गुरुवार, 22 मई 2025

DSH ने Banaras के Teachers को किया सम्मानित

डिजिटल स्टडी हॉल ने दिया  टीचर ऑफ द ईयर अवार्ड 


Varanasi (dil India live)। डिजिटल स्टडी हॉल (DSH) एजुकेशन फाउंडेशन द्वारा टीचर ऑफ़ द ईयर 2025 में वाराणसी जनपद के विभिन्न ब्लॉकों के नवाचारी शिक्षकों ने ऑनलाइन प्रतिभाग किया, इसमें अब्दुर्रहमान, तूबा आसिम, दीपशिखा सिंह, नीलम राय, मनोरमा गुप्ता, नीलम केशरी, नीलमा राय, संजय कुमार द्विवेदी, कमलेश कुमार पांडे, ज़हीर अख्तर, श्रवण कुमार गुप्ता, महेंद्र प्रसाद शामिल थे। इन शिक्षकों का टीचिंग वीडियो के आधार पर टीचिंग स्किल की प्रशंसा करते हुए उन्हें ऑनलाइन प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य शिक्षकों और प्रशिक्षण छात्रों को अपनी नवाचारी रचनात्मक और कौशल दिखाने का अवसर प्रदान करते हुए शिक्षक की उत्सुकता को प्रोत्साहित कर शिक्षण कार्य में रुचि रखने वाले शिक्षकों का एक ऐसा नेटवर्क तैयार करना है जो शिक्षण अधिगम की विद्या को सरल सहज और रुचिकर बना सके। शिक्षक बेहतर शिक्षकों को देखकर सीखते हैं। साधारण और कम लागत वाली वीडियो तकनीक का उपयोग करके कुशल और प्रेरित शिक्षकों द्वारा संचालित कक्षा छात्रों को रिकॉर्ड करता है जिससे बेहतर शिक्षक बन सके। इन वीडियो में सरल से कठिन की ओर जाने की प्रक्रिया है। साथ ही साथ यह भी दर्शाते हैं की कक्षा प्रबंधन गतिविधियों और कहानियों के माध्यम से छात्रों को कैसे जोड़ा जाए और उनके सवालों का आत्मविश्वास से उत्तर कैसे दिया जाए। DSH के संसाधन और मानव संसाधन विकास मंत्रालय के राष्ट्रीय शिक्षा मंच दीक्षा जैसे प्लेटफार्म के माध्यम से निःशुल्क उपलब्ध कराए जाते हैं। यह पहुंच भारत तथा विदेश के हजारों शिक्षकों तक इन वीडियो को पहुंचती है।

District judge Khalikuzzama ने जीता तीन स्वर्ण पदक

Varanasi के रहने वाले हैं खलीकुज्जमा, बनारस में मनाई गई खुशियां 

Allahabad (dil India live)। वाराणसी निवासी ( जिला जज) खलीकुज्जमा ने इलाहाबाद में हुए प्री स्टेट शूटिंग चैंपियनशिप टूर्नामेंट में भाग लिया जिसमें शूटिंग की तीन प्रतियोगिता में उन्होंने खूबसूरत प्रदर्शन करते तीनों में गोल्ड मेडल जीत कर वाराणसी का नाम रोशन किया। उनकी जीत पर सरैया आवास पर खुशी मनाई गई। उनके भाई पूर्व पार्षद व पार्षद पति हाजी ओकास अंसारी ने यह खुशियां तमाम लोगों से साझा करते हुए कहा कि आप सबकी दुआ से तीनों प्रतियोगिता में जज साहब ने गोल्ड मैडल जीतकर बनारस का नाम रौशन किया है। इस दौरान काफी लोग उनके आवास पर मौजूद थे।

बुधवार, 21 मई 2025

निजीकरण के विरोध में प्रदेश भर की तरह Varanasi में भी तीन घंटे का विरोध प्रदर्शन

निजीकरण के खिलाफ बिजलीकर्मियों ने दिखाई एकजुटता

Varanasi (dil India live)। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के आह्वान पर आज बनारस में भी 3 घंटे का जोरदार विरोध प्रदर्शन हुआ जिसमें अभियंता, अवर अभियंता, तकनीशियन, कार्यालय सहायक, कुशल श्रमिक, श्रमिक सहित तमाम बिजलीकर्मी सम्मिलित होकर बिजली के निजीकरण के विरोध में ऊर्जा प्रबन्धन के खिलाफ आक्रोशित होकर नारे लगाते हुए विरोध प्रदर्शन किया साथ ही नौकरी जाने और भुखमरी के डर से परेशान अधिकारी और कर्मचारियों के कारण राजस्व वसूली घटा और प्रबन्धन पूछ रहा क्यों घट रही वसूली जबकि प्रबन्धन बिजलिकर्मियो को निजीकरण के चक्कर मे इतना उलझा रखा है कि स्वस्थ मानसिकता से वो काम ही नही कर पा रहे है उधर परिवार के लोग भी अपने बच्चों और पतियों के इस आंदोलन में कूदने रो रहे है मजबूर। संघर्ष समिति के साथ जॉइंट रूप से सम्मिलित होकर राज्य विधुत परिषद जूनियर इंजीनियर संगठन के नेता ई0 नीरज बिंद द्वारा विरोध सभा को संबोधित करते हुए  पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन और प्रबंधन पर आरोप लगाया कि वे अवैध ढंग से नियुक्त कंसलटेंट ग्रांट थॉर्टन को बचाने की साजिश कर रहे हैं और बैक डेटिंग कर फर्जीवाड़ा करने वाले कंसल्टेंट को दोषमुक्त करने में लगे हैं। इस हेतु निदेशक वित्त, निधि नारंग को कार्यकाल पूरा होने के बावजूद एक और सेवा विस्तार देने की तैयारी है।

ई0 नरेंद्र वर्मा ने बताया कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में चल रहे आंदोलन के कार्यक्रम के तहत आज से बिजली कर्मचारियों ने पूरे प्रदेश में अपराह्न 2ः00 बजे से शाम 5ः00 बजे तक 3 घंटे का विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम प्रारंभ किया। प्रदेश के समस्त जनपदों, परियोजनाओं और राजधानी लखनऊ में विभिन्न दफ्तरों में काम करने वाले बिजली कर्मचारियों का गुस्सा आज फूट पड़ा और वे अपराह्न 02 बजे कार्यालयों के बाहर आ गये और जोरदार विरोध प्रदर्शन तीन घण्टे तक किया। विजय सिंह सभा को संबोधित करते हुये बताया कि कि पावर कारपोरेशन के चेयरमैन और प्रबन्धन अवैध ढंग से नियुक्त किये गये ट्रांजैक्शन कंसल्टेंट ग्रांट थॉर्टन को बचाने की साजिश कर रहे हैं। इस हेतु निदेशक वित्त, निधि नारंग का कार्यकाल दूसरी बार बढ़ाने की तैयारी है। यह पता चला है कि नये नियुक्त किये गये निदेशक वित्त, पुरूषोत्तम अग्रवाल ने ग्रांट थॉर्टन को झूठा शपथ पत्र देने और अमेरिका में लगी पेनेल्टी के मामले में क्लीन चिट देने से मना कर दिया है और उन्होंने निदेशक वित्त का कार्यभार ग्रहण करने से मना कर दिया है। इसके बाद मौजूदा निदेशक वित्त, निधि नारंग का कार्यकाल दूसरी बार बढ़ाया जाने वाला है क्योंकि वे ग्रांट थॉर्टन को फर्जीवाड़ा के बावजूद बैक डेट में क्लीन चिट देने के लिए तैयार हो गये हैं। 

उल्लेखनीय है कि इंजीनियर ऑफ दी कॉन्ट्रैक्ट ने फाइल पर यह सिफारिश की है कि ग्रांट थॉर्टन झूठा शपथ पत्र देने और अमेरिका में पेनाल्टी लगने के मामले में दोषी पाये जाने के बाद ग्रांट थॉर्टन का नियुक्त पत्र रद्द कर दिया जाये। इस स्थिति में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के ग्रांट थॉर्टन द्वारा तैयार किये गये बिडिंग डॉक्यूमेंट पर विद्युत नियामक आयोग सुनवाई करने से मना कर चुका है। संघर्ष समिति ने कहा कि पॉवर कारपोरेशन के चेयरमैन और प्रबन्धन की इस साजिश के खुलासा हो जाने के बाद यदि दागी कम्पनी ग्रांट थॉर्टन को क्लीन चिट दी गयी तो संघर्ष समिति इस मामले को सभी जन प्रतिनिधियों तक ले जायेगी। सभा की अध्यक्षता ई0 मनीष राय ने एवं संचालन वेदप्रकाश राय ने किया।

सभा को सर्वश्री ई0 नवदीप सिंह, ई0 सौरभ कटेरिया, ई0 मायाशंकर तिवारी, ई0 नीरज बिंद, ई0 प्रमोद कुमार, संदीप कुमार, प्रशांत कुमार, विजय सिंह, राजेन्द्र सिंह, मो0हारिश, विकास कुशवाहा, राजेश  सिंह, ई0 मनोज गुप्ता, रामजी भारद्वाज, ज्योति भास्कर आदि ने संबोधित किया।

Varanasi main नर्सिंग कॉलेज के वाइस प्रिंसिपल का शव मिलने से फैली सनसनी

हत्या की आशंकाओं के बीच शव पोस्टमार्टम के लिए पुलिस ने भेजा 

मोहम्मद रिजवान 

Varanasi (dil India live). बुधवार को Varanasi के एक प्राइवेट नर्सिंग कालेज के वाइस प्रिंसिपल का शव उनके ही कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से सनसनी फ़ैल गई। शव जमीन पर बुरी दशा में पड़ा था और उसके आसपास खून बिखरा था। शव तीन-चार दिन पुराना होने के चलते सड़ गया था और उससे दुर्गंध आ रही थी। दुर्गंध जब पूरे घर में फैलने लगी तो मकान मालिक को किसी अनहोनी की शंका हुई जिससे उन्होंने दरवाजा खटखटाया तो अंदर से कोई मूवमेंट नहीं हुआ। गौर किया तो दरवाजा खुला था और अंदर का नजारा देखकर वो हिल गया। इसके बाद उसने हरहुआ पुलिस को मामले की सूचना दी। पुलिस अंदर पहुंची जहां वाइस प्रिंसिपल विष्णु कुरूप का शव जमीन पर पड़ा था। जानकारी मिलने के बाद बड़ागांव पुलिस, एसीपी पिंडरा और अन्य अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर जांच की और शव को कब्जे में लेकर मोर्चरी भेज दिया व परिजनों को मामले की जानकारी दी।

पुलिस ने बताया कि केरल के अलप्पुझा जिले के चारुमुड, थमराकुलम निवासी विष्णु कुरुप (36 वर्ष) हरहुआ चौराहे के समीप एक निजी नर्सिंग कॉलेज में उप-प्रधानाचार्य थे। उन्होंने विगत वर्ष ही ज्वाइन किया था और तब से चौराहे पर स्थित अनिल कुमार साव के मकान में इसी साल एक जनवरी से किराए पर रह रहे थे। सोमवार को कालेज से आने के बाद मकान मालिक ने उन्हें नहीं देखा, मंगलवार को विष्णु कालेज भी नहीं गए और किसी को कोई सूचना भी नहीं दी। कमरे में विष्णु कुरूप अकेले रहते थे तो आते जाते मकान मालिक से मुलाकात हो जाती थी।

मंगलवार की रात कुछ छात्राओं को दुर्गंध महसूस हुई, जिसके बाद उन लोगों ने अनिल को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद अनिल जब कमरे तक पहुंचे तो अनहोनी की आशंका जताते दरवाजे को धक्का दिया तो वह अंदर से खुला था। कमरा खोलकर देखा गया तो उनकी संदिग्ध हालात में मौत हो चुकी थी, विष्णु फर्श पर पड़े मिले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने उनका शव बरामद कर लिया। इधर, उप प्रधानाचार्य की मौत की सूचना के बाद कॉलेज और आसपास के क्षेत्र में सनसनी फैल गई। लोग लगातार यह जानने की कोशिश करते नजर आए कि विष्णु क्रुप की मौत कैसे हुई? मकान मालिक ने बताया कि वे कभी-कभी शराब का सेवन करते थे।

मकान मालिक के अनुसार, उन्हें आखिरी बार सोमवार की रात को कालेज से आने के बाद नहीं देखा गया था। जब छात्राओं की सूचना पर ऊपर गए तो कमरे का दरवाजा अंदर से खुला था, पंखा चल रहा था लेकिन लाइट बंद थी। घटना की सूचना रात में ही फोन द्वारा पुलिस को दी गई थी। परिजनों को भी घटना की सूचना दे दी गई है। उनके परिजनों को केरल से कल तक पहुंचेंगे।

बुधवार को सुबह करीब 11 बजे फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और कमरे की जांच की। टीम ने दही के एक डिब्बे और अन्य वस्तुओं के नमूने जांच हेतु कब्जे में लिए। इस संबंध में बड़ागांव थाना प्रभारी अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और जांच जारी है। उन्होंने यह भी कहा कि मौत का असली कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

Mahatma Gandhi Kashi विद्यापीठ और साईं इंस्टीट्यूट के बीच समझौता

ग्रामीण विकास के लिए नवाचार और इनोवेशन पर ज़ोर

Varanasi (dil India live). ग्रामीण विकास के क्षेत्र में नवाचार और तकनीकी समावेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, वाराणसी एवं साईं इंस्टीट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट, वाराणसी के बीच आज एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए।

इस अवसर पर कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी एवं साईं इंस्टिट्यूट के निदेशक अजय सिंह ने औपचारिक रूप से दस्तावेज़ों का आदान-प्रदान किया। कुलपति प्रो. आनंद कुमार त्यागी ने कहा, "यह साझेदारी ग्रामीण भारत में शिक्षा, तकनीक और आत्मनिर्भरता के नए द्वार खोलेगी। हमारा लक्ष्य है कि अकादमिक संसाधनों और नवाचारों के माध्यम से गांवों को सशक्त बनाया जाए।"

साईं इंस्टिट्यूट के निदेशक अजय सिंह ने कहा, "यह सहयोग ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को प्रशिक्षण एवं उद्यमिता के अवसर प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हम तकनीकी हस्तांतरण और कौशल विकास को प्राथमिकता देंगे।"

महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ आउटरीच के निदेशक प्रो. संजय ने कहा, "यह सहयोग न केवल संस्थानों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रभावशाली सामाजिक परिवर्तन की नींव रखेगा। हमारी कोशिश रहेगी कि इस पहल के माध्यम से स्थानीय समस्याओं के व्यवहारिक समाधान विकसित किए जा सकें।"

इस MoU के माध्यम से समाज कार्य, समाजशास्त्र, शिक्षा, हैंडलूम साइंस, ललित कला एवं फैशन डिजाइनिंग के विद्यार्थी इंटर्नशिप,के सकते हैं तथा ग्रामीण विकास, सशक्तिकरण एवं ग्रामीण उद्यमिता के क्षेत्रों में शोध एवं विकास के कार्यों को प्रोत्साहित किया जाएगा।

इस अवसर पर डॉ. सुनीता पांडेय, कुल सचिव, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ, उप कुलसचिव हरिश्चंद्र, कुलानुशासक प्रो. के के सिंह सहित साईं इंस्टिट्यूट की प्रशासनिक मैनेजर दीक्षा सिंह सहित कई प्रबुद्धजन एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे।

मंगलवार, 20 मई 2025

Kavita kalam में आज Manzar Bhopali

बेटियों के भी लिये हाथ उठाओ मंज़र...



ज़िन्दगी के लिये इतना नहीं माँगा करते
मांगने वाले से काँसा नहीं माँगा करते


मालिक-ऐ-खुल्द से दुनिया नहीं माँगा करते
यार दरियाओं से कतरा नहीं माँगा करते


हम वो राही हैं लिये फिरते हैं सर पर सूरज
हम कभी पेड़ों से साया नहीं माँगा करते


मैने अल्लाह से बस ख़ाक-ऐ-मदीना मांगी
लोग अपने लिये क्या-क्या नहीं माँगा करते


बेटियों के भी लिये हाथ उठाओ मंज़र
सिर्फ अल्लाह से बेटा नहीं माँगा करते
      

  •   मंज़र भोपाली

कल से बिजलीकर्मी करेंगे विरोध, प्रदर्शन, सभा

29 से निजीकरण के विरोध में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार 

Varanasi (dil India live)। पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम एवं दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण के विरोध में आज उत्तर प्रदेश के समस्त जनपदों और परियोजनाओं में विरोध प्रदर्शन किया गया। इस क्रम में बनारस के बिजली कर्मचारियों ने भी विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले भिखारीपुर स्थित प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर व्यापक विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान निर्णय लिया गया कि कल से दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक भिखारीपुर स्थित प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर समस्त बिजलीकर्मी विरोध सभा करेंगे।

आज हनुमानजी मंदिर पर ऊर्जा प्रबन्धन को सही रास्ता दिखाने के बनारस के बिजलिकर्मियो ने किया सुन्दरकाण्ड का पाठ भी किया। आज राज्य विद्युत जूनियर इंजीनियर संगठन के क्षेत्रीय स्तर पर संघर्ष समिति के अनुरोध पर बिजली के निजीकरण की वर्तमान संघर्ष को एक मंच पर लड़ने की सहमति दे दी और आज भिखारीपुर स्थित विरोध सभा मे सैकड़ो की संख्या में अवर अभियंता और सहायक अभियंताओं ने शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद किया। इस दौरान संघर्ष समिति ने पावर कारपोरेशन के चेयरमैन पर यह आरोप लगाया है कि वह आंकड़ों का फर्जीवाड़ा कर बढ़ा चढ़ा कर घाटा दिखा रहे हैं और आम उपभोक्ताओं पर इसका बोझ डालना चाहते हैं, जबकि इसके पीछे मुख्य मकसद निजी घरानों की मदद करना है।

सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओ ने कहा कि विरोध प्रदर्शन का यह कार्यक्रम 28 मई तक चलेगा। 29 मई से संघर्ष समिति ने निजीकरण के विरोध में अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की नोटिस दी है। संघर्ष समिति ने कहा कि 29 मई से होने वाले अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार के पहले 21 मई से संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों के प्रांत व्यापी दौरे प्रारंभ होंगे।

संघर्ष समिति ने कहा कि देश के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि जब किसी प्रांत में पावर कारपोरेशन ने अपने ए आर आर को चार दिन के अंदर पुनरीक्षित कर घाटा बढ़ा चढ़ा कर नई ए आर आर दाखिल की है। संघर्ष समिति ने कहा कि यह सब निजीकरण से पहले निजी घरानों की मदद करने के लिए किया जा रहा है। आगरा में भी निजीकरण के पहले ए टी एंड सी हानियां 54% बताई गई थी जो वास्तव में 40% के नीचे थी। इसका दुष्परिणाम यह है कि आज भी आगरा में पावर कॉरपोरेशन 5.55 रु प्रति यूनिट की दर से बिजली खरीद कर निजी कंपनी को 04. 36 रु प्रति यूनिट में दे रही है और 274 करोड रुपए का सालाना नुकसान उठा रही है। संघर्ष समिति ने कहा कि पावर कारपोरेशन के चेयरमैन को सार्वजनिक तौर पर यह बताना चाहिए कि महज चार दिन पहले नियामक आयोग को सौंप गए ए आर आर में 9206 करोड रुपए के घाटे की बात कही गई थी और कल अचानक ए आर आर को बदल कर 19600 करोड रुपए का घाटा दिखाया गया है। संघर्ष समिति ने कहा कि पावर कारपोरेशन के चेयरमैन यह भी सार्वजनिक करें कि निजीकरण के बाद सरकार सब्सिडी देगी या नहीं देगी क्योंकि उनके द्वारा जारी किए गए आंकड़ों में बार-बार सब्सिडी का उल्लेख किया गया है। संघर्ष समिति ने कहा कि पावर कॉरपोरेशन द्वारा कल जारी किए गए सारे आंकड़े भ्रामक हैं और जानबूझकर तोड़ मरोड़ कर रखे गए हैं। घाटा बढ़ाकर दिखाने का मकसद केवल निजी घरानों की मदद करना है। संघर्ष समिति इन आंकड़ों पर कल विस्तृत वक्तव्य देगी।


आज विरोध प्रदर्शन के दौरान पावर कार्पोरेशन प्रबंधन की दमनकारी नीति के चलते शक्ति भवन पर अनावश्यक रूप से टकराव का वातावरण उत्पन्न हुआ। और कार्पोरेशन प्रबंधन ने शक्ति भवन के सारे गेट बंद करवा दिए । न कोई बाहर आ सकता था और न कोई बाहर से अंदर जा सकता था । पावर कार्पोरेशन प्रबंधन की इस कार्यवाही से शक्ति भवन का कार्य प्रभावित हुआ जिसकी सारी जिम्मेदारी चेयरमैन की है। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों द्वारा प्रबंधन के इस कृत्य का विरोध किए जाने के बाद शक्ति भवन के गेट खोले गए।

आज के विरोध सभा की अध्यक्षता ओपी सिंगज ने एवं संचालन अंकुर पाण्डेय ने किया। सभा को सर्वश्री ई. मायाशंकर तिवारी, ई. नरेंद्र वर्मा, ई. एसके सिंह, ई. नीरज बिंद, ई. मनीष राय, ई. पंकज जायसवाल, विजय सिंह, जिउतलाल, वेद प्रकाश राय, प्रशांत कुमार, रमाशंकर पल, अभिषेक सिंह, मोनिका केशरी, नेहा कुमारी, संतोष वर्मा, राजेश सिंह, संदीप कुमार, उदयभान दुबे, ई. विजय सिंह, ई. केके ओझा, ई. विक्रांत जैस, मनोज यादव, जयप्रकाश, अजित कुमार आदि ने संबोधित किया।