मंगलवार, 14 अप्रैल 2026

Education news: नवोदय विद्यालय, शिक्षा के साथ संस्कारों का भी दे रहा है संदेश–Post master General कृष्ण कुमार यादव

देश में नवोदय के 17 लाख पुरा विद्यार्थियों का नेटवर्क समाज को नई दिशा देने के लिए तत्पर

नवोदय ने बहुत कुछ दिया है, अब 'पे बैक टू सोसाइटी' की ज़रुरत 


dil india live (Ahmedabad). शिक्षा ही वह रोशनी है, जिससे एक समृद्ध, सक्षम और विकसित भारत गढ़ा जा सकता है। एक सरकारी संस्थान होने के बावजूद नवोदय विद्यालय अपनी उत्कृष्ट शिक्षा व बेहतर परीक्षा परिणामों की वजह से आज शीर्ष पर है। राजनीति, प्रशासन, चिकित्सा, इंजीनियरिंग, शैक्षणिक, सैन्य सेवाओं से लेकर विभिन्न प्रोफेशनल सेवाओं, बिजनेस और सामाजिक सेवाओं में नवोदयन्स पूरे भारत ही नहीं वरन पूरी दुनिया में पहचान बना रहे हैं। 13 अप्रैल, 1986 को दो नवोदय विद्यालयों से आरंभ हुआ यह सफर आज 661 तक पहुंच चुका है। नवोदय अपनी स्थापना के 40 साल पूरा कर रहा है। देश भर में नवोदय विद्यालय के 17 लाख से अधिक पुरा विद्यार्थियों का नेटवर्क समाज को नई दिशा देने के लिए तत्पर है। 'वसुधैव कुटुंबकम्' एवं 'शिक्षार्थ आइए, सेवार्थ जाइए' की भावना से प्रेरित नवोदय में जाति, संप्रदाय, क्षेत्र से परे सिर्फ राष्ट्र प्रेम की भावना है। 

उक्त भाव नवोदय विद्यालय, आज़मगढ़ के पुरा छात्र एवं सम्प्रति उत्तर गुजरात परिक्षेत्र, अहमदाबाद  के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने 'नवोदय स्थापना दिवस' पर व्यक्त किये। 


नवोदय विद्यालय से सिविल सर्विसेज में चयनित आरंभिक विद्यार्थियों में रहे पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि, वर्ष 2001 में संघ लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित भारत की प्रतिष्ठित सिविल सेवा परीक्षा में चयनित होने के उपरांत पिछले 24 सालों में देश के विभिन्न भागों में पदस्थ रहा, परन्तु इतना अवश्य कहूँगा कि यदि मैं नवोदय विद्यालय में नहीं रहता तो शायद ही यहाँ तक पहुँच पाता। श्री यादव ने कहा कि, मुझे गर्व है कि मैं नवोदय का हिस्सा रहा हूँ। हमारे व्यक्तित्व और कैरियर के निर्माण में नवोदय का बहुत बड़ा योगदान रहा है। नवोदय ने हमें सिखाया कि सपने सिर्फ देखे नहीं जाते, उन्हें जिया भी जाता है — संघर्ष, अनुशासन और समर्पण के साथ। नवोदय विद्यालय से निकले लगभग तीन दशक से ज्यादा हो गए पर अभी भी वही लगाव और अपनत्व बरकरार है। नवोदय ने हम सभी को बहुत कुछ दिया है, अब 'पे बैक टू सोसाइटी' की जरुरत है। 


पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, अधिकतर ग्रामीण पृष्ठभूमि के नवोदय विद्यार्थी आज जिन ऊँचाइयों पर हैं, उसका श्रेय नवोदय की नव उदय की उस भावना को जाता है, जहाँ जात-पात, धर्म, अमीर-गरीब, शहरी-ग्रामीण जैसे तमाम विभेद भूलकर सब सिर्फ एक सकारात्मक सोच के साथ नए पथ पर अग्रसर होते हैं। नवोदयी भावना एक ऐसा अनमोल रिश्ता है, जो हर नवोदयन के दिल में खास जगह बनाए हुए है। ये सिर्फ एक समूह नहीं, बल्कि एक ऐसा अनूठा परिवार है जिसमें अलग-अलग राज्यों या जिलों के नवोदय विद्यालय भले ही हों, लेकिन जज़्बा, अपनापन और यादों की मिठास सबमें एक जैसी है। एक प्रशासक के साथ-साथ साहित्यकार और ब्लॉगर के रूप में भी ख्याति प्राप्त पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, भारत के उज्जवल भविष्य का निर्माण करने में नवोदयन्स की अहम भूमिका है। नवोदय परिवार आज भी बेहद संगठित है और लोग एक दूसरे से दिल से जुड़े हैं। सुख-दुःख में एक दूसरे के साथ जिस तरह से खड़े रहते हैं, वह मन में हैरत ही नहीं गर्व भी पैदा करता है। 

पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि 'हमीं नवोदय हों' की भावना के साथ आज नवोदय एक ब्रांड बन चुका है। नवोदय ने ग्रामीण भारत के होनहार बच्चों को न केवल उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दी, बल्कि आत्मविश्वास, संस्कार और देशसेवा की भावना भी दी। नवोदय विद्यालय का विजन है, "मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के प्रतिभाशाली बच्चों को उनके परिवार की सामाजिक-आर्थिक स्थिति पर ध्यान दिए बिना, गुणात्मक आधुनिक शिक्षा प्रदान करना, जिसमें सामाजिक मूल्यों, पर्यावरण के प्रति जागरूकता, साहसिक कार्यकलाप और शारीरिक शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण घटकों का समावेश हो।" नवोदय विद्यालय का आदर्श वाक्य "प्रज्ञानं ब्रह्म" ऋग्वेद के ऐतरेय उपनिषद से एक महावाक्य है, जिसका अर्थ है "प्रकट ज्ञान या चेतना ही ब्रह्म है" । यह  उच्च-गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए नवोदय की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

सोमवार, 13 अप्रैल 2026

Basant Kanya Mahavidyalaya ने रंगोत्सव से समृद्ध की रंगमंच की परंपरा

थिएटर अनुभव व अभिव्यक्ति के बीच का सशक्त संवाद-उमा भट्टाचार्य



dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय (VKM Varanasi) के क्लब रंगमंच ने दो- दिवसीय कार्यक्रमों में विश्व रंगमंच दिवस और क्लब की पहली वर्षगांठ को विविध आयोजनों के साथ उत्साहपूर्वक मनाया। पहले दिन एकांकी, एकल अभिनय और लघु फिल्म वर्गों में प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। दूसरे दिन, विजेता प्रविष्टियों को पुरस्कारों से सम्मानित कर रचनात्मकता को प्रोत्साहित किया गया। 


दूसरे दिन के कार्यक्रमों में आकर्षण का केंद्र, क्लब की नाट्य प्रस्तुति 'जीवा, तुम कब आओगे रही' जिसे सैमुअल बैकेट के मूल फ्रेंच नाटक 'वेटिंग फॉर गोडो' पर आधारित कर, समकालीन भारतीय समाज और चिंतन के ढांचे में रचनात्मक युक्तियुक्तता दी गई। लेखिका डॉक्टर सुप्रिया सिंह ने कहा कि यह नाटक मात्र कथानक की प्रस्तुति नहीं चिंतन से जोड़ने का नजरिया है जिसे रंगमंच पर व्यंग्यात्मक शैली में दिखाना एक वास्तविक चुनौती थी। कलाकारों, अदिति मिश्रा, दीया मिश्रा, आद्रिका अग्रवाल, रश्मि, लतिका बिष्ट, अदिति, और प्राची की प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि जीवंत और प्रभावपूर्ण अभिनय ने इस चुनौती को सरल सहज कर दिया।


कार्यक्रम की शुरुआत शिव तांडव स्त्रोत पर छात्रा नीनू की आकर्षक नृत्य प्रस्तुति से हुई जिसके बाद सचिव रंगमंच, अदिति मिश्रा ने क्लब की साल भर की उपलब्धियों का ब्यौरा प्रस्तुत किया। विशिष्ट अतिथियों का स्वागत करते हुए प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने कहा कि महाविद्यालय में उत्कृष्ट नाट्य प्रस्तुतियों का सुदीर्घ इतिहास रहा है। इस क्रम में क्लब के रूप में रंगमंच का गठन एक सुखद दौर की वापसी के रूप में देखा जाना चाहिए। अपने आशीर्वाद संबोधन में प्रबंधक उमा भट्टाचार्या ने थिएटर को अनुभव और अभिव्यक्ति के बीच का सशक्त संवाद बताया। इस प्रक्रिया में जिस तरह समाज को शामिल होने का अवसर मिलता है वह विचारों के प्रसार का भी सबसे प्रभावशाली माध्यम है। अतिथि वक्ता प्रोफेसर रंजन कुमार, छात्र अधिष्ठाता काशी हिंदू विश्वविद्यालय, ने थिएटर के प्रति समाज की परिवर्तित दृष्टि की प्रशंसा की और कहा कि व्यक्तित्व के विकास में थिएटर और अभिनय की भूमिका को नजर अंदाज नहीं किया जा सकता। उन्होंने महाविद्यालय की प्रशंसा करते हुए कहा कि काशी के उच्च शिक्षण संस्थानों में नाट्य विभाग की कमी चिंतन का विषय है ऐसे में 'रंगमंच क्लब' एक अनुकरणीय प्रयास है। उन्होंने छात्राओं के अभिनय क्षमता की खूब प्रशंसा की। विशिष्ट अतिथि, ख्यात रंगकर्मी, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की प्रोफेसर शुभ्रा वर्मा ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी प्रस्तुति रंगमंच के प्रति समर्पण की बेहतरीन परिचायक है। यही समर्पण उन्हें जीवन के हर क्षेत्र में बेहतर बनने की प्रेरणा देगा। उन्होंने नाट्य प्रस्तुति को अभिनय, स्टेज क्राफ्ट और साउंड-लाइट जैसी तकनीकी कुशलताओं की दृष्टि से भी सराहा और भविष्य में रंगमंच की योजनाओं से जुड़कर कार्य करने का प्रस्ताव दिया।


 

इस अवसर पर छात्राओं द्वारा तैयार लघु फिल्म 'रुदाली' की स्क्रीनिंग भी की गई जिसे रुचिता, गौरी तथा उनकी टीम ने तैयार किया था। कार्यक्रम में सूत्रधार की भूमिका में थीं, कृत्तिका और सृष्टि तथा धन्यवाद ज्ञापन किया कार्यक्रम की संयोजिका डॉक्टर नैरंजना श्रीवास्तव ने। 

इस अवसर पर आईआईटी बीएचयू के प्रोफेसर अरुण जैन भी उपस्थित रहे। महाविद्यालय के आईक्यू एक सी तथा अंग्रेजी विभाग के सहयोग से आयोजित रंगोत्सव में प्राध्यापकों और छात्राओं की उत्साहपूर्ण भागीदारी ने आयोजन को सफल बनाया।

PNG Gas आपूर्ति के लिए गेल द्वारा निरंतर प्रयास जारी

वंशी वाट होटल में पाईप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) आपूर्ति की शुरुआत 




dil india live (Varanasi). वाराणसी में जनता को राहत देते हुए गेल (india) लिमिटेड, वराणसी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन परियोजना के तहत स्वच्छ, सुरक्षित और किफायती ईंधन की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए महमूरगंज स्थित वंशी वाट होटल में पाईप्ड नेचुरल गैस (PNG Gas) आपूर्ति की शुरुआत की गई है। वंशी वाट होटल, जो अब तक एलपीजी सिलेंडर पर निर्भर था, औसतन प्रति माह 30 से 35 सिलेंडरों की खपत करता है। (पीएनजी) गैस आपूर्ति शुरू होने से होटल को अब निर्बाध गैस सप्लाई, बेहतर सुरक्षा, लागत में बचत तथा पर्यावरण के अनुकूल ईंधन का लाभ मिलेगा। 

गेल द्वारा दावा किया गया है कि पीएनजी के माध्यम से न केवल होटल की परिचालन दक्षता में सुधार होगा, बल्कि स्टोरेज की आवश्यकता समाप्त होने, लॉजिस्टिक झंझट कम होने और कार्बन उत्सर्जन में भी उल्लेखनीय कमी आएगी। यह कदम गेल की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जिसके अंतर्गत होटल, रेस्टोरेंट, व्यावसायिक संस्थानों एवं उद्योगों को स्वच्छ ऊर्जा से जोड़कर काशी को हरित और स्वच्छ बनाने का प्रयास किया जा रहा है। गेल वराणसी लगातार अपने गैस नेटवर्क का विस्तार करते हुए अधिक से अधिक वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को PNG से जोड़ रहा है, ताकि उन्हें विश्वसनीय, सुरक्षित औरपर्यावरण‑अनुकूल ऊर्जा समाधान उपलब्ध कराया जा सके।

Police Commissioner Mohit Agarwal ने अपर पुलिस उपायुक्त डॉ. ईशान सोनी को दी विदाई

डॉ. ईशान का प्रशासनिक दक्षता, अनुशासन, समन्वय एवं जनसेवा में महत्वपूर्ण योगदान-मोहित अग्रवाल

पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल ने नवागंतुक लिपि नागयाच का किया स्वागत




Sarfaraz Ahmad 

dil india live (Varanasi). आज पुलिस कार्यालय कमिश्नरेट वाराणसी में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल (Police Commissioner Mohit Agarwal) द्वारा स्थानांतरण के अवसर पर अपर पुलिस उपायुक्त डॉ. ईशान सोनी को भावभीनी विदाई दी गई। बेहद खुशनुमा माहौल में पुलिस आयुक्त ने डॉ. ईशान के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने प्रशासनिक दक्षता, अनुशासन, समन्वय एवं जनसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उपस्थित अधिकारियों ने भी उनके कार्यों की प्रशंसा करते हुए सम्मानपूर्वक विदाई दी। 

इस मौके पर कमिश्नरेट वाराणसी में पुलिस आयुक्त मोहित अग्रवाल द्वारा नवागत अपर पुलिस उपायुक्त लिपि नागयाच का स्वागत किया गया। पुलिस आयुक्त ने उन्हें शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके अनुभव, नेतृत्व क्षमता एवं कार्यकुशलता से कमिश्नरेट की कार्यप्रणाली को नई गति मिलेगी। 

इस अवसर पर अपर पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय शिवहरी मीणा सहित कमिश्नरेट के अन्य अधिकारीगण भी उपस्थित थे।

रविवार, 12 अप्रैल 2026

UP K Varanasi Main ISSRA द्वारा जायरीन के लिए स्पेशल हज ट्रेनिग

ट्रेनिंग में बताया हज के सफर पर अरब में क्या-क्या रखें सावधानियां 

हज की ट्रेनिंग लेने तीसरे इतवार को जुटे हज यात्री 



dil india live (Varanasi). UP K Varanasi Main इसरा (ISSRA), द्वारा तीसरे इतवार को "स्पेशल हज ट्रेनिग कैम्प, 2026" का आयोजन ISSRA मुख्यालय उल्फत कंपाउंड, अर्दली बाजार में किया गया। 12.04.2026 को हुए इस कैंप की सरपरस्ती मौलाना अब्दुल हादी खां हबीबी तथा शहर के मायनाज ओलमा की मौजूदगी में किया गया। आगाज़ हाफिज गुलाम रसूल ने पाक कुरान की तेलावत से किया तो मौलाना हसीन हबीबी, मौलाना मुबारक की तकरीर हुई। लोगों का इस्तेकबाल इसरा के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां ने किया तो शुक्रिया शाहरुख खां ने कहा।

मिना की तैयारी पहले से करें

मौलाना मुबारक ने अपने बयान में बताया कि 8 जिलहिज्जा को आप मिना के लिए रवाना होंगें। इसकी तैयारी आप पहले से कर लें। अपनी जरूरत की चीज जैसे तसबीह, पाकेट कलाम, फोल्डिंग चटाई, फोल्डिंग जानामाज, पानी की बोतल, खाने का सूखा सामान जैसे मेवा, सोन पपड़ी, सत्तू, फरूई चना बगैरह और जरूरत की अपनी दवायें मोअल्लिम का एड्रेस और फोन नम्बर जरूर रख लें। अपना मोबाइल और चार्जर अपने साथ रखें ताकि अपने ग्रुप से बिछड़ने के बाद राब्ता कायम कर सकें।
8 जिलहिज्जा को एहराम पहन कर मक्का से मिना को रवाना होना है मिना में रात को कयाम करना है। यहां जोहर अस्र, मगरिब और ऐशा की नमाज पढ़ना है।

9 जिलहिज्जा को अराफात पहुंचना जरूरी

मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने हज के बारे में बताते हुए कहा कि दूसरे दिन 9 जिलहिज्जा की फज की नमाज मिना में पढ़कर अराफात के लिए रवाना होना है। याद रहे कि अगर आप यदि अराफात की हद में नहीं पहुंच सके तो आप का हज नहीं होगा। क्योंकि वकूफे आराफात फर्ज है यह हज का रूक्ने आज़म है। मस्जिद नमरा में जोहर और अस्र की नमाज अस्र के वक्त पढ़ेंगे। मगरीब के बाद मगरीब की नमाज बिना पढ़े हुए अराफात से मुज्दलेफा को रवाना होना है। मगरीब और इशा की नमाज एक साथ मुज्दलेफा में अदा पढ़नी है कजा नहीं। रात में मुज्दलेफा में कयाम करना है। वकूफे मुज्दलेफा वाजिब है। आप मुज्देलफा में करीब 70 कंकरी चुनकर शैतान को मारने के लिए अपने पास रख ले। तीसरे दिन 10 जिलहिज्जा को मुज्देलका से फज के बाद सूरज निकलने से पहले मिना के लिए रवाना होना है। जवाल से पहले सिर्फ बड़े शैतान को 7 ककरी मारना वाजिब है।

1. जब आप 10 जिलहिज्जा को बड़े शैतान को 7 कंकरी मार लेंगे तो उसके बाद कुर्बानी वाजिब है। हज्जे तमत्तो करने वाले को कुर्बानी करना मुस्तहब है।
2.  यहां पर जानवर की यही शराइत है जो बकरीद की कुर्बानी की होती है। मसलन बकरा एक साल का हो इससे कम उम्र है तो कुर्बानी जायज नहीं है।
3. अगर जानवर का कान एक तिहाई या इससे ज्यादा कटा होगा तो कुर्बानी होगी ही नहीं।
4. अगर जबह करने आता है तो खुद जेबह करें सुन्नत है। वरना जेबह के वक्त हाजिर रहें।
5. ऊंट की कुर्बानी अफजल है।
6. यहीं कुर्बानी के बाद अपने और तमाम मुसलमानों के हज व कुर्बानी कुबूल होने की दुआ मांगे।
7. हज्जे तमत्तों के लिए तरतीब वाजिब है कि पहले रमी करें। फिर कुर्बानी करें तब हलक करायें। अगर इस तरतीब के खिलाफ किया तो दम वाजिब हो जायेगा। इसके अलावा हज जायरीन को अरबी की गिनती व अरबी में बोले जाने वाले आम बोलचाल की भाषाओं की जानकारी भी दी गई।

ख़्वातीन की पर्दे में हुई अलग ट्रेनिंग 

औरतों में लेडीज ट्रेनर सबीहा खातून, निकहत फातमा, सनम खानम मौजूद थी। लेडीज ट्रेनर सबीहा खातून ने औरतों को रमी के बारे में बताते हुए कहा कि अमूमन देखा जाता है कि मर्द अक्सर बिना किसी वजह के औरतों की तरफ से रमी कर दिया करते हैं इस तरह से औरतें रमी की सआदत से महरूम रह जाती है और चूँकि रमी वाजिब है लिहाजा वाजिब के छूटने के सबब उन पर दम भी वाजिब हो जाता है। लिहाजा औरतें अपनी रमी खुद करें। लेडीज ट्रेनर सनम खानम बताती हैं कि अगर आप मरीज हैं और इस हालत में रमी अपना हाथ पकड़वा कर भी नहीं कर सकती हैं आप अपने साथ के मदों को रमी करने की इजाजत करें तब वे आपकी तरफ से रमी करेंगे। कुर्बानी के बाद औरतें सिर्फ तकसीर करवायें यानी चौथाई (1/4) सर के बालों में से हर बाल अगली पोर के बराबर कटवायें या खुद कैंची से काट ले। 

इनकी रही खास मौजूदगी 

मर्दों में वाराणसी से आसिफ, फिरोज अहमद, अब्दुल सलाम, मो० युनूस, मो. इमरान, इम्तियाज, मो. इजहार, खुर्शीद, मुबारक, लाल मोहम्मद, मो. कासिम, मो. रसूल, रहीम अंसारी, गाजीपुर से मुख्तार, शमशाद, इश्तियाक, हुसैन, चंदौली से मुनव्वर अली, मो. हनीफ, गुलाम रसूल, मो. नसीम मोहम्मद अमीन, मोहम्मद हनीफ जौनपुर से फैजान, मो. कमाल, खलील अहमद, हफीजुल्ला, भदोही से वहीदुल्लाह, मुन्ना, इश्तियाक औरतों में मैमुन निशा, आसिया खातून, नसरीन बेगम, रेहाना, यासमीन अख्तर, रिजवाना, अंजुम, परवीन, शबनम, रुबीना बानो आदि मौजूद थीं।

Hazrat yaqub shahid के उर्स में दिखा मिल्लत का नज़ारा

हज़रत याकूब शहीद के दर पर फ़ैज़ उठाने जुटा मजमा

हज़रत याकूब शहीद का उर्स अकीदत के साथ सम्पन्न



सरफराज अहमद 

dil india live (Varanasi). हज़रत याकूब शहीद (Hazrat yaqub shahid) बाबा रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स पूरी अकीदत के साथ नगवां स्थित बाबा के कदीमी आस्ताने पर मनाया गया। उर्स की सदारत मुफ़्ती एहसान कमाल कर रहे थे। मुफ्ती-ए-बनारस अहले सुन्नत मौलाना मोइनुद्दीन अहमद फारूकी (प्यारे मियां) ने खुसूसी तक़रीर करते हुए नबी की सुन्नत, उनकी तालीम व वलियों के करामात पर रौशनी डाली। उन्होंने कहा कि सूफिज्म का रास्ता ही हमें दीन दुनिया में कामयाबी दिला सकता है। यही वजह है कि आज हज़रत याकूब शहीद के दर पर फ़ैज़ उठाने मजमा जुटा है। इस मौके पर क़ुल शरीफ़ और चादर पोशी हुई में लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। देर रात तक बाबा के आस्ताने पर सूफियाना कलाम गूंज रहा था।

लंका थाना प्रभारी राजकुमार सिंह और नगवा चौकी प्रभारी, भाजपा पार्षद डॉ. रविंदर सिंह ने भी उर्स में शिरकत किया। उर्स के दौरान मस्जिद के ज़िम्मेदारान मोहम्मद मुस्तफ़ा, अब्दुल क़य्यूम, मोहम्मद जावेद, मोहम्मद फ़िरोज़ आदि व्यवस्था संभाले हुए थे। मस्जिद के इमामे जुमा हाफ़िज़ मोहम्मद ताहिर ने लोगों का स्वागत किया। 

VKM Varanasi में “आर्ट ऑफ लेटर राइटिंग” विषयक दो दिवसीय कार्यशाला

छात्राओं ने किया टाइपोग्राफी एवं कैलीग्राफी की फ्री-हैंड प्रैक्टिस



dil india live (Varanasi). art and education news Varanasi. वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी (VKM Varanasi) के चित्रकला विभाग एवं आर्टचिम आर्ट स्टूडियो व कला आश्रम, सुसुवाही, वाराणसी के संयुक्त तत्वावधान में 10 एवं 11 अप्रैल, 2026 को “आर्ट ऑफ लेटर राइटिंग” विषय पर दो दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया ।

कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव के की अगुवाई में हुआ जिसमें विषय विशेषज्ञ प्रखर दुबे ने व्यवहारिक कला के अंतर्गत विद्यार्थियों को अक्षर विन्यास, रेखा-संरचना तथा रचनात्मक प्रस्तुति के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया। इस कार्यशाला का उद्देश्य विद्यार्थियों को अक्षर लेखन की पारंपरिक एवं समकालीन विधाओं से परिचय कराते हुए उनमें रचनात्मक अभिव्यक्ति की क्षमता का विकास करना था।


 

कार्यशाला के प्रथम दिवस में प्रतिभागियों को अक्षर लेखन की मूलभूत अवधारणाओं से परिचित कराते हुए लेटर फॉर्म, स्ट्रोक्स, स्पेसिंग तथा कंपोजिशन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। इसके साथ ही प्रतिभागियों को टूल मेकिंग एवं बेसिक प्रैक्टिस का प्रशिक्षण प्रदान किया गया, जिससे वे अक्षरों की संरचना को व्यवहारिक रूप से समझ सकें। विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह और रुचि के साथ इस प्रशिक्षण में भाग लिया तथा अपने कौशल को निखारने का प्रयास किया।

द्वितीय दिवस 11 अप्रैल को टाइपोग्राफी एवं कैलीग्राफी की फ्री-हैंड प्रैक्टिस कराई गई, जिसमें विद्यार्थियों को अपनी रचनात्मकता के अनुसार अक्षरों के विभिन्न स्वरूपों पर कार्य करने का अवसर मिला। इसके उपरांत प्रतिभागियों ने टाइपोग्राफी एवं कैलीग्राफी आर्ट की कृतियों को पूर्ण रूप प्रदान किया। कार्यशाला के समापन सत्र में सभी प्रतिभागियों के कार्यों का प्रदर्शन किया गया तथा उनके कार्यों पर विशेषज्ञों द्वारा चर्चा एवं समीक्षा भी की गई, जिससे विद्यार्थियों को अपने कार्यों में सुधार एवं परिष्कार का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। इस प्रकार की कार्यशालाएं विद्यार्थियों के लिए न केवल तकनीकी ज्ञान अर्जित करने का माध्यम बनती हैं, बल्कि उनकी सृजनात्मक सोच, अभिव्यक्ति और आत्मविश्वास को भी सुदृढ़ करती हैं। इस कार्यशाला की कार्यक्रम संयोजक के रूप में चित्रकला विभाग से डॉ. दीक्षा जयसवाल, डॉ. वर्षा सिंह तथा डॉ. नेहा वर्मा उपस्थित रहीं। प्रतिभागियों ने इस पहल को अत्यंत उपयोगी एवं प्रेरणादायक बताया और भविष्य में भी ऐसे आयोजनों की अपेक्षा व्यक्त की।