सोमवार, 8 दिसंबर 2025

Varanasi k City glorious School में वार्षिकोत्सव का हुआ आयोजन

चरित्र निर्माण में शिक्षा साथ प्रशिक्षण भी आवश्यक-प्रोफ़ेसर आफ़ताब अहमद आफाकी 



dil india live (Varanasi). वाराणसी के सिटी ग्लोरियस स्कूल (City glorious School), मदनपुरा में वार्षिकोत्सव का आयोजन धूमधाम से किया गया। कार्यक्रम में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) के उर्दू विभाग के अध्यक्ष प्रोफ़ेसर आफ़ताब अहमद आफ़ाक़ी बतौर मुख्य अतिथि मौजूद थे। इस अवसर पर उनके हाथों विभिन्न कक्षाओं तथा स्कूल की सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों में उत्कृष्ट स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को मेडल और प्रमाण पत्र वितरित किया गया।

इससे पूर्व, प्रोफ़ेसर आफ़ताब अहमद आफ़ाक़ी ने अपने वक्तव्य में कहा कि ऐसे आयोजन से बच्चों का उत्साह बढ़ता है और उनमें कुछ बेहतर करने की भावना जागृत होती है। कम समय में स्कूल की प्रगति, प्रतिष्ठा और शैक्षणिक गतिविधियों पर प्रसन्नता जताते हुए उन्होंने विद्यालय के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और समाज के आंतरिक एवं मानसिक चेतना के विकास के लिए शैक्षणिक और सांस्कृतिक जागरूकता को आवश्यक बताया। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि हमें शिक्षा को आंदोलन और मिशन के रूप में अपनाने की ज़रूरत है। उन्होंने समाज के संपन्न लोगों को आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की शिक्षा के लिए आगे आने की अपील की।


प्रोफ़ेसर आफ़ाक़ी ने जहां शिक्षा के महत्व पर विशेष ध्यान दिया, वहीं शिक्षा के साथ प्रशिक्षण को अनिवार्य बताया और कहा कि चरित्र और व्यक्तित्व निर्माण में प्रशिक्षण अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। प्रशिक्षण हमें अच्छा इंसान और ज़िमम्मेदार नागरिक बनाता है। उन्होंने समाज की उन्नति के लिए महिलाओं की शिक्षा पर भी विशेष ज़ोर दिया। कार्यक्रम में मौजूद महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि शिक्षा मनुष्य के लिए उसी तरह आवश्यक है जैसे जीवन के लिए सांस और भोजन। इसलिए जिस वह प्रकार दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति लिए बजट बनाती हैं, उसी तरह उन्हें शिक्षा के लिए भी अलग बजट बनाने की आवश्यकता है।

कार्यक्रम की अध्यक्षता मौलाना अब्दुल्लाह नासिर क़ासमी ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने बच्चों को नेक मशविरों से नवाज़ा और स्कूल के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। हाजी जुबैर अहमद, चेयरमैन सिटी ग्लोरियस स्कूल की ओर से स्कूल का परिचय प्रस्तुत किया गया तथा उद्देश्यों की व्याख्या करते हुए कार्यप्रदर्शन पर आधारित वार्षिक रिपोर्ट पेश की गई।

इस समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में हाजी वसीम अहमद, डायरेक्टर सेंट अल-हनीफ़ एजुकेशनल सेंटर, चंदौली तथा नुमान हसन ख़ान, शायर एवं डायरेक्टर मदर हलीमा स्कूल, वाराणसी भी शामिल हुए और पुरस्कार एवं प्रमाणपत्र समारोह का हिस्सा बने।

जनाब अबू सुफियान, सचिव सिटी ग्लोरियस स्कूल ने स्कूल और छात्रों की वार्षिक गतिविधियों पर अपने विचार प्रस्तुत किए। डॉ. एहसान अहमद सिद्दीकी, प्रिंसिपल ग्लोरियस स्कूल ने स्कूल के प्रदर्शन को केंद्र में रखते हुए छात्रों और उनके अभिभावकों को संबोधित किया। इससे पूर्व स्कूल के रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किये।

इस वार्षिक समारोह में आए हुए सभी अतिथियों का स्वागत गुलदस्तों और स्मृति-चिह्नों के साथ किया गया। अतिथियों के लिए स्वागत वकतव्य प्रसिद्ध शायर डॉ. अख्तर मसूद ने प्रस्तुत किया और कार्यक्रम का संचालन भी किया। समारोह में शहर की सम्मानित हस्तियों, स्कूल के विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों की बड़ी संख्या मौजूद रही।

Education : VKM Varanasi में साइबर एवं डिजिटल सुरक्षा के लिए किया जागरूक

डिजिटल युग में छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने को किया प्रेरित



dil India live (Varanasi). वसन्त कन्या महाविद्यालय, कमच्छा में दिनांक 08.12.25 को MoU के तहत छात्र सलाहकार एवं अनुशासन समिति एस.ए.आर.सी. तथा यंग स्किल इंडिया के संयुक्त  तत्त्वावधान में साइबर सुरक्षा एवं डिजिटल सुरक्षा विषय पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन सेमिनार हॉल में किया गया। लोगों का स्वागत करते हुए प्राचार्य प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने इस डिजिटल युग में छात्राओं को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने  हेतु प्रेरित किया। तत्पश्चात् मुख्य वक्ता माननीय श्री विदुष सक्सेना, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट रहे।कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षकों शिक्षणेतर कर्मचारियों तथा  छात्राओं को साइबर अपराधों, डिजिटल धोखाधड़ी, और सुरक्षा के उपायों के प्रति जागरूक करना है। मुख्य वक्ता ने साइबर सुरक्षा के महत्त्व को समझाते हुए डिजिटल दुनिया में सुरक्षित रहने की आवश्यकताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने साइबर ठगी, हैकिंग तथा व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा के लिए जरूरी एहतियातों पर विस्तृत जानकारी दी।कार्यक्रम में छात्रों, शिक्षकों तथा संबंधित स्टाफ़ ने सक्रिय भागीदारी दिखाई और अपने सवालों के माध्यम से चर्चा में योगदान दिया। इस पहल से राष्ट्रीय डिजिटल सुरक्षा के प्रति विद्यार्थियों में संवेदनशीलता और सजगता बढ़ाने की उम्मीद जताई गई है।

GoIStats प्रमोशनल कार्यक्रम युवा स्किल इंडिया के सहयोग से भारत सरकार के सांख्यिकी विभाग की पहल के तहत समझौता ज्ञापन (MoU) के अंतर्गत संपन्न हुआ। मुख्य वक्ता नीरज श्रीवास्तव ने छात्राओं को स्टैटिस्टिक्स के महत्व, कौशल विकास तथा रोजगार अवसरों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम भारत सरकार और युवा स्किल इंडिया के बीच हुए समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत आयोजित किया गया है। छात्राओं को इस पहल के महत्व और इसके माध्यम से मिलने वाले कौशल विकास के अवसरों की जानकारी दी। इस कार्यक्रम में मैडम कभी डालना होगा महाविद्यालय के शिक्षकों एवं शिक्षणेतर कर्मचारियों सहित लगभग दो सौ  छात्राओं की उपस्थिति रही।

Club: Rotary club ब्लड डोनर्स वाराणसी की मीटिंग संपन्न

फ्यूचर प्लानिंग, इनवेस्टमेंट संग वित्तीय सुरक्षा से जुड़े बिन्दुओं पर हुई चर्चा



dil India live (Varanasi). रोटरी क्लब ब्लड डोनर्स वाराणसी द्वारा आज एक साधारण सभा का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रोटेरियन अमर अग्रवाल, सहायक मंडलाध्यक्ष तथा विशिष्ट अतिथि रोटेरियन सिद्धार्थ जायसवाल, फाइनेंशियल एक्सपर्ट रहे। सत्र के दौरान अतिथियों ने उपस्थित सदस्यों को फ्यूचर प्लानिंग, इनवेस्टमेंट तथा वित्तीय सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर विस्तृत चर्चा की और उपयोगी मार्गदर्शन प्रदान किया। बैठक की अध्यक्षता रोटेरियन राजेश कुमार गुप्ता (सेंचुरियन) ने की तथा संचालन रोटेरियन डॉ. आशीष गुप्ता द्वारा किया गया।


कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन रोटेरियन रूपेश गुप्ता ने किया। सभा में रोटेरियन शालिनी शर्मा, विशाल गुप्ता, राहुल चौरसिया, अभिमन्यु वर्मा, एवं विजय सिंह उपस्थित रहे और सभी सदस्यों ने अपनी-अपनी महत्वपूर्ण जानकारियाँ साझा कीं।

रविवार, 7 दिसंबर 2025

December का पहला Sunday: अमन के राजकुमार की हुई आराधना

क्रिसमस की तैयारियां हुई तेज़, फिज़ा में गूंजे कैरोल सांग

गिरजाघरों में बांटे गए क्रिसमस शिडयूल





Varanasi
(dil india live)। क्रिसमस का जश्न भले ही 25 दिसंबर को देश दुनिया में मनाया जायेगा मगर क्रिसमस सीजन की शुरुआत 30 नवंबर को ही हो चुकी है। आज दिसंबर के पहले और आगमन के दूसरे इतवार को चर्चेज में अमन के राजकुमार प्रभु यीशु की स्तुति के लिए मसीही जुटे। इस दौरान गिरजाघरों में यीशु की स्तूति के गीत गूंजे, आराधना और प्रार्थना का दौर अलग अलग चर्चेज में सुबह से शाम तक चलता रहा। इसी के साथ अब क्रिसमस अपने रंग में रंगता चला जायेगा। 25 दिसंबर यानी प्रभु यीशु के जन्म पर क्रिसमस अपने शबाब पर होगा।

दरअसल "आगमन काल" प्रभु यीशु के आगमन की आध्यात्मिक तैयारी को कहते है जो आज से 2025 वर्ष पूर्व ईसा मसीह के जन्म के साथ पूरा हुआ था। उसी ईसा मसीह की जयंती के लिए खुद को हृदय से तैयार करने का समय "आगमन काल" कहलाता है। यह नये धार्मिक कैलेण्डर की शुरुआत का भी समय होता है। इस दौरान चर्च आफ बनारस में पादरी बेन जान ने आराधना कराते हुए कहा कि हम मसीही है इसका हमें गर्व है, हमें अपने सांसारिक जीवन पर चिंतन-मनन कर यह आकलन करना हैं कि मसीही होने के नाते हमने अब तक के जीवन में प्रभु यीशु के आदर्शों पर कितना अमल किया। सी.एन.आई. चर्च तेलियाबाग में पादरी आदित्य कुमार (padri aaditya kumar) ने कहा कि प्रभु यीशु ने हमें जो जिन्दगी दी है उसके सदा हम आभारी है, हमारा फर्ज हैं कि हम भी प्रभु यीशु की सदा स्तूति करें।बताया कि क्रिसमस भले ही 25 दिसंबर को दुनिया भर में मनाया जाता हो मगर क्रिसमस की तैयारियां क्रिसमस के पूर्व पड़ने वाले उन चार इतवारों में से पहले इतवार से ही शुरू हो जाती है। आगमन का पहला रविवार 30 नवंबर को था 

आगमन के दूसरे और दिसंबर महीने के पहले इतवार को वाराणसी धर्मप्रांत के बिशप यूजीन जोसेफ की अगुवाई में सभी चर्चेज में आराधना व प्रार्थना एक साथ शुरू हुई। सभी ने अमन के राज कुमार की स्तूति की। सेंट मैरीज महागिरजा में पल्ली पुरोहित फादर जान अब्राहम ने प्रार्थना करायी। पास्टर दशरथ पवार ने बताया कि क्रिसमस के पूर्व आगमन का दूसरा इतवार आज था इसके साथ ही 14 दिसंबर को तीसरा, 21 दिसंबर को चौथा इतवार होगा। इसके बाद क्रिसमस आयेगा, जिसका शोर देश दुनिया में स्वत: सुनाई देगा।

छावनी स्थित CNI लाल गिरजाघर में इतवार को कैरोल सिंगिंग की गूंज सुनाई दी। padri iqbal Masih की अगुवाई में फिजा में क्रिसमस कैरोल, अमन के राजकुमार तेरा हो अभिषेक...गूंज उठा। इस दौरान चर्च सर्विस के बाद एक दूसरे में सेल्फी पोज की होड़ सी लग गई। सभी गिरजाघरों में लोगों के बीच क्रिसमस शिडयूल बांटा गया।


Varanasi Main Shiya वक़्फ़ बोर्ड के 78 औक़ाफ़ उम्मीद पोर्टल पर हुए रजिस्टर

वाराणसी में मौजूद है शिया वक़्फ़ बोर्ड की कुल 113 वक्फ संपत्ति 

उम्मीद पोर्टल पर अंतिम समय में हाथ लगी निराशा



Mohd Rizwan

dil india live (Varanasi). भारत सरकार द्वारा पेश किए गए 2025 वक़्फ़ संसोधन एक्ट के अंतर्गत सभी वक़्फ़ संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर दर्ज करने की अंतिम समय सीमा 6 दिसम्बर को समाप्त हो गई। इसी क्रम में उत्तरप्रदेश शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड की ओर से वाराणसी के कोऑर्डिनेटर सैय्यद एजाज़ हुसैन गुड्डू बाक़री ने बताया कि वाराणसी में शिया औक़ाफ़ की 117 में से 78 संपत्तियों को उम्मीद पोर्टल पर सफलता पूर्वक दर्ज करा दिया गया अपितु अंतिम समय में पोर्टल की धीमी गति और बार बार क्रैश हो जाने के कारण बहुत से लोगों के हाथ निराशा लगी। श्री एजाज़ ने बताया कि पिछले 6 महीने में कई वक़्फ़ संपत्तियों के पेपर दुरुस्त कराए गए। बहुत से लोगों के पास सही पेपर का अभाव था और कई मुतवल्लियों की तौलियत की अवधि समाप्त हो चुकी थी जिसके लिए उत्तरप्रदेश शिया वक़्फ़ बोर्ड से सामंजस्य स्थापित कर उन सभी संपत्तियों के काग़ज़ दुरुस्त कराए गए और दिन रात के अथक परिश्रम और पूरी टीम के प्रयास से बहुत सी  संपत्तियों को दर्ज किया गया। सैयद एजाज़ हुसैन ने यह भी बताया कि गाज़ीपुर, मिर्जापुर, जौनपुर, चंदौली, व बुलंद शहर के वक़्फ़ संपत्ति भी मेरे द्वारा उम्मीद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन किया गया  इसके अलावा सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड उत्तर प्रदेश की 68 वक़्फ़ संपत्ति को उम्मीद पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन मेरे द्वारा किया गया 

इस काम में बोर्ड ने अपना पूरा सहयोग दिया। अपितु अंतिम समय आते आते साइट पर भारी दबाव था जिसके कारण बहुत सी संपत्तियां साइट पर दर्ज नहीं हो पाई हैं। श्री एजाज़ ने उत्तरप्रदेश शिया सेंट्रल वक़्फ़ बोर्ड के चेयरमैन और उनकी पूरी टीम को धन्यवाद दिया जिनके प्रयास से वाराणसी की अधिकतम वक़्फ़ संपत्तियां आज उम्मीद पोर्टल पर दर्ज हैं। श्री एजाज़ ने अंजुमन हैदरी, चौक, बनारस के ऑफिस सेक्रेटरी श्री ज़ुल्फ़िक़ार हुसैन ज़ैदी को भी विशेष धन्यवाद प्रेक्षित किया जिन्होंने 23 -23 घंटा बिना थके बिना रुके लगातर उनके साथ कंप्यूटर पर बैठकर अपनी पूरी महारत के साथ इस कार्य में उनकी मदद की।

शनिवार, 6 दिसंबर 2025

बाबरी मस्जिद की शहादत पर बंद रहा मुस्लिम कारोबार

बाजार बंद रहने से करोड़ों का कारोबार हुआ प्रभावित

पुलिस रही सतर्क, जगह जगह चेकिंग, मिश्रित आबादी के इलाकों में रही खास नज़र


Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi)। बाबरी मस्जिद की शहादत पर मुस्लिम बाहुल्य इलाके शनिवार को बंद रहे। बाजार बंद रहने से करोड़ों का कारोबार प्रभावित होने का अनुमान लगाया जा रहा है। बंदी को देखते हुए पुलिस शुक्रवार से ही सतर्क थी, जगह जगह चेकिंग अभियान चलाया गया, खासकर मिश्रित आबादी के इलाकों में पुलिस की खास नज़र थी।

दालमंडी, नयी सड़क, हड़हा सराय, बेनियाबाग, नवेद काम्प्लेक्स, रेवड़ी तालाब, मदनपुरा, गौरीगंज, शिवाला आदि  इलाकों में विशेष सतर्कता बरतते हुए थाने और चौकियों को अलर्ट किया गया था। हालांकि पहले आलमीन सोसाइटी की अपील पर यह बंदी होती थी और शिवाला, नयी सड़क, कपड़ा मार्केट में धरना सभा होती थी मगर अमन और मिल्लत बनाएं रखने के लिए जिला प्रशासन की अपील पर धरना सभा बंद हो गया मगर स्वेच्छा से दुकानदार मस्जिद की शहादत के ग़म में बरसीं मनाते हैं और करोबार बंद रखते हैं। इसके लिए अब कोई ऐलान नहीं किया जाता।


केवल बंदी लिखकर लगी तख्तियां

शुक्रवार की रात ही दालमंडी आसपास के मुख्य बाजारों में 6 दिसंबर को काला दिवस, कारोबार बंदी का स्लोगन लिखकर तख्तियां लगाई गईं थी। इसी के बाद से पुलिस सतर्क हो गई थी हालांकि शकील अहमद जादूगर ने कहा कि ये बंदी बरसी पर स्वेच्छा से हर साल होती है इससे शहर का मिज़ाज कभी नहीं बिगड़ता है। बल्कि ये बाबरी मस्जिद शहीद होने के ग़म के इज़हार का तरीका है। लोग लगातार हर साल बरसी पर अपना कारोबार बंद रखते हैं।

दरअसल, 6 दिसंबर 1992 को अयोध्या में बाबरी मस्जिद की शहादत के बाद से जगह जगह बरसी मनाई जाती है। इस बरसी पर हर वर्ष मुस्लिम बाहुल्य इलाके में काला दिवस मनाया जाता है। इसे लेकर पुलिस बल विशेष सतर्कता बरतता है ताकि कहीं कोई अनहोनी जैसी घटना ना हो। इस वर्ष भी पुलिस टीम में अलर्ट मोड में रही पर अमन के साथ यह दिन बीत गया।


सुरक्षा व्यवस्था रही कड़ी 

शनिवार सुबह से शहर हाईअलर्ट मोड पर था। जगह-जगह पुलिस फोर्स तैनात थी तो संवेदनशील स्थलों को हाई सिक्योरिटी लिस्ट में रखा गया। पुलिसकर्मियों से लेकर अफसर तक सक्रिय नजर आ रहे हैं। देर रात तक मंदिर, गलियों से लेकर सार्वजनिक स्थलों पर चेकिंग अभियान चलाया गया। बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और रेन बसेरा में पुलिस टीम ने मौजूद लोगों की आईडी चेक करती दिखाई दी। जिले में मंदिरों, घाटों, रेलवे स्टेशन, रोडवेज के पास सुरक्षा बढ़ा दी गई थी। सिविल ड्रेस में भी पुलिस निगरानी में लगी है। मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में विशेष सतर्कता थी।


अपर पुलिस आयुक्त (कानून व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरि मीणा के नेतृत्व में गोदौलिया से गंगा घाट तक फुट पेट्रोलिंग की गई। घाटों पर संदिग्धों की पहचान के लिए आईडी प्रूफ देखे गये। विश्वनाथ मंदिर के आसपास चेकिंग अभियान चलाया गया। एडिशनल सीपी ने बताया कि गंगा आरती स्थल पर जल पुलिस, एनडीआरएफ और पुलिस बल की तैनाती पहले से है। यहां संदिग्ध दिखने वाले लोगों की सूचना तत्काल पुलिस को देने के लिए कहा गया है। फुट पेट्रोलिंग के दौरान एडीसीपी काशी सरवणन टी., एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजान त्रिपाठी और थाना प्रभारी अलर्ट रहें।

Indian Postal Department की युवाओं के लिए पहल देश भर में खुलेंगे Zen-Z Post office

दिल्ली के बाद आईआईटी गांधीनगर में नवीनीकृत जेन-Z डाकघर का उद्घाटन


dil india live (Gandhi nagar). भारतीय डाक विभाग ने आधुनिकीकरण की दिशा में कदम बढ़ाते हुए जेन-Z थीम आधारित डाकघरों की शुरुआत की है। देश के पहले जेन-Z डाकघर के रूप में आईआईटी दिल्ली पोस्ट ऑफिस का गत माह शुभारंभ किया गया था। अब गुजरात में भी आईआईटी गांधीनगर पोस्ट ऑफिस को जेन-Z डाकघर के रूप में शुरू किया गया है। केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया के दृष्टिकोण से निर्देशित इस पहल का उद्देश्य डाकघरों को जीवंत, विद्यार्थी-केंद्रित, प्रौद्योगिकी-सक्षम स्थानों के रूप में फिर से परिकल्पित करना है, जो युवा नागरिकों के साथ प्रतिध्वनित हों। यह परिवर्तन एक राष्ट्रीय पहल का हिस्सा है, जिसमें 15 दिसंबर तक शैक्षणिक परिसरों में स्थित देश के 46 डाकघरों के नवीनीकरण को शामिल किया गया है।

गुजरात के प्रथम जेन-Z नवीनीकृत आईआईटी गांधीनगर डाकघर का उद्घाटन गुजरात परिमंडल के मुख्य पोस्टमास्टर जनरल गणेश वी. सावळेश्वरकर, आईआईटी गांधीनगर निदेशक प्रो. रजत मूना, पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव, महाप्रबंधक (वित्त) डॉ. राजीव कांडपाल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया। इस अवसर पर ‘IITGN: गुजरात का प्रथम Gen Z विषयक डाकघर’ पर एक विशेष आवरण एवं आईआईटी गांधीनगर डाकघर का स्थायी चित्रात्मक विरूपण भी जारी किया गया।




मुख्य पोस्टमास्टर जनरल श्री गणेश वी. सावळेश्वरकर ने कहा कि आईआईटी गांधीनगर डाकघर विशेष रूप से युवाओं की जरूरतों, उनकी रचनात्मकता, आधुनिक सोच और तकनीकी अपेक्षाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इसका लुक एंड फील पूरी तरह जेन-Z वाइब्स और संस्कृति को प्रतिबिंबित करता है। इस डाकघर को आईआईटी गांधीनगर के छात्रों की सक्रिय भागीदारी से नया रूप दिया गया है। इनके विचारों ने भित्तिचित्रों, आंतरिक विषय और प्रचार सामग्री को आकार दिया है, जिससे डाकघर को एक विशिष्ट युवा-केंद्रित पहचान मिली है। 

 Zen-Z में उपलब्ध सुविधाएं

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि Zen-Z आईआईटी पोस्ट ऑफिस में उपलब्ध आधुनिक सुविधाएँ—जैसे वाई-फाई, कैफेटेरिया, मिनी-लाइब्रेरी, पार्सल, ज्ञान पोस्ट, पार्सल पैकेजिंग सेवाएँ, फिलेटली, डाकघर बचत सेवाएँ, डाक जीवन बीमा, इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक, छात्रों के लिए स्पीड पोस्ट में छूट, और क्यूआर आधारित डिजिटल भुगतान सुविधाएँ—इसे और अधिक आधुनिक एवं सुगम बनाती हैं। नवीनीकृत आईआईटी गांधीनगर डाकघर अब युवाओं के सशक्तिकरण, संस्थागत सहयोग और जन सेवा के आधुनिकीकरण का प्रतीक बन गया है। 

भित्ति-चित्र का लुत्फ 


आईआईटी गांधीनगर के निदेशक प्रो. रजत मूना ने डाक विभाग की इस Zen-Z पोस्ट ऑफिस पहल की सराहना की और आशा व्यक्त की कि अधिकतम संख्या में छात्र डाक विभाग की सेवाओं तथा उपलब्ध कराई गई आधुनिक सुविधाओं का लाभ उठाएंगे। डाकघर में आईआईटी गांधीनगर के छात्रों द्वारा निर्मित "ट्री ऑफ लाइफ ऑफ आईआईटीजीएन” भित्ति-चित्र में परिसर में पाए जाने वाले विविध पक्षियों की समृद्ध विविधता को उजागर किया गया है। इस कलाकृति में एक समृद्ध वृक्ष को दर्शाया गया है, जिसकी शाखाओं पर आईआईटी गांधीनगर परिसर में बसे विविध पक्षी दिखाई देते हैं, जो संस्थान के जीवंत पारिस्थितिकी तंत्र से उसके गहरे संबंध का प्रतीक हैं।