मंगलवार, 23 सितंबर 2025

Kolkata main महालय पर साहित्य सम्मेलन में जुटे साहित्य प्रेमी

"प्रौद्योगिकी का प्रभाव साहित्य को क्षति न पहुंचाए"-कवि सुदीप चंद्र हालदार

Kolkata (dil india live). महालय की पवित्र सुबह कोलकाता के हृदयस्थल में एक भव्य साहित्यिक सम्मेलन, कविता पाठ और सम्मान समारोह का आयोजन हुआ। इस आयोजन का सूत्रधार था उभरता हुआ प्रकाशन समूह "ऐक्यतान"। इस अवसर पर कुल 28 पुस्तकों का विमोचन हुआ जिनमें 19 सामूहिक संकलन तथा 9 एकल काव्य संग्रह शामिल था। इस दौरान करीब 200 से अधिक साहित्य प्रेमियों की उपस्थिति ने इस आयोजन को बेहद जीवंत बना दिया। कार्यक्रम में युवा कवि व शोधकर्ता सुदीप चंद्र हालदार को उत्तरीय पहनाकर एवं "शारदीय सम्मान" स्मृति चिह्न प्रदान कर विशेष रूप से सम्मानित किया गया।



कवि सुदीप चंद्र हालदार ने कहा-

 "चारों ओर पर्व का उल्लास है, प्रकृति स्वयं मानो मातृ स्वागत को तत्पर है। ऐसे दिन में एक साहित्यिक संगोष्ठी वास्तव में एक अनुपम संगम है। बांग्ला साहित्य, विश्व साहित्य की एक अमूल्य धरोहर है। इसे आगे ले जाने के लिए युवाओं को और भी गंभीर होना होगा। हमें सजग रहना होगा कि तकनीकी प्रगति साहित्य को नुकसान न पहुंचा पाए।

युवाओं की साहित्य साधना वास्तव में सराहनीय 
 "मुख्य अतिथि प्रोफेसर तबारक अली ने कहा "इस तकनीक-प्रधान युग में युवाओं की साहित्य साधना वास्तव में सराहनीय है।" कवयित्री सुलताना परवीन ने अपने विचार साझा करते हुए कहा "नवीन पीढ़ी की साहित्य के प्रति निष्ठा और प्रेम देख मैं अभिभूत हूं।"


कार्यक्रम के अंतिम चरण में, ऐक्यतान प्रकाशन के प्रमुख संगबाद साहू ने सभी को धन्यवाद ज्ञापित किया और भविष्य में भी साहित्य साधना के पथ पर साथ चलने का आह्वान किया।कार्यक्रम में अन्य विशिष्ट उपस्थितियों में रियाली बोस, नीलिमा मंडल, सौमी सरकार, मौमिता गुड़िया और देबाशीष राय जैसे गणमान्य साहित्यकार उपस्थित थे।

Kolkata: ICCR द्वारा अवनींद्रनाथ आर्ट गैलरी में लगी अनोखी काव्य प्रदर्शनी

माँ दुर्गा के चरणों में कविता का अर्पण

ICCR में कवि सुदीप की लेखनी ने जीते दिल

Kolkata (dil india live). महालय के अवसर पर, देवी पक्ष के शुभारंभ के पावन क्षण में, भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद (ICCR), कोलकाता के अवनींद्रनाथ आर्ट गैलरी में एक अनोखी काव्य प्रदर्शनी का आयोजन हुआ। यह प्रदर्शनी जो समर्पित थी जगज्जननी महादुर्गा को। इस शाम यह विशिष्ट साहित्यिक संध्या पूरे शहर में एक सांस्कृतिक उत्सव का वातावरण लेकर आई।


इस प्रदर्शनी के केंद्र में थे नवोदित कवि और शोधकर्ता सुदीप चंद्र हलदार, जिनकी कविताओं की हर पंक्ति में माँ दुर्गा की शक्ति, सौंदर्य और शाश्वतता की झलक सुनाई दी। सुदीप की रचनाएं केवल दर्शकों का मन नहीं जीत पाईं, बल्कि देवी पक्ष के आरंभ में यह कविता के माध्यम से माँ के चरणों में एक निःस्वार्थ अर्पण बन गईं। कार्यक्रम में उपस्थित लगभग 500 से अधिक गणमान्य अतिथि और साहित्यप्रेमी उनके लेखन की मुक्तकंठ से सराहना करते दिखे, जिससे पूरी गैलरी उत्साह और श्रद्धा से गूंज उठी। कार्यक्रम के दौरान अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कवि सुदीप चंद्र हलदार ने गहन भावनाओं के साथ कहा:

“यह संसार माँ दुर्गा के स्वागत के लिए सज रहा है। समस्त जगत उनकी दिव्य उपस्थिति की प्रतीक्षा कर रहा है। चारों ओर उत्सव का माहौल है। ऐसे समय में इस प्रकार की एक प्रदर्शनी का अपना एक विशेष अर्थ है।यह मानो कला की भाषा में देवी का आमंत्रण है।”


कला, भक्ति और कविता का संगम

उन्होंने इस अवसर के लिए आयोजकों का हार्दिक धन्यवाद किया, सभी दर्शकों और श्रोताओं के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की और अपने भावी साहित्यिक पथ के लिए सभी से आशीर्वाद की कामना की। यह प्रदर्शनी केवल एक काव्य संध्या नहीं थी, यह थी कला, भक्ति और कविता का संगम, जहाँ शब्द देवी के चरणों में अर्पित एक प्रार्थना बन गए।

सोमवार, 22 सितंबर 2025

National: Mufti-E-Nepal मौलाना jaish मोहम्मद सिद्दीकी का उर्स अकीदत से मनाया गया

शेरे नेपाल की दीनी ख़िदमात पर उलेमा ने डाली रौशनी
शेरे नेपाल, मुफ्ती मौलाना जैश मोहम्मद सिद्दीकी (फाइल फोटो)

Varanasi (dil India live). मुफ्ती-ए-आजम नेपाल, हजरत मौलाना मुफ्ती जैश मोहम्मद सिद्दीकी (शेरे नेपाल) का बनारस से गहरा रिश्ता था। बनारस में उनके लाखों अकीदतमंद और सैकड़ों मुरीद हैं। वो जब भी यूपी के दौरे पर निकलते थे तो बनारस जरुर आते थे। ये बातें उनके उर्स के दौरान उलेमा ने कही। जामा मस्जिद कम्मू खां डिठोरी महाल में हुए उर्स में शेरे नेपाल मौलाना मुफ्ती जैश मोहम्मद सिद्दीकी (रहमतुल्लाह अलैह) की दीनी ख़िदमात और इस्लाम की तहरीक के लिए किए गए कार्यों पर भी उलेमा ने बारीकी से रौशनी डाली।

गौरतलब हो कि जामा मस्जिद कम्मू खां डिठोरी की नव तामीर के लिए संगे बुनियाद शेरे नेपाल ने ही रखी थी। तामीर के बाद जब आलीशान मस्जिद बनकर तैयार हो गई तो शेरे नेपाल फिर बनारस आएं तो मस्जिद में जुमा अदा कराया था। उस दौरान उनसे मुरीद होने लोगों का मजमा उमड़ा हुआ था। कई जगहों पर उन्होंने तकरीर की थी और जुमे की नमाज के बाद उन्होंने दोनों हाथ फैलाकर अमन और सलामती की दुआएं मांगी थी। मस्जिद डिठोरी महाल के इमाम मौलाना शमसुद्दीन साहब ने मुफ्ती साहब के एजाज में कहा था कि दो साल पहले जब मस्जिद की नवतामीर शुरू हुई तो इसकी संगे बुनियाद हज़रत ने ही रखी थी, दो साल बाद आलीशान मस्जिद बनकर तैयार हो गयी है, ये सब हजरत मुफ्ती-ए-नेपाल की दुआओं का असर है। इस मौके पर मुफ्ती-ए-नेपाल ने नमाज के बाद दुआ में हाथ उठाकर हिन्दुस्तान के साथ ही पूरी दुनिया में अमनो-मिल्लत के लिए दुआएं मांगी थी। दुआ के दौरान मस्जिद खचाखच भरी हुई थी। नमाज़ के बाद वहां जुटे हुए तमाम लोगों ने हज़रत से मुसाफा किया था। 

शेरे नेपाल, मुफ्ती मौलाना जैश मोहम्मद सिद्दीकी (फाइल फोटो)

यूं तो शेरे नेपाल के उर्स पर देश दुनिया में उनसे अकीदत रखने वाले जहां थे उन्होंने वहां उर्स का एहतमाम किया मगर बनारस में डिठोरी महाल जामा मस्जिद कम्मू खां में उर्स धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर मौलाना इलयास कादरी, मौलाना अजहरुल कादरी, मौलाना शमशुद्दीन साहब, मस्जिद कम्मू खां के मुतवल्ली एखलाक अहमद टीटी, इरफान अहमद, एखलाक अहमद, इम्तेयाज अहमद, इश्तेयाक अहमद, शानू समेत सैकड़ों लोग मौजूद थे।

Education: VKM Varanasi Main Hindi सप्ताह का हुआ समापन

हिंदी हमारी संस्कृति और अस्मिता की पहचान-डॉ. रचना

Varanasi (dil india live). वसंत कन्या महाविद्यालय में 15 सितंबर से 22 सितंबर तक हिंदी सप्ताह समारोह बड़े ही उत्साह और गरिमा के साथ मनाया गया। इस सप्ताह के अंतर्गत विद्यार्थियों के भाषाई कौशल, रचनात्मक प्रतिभा और हिंदी के प्रति प्रेम को उजागर करने के लिए विविध प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्ष रहीं डाॅ. उर्वशी गहलोत (हिन्दी विभाग, महिला महाविद्यालय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय) एवं विशिष्ट अतिथि रहीं डाॅ. प्रियंका सोनकर (हिन्दी विभाग, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय)।


कार्यक्रम का समापन सोमवार को ’हिंदी सप्ताह उद्यापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह’ के रूप में किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. रचना श्रीवास्तव, प्रबंधक उमा भट्टाचार्य, कार्यक्रम की अध्यक्ष डॉ. उर्वशी गहलोत, असोसिएट प्रोफेसर, महिला महाविद्यालय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, विशिष्ट अतिथि डॉ. प्रियंका सोनकर, विभागाध्यक्षा डॉ. आशा यादव, डॉ. शशि कला, डॉ.सपना भूषण, डॉ शुभांगी श्रीवास्तव, संगीत विभाग से प्रो. सीमा वर्मा और प्रो. सौम्यकांत मुखर्जी की गरिमामयी उपस्थित रहीं। कार्यक्रम का शुभारंभ पुष्पांजलि और कुलगीत के गायन के साथ हुआ। प्राचार्या डॉ. रचना श्रीवास्तव ने मंच की अध्यक्षता कर रही डॉ. उर्वशी गहलोत और विशिष्ठ अतिथि डॉ.प्रियंका सोनकर का उत्तरीय और पौधा देकर स्वागत और अभिनंदन किया।


समारोह के दौरान प्राचार्या रचना श्रीवास्तव ने कहा कि “हिंदी केवल भाषा नहीं, यह हमारी संस्कृति और अस्मिता की पहचान है। आज की पीढ़ी को चाहिए कि वह हिंदी को केवल अध्ययन की भाषा न माने, बल्कि व्यवहार की भाषा बनाए।” प्रबंधक उमा भट्टाचार्य ने हिंदी सप्ताह जैसे आयोजन के लिए सभी को शुभकामनाएं दी।

हिंदी के कवियों ने समाज को जागृत किया

मंच की अध्यक्षता कर रही डॉ. उर्वशी गहलोत ने अपने वक्तव्य में स्वतंत्रता और नवजागरण में हिंदी के योगदान की बात करते हुए कहा “ हिंदी ने सभी देशवासियों को साथ लाने का कार्य किया, कबीर, मीरा, महादेवी जैसे हिंदी के कवियों ने समाज को जागृत किया।“ विशिष्ट अतिथि डॉ.प्रियंका सोनकर ने हिंदी के वैश्वीकरण की बात कही। कार्यक्रम का सफल संयोजन प्रीति विश्वकर्मा, राजलक्ष्मी जायसवाल ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. प्रीति विश्वकर्मा ने किया।

प्रतियोगिता में हुई सफल, तो मिला पुरस्कार 

हिन्दी सप्ताह कार्यक्रम में विभिन्न प्रतियोगितायें आयोजित की गयी थीं। इसमें प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों में जयंतिका डे‌ (भजन प्रतियोगिता), अनुपमा (इमला प्रतियोगिता), प्रज्ञा पटेल, अनिशा यादव (काव्य पाठ), विदिशा तिवारी (कहानी पाठ), सिंधु कुमारी (भाषण प्रतियोगिता) को प्राचार्या डॉ. रचना श्रीवास्तव एवं प्रबंधक डॉ. उमा भट्टाचार्य ने  प्रमाणपत्र और पुस्तक भेंट कर सम्मानित किया।

UP: राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण कार्यशाला मथुरा Main छा गईं Varanasi Ki Chavi

कार्यशाला में छवि अग्रवाल की पुस्तक का विमोचन संग हुआ सम्मान 

Varanasi (dil india live). हिंदुस्तान कॉलेज ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी, फरह, मथुरा में बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया और राज्य ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के संयुक्त तत्वाधान में राष्ट्रीय महिला सशक्तिकरण कार्यशाला एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उत्तर प्रदेश महिला आयोग की अध्यक्ष श्रीमती बबीता चौहान, पूर्व सांसद श्री ओमपाल सिंह ‘निडर’ और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी मथुरा श्री रविंद्र सिंह उपस्थित रहे।


कार्यक्रम में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री रविंद्र सिंह ने महिलाओं के सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक अधिकारों पर चर्चा करते हुए कहा कि इस संगोष्ठी और सम्मान समारोह का उद्देश्य केवल सम्मान तक सीमित नहीं है, बल्कि भारतीय संस्कृति में महिलाओं की गरिमामय स्थिति और सामाजिक विकास की यात्रा में उनके योगदान की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करना है। उन्होंने शिक्षिकाओं के योगदान पर विशेष प्रकाश डालते हुए उनके कार्यों की सराहना की।

पूर्व सांसद श्री ओमपाल सिंह ‘निडर’ ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा, “स्त्री सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक सभी क्षेत्रों में कार्य करने में सक्षम है। सशक्तिकरण का अर्थ केवल शक्ति का अधिग्रहण नहीं, बल्कि अपनी शक्ति के प्रयोग की क्षमता का विकास करना है।” 


इस अवसर पर छवि अग्रवाल द्वारा महिला सशक्तिकरण पर आधारित व संपादित पुस्तक (ISBN 978-93-7026-096-2) का विमोचन हुआ। कार्यक्रम में सभी अतिथियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए और महिला सशक्तिकरण के महत्व पर जोर दिया। देश के 75 जिलों से बालिका शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिला शिक्षिकाओं को सम्मानित किया गया, जिसमें वाराणसी जिले की छवि अग्रवाल को विशेष रूप से बालिका शिक्षा और सुरक्षा के क्षेत्र में उनके कार्यों हेतु सम्मानित किया गया।

 यह आयोजन महिला सशक्तिकरण और शिक्षा के क्षेत्र में प्रेरणादायक कदम साबित हुआ, जिसमें उपस्थित गणमान्य व्यक्तियों ने समाज में महिलाओं की भूमिका को और सशक्त करने की प्रतिबद्धता दोहराई।

रविवार, 21 सितंबर 2025

Club: Rotary club Varanasi sarthak का बेहतरीन कार्यों के चलते हुआ सम्मान

अल्प समय में जनहितकारी गतिविधियों से मिली क्लब को सम्मान-श्रुति जैन


Varanasi (dil india live). रोटरी क्लब वाराणसी सार्थक को समाजहित में किए गए उल्लेखनीय कार्यों के लिए मंच से सम्मानित किया गया। सार्थक की अध्यक्ष श्रुति जैन ने दिल इंडिया लाइव को बताया कि क्लब ने अल्प समय में अनेक जनहितकारी गतिविधियाँ आयोजित की थी, जिनमें पर्यावरण संरक्षण हेतु वृक्षारोपण, मंदिरों में सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, ज़रूरतमंदों के लिए सहयोग कार्य तथा सामाजिक उत्थान के विविध प्रयास प्रमुख हैं।

इस अवसर पर रोटरी क्लब सार्थक को यह सम्मान जिला गवर्नर डॉ. अशुतोष अग्रवाल एवं प्रख्यात भारतीय टीवी अभिनेता सुरेंद्र पाल सिंह ने अपने कर-कमलों से प्रदान किया। यह सम्मान हमारे सभी सार्थक परिवार के संयुक्त प्रयासों का प्रतीक है।

इनकी रही खास मौजूदगी 
इस अवसर पर क्लब की अध्यक्ष श्रुति जैन, सचिव अक्षत जैन, कोषाध्यक्ष आभा साहू, जीएसआर अमर अग्रवाल के साथ ही साथ ही क्लब के सभी चार्टर सदस्यों ईशान मोहन, श्वेता अग्रवाल, आशीष अग्रवाल, आकाश जायसवाल, विशाल जैन, गौरव भट्टाचार्य, अंकिता मौर्या, अनुभव मिश्रा व शलभ अग्रवाल आदि मौजूद थे।

टेट की अनिवार्यता के विरोध में सड़कों पर उमड़ा शिक्षकों का सैलाब

आरटीई अधिनियम 2017 में संशोधन तक जारी रहेगा परिषदीय शिक्षकों का चरणबद्ध आंदोलन

15 शिक्षक संगठनों ने दिया आंदोलन को अपना समर्थन


Varanasi (dil india live). सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले से उत्पन्न शिक्षकों के अस्तित्व, मान सम्मान एवं सेवा शर्तों में छेड़छाड़ के मुद्दे पर शिक्षकों ने सड़क पर उतर कर अपना विरोध दर्ज कराया और ऐलान किया कि RTE अधिनियम 2017 में संशोधन जब तक नहीं हो जाता तब तक परिषदीय शिक्षकों का चरणबद्ध आंदोलन जारी रहेगा l 

टेट मुक्ति संयुक्त मोर्चा वाराणसी के बैनर तले टेट (शिक्षक पात्रता परीक्षा ) की अनिवार्यता समाप्त करने हेतु गठित साझा मंच द्वारा 20 सितम्बर को जनपद के लगभग 15 अनुषान्गिक संगठनों के प्रतिनिधियों तथा शिक्षक /शिक्षिकाओं के उमड़े सैलाब को सम्बोधित करते हुए वक्ताओं ने एकमत से प्रस्ताव पास करते हुए कहा कि हम सब उत्तर प्रदेश सरकार के आभारी हैं कि मुख्यमंत्री द्वारा कोर्ट मे पुनर्विचार याचिका दाखिल किया गया है। इससे शिक्षकों को कुछ राहत जरूर मिली है किन्तु जानकार ने इसे आधी-अधूरी तैयारी से उठाया हुआ गया कदम बताया क्योंकि पुनर्विचार याचिका में शिक्षकों के लिए टी ई टी के लिए 2 के बजाय 5 वर्ष की समय सीमा बढ़ाने की मांग , इंटरमीडियट बीटीसी, उर्दू बीटीसी, सीपीएड /डीपीएड योग्यता धारी शिक्षकों के बारे में कोई उल्लेख नहीं है। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय एनसीटीई द्वारा दाखिल हलफनामा के आरटीई संशोधित अधिनियम 2017 के आलोक में ही दिया गया है, जिसमें सरकार आरटीई 2009 के अस्तित्व में आने से पहले यानी वर्ष 2011 के पूर्व नियुक्त शिक्षकों को इससे मुक्त रखने का सपष्ट उल्लेख नहीं किया है l      


शिक्षकों ने सर्वम्मति से मांग रखा कि सरकार सर्वप्रथम आरटीई के अधिनियम 2017 में संशोधन कर वर्ष 2011 से पूर्व नियुक्त सभी शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से मुक्त करते हुये पुनर्विचार याचिका की मजबूत पैरवी कर शिक्षकों को इससे निजात दिलाये, क्योंकि अपनी सेवा के स्वर्णिम 15 से 30 वर्ष देने के बाद आज 50 से 55 वर्ष की उम्र में टीईटी की परीक्षा पास करने की अनिवार्यता न सिर्फ़ असंगत बल्कि अव्यवहारिक भी है l जिस पर मुख्यमंत्री ने सैद्धांतिक सहमति जताते हुए उनके पूर्व की सेवाओं की खुले मन से तारीफ़ भी की है l 

       


  ज्ञातव्य हो कि टेट मुक्ति संयुक्त मोर्चा के बैनर तले वाराणसी के सभी संगठनों के प्रतिनिधियों सहित शिक्षक/शिक्षिकाओं का स्वतःस्फुर्त हुजूम कार्यालय जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, परिसर से इस काले क़ानून को वापस लेने, शिक्षकों के मान सम्मान से खिलवाड़ बन्द करने, विभाग को प्रयोगशाला न बनाने, शिक्षकों को अवसाद की स्थिति से निकालने तथा मुख्यमंत्री की अब तक की मानवीय पहल की तारीफ़ के गगनभेदी नारे के साथ हाँथो में अपने मांगों व विभिन्न विसँगतियाँ लिखी तख़्तियाँ लिए हुये मिडिया एवं लोंगो का ध्यान अपनी तरफ आकृष्ट करते चल रहे थे l जुलूस पुलिस लाइन चौराहा वाया गोलघर चौराहा होते हुये,कलेक्ट्रेट कार्यालय कचहरी पहुँचकर जिलाधिकारी द्वारा,, प्रधानमंत्री भारत सरकार तथा मानव संसाधन विकास मंत्री भारत सरकार को सम्बोधित ज्ञापन सौंपा l 

               टेट मुक्ति संयुक्त मोर्चा वाराणसी के ज्ञापन कार्यक्रम में पूर्व माध्यमिक जूनियर हाई स्कूल शिक्षक संघ के अध्यक्ष बिनोद कुमार उपाध्याय, महामंत्री रविंद्र कुमार यादव, प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष सकलदेव सिंह, महामंत्री डॉ शैलेन्द्र विक्रम सिंह, अटेवा के जिलाध्यक्ष चंद्र प्रकाश गुप्ता, अटेवा के महामंत्री बी एन यादव, उपाध्यक्ष एहतेशामुल हक,मंत्री ज़फ़र अंसारी,विशिष्ट बी टी सी शिक्षक संघ के अध्यक्ष यशोवर्धन त्रिपाठी,महामंत्री अशोक यादव, अटेवा महिला विंग की अध्यक्ष सारिका दूबे,महिला शिक्षक संघ की अध्यक्ष अमृता सिंह,पूर्व अध्यक्ष अंकिता श्रीवास्तव,आनंद कुमार सिंह, रविंद्र कुमार सिंह, अमिताभ मिश्रा, रामा यादव, विनोद कुमार सिंह, चंद्र प्रकाश गुप्ता,अमृता सिंह,अर्चना सिंह, सुरेश कुमार सिंह, राजीव कुमार सिंह,संजय गुप्ता, जितेंद्र कुमार सिंह, अशोक यादव, डा 0 राजेश्वर सिंह, डॉ मनीष कुमार कुशवाहा, शैलेन्द्र कुमार पाण्डेय, राकेश चन्द्र पाठक महाकाल, संतोष कुमार सिंह, शकील अहमद, दिनेश कुमार सिंह, प्रीति शुक्ला, राजेश कुमार सिंह, संतोष कुमार सिंह, कुमारी प्रतिमा, शिवजतन यादव, रेखा उपाध्याय, सुदर्शन, अनीता सिंह ,आरती गौतम, क्षितिज कुमार दीक्षित, सत्यनारायण वर्मा, बाबूलाल, हिमांशु कुमार श्रीवास्तव, आनंद प्रकाश रस्तोगी, अमित कुमार सिंह, श्यामबिहारी, शशिकांत दुबे, अब्दुर्रहमान, संजय कुमार श्रीवास्तव, अजय कुमार श्रीवास्तव, संकलनारायण सिंह, सुनीता, प्रशांत कुमार उपाध्याय, यशपाल यादव, श्रीनिवास सिंह, अशोक यादव, रामसागर, योगेश यादव, मोहन लाल, अखिलेश विश्वकर्मा,  गिरीश चंद्र यादव, बसंत कुमार, प्रभात सिंहा,  बृजेश कुमार यादव, अरविंद सिंह, रमेश यादव, ज्योति प्रकाश, वीरेंद्र सिंह, संगीता यादव, सुखपाल सिंह, सहित हजारों शिक्षक /शिक्षकायें उपस्थित रहे।