गुरुवार, 27 मार्च 2025

DAV PG College के एलुमनी मीट में जुटे पुरातन छात्र

पुरानी यादें हुई ताजा तो आँखों से छलकी खुशियां 


  • Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live)। डीएवी पीजी कॉलेज में गुरुवार को पुरातन छात्रों की जुटान हुई। आइक्यूएसी के अंतर्गत आयोजित पुरातन छात्र सम्मेलन (एलुमनी मीट) में पुराने छात्रों ने जहाँ एक दूसरे से भूली बिसरी यादों को फिर से ताजा किया तो वहीं कॉलेज परिवार की तरफ से उन्हें स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित भी किया गया। वर्षों बाद जुटे पुरा छात्रों ने कॉलेज से जुड़ी अपनी यादें साझा की तो कुछ की आँखे नम हो गयी। सम्मेलन में कॉलेज के विद्यार्थियों ने पुरा छात्रों के लिए विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया। छात्रा शताब्दी दास एवं अनुश्री ने कथक से सबको रिझाया तो वहीं sri बरनवाल ने हरियाणवी लोक नृत्य से सबका मन मोह लिया। शिवम एवं ऋषभ ने गीत प्रस्तुत किया। राहुल ने मोनो एक्टिंग से अपनी छाप छोड़ी।

इस मौके पर अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के कार्यकारी प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने कहा कि पुरा छात्र किसी भी शैक्षणिक संस्थान की नींव होते है, उनके उन्नयन से ही संस्थान का उन्नयन जुड़ा होता है। पुरा छात्रों के लिए महाविद्यालय का द्वार हमेशा खुला हुआ है क्योंकि आपकी वजह से ही हमारे महाविद्यालय का नाम राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जाना पहचाना जाता है। 

महाविद्यालय के मंत्री/प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव ने सभी पुरा छात्रों को उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी। उपाचार्य द्वय प्रो. संगीता जैन एवं प्रो. राहुल ने सभी पुरा छात्रों का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया। इसके पूर्व दीप प्रज्ज्वलन एवं माँ सरस्वती के पूजन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ।

कार्यक्रम का संयोजन प्रो. विजयनाथ दुबे ने किया। विषय स्थापना आइक्यूएसी की समन्वयक डॉ. पारुल जैन, स्वागत चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. तरु सिंह ने दिया। कार्यक्रम में समस्त विभागाध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक, कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

बुधवार, 26 मार्च 2025

25 रोज़ा मुकम्मल, ईद की खरीदारी हुई तेज़





Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). ईद का त्योहार को अब गिनती के दिन रह गए हैं। बुधवारकी शाम से देर रात तक बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ी हुई थी। ईद की खरीदारी को लेकर मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में मध्यरात्रि तक दुकानें खुली रह रही है। कपड़ा, जूता-चप्पल के साथ ही सेवईं की दुकान पर भी भीड़ है। हालांकि ईद के चांद रात दालमंडी में लोग पूरी रात खरीदारी करते हैं। 25 रोज़ा मुकम्मल होने के साथ ही दालमंडी, लोहता, नई सड़क, पीलीकोठी, वरुणापार के पांडेयपुर, अर्दली बाजार सहित अन्य क्षेत्रों में सुबह से ही रोजेदार ईद की खरीदारी में जुटे रहे। कास्मेटिक, कपड़ा, इत्र आदि की दुकानों पर भीड़ उमड़ रही है। कलरफुल काटन कुर्ता बाजार में छाया हुआ है। ग्राहक पार्टी वेयर कुर्ता पायजामा पसंद कर रहे हैं। भदऊ चुंगी स्थित सेवईं बाजार में भी लोगों की भीड़ है। सेवईं के साथ अन्य खाद्य सामग्री, मेवा शीतल पेय, की खरीदारी भी की जा रही है। समाचार लिखे जाने तक मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में रौनक छाई हुई थी।

Eid Mubarak (1) जिसने रमज़ान का रोज़ा रखा और रब के इम्तिहान में पास हुआ ईद उसी की

जो रमज़ान के इम्तेहान में पास हुआ उसी को ईद मनाने का हक है। दरअसल मज़हबे इस्लाम में सब्र और आजमाइश को आला दर्जा प्राप्त है। कहा जाता है कि रब वक्त-वक्त पर हर बंदों का इम्तेहान लेता है और उन्हें आज़माता है। ईद की कहानी भी सब्र और आज़माइश का ही हिस्सा है।

ईद का लुत्फ लेते बच्चे (फाइल फोटो) 

Varanasi (dil India live)। जो रमज़ान के इम्तेहान में पास हुआ उसी को ईद मनाने का हक है। दरअसल मज़हबे इस्लाम में सब्र और आजमाइश को आला दर्जा प्राप्त है। कहा जाता है कि रब वक्त-वक्त पर हर बंदों का इम्तेहान लेता है और उन्हें आज़माता है। ईद की कहानी भी सब्र और आज़माइश का ही हिस्सा है। यानी माह भर जिसने कामयाबी से रोज़ा रखा, सब्र किया, भूखा रहा, खुदा की इबादत की, वो रमज़ान के इम्तेहान में पास हो गया और उसे रब ने ईद कि खुशी अता फरमायी। दरअसल ईद उसकी है जो सब्र करना जानता हो, जिसने रमज़ान को इबादतों में गुज़ारा हो, जो बुरी संगत से पूरे महीने बचता रहा हो, मगर उस शख्स को ईद मनाने का कोई हक़ नहीं है जिसने पूरे महीने रोज़ा नहीं रखा और न ही इबादत की। नबी-ए-करीम (स.) ने फरमाया कि रमज़ान वो मुकदद्स महीना है जो लोगों को यह सीख देता है कि जैसे तुमने एक महीना अल्लाह के लिए वक्फ कर दिया, सुन्नतों और नफ़्ल पर ग़्ाौर किया, उस पर अमल करता रहा, वैसे ही बचे पूरे साल नेकी और पाकीज़गी जारी रखो। यह महीना इस बात की ओर भी इशारा करता है कि अगर एक महीने की इबादत के बाद ईद की खुशी बंदों को रब देता है तो 12 महीने अगर इबादतों में गुज़ारा जाये तो जिन्दगी में हर दिन ईद जैसा और हर रात रमज़ान जैसी होगी। रमज़ान महीने की इबादत इसलिए भी महबूब है क्यों कि ये अल्लाह का महीना है और इस महीने के पूरा होते ही खुदा ईद का तोहफा देकर यह बताता है कि ईद की खुशी तो सिर्फ दुनिया के लिए ह। इससे बड़ा तोहफा कामयाब रोज़ेदारों को आखिरत में जन्नत के रूप में मिलेगा। पूरी दुनिया में यह अकेला ऐसा त्योहार है जिसमें कोईभी पुराने या गंदे कपड़ों में नज़र नहीं आता। अगर एक महीने की इबादत के बाद ईद मिलती है तो हम साल के बारह महीने इबादत करें तो हमारा हर दिन ईद होगा। तो हम क्यों न हर दिन हर महीना अपना इबादत में गुज़ारे।

आतिफ मोहम्मद खालिद

(शिक्षक, कमलापति त्रिपाठी इंटर कालेज वाराणसी)

VKM Varanasi main हुई क्रिएटिव राइटिंग एवं क्विज प्रतियोगिता

बीएचयू की अर्पणा आनन्द प्रथम तथा डीएवी के विशाल कुमार रहें द्वितीय



Varanasi (dil India live). वसन्त कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी में 25 march को शुरू हुए अर्थशास्त्र विभाग के अकादमिक मंच ‘Ecotalks’ के तहत् द्वि-दिवसीय युवा महोत्सव ‘अर्थोत्सव’ कार्यक्रम के दूसरे दिन 26 मार्च को क्रिएटिव राइटिंग एवं क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। जिसमें महाविद्यालय के छात्राओं के अतिरिक्त बी.एच.यू, आर्य महिला पी.जी. काॅलेज, वसन्ता काॅलेज फाॅर वुमेन एवं डी.ए.वी.पी.जी. काॅलेज, वाराणसी के छात्र/छात्राओं ने प्रतिभागिता की। कार्यक्रम के प्रथम चरण में क्रिएटिव राइटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गयी, जिसमें छात्र/छात्राओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया। इस प्रतियोगिता में कुल 50 छात्र/छात्राओं ने प्रतिभाग किया। अर्पणा आनन्द, छात्रा, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय ने प्रथम तथा विशाल कुमार, छात्र, डी.ए.वी.पी.जी. काॅलेज ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। इस प्रतिस्पद्र्धा के निर्णायक मंडल प्रो. नीहारिका लाल, डाॅ. सुमन सिंह, डाॅ. अंजुलता सिंह रहे। कार्यक्रम के दूसरे चरण में क्विज प्रतियोगिता का आयोजन हुआ जिसमें कुल 39 छात्र/छात्राओं ने उत्सुकतापूर्वक सहभागिता की। इस स्पर्धा के निर्णायक मंडल प्रो. इन्दु उपाध्याय, विभागाध्यक्षा, अर्थशास्त्र विभाग, व.क.म., डाॅ. विजय कुमार, असिस्टेण्ट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, व.क.म.,डाॅ. रितेश कुमार यादव, सबा परवीन, अनीता प्रजापति रहे। इस प्रतिस्पद्र्धा में अर्थशास्त्र विभाग,काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के उज्ज्वल तिवारी प्रथम व अर्थशास्त्र विभाग, बी.एच.यू. की ही अमिषा नारायण ने द्वितीय स्थान हासिल किया। कार्यक्रम के समापन समारोह में प्रो. अनूप कुमार मिश्रा, (विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र विभाग डी.ए.वी.पी.जी. काॅलेज) विशिष्ट अतिथि रहे। प्रो. अनूप ने अर्थोत्सव कार्यक्रम के आयोजन के लिए महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव एवं महाविद्यालय की सराहना की तथा पार्लियामेंट्री डिबेट जैसी प्रतियोगिता की प्रशंसा करते हुए भविष्य में इस प्रकार के अनेक कार्यक्रम को आयोजित कराने की बात कही। इस द्वि-दिवसीय अर्थोत्सव में अर्थशास्त्र विभाग की छात्राओ ं- दिव्यांशी, जया, श्वेता, संज्ञा, सेजल, भार्गवी, मधुमिता, शिवांगी एवं अपराजिता इत्यादि ने अपनी सक्रिय एवं ऊर्जावान भूमिका से कार्यक्रम को सफल बनाया। इस कार्यक्रम का सुचारू रूप से सुगठित संचालन महाविद्यालय की छात्रा सुश्री दीक्षा एवं वैष्णवी ने किया।

मंगलवार, 25 मार्च 2025

Ramzan mubarak (24)-इबादत और दुआओं का दौर तेज़

ऐ अल्लाह रमज़ान के सदके में दुनिया और आखिरत संवार दे... आमीन 

ताक रात में हो रही इबादत खास

Varanasi (dil India live)। ऐ अल्लाह रमज़ान के सदके में दुनिया और आखिरत संवार दे, तू रहीम है तू करीम है मेरे मौला हम सबके हालात सुधार दे, दुनिया के तमाम लोगों की जो भी परेशानियां है उसे दूर कर दे...आमीन। 

आज शबे कद्र है, इस रात कुछ ऐसी ही सदाएं रोज़ादार और इबादतगुजार घरों मस्जिदों में बुलंद करते दिखाई दिए। ताक रात में आज पूरी रात इबादत होगी, रोज़ेदार पूरी रात जागकर इबादत में मशगूल रहेंगे। दरअसल माहे रमजान के आखिरी दस दिनों की पांच रातों में से कोई एक शबे कद्र होती है। इस शब में लोग जागकर रब की इबादत करते हैं। इस्लाम में इस रात को हजार रातों से अफजल बताया गया है। इसलिए रोजेदार ही नहीं बल्कि हर कोई इस रात में इबादत कर अल्लाह से खुसूसी दुआ मांगता है।

हज़ार रातों से अफज़ल है शबे कद्र की ताक रातें

रमज़ान महीने के आखरी अशरे के दस दिनों में पांच रातें ऐसी होती हैं जिन्हें ताक रातें कहा जाता है। ये हैं रमज़ान की 21, 23, 25, 27, 29 की शब में होती हैं। इन पांच रातों में से कोई एक शबेकद्र होती है। यह रात हजार महीनों से बेहतर मानी जाती है। इस रात में मुस्लिम मस्जिदों व घरों में अल्लाह की कसरत से इबादत करते हैं। इसमें महिलाएं और बच्चे भी घरों में इबादत करते दिखाई देते हैं। मौलाना निज़ामुददीन चतुर्वेदी कहते हैं कि कुरान में बताया गया है कि तुम्हारे लिए एक महीना रमजान का है, जिसमें एक रात है जो हजार महीनों से अफजल है। कहा कि जो शख्स इस रात से महरूम रह गया वो भलाई और खैर से दूर रह गया। जो शख्स इस रात में जागकर ईमान और सवाब की नीयत से इबादत करता है तो उसके पिछले सभी गुनाह माफ कर दिए जाते हैं। हाफिज तहसीन रज़ा कहते हैं कि शबे कद्र की रात बड़ी बरकतों वाली होती है। यह रात बड़ी ही चमकदार होती है व सुबह सूरज बिना किरणों के ही निकलता है। इस रात को मांगी गई दुआ हर हाल में कुबूल होती है।

यूं तो रमज़ान महीने को तीन अशरों में बांटा गया है। पहले अशरा रहमत, दूसरे को मगफिरत व तीसरे अशरे को जहन्नुम से आजादी का अशरा कहा जाता है। प्रत्येक अशरा दस दिन का होता है। आज 24 रोज़ा पूरा होने के साथ ही 25 वें रोज़े की शब लग गई। सहरी से पहले तक तमाम इबादत गुज़ार जागकर रब को राज़ी करने के लिए दुआएं मांगेंगे और खूब इबादत करेंगे। तीसरा अशरा जहन्नुम से आज़ादी का भी आधा गुजर गया। दो शबे कद्र की रातें गुजर गई। आज 21, 23 के बाद 25 वीं शबे कद्र है। या अल्लाह रब्बुल इज्जत हम सबको ज्यादा से ज्यादा इबादत करने की तौफीक दे... आमीन।

Masjid Bibi raziya में सजा इफ्तार, जुटे सभी मज़हब के लोग

इफ्तार में दिखा सौहार्द, मुत्तहिदा उलेमा कौंसिल ने जताया आभार 





Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). मुत्तहिदा उलेमा कौंसिल (राबेता कमेटी), वाराणसी के तत्वाधान में मंगलवार को चौक स्थित मस्जिद बीबी रज़िया में रोज़ा इफ़्तार की दावत आयोजित की गई जिसमें हज़ारों की संख्या में रोज़ेदार समेत शहर के सभी मज़हब के लोगों ने सम्मिलित होते हुए सौहार्द का संदेश दिया। इस दौरान मग़रिब की अज़ान होने पर रोज़ेदारों ने रोज़ा खोला। मग़रिब की नमाज़ मौलाना अज़ीजुल्ला क़ादरी ने पढ़ाई। नमाज़ के बाद मुल्क में अमन चैन और तरक़्क़ी के लिए दुआख़्वानी हुई।

इस अवसर पर मुत्तहिदा उलेमा कौंसिल के ट्रस्टी मौलाना ग़ुलाम नबी, सेक्रेटरी अमीनुद्दीन सिद्दीक़ी, राबेता कमेटी के अध्यक्ष मुनाज़िर हुसैन मंजू, उपाध्यक्ष शाहिद परवेज़ व सैय्यद नईम, सेक्रेटरी शमसुद्दीन, राजू, दालमंडी व्यापार मंडल के सेक्रेटरी मो० शानू, राबेता कमेटी के ज़ुल्फ़िकार ज़ैदी, फ़ादर आनंद, किशन दीक्षित, संजीव सिंह, राघवेंद्र चौबे, सैयद फसाहत हुसैन बाबू, अतहर जमाल लारी, अब्दुल माजिद, आबिद शेख, दिलशाद अहमद डिल्लु, मस्जिद बीबी रज़िया के मुतवल्ली मो० सैफ़ समेत शहर के गणमान्य नागरिक मौजूद थे। एस० मुनाज़िर हुसैन मंजू ने आये हुए लोगों का शुक्रिया अदा किया।

VKM Varanasi main ‘Ecotalks’ के तहत् द्वि-दिवसीय युवा महोत्सव ‘अर्थोत्सव’ का हुआ आगाज़

एनीबेसेण्ट मेमोरियल पारंपरिक वाद-विवाद प्रतियोगिता में स्टूडेंट्स ने सांझा किया ज्ञान 

Varanasi (dil India live). वसन्त कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी में आज अर्थशास्त्र विभाग के अकादमिक मंच ‘Ecotalks’ के तहत् द्वि-दिवसीय युवा महोत्सव ‘अर्थोत्सव’ का आगाज़ हुआ। कार्यक्रम में महाविद्यालय के छात्राओं के अतिरिक्त बी.एच.यू, आर्य महिला पी.जी. काॅलेज एवं डी.ए.वी.पी.जी. काॅलेज, वाराणसी के छात्र/छात्राओं ने प्रतिभागिता की। कार्यक्रम के प्रारंभ में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने युवा महोत्सव के सिद्धान्तों एवं टीम वर्क के महत्व पर प्रकाश डालने के साथ ही इस कार्यक्रम में प्रतिभाग करने वाले छात्र/छा़त्राओं का उत्साहवर्द्धन किया। कार्यक्रम के प्रथम दिन 25.03.2025 को एनीबेसेण्ट मेमोरियल पारंपरिक वाद-विवाद प्रतियोगिता आयोजित की गयी जिसका शीर्षक ‘मृत्युदंड अपराध के लिए प्रभावी निवारक नहीं है’ रहा। इस विषय पर पक्ष एवं विपक्ष पर वसन्त कन्या महाविद्यालय के छात्राओं के साथ ही विभिन्न महाविद्यालयों के छात्र/छात्राओं ने भी अत्यधिक रोचक ढ़ंग से अपने विचार व्यक्त किये। इस प्रतियोगिता में कुल 20 प्रतिभागियों ने प्रतिभागिता की। निर्णायक मंडल में प्रो. इन्दु उपाध्याय, विभागाध्यक्षा, अर्थशास्त्र विभाग, व.क.म., डाॅ. विजय कुमार, असिस्टेण्ट प्रोफेसर, अर्थशास्त्र विभाग, व.क.म., कुमारी आस्था अरोरा, फाॅर्मर प्रेसीडेंट, डिबेटिंग सोसायटी, अंकिता मिश्रा, सदस्य, डिबेटिंग सोसायटी, रहे। प्रतियोगिता के प्रथम राउण्ड में जीते हुए प्रतिभागियों को द्वितीय राउण्ड में 4 टीमों में वर्गीकृत किया गया। प्रत्येक टीम में 2 सदस्य थे। इन 4 टीमों के बीच पार्लियामेण्ट्री डिबेट का सेमीफाइनल आयोजित किया गया जिसमें से 2 टीम फाइनल में पहुँची। इस अवसर पर अर्थशास्त्र विभाग से डाॅ॰ रितेश यादव, सुश्री सबा परवीन एवं सुश्री अनीता प्रजापति, दिव्यांशी, जया, दीक्षा, श्वेता, संज्ञा, सेजल ने अपनी सक्रिय सहभागिता से कार्यक्रम को सफल बनाया। कार्यक्रम का सुचारू रूप से सुगठित संचालन महाविद्यालय की छात्रा सुश्री मधुमिता एवं वैष्णवी ने किया।