बुधवार, 18 जून 2025

Baarish ka Asar : कहीं 7 घंटे बिजली गुल, कहीं हर 5 मिनट में ट्रिपिंग

बारिश के चलते किराये के जेनरेटर से भरी टंकी

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live). मानसून की आहट से ही वाराणसी में शहर से लेकर गांव तक की बिजली व्यवस्था चरमरा गई। आधी रात बाद बारिश शुरू होते ही पहले तो बिजली विभाग ने एहतियातन बिजली काटी, बाद में तेज हवा के साथ बारिश में कहीं ट्रांसफार्मर खराब हो गया तो कहीं तार टूटने से बिजली गुल हो गई। इस वजह से मंगलवार को कहीं 6 कहीं 7 घंटे बिजली गुल रही।

इधर, शहर के छित्तूपुर, भगवानपुर, डाफी में तो मंगलवार सुबह 9 बजे से देर शाम तक बिजली की आवाजाही जारी रही। लिहाजा किराये पर जेनरेटर मंगाकर कॉलोनियों में लोगों ने घर में उजाला किया और पानी भरा। गांव में भी ट्रिपिंग, लोकल फाल्ट की समस्या बनी रही।


मंगलवार को ग्रामीण इलाकों की तुलना में सबसे अधिक बिजली कटौती की समस्या शहरी क्षेत्र में रही। इसमें नरिया इलाके में सुबह 11 बजे से बिजली गुल हो गई। भगवानपुर, छित्तूपुर, डाफी में सुबह 9 बजे बिजली गुल हो गई। भगवानपुर, छित्तूपुर निवासी आशु पटेल, मन्नू पाल, भूपेंद्र सिंह, राजू पटेल ने बताया कि ट्रांसफॉर्मर में खराबी की वजह से बिजली का संकट रहा। कुछ देर इन्वर्टर चला लेकिन बाद में वो भी जवाब दे गया। शाम को अंधेरा दूर करने के लिए हम लोगों ने चंदा लगाकर जेनरेटर मंगवाया। किसी तरह घर में रोशनी आई और पानी भरा जा सका। उधर महेशपुर, मड़ौली, भिटारी, मंडुवाडीह बाजार, लंका, सारनाथ, सरायनंदन खोजवा, आदि जगहों पर बिजली की आवाजाही जारी रही। इस कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सारनाथ के तिलमापुर क्षेत्र में सुबह 10 से बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसके साथ ही पंचकोसी क्षेत्र में 10 बजे सुबह की कटी बिजली दोपहर 1:20 पर आई। ग्रामीण इलाके में चौबेपुर में बिजली की आवाजाही जारी रही। कछवा रोड क्षेत्र में सोमवार आधी रात बाद 2 बजे से कटी बिजली मंगलवार सुबह 6 बजे आई। इस दौरान ठटरा एवं पूरे के अलावा रूपापुर फीडर के कई गांवों में अंधेरा छाया रहा।

सीएचसी मिसिरपुर में बिजली गुल, मरीजों को परेशानी: सीएचसी मिसिरपुर में मंगलवार की भोर में बिजली कनेक्शन में फाल्ट हो जाने के चलते विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। तीमारदारों ने बताया कि जेनरेटर भी नहीं चलवाया गया। कुछ समय तक ओपीडी में भी अंधेरा रहा।


Varanasi Main Advocate पर मुकदमें से भड़के वकीलों ने पुलिस कमिश्नर आफिस घेरा

पुलिस कमिश्नर ने एसआईटी जांच का दिया आश्वासन 

वकीलों ने CP मोहित अग्रवाल के दखल से किया धरना समाप्त

चौकी प्रभारी पर अधिवक्ता को पीटने का है आरोप

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). लालपुर पांडेपुर थाना क्षेत्र स्थित पुलिस चौकी में अधिवक्ता से दुर्व्यवहार और मारपीट के मामले ने वाराणसी में कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वकीलों और पुलिस प्रशासन के बीच जारी विवाद ने मंगलवार को नया मोड़ ले लिया, जब तीन दिन में दूसरी बार अधिवक्ताओं ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय का घेराव किया।

वकीलों ने सीपी मोहित अग्रवाल के कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया और एफआईआर निरस्त करने की मांग की। अधिवक्ताओं ने थप्पड़ मारने का वायरल वीडियो दिखाते हुए चौकी प्रभारी को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग की।


वकील की पिटाई से भड़का मामला

बता दें कि रविवार देर शाम अधिवक्ता अरविंद वर्मा निजी भूमि पर कब्जे की शिकायत लेकर लालपुर पुलिस चौकी पहुंचे थे। आरोप है कि वहां चौकी प्रभारी आदित्य सेन ने उनके साथ अभद्रता की और हाथापाई पर उतर आए। अधिवक्ता की पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिससे वकीलों में आक्रोश फैल गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए डीसीपी वरुणा ने चौकी प्रभारी को लाइन हाजिर कर दिया था और अधिवक्ता की तहरीर पर 16 जून को एफआईआर दर्ज की गयी थी। जहां पीड़ित अधिवक्ता ने चौकी प्रभारी पर मुकदमा दर्ज कराया, वहीं लाइन हाजिर दरोगा आदित्य सेन ने भी पलटवार करते हुए अरविंद वर्मा, शैलेन्द्र राय, रविंद्र व अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया। एफ आई आर में आरोप है कि अधिवक्ताओं ने चौकी में घुसकर वर्दी पर हमला किया, गालियाँ दीं और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाया। पुलिस ने IPC की कई धाराओं समेत सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम 1984 की धाराएँ लगाई हैं।

पुलिस कमिश्नर ने दिया जांच का भरोसा

बढ़ते तनाव के बीच CP मोहित अग्रवाल ने मंगलवार को स्वयं प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं से बातचीत की। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की निष्पक्ष जांच हेतु SIT गठित की जाएगी, और एक सप्ताह में रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएगी। तब तक किसी भी पक्ष पर कार्रवाई नहीं होगी। CP के आश्वासन के बाद अधिवक्ताओं ने धरना खत्म कर दिया।

अधिवक्ताओं की चेतावनी

वकीलों का नेतृत्व कर रहे सेंट्रल बार एसोसिएशन के अध्यक्ष मंगलेश दुबे और अन्य अधिवक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस द्वारा अधिवक्ताओं से दुर्व्यवहार के मामलों पर अंकुश नहीं लगा तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे। धरने में अनुज यादव, रोहित मौर्य, अनूप कुमार सिंह, दीपक राय कान्हा, विकास दुबे, अभिषेक प्रताप, प्रमोद सिंह सहित कई वरिष्ठ वकील शामिल रहे।

Mahanta house चोरी प्रकरण में Bihar निवासी मुख्य आरोपी को मिली जमानत

चैनपुर निवासी जितेंद्र सिंह उर्फ गोलू को अदालत ने दी बड़ी राहत

Sarfaraz Ahmad
Varanasi (dil India live)। संकट मोचन मंदिर के महंत विश्वंभर नाथ मिश्र के आवास से करोड़ों की नगदी और जेवरात चोरी के मामले में मुख्य आरोपी और महंत जी का पूर्व कर्मचारी जितेंद्र सिंह उर्फ गोलू (निवासी चैनपुर, बिहार) को कोर्ट से जमानत मिल गई है। विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट द्वितीय) नितिन पाण्डेय की अदालत ने आरोपी को दो-दो लाख रुपये की दो जमानतें एवं बंधपत्र पर रिहा करने का आदेश पारित किया।
चोरी की वारदात का खुलासा ऐसे हुआ
अभियोजन पक्ष के अनुसार, 19 मई 2025 को महंत आवास के जनसंपर्क अधिकारी ने भेलूपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि महंत जी की अनुपस्थिति में जब वह एयरपोर्ट गए हुए थे, तभी तुलसी घाट स्थित आवास में चोरी की घटना घटी। महंत जी की पत्नी आभा मिश्रा को फोन से एक कर्मचारी सूरज मिश्रा ने सूचना दी कि घर का प्रथम तल स्थित कमरा खुला है। वापस आने पर उन्होंने देखा कि कमरे की कुंडी टूटी थी और आलमारी से नगद व जेवरात गायब थे। प्राथमिक जांच में सामने आया कि चोरी की इस वारदात को महंत जी का पूर्व कर्मचारी जितेंद्र सिंह ने अपने साथियों के साथ मिलकर अंजाम दिया। पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और मुखबिर की सूचना पर रामनगर क्षेत्र स्थित जंगल में मुठभेड़ के बाद जितेंद्र सिंह समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया।


यह सामान पुलिस ने किया था बरामद फिर भी जमानत 

-गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के पास से चार सोने की चूड़ियाँ, दो सोने का कड़ा, चार गोल्ड चेन, नवरत्न कड़ा, डायमंड सेट, डायमंड ब्रेसलेट, पन्ना, मानिक, पर्ल सेट व तीन लाख रुपये नगद, कुल मिलाकर करोड़ों की कीमत के आभूषण और नगदी बरामद की।

मामले की सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता अनुज यादव, नरेश यादव, नितेश सिंह और संदीप यादव ने पक्ष रखा। उन्होंने आरोपी के पक्ष में राहत की मांग की, जिसे अदालत ने स्वीकार करते हुए जमानत दे दी।
हालाँकि अभियोजन पक्ष द्वारा अपराध की गंभीरता और बरामद संपत्ति को देखते हुए विरोध किया गया, पर अदालत ने जमानत याचिका मंजूर कर दी।

बिजली कर्मचारियों का Varanasi Main निजीकरण के खिलाफ Aandolan जारी

स्थानांतरण या कार्यवाही निजीकरण के आंदोलन को कमजोर नही कर सकती- बिजली कर्मचारी 


Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live). बनारस के बिजलीकर्मियो ने लेढुपुर विद्युत उपकेंद्र पर जनजागरण सभा के दौरान प्रबन्ध निदेशक पूर्वांचल पर जमकर हमला बोला, 2 महीने पहले की पांच सूत्रीय मांगों को लेकर विरोध कर रहे बिजलीकर्मियो के खिलाफ उत्पीड़न के उद्देश्य से सरकार के स्थानांतरण नीति के विपरीत स्थानांतरण कर  भड़ास निकाल रहे। संविदाकर्मियों के कटे वेतन सहित पाँच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर बिजलीकर्मी आज प्रदर्शन करेंगे।

बिजलीकर्मियो ने कहा स्थानांतरण या अन्य कोई कार्यवाही निजीकरण के आंदोलन को कमजोर नही कर सकती बल्कि और आक्रोश पैदा करेगी। प्रबन्ध निदेशक पूर्वांचल से पूर्वांचल के समस्त बिजलीकर्मी कल स्थानांतरण की करेंगे मांग


विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उप्र के बैनर तले लेढुपुर विधुत उपकेंद्र वाराणासी पर जबरदस्त जनजागरण सभा में बिजलीकर्मियो ने प्रबन्ध निदेशक पुर्वांचल द्वारा सरकार की स्थानांतरण नीति के विपरीत बैक डेट में बिजलीकर्मियो की समस्या को दूर न करके उनका स्थानांतरण किया जा रहा है। संविदाकर्मियों के बिना मोबाइल और डेटा की व्यवस्था किये फेसिअल अटेंडेंस को आधार मानकर संविदाकर्मियों का वेतन काट दिया गया उक्त के साथ ही पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर बिजलीकर्मी करेंगे जबरदस्त प्रदर्शन।


सभा को संबोधित करते हुए आज पिंटू सिंह ने कहा कि निजीकरण का एक छोटा उदाहरण ये है कि निजी कम्पनी के लोग रीडिंग कर रहे है और निजी कम्पनी के लोग मीटर लगा रहे उससे आम जनता कितनी परेशान है अधिकतम लोगो को सही बिल नही मिल रहा वही मेरा स्वयं के यहां जीएमआर कम्पनी द्वारा मीटर को लेकर कई दिन से परेशान है।

वक्ताओ ने बताया कि आज जनजागरण सभा मे भारी संख्या में शामिल बिजलीकर्मियो ने संघर्ष समिति पदाधिकारियो से अपनी गुस्से का इजहार करते हुये तत्काल हड़ताल जैसे निर्णय लेने की जोरदार मांग किया । बिजलीकर्मियो ने कहा कि प्रबन्ध निदेशक स्वयं बिजलीकर्मियो को नौकरी से निकालकर आज बिजली व्यवस्था नही चला पा रहे है तो अधिकारियों और कर्मचारियों पर अपना केवल गुस्सा निकाल रहे है।

वक्ताओ ने आज की सभा में ये बात प्रमुखता से उठाया कि 2 महीने पहले पांच सूत्रीय मांग पत्र प्रबन्ध निदेशक को दिया गया है किंतु आज तक समस्याओं को निदान करना तो दूर की बात है आज तक द्विपक्षीय वार्ता द्वारा समस्याओं का समाधान करने का भी प्रयास नही किया गया। हद तो अब हो गयी कि कल संघर्ष समिति ने उनके कार्यालय पर सत्याग्रह की नोटिस देने के बाद ही आज तक वार्ता द्वारा सत्याग्रह को जनहित में टालने के भी प्रयास नही किए गए।

वक्ताओ ने कहा कि प्रबन्ध निदेशक द्वारा राज्य सरकार के नीतियों के विपरीत ठेंगा दिखाकर काम किया जा रहा है इसके बावजूद मुख्यमंत्री कैसे इस अधिकारी को 3 साल से एक ही जगह सरकार को बदनाम करने वाले कार्य करने के लिए क्यों छोड़े हुये है। बिजलीकर्मियो ने आज कहा कि किसी कीमत पर ये बिजलीकर्मी इनको सरकार की नीतियों के खिलाफ कार्य नही करने देंगे और कल प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर जबरदस्त सत्याग्रह किया जाएगा और जब तक ये पांच सूत्रीय समस्याओं का समाधान नही करेंगे तब तक ये 24 घंटे लगातार अनिश्चितकालीन सत्याग्रह जारी रहेगा ।

वक्ताओ ने कहा कि स्थानांतरण या अन्य कोई भी कार्यवाही निजीकरण के आंदोलन को कमजोर नही कर सकती बल्कि ऐसे कार्यवाहियों से बिजलीकर्मियो में और आक्रोश पैदा करेगी साथ ही प्रबन्ध निदेशक से समस्त बिजलीकर्मी सामुहिक स्थानांतरण की करेंगे मांग। सभा की अध्यक्षता ई.  केके ओझा ने एवं संचालन उमेश यादव ने किया।

सभा को ई. मनोज गुप्ता, ई. पंकज कुमार, अंकुर पाण्डेय, उदयभान दुबे, धर्मेन्द्र यादव, ई. आजाद, ई. आदित्य पाण्डेय, ई. रोहित राय, रमेश कुमार, अरुण गुप्ता, रजनीश कुमार, मो. हारिस, रोहित कुमार, चंद्रशेखर कुमार, परमिंद्र, विनीत कुमार आदि ने संबोधित किया।

मंगलवार, 17 जून 2025

साईं इंस्टिट्यूट की बेटी के हाथों बनी स्केच से उपजिलाधिकारी (पिंडरा) का सम्मान

अब आत्मनिर्भरता की नई मिसाल गढ़ रही ग्रामीण महिलाओं की प्रतिभा 

Varanasi (dil India live). वाराणसी की ग्रामीण महिलाओं की प्रतिभा अब आत्मनिर्भरता की नई मिसाल गढ़ रही है। वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान विभाग (डीएसआईआर), भारत सरकार की टी.डी.यू.पी.डब्ल्यू. स्कीम के तहत साईं इंस्टिट्यूट ऑफ रूरल डेवलपमेंट, वाराणसी द्वारा प्रशिक्षित महिलाओं ने अपने हाथों की कलाकारी से समाज को मंत्रमुग्ध कर दिया है।


इसी क्रम में आज डीएसआईआर की स्कीम से प्रशिक्षित एक बेटी द्वारा पेंसिल से बनाई गई उपजिलाधिकारी, पिंडरा, प्रतिभा मिश्रा की स्केच को साईं इंस्टिट्यूट के निदेशक अजय सिंह द्वारा सम्मानपूर्वक और सप्रेम भेंट किया गया।

उक्त अवसर पर उपजिलाधिकारी प्रतिभा मिश्रा ने कहा, "यह कार्य न केवल बेटियों की कला का प्रतीक है, बल्कि ग्रामीण महिलाओं की रचनात्मकता और आत्मनिर्भरता की दिशा में हो रहे महत्वपूर्ण प्रयासों को भी दर्शाता है। मैं इस बेटी और संस्थान के प्रयासों की हार्दिक सराहना करती हूँ और शुभकामनाएँ देती हूँ।"

संस्थान के निदेशक अजय सिंह ने कहा, "यह पहल महिलाओं के जीवन में आत्मनिर्भरता का संचार कर रही है और समाज में उनके लिए नए अवसरों के द्वार खोल रही है। हमारी बेटियाँ अपनी कला और कौशल से ग्रामीण विकास की नई कहानी लिख रही हैं।"

Bihar Ki Car ने UP के Varanasi main मचाया उत्पात

छित्तनपुरा में बेकाबू कार से तीन घायल, शराबी चालक  को जनता ने किया पुलिस के हवाले

जनता के पथराव से कार क्षतिग्रस्त

Wasim Hashmi 

Varanasi (dil India live)। आदमपुर थाना क्षेत्र के मुस्लिम बाहुल्य पीलीकोठी छित्तनपुरा मोहल्ले में मंगलवार को एक कार ने अपनी लापरवाह ड्राइविंग से लोगों को खासा परेशान कर दिया वो तो गनीमत था की केवल तीन लोग ही घायल हुए कुछ को हल्की चोटें आई वरना बड़ा हादसा भी हो सकता था।


दरअसल बिहार के सासाराम के एक नशे में धुत कार व्यक्ति ने सड़क पर उत्पाती कार चलाया। इस दौरान बुजुर्ग एकलाख अहमद, बबली विश्वकर्मा, स्वाति जायसवाल घायल हो गए जो मंडलीय अस्पताल में है। कार चालक सासाराम बिहार निवासी अविनाश सिंह (45 वर्ष) पुलिस हिरासत में है। घायलों का इलाज कराया गया। जबकि कई अन्य लोगों को हल्की चोटें भी आई हैं। दुर्घटना के बाद लोगों ने चालक को पकड़ कर पुलिस के हवाले कर दिया। इस दौरान बौखलाये लोगों ने पथराव कर कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। 


लोगों ने बताया कि जहां कार चालक ने पहले एक साइकिल सवार को धक्का मारा और मौके से भागने की कोशिश में हनुमान फाटक की ओर मुड़ गया। इस दौरान तेज रफ्तार में चल रही बेकाबू कार ने तकरीबन दो दर्जन लोगों को टक्कर मार दी और रास्ते में खड़ी कई बाइकों को भी नुकसान पहुंचाया। कार पठानी टोला चौराहे के पास पहुंची थी कि तब एक अपाचे मोटरसाइकिल कार के इंजन के नीचे फंस गई। इस मौके पर लोगों का कहना था कि बड़ा हादसा होते होते बचा गया।

Nagar Nigam के लैंड बैंक में तीस बिघा भूमि हुई शामिल

एक सौ बीस करोड़ की है नगर निगम में शामिल संपूर्ण भूमि 

नगर निगम ने बड़ी कार्यवाही करते हुए कराया बैरिकेटिंग


मोहम्मद रिजवान 

Varanasi (dil India live). नगर निगम द्वारा बड़ी कार्यवाही करते हुये तीस बीघा अतिक्रमित भूमि को खाली कराकर नगर निगम के लैंड बैंक में शामिल किया गया। बाजार दर के अनुसार इसकी कीमत एक सौ बीय करोड़ बतायी जा रही है। नगर निगम सीमा के नव विस्तारित क्षेत्र में ग्राम फरीदपुर में आराजी नम्बर 10 पर स्थित तीस बीघा सरकारी भूमि पर लोगों के द्वारा कब्जा किया जा रहा था। नगर आयुक्त अक्षत वर्मा को जानकारी प्राप्त होने पर तत्काल उक्त भूमि का चिन्हांकन कर बैरेकेटिंग कराये जाने हेतु सहायक नगर आयुक्त अनिल यादव को निर्देशित किया गया। अनिल यादव के द्वारा स्थलीय निरीक्षण में पाया कि उक्त बड़ी भूमि पर लोगों के द्वारा कब्जा किया जा रहा है। नगर निगम द्वारा पिछले चार दिनों से इस भूमि पर से अतिक्रमण हटाते हुये बैरेकेटिंग का कार्य कराकर कब्जे में लिया गया।