इसरा की ओर से पूर्वांचल की मस्जिदों में जुमे को होगी दुआख्वानी 
काशी के जायरीन को रवाना करने जुटे अज़ीज़

Mohd Rizwan
dil india live (Varanasi). मुकद्दस हज के सफर पर काशी से काबा के तमाम मुसाफिरों का जत्था विभिन्न उड़ानों से पूरा हो गया है। काशी से काबा गये आजमीने हज ईदुल अजहा की आठ तारीख से अपने मुक़द्दस हज के पांच दिनों के अरकान शुरू करेंगे। हज पर काबा के सफर पर गये जायरीन के लिए जगह जगह दुआएं मांगी जा रही है। आखिरी जत्थे से रवाना हुए जायरीन को बिदा करने लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा। फिज़ा में नारे तकबीर अल्लाह हो अकबर की सदाएं गूंज रही थी। लोगों ने हंसी खुशी अपने अजीजों रिश्ते-नातेदारों को बिदा किया। गौरीगंज के इम्तियाज खां पहले ही काबा पहुंच चुके है उन्होंने दिल इंडिया लाइव को बताया कि रब की बारगाह में सभी के लिए दुआएं मांगी जा रही है। यहां का मंजर बेहद खुशनुमा और नूरानी है।
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| बड़ी बाजार के अब्दुल्लाह भी गये आखिरी जत्थे से हज पर |
22.05.2026 शुक्रवार को बनारस सहित पूर्वी पूर्वान्चल के जिलों में हज ट्रेनिंग कैंप चलाने वाली संस्था "इसरा" द्वारा (ISSRA) वाराणसी (यू०पी०) के बैनर तले हज 2026 में अल्लाहतआला के मुकद्दस घर खान-ए-काबा में पूरी दुनिया से पहुँचे हुए हज जायरीन के हज बखैरियत मुकम्मल होने एवं अपने मुल्क बखैरियत वापसी एवं मुल्क में अमनो-अमान व खुशहाली के लिए इज्तेमाई दुआख्वानी का प्रोग्राम तमाम मस्जिदों में कराया जा रहा है। इसरा के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां ने कहा बहुत ही खुशी का मौका है कि अल्लाहतआला ने अपने रहमोकरम से बनारस सहित उत्तर प्रदेश व हिन्दुस्तान ही नहीं बल्कि सारी दुनिया के हज जायरीन को अपने मुकद्दस पाक घर खान-ए-काबा में हज बैतुल्लाह से सराफराज करने के लिए बुला लिया है।
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| गौरीगंज के इम्तियाज खां अपने परिवार के साथ पहले ही काबा पहुंच चुके है |
इस खुशी के मौके पर इंडियन सोसाइटी फार सोशल रिव्योलुशन एण्ड एक्शन इसरा- (ISSRA) वाराणसी (यू०पी०) ने 22.05.2026 शुक्रवार को बनारस सहित पूर्वी पूर्वान्चल के 16 जिलों में इज्तेमाई दुआख्यानी के प्रोग्राम का मुख्य स्थल-शाही जामा मस्जिद, बादशाह बाग (फातमान रोड), सिगरा, वाराणसी (यू०पी०) में रखा गया है। जिसमे शहर के मायनाज ओलमा, आवाम, हाजियों के अजीज, इसरा (ISSRA) के पदाधिकारीगण व मेम्बरान मौजूद रहेंगे। जिसमें इंशाअल्लाह नमाजे जुमा में खुसूसी तौर पर पूरी दुनिया के हाजियों का हज मुकम्मल होने एवं अपने मुल्क बखैरियत मुकम्मल व वापसी एवं मुल्क में अमनो-अमान व खुशहाली के लिए इज्तेमाई दुआ करेंगे। उन्होंने कहा कि जो दूसरे शहरों व राज्यों में हैं वे अपनी-अपनी मस्जिदों में जुमे की नमाज के बाद खास दुआएं करें।



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