मंगलवार, 27 जनवरी 2026

Azfar Banarasi के नवीन काव्य-संग्रह "प्यासी ज़मीन" का लोकार्पण

हुआ मुशायरा व कवि सम्मेलन

अजफर बनारसी ने बोलचाल की भाषा में जो कहा है, उसमें सच्चाई - आबिद सलीमपुरी



dil india live (Varanasi). वाराणसी के प्रसिद्ध जनकवि अज़फ़र अली बनारसी के नवीन काव्य-संग्रह प्यासी ज़मीन का लोकार्पण गत दिनों कचहरी स्थित निवास पर खुशनुमा माहौल में संपन्न हुआ। यह एक अर्थपूर्ण और स्मरणीय साहित्यिक आयोजन था, जिसमें नगर के प्रतिष्ठित कवि, लेखक, साहित्य-प्रेमी बुद्धिजीवी तथा सामाजिक क्षेत्र की विशिष्ट हस्तियों की बड़ी उपस्थिति रही। इन सबकी सहभागिता ने कार्यक्रम की गरिमा को और ऊंचा किया।
इस लोकार्पण समारोह की अध्यक्षता प्रख्यात शिक्षक, वरिष्ठ कवि, आलोचक आबिद हाशमी सलीमपुरी (पूर्व प्रधानाचार्य, मुस्लिम स्कूल लल्लापुरा) ने की। मुख्य वक्ता इतिहासकार, शोधकर्ता व शांति के लिए काम करने वाले डॉ. मोहम्मद आरिफ थे। कार्यक्रम में विशेष अतिथि प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता एन. बी. सिंह तथा विशिष्ट अतिथि हैदराबाद से पधारे शेख़ मजीद की उपस्थिति ने आयोजन को वैचारिक गरिमा और सांस्कृतिक ऊंचाई प्रदान की।

आयोजन में अध्यक्षीय वक्तव्य में आबिद सलीमपुरी ने अज़फ़र अली बनारसी के काव्य-कर्म और व्यक्तित्व पर विचार करते हुए कहा कि “अज़फ़र अली बड़े कवि हैं या नहीं, इस बहस से अलग यह एक निर्विवाद सत्य है कि उन्होंने आम बोलचाल की भाषा में जो कहा है, उसमें सच्चाई की ताक़त पूरी तरह मौजूद है। बनावट और कृत्रिमता से मुक्त, ईमानदारी और सच्चे भाव से कही गई बात में अपने-आप प्रभाव और आकर्षण पैदा हो जाता है। मुझे पूरा विश्वास है कि जब पाठक प्यासी ज़मीन पढ़ेंगे, तो इस कविता की सादगी, ईमानदारी और संवेदनशीलता उन्हें अवश्य प्रभावित करेगी।”
मुख्य वक्ता डॉ. मोहम्मद आरिफ ने अपने वक्तव्य में अज़फ़र अली बनारसी की कविता को जनकाव्य की परंपरा से जोड़ते हुए कहा कि
“अज़फ़र अली की कविता को सुनते या पढ़ते समय यह एहसास होता है कि हम एक सफल जनकवि से संवाद कर रहे हैं। मुझे यह कहने में कोई संकोच नहीं कि इस तरह की कविता की परंपरा नज़ीर अकबराबादी से शुरू होकर नज़ीर बनारसी तक आती है और आज अज़फ़र अली तक पहुंचती है।”
उन्होंने आगे कहा कि अज़फ़र अली की कविता में सामाजिक परिवर्तन, समकालीन राजनीति की धुंध, राष्ट्रीय एकता, सांप्रदायिकता के विरुद्ध स्पष्ट प्रतिरोध, देशभक्ति, वर्तमान राष्ट्रीय परिस्थितियों की चिंता, मीडिया की बेईमानी, माता-पिता और बुज़ुर्गों के सम्मान तथा टूटते-बिखरते रिश्तों की रक्षा जैसे विषय अत्यंत गहरी संवेदनशीलता के साथ उपस्थित हैं। उनका कहना था कि प्यासी ज़मीन जिस भी पाठक के हाथ लगेगी, वह इस मूल्यांकन से असहमत नहीं हो सकेगा।
इस अवसर पर अब्दुल्लाह बिन ग़फ़्फ़ार ने भी अपने विचार रखते हुए अज़फ़र अली बनारसी की कविता और व्यक्तित्व पर सारगर्भित वक्तव्य दिया। उन्होंने कहा कि
“अज़फ़र अली की कविता बिल्कुल वैसी ही है जैसा उनका व्यक्तित्व है। यह कोई साधारण बात नहीं कि किसी व्यक्ति का बाहरी और भीतरी रूप एक-सा हो। यह गुण और यह स्तर ईश्वर किसी-किसी को ही देता है। अज़फ़र अली भीतर से जैसे हैं, बाहर से भी वैसे ही दिखाई देते हैं। यही सच्चाई और यही संतुलन उन्हें इस नगर में सम्मान और प्रतिष्ठा प्रदान करता है।”

विशेष अतिथि एनबी सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि
“अज़फ़र अली एक अच्छे कवि होने से पहले एक अच्छे इंसान हैं। मेरा मानना है कि सच्चा कलाकार वही हो सकता है जो पहले अच्छा मनुष्य हो। यही कारण है कि उनकी कविता में मानवता, भाईचारा और राष्ट्रीय एकता साफ़ दिखाई देती है, जिससे उनकी रचनाएं सीधे आम लोगों के दिलों तक पहुंचती हैं।”

इस अवसर पर प्रसिद्ध कवि और लेखक ज़मज़म राम नगरी ने प्यासी ज़मीन में शामिल अज़फ़र अली बनारसी द्वारा लिखित आत्मकथात्मक लेख को विशेष प्रभाव के साथ श्रोताओं के सामने पढ़कर सुनाया, जिसे उपस्थित जनसमूह ने भरपूर सराहना दी।
इससे पहले कार्यक्रम के प्रारंभ में मेज़बान कवि अज़फ़र बनारसी ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का शॉल ओढ़ाकर और पुष्प-गुच्छ भेंट कर आत्मीय स्वागत किया। इस मौके पर कवि-सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसका संचालन प्रसिद्ध मंच संचालक समर ग़ाज़ीपुरी ने अत्यंत कुशलता और संतुलन के साथ किया। इस कवि-सम्मेलन में नगर तथा नगर के बाहर से आए अनेक प्रतिष्ठित कवियों ने भाग लिया। उनकी सहभागिता अज़फ़र बनारसी के प्रति स्नेह, सम्मान और साहित्यिक स्वीकार्यता का स्पष्ट प्रमाण थी। जिन कवियों ने इस अवसर पर अपनी रचनाएं प्रस्तुत कीं, उनमें प्रमुख रूप से
काविश बनारसी, ज़मज़म राम नगरी, आलम बनारसी, शमीम ग़ाज़ीपुरी, निज़ाम बनारसी, ख़लील राही, हबीब बनारसी, अहमद आज़मी, डॉ. बख़्तियार नवाज़, गौहर बनारसी, आशिक़ बनारसी, कुनवर सिंह, शारिक़ फूलपुरी, अनिल प्रोकथा स्तवान, डॉ. इशरत जहां, मंजरी पांडे, झरना मुखर्जी और रेशमा खातून शामिल थे। इन सभी ने अपने काव्य-पाठ से इस साहित्यिक संध्या को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में मुख्यरूप से सर सैयद सोसाइटी के हाजी इश्तियाक अंसारी, मानव रक्त फाउंडेशन से अबू हाशिम , सुल्तान क्लब के अध्यक्ष डॉ एहतेशामुल हक़, शमीम रियाज इत्यादि थे। कार्यक्रम के समापन पर अज़फ़र बनारसी और उनके परिवार की ओर से सभी अतिथियों को स्मृति-चिह्न भेंट कर आभार व्यक्त किया गया और इस प्रकार यह गरिमामय साहित्यिक आयोजन सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ।

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VKM Varanasi K NSS camp में उत्साह, अनुशासन एवं एकता का दिखा नजारा

पारंपरिक हस्तकला को आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर दिया बल





dil india live (Varanasi). राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के अंतर्गत आयोजित 7 दिवसीय शिविर कॉम्पोज़िट विद्यालय, शिवपुर में 27 जनवरी 2026 को प्रातः 10:00 बजे शुरू हुआ। कैंप में कुल 50 एनएसएस स्वयंसेवकों ने सक्रिय सहभागिता की। कार्यक्रम का संचालन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव कर रही थीं। प्रथम दिवस के प्रातःकालीन सत्र का आरंभ एनएसएस तालियों (NSS Clap) एवं लक्ष्य गीत के सामूहिक गायन के साथ किया गया। इससे स्वयंसेवकों में उत्साह, अनुशासन एवं एकता की भावना का विकास हुआ। इसके पश्चात् प्रथम दिवस की विशेषज्ञ मानसी संस्थान की प्रशिक्षक पूजा सेठ का परिचय स्वयंसेवकों से कराया गया।

पूजा सेठ ने स्वयंसेवकों को डाई क्राफ्ट एवं रेज़िन आर्ट के महत्व से अवगत कराया तथा पारंपरिक हस्तकलाओं को आत्मनिर्भरता से जोड़ने पर बल दिया। इसके उपरांत उन्होंने बांधनी कला, जिसे टाई एंड डाई कला (Tie and Dye Art) के नाम से भी जाना जाता है, का व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया। प्रशिक्षण तीन चरणों में संपन्न किया गया। प्रथम चरण में कपड़े पर डिज़ाइन के अनुसार गांठ बाँधने (नॉट मेकिंग) की प्रक्रिया सिखाई गई। द्वितीय चरण में कपड़े को पानी में गीला किया गया, जिससे रंग कपड़े में अच्छी तरह समा सके। तृतीय चरण में रंगों के चयन एवं संयोजन के बाद रंग भरने की प्रक्रिया प्रारंभ की गई तथा रंगे हुए कपड़ों को सूखने के लिए रखा गया। इस सत्र के दौरान स्वयंसेवकों ने अत्यंत रुचि एवं उत्साह के साथ भाग लिया।




प्रातःकालीन सत्र के पश्चात् अपराह्न सत्र का आयोजन किया गया, जिसमें विद्यालय परिसर की साफ-सफाई का कार्य किया गया। एनएसएस स्वयंसेवकों ने कक्षाओं, प्रांगण, गलियारों एवं आसपास के क्षेत्रों की सफाई कर स्वच्छता का संदेश दिया। यह गतिविधि श्रमदान, सामाजिक जिम्मेदारी एवं स्वच्छता के महत्व को समझाने में सहायक रही।

अपराह्न सत्र के दौरान सभी एनएसएस स्वयंसेवकों के लिए भोजन की व्यवस्था की गई। सभी स्वयंसेवकों ने सामूहिक रूप से भोजन ग्रहण किया, जिससे आपसी सहयोग एवं अनुशासन की भावना को बढ़ावा मिला।  

इस सफल आयोजन के लिए कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव ने पूजा सेठ का धन्यवाद दिया। कहां कि पूजा ने अपने अनुभव एवं मार्गदर्शन से स्वयंसेवकों को पारंपरिक कला का व्यावहारिक ज्ञान प्रदान किया। सभी ने कार्यक्रम अधिकारी शुभांगी श्रीवास्तव के कुशल नेतृत्व, मार्गदर्शन एवं निरंतर सहयोग के लिए भी विशेष आभार व्यक्त किया। अंत में, सभी एनएसएस स्वयंसेवकों के अनुशासन, उत्साह एवं सक्रिय सहभागिता के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया गया।

Republic day देश की एकता और अखंडता की पहचान

शहर भर में शान से लहराया तिरंगा

पेश हुए सांस्कृतिक कार्यक्रम




dil india live (Varanasi). वाराणसी में विभिन्न शिक्षण संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, सरकारी गैर सरकारी कार्यालयों व सियासी दलों ने गणतंत्र दिवस (Republic day) धूमधाम से मनाया। इस दौरान तिरंगा हर ओर शान से लहराता नज़र आया। 


नेशनल गर्ल्स स्कूल

सराय गोवर्धन स्थित 'नेशनल गर्ल्स स्कूल' में गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि पार्षद श्रवण कुमार गुप्ता ने कहा कि गणतंत्र दिवस देश की एकता और अखंडता की पहचान है। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के 'सबका साथ, सबका विश्वास और सबका विकास' के नारे को बताया कि ऊपर से नीचे तक अपने वार्ड में अमली जामा पहनाया गया। खासकर चेतगंज वार्ड के विकास के बारे में गुप्ता ने कहा कि उन्होंने हमेशा अपना 100% दिया है। समारोह की अध्यक्षता हाजी निजाम और संचालन वरिष्ठ पत्रकार कौसर कुरैशी ने किया। धन्यवाद ज्ञापन मोहम्मद नदीम व मुख्य रूप से सुफियान अहमद, डा.असलम, नेहाल व फैज अहमद आदि रहे।

RDM Convent school में गणतंत्र दिवस की धूम

देशभक्ति एवं रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का उठाया लुत्फ़



F. Farouqi Babu 

dil india live (Varanasi). गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आर.डी.एम. कान्वेंट स्कूल, न्यू कॉलोनी ककरमत्ता, वाराणसी में देशभक्ति एवं राष्ट्रीय चेतना से ओत-प्रोत भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर देशभक्ति के रंगों में सराबोर दिखाई दिया। कार्यक्रम की शुरुआत ध्वजारोहण के साथ हुई, जिसके पश्चात विद्यार्थियों द्वारा रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। विद्यार्थियों ने देशभक्ति गीत, नृत्य, भाषण एवं नाट्य प्रस्तुतियों के माध्यम से संविधान, स्वतंत्रता सेनानियों तथा राष्ट्र की एकता और अखंडता का संदेश दिया। बच्चों की प्रस्तुतियों ने उपस्थित अभिभावकों एवं अतिथियों को भाव-विभोर कर दिया।



इस अवसर पर विद्यालय द्वारा एक जन-जागरूकता रैली का भी आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया। रैली विद्यालय प्रांगण से प्रारंभ होकर जे.पी.एस. मार्ग से होते हुए पुनः विद्यालय परिसर में संपन्न हुई। रैली के दौरान बच्चों ने देशभक्ति नारे, स्वच्छता, शिक्षा, अनुशासन एवं सामाजिक जागरूकता से संबंधित संदेशों के माध्यम से आम जनमानस को जागरूक किया।

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय के संस्थापक शिवमंगल, मैनेजिंग डायरेक्टर कमलेश, प्रधानाचार्य विनोद, उप-प्रधानाचार्य टी.डी. तथा काउंसलर स्नेहा ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए गणतंत्र दिवस के महत्व पर प्रकाश डाला। 

कार्यक्रम का सफल एवं सुव्यवस्थित संचालन कल्पना एवं स्नेहा द्वारा किया गया। पूरे आयोजन में विद्यालय के सभी शिक्षक-शिक्षिकाओं का विशेष योगदान रहा। अंत में विद्यालय परिवार ने राष्ट्र की एकता, अखंडता एवं लोकतांत्रिक मूल्यों को बनाए रखने का संकल्प लिया। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों में देशभक्ति, अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना जागृत करने में सफल रहा।


सोमवार, 26 जनवरी 2026

सादगी पसंद शख्सियत थे Famous Advocate Isramullah siddiqui

मशहूर अधिवक्ता इसरामुल्ला एडवोकेट का इंतकाल




dil india live (Varanasi)। वाराणसी के मशहूर अधिवक्ता, कुदबन शहीद निवासी इसरामुल्ला सिद्दीकी एडवोकेट बेहद सादगी पसंद शख्सियत थे। उन्होंने जिंदगी में कभी दिखावा नहीं किया। वकालत के पेशे में होते हुए भी उनकी अपनी एक अलग पहचान थी। 
यही वजह है कि लम्बी बीमारी के बाद सोमवार की शाम जब उनका इंतकाल हुआ तो लोगों में मायूसी छा गई। उनके इंतकाल की खबर से अधिवक्ताओं व मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में अफसोस की लहर दौड़ गई। वो नेशनल इंटर कालेज समेत विभिन्न तंजीमो के चुनाव अधिकारी थे।

दौलतखाने पर उमड़ा हुजूम 

इसरामुल्ला सिद्दीकी एडवोकेट के इंतकाल की खबर जैसे ही अजीजों, रिश्ते नातेदारों के बीच फैली लोगों में अफसोस की लहर दौड़ गई। तमाम लोगों का हुजूम उनके कुदबन शहीद स्थित दौलतखाने पर देर रात तक उमड़ा हुआ था। काफी रिश्तेदार दूसरे शहरों से कल जनाजे में शिरकत करने पहुंचेंगे।

जलालीपुरा में होंगे सुपुर्द-ए-खाक 

इसरामुल्ला सिद्दीकी एडवोकेट के छोटे भाई शायर अहमद आज़मी ने बताया कि मंगलवार को जलालीपुरा कब्रिस्तान में उन्हें ज़ोहर की नमाज के बाद सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। जनाजे की नमाज दोपहर दो बजे नेशनल इंटर कालेज पीली कोठी में कारी दिलशाद अहमद अदा कराएंगे। 


रविवार, 25 जनवरी 2026

Mega Blood Donation शिविर में उमड़ा जनसैलाब

“एक रक्तदान, देश के नाम” में 413 यूनिट रक्त संग्रह



dil india live (Varanasi). गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर “एक रक्तदान – देश के नाम” थीम पर आयोजित मेगा रक्तदान शिविर ने काशी में सेवा और राष्ट्रभक्ति की मिसाल पेश हुई। यह शिविर PNU CLUB, वाराणसी में संपन्न हुआ, जिसमें 663 लोगों की सहभागिता रही और 413 यूनिट रक्तदान सफलतापूर्वक किया गया।

इस महाअभियान में इनका रहा योगदान

BNI वाराणसी रीजन: 234 यूनिट

रोटरी वाराणसी रीजन: 112 यूनिट

काशी रक्तदान नेत्रदान कुटुम्ब समिति: 59 यूनिट

PNU CLUB वाराणसी: 8 यूनिट

कार्यक्रम का उद्घाटन जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार (आई.ए.एस.) ने किया तथा समापन हिमांशु नागपाल, नगर आयुक्त वाराणसी द्वारा किया गया। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि केशव जालान एवं डॉ. ए. के. कौशिक थे।

इस शिविर का मुख्य आयोजनकर्ता रोटरी वाराणसी रीजन था, जबकि BNI वाराणसी रीजन, काशी रक्तदान नेत्रदान कुटुम्ब समिति वाराणसी एवं PNU CLUB वाराणसी ने सहयोगी संस्थाओं के रूप में अहम भूमिका निभाई।


शिविर में 7 प्रमुख ब्लड बैंकों ने की सहभागिता

IMS BHU Blood Bank,

SSPG Blood Bank,

PDDU Blood Bank,

होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल ब्लड बैंक

पॉपुलर ब्लड बैंक,

दिव्य चैरिटेबल ब्लड बैंक,

अमृतसा ब्लड बैंक।

आयोजन की सफलता में मुख्य भूमिका राजेश कुमार गुप्ता (डिस्ट्रिक्ट ब्लड डोनेशन चेयरमैन), अमित गुजराती (वाराणसी रीजन चेयरमैन), नीरज पारिख (के.आर.के. अध्यक्ष) एवं धर्मेंद्र मिश्रा (सचिव, PNU CLUB) की रही। शिविर में विशेष सहभागिता निभाने वालों में विनय सेठिया, अमर अग्रवाल, अर्चित अग्रवाल, अंकिता मौर्या, स्तुति जैन, आशीष केसरी, अभिनव टकसाली, नमित पारिख, शुभम् सोनेजा, प्रदीप इसरानी, प्रशांत गुप्ता सहित अनेक सामाजिक कार्यकर्ता एवं BNI सदस्य शामिल रहे।

BNI वाराणसी रीजन ने अपने 8 वें वर्ष के बिजनेस ग्रोथ के पूर्ण होने के उपलक्ष्य में इस महाअभियान को विशेष रूप से समर्पित किया। यह आयोजन ई.डी. आयुष नर्सरियां के मार्गदर्शन तथा डी.एन.ए. जय खनचंदानी एवं राजेश कुमार गुप्ता (सेंचुरियन) के नेतृत्व में संपन्न हुआ।


जानिए किन 4 विभूतियों को मिला Kashi Tourism Ratn Award

भारतीय पर्यटन दिवस पर वाराणसी टूरिज्म गिल्ड ने किया संगोष्ठी



dil india live (Varanasi). वाराणसी में भारतीय पर्यटन दिवस (Indian Tourism Day) पर रविवार को वाराणसी टूरिज्म गिल्ड के तत्वावधान में संगोष्ठी एवं काशी पर्यटन रत्न सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। बुद्ध बिहार, छावनी क्षेत्र स्थित एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में घरेलू पर्यटन, समस्याएं एवं संभावनाएं विषय पर संगोष्ठी में पर्यटन विशेषज्ञों ने काशी की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत एवं विविधता को बढ़ावा देने, पर्यटन के आर्थिक महत्व के प्रति जागरूकता फैलाने तथा देश के पर्यटन उद्योग को सशक्त बनाने पर मंथन किया। गिल्ड के सदस्यों ने स्थानीय एवं घरेलू पर्यटन को प्रोत्साहित करने, रोजगार के अवसर सृजित करने तथा भारत की प्राकृतिक व सांस्कृतिक प्राचीन विविधता को विश्व पटल पर प्रस्तुत करने पर बल देते हुए विशेष तौर पर पंचक्रोशी यात्रा के महत्व को विश्वभर में प्रसारित करने पर जोर दिया। 

कार्यक्रम में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय की डॉ. ज्योति रोहिल्ला राणा एवं डॉ. प्रवीण राणा, यूपी टूरिज्म के संयुक्त कमिश्नर दिनेश कुमार, इण्डिया टूरिज्म के अनिल सिंह, सन्तोष सिंह, अनिल त्रिपाठी आदि ने विचार रखें। 


नाडर समेत 4 को मिला काशी पर्यटन रत्न 

पर्यटन उद्योग (Tourism Udhyog) से जुड़ी चार विभूतियों आर बी नाडर, उपेंद्र गुप्ता, नौनिहाल सिंह, राजीव रंजन श्रीवास्तव को काशी पर्यटन रत्न से सम्मानित किया गया। टूरिज़्म गिल्ड के अध्यक्ष सुभाष कपूर, सचिव सौरभ पाण्डेय, उपाध्यक्ष ब्रजेश सिंह, कोषाध्यक्ष रंजीत श्रीवास्तव, संयुक्त सचिव जैनेंद्र राय ने उन्हें स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ प्रदान कर सम्मानित किया।


इस अवसर पर मुख्य रूप से अभिषेक सिंह, गजेंद्र चौबे, माजिद खान, प्रमोद सिंह, एसपी श्रीवास्तव सहित विटीजी के सदस्य एवं पर्यटन उद्योग से जुड़े टूर ऑपरेटर, ट्रैवेल एजेंट, गाइड आदि उपस्थित रहे।