गुरुवार, 29 मई 2025

ग्रांट थॉर्टन को क्लीन चिट, बिजली कर्मियों में गुस्सा

बनारस संग देश के 27लाख बिजलीकर्मियो ने निजीकरण के विरोध में किया प्रदर्शन

 

सरफराज अहमद 

Varanasi (dil)। विधुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ0प्र0 के बैनर तले बनारस के बिजलीकर्मियो ने भिखारीपुर स्थित हनुमान मंदिर पर सुबह-11बजे से देश के समस्त 27लाख बिजलीकर्मियो की तरह विरोध प्रदर्शन किया।

    संघर्ष समिति के वक्ताओ ने कहा कि आज देश के समस्त 27लाख बिजलिकर्मियो ने पुर्वांचल और दक्षिणांचल विधुत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में देश के और अलग-अलग जगहों पर विरोध प्रदर्शन किया जिसके तारतम्य में बनारस के बिजलिकर्मियो ने भारी विरोध सभा भिखारीपुर स्थित प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर किया।

  सभा के दौरान वक्ताओ ने कहा कि प्रदेश के समस्त बिजलिकर्मियो की भांति बनारस के बिजलिकर्मियो ने माननीय मुख्यमंत्री जी से आग्रह किया कि एक बार आप विधुत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के द्वारा बनाया गया प्रेजेंटेशन को देखिए और उसपर विचार कीजिये कि क्या बिजली के निजीकरण की आवश्यकता है ? यदि आपको निजीकरण की आवश्यकता समझ मे नही आता तो आप इन शीर्ष ऊर्जा प्रबन्धन से पूछे कि आप 24 वर्षो में सरकार को क्यों गुमराह कर रहे थे यदि आप से ये विभाग नही संभल रहा है तो छोड़ क्यों नही दिया।

     


नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान  पर आज देश के सभी प्रांतों के बिजली कर्मचारियों ,जूनियर इंजीनियरों और अभियंताओ ने उत्तर प्रदेश में 42 जनपदों के किये जा रहे बिजली के निजीकरण के विरोध में  जोरदार प्रदर्शन किया। उप्र के समस्त जनपदों और परियोजनाओं पर आज बिजली कर्मचारियों ने जबरदस्त विरोध प्रदर्शन कर अपने आक्रोश को व्यक्त किया।

       विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के पदाधिकारियों ने बताया कि यह चर्चा है कि निजीकरण हेतु नियुक्त किए गए ट्रांजैक्शन कंसलटेंट ग्रांट थॉर्टन को झूठा शपथ पत्र देने के बावजूद निदशक वित्त निधि नारंग ने उसे क्लीन चिट दे दी है। उल्लेखनीय है कि इंजीनियर ऑफ कांट्रैक्ट ने झूठा शपथ पत्र देने के मामले में ग्रांट थॉर्टन का नियुक्ति आदेश रद्द करने की सिफारिश की थी। इसे न मान कर अब अवैध ढंग से नियुक्त किए गए ट्रांजैक्शन कंसलटेंट ग्रांट थॉर्टन को क्लीन चिट देकर निजीकरण की प्रक्रिया तेज की जा रही है। संघर्ष समिति ने कहा कि इस घटना से ऐसा प्रतीत होता है कि प्रबंधन की निजी घरानों से मिली भगत है। इसीलिए तीसरी बार श्री निधि नारंग को सेवा विस्तार दिया गया है।


        उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार  ने विद्युत वितरण निगमों में घाटे के भ्रामक आंकड़ों देकर पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण का निर्णय लिया है जिससे उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों में भारी गुस्सा व्याप्त है। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मी विगत 06 माह से लगातार आंदोलन कर रहे हैं किंतु अत्यंत खेद का विषय है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने आज तक एक बार भी उनसे वार्ता नहीं की। उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश में गलत पावर परचेज एग्रीमेंट के चलते विद्युत वितरण निगमों को निजी बिजली उत्पादन कंपनियों को बिना एक भी यूनिट बिजली खरीदे 6761 करोड रुपए का सालाना भुगतान करना पड़ रहा है । इसके अतिरिक्त निजी घरानों से बहुत महंगी दरों पर बिजली खरीदने के कारण लगभग 10000 करोड रुपए प्रतिवर्ष का अतिरिक्त भार आ रहा है। उत्तर प्रदेश में सरकारी  विभागो पर 14400 करोड रुपए का बिजली राजस्व का बकाया है। उत्तर प्रदेश सरकार की नीति के अनुसार किसानों को मुफ्त बिजली दी जाती है, गरीबी रेखा से नीचे के बिजली उपभोक्ताओं को 03 रुपए प्रति यूनिट की दर पर बिजली दी जाती है जबकि बिजली की लागत  रुपए 07.85 पैसे प्रति यूनिट है। बुनकरों आदि को भी सब्सिडी दी जाती है। सब्सिडी की धनराशि ही लगभग 22000 करोड रुपए है। उत्तर प्रदेश सरकार इन सबको घाटा बताती है और इसी आधार पर निजीकरण का निर्णय लिया गया है। 


       उत्तर प्रदेश में किए जा रहे बिजली के निजीकरण के विरोध में आज देशभर में 27 लाख बिजली कर्मचारियों ने सभी जनपदों और परियोजनाओं पर भोजन अवकाश के दौरान सड़क पर उतरकर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया और उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों के साथ अपनी एकजुटता दिखाई। बिजली कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मियों का कोई भी उत्पीड़न करने की कोशिश की गई तो देश के तमाम 27 लाख बिजली कर्मी मूक दर्शन नहीं रहेंगे और सड़क पर उतर कर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे जिसकी सारी जिम्मेदारी उत्तर प्रदेश सरकार की होगी। सभा की अध्यक्षता ई0 नीरज बिंद ने एवं संचालन अंकुर पाण्डेय ने किया।

 सभा को ई. मायाशंकर तिवारी, ई. अनिल शुक्ला, ई.विजय सिंह, ई. अमित श्रीवास्तव, ई.गौतम शर्मा, ई. सतीश चंद बिंद, विजय नारायण हिटलर, चंदन, रविन्द्र यादव, उदयभान दुबे, आलोक रंजन, अरुण कुमार आदि ने संबोधित किया।

Artists ने Malviya की अच्छाइयों से लेकर सामाजिक बुराईयों पर भी चलाई तूलिका

Awareness for Eye Donation ने खींचा कला प्रेमियों का ध्यान


Varanasi (dil India live)। बीएचयू के दृश्य कला संकाय स्थित अहिवासी कला दीर्घा में एम.एफ.ए. प्रथम वर्ष के छात्रों ने कला प्रदर्शनी का आयोजन किया। इसमें छात्रों ने अपने डिजिटल कार्यों को भौतिक रूप में प्रस्तुत कर नवीन प्रयोग की मिसाल पेश की। यह प्रदर्शनी न केवल कला के विविध रूपों को दर्शाती है बल्कि सामाजिक जागरूकता, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक मूल्यों जैसे महत्वपूर्ण विषयों को भी प्रभावी ढंग से उजागर करती है। विशेष श्रृंखला में भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय के प्रेरणादायक विचारों को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया।

प्रदर्शनी में दिव्या कुमारी द्वारा "Awareness for Eye Donation" विषय पर तैयार किए गए चित्रों ने नेत्रदान जैसे गंभीर सामाजिक विषय की ओर ध्यान आकर्षित किया। वहीं अंशु चौबे ने "Hygiene You" के माध्यम से व्यक्तिगत स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया। इसी क्रम में चंचल उत्सवी और अन्य छात्रों ने भी विविध सामाजिक एवं सांस्कृतिक विषयों को अपनी चित्रात्मक अभिव्यक्ति से सजीव रूप प्रदान किया। प्रदर्शनी का प्रमुख आकर्षण थी अयान मौर्या द्वारा प्रस्तुत “शब्द से चित्र तक महामना की प्रेरणा“ नामक चित्रमाला। इस विशेष श्रृंखला में भारत रत्न पंडित मदन मोहन मालवीय के प्रेरणादायक विचारों को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। हर चित्र उनके जीवन के किसी न किसी मूल्यवान सिद्धांत, जैसे चरित्र, शिक्षा, ईमानदारी, परिश्रम, सेवा और राष्ट्रप्रेम को उजागर करता है। इस रचना का उद्देश्य युवाओं को भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों और जीवन के आदर्शों की ओर प्रेरित करना है।


चित्रमाला के पर्यवेक्षक के रूप में डॉ. आशीष कुमार गुप्ता, सहायक प्रोफेसर एप्लाइड आर्ट्स व विभाग प्रमुख प्रो. मनीष अरोड़ा का मार्गदर्शन छात्रों को प्राप्त हुआ। प्रदर्शनी को देखने आये कला समीक्षकों एवं संकाय आचार्यों ने छात्रों के कार्यों, उनकी रचनात्मक सोच, सामाजिक चेतना और प्रस्तुति के प्रयासों की प्रशंसा की। साथ ही विद्यार्थियों को आगामी कलात्मक प्रयोगों के लिए उपयोगी सुझाव भी दिये। इस आयोजन ने यह सिद्ध कर दिया कि समकालीन कला न केवल सौंदर्यबोध की संवाहक है, बल्कि समाज के ज्वलंत मुद्दों पर संवाद स्थापित करने का एक प्रभावशाली माध्यम भी है।

Hajj के Safar पर रवानगी में छूट गई flight, फिर जानिए क्या हुआ चमत्कार

रब के करिश्मे ने कराया नबी के रौज़े व काबा का दीदार

  • Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). लीबिया निवासी आमिर अल मेहदी मंसूर अल गद्दाफी की हज यात्रा एक अविश्वसनीय कहानी बन गई है। कहते हैं कि काबा वही जाता है जिसकी रुह लब्बैक बोलती है। गद्दाफी की हज के लिए रवाना होते समय, एयरपोर्ट पर सुरक्षा जांच के कारण फ्लाइट छूट गई। इधर इनकी जांच चल रही थी उधर जहाज ने उड़ान भर दिया। मगर इसी को कहते हैं जिससे रब राजी हो तो उसको कोई हज पर जाने से रोक नहीं सकता। इसके बाद उनके विमान में दो बार तकनीकी खराबी आई और उड़ान रद्द हो गई। हालांकि, तीसरे प्रयास में वे सफलतापूर्वक मक्का पहुंच गए।

दूसरी लैंडिंग के बाद पायलट ने कहा कि वह आमिर के बिना दोबारा उड़ान नहीं भरेगा। इस घटना के बाद से, आमिर का विश्वास और अल्लाह पर उनका भरोसा और मज़बूत हुआ है। आमीर की यह कहानी सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो रही है। लोग लाइक, शेयर कर रहे हैं। अब आप पीछे क्यों रहें।

Cricket खेलने निकला शौर्य Ganga में डूबा, हुई मौत

औसानगंज का रहने वाले शौर्य सेठ की मौत से घर में मचा कोहराम


 

  • Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live). जैतपुरा थाना क्षेत्र के औसानगंज, डिगिया निवासी एक किशोर की गंगा में डूबने से मौत हो गई। मौत की खबर से किशोर के घर में कोहराम मच गया। पुलिस ने बताया कि डूबने से मृत किशोर का नाम शौर्य सेठ है जिसकी आयु तकरीरबन 16 वर्ष है। औसानगंज डिगिया निवासी शौर्य के पिता विनोद सेठ ने बताया कि उनका पुत्र शौर्य घर से सुबह 5 बजे क्रिकेट खेलने जाने की बात कहकर निकला था, और जब वो 9 बजे तक वापस नहीं आया तो यह सब परिजनों ने शौर्य की खोजबीन शुरू की। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं लगा। 

उधर कोतवाली थाना क्षेत्र के पंचगंगा घाट पर एक किशोर की लाश मिली तो कोतवाली पुलिस ने शौर्य के परिजनों को बुलाया। परिजन उस लाश को देखते ही अपना आपा खो बैठे और रोने लगे। पिता ने उसकी शिनाख्त अपने बेटे शौर्य सेठ के रूप में किया। शौर्य की लाश मिलते ही पूरे परिवार में कोहराम मचा है और परिजनों का रो रो कर बुरा हाल हो गया। उधर पुलिस ने लाश का पंचनामा करके पोस्ट मार्टम के लिए भेज दिया। 

VKM Varanasi main पॉलिटिकल टुडे" के तीसरे संस्करण का हुआ लोकार्पण

वसंत कन्या महाविद्यालय के राजनीतिक विज्ञान विभाग के इलेक्टोरल लिटरेरी क्लब ने किया लोकार्पण 

Varanasi (dil India live). वसंत कन्या महाविद्यालय के राजनीतिक विज्ञान विभाग के तत्वावधान में कार्यरत इलेक्टोरल लिटरेरी क्लब (ईएलसी) द्वारा विभाग पत्रिका "पॉलिटिकल टुडे" के तीसरे संस्करण का भव्य लोकार्पण किया गया। यह कार्यक्रम महाविद्यालय के सेमिनार हॉल में दोपहर 12:00 बजे आयोजित हुआ, जिसमें महाविद्यालय के समस्त प्राध्यापकगण, राजनीतिक विज्ञान विभाग के शिक्षकगण तथा छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

इस संस्करण का मुख्य विषय "भारत और बदलती विश्व व्यवस्था" था, जिसमें छात्रों द्वारा समसामयिक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक परिवर्तनों पर विश्लेषणात्मक लेख प्रस्तुत किए गए हैं। यह पत्रिका छात्र समुदाय के बीच जागरूक संवाद और समालोचनात्मक चिंतन को बढ़ावा देने का प्रयास है।

पत्रिका लोकार्पण समारोह 

कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने की। इस अवसर पर डॉ. अनु सिंह, डॉ. सरोज उपाध्याय, डॉ. गौतम गोस्वामी तथा प्रवीरा सिन्हा ने भी विशेष उद्बोधन दिया। वक्ताओं ने छात्रों की बौद्धिक मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें समसामयिक विषयों से जुड़े रहने और सतत अध्ययन के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम की शुरुआत ईएलसी के सदस्यों द्वारा औपचारिक स्वागत से हुई, जिसके पश्चात पत्रिका का लोकार्पण किया गया। अतिथियों ने पत्रिका की विषयवस्तु की विविधता और गुणवत्ता की प्रशंसा की। इसमें भारत की विदेश नीति में बदलाव, उभरते वैश्विक गठबंधन, और घरेलू राजनीतिक चुनौतियों पर गहराई से प्रकाश डाला गया है।


पत्रिका के विमोचन के पश्चात प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने मंच पर आकर कहा कि "आज की विश्व व्यवस्था में पहले जैसी कोई बड़ी विचारधारा नहीं बची है। शीत युद्ध के समय जैसी दो विचारधाराएं थीं, अब वैसा कुछ नहीं दिखता। अमेरिका अब भी दुनिया में अहम भूमिका निभा रहा है। जैसे पुलवामा अटैक के बाद उसने भारत-पाक मसले में बीच में आकर शांति की बात की। इस बीच भारत की स्थिति भी मजबूत हो रही है। कई देश अब भारत को एक उभरती ताकत के रूप में देख रहे हैं और कुछ को इससे चुनौती भी महसूस हो रही है।" "पॉलिटिकल टुडे" एक पूर्णतः छात्र-निर्देशित प्रयास है, जो छात्रों को लेखन और अकादमिक बहस में भाग लेने का एक प्रभावशाली मंच प्रदान करता है। यह प्रकाशन आलोचनात्मक सोच, अभिव्यक्ति और नागरिक चेतना को प्रोत्साहित करने की शैक्षिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

कार्यक्रम का समापन मनस्वी सिंह द्वारा प्रस्तुत धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसमें सभी विशिष्ट अतिथियों, शिक्षकों, छात्र लेखकों तथा आयोजन टीम को इस सफल आयोजन के लिए धन्यवाद दिया गया। धन्यवाद ज्ञापन में इस आयोजन और पत्रिका के निर्माण में सभी की सामूहिक सहभागिता और अकादमिक समर्पण को विशेष रूप से रेखांकित किया गया।

Eid ul azha के चांद का हुआ दीदार

7 जून को  मनाई जाएगी देश भर में बक़रीद







Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live). वाराणसी समेत पूरे देश भर में ईदुल अजहा के चांद के दीदार की पुष्टि हो गई है। शहर काजी बनारस मौलाना जमील अहमद कादरी रिजवी ने दारुल कजा से ऐलान किया कि आज 28 मई को चांद का दीदार हो गया। लिहाजा 29 मई को ईदुल अजहा की एक तारीख होगी बक़रीद सात जून को मनाया जाएगा। उधर फुलवारी शरीफ पटना में इमारतें शरिया से चांद देखे जाने का ऐलान किया गया। बताया गया कि ईदुल अजहा सात जून को मनाया जाएगा। उधर लखनऊ की मस्जिद फिरंगी महल से भी चांद के दीदार की तस्दीक की गई।

 शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता और हजरत अली समिति के सचिव हाजी फरमान हैदर ने प्रेस विज्ञप्ति के द्वारा बताया है कि इस्लामिक कैलेंडर के आखिरी महीने का चांद आज देश और दुनिया के साथ-साथ बनारस में भी देखा गया। सिलसिले से आने वाला आने वाला महापर्व जिसे ईद उल अज़हा या ईद कुर्बान या बक़रीद भी कहते हैं शनिवार 7 जून को पूरी अकीदत के साथ मनाया जाएगा साथ ही उन्होंने प्रशासन से अपील की है की बिजली पानी की व्यवस्था को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए इंतजाम किया जाए। सुरक्षा का भी पुख्ता इंतजाम किया जाए। फरमान हैदर ने कहा कि कुर्बानी का पर्व पैगाम देता है कि अपने जीवन में साफ सफाई को भी महत्व दे और कुर्बानी का वह जज्बा जो जनाबे इब्राहिम ने 5000 साल पहले दिया था और इमाम हुसैन ने 1400 साल पहले कर्बला के मैदान में दिया था उसे कायम रखें और दूसरों के काम आए यही जिंदगी का महत्व है और साफ सफाई के सिलसिले से कुर्बानी खुले स्थान पर ना करें और सभी लोग गवर्नमेंट की गाइडलाइंस का पालन करें।

बुधवार, 28 मई 2025

बिजलीकर्मी बोले मरते दम तक नही होने देंगे निजीकरण

ऊर्जा मंत्री के बिजली का निजीकरण होकर रहेगा, के बयान पर भड़के बिजलीकर्मी



Varanasi (dil India live)। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उत्तर प्रदेश के बैनर तले 8वें दिन बनारस के बिजलिकर्मियो ने भिखारीपुर स्थित हनुमानजी मंदिर पर दोपहर-2बजे से किया प्रदर्शन। कल बिजली के निजीकरण के विरोध में देशव्यापी विरोध प्रदर्शन जिसमे देश के 25 लाख बिजलीकर्मी शामिल होंगे, के क्रम में बनारस के भी बिजलीकर्मी भी कल सुबह 11बजे से भिखारीपुर में करेंगे विरोध प्रदर्शन।
  सभा को संबोधित करते हुऐ अंकुर पाण्डेय ने बताया कि कल 29 मई से पूरे प्रदेश में बिजली के निजीकरण के विरोध में पूर्ण कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया गया था किंतु बनारस के बिजलिकर्मियो ने मुख्यमंत्री के प्रभावी हस्तक्षेप द्वारा कल बिजली के निजीकरण के टेंडर की फ़ाइल वापस कराने के लिए मुख्यमंत्री एवं अध्यक्ष विद्युत नियामक आयोग को हृदय से धन्यवाद दिया, और कहा कि अभी भी ऊर्जा प्रबन्धन उस टेंडर की फ़ाइल विद्युत नियामक आयोग से पास कराने का जुगाड़ लगा रहा है। संघर्ष समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि अभी कार्य बहिष्कार स्थगित किया गया है, हमारी नोटिस में स्पष्ट लिखा है कि जिस दिन टेंडर निकालने का निन्दनीय कार्य ऊर्जा प्रबन्धन करता है तो बिना किसी दूसरी नोटिस के तत्काल प्रदेश के समस्त बिजलीकर्मी पूर्ण कार्य बहिष्कार पर चले जायेंगे।
  सभा को संबोधित करते हुये विजय नारायण हिटलर ने बताया कि  ऊर्जा मंत्री द्वारा कल बनारस में कहा कि  बिजली का निजीकरण हो कर रहेगा उनके इस  बयान पर भड़के बिजलीकर्मी और बिजलीकर्मी बोले मरते दम तक नही होने देंगे बिजली का निजीकरण, क्योंकि इसी सरकार के तत्कालीन ऊर्जा मंत्री, वित्त मंत्री और मुख्य सचिव के साथ संघर्ष समिति उ0प्र0 के साथ बिजली के निजीकरण नहीं किया जाने के साथ वर्तमान व्यवस्था में सुधार करने का समझौता किया गया था।
  सभा को संबोधित करते हुये ई0 पंकज जैसवाल ने मुख्यमंत्री से बनारस के बिजलिकर्मियो की ओर से बिजली के निजीकरण का प्रस्ताव जनहित में हमेशा के लिए रद्द करने का आग्रह किया और वर्तमान व्यवस्था में अपनी निगरानी में सुधार के लिए बिजलिकर्मियो का योगदान लेने की बात कही और आश्वस्त किया कि प्रदेश के समस्त बिजलीकर्मी आपके साथ पूरे मनोयोग से दिन रात की परवाह किये कार्य करने को तैयार है।
सभा की अध्यक्षता ई0 एसके सिंह ने एवं संचालन ई0 गजेंद्र श्रीवास्तव ने किया।
सभा को ई0 नरेंद्र वर्मा, ई0 प्रमोद कुमार, कृष्णा सिंह, प्रशांत सिंह, ई0 अभिजीत साह, विजय नारायण हिटलर, चंदन कुमार, बृजेश यादव, ई0 जितेंद्र सिंह, दिनेश यादव, रंजीत पटेल, मनोज सोनकर,अशोक सिंह, ई0 जितेंद्र सिंह, मनोज यादव,आदि ने संबोधित किया।