गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025

बेनियाबाग मैदान में Swadeshi Mela-2025 का हुआ उद्घाटन

स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी की जाए, जिससे हस्तशिल्पों को मिले बढ़ावा-उमेश कुमार सिंह 


Varanasi (dil india live). आज 09 अक्टूबर 2025 को राजनारायण स्मारक पार्क (Raj Narayan park) , बेनियाबाग (beniya bagh), वाराणसी में Up ट्रेड शो स्वदेशी मेला-2025 (Swadeshi Mela-2025) का भव्य शुभारम्भ मंत्री रवीद्र जायसवाल एवं विधायक वाराणसी शहर दक्षिणी नीलकंठ तिवारी एवं अन्य सम्मानित जनप्रतिनिधिगण के कर कमलों द्वारा हुआ। कार्यक्रम में सर्वप्रथम दीप प्रज्ज्वलन तत्पश्चात अंगवस्त्रम एवं पुष्पगुच्छ देकर अतिथिगण का स्वागत किया गया। तपश्चात अपर आयुक्त उद्योग, वाराणसी मण्डल, वाराणसी उमेश कुमार सिंह द्वारा अपने उद्बोधन में कहा गया कि इस आयोजन के पीछे सरकार की यह सोच है कि स्वदेशी वस्तुओं का खरीदारी की जाए, जिससे हस्तशिल्पियों को बढ़ावा मिल सके। प्रदीप अग्रहरि ने अपने उद्बोधन में त्योहारों पर स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी करने का आह्वान किया गया। डा. नीलकण्ठ तिवारी, विधायक, विधानसभा क्षेत्र दक्षिणी ने अपने उद्बोधन में कहा कि कोरोनाकाल में प्रधानमंत्री ने यह संकल्प लिया था कि और कहा था कि हमें भारत को आत्म निर्भर बनाने के लिए संकल्प लिया था। लोकल फार वोकल का संकल्प दिया। एक वैश्विक महामारी ने भारत को जकड़ लिया था, लेकिन प्रधानमंत्री ने कोरोना से लड़ना सिखाया। कोरोनाकाल में बड़ी दुकाने बन्द हो चुकी थी, किन्तु हमारे लोकल वस्तुएं ही टीक पायी थी। भारत के मजदूरों की जो श्रम शक्ति लगती है वह स्वदेशी है।


 धमेन्द्र सिंह, (सदस्य मा०विधान परिषद) ने प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री का धन्यवाद दिया और कहा कि स्वदेशी वस्तुओं का बिक्री के लिए स्वदेशी मेला का आयोजन का महत्वपूर्ण प्रयास है, जिससे विश्व स्तर पर विदेशी शक्तियों से सामना करने में मदद मिल सके। पूनम मौर्या, (अध्यक्ष, जिला पंचायत) द्वारा अपने उद्बोधन में कहा कि जब हम स्वदेशी वस्तुओं की खरीददारी करेंगे तभी हमारा देश समृद्ध बनेगा। उन्होंने हस्तशिल्पियों द्वारा निर्मित वस्तुओं की खरीददारी करने पर बल दिया गया। हंसराज विश्वकर्मा, सदस्य विधान परिषद ने अपने उद्बोधन में विकासशील से विकसित भारत में बनने की यह एक कड़ी है और त्योहारों पर स्वदेशी वस्तुओं की खरीदारी करने पर बल दिया गया।


 रवीन्द्र जायसवाल, मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) स्टाम्प न्यायालय, शुल्क और पंजीयन विभाग ने अपने सम्बोधन में कहा कि पूरा विश्व में आर्थिक विश्व युद्ध चल रहा है भारत के पड़ोसी देश पाकिस्तान, बांग्लादेश, नेपाल दिवालिया के कगार पर है, किन्तु भारत देश इण्लैण्ड जैसे देश को पीछे छोड़ दिया है। स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील की गयी। तपश्चात मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान अन्तर्गत 04 लाभार्थियों को चेक वितरण किया गया और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोज आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में रविशंकर सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट, वाराणसी, मोहन कुमार शर्मा, उपायुक्त उद्योग, वाराणसी एवं राजेश सिंह, प्रदेश सचिव, लघु उद्योग भारती उद्योग विभाग, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग, खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग के अधिकारीगण इत्यादि उपस्थित रहे। स्वदेशी मेला 18.10.2025 तक पूर्वाह्न 11.00 बजे से रात्रि 08.00 बजे तक मेला संचालित होगा। आयोजन का उद्देश्य हस्तशिल्पियों कारीगरों / उद्यमियों द्वारा स्थानीय स्तर पर उत्पादित किये जा रहे उत्पादों को विपणन तथा दीपावली महापर्व के अवसर पर आम जनमानस को स्वदेशी वस्तुओं की खरीददारी का अवसर उपलब्ध कराना है। इस स्वदेशी मेले में उद्योग विभाग, खादी एवं ग्रामोद्योग बोर्ड, माटी कला बोर्ड, हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग विभाग, रेशम विभाग, ग्रामीण आजीविका मिशन, डूडा, खादी ग्रामोद्योग आयोग, एमएसएमई भारत सरकार से जुडे विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों, वित्त पोषित इकाइयों, स्वयं सहायता समूहों व अन्य उत्पादकों द्वारा 50 स्टाल प्रदर्शित किये गये हैं।

डाक विभाग द्वारा 'विश्व डाक दिवस' का भव्य आयोजन

'India Post: वित्तीय सशक्तिकरण अंतिम छोर तक' पर जारी हुआ विशेष आवरण

डाक विभाग वैश्विक स्तर पर संचार और व्यापार में निभा रहा महत्वपूर्ण भूमिका- चीफ पोस्टमास्टर जनरल

‘पोस्ट फॉर पीपल, लोकल सर्विस ग्लोबल रीच’ थीम संग मना ‘विश्व डाक दिवस’ : पीएमजी कृष्ण कुमार यादव


Ahmedabad (dil india live). India Post dipartment (भारतीय डाक विभाग) द्वारा gujarat में 'विश्व डाक दिवस'(world post day) का आयोजन 9 अक्टूबर को भव्यता के साथ किया गया। इस वर्ष की थीम ‘पोस्ट फॉर पीपल (post for people)– लोकल सर्विस, ग्लोबल रीच’ है, जो डाक सेवाओं की स्थानीय स्तर से लेकर वैश्विक स्तर तक की सशक्त भूमिका और प्रभावशीलता को उजागर करती है। 

विश्व डाक दिवस के अवसर पर क्षेत्रीय कार्यालय, अहमदाबाद के ‘मेघदूतम्’ सभाकक्ष में गुजरात परिमंडल के चीफ पोस्टमास्टर जनरल गणेश वी. सावलेश्वरकर ने ”भारतीय डाक: वित्तीय सशक्तिकरण अंतिम छोर तक” पर विशेष आवरण एवं विश्व डाक दिवस की थीम 'पोस्ट फॉर पीपल, लोकल सर्विस, ग्लोबल रीच' पर विशेष विरूपण, पोस्टमास्टर जनरल, उत्तर गुजरात परिक्षेत्र श्री कृष्ण कुमार यादव, महाप्रबंधक (वित्त) डॉ. राजीव कांडपाल, एवं निदेशक डाक सेवा सुरेख रेघुनाथन की उपस्थिति में जारी किया गया। साथ ही सुकन्या समृद्धि योजना, डाक जीवन बीमा, इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (India Post Payment Bank) के लाभार्थियों को पासबुक व पॉलिसी बॉन्ड प्रदान किए गए। 


इस अवसर पर चीफ पोस्टमास्टर जनरल गणेश वी. सावलेश्वरकर ने कहा, कि डाक विभाग न केवल स्थानीय स्तर पर संचार का सशक्त माध्यम रहा है, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। ‘डाक सेवा जन सेवा’ के माध्यम से विभाग आमजन को पारंपरिक डाक सेवाओं के साथ-साथ वित्तीय सशक्तिकरण से जुड़ी सेवाएँ प्रदान करते हुए एक समर्पित सेवा केंद्र की भूमिका निभा रहा है। डाक विभाग पारंपरिक सेवाओं के आधुनिकीकरण के साथ डिजिटल समावेशन और नागरिक सुविधा के क्षेत्र में भी अग्रणी भूमिका निभा रहा है। सामान्यजन से जुड़ाव के चलते ही इसे डाक 'घर' कहा जाता है, जहाँ आकर लोग घर जैसी आत्मीयता महसूस करते हैं। 

महाप्रबंधक (वित्त) डॉ. राजीव कांडपाल कहा कि डाक विभाग ने न केवल ऐतिहासिक परिवर्तनों को करीब से देखा है, बल्कि हर युग में आमजन के जीवन का अभिन्न हिस्सा बनकर समाज में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखी है। डाक विभाग ने सदैव समय के साथ कदम मिलाते हुए, पारंपरिक सेवाओं को आधुनिक तकनीक से जोड़कर जनता के विश्वास और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। वर्तमान दौर में डाक विभाग वित्तीय समावेशन एवं लोजिस्टिक्स सेवाओ में अपनी अग्रणी भूमिका निभा रहा है I

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि 'विश्व डाक दिवस' का उद्देश्य विश्व भर में लोगों के दैनिक जीवन, व्यापार और सामाजिक व आर्थिक विकास में डाक सेवाओं की भूमिका के बारे में जागरूकता बढ़ाना है। 'एक विश्व-एक डाक प्रणाली' की अवधारणा को साकार करने हेतु 9 अक्टूबर, 1874 को 'यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन' की स्थापना बर्न, स्विट्जरलैंड में की गई, जिससे विश्व भर में एक समान डाक व्यवस्था लागू हो सके। भारत प्रथम एशियाई राष्ट्र था, जो कि 1 जुलाई 1876 को इसका सदस्य बना। कालांतर में वर्ष 1969 में टोकियो, जापान में सम्पन्न यूनिवर्सल पोस्टल यूनियन कांग्रेस में इस स्थापना दिवस 9 अक्टूबर को 'विश्व डाक दिवस' के रूप में मनाने हेतु घोषित किया गया। ‘एडवांस्ड पोस्टल टेक्नोलॉजी 2.0’ के माध्यम से डाक विभाग ने अपनी सेवाओं को आधुनिक युग की गति और पारदर्शिता से जोड़ा है। यह पहल प्रौद्योगिकी, पारदर्शिता और सेवा गुणवत्ता के समन्वय का उत्कृष्ट उदाहरण है।


इनकी रही खास मौजूदगी 
इस अवसर पर असिस्टेंट पोस्टमास्टर जनरल शिवम त्यागी, प्रवर अधीक्षक, रेल डाक सेवा, अहमदाबाद पियूष रजक, प्रवर डाक अधीक्षक, अहमदाबाद चिराग मेहता, प्रवर डाक अधीक्षक, गांधीनगर शिशिर कुमार, आईपीपीबी असिस्टेंट जनरल मैनेजर रणवीर सिंह, चीफ मैनेजर अभिजीत जिभकाटे, सहायक निदेशक एम एम शेख, वी एम वहोरा, रितुल गाँधी, सहायक लेखाधिकारी चेतन सैन, रामस्वरूप मँगावा, सीनियर पोस्ट मास्टर पीजे सोलंकी, सहायक डाक अधीक्षक आर टी परमार, अलकेश परमार, एच जे परिख, भाविन प्रजापति, रोनक शाह, निरीक्षक विपुल चडोतरा, यथार्थ दूबे, योगेंद्र राठोड सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

UP के Barabanki में देवा मेले का भाव उद्घाटन

डीएम की पत्नी ने फीता काट कर उड़ाए कबूतर


Mohd Rizwan 

Barabanki (dil India live). बाराबंकी (Barabanki) के sufi sant haji waris ali shah (सूफी संत हाजी वारिस अली शाह) की पावन धरती देवा शरीफ (dewa) में शुरू हुआ परंपरागत मेला इस बार भी अपने रंगारंग और भव्य आयोजन के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। मेले का जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की पत्नी शैलजा त्रिपाठी ने शेख हसन गेट पर फीता काटकर और कबूतर उड़ाकर भव्य उद्घाटन किया। 

शहनाई की मधुर धुन और पीएसी बैंड की ताल से वातावरण और भी जीवंत हो उठा। मेले में कमेटी के पदाधिकारी, एसपी अर्पित विजयवर्गीय सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जैसे ही शैलजा त्रिपाठी ने फीता काटा, तालियों की गड़गड़ाहट ने पूरे स्थल को उत्साह से भर दिया। इसके बाद सभी अधिकारी और अतिथि पीएसी बैंड के साथ सांस्कृतिक पंडाल की ओर बढ़े, जहां मेला की रंगीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का शमां रौशन कर आगाज़ किया गया।

UP: Varanasi Main करवाचौथ का भव्य उत्सव

करवाचौथ उत्सव “सजना है मुझे सजना के लिए” धूमधाम से मनाया गया 


Varanasi (dil india live). Kashi (काशी) प्रबुद्ध महिला मंच द्वारा करवाचौथ का भव्य उत्सव “सजना है मुझे सजना के लिए” होटल करी लीफ़ में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्ष अंजली अग्रवाल ने त्योहारों की शुभकामनाएं व करवाचौथ पर्व की बधाई देकर सभी को हमेशा सुहागन रहे की कामना की, जबकि संचालन एवं संयोजन की जिम्मेदारी प्रिया अग्रवाल, रीता अग्रवाल एवं ममता जायसवाल ने निभाई।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथि स्वागत से हुई, तत्पश्चात मंच की सदस्याओं ने एक से बढ़कर एक रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्होंने सभी का मन मोह लिया। मंच की ओर से एक निर्धन कन्या के विवाह हेतु सहयोग राशि भी एकत्र की गई, जिससे कार्यक्रम का उद्देश्य और भी सार्थक बन गया।

इस अवसर पर विभिन्न रोचक प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की गईं, जिनमें “करवा क्वीन”रेनू कैला ,मेहंदी लगे हाथ” रीता अग्रवाल और “करवा थाल” अंजलि अग्रवाल को प्रतियोगिताओं की विजेताओं को आकर्षक उपहार प्रदान किए गए।

सभी सदस्याएँ लाल परिधान में सोलह श्रृंगार से सुसज्जित होकर पहुँचीं, जिससे कार्यक्रम का वातावरण उत्सवमय और मनमोहक बन गया। कार्यक्रम के दौरान कन्वीनर्स ने करवाचौथ व्रत कथा सुनाई, जिसे सभी ने श्रद्धापूर्वक सुना।

इनकी रही खास मौजूदगी 


कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रेनू कैला, नीतू सिंह, ममता तिवारी, नूतन चंद्रा, शालिनी, गीता, पूनम कश्यप, ऋचा, लिपिका आदि सदस्याएँ उपस्थित थीं। अंत में धन्यवाद ज्ञापन रेनू  कैला द्वारा किए जाने के साथ ही आयोजन का विधिवत समापन हुआ।

बुधवार, 8 अक्टूबर 2025

Education:Mahatma Gandhi Kashi Vidyapeeth का 47 वां दीक्षांत समारोह

101 छात्र-छात्राओं को मिला स्वर्ण पदक, तीन ट्रांसजेंडर भी शामिल 

अदब जहांगीर को उनके खास शोध के लिए मिली उपाधि 

"महात्मा गांधी की बुनियादी शिक्षा के संदर्भ में इस्लामी मदरसों के दृष्टिकोण का अध्ययन" पर अदब ने किया शोध


Varanasi (dil india live). आज रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 47 वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्रों को उपाधियां प्रदान की गईं। UP की राज्यपाल और कुलाधिपति महामहिम आनंदीबेन पटेल ने स्वयं दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की। इस बार पहली बार महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का दीक्षांत समारोह (MGKVP Convocation) विश्वविद्यालय परिसर से बाहर रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया। कुलाधिपति और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। समारोह में 101 छात्रों को 103 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। खास बात यह रही कि इस बार तीन ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को भी स्नातकोत्तर की उपाधि दी गई। समारोह की मुख्य अतिथि एआईआईएमएस, नई दिल्ली की पद्मश्री प्रोफेसर सरोज चूड़ामणि रहीं।

समारोह के दौरान अर्दली बाजार निवासी गांधी विचार के शोध छात्र अदब जहांगीर को पीएच.डी. की उपाधि से सम्मानित किया गया। अब अदब Dr. अदब जहांगीर के नाम से जाने जाएंगे।

महात्मा गांधी और मदरसों पर शोध 

अदब जहांगीर का शोध विषय "महात्मा गांधी की बुनियादी शिक्षा के संदर्भ में इस्लामी मदरसों के दृष्टिकोण का अध्ययन" है। यह विषय वर्तमान सामाजिक और शैक्षिक परिप्रेक्ष्य में अत्यंत प्रासंगिक माना जा रहा है। उनके शोध में यह स्पष्ट किया गया कि महात्मा गांधी के शैक्षिक विचार न केवल राष्ट्रीय शिक्षा नीति की नींव हैं, बल्कि समाज में व्याप्त अनेक बुराइयों को दूर करने और आदर्श मानव के निर्माण में भी सहायक सिद्ध होते हैं।


गांधी जी और मदरसों के दृष्टिकोण
उन्होंने अपने शोध के माध्यम से यह दर्शाया कि यदि गांधीजी की बुनियादी शिक्षा और इस्लामी मदरसों के शैक्षिक दृष्टिकोण को एक साझा मंच पर लाया जाए, तो एक ऐसी समावेशी एवं मानवतावादी शिक्षा प्रणाली का निर्माण संभव है, जो वैश्विक स्तर पर भारत की अद्वितीय पहचान बना सकती है। समारोह में कुलपति, प्राचार्यगण, शिक्षकगण, शोधार्थी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं उपस्थित रहे।

राज्यपाल ने बेटियों को किया सतर्क 

रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 47 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं को जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि आजकल लिव-इन रिलेशनशिप का चलन बढ़ गया है, इससे सावधान रहना चाहिए।
उन्होंने कहा, “ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जो बेहद दर्दनाक हैं। पिछले कुछ दिनों से ऐसी घटनाओं की खबरें मिल रही हैं, जिन्हें सुनकर मन व्यथित हो जाता है। समाज में ऐसे लोग हैं जो उपयोग के बाद आपको छोड़ देते हैं। इसलिए सही निर्णय लीजिए और खुद को सुरक्षित रखिए।”
राज्यपाल ने आगे कहा कि हाल ही में एक हाईकोर्ट के जज ने उनसे पॉक्सो एक्ट से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा की थी। उन्होंने बताया कि अपराधी अक्सर भाग जाते हैं और न्याय में देरी होती है। इस पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से कहा कि उन्हें इस विषय पर सर्वे या पहल के जरिए बच्चियों तक पहुंचना चाहिए ताकि उन्हें सुरक्षा और मार्गदर्शन मिल सके। राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने 40 लड़कियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की थी, जिनमें से चार ने अपनी दर्दभरी कहानियां सुनाईं। किसी ने बताया कि पिता प्रताड़ित करते थे, किसी ने मामा, काका या पड़ोसी का नाम लिया। उन्होंने कहा, “इन बच्चियों ने साहस दिखाया, पुलिस में रिपोर्ट की, और अब अपराधी जेल में हैं। लेकिन जब मैंने बाकी बच्चियों की बातें सुनीं, तो दिल दहल गया।”
उन्होंने कहा कि करीब 80 ऐसी बेटियों से भी मैंने मुलाकात की जो लिव-इन में रहने के बाद छोड़ दी गईं। “किसी के पास दो महीने का बच्चा था, किसी के पास एक साल का। 

UP : Varanasi Main Munshi Premchand की 89 वीं पुण्य तिथि मनाई गई

काशी के लाल को पुष्प अर्पित कर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि


Varanasi (dil india live). उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद शोध एवं आवासीय विकास समिति के तत्वाधान में उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 89 वीं पुण्य तिथि श्रद्धापूर्वक उनके जन्मस्थली लमही में मनायी गयी। लोगों ने काशी के लाल को पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉक्टर दुर्गा प्रसाद ने कहा मुंशी जी को आज स्कूल कॉलेज, विश्वविद्यालयों में स्थापित करने की आवश्यकता है। इससे किशोर व युवा पीढ़ी में साहित्य एवं देश प्रेम के प्रति लगाव व जागरुकता बढ़ेगी। काशी विद्यापीठ के वर्तमान वाइस चांसलर इस क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। 

प्रेमचंद के दर्शन को प्रचारित करने पर जोर 
विशिष्ट वक्ता डॉक्टर हीरालाल यादव ने कहा काशी की साहित्यिक गतिविधियों को और गतिशील बनाने में प्रेमचंद जी के जीवन दर्शन को प्रचारित प्रसारित करने की आवश्यकता है। मुख्य रूप से डॉक्टर जयशंकर जय, शिवकुमार पराग, रत्नेश श्रीवास्तव, डॉक्टर ईश्वर चंद्र पटेल, शंकर आनंद ,पप्पू राजभर आदि लोग उपस्थित रहे। डॉक्टर दुर्गा प्रसाद श्रीवास्तव ने लोगों का आभार व्यक्त किया।

Bhartiya Patrakar Sangh का 25 वां जिला सम्मेलन Ghazipur में सम्पन्न

भापस के मनोज कुमार गुप्ता गाजीपुर के नये जिलाध्यक्ष 



Ghazipur (dil india live). भारतीय पत्रकार संघ का 25वा जिला सम्मेलन डीएवी इण्टर कालेज में संपन्न हुआ जिसमें मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष उमेश चंद्र द्विवेदी ने पत्रकारों की एकता पर बल देते हुए कहा कि हम सब एक होकर ही मजबूती से अपनी लड़ाई लड़ और जीत सकते हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष उमेश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि पत्रकार बनना इतना आसान नहीं है पत्रकारिता सत्यता, ईमानदारी व निष्पक्षता का कार्य है। 


कलम से समाज की बुराईयां दूर करें 

विशिष्ट अतिथि डीएवी इण्टर कॉलेज के प्रबंधक और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनुपम आनंद श्रीवास्तव ने कहा कि हमें अपनी कलम के जरिए समाज की बुराईयां दूर करना है। इस दौरान गाजीपुर, बलिया, मऊ एवं आजमगढ़ के अन्य पदाधिकारी और पत्रकार बंधु भी इस सम्मेलन में शामिल हुए ।गाजीपुर के जिला अध्यक्ष अरविन्द कुमार को प्रदेश संगठन मंत्री और मनोज कुमार गुप्ता को जिला अध्यक्ष गाजीपुर बनाया गया। लोगों का स्वागत असलम खान ने किया।