बुधवार, 17 दिसंबर 2025

Varanasi:हाइड्रा की चपेट में आकर 8 वर्षीय बच्चे की मौत से मचा कोहराम

मौत से गुस्साएं स्थानीय लोगों ने किया चक्का जाम




F. Farouqi / Santosh Nagvanshi 

dil india live (Varanasi). वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र के सुंदरपुर सब्जी मंडी के सामने बुधवार को हाइड्रा वाहन की चपेट में आने से 8 वर्षीय बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान इश्तियाक के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया। गुस्साए लोगों ने सड़क पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया और पास खड़ी हाइड्रा जेसीबी में तोड़फोड़ की।

मिली जानकारी के अनुसार जौनपुर जिले के बदलापुर थाना क्षेत्र के महाराजगंज निवासी इरशाद पिछले पांच वर्षों से सुंदरपुर इलाके में किराए पर रहकर सवारी गाड़ी चलाते हैं और कैंसर संस्थान के सामने चाय की दुकान भी लगाते हैं। बुधवार सुबह करीब 11 बजे इरशाद अपने बेटे इश्तियाक के साथ मोटरसाइकिल से सब्जी लेने सुंदरपुर सब्जी मंडी पहुंचे थे। सब्जी लेते समय बाइक सड़क किनारे खड़ी थी और बच्चा उस पर बैठा था। इसी दौरान भिखारीपुर की ओर से आ रहे हाइड्रा वाहन ने बाइक में टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही इश्तियाक वाहन के पिछले पहिए के नीचे आ गया और मौके पर ही गंभीर रूप से घायल हो गया। इरशाद उसे तुरंत अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। लोग आरोपी चालक की गिरफ्तारी और वाहन मालिक को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे। प्रभारी निरीक्षक भेलूपुर सुधीर त्रिपाठी और एसीपी भेलूपुर पुलिस बल के साथ पहुंचे और परिजनों को कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम समाप्त कराया। चक्का जाम के चलते सुंदरपुर-नरिया मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। स्कूल वाहनों, एंबुलेंस और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बाद में पुलिस ने वैकल्पिक मार्गों से यातायात को डायवर्ट किया।

मंगलवार, 16 दिसंबर 2025

BLW ने फिर लोकोमोटिव निर्माण में अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का लहराया परचम

3300 हॉर्स पावर एसी–एसी डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की छठी इकाई मोज़ाम्बिक रवाना

एफ.फारूकी/संतोष नागवंशी

dil india live (Varanasi). बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) ने एक बार फिर लोकोमोटिव निर्माण के क्षे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का परचम लहराया है। बरेका द्वारा निर्मित स्वदेशी 3300 हॉर्स पावर एसी–एसी डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव की छठी इकाई को 15 दिसंबर 2025 को मोज़ाम्बिक के लिए सफलतापूर्वक रवाना किया गया। यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है कि बरेका को मोज़ाम्बिक के लिए 3300 हॉर्स पावर एसी–एसी डीजल-इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव के कुल 10 इंजनों का निर्यात आदेश प्राप्त हुआ है।

इन लोकोमोटिवों की आपूर्ति एम/एस राइट्स (RITES) के माध्यम से 10 लोकोमोटिवों के निर्माण एवं निर्यात के अनुबंध के अंतर्गत की जा रही है। पहले दो लोकोमोटिव जून 2025 में, तीसरा सितंबर में, चौथा अक्टूबर में तथा पाँचवाँ लोकोमोटिव 12 दिसंबर को भेजा गया था। इसके पश्चात छठा लोकोमोटिव 15 दिसंबर को रवाना किया गया। यह निर्यात वैश्विक मंच पर लोकोमोटिव निर्माण में भारत की बढ़ती क्षमताओं को दर्शाता है।

बरेका द्वारा निर्मित ये अत्याधुनिक 3300 हॉर्स पावर केप गेज (1067 मिमी) लोकोमोटिव 100 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति से संचालन में सक्षम हैं। इनमें अंतरराष्ट्रीय मानकों के


अनुरूप चालक-अनुकूल सुविधाएँ जैसे रेफ्रिजरेटर, हॉट प्लेट, मोबाइल होल्डर तथा आधुनिक केबिन डिजाइन उपलब्ध हैं, जो चालक सुविधा और परिचालन दक्षता को और अधिक बेहतर बनाते हैं।

भारतीय रेल के अंतर्गत सार्वजनिक क्षेत्र का उपक्रम बरेका, जो वाराणसी में स्थित है, अब लोकोमोटिव निर्माण के एक प्रमुख निर्यात केंद्र के रूप में उभर रहा है। स्वदेशी डिजाइन और उन्नत रेलवे प्रौद्योगिकी के निर्माण में अपनी विशेषज्ञता के बल पर बरेका वैश्विक रेलवे बाजार में भारत की उपस्थिति को सशक्त बना रहा है। वर्ष 2014 से अब तक बरेका श्रीलंका, म्यांमार और मोज़ाम्बिक जैसे देशों को लोकोमोटिव निर्यात कर चुका है, जिससे उन देशों की रेलवे प्रणालियों के विकास में सहयोग मिला है।

‘मेक इन इंडिया’ और ‘मेक फॉर द वर्ल्ड’ के विज़न के अनुरूप, ये निर्यात भारतीय रेल की उस क्षमता को प्रदर्शित करते हैं जिसके माध्यम से वह विश्व में प्रचलित विभिन्न गेज प्रणालियों के अनुरूप रोलिंग स्टॉक का डिजाइन, निर्माण और आपूर्ति कर सकती है। ऐसे प्रयासों के माध्यम से भारतीय रेल भागीदार देशों को उनके रेल अवसंरचना उन्नयन में सहयोग प्रदान कर रही है, साथ ही रेलवे रोलिंग स्टॉक एवं संबंधित सेवाओं के विश्वसनीय निर्यातक के रूप में भारत की स्थिति को और मजबूत कर रही है।


अब तक भारत ने मेट्रो कोच, बोगियाँ, यात्री डिब्बे, लोकोमोटिव तथा अन्य महत्वपूर्ण रेलवे उपकरण यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, स्पेन, जर्मनी, इटली जैसे यूरोपीय देशों को निर्यात किए हैं। अफ्रीका में मोज़ाम्बिक, गिनी गणराज्य, दक्षिण अफ्रीका सहित अन्य देशों को भी रेलवे उपकरणों का निर्यात किया गया है। इसके अतिरिक्त म्यांमार, बांग्लादेश, श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और मैक्सिको जैसे देशों में भी भारतीय रेलवे उपकरणों की आपूर्ति की गई है।

लोकोमोटिव निर्यात के क्षेत्र में बरेका की ये उपलब्धियाँ भारत की बढ़ती तकनीकी आत्मनिर्भरता तथा वैश्विक रेलवे उपकरण बाजार में उसके निरंतर विस्तारित होते प्रभाव को प्रतिबिंबित करती हैं।

Khwaja Moinuddin Chishty का जानिए कब है उर्स

21 दिसंबर को दिखा चांद तो ख़्वाजा का 814 वां उर्स 27 दिसंबर को 

अजमेर दरगाह में ख्वाजा की जियारत को पहुंचते हैं देश दुनिया से जायरीन 





Mohd Rizwan 

dil india live (ajmer).  अजमेर शरीफ (राजस्थान) में हर साल आयोजित होने वाले 'उर्स-ए-ख्वाज़ा' की तैयारियां तेज हो चली है। उर्स के दौरान ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती (Khwaja Moinuddin Chishti) की दरगाह पर दुनिया भर से जायरीन पहुंच कर मन्नतें व मुराद के साथ ही चादरपोशी करते है। हर साल रजब का चांद दिखने के बाद अजमेर में उर्स का आगाज होता है। इस साल 2025 में 814 वां उर्स (814th Urs) मनाया जाएगा। उर्स की शुरुआत चांद के दीदार के साथ होगी। अगर जमादीउल आखिर का चांद 21 दिसंबर को दिख गया तो रजब महीने की शुरुआत के साथ ही छह दिखनी उर्स अजमेर में शुरू हो जाएगा 27 दिसंबर को ख़्वाजा मुईनुद्दीन अहमद चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह का छठवीं का कुल होगा और चादरपोशी की जाएगी, अगर चांद नहीं दिखा तो 28 को ख़्वाजा की छठी मनाई जाएगी। 


एक रजब को खुलेगा जन्नती दरवाजा

उर्स के मौके पर पूरे 6 दिनों के लिए एक रजब को जन्नती दरवाजा (Jannat Door) खोला जाता है। 21 दिसंबर को चांद रात है चांद का दीदार हो जाएगा तो जायरीन के लिए जन्नती दरवाजे को खोल दिया जाएगा। अगर किसी कारण 21 दिसंबर 2025 को चांद का दीदार नहीं हो पाता है तो अगले दिन 22 दिसंबर 2025 को जन्नती दरवाजा खोला जाएगा।जायरीन के लिए यह मौका बहुत खास होता है। ऐसा माना जाता है कि, इस दरवाज़े से गुजरने पर इंसान की दुआ कुबूल होती है, उसे रूहानी बरकत और जन्नत हासिल होती है। इसलिए लोगों को इस दरवाजे के भीतर प्रवेश करने का इंतजार रहता है। उर्स के दौरान दुनिया भर से अजमेर पहुंच कर जायरीन हजरत ख्वाजा गरीब नवाज में अपनी अकीदत दिखाते हैं और खुद को खुशकिस्मत समझते हैं। इसके पीछे एक कहावत भी है कि...

 "इरादें रोज़ बनते हैं, इरादें टूट जाते हैं, 
वही अजमेर जाते है जिन्हें ख़्वाजा बुलाते हैं।"

यानी वो लोग खुशकिस्मत होते हैं जिन्हें ख़्वाजा के दरबार में पहुंचने का शरफ हासिल होता है। 

राजस्थान के अजमेर शरीफ में उर्स का आयोजन हर साल इस्लामिक कैलेंडर (Islamic Calendar) के अनुसार, रजब के महीने मनाया जाता है। सदियों से चली आ रही परंपरा के अनुसार, उर्स की शुरुआत झंडा चढ़ाने (परचम कुशाई) की रस्म के साथ होती है। बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाने के बाद उर्स की औपचारिक रूप से शुरुआत हो जाती है। झंडा चढ़ाने की रस्म भीलवाड़ा के गौरी परिवार द्वारा अदा की जाती है। साल 1944 से लेकर अब तक भीलवाड़ा का गौरी परिवार अजमेर उर्स में झंडे की रस्म अदा कर रहा है। इस बार परचम कल फहराया जाएगा। देखें उर्स का पूरा कार्यक्रम...


Haji Ansar Ahmad के घर पहुंचे नेता प्रतिपक्ष

ग्लोबल ग्रुप डेवलपर के डायरेक्टर गुड्डू खां से मिले लालू बिहारी यादव जताया अफसोस 

dil india live (Varanasi). ग्लोबल ग्रुप डेवलपर के डायरेक्टर गुड्डू खां के वालिद (पिता) स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हाजी अंसार अहमद का पिछले दिनों इंतकाल हो गया था, उनके इंतकाल पर पुरसा देने नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव आज हाजी अंसार अहमद के लल्लापुरा स्थित दौलतखाने पर पहुंचे। उन्होंने बेटे गुड्डू खां से मिल कर अफसोस जताया।

इस दौरान गुड्डू खां ने बताया कि 23 नवंबर को अंसार अहमद का इंतकाल हो गया था वालिद की देहांत की दुखद खबर सुनकर उत्तर प्रदेश विधान परिषद के सदस्य (एमएलसी) नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव आज हमारे घर आवास पर आएं और परिवार से मिलकर दुख व्यक्त किया।

खां ने बताया कि उनके पिता हाजी अंसार अहमद का जन्म 1930 में हुआ था। महज़ 15 साल की उम्र में ही वो देश की आजादी के आंदोलन में सक्रिय हुए और जेल तक गये। वो एक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी थे, 93 साल की आयु में उनकी मृत्यु हो गई। इस दुख की घड़ी में अब्दुल मलिक, अंशुमान सिंह, आशीष जायसवाल, अनुराग सिंह बंटी, जावेद सिद्दीकी, अधिवक्ता राजेश कुशवाहा, वकार खान, अतीक सिद्दीकी, तौसीफ सिद्दीकी आदि लोग गुड्डू खां को ढांढस देने शामिल थे।

Varanasi K journalist Sarfaraz Ahmad के बड़े भाई आज होंगे सुपुर्द-ए-खाक

बीमारी के चलते कल शाम हुआ था  नफीस अहमद का इंतकाल 

Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi). वाराणसी के पत्रकार, इंडिया लाइव समाचार ग्रुप के संचालक व गांडीव के संवाददाता सरफराज अहमद के बड़े भाई नफीस अहमद आज सुपुर्द-ए-खाक होंगे। उन्हें सूरजकुंड तकिया (कब्रिस्तान) में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। उनके जनाजे की नमाज ज़ोहर की नमाज के बाद मस्जिद अल कुरैश फाटक शेख सलीम पर अदा की जाएगी। 

सदर काजी -ए-शहर मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने उनके इंतकाल पर अफसोस का इजहार किया है और उनके लिए खुसूसी दुआएं मगफिरत की। गौरतलब हो कि उनका लम्बी बीमारी के चलते कल  शाम मकबूल आलम रोड स्थित एक निजी अस्पताल में इंतकाल हो गया था। वो तकरीबन 55 वर्ष के थे। उन्हें सूरजकुंड स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक करने आज लोग जुटेंगे। यह जानकारी सरफराज अहमद ने दी।

सोमवार, 15 दिसंबर 2025

Education: DAV PG College के उपाधि वितरण में 1000 को मिली डिग्री

सपनों को हकीकत में बदले युवा- प्रो. एस.पी बंसल

मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र सभागार में सम्पन्न हुआ समारोह 



dil india live (Varanasi). काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से सम्बद्ध डीएवी पीजी कॉलेज का उपाधि वितरण समारोह रविवार को परिसर स्थित मालवीय मूल्य अनुशीलन केंद्र सभागार में सम्पन्न हुआ। मुख्य अतिथि हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय, कांगड़ा के कुलपति प्रो. एस.पी बंसल, कुलगुरु प्रो. संजय कुमार, वाणिज्य संकायाध्यक्ष प्रो. एच.के सिंह, का. प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल, संयोजक प्रो. राहुल ने विद्यार्थियों को उपाधि प्रदान की।

 इस अवसर पर समारोह के मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. एस.पी बंसल ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन मे सपनें देखने से ज्यादा उसे हकीकत में बदलना ज्यादा महत्वपूर्ण है। डिग्री लेने के बाद जीवन मे जितना आवश्यक सफलता हासिल करना है उससे ज्यादा आवश्यक एक चरित्रवान मनुष्य बनकर राष्ट्र की सेवा करना है। उन्होंने कहा कि महामना की सोच के अनुरूप बने इस विश्वविद्यालय से निकले हुए विद्यार्थी एक एक बूंद के रूप में पूरे विश्व को अमृत कलश बनकर आलोकित करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि हमें यह पूरा विश्वास है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने विकसित भारत 2047 का जो सपना युवाशक्ति के माध्यम से देखा है, उसे भारत के तकनीकी रूप से कुशल और कौशल युक्त युवा 2040 में ही पूरा कर देंगे। 




     अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. संजय कुमार ने कहा कि दीक्षांत समारोह केवल एक आयोजन नही है बल्कि यह छात्रों के सपने और यथार्थ के बीच का सेतु है। यह अंत नही बल्कि प्रारंभ है एक नए जीवन का। उन्होंने यह भी कहा कि यहाँ के विद्यार्थी दुनियाभर में बीएचयू के एम्बेसडर बनकर निकले। विशिष्ट अतिथि वाणिज्य संकायाध्यक्ष प्रो. एच.के सिंह ने कहा कि विद्यार्थियों को चुनौतीयों से भागना नही है बल्कि उसे अवसर बनाकर स्वयं को श्रेष्ठ सिद्ध करना है। 

      इस अवसर पर अतिथियों द्वारा कॉलेज की एक वर्ष की उपलब्धियों एवं कार्यो पर एक स्मारिका का विमोचन भी किया गया। अतिथियों का स्वागत का. प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल एवं संयोजक प्रो. राहुल ने स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया। स्वागत वक्तव्य आइक्यूएसी की समन्वयक डॉ. पारुल जैन, संचालन डॉ. दीपक कुमार शर्मा एवं डॉ. शान्तनु सौरभ ने किया। 

इस अवसर पर मुख्य रूप से डॉ. सुनीता बंसल, डॉ. प्रदीप राय, डॉ. अनिल सिंह, उप प्राचार्य प्रो. संगीता जैन, प्रो. संजय साह, डॉ. संजय कुमार सिंह, प्रो.विजयनाथ दुबे, डॉ. जियाउद्दीन सहित समस्त विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

इन्हें प्रदान की गई उपाधि

समारोह में स्नातक वर्ग के 700 एवं परास्नातक के 300 विद्यार्थियों को गुरूओं द्वारा उपाधि वितरित की गई। श्वेत वस्त्रों में साफा और उत्तरीय धारण कर उपाधि लेने पहुँचे विद्यार्थियों में खासा उत्साह दिखा। तीन अलग अलग सत्रों में आयोजित हुए समारोह में कॉमर्स के 257, सामाजिक विज्ञान के 419 एवं कला संकाय के 324 विद्यार्थियों ने डिग्री प्राप्त की। इस मौके पर प्रो.एन.के मिश्रा, प्रो. सुषमा घिल्डियाल, प्रो.ओमप्रकाश भारतीय, प्रो. मृत्युंजय मिश्रा, प्रो. घनश्याम, प्रो. अमरनाथ मोहन्ती, प्रो. योगेश आर्या, प्रो. अनीता सिंह, प्रो. वशिष्ठ द्विवेदी, प्रो. दुर्गेश कुमार, प्रो. सदाशिव द्विवेदी, प्रो. आफताब अहमद आफाकी, प्रो.विक्रम सिंह आदि ने उपाधि वितरित की।



रविवार, 14 दिसंबर 2025

United carol service: गूंजा Carol तो माहौल क्रिसमस के रंग में रंगा आया नज़र

मरियम, बैठी अपने घर में, आया दूत स्वर्ग से...



Varanasi (dil India live). मरियम, बैठी अपने घर में, आया दूत स्वर्ग से बोला कुंवारी मरियम से जी लो सलाम हमारा भी...व, मरियम बैठी गौशले में, बालक यीशु चरनी में आये गड़ेरिये दण्डवत करने, सारे जग के त्राता को, आगे-आगे तारा, पीछे-पीछे पंडित लोग सोना, मूर, लोबान चढ़ाते, गाते उसी महिमा जो गीत...। यीशु मसीह के जन्म के यह गीत जब सेंट मैरीज कैथड्रल (महा गिरजाघर) में गूंजे तो पूरा माहौल क्रिसमस के रंग में रंगा नज़र आया।  
दरअसल सेंट मैरीज़ महागिरजा में यूनाइटेड Carol सर्विस 2025 का भव्य आयोजन आगमन के तीसरे इतवार को किया गया। इस दौरान एक से एक खूबसूरत Carol गीतों से मरियम का आंगन देर शाम तक गूंजता रहा। Bishop के मुख्य आतिथ्य में हुए आयोजन में छोटे बड़े तकरीबन 34 चर्चेज ने हिस्सा लेकर यह एहसास करा दिया की अब यीशु जन्म का महापर्व क्रिसमस आने ही वाला है। इसमें बनारस और आसपास के तकरीबन सभी चर्च की कलीसिया मौजूद थी। यहां यह भी एक सुखद नजारा दिखाई दिया की, एक मंच पर प्रोटेस्टेंट व कैथोलिक साथ साथ नज़र आए। इस United Carol service के गीत संगीत के आयोजन में लगभग 2000 लोग गवाह बने। जहां एक ओर स्वादिष्ट व्यंजनों के स्टाल लगे थे, जिसमें कबाब, टिक्का, कॉफी, चाउमीन, केक, एग रोल, आइसक्रीम आदि का सभी लुत्फ उठाते नज़र आये वहीं Carol संग यीशु मसीह के जन्म की झांकी भी यहां देखने को मिली।



silent night holy night

कार्यक्रम के अंत में silent night holy night, All is calm, All is bright... गीत का आयोजन किया गया, जिसमें सभी के हाथों में कैंडल थी और प्रभु यीशु मसीह के आगमन को लेकर गीत गाए जा रहे थे। इस दौरान सारी लाइटें ऑफ कर दिया गया था। सभी ने कैंडल जलाकर साइलेंट नाईट, होली नाईट...गीत पेश किया। यह आयोजन बहुत ही शानदार स्मरणीय रहा। लोगों ने बहुत ही शांति से यीशु मसीह के जन्म दिवस के आगमन के इस संडे को, हैप्पी क्रिसमस, मैरी क्रिसमस...कि सदाएं बुलंद की। एक दूसरे को बड़े दिन की बधाइयां दी और एक दूसरे को केक खिलाया। 

पास्टर बेन जान ने बताया कि यूनाइटेड Carol के साथ अब मसीही समुदाय क्रिसमस की अगुवाई में जुट जाएगा। कहीं चरनी तैयार की जाएगी तो कहीं केक। कपड़ों की खरीदारी तकरीबन सभी ने पहले ही कर ली है। जहां चर्चेज में पेंट बाकी है वहां भी एकाध दिनों में इसे पूरा कर लिया जाएगा। 

इनकी रही खास मौजूदगी 

सेंट मैरीज कैथड्रल के पल्ली पुरोहित फादर जान अब्राहम, पास्टर अजय कुमार, पास्टर नवीन ज्वाय, पास्टर दशरथ पवार, पास्टर बेन जान, फादर गेब्रियल, पादरी आदित्य कुमार, पादरी इकबाल मसीह, पास्टर एंड्रू थामस, पादरी संजय दान, सुदीप महापात्र, विजय दयाल, मोनिका, सुजान, रोमा, प्रार्थना, नेहा, विकास, हेमंत आदि मौजूद थे। 



इन गायन मंडली ने पेश किया Carol 

सेंट मैरी इंग्लिश चर्च, जीवित अनंत आशा, ए. जी. चर्च पहाड़िया, जीवन की कला, बेथल फुल गॉस्पेल चर्च, ट्रू लाइट मिनिस्ट्रीज़, सेंट मैरी कैथेड्रल कैंट, वाईडब्लयूएएम, करुणाप्रार्थना भवन, Vishwa Vani, Vishwa Shanti Prathna Bhawan, जेम्स, इवेंजेलिकल चर्च ऑफ इंडिया, काशी बैपटिस्ट चर्च, पीएच चर्च, सुंदरपुर, विजेता प्रेयर मिनिस्ट्रज, चर्च आफ बनारस, थेल्मा डेविड चर्च, जीवित आनंद आश्रम ट्रस्ट, वाराणसी इंग्लिश फेलोशिप, रीवर आप लाइफ, मसीही क्लिशिया, Kashi Ki Sangati Trust, सेंट पॉल चर्च सिगरा, सीएनआई चर्च तेलियाबाग, सीएनआई लाल गिरजाघर. सेंट जॉन्स बीएलडब्ल्यू, सेंट जांस महरौली,सलीम फेलोशिप, नार्थ ईस्ट चर्च,ईश माता मंदिर, हार्वेस्ट नाउ, विश्व ज्योति गुरुकुल, मसीही गुरुकुल न यीशु मसीह जन्म के गीत अपने अपने अंदाज में पेश कर लोगों का दिल जीत लिया।








इससे पहले आगमन के तीसरे इतवार को सुबह सेंट मैरीज़ महागिरजा में फादर जान अब्राहम, सेंट जांस बैपटिस्ट चर्च महतोली में फादर सुसाइराज, सेंट जांस डीएलडब्ल्यू में फादर गुरु शांतिराज, मरियम माता मंदिर शिवपुर में फादर रोजलीन राजा, मवैया में फादर मारिया पॉल राज व सेंट फ्रांसिस आफ असीसी चर्च में फादर पियुष माइकल, तेलियाबाग सीएनआई चर्च में पादरी आदित्य कुमार, लाल गिरजाघर में पादरी इकबाल मसीह, सेंट पाल चर्च सिगरा में पादरी संजय दान, सेंट थॉमस चर्च गौदोलिया में पादरी न्यूटन, बेटल फुल गास्पल चर्च में पास्टर एंड्रू थामस, चर्च आफ बनारस में पादरी बेन जान ने आराधना और प्रार्थना करायी।