शुक्रवार, 27 जून 2025

कांग्रेस का आरोप: Samajwadi party ने नहीं निभाया गठबंधन धर्म

भाजपा सपा में सांठगांठ का कांग्रेस ने लगाया आरोप


Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). पूर्व पार्षद एवं महानगर कांग्रेस कमेटी, वाराणसी के उपाध्यक्ष रमज़ान अली तथा वार्ड-95 काजी सादुल्ला पुरा की पार्षद फरज़ाना ने संयुक्त बयान जारी करके सपा भाजपा में अंदरुनी सांठगांठ का आरोप लगाया है। दोनों ने कहा है कि नगर निगम वाराणसी में सपा-कांग्रेस गठबंधन के अंतर्गत पूर्व में कार्यकारिणी चुनाव में दोनों दलों ने मिलकर सपा के दो सदस्यों को निर्वाचित कराया था। इस बार कांग्रेस का एक सदस्य सेवानिवृत्त हुआ था और गठबंधन के अनुसार कार्यकारिणी में कांग्रेस का एक सदस्य नामित होना तय था।

लेकिन सपा ने गठबंधन धर्म का उल्लंघन करते हुए भाजपा के साथ सांठगांठ कर अपने दल के एक सदस्य को कार्यकारिणी में भेज दिया। इससे कांग्रेस को उसका वैध प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका।

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा में भी असंतोष होने के कारण वह चुनाव प्रक्रिया से बचना चाहती थी। सपा और भाजपा की मिलीभगत से नियमों की अवहेलना करते हुए समय सीमा के बाद जबरन कांग्रेस प्रत्याशी से नाम वापसी करवाई गई, जो न केवल असंवैधानिक है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी विरुद्ध है। कांग्रेस इस घटनाक्रम की तीव्र निंदा करती है और इसे जनादेश व गठबंधन की भावना के साथ विश्वासघात मानती है।

DAV PG College Varanasi की छवि धूमिल करने का आरोप, पीएमओ में दिया पत्रक

BHU वीसी/रजिस्ट्रार को भी दिया पत्रक, छात्रनेताओं पर करवाई की मांग


Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live). वाराणसी शहर की ख्यातिलब्ध शिक्षण संस्था DAV PG College (डीएवी पीजी कॉलेज) की छवि को अवांछनीय तत्वों एवं भूमाफियाओं द्वारा लगातार सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से मिथ्यारोप लगाकर धूमिल करने का आरोप लगाकर कॉलेज प्रबंधन सहित महाविद्यालय के प्राध्यापक, कर्मचारियों ने शुक्रवार को प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय एवं काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के कुलपति को पत्रक दिया। महाविद्यालय के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह एवं कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल के नेतृत्व में प्राध्यापकों एवं कर्मचारियों के दल ने पहले पीएम जनसंपर्क कार्यालय में शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रेषित पत्रक सौंप आरोपियों पर कारवाई की मांग की।


इसके बाद प्रतिनिधिमंडल काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में प्रभारी कुलपति एवं कुलसचिव को भी पत्रक सौंप तथाकथित छात्रनेताओं की आपराधिक पृष्ठभूमि सहित सीडीआर एवं कॉल लोकेशन की जाँच कराए जाने की मांग की, ताकि साजिशकर्ताओं के एक बड़े रैकेट का खुलासा हो सके और पर्दे के पीछे से इस साजिश को हवा देने वाला मुख्य साजिशकर्ता भी बेनकाब हो सके।


इस मौके पर महाविद्यालय के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह ने कहा कि विगत कुछ माह से महाविद्यालय की बेशकीमती जमीन पर नजर गड़ाए बैठे भूमाफियाओं एवं अपराधियों द्वारा अनर्गल एवं मिथ्यारोपों के जरिये कॉलेज की श्रेष्ठ अकादमिक छवि को खराब करने का निरंतर प्रयास जारी है, इसके अलावा कॉलेज में चल रही नियुक्ति प्रकिया को भी बाधित करने के उद्देश्य से छात्रनेताओं की आड़ में कुत्सित प्रयास चल रहा है। प्रबंधक ने अपने ऊपर लगाए सभी आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि 2005 से आजतक उनका एक भी रिश्तेदार कॉलेज में नौकरी नही करता है, इसकी जाँच कराई जा सकती है। 

उन्होंने यह भी कहा कि नियुक्ति में अनैतिक दबाव को ना सहने के कारण ही उनके पिता स्व.पीएन सिंह यादव की निर्मम हत्या तथाकथित इन्ही समूहों द्वारा की गई थी, वहीं लोग आज भी पुनः सक्रिय होकर उसी प्रयास में लगे हुए है। 

इनकी रही खास मौजूदगी 


प्रतिनिधिमंडल में डीएवी इंटर कॉलेज प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष हरिबंश सिंह, महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल, उपाचार्य प्रो. राहुल, चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय सिंह, प्रो. सतीश कुमार सिंह, प्रशासनिक अधिकारी कुँवर शशांक शेखर, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के महानगर अध्यक्ष डॉ. सिद्धार्थ सिंह, डॉ.संजय कुमार सिंह सहित 50 से अधिक प्राध्यापक एवं कर्मचारी शामिल रहे।

गुरुवार, 26 जून 2025

Mahe Muharram 2025: Chand के दीदार संग इस्लामी नये साल का आगाज़

मस्जिदों में शहादतनामा तो अजाखानों में शुरू हुई मजलिस-ए-इस्तेक़बालिया

शिया ख़्वातीन ने तोड़ी चूड़ियां, हटाया साजो श्रृंगार, पहना काला लिवास


सरफराज अहमद / मो. रिज़वान 
Varanasi (dil India live). 29 जिलहिज्जा को चांद का दीदार हो गया। चांद देखे जाने के साथ ही इस्लामी नये साल माहे मोहर्रम का आगाज़ हो गया। चांद देखे जाने की पुष्टि ‘काजी-ए-शहर’ समेत तमाम चांद कमेटी के ऐलान से हुई। अपने ऐलान में कहा गया कि आज (27 जून) को मोहर्रम का चांद दिखाई दिया है। इसलिए मुहर्रम की 01 तारीख 28 जून को होगी और यौमे आशूरा 6 जुलाई 2025 को मनाया जाएगा। उधर चांद के दीदार संग शिया अजाखाने सजा दिए गए। मजलिसे इस्तेकबालिया बनारस, जौनपुर, लखनऊ, मऊ, आजमगढ, बलिया, गोरखपुर व गाजीपुर आदि शहरों में शुरू हो गई।





दरअसल मुहर्रम इस्लामिक कैलेंडर के मुताबिक साल का पहला महीना है। इसी महीने के साथ इस्लामिक नए साल की शुरुआत होती है। वैसे तो ये एक महीना है लेकिन इस महीने में मुसलमान खास तौर पर शिया मुसलमान पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन समेत कर्बला में शहीद हुए 72 वीरों की शहादत का गम मनाते हैं। सन 61 हिजरी (680 ईस्वी) में इराक के कर्बला में पैगंबर मोहम्मद साहब के नवासे इमाम हुसैन को उनके 72 साथियों के साथ यजीदी सेना ने शहीद कर दिया था। मुहर्रम में इमाम हुसैन और उनके साथियों की शहादत का शिया मुस्लिम गम मनाते हैं। मातम करते हैं।  

इस दौरान सुन्नी मस्जिदों में एक से दस मुहर्रम तक सुन्नी मुसलमान शहादतनामा पढते हैं’ तकरीर होती है तो शिया मुसलमान इमाम हुसैन की शहादत का जिक्र करते हैं। उनका गम मनाने के लिए मजलिसें करते हैं। मजलिसों में इमाम हुसैन की शहादत बयान की जाती है। मजलिस में तकरीर (स्पीच) करने के लिए ईरान से भी इंडिया में आलिम (धर्मगुरू) आते हैं और जिस इंसानियत के पैगाम के लिए इमाम हुसैन ने शहादत दी थी उसके बारे में लोगों को विस्तार से बताया जाता है। उधर लोगों ने एक दूसरे को इस्लामिक नये साल की मुबारकबाद दी। सोशल मीडिया, खासकर फेसबुक और व्हाट्स एप पर इस्लामी हिजरी नये साल की मुबारकबाद लोग अपने अजीजों से शेयर कर रहे थे।

शहर भर में हुई इस्तकबाले की मजलिसे

आज मोहर्रम के चांद की तस्दीक होते ही हर तरफ फिजा गमगीन हो गई। या हुसैन या हुसैन...की सदाएं फिजा में गूंजने लगी। हर तरफ इस्तकबाले अज़ा की मजलिसे हुईं व इमामबाड़ों में शमा रोशन किया गया और शरबत पर कर्बला के शहीदों की नजर हुई। शहर भर की 28 अंजुमनों ने नोहा और मातम का आगाज़ किया।

शिया जमा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने तकरीर करते हुए कहा कि यह वह महीना है कि जिसमें इमाम हुसैन ने अपने 71 साथियों के साथ इंसानियत को बचाने के लिए कुर्बानी पेश की। बताया कि लाखों की तादाद में मुसलमान और गैर मुसलमान हजरात भी इमाम हुसैन का गम मानते हैं, शहर भर में पहली मोहर्रम से लेकर 13वीं मोहरम तक लगातार जुलूस उठते हैं और सैकड़ो की तादाद में मजलिसे होती हैं। जिसमें खवातीन भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लेती हैं। इस सिलसिले से पहला जुलूस कल शाम ठीक 4:00 बजे उठाया जाएगा जो कैंपस में नोहाख्वानी और मातम के साथ समाप्त होगा। हैदर ने बताया की बनारस शहर में कई जगह रास्तों की परेशानियां हैं और प्रशासन से अपील की जाती है कि वह रास्तों की दुश्वारियां को दूर कराएं और सुरक्षा के इंतजाम किए जाएं। 

इंसानियत के लिए मिसाल है शहादत-ए-हुसैन

इस्लाम की तारीख में मुहर्रम बड़े ही अकीदत, एहतेराम के साथ मनाया जाता है। इंसानियत के लिए शहादत-ए-हुसैन एक मिसाल है। मुहर्रम का चांद दिखाई देने के बाद मर्सियाखान सैयद नबील हैदर ने इस्तेक़बाले अजा की मजलिस को खिताब करते हुए कहा कि मुहर्रम पर 2 महीना 8 दिन ग़म मनाया जाता है। यही नहीं पूरे दो माह 8 दिन शिया समुदाय के लोग किसी भी खुशी में शरीक नहीं होते। चांद दिखाई देने से आज ही से इमाम बारगाह, अजाखानो, घरों में मजलिसों का सिलसिला शुरू हो गया। 

नबील ने कहा कि इमाम हुसैन ने जो इन्सानियत की राह दिखाई है ,वही हक पर चलने की नेक राह है। इमाम हुसैन ने जुल्म के खिलाफ आवाज़ उठाने का पैगाम दिया, हुसैन ने जालिम खलीफा का साथ नहीं दिया । इसीलिए आपको अपने 72 साथियों के साथ इतनी बड़ी कुर्बानी देनी पड़ी, लेकिन यही कुर्बानी दीन को बचा ले गई, और उसी कुर्बानी की वजह से इंसानियत दुनिया में अभी भी जिंदा है। इमाम हुसैन का बलिदान सत्य, न्याय, धार्मिकता महान प्रेरणा है। उनका बलिदान अन्याय के खिलाफ लड़ने और सच्चाई के मार्ग पर चलने के लिए एक शक्तिशाली संदेश है।


Varanasi Main Kisan आंदोलन के 20 वें दिन में किसानों ने क्या किया

भूमि अधिग्रहण के विरोध के बीच किसानों ने शाहू जी महाराज की मनाई जयंती


Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). वाराणसी में निर्माणाधीन इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम गंजारी व आसपास के गाँवों में अर्बन टाउनशिप, स्पोर्ट्स सिटी और फोरलेन सड़क चौड़ीकरण के लिए जबरन भूमि अधिग्रहण के विरोध में आंदोलन 20 वें दिन गुरुवार को भी जारी रहा। यहाँ स्थित एक बाग में किसानों ने छत्रपति शाहूजी महाराज की जयंती मनाई। पूर्वांचल किसान यूनियन की ओर से चल रहे धरना प्रदर्शन की अगुवाई कर रहे यूनियन के अध्यक्ष योगीराज सिंह पटेल ने शाहूजी महाराज के चित्र पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उन्हे शिद्दत से स्मरण किया गया। संचालन कर रहे पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राजकुमार गुप्ता ने उनके जीवन पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए उनके सिद्धांतों को आत्मसात करने पर बल दिया।


धरना सभा में वक्ताओं ने कहा कि यहां प्रशासन लगभग एक हजार से अधिक एकड़ भूमि का अधिग्रहण करना चाहती है जो पूरी तरह से गैरवाजिब और जबरन किया जा रहा है। सरकार ने पहले भी हरहुआ-राजातालाब रिंग रोड और स्टेडियम निर्माण के नाम पर हमारी जमीन ली है। अब अर्बन टाउनशिप स्पोर्ट्स सिटी और सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हमारी जमीन जबरन छीनना चाहती है। हम ऐसा नहीं होने देंगे। हम अपनी जमीन किसी भी कीमत पर नहीं देंगे। अगर जबरदस्ती हुई तो हम जान देने को तैयार हैं। पहले भी बहुत कुछ दे चुके हैं, अब और नहीं।

किसानों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को नहीं रोका तो वे उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। उनका साफ कहना है कि ज़मीन हमारी है और इसे छीनने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल किसानों का विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण चल रहा हैं, लेकिन चेतावनियों के मद्देनजर प्रशासन के लिए यह एक गंभीर संकेत है। देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है।


धरने की अगुआई पूर्वांचल किसान यूनियन के अध्यक्ष योगीराज सिंह पटेल कर रहे हैं वही अध्यक्षता किसान नेता डा. राजेन्द्र सिंह व संचालन पूर्व क्षेत्र पंचायत सदस्य राजकुमार गुप्ता ने किया। अन्त में आभार हरसोस ग्राम प्रधान प्रतिनिधि ओम प्रकाश सिंह पटेल ने दिया। 

इनकी रही खास मौजूदगी 

डा. राजेन्द्र सिंह, योगीराज सिंह पटेल, राजकुमार गुप्ता, ओमप्रकाश सिंह पटेल, गणेश शर्मा, रामदुलार, रमेश वर्मा, अवधेश, रणजीत, राकेश, विरेंद्र बौद्ध, रामचंद्र, रामनाथ, भाईराम, आशा पटेल, रामनरेश, विनोद, सत्यनारायण, राम नारायण, जयप्रकाश, कल्पनाथ गोस्वामी, जियाराम पटेल, कमलाकर सिंह, विनय मौर्य, पद्माकर सिंह, राजेन्द्र, निहोरी लाल, रामपत्ती, रामनाथ, लालजी, दीलिप सिंह, अजीत पटेल, रणजीत, हृदय पाल, मनोज कुमार सिंह, विरेंद्र पटेल, रामबालक पटेल, प्रहलाद पाल, राजेश कुमार, राजकुमार राजभर सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।

Mahe Muharram का चांद दिखेगा आज

मोहर्रम से पूर्व ताजिये के रास्तों की मरम्मत में लापरवाही से बढ़ी चिंता 


Varanasi (dil India live). वाराणसी समेत देश दुनिया में पवित्र मोहर्रम का पर्व मनाया जाना है, आज चांद रात है अगर चांद दिखाई देते ही मोहर्रम महीने का आगाज़ हो जाएगा। चांद के दीदार संग जलसों, जुलूसों और मजलिसों का दौर शुरू हो जाएगा। लेकिन वाराणसी में नगर निगम प्रशासन की लापरवाही से नागरिकों में भारी आक्रोश व्याप्त है। ताजिया जुलूस के प्रमुख मार्गों पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन हैं, जिससे न सिर्फ जुलूस में बाधा उत्पन्न होने की आशंका है, बल्कि दुर्घटनाओं की भी संभावना बनी हुई है।

पार्षद फरजाना बेगम ने एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा है कि स्थानीय नागरिकों और जनप्रतिनिधियों द्वारा कई बार नगर निगम से शिकायत की गई है। नगर आयुक्त कार्यालय में मरम्मत कार्यों से संबंधित फाइलें पहले ही भेज दी गई हैं, लेकिन अब तक स्वीकृति नहीं मिल पाने के कारण कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। यह स्थिति त्योहार के शांतिपूर्ण और सम्मानपूर्वक आयोजन के लिए एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि नगर आयुक्त तत्काल प्रभाव से इन गड्ढों की मरम्मत और रास्तों की सफाई का कार्य शुरू कराएं, ताकि मोहर्रम का पर्व श्रद्धा, शांति और सुरक्षित वातावरण में संपन्न हो सके। नगर निगम प्रशासन यदि शीघ्र ठोस कदम नहीं उठाता है, तो नागरिकों में आक्रोश और बढ़ सकता है तथा ताजिया जुलूस की गरिमा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

बुधवार, 25 जून 2025

Varanasi Main Rathyatra मेले में आज से रहेगा रूप डायवर्ट

यहां देखिए रूट डाइवर्जन किधर रहेगा, किन रास्तों पर न जाए

26 जून 2025 से 30 जून 2025 तक रथयात्रा मेले पर यातायात डायवर्जन


Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). रथयात्रा मेला 26 jun से 30 jun तक चलेगा। मेलें में होने वाली भीड़ की सम्भावना को दृष्टिगत रखते हुए महानगर में सुगम यातायात के निमित्त यातायात का डायवर्जन निम्नानुसार किये जाने का निर्णय यातायात पुलिस ने लिया है।इस दौरान निम्न आदेश दिया गया है 

1. बी0एच0यू0 भेलूपर की तरफ से रथयात्रा की तरफ आने वाले वाहनों को कमच्छा से साई मंदिर की तरफ मोड़ दिया जायेगा जो आकाशवाणी होते हुये महमूरगंज के रास्ते अपने गंतव्य को जायेंगे।

2. लक्सा से रथयात्रा की तरफ जाने वाले समस्त वाहनों को गुरूबाग तिराहे से नीमामाई तिराहे की तरफ मोड़ दिया जायेगा जो कमच्छा तिराहा होकर अपने गंतव्य को जायेंगे।

3. सिगरा से रथयात्रा की तरफ जाने वाले समस्त वाहनों को सिगरा चौराहे से महमूरगंज की तरफ व सोनिया पुलिस चौकी की तरफ मोड़ दिया जायेगा, वहॉ से होकर अपने गंतव्य को जायेंगे।

4. महमूरगंज चौराहे से रथयात्रा की तरफ जाने वाले समस्त वाहनों को आकाशवाणी तिराहा से सिगरा की तरफ मोड़ दिया जायेगा, वहॉ से होकर अपने गंतव्य को जायेंगे।

5. सिगरा चौराहा, आकाशवाणी, नीमामाई तिराहा के समीप कार, आटो, ई-रिक्शा, मोटर साइकिल, पैडल रिक्शा एवं सभी प्रकार के वाहनों को पार्किंग में खड़ा करा दिया जायेगा।

6. एम्बुलेंस एवं शव वाहन इस प्रतिबन्ध से मुक्त रहेंगे।

7. यह डायवर्जन व्यवस्था दिनांकः 26.06.2025 से 30.06.2025 तक प्रत्येक दिन अपरान्ह 16.00 बजे से प्रातः 03.00 बजे तक लागू रहेगा।

भारी वाहनों पर रहेगा पूर्ण प्रतिबंध 

1. जिन भारी वाहनों (ट्रक इत्यादि) को मण्डुवाडीह तक आना है, वह नो-इन्ट्री खुलने के बाद मोहनसराय, रोहनियॉं, चॉंदपुर मुढ़ैला होते हुए मण्डुवाडीह तक आ सकते हैं।

2. जिन भारी वाहनों (ट्रक इत्यादि) को सिगरा तक आना है कि वह नो-इन्ट्री खुलने के बाद मोहनसराय, रोहनियॉं, चॉंदपुर, लहरतारा, धर्मशाला, इंग्लिशिया लाइन, मलदहिया होते हुए सिगरा तक आ सकते हैं।

3. जिन भारी वाहनों (ट्रक इत्यादि) को सिगरा क्षेत्र से हरहुआ होकर अथवा बाबतपुर जाना होगा, वह वाहन नो-इन्ट्री खुलने के बाद सिगरा, मलदहिया, चौकाघाट, ताड़ीखाना पुलिस लाइन चौराहा, भोजूबीर, गिलट बाजार, तरना, हरहुआ होते हुए अपने गन्तव्य को जा सकेंगे।

4. मण्डुवाडीह से आने वाले सभी प्रकार के वाहनों के लिए आकाशवाणी तिराहा से रथयात्रा चौराहे तक जाने पर पूर्ण प्रतिबन्ध रहेगा तथा सिगरा चौराहे से रथयात्रा तक जाने वाले भारी वाहनों पर प्रतिबन्ध रहेगा।

Mahe Muharram 2025: Varanasi में क्यों खास होता है मोहर्रम यहां जानिए

यौमे आशूरा चेहल्लुम ही नहीं एक मोहर्रम से साठे तक जुलूस ही जुलूस 

कर्बला के शहीदों की याद दो माह आठ दिन रहेगा ग़म का अय्याम 

१३ दिन तक लगातार निकलेगा जुलूस मनाया जाएगा इमाम हुसैन का ग़म


सरफराज अहमद 

Varanasi (dil India live). बनारस का मोहर्रम कई मायनों में दूसरे शहरों से खास होता है। ज़्यादातर शहरों में मोहर्रम की खास तारीखों पर ही जुलूस निकाला जाता है और बड़े आयोजन होते हैं जिसमें यौमे मोहर्रम की दस तारीख यानी आशूरा, तीजा, चेहल्लुम ही खास होता है मगर मजहबी शहर बनारस में शहीदाने कर्बला की याद में यौमे आशूरा चेहल्लुम ही नहीं बल्कि एक मोहर्रम से साठे तक जुलूस ही जुलूस ही जुलूस निकाले जाते हैं। कर्बला के शहीदों की याद में दो माह आठ दिन ग़म का अय्याम रहता है। इस दौरान एक मोहर्रम से १३ दिन तक लगातार जुलूस निकाला जाता है। 

कब है मोहर्रम, कैसे होगी शुरुआत 

इमाम हुसैन की याद में मनाएं जाने वाला माहे मोहर्रम यूं तो चांद के दीदार के साथ शुरू होता है। यह महीना इस्लामी हिजरी सन् का पहला महीना होता है। कल हिजरी माह की 29 तारीख है। अगर कल चांद का दीदार होता है तो मोहर्रम का आगाज़ हो जाएगा। चांद के दीदार के साथ ही अजाखाने सजा दिए जाएंगे ख़्वातीन अपनी चूड़ियां और साजो श्रृंगार हटाकर काला लिवास पहन लेंगी। मर्द भी काले पोशाक में हो जाएंगे। एक मोहर्रम से जुलूस का सिलसिला भी शुरू हो जाएगा जो दो माह आठ दिन तक चलेगा। इस दौरान शादी ब्याह और खुशी के कोई भी आयोजन नहीं होंगे।

यह है मोहर्रम का शिड्यूल

शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी सैयद फरमान हैदर, मौलाना सूफियान नक्शबंदी, तथा मौलाना उस्मान ने संयुक्त रूप से आज पत्रकारों को खिताब करते हुए मोहर्रम का शिड्यूल जारी किया। इस अवसर पर हाजी फरमान हैदर ने बताया कि शहर की २८ शिया अंजुमने तथा लाखों की तादाद में मुसलमान इमाम चौक से ताजिया उठाकर इमाम हुसैन की शहादत पर खेराजे अकीदत पेश करेंगे। हैदर ने बताया कि पहला जुलूस पहली मोहर्रम को सदर इमामबाड़े में सायंकाल ४ बजे कैंपस में ही उठाया जाएगा। यहां अलम और दुलदुल के साथ अंजुमने नोहाख्वानी व मातम का नज़राना पेश करेंगी। कार्यक्रम मुतवल्ली सज्जाद अली गुज्जन की निगरानी में आयोजित होगा। 

दूसरी मोहर्रम शिवपुर में अंजुमने पंजतनी के तत्वाधान में अलम व दुलदुल का जुलूस रात 8.00 बजे उठाया जायेगा। बनारस के अलावा दूसरे शहरों की अंजुमनें भी शिरकत करेंगी। भारत रत्न उस्ता बिस्मिल्ला खां के मकान पर दिन में 2. 00 बजे कदीमी मजलिस का आयोजन होगा। 

तीसरी मोहर्रम तीसरी मोहर्रम को अलम व दुलदुल का कदीमी जुलूस औसानगंज नवाब की ड्योढ़ी से सायं काल 5.00 बजे उठाया जायेगा। अंजुमन जीवादिया जुलूस के साथ-साथ रहेगी। इसी दिन शिवाला में अलीम हुसैन रिजवी के निवास से अलम ताबूत का जुलूस उठाया जायेगा, जो हरिश्चन्द्र घाट के पास के कुम्हार के इमामबाड़े पर समाप्त होगा। तीन मोहर्रम को ही रामनगर के बारीगढ़ी स्थित सगीर साहब के मकान से अलग का जुलूस उठाया जायेगा। 

चौथी मोहर्रम को ताजिये का जुलूस शिवाले में आलीम हुसैन रिजवी के निवास से गौरीगंज स्थित काजिम रिज़वी के इमामबाड़े पर समाप्त होगा। चार मोहर्रम को ही चौहट्टा में इम्तेयाज हुसैन के मकान से 2.00 बजे दिन में जुलूस उठकर इमामबाड़े तक जायेगा। चौथी मुहर्रम को ही तीसरा जुलूस दुलदुल का चौहट्टा लाल खां इमामबाड़े से रात 8:00 बजे उठकर अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ सदर इमामबाड़ा लाट सरैया पर समाप्त होगा। 

पाँचवी मोहर्रम को छत्तातले गोविन्दपुरा इमामबाड़े से अलम का जुलूस अंजुमन हैदरी के संयोजन में उठाया जायेगा। जुलूस में लोग मरसिया पढ़ेंगे। शहनाई पर मातमी धुन भारत रत्न उस्ताद विस्मिल्लाह खां के परिवार के लोग पेश करेंगे। जिसमें जामीन हुसैन, फतेह अली, अली अब्बास आदि शामिल रहेंगे। पांच मोहर्रम को अर्दली बाजार में हाजी अबुल हसन के निवास से इमाम हुसैन के छः महीने के बच्चे शहीद अली असगत की याद में झूले का जुलूस उठेगा। जो मास्टर जहीर हुसैन के इमामबाड़े पर जाकर समाप्त होगा। पांच मोहर्रम को ही रामनगर में महाराज बनारस की मन्नत का जुलूस उठाया जायेगा। जिसमें अलम व दुलदुल शामिल रहेगा। ये जुलूस अहले सुन्नत हजरात उठाते हैं।

छठी मोहर्रम :- ये तारीख बनारस के मोहर्रम के लिए ऐतिहासिक है। इसमें दुलदुल का जुलूस सायं 5.00 बजे अंजुमन जव्वादिया के जेरे इम्तियाज कच्चीसराय इमामबाड़े से उठाया जाता है। ये जुलूस तकरीबन 40 घंटे तक पूरे शहर में भ्रमण करता है। सभी धर्मों के लोग इसमें शिरकत करते हैं। तकरीबन 9 थाना क्षेत्रों से होकर यह जुलूस गुजरता है और 8 मोहर्रम की सुबह समाप्त होता है। 

सातवीं मोहर्रम को चौहट्टा लाल खां में इमाम हुसैन के भतीजे (इमाम हसन के पुत्र) 13 साल के जनाबे कासिम की याद में मेहदी का जुलूस में उठाया जाता हैं। यहां मेहंदी का दो जुलूस उठाया जाता है। एक जुलूस देर रात अपने कदीमी रास्ते से होता हुआ सदर इमामबाड़े लाट सरैया पर समाप्त होता है। ये जुलूस अंजुमन आबिदया के जेरे इन्तजाम उठाया जाता है। दोषीपुरा में अंजुमन कारवाने कर्बला द्वारा मेहदी का जूलूस उठाया जाता है। हर घर में जनाबे कासिम की याद में रात 12.00 बजे मेंहदी रोशन की जाती है। और फातिहा होती है। सात मोहर्रम को कर्बला में इमाम हुसैन व उनके साथियों का पानी बन्द कर दिया गया था। 

आठवीं मोहर्रम का दिन इमाम हुसैन के छोटे भाई से सम्बन्धित है। इस दिन जनाबे अब्बास के नाम पर हाजिरी की फातिहा करायी जाती है। जनाबे अब्बास इमाम हुसैन के (अलमबरदार) भी थे। इस मौके पर रात 8 बजे खाजा नब्बू के चाहमामा स्थित निवास से ताबूत का जुलूस अजुमन हैदरी के तत्वाधान में उठाया जायेगा। लियाकत अली कर्बलायी मर्सिया पेश करेंगे। इसी जुलूस में शहनाई पर मातमी धुनों के साथ आंसुओं का नजराना पेश करेंगे। ये जुलूस फातमान से पलटकर भोर में छत्तातले पर समाप्त होगा। शिवाले में डिप्टी जाफर बख्त की मस्जिद से अलग व ताबूत का जुलूस उठाया जायेगा। शिवाले में ही बराती बेगम के इमामबाड़े से दुलदुल का जुलूस उठकर कुम्हार का इमामबाड़ा हरिश्चन्द घाट पर समाप्त होगा। आठ मुहर्रम को ही चौहट्टा लाल खा में मिरजा मेंहदी के निवास से अलम व ताबूत का जूलस उठकर मिरपूरा इमामबाड़े जाकर समाप्त होगा। चौहट्टा लाल खां में ही एक और जुलूस आलीम हुसैन के मकान से ताबूत व अलम का जुलूस उठाया जायेगा। इस जुलूस की विशेषता यह है कि पूरे रास्ते में अधेरा का दिया जाता है। रास्तों की लाईट बुझा दी जाती है। यह जुलूस भी मीरपुरा इमामबाड़े पर जाकर समाप्त होता है। आठ मोहर्रम को ही अर्दली बाजार में जियारत दुसैन के निवास से शब्बीर शद्दू के संयोजन में अलम व दुलदुल का उठाया जायेगा।

ऐसे ही मोहर्रम की नव तारीख को शहर के सभी इमामबाड़ों से गशती अलम का जुलूस निकाला जाता है साथ ही शिवाला से दूल्हे का जुलूस निकाला जाता है। ऐसे ही दसवीं मोहर्रम को इमाम हुसैन समेत कर्बला के वीरों की शहादत मनाई जाती है। शहर भर में जुलूस उठाया जाता है। ऐसे ही ग़म का यह अययाम दो माह आठ दिन तक चलेगा। 

11 मोहर्रम को दालमंडी से लुटा हुआ काफिला।

12 मोहर्रम को कर्बला के शहीदों का शहर भर में चीजें का जुलूस।

13 मोहर्रम को सदर इमामबाड़े में दुलदुल का जुलूस उठेगा।