शुक्रवार, 13 मार्च 2026

Ramadan ka Paigham 23: Alvida alvida, mahe Ramza अलविदा, तेरे आने से दिल खुश हुआ था तेरे जाने से दिल रो रहा है

अलविदा जुमा पर मस्जिदों में नमाजियों का उमड़ा जनसैलाब 

दालमंडी नयी सड़क समेत मुस्लिम इलाकों व मस्जिदों के पास रही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था



Sarfaraz/Rizwan

Varanasi (dil India live )। ऐ अल्लाह तू अपने हबीब के सदक़े में इस मुल्क में अमन और तरक्की दे, माहे रमज़ान के सदके और तुफैल में जो लोग परेशानहाल हैं उनकी परेशानी दूर कर, जो बेरोज़गार हैं उन्हें रोज़गार दे, जो बेऔलाद हैं उन्हें औलाद दे, जिसने रमज़ान में रोज़ा रखा दीगर‌ इबादतें की उसे कुबुल कर, और जो रोज़ा नहीं रख सकें उन्हें हिदायत दे, की वो आगे अपनी जिंदगी इबादत में गुजारे। 

अलविदा जुमे को नमाज़ के बाद मस्जिद कम्मू खां डिठोरी महाल में मौलाना अल्लामा जियाउल मुस्तफा साहब (शेरे नेपाल के साहबजादे) ने कुछ ऐसी ही दुआएं की तो तमाम लोग...आमीन, कह उठें। उन्होंने मुल्क में अमन मिल्लत और देश की तरक्की के लिए खुसूसी दुआएं मांगी। 

ऐसे ही मस्जिद लाटशाही में हाफिज़ हबीबुर्रहमान ने कहा कि रब के बताए हुए रास्ते पर चल कर ही हमें कामयाबी मिल सकती है। जो रास्ता नबी ने दिखाया वहीं रास्ता अमन, इल्म, इंसानियत और मोहब्बत का रास्ता है। जो इस रास्ते पर चलेगा वही दीन और दुनिया दोनों में कामयाब होगा। 


 इस दौरान शहर भर की तमाम मस्जिदों में अलविदा नमाज़ पर खुतबा पढ़ा गया...अलविदा, अलविदा माहे रमज़ा अलविदा, तेरे आने से दिल खुश हुआ था, तेरे जाने से दिल रो रहा है अलविदा, अलविदा माहे रमज़ां अलविदा...। 
उल्फत बीबी अर्दली बाज़ार में मौलाना साकिब रज़वी, मस्जिद मुग़लिया बादशाह में मौलाना हाफिज़ हसीन अहमद हबीबी, मस्जिद लंगड़े हाफिज़ में मौलाना ज़कीउल्लाह असदुल क़ादरी, मस्जिद शक्कर तालाब में मौलाना मोइनुद्दीन अहमद फारुकी प्यारे मियां, मस्जिद याकूब शहीद नगवां में हाफ़िज़ मोहम्मद ताहिर, मस्जिद बुलाकी शहीद अस्सी में मौलाना मुजीब, मस्जिद खाकी शाह में मौलाना मुनीर, जामा मस्जिद बक्शी जी अंधरापुल में मौलाना हकीमुद्दीन, मस्जिद पठानी टोला में हाफ़िज़ इमामुद्दीन, मस्जिद रंग ढलवां फाटक शेख सलीम में मौलाना जाहिद, मस्जिद उस्मानिया में मौलाना हारुन रशीद नक्शबंदी ने नमाज़ अदा करायी। ऐसे ही बनारस की तकरीबन पांच सौ मस्जिदों में अकीदत के साथ नमाज़े अलविदा अदा की गयी। इस दौरान कड़ी सुरक्षा व्यवस्था देखने को मिली। 

अदा किया रब का शुक्रिया 

इस्लाम धर्म के लोगों ने इस दिन अल्लाह की इबादत के साथ इस बात का शुक्र अदा किया कि उन्हें माह-ए-रमजान में रोजा रखने, तरावीह पढ़ने और अल्लाह की इबादत करने का रब ने मौका दिया। अब पता नहीं अगली बार यह मौका मिलेगा या नहीं।  

जकात फिरता देने में करें जल्दी 

मस्जिदों अलविदा जुमे की नमाज के दौरान इमाम साहेबान ने रोजेदारों से अपील किया कि फितरा, ज़कात देने में जल्दी करें ताकि गरीबों की भी ईद हो जाए। मस्जिद उल्फत बीबी में तकरीर करते हुए मौलाना अजहरुल कादरी ने कहा कि जकात सही ढंग से हंसी खुशी निकालें। जितना आप खर्च करेंगे उससे ज्यादा रब आपको देगा।


गुरुवार, 12 मार्च 2026

DAV PG College Main जुटे पुरातन छात्रों ने साझा की यादें

एलुमनी मीट में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रही धूम



dil india live (Varanasi). वाराणसी के डीएवी पीजी कॉलेज में गुरुवार को जब पुरा छात्रों की जुटान हुई तो सबके चेहरे खिले दिखे, सभी ने एक दूसरे से भूली बिसरी यादें साझा की तो सब पुरानी स्मृतियों में खो गए। IQAC (आइक्यूएसी) के तत्वावधान में आयोजित पुरा छात्र सम्मेलन (एलुमनी मीट) में 150 से अधिक पुरा छात्र जुटे। कॉलेज के स्व. पीएन सिंह यादव स्मृति सभागार में आयोजित कार्यक्रम में गीत, संगीत के बीच पुरनिये छात्रों ने एक दूसरे से अपने कॉलेज के दिनों के किस्से सुनाए। 

 पुरा छात्र सम्मेलन का शुभारंभ कॉलेज के पुरा छात्रों ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसमें मुख्य रूप से चिंतामणि गणेश मंदिर के महंत चल्ला सुब्बाराव, लखनऊ विश्वविद्यालय के पूर्व हेड एवं डीन प्रो.आईडी गुप्ता, खेदनलाल इण्टर कॉलेज के प्रबंधक एवं उद्यमी विजय प्रकाश जायसवाल, राष्ट्रपति सम्मान से पुरस्कृत प्रवक्ता रामलाल यादव, प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव आदि ने दीप प्रज्ज्वलित एवं माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण किया। 


इस अवसर पर पुरातन छात्रों को संबोधित करते हुए प्रो.आईडी गुप्ता ने कहा कि हम आज जो कुछ भी है वह सब हमारे गुरुजनों के आशीष के कारण ही है। आज नवयुवकों का समय है जिनके कंधो पर देश का सारा दारोमदार है। उन्होंने यह भी कहा कि अब शिक्षा केवल विषय आधारित ना होकर व्यक्तित्व निर्माण पर आधारित हो। 

सम्मेलन में सांस्कृतिक कार्यक्रमों की धूम रही, युवा कलाकार रुद्रशंकर ने कथक प्रस्तुत कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। श्राबोनि भट्टाचार्य ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत किया, नैमिष एवं अनुराधा ने बिहार के लोक संगीत पर सांस्कृतिक नृत्य पेश किया। एसेल, ऋषि, गरिमा एवं अर्पिता ने छठ गीत प्रस्तुत किया। 

उप प्राचार्य द्वय प्रो. संगीता जैन एवं प्रो. राहुल ने सभी पुरा छात्रों का अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मान किया। पुरा छात्रों में अंतरराष्ट्रीय एथलीट विश्वास राव, पत्रकार अरविंद मिश्र हर्ष, बैंक प्रबंधक सिद्धार्थ शर्मा, राजीव रंजन पाण्डेय, विजय शर्मा, तेजबहादुर सहित 150 से ज्यादा पुरा छात्र शामिल हुए। कार्यक्रम का संयोजन प्रो. विजयनाथ दुबे ने किया। आइक्यूएसी समन्वयक डॉ. पारुल जैन ने कॉलेज की विकास यात्रा पर प्रकाश डालातो संचालन डॉ. साक्षी चौधरी एवं डॉ. तरु सिंह ने किया। कार्यक्रम में समस्त विभागाध्यक्षों सहित बड़ी संख्या में प्राध्यापक, कर्मचारी भी उपस्थित रहे।

alvida Juma : इस्लामिक सेंटर ने मुसलमानों से की ये अपील

'जंग में मारे जा रहे बेगुनाहों के लिए करें दुआ... कल पढ़ी जाएगी अलविदा जुमा की नमाज



dil india live (Lucknow). रमजान का महीना चल रहा है और मुस्लिम समुदाय के लोग ईद की तैयारियां कर रहे हैं। ऐसे में रमजान का आखिरी जुमा यानी "अलविदा जुमा" को लेकर इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने एडवाइजरी जारी की है। इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया ने मुस्लिम समुदाय से अपील की है कि इल अलविदा जुमे के अवसर पर ईरान, फिलिस्तीन और इजरायल में मारे जा रहे बेगुनाहों के लिए दुआ करने और जल्द ही युद्ध खत्म होने की दुआ करें।

एडवाइजरी में कहा गया है कि रमजान का आखिरी जुमा इस बार 13 मार्च को पड़ेगा, इसलिए अलविदा की नमाज 13 मार्च को पढ़ी जाएगी, जिसको लेकर इस्लामिक सेंटर आफ इंडिया ने एक एडवाइजरी जारी की है। इस एडवाइजरी को इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया के अध्यक्ष मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने जारी करते हुए कहा है कि अगर चांद 30 रमजान का होता है तो एक और अलविदा की नमाज 20 मार्च शुक्रवार को पढ़ी जाएगी और अगर चांद 29 रमजान का होता है तो 20 मार्च शुक्रवार को ईद मनाई जाएगी।

फिरंगी महली ने कहा कि अवाम से यह अपील रहेगी कि इस बार जुमे की नमाज में फिलिस्तीनियों के लिए और ईरान, इजरायल में जो बेगुनाह लोग मारे जा रहे हैं, उनके लिए दुआ मांगे और यह जो जंग चल रही है, यह खत्म हो जाए इसके लिए दुआ करें। साथ ही जो लोग अलविदा जुमा की नमाज पढ़ने आए वे अपनी गाड़ियां समय से पहले पार्किंग में लगाकर, मस्जिद पहुंचें। उन्होंने कहा कि लखनऊ और आसपास के शहरों की तमाम बड़ी मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की जाएगी इसलिए साफ सफाई की व्यवस्था के लिए प्रशासन से कहा गया है। 

गौरतलब है कि अमेरिका और इजरायल ने बीते 28 फरवरी को रमजान के महीने में ईरान पर हमला कर दिया। पिछले 11-12 दिनों के युद्ध में अमेरिका और इजरयली हमलों में ईरान के सैकड़ों आम नागरिक मारे गए हैं। वहीं, ईरान में हजारों जगहों पर बमबारी हुई है। युद्ध के पहले ही दिन ईरान के सुप्रीम लीडर और उनके परिवार के कई सदस्यों की शहादत हो गई। 

Ramadan ka Paigham 22 : ताक रात यानी इबादत होगी खास

ऐ अल्लाह रमज़ान के सदके में दुनिया और आखिरत संवार दे... 



सरफराज अहमद 

Varanasi (dil India live)। ऐ अल्लाह रमज़ान के सदके में दुनिया और आखिरत संवार दे, तू रहीम है तू करीम है मेरे मौला हम सबके हालात सुधार दे, दुनिया के तमाम लोगों की जो भी परेशानियां है उसे दूर कर दे...आमीन। 

आज शबे कद्र है, इस रात कुछ ऐसी ही सदाएं रोज़ादार और इबादतगुजार घरों मस्जिदों में बुलंद करेंगे। ताक रात में आज पूरी रात इबादत होगी, रोज़ेदार पूरी रात जागकर इबादत में मशगूल रहेंगे। दरअसल माहे रमजान के आखिरी दस दिनों की पांच रातों में से कोई एक शबे कद्र होती है। इस शब में लोग जागकर रब की इबादत करते हैं। इस्लाम में इस रात को हजार रातों से अफजल बताया गया है। इसलिए रोजेदार ही नहीं बल्कि हर कोई इस रात में इबादत कर अल्लाह से खुसूसी दुआ मांगता है। नफिल नमाजों की खूब कसरत होगी।‌

दरअसल रमज़ान महीने के आखिरी अशरे के दस दिनों में पांच रातें ऐसी होती हैं जिन्हें ताक रातें कहा जाता है। ये हैं रमज़ान की 21, 23, 25, 27, 29 की शब। इन पांच रातों में से कोई एक शबेकद्र होती है। यह रात हजार महीनों की इबादत से बेहतर मानी जाती है। इस रात में मुस्लिम मस्जिदों व घरों में अल्लाह की कसरत से इबादत करते हैं। इसमें महिलाएं और बच्चे भी घरों में इबादत करते दिखाई देते हैं। मौलाना निज़ामुददीन चतुर्वेदी कहते हैं कि कुरान में बताया गया है कि तुम्हारे लिए एक महीना रमजान का है, जिसमें एक रात है जो हजार महीनों से अफजल है। कहा कि जो शख्स इस रात से महरूम रह गया वो भलाई और खैर से दूर रह गया। जो शख्स इस रात में जागकर ईमान और सवाब की नीयत से इबादत करता है तो उसके पिछले सभी गुनाह माफ कर दिए जाते हैं। हाफिज तहसीन रज़ा कहते हैं कि शबे कद्र की रात बड़ी बरकतों वाली होती है। यह रात बड़ी ही चमकदार होती है व सुबह सूरज बिना किरणों के ही निकलता है। इस रात को मांगी गई दुआ हर हाल में कुबूल होती है।

यूं तो रमज़ान महीने को तीन अशरों में बांटा गया है। पहले अशरा रहमत, दूसरे को मगफिरत व तीसरे अशरे को जहन्नुम से आजादी का अशरा कहा जाता है। प्रत्येक अशरा दस दिन का होता है। आज 22 रोज़ा पूरा होने के साथ ही 23 वें रोज़े की शब लग गई। सहरी से पहले तक तमाम इबादत गुज़ार जागकर रब को राज़ी करने के लिए दुआएं मांगेंगे और खूब इबादत करेंगे। या अल्लाह रब्बुल इज्जत हम सबको ज्यादा से ज्यादा इबादत करने की तौफीक दे... आमीन।


NSS camp: दूसरा दिन रहा Handicraft Skill के नाम

शिविर में प्रशिक्षुओं को विभिन्न परम्परागत कलाओं का दिया प्रशिक्षण 





dil india live (Varanasi). कंपोजिट विद्यालय, छित्तूपुर खास, बीएचयू, वाराणसी में वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई: 014A द्वारा आयोजित सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर का दूसरा दिवस सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शिविर का आयोजन डॉ. शशि प्रभा कश्यप के मार्गदर्शन में किया गया। शिविर की थीम “युवाओं में कौशल विकास” थी, जिसके अंतर्गत शिविर के दूसरे दिन “हस्तकला कौशल” (Handicraft Skill) पर विशेष प्रशिक्षण सत्र आयोजित किया गया। इस सत्र का उद्देश्य युवाओं में रचनात्मकता, आत्मनिर्भरता और स्वरोजगार की संभावनाओं को विकसित करना था।

हस्तकला कौशल सत्र की अतिथि आर्ट एवं क्राफ्ट प्रोफेशनल, पिडिलाइट इंडस्ट्रीज प्रशिक्षक  नीतू घोषाल ने स्वयंसेवकों को विभिन्न हस्तकला तकनीकों, जैसे टाई एंड डाई की अलग-अलग तकनीकें, दाबू पेंटिंग, ब्लॉक पेंटिंग तथा सूरज की किरणों तथा अलग अलग पत्तों से रचनात्मक कलात्मक गतिविधियों का स्वयंसेविकाओं को व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया।

उन्होंने बताया कि भारत कई रीजनल स्टाइल के लिए मशहूर है, जिनमें से हर एक के लिए खास सब-स्किल्स की ज़रूरत होती है:

बांधनी (गुजरात/राजस्थान) कपड़े के बहुत छोटे पॉइंट्स को तोड़कर और बांधकर छोटे, मुश्किल डॉटेड पैटर्न बनाना। 
लेहरिया (राजस्थान) एक टेक्निक जिससे तिरछी, लहर जैसी धारियां बनती हैं जो आमतौर पर पगड़ी और साड़ियों के लिए इस्तेमाल होती हैं। 
इकत (ओडिशा/तेलंगाना/गुजरात) एक मुश्किल प्रोसेस जिसमें कपड़े में बुनने से पहले धागे को टाई-डाई किया जाता है। 
सुंगड़ी (तमिलनाडु) इसकी खासियत चमकीले बैकग्राउंड पर छोटे डॉट्स होते हैं, जिनमें अक्सर मेटैलिक बॉर्डर होते हैं।

लंच ब्रेक के बाद दूसरा सत्र दोपहर 2:00 बजे शुरू हुआ। इसमें घोषाल ने बताया कि टाई एंड डाई को एक ज़रूरी हैंडीक्राफ्ट स्किल माना जाता है जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सपोर्ट करता है और सांस्कृतिक विरासत को बचाकर रखता है। यह एक पॉपुलर क्रिएटिव छोटा बिज़नेस आइडिया है क्योंकि इसमें कम शुरुआती इन्वेस्टमेंट की ज़रूरत होती है और घरेलू और इंटरनेशनल दोनों तरह के फैशन में इसकी बहुत ज़्यादा डिमांड है।

उन्होंने बताया कि ये  हस्तकला कौशल युवाओं के लिए स्वरोजगार और रोजगार के अनेक अवसर प्रदान करता है। इस क्षेत्र में युवा हैंडमेड उत्पादों का निर्माण कर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म, प्रदर्शनियों, स्थानीय बाजारों और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अपनी आय का स्रोत विकसित कर सकते हैं। उन्होंने युवाओं को अपनी रचनात्मकता को व्यवसायिक रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया।

इस अवसर पर डॉ. शशि प्रभा कश्यप ने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे कौशल युवाओं को आत्मनिर्भर बनने और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करते हैं। उन्होंने स्वयंसेवकों से आग्रह किया कि वे इस प्रकार के कौशलों को सीखकर समाज में भी जागरूकता फैलाएँ तथा उसके बाद डॉ. कश्यप ने अतिथि प्रशिक्षक श्रीमती घोषाल को धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम में 50 एनएसएस स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक प्रशिक्षण में भाग लिया और विभिन्न हस्तकला गतिविधियों में अपनी रचनात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। यह सत्र अत्यंत प्रेरणादायक एवं ज्ञानवर्धक रहा तथा सात दिवसीय विशेष एनएसएस शिविर की गतिविधियों को सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुआ। शिविर का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

Education: Varanasi k DAV PG College में एलुमनी मीट गुरुवार को

जुटेंगे पुरनिया तो खूब लगेंगे ठहाके, पुरानी यादें होंगी ताज़ा 


dil india live (Varanasi). वाराणसी के डीएवी पीजी कॉलेज में आइक्यूएसी के तत्वावधान में गुरुवार को एलुमनी मीट (पुरा छात्र सम्मेलन) का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम में देशभर से डीएवी के 200 से ज्यादा पुरा छात्रों को आमंत्रित किया गया है। इस आयोजन में जब जुटेंगे पुरनिया तो खूब ठहाके लगेंगे साथ ही पुरानी यादें भी ताज़ा होंगी।

महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने बताया कि सम्मेलन का आयोजन सायं 4 बजे से कॉलेज के स्व. पीएन सिंह यादव स्मृति सभागार में होगा। जिसमें अतिथि के रूप में चिंतामणि गणेश मंदिर के महंत सीवी सुब्बाराव, लखनऊ विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग के पूर्व डीन प्रो.आईडी गुप्ता, खेदनलाल इण्टर कॉलेज के प्रबंधक, समाजसेवी एवं उद्यमी विजय कुमार जायसवाल एवं राष्ट्रपति पदक से सम्मानित प्रवक्ता रामलाल यादव शामिल होंगे। कार्यक्रम संयोजक प्रो. विजयनाथ दुबे ने बताया कि सम्मेलन में कॉलेज के छात्र छात्राओं द्वारा विविध सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया जाएगा। इसके अलावा पुरा छात्रों को सम्मानित किया जाएगा।

बुधवार, 11 मार्च 2026

BLW Varanasi के दौरे पर पहुंचे चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स के महाप्रबंधक मोहित चंद्रा

रेलवे बोर्ड के पंकज शर्मा ने भी किया निरीक्षण




F. Farouqi Babu 

dil india live (Varanasi). बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आज दिनांक 11 मार्च 2026 को चितरंजन लोकोमोटिव वर्क्स (CLW) के महाप्रबंधक मोहित चंद्रा तथा रेलवे बोर्ड के पीईडी/ईई/डेवलपमेंट पंकज शर्मा ने दौरा किया। इस अवसर पर बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत के नेतृत्व में वरिष्ठ अधिकारियों ने उनका स्वागत किया।

अपने दौरे के दौरान दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने बरेका की उत्पादन क्षमता और तकनीकी उत्कृष्टता का प्रत्यक्ष अवलोकन करते हुए कर्मशाला का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने लोको फ्रेम शॉप, लोको असेंबली शॉप तथा लोको टेस्ट शॉप सहित विभिन्न उत्पादन इकाइयों का भ्रमण किया और लोकोमोटिव निर्माण की आधुनिक प्रक्रियाओं, गुणवत्ता नियंत्रण प्रणाली तथा कर्मचारियों की दक्षता को करीब से देखा। निरीक्षण के दौरान उन्होंने कर्मचारियों की कार्यकुशलता और समर्पण की सराहना की।

कर्मशाला भ्रमण के उपरांत प्रशासन भवन स्थित महाप्रबंधक कॉन्फ्रेंस हॉल में महाप्रबंधक आशुतोष पंत की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में लोको के  अत्याधुनिक तकनीकी नवाचार, उत्पादन क्षमता में वृद्धि तथा गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ बनाने से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा की गई। इस दौरान बरेका के वरिष्ठ अधिकारियों ने उत्पादन प्रणाली के आधुनिकीकरण और तकनीकी उन्नयन से जुड़े महत्वपूर्ण जानकारी आपस में साझा की। इस अवसर पर महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने पर्यावरण संरक्षण और हरित पहल को बढ़ावा देने के प्रतीक के रूप में मोहित चंद्रा एवं श्री पंकज शर्मा को पौधा भेंट कर सम्मानित किया।

बैठक में प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर सुशील कुमार श्रीवास्तव, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेकशील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, प्रधान वित्त सलाहका मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य इंजीनियर शैलेंद्र कुमार सिंह, महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त देवराज कुमार मौर्य, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश कुमार  सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरे को भारतीय रेलवे की उत्पादन इकाइयों के बीच तकनीकी सहयोग, नवाचार और गुणवत्ता उन्नयन को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।