शनिवार, 11 अक्टूबर 2025

UP: Varanasi Main सूचनाधिकार कानून के बीस वर्ष होने पर हुई कार्यशाला

भ्रष्टाचार उजागर करने के लिए सूचना के अधिकार का सकारात्मक प्रयोग आवश्यक: वल्लभाचार्य 

युवा वर्ग को ऑनलाइन शिकायत या सुझाव देने की आदत बनानी होगी: राजकुमार गुप्ता

छात्राओं ने सीखा सूचना के अधिकार के तहत आवेदन का तरीका 


Varanasi (dil india live). देश में सूचना का अधिकार कानून (RTI) लागू हुए बीस वर्ष (20 year) हो गये है इस उपलक्ष्य में ग्राम भंदहा कलां में सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट (Asha Trust) एवं सूचना का अधिकार अभियान द्वारा एक दिवसीय कार्यशाला (work shop) का आयोजन किया गया। कार्यशाला में विभिन्न समस्याओं के निराकरण और तंत्र में पारदर्शिता के लिए सूचना के अधिकार का सकारात्मक प्रयोग किये जाने पर बल दिया गया। 

इस अवसर पर सामाजिक कार्यकर्ता वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा कि दो दशक में यह कानून अपने शैशवावस्था, किशोरावस्था से होते हुए युवावस्था में है अब इसे और ताकत प्रदान किये जाने की आवश्यकता है इसलिए इसमें वांछित संशोधन करके इसके अधिकार क्षेत्र को व्यापक बनाना चाहिए। किसी भी प्रकार से सरकारी सुविधा, लाभ, छूट, अनुदान प्राप्त करने वाली सभी संस्थाओं जिसमें राजनैतिक दल, सामाजिक संस्थाएं, धार्मिक संस्थाएं, औद्योगिक घराने, चिकित्सा संस्थान आदि को भी अनिवार्य रूप से सूचना के अधिकार के अंतर्गत लाया जाना चाहिए। इससे आम जनता के टैक्स के पैसे के उपयोग के प्रति पारदर्शिता आएगी।

वरिष्ठ सूचनाधिकार कार्यकर्ता राजकुमार गुप्ता ने कहा कि समाज मे व्याप्त भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए आमजन को जागरूक होना होगा और जन अधिकारों का अधिकतम प्रयोग सकारात्मक दृष्टिकोण से करना होगा। उन्होंने कहा कि तकनीक के इस दौर में युवा वर्ग को विभिन्न पोर्टलों द्वारा ऑनलाइन शिकायत या सुझाव देने की आदत बनानी होगी । कार्यशाला में आशा लाइब्रेरी की छात्राओं ने सूचना के अधिकार के तहत आवेदन करना सीखा। कार्यशाला आयोजन में सौरभ चन्द्र, प्रदीप सिंह, साधना पाण्डेय, सरोज सिंह आदि का विशेष सहयोग रहा।

मशहूर शायर Ahmad Azmi का काव्य संकलन “क़तरा-ए-शबनम” का विमोचन कल

अहमद आज़मी : बनारस की गंगा-जमुनी आत्मा का कवि


Zamzam Ramnagari

Varanasi (dil india live). Banaras (बनारस) — यह शब्द केवल एक नगर (City) नहीं, भारतीय आत्मा का प्रतीक है। यहाँ की हवा में धर्म नहीं, दर्शन बहता है; यहाँ की गलियों में समय ठहरता नहीं, विचार बनकर गूंजता है। इस नगरी की सुबहें आरती से नहीं, गंगा की सांसों से आरंभ होती हैं। इसी सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और भाषाई प्रवाह में एक कवि अपनी आवाज़ रखता है — Ahmad Azmi (अहमद आज़मी)।

Ahmad Azmi (अहमद आज़मी) की कविता बनारस की गंगा-जमनी संस्कृति की जीवित मिसाल है। वे उस परंपरा के कवि हैं जहाँ तुलसी की करुणा, कबीर की सच्चाई और नज़ीर की लोकधर्मिता एक साथ मिलती है। उनकी कविता न हिन्दू है न मुसलमान — वह भारतीय है, मानवीय है। उसमें बनारस के घाटों की भक्ति है, साड़ियों की कारीगरी की नजाकत है, और यहाँ के सूफिज्म की वह सादगी है जो ज्ञान को अनुभव बनाती है।

उनके संग्रह “क़तरा-ए-शबनम” को यदि हम ध्यान से पढ़ें तो यह मात्र कविताओं का संकलन नहीं, बल्कि बनारस की आत्मा का आधुनिक रूपांतरण है। उनकी पंक्तियाँ गंगा की लहरों-सी बहती हैं — शांत भी, गहराई लिए हुए भी। जैसे जल में प्रतिबिंबित होती हुई संस्कृति, वैसे ही उनके शब्दों में उतरता हुआ मनुष्य का सामूहिक चेहरा।

अहमद आज़मी की कविताओं में ‘घर’ केवल एक जगह नहीं, एक अनुभव है —जहां मां की दुआ, बच्चे की हंसी और पिता की चुप्पी — सब एक भाव-संगीत में घुल जाते हैं। वे जब लिखते हैं, तो लगता है मानो शब्द नहीं, संस्कार बोल रहे हों। उनकी पंक्तियों में वह संवेदना है जो कबीर के “सांच कहो तो मारन धावै” से लेकर प्रेमचंद के “मानव धर्म” तक की परंपरा को जोड़ती है। मशहूर साहित्यकार नामवर सिंह कहा करते थे "कवि वही है जो भाषा में जीवन को पुनर्जन्म दे।" अहमद आज़मी की कविता इसी पुनर्जन्म की प्रक्रिया है। उनके शब्द केवल माध्यम नहीं, साक्षी हैं —एक ऐसे समाज के साक्षी जो विभाजन की दीवारों से थक चुका है और जो कविता में अपने लिए शरण ढूंढता है। उनकी कविता में हमें नफ़रत की ध्वनि नहीं, संवाद की गूंज सुनाई देती है। उनकी भाषा में आस्था है, लेकिन वह संप्रदाय की नहीं बल्कि उस व्यापक भारतीय चेतना की जो बुद्ध, कबीर और तुलसी से होती हुई गालिब तक पहुंचती है।

बनारस की सांस्कृतिक बुनावट में, जहां साड़ी का ताना-बाना हाथों से बनता है, वहां अहमद आज़मी शब्दों से बुनते हैं इंसानियत का कपड़ा। जिस तरह बुनकर धागों में रंग भरता है, उसी तरह यह कवि भावनाओं में अर्थ भरता है —रंगों का, रिश्तों का, और यादों का अर्थ। उनकी कविताओं में गंगा केवल नदी नहीं, एक जीवित प्रतीक है —जो सबको जोड़ती है, सबको एक करती है। गंगा उनके लिए भक्ति का नहीं, एकता का प्रतीक है; जहां हर आस्था, हर जाति, हर पहचान एक साझा मानवता में घुल जाती है।

“क़तरा-ए-शबनम” का अर्थ ही है 'वह नन्हा-सा बिंदु जो सृष्टि की व्यापकता में भी अपनी मासूमियत बचाए रखे'। अहमद आज़मी के लिए यह कविता का नहीं, मनुष्य होने का रूपक है।उनकी हर पंक्ति इस प्रश्न के साथ आती है —क्या हम अब भी उतने ही मनुष्य हैं जितने होना चाहिए? उनकी काव्य-दृष्टि में बनारस केवल पृष्ठभूमि नहीं, एक जीवित चेतना है —जहां सूफी संतों का दर्शन, कलाकारों की साधना और शब्दों की शुचिता एक साथ बहती है। वह हमें याद दिलाते हैं कि साहित्य का अर्थ केवल सौंदर्य नहीं, सत्य भी है — और जब तक सत्य जीवित है, कविता भी जीवित रहेगी। अहमद आज़मी की कविता हमें यह एहसास कराती है कि शब्दों का असली काम विभाजन नहीं, मिलन है; कविता का उद्देश्य विचार नहीं, संवेदना है; और कवि का धर्म किसी धर्म से बड़ा है मानवता का धर्म। इसलिए जब हम “क़तरा-ए-शबनम” पढ़ते हैं, तो लगता है जैसे हम बनारस की किसी संध्या में बैठे है गंगा के किनारे, आरती की लहरियों के बीच, जहां से कोई कवि कह रहा है —"हमारे बीच जो भी है, वह शब्द नहीं, आत्मा का संवाद है।अहमद आज़मी उस परंपरा के कवि हैं जो कविता को समाज की आत्मा मानते है। वे उन दुर्लभ सर्जकों में हैं जिनकी कविताएं केवल पढ़ी नहीं जातीं, महसूस की जाती हैं।

वे हमें यह याद दिलाते हैं कि भारत केवल भूगोल नहीं, भावना है। और इस भावना की गहराई में गंगा, बनारस और कविता — तीनों एक ही लय में बहते हैं।

“क़तरा-ए-शबनम” का विमोचन कल
 शायर अहमद आज़मी की ग़ज़लों और नज़्मों का बहुप्रतीक्षित संकलन “क़तरा-ए-शबनम” शीघ्र ही पाठकों के सामने आ रहा है। इस काव्य-संग्रह का विमोचन समारोह आगामी 12 अक्टूबर 2025 (रविवार) को सायं 4:00 बजे, काशी पत्रकार संघ, पराड़कर स्मृति भवन, मैदागिन में आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रसिद्ध साहित्यकार एवं चिंतक प्रो. गुरुचरण सिंह करेंगे तथा मुख्य अतिथि प्रख्यात कवि और विद्वान प्रो. याकूब यावर होंगे।



UP k Varanasi Main बेलवा बाबा गैस गोदाम के पास भीषण सड़क हादसा, एक की मौत

सड़क किनारे खड़ी ट्रक में पीछे से घुसी तेज़ रफ़्तार वैगनआर

पांच घायल, 3 की हालत गंभीर, घायल बीएचयू रेफर, हादसे से मचा कोहराम 


Mohd Rizwan 

Varanasi (dil india live)। लालपुर पांडेयपुर थाना (Lalpur-Pandaypur Thana) क्षेत्र के बेलवा बाबा गैस गोदाम के पास तड़के एक भीषण सड़क (Road) हादसा हो गया। हादसे में सड़क किनारे खड़ी ट्रक में तेज रफ्तार आ रही कार जा घुसी। इस एक्सीडेंट में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर लालपुर थाना प्रभारी राजीव सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे और राहत व बचाव कार्य शुरू कराया। उन्होंने घायलों को उपचार के लिए अस्पताल (Hospital) भेजा।

यह है हादसे का पूरा डिटेल 

लालपुर पांडेयपुर थाना क्षेत्र के बेलवा बाबा बाजार स्थित संजना स्टील वर्क्स दुकान के पास शनिवार तड़के भीषण सड़क हादसा होने से कोहराम मच गया। सड़क किनारे खड़े ट्रक (संख्या UP-65 JT-8374) में पीछे से एक वैगनआर कार (संख्या BR-05 W-5834) जा घुसी। हादसे में अवध किशोर चौबे (65 वर्ष), पुत्र शिवशंकर चौबे, निवासी सब्या चरगहा, जनपद चम्पारण, बेतिया (बिहार) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं नीलम चौबे (60 वर्ष), अमित कुमार (40 वर्ष), सौम्या चौबे (37 वर्ष), सादिका चौबे (10 वर्ष) और अनामिका चौबे (6 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए।

सभी घायलों को तत्काल पंडित दीनदयाल राजकीय अस्पताल भेजा गया, जहां से तीन की गंभीर हालत देखते हुए बीएचयू के लिए रेफर कर दिया गया। पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

Varanasi Main Ummid Portal पर वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण में आ रही तकनीकी दिक्कतें

तकनीकी दिक्कतों और प्रगति पर विस्तार से की गई चर्चा


Mohd Rizwan 
Varanasi (dil india live).  विकास भवन (Vikas Bhawan), सिथत कार्यालय जिला अल्पसंख्यक कल्याण विभाग (Office District minority welfare Department ) में अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी (DMO) की अध्यक्षता में वक्फ को-ऑर्डिनेटरों की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में उम्मीद पोर्टल (Ummid Portal) पर वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों और प्रगति पर विस्तार से चर्चा की गई। जिसपर अधिकारियों ने आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द तकनीकी कार्य पूरा कर लिया जाएगा
इस मौके पर शिया और सुन्नी वक्फ बोर्ड के सभी को-ऑर्डिनेटर ने अपने विचार साझा किए। मौजूद रहे।  इस दौरान सैय्यद एजाज़ हुसैन, रियाज़ अहमद, अब्दुल्लाह शाहिद, अब्दुल्लाह फैसल, अयाज़ अहमद, एहलाक अहमद, एजाज़ अहमद, मिर्ज़ा सैफ़ बेग आदि शामिल थे।
बैठक में यह तय किया गया कि सभी को-ऑर्डिनेटर अपने-अपने क्षेत्रों में पंजीकरण कार्य में तेजी लाएंगे ताकि समय सीमा के भीतर सभी वक्फ संपत्तियां उम्मीद पोर्टल पर दर्ज हो जाएं।



UP: Bijli karmchari एकजुट, 317 वें दिन भी किया निजीकरण का विरोध

बोलें: वर्षो की पढ़ाई लिखाई को बर्बाद नही होने देंगे, मरते दम तक करेंगे विरोध

 

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil india live)। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश (UP) के बैनर तले आज Banaras के बिजलीकर्मियो ने निजीकरण के विरोध में चल रहे Andolan के 317 वें दिन (Day) भी विरोध प्रदर्शन जारी रखते हुए ऐलान किया कि अपने वर्षो की कड़ी मेहनत से पढ़ाई लिखाई करने के बाद मिली इस नौकरी को बर्बाद नही होने देंगे, मरते दम तक निजीकरण का विरोध करेंगे।

    वक्ताओं ने भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय द्वारा सम्पूर्ण विद्युत वितरण क्षेत्र के निजीकरण के लिये जारी किये गए ड्राफ्ट इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 का विरोध करते हुए उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मांग की है कि निजीकरण हेतु भारत सरकार द्वारा जारी ड्राफ्ट बिल को देखते हुए उप्र सरकार को पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय तत्काल निरस्त करें, जो इस ड्राफ्ट बिल के प्राविधान के अनुसार सरकारी क्षेत्र में विद्युत वितरण निगमों को बनाए रखने की नीति  का विरोधाभासी है।

   वक्ताओ ने आज यहां बताया कि यद्यपि कि ड्राफ्ट इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 का भी बिजली कर्मी पुरजोर विरोध करेंगे किन्तु इस ड्राफ्ट बिल के प्रावधानों को देखते हुए उप्र सरकार को पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय वापस लें।

       संघर्ष समिति ने कहा कि UP सरकार के वर्तमान निर्णय के अनुसार पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के अन्तर्गत आने वाले सभी सभी 42 जनपदों का निजीकरण कर उन्हें किसी निजी कंपनी को सौंपा जाएगा जिसका तात्पर्य यह होगा कि इन सभी जनपदों में विद्युत वितरण में निजी घरानों की मनॉपली हो जाएगी ।

       इसके विपरीत ड्राफ्ट  इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट)  बिल 2025 में यह प्राविधान है कि सरकारी क्षेत्र में काम कर रहे विद्युत वितरण निगमों को काम करने दिया  जाएगा साथ ही निजी कंपनियों को सरकारी विद्युत वितरण निगमों के मौजूदा नेटवर्क को इस्तेमाल कर विद्युत वितरण हेतु विद्युत वितरण के लाइसेंस दिए जा सकेंगे। 


केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय को प्रतिवेदन भेजेंगे 

 संघर्ष समिति ने कहा कि सरकारी विद्युत वितरण निगमों के नेटवर्क का इस्तेमाल करने की निजी घरानों को अनुमति देने का यह प्राविधान भी जनहित में नहीं है जिस पर संघर्ष समिति केन्द्रीय विद्युत मंत्रालय को शीघ्र ही अपना प्रतिवेदन भेजेगी।

   सभा को इन्होंने किया संबोधित 
ई. मायाशंकर तिवारी, अंकुर पाण्डेय, पंकज कुमार, बृजेश कुमार, विकास ठाकुर, दिनेश कुमार, समीर पाल, अरुण कुमार,आशुतोष राय, जितेंद्र कुमार, नागेंद्र कुमार, छोटेलाल आदि ने संबोधित किया।

शुक्रवार, 10 अक्टूबर 2025

करवाचौथ पर सुहागिनों ने किया अपने Chand Ka Didar

Desh duniya mein karwa chauth की धूम 

पति-पत्नी का प्यार, श्रद्धा और भक्ति का दिखा संगम
करवाचौथ पर चांद देखतीं dr. shweta sareen

लाजपत नगर में prabhline करवाचौथ व्रत पारण करती
 


 
करवाचौथ पर वाराणसी में चांद देखती रमनदीप कौर 


Varanasi (dil india live). अपने पति (Husband) की लंबी उम्र के लिए करवा चौथ (karwa chauth) का पर्व आस्था और उल्लास के साथ मनाया गया। इस दौरान पति-पत्नी का प्यार, श्रद्धा और भक्ति का संगम देखते ही बन रहा था। महिलाओं ने दिनभर निर्जला व्रत रख शाम को  पूजा की और चांद का दीदार कर अर्घ्य दिया। पति की लंबी उम्र की कामना की। घरों के साथ ही कई सार्वजनिक स्थलों पर भी सामूहिक पूजा की गई। व्रत के लिए महिलाओं ने पहले से ही तैयारी कर ली थी। भोर में सरगई खाकर अखंड सौभाग्य की कामना की। पूजन कक्ष की दीवार पर और आंगन में चावल को पीसकर उसमें करवा रखा। इसके बाद चंद्रमा, शिव, पार्वती, कार्तिकेय आदि के चित्र बनाए और गौरी-गणेश बनाकर उनकी स्थापना की गई। इस दौरान सुहाग के प्रतीक वस्तुओं के चित्र भी बनाए। उसके बाद महिलाओं ने धातु व मिट्टी का करवा दीया, सींक चावल के आटे का बना फरा आदि से विधि-विधान से पूजन कर करवा चौथ (karwa chauth) की कथा सुनी। 




पति के हाथों पानी पीकर व्रत का पारण

शाम में जैसे ही चांद निकला, व्रती महिलाओं ने चलनी से चंद्र दर्शन किए और उन्हें अर्घ्य दिया। सुहागिनों ने अपने पति के साथ ही घर के बड़े बुजुर्गों का चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। अंत में पति के हाथों पानी पीकर व्रत का पारण किया। करवा चौथ (karwa chauth) पर शहर के प्रमुख गुरुद्वारों में बड़ी संख्या में महिलाएं पूजन करने पहुंचीं। इसके साथ ही शहर के प्रमुख मंदिरों व अपार्टमेंट में भी एकत्रित होकर सामूहिक पूजा-अर्चना कीं गई। इस दौरान पंजाबी और खत्री समाज की महिलाओं ने भी सामूहिक पूजन किया। समाज कि महिलाओं ने व्रत रख करवा चौथ  (karwa chauth) की सामूहिक पूजा की। 




चांद का दीदार कुछ इस अंदाज में हुआ 

बाजारों में उमड़ी महिलाओं की भीड़

करवा चौथ (karwa chauth) के दिन ब्यूटी पार्लर के साथ ही बाजारों में महिलाओं की भारी भीड़ नजर आई। कई महिलाओं ने करवा चौथ पर तैयार होने के लिए पहले से ब्यूटीपार्लर की बुकिंग करा रखी थी। इसके साथ ही बड़ी संख्या में महिलाएं बाजार में कपड़े, ज्वैलरी व पूजन सामग्री की खरीदारी करती नजर आईं।





DAV PG COLLEGE: Student foruam में जीएसटी के क्रियान्वयन की चुनौतियों पर चर्चा

अर्थव्यवस्था के विभिन्न दृष्टिकोणों पर छात्र-छात्राओं द्वारा विस्तृत चर्चा

Varanasi (dil india live). DAV PG COLLEGE (डीएवी पीजी कॉलेज) के अर्थशास्त्र विभाग के Student foruam (स्टूडेंट फोरम)  इको वॉइस में शुक्रवार को अर्थव्यवस्था के विभिन्न दृष्टिकोणों पर MA (एमए) तृतीय सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं द्वारा विस्तृत चर्चा किया गया। जिसमें दिव्य गटटानी ने भारत के नगर निगम की हस्तांतरण निर्भरता का अध्ययन पर अपना सुझाव दिया, सौरभ ने प्रस्तावित प्रत्यक्ष कर संहिता तथा आयकर विधायक 2025 पर विचार रखा, तनिष्का ने सीमा शुल्क और इसकी बदलती संरचना के बारे मे बताया, उज्ज्वल दवारा india (भारत) को मैग्नेट के उत्पादन में बढ़ावा देने और दूसरे देशों पर निर्भरता कम करने के विभिन्न दृष्टिकोण पर अपना विचार रखा, अनायशा वैष्णेय ने भारत के GST (जीएसटी) के क्रियान्वयन की चुनौतियों पर प्रकाश डाला। जिसमें BA, MA, B.COM के STUDENTS ने भाग लिया। इसमें डॉ. मयंक कुमार सिंह , डॉ पारुल जैन, डॉ सिद्धार्थ सिंह , डॉ आहुति सिंह, डॉ शालिनी सिंह और नंदिनी सम्मिलित रहे। संचालन डॉ. शालिनी सिंह ने किया।