी वाराणसी में विस्तार से चर्चा हुई। बताया गया कि आज का दिन एक ऐतिहासिक दिन है। प्रथम पक्ष श्री हनुमान मंदिर व द्वितीय पक्ष गुरुद्वारा के बीच स्वामित्व, कब्जे व अपने अधिकारों को लेकर 40 वर्षों से चला आ रहा विवाद सन्धि-पत्र / सुलहनामा पर हुये हस्ताक्षर उपरान्त समस्त विवाद समाप्त हो गया है। आपके द्वारा यह किया गया कार्य एक महान कार्य है। जिसको काशी की जनता हमेशा याद करेगी। पूर्व में स्व० अजीत सिंह सभरवाल का अथक प्रयास जो आज सफल हुआ। ये सारे कार्य उनके आर्शीवचन से संभव हो पाया।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष संपूर्ण भारत वर्ष में साहिब श्री गुरू तेग बहादुर जी महाराज जी का 350 वां शहीदी दिवस बडी श्रद्वा एवं भावना से मनाया जा रहा है। 350 वें शहीदी पर्व पर बनारस के गुरू तेग बहादुर जी के गुरुद्वारे का विवाद खत्म होने से पूरे सिख परिवार में खुशी का माहौल है। इस समझौते से गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी में हर्ष एवं उल्लास का माहौल है। यह जगतगंज स्थित गुरुद्वारा, गुरु तेग बहादुर जी महाराज की चरण स्पर्श भूमि है और साथ ही श्री बड़े हनुमान मंदिर भी वहीं स्थित है। दोनों पक्षो के सुलहनामा को लोग युगो-युगो तक याद करते रहेंगे। गुरू साहब की शहादत को भुलाया नहीं जा सकता। इनकी शहादत पूरे विश्व में एक मिसाल कायम करती है। यही पर श्री बडे हनुमान जी का मंदिर भी स्थित है। ये भी अपने आप में एक मिसाल है कि दोनों पक्ष एक साथ भजन गायन करेंगे। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी वाराणसी ने मंदिर समिति और श्री प्रदीप नारायण सिंह जी का धन्यवाद दिया और कहा कि ये ऐतिहासिक फैसला पूरे विश्व में एक मिसाल कायम करेगा व शांति और अमन के प्रतीक के रूप में देखा जायेगा।

इस मौके पर दोनों प्रबंध समिति के अधिकारीगण, प्रतिनिधि, (सरदार करन सिंह सभरवाल, सरदार परमजीत सिंह अहलुवालिया, श्री श्याम नारायण पाण्डेय), समाजिक कार्यकर्तागण व स्थानीय लोग व मान्य नागरिक उपस्थित रहे। गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी वाराणसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष परमजीत सिंह अहलूवालिया ने कॉन्फ्रेंस में उपस्थित सभी सम्मानित व्यक्तियों का आभार प्रकट किया। 

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