शुक्रवार, 13 फ़रवरी 2026

Peace के लिए हुई Varanasi के Teliya bag चौकी पर बैठक

शिवरात्रि, रमज़ान व ईद सकुशल संपन्न कराने के लिए हुई चर्चा 



सरफराज अहमद 

dil india live (Varanasi).  आगामी त्योहारों खासकर महा शिवरात्रि, माहे रमजान माह व प्रमुख मुस्लिम पर्व ईद उल फितर पर शांति व्यवस्था बनाये रखने के संबंध में चौकी तेलियाबाग पर थाना अध्यक्ष चेतगंज विजय कुमार शुक्ला की अगुवाई में पीस कमेटी की बैठक हुई। इस दौरान प्रभारी निरीक्षक द्वारा अनुपालन में तेलियाबाग क्षेत्र के संभ्रांत व्यक्तियों व मुस्लिम समूह के लोगों के साथ गोष्ठी कर उच्चाधिकारी गणों द्वारा दिए गए आदेशों निर्देशों से अवगत कराया गया। व त्यौहारों को सकुशल संपन्न कराने के लिए हिदायत दिया गया। बैठक में लाउडस्पीकर/डी जे से संबंधित सभी लोगों को जागरूक किया गया और कोई भी नयी परम्परा त्योहारों पर कायम न करने का निर्णय लिया गया। बैठक चौकी प्रभारी समेत दोनों वर्गों के स्थानीय संभ्रांत लोग मौजूद थे।





UP K Varanasi Main बिजलीकर्मियों ने इलेक्ट्रीसिटी अमेंडमेंट बिल 2026 के खिलाफ भरी हुंकार

निजीकरण एवं मजदूर विरोधी चार नये श्रम कानूनों के विरोध में एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल




Sarfaraz Ahmad 

dil india live (Varanasi). वाराणासी में 12फरवरी2026 को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ0प्र0 के बैनर तले आज बनारस के हजारों बिजलीकर्मियों ने इलेक्ट्रीसिटी अमेंडमेंट बिल 2026,बिजली के निजीकरण एवं मजदूर विरोधी चार नये श्रम कानूनों के विरोध में एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में भिखारीपुर स्थित प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया।

वक्ताओ ने बताया कि यदि बिजली वितरण में निजी कंपनियां शामिल होती हैं, तो तारणियों (subsidies) और जीवनोपयोगी दरों में कमी आ सकती है, जिससे गरीब और ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली महंगी हो सकती है जबकि अब तक बड़े औद्योगिक/व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर उच्च टैरिफ लगा कर छोटे घरेलू उपयोगकर्ताओं को सस्ती बिजली दी जाती थी। अगर यह क्रॉस-सब्सिडी खत्म हुई तो यह व्यवस्था टूट सकती है और घरेलू दरों पर दबाव पड़ेगा। 

   वक्ताओ ने बताया कि निजी कंपनियों का लक्ष्य लाभ कमाना होगा, जिससे ग्रामीण/कम लाभ वाले क्षेत्रों में सेवा पर ध्यान कम रहेगा साथ वर्तमान में स्मार्ट मीटर लगने से किसी भी तकनीकी खराबी आने पर जन्माष्ठमी जैसे महत्वपूर्ण पर्व की तरह ही पूर्व वर्ष की तरह अचानक कभी भी कट जाएगी और उपभोक्ता दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर होंगे।

  वक्ताओ ने बताया कि अगर नई वितरण लाइसेंस निजी कंपनियों को दी जाती हैं, तो राज्य/केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों की भूमिका कम हो सकती है, जिससे कर्मचारियों की सेवाएँ, वेतन और भरण-पोषण पर नकारात्मक असर हो सकता है साथ ही बड़े पैमाने पर निजीकरण की व्यवस्था रोजगार को असुरक्षित कर सकता है और कर्मचारियों की स्थिति कमजोर कर सकता है।

   वक्ताओ ने बताया कि नये श्रम कानून लागू होने से पुराने नियमों में  जो 100 से ज़्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों को किसी भी छंटनी (layoff/ retrenchment) या बंद करने से पहले प्रशासन से अनुमति लेनी होती थी वो नए कोड लागू होने  इसे 300 कर्मचारियों तक बढ़ा देते हैं, मतलब अब ≤299 कर्मचारियों वाले बहुत से कामगारों को बिना किसी सरकारी अनुमति के नौकरी से निकाला जा सकता है। यह नौकरी सुरक्षा को कमजोर करेगा। इससे सबसे बड़ा डर यह है कि कंपनियाँ अपने मनमाने फैसलों से बिना किसी रोक-टोक के कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर सकती हैं, जिससे कामगारों पर अस्थिरता का दबाव बढ़ सकता है। बनारस के किसान मोर्चा संगठन के पदाधिकारी अफ़लातून, चौधरी राजेन्द्र एवं दीक्षा छात्र संघ से ध्रुव और बिगुल मज़दूर दस्ता से लता अपने साथ अपने सदस्यों को लेकर बिजलीकर्मियों के विरोध सभा को समर्थन करते हुये  इलेक्ट्रीसिटी अमेंडमेंट बिल 2026, श्रम कांनूनो के बदलाव एवं निजीकरण का घोर विरोध किया।

सभा की अध्यक्षता ई. मायाशंकर तिवारी एवं संचालन अंकुर पाण्डेय ने किया। सभा को सर्वश्री ई. अवधेश मिश्रा, ई. विजय सिंह, ई. अभिषेक मौर्य, रविन्द्र यादव, रामकुमार झा, विजय नारायण हिटलर, कृष्णा सिंह, सतीश बिंद, दीपक गुप्ता, उदयभान दुबे, जेपीएन सिंह, पंकज यादव, चंदन कुमार,आदि ने संबोधित किया।









गुरुवार, 12 फ़रवरी 2026

URDU Teachers के लिए आवश्यकता आधारित तीन दिवसीय workshop शुरू

विभिन्न विद्यालयों के 90 से अधिक उर्दू टीचर्स ने किया प्रतिभाग




dil india live (Chandoli). जिला शिक्षा व प्रशिक्षण संस्थान में प्रदेश सरकार के शिक्षा को लाभप्रद एवं बहुउद्देश्यीय बनाने की योजना को आगे बढ़ते हुये डायट प्रवक्ता डा. अज़हर सईद के प्रयास व निरीक्षण एवं डायट प्राचार्य विकायल भारती के संरक्षण में उर्दू शिक्षकों के लिए आवश्यकता आधारित तीन दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ। जिसमें जिले भर से उच्च प्राथमिक, कंपोजिट एवं कस्तूरबा गांधी विद्यालयों के  90 से अधिक उर्दू शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं ने प्रतिभाग किया।

     प्रशिक्षण की शुरुआत पूर्व ARP धानापुर इरफान अली मंसूरी एवं वरिष्ठ शिक्षक शफाअत अली द्वारा प्रार्थना एवं राष्ट्रगान से हुई। प्रशिक्षण में अफशां रूमानी अंसारी ने उर्दू भाषा की उपचारात्मक शिक्षा की आवश्यकता एवं विधियों के बारे में बताया। गौहर अली ने शिक्षण की विधियों पर प्रकाश डाला। इन के अतिरिक्त पूर्व ए आर पी इरफान अली मंसूरी एवं शफाअत अली प्रशिक्षण के दूसरे व तीसरे दिन का  सत्र लेंगे।

        प्रशिक्षण में डॉ मंजू कुमारी ने भाषा शिक्षण की आवश्यकता एवं महत्व पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर डायट प्रवक्ता एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित थें।





दालमंडी प्रकरण में Mufti-E-Shahar मौलाना बातिन DM से मिले

दालमंडी में रमज़ान, होली व ईद तक तोड़फोड़ रोकी जाए -मौलाना बातिन नोमानी 

बनारस व्यापार मंडल पदाधिकारियों संग डीएम को सौंपा मांग पत्र 




Mohd Rizwan 
dil india live (Varanasi). बच्चों का बोर्ड एग्जाम, पवित्र रमज़ान की शुरुआत और होली व ईद को देखते हुए जिलाधिकारी वाराणसी से बनारस व्यापार मंडल के लोगों ने मुफ्ती -ए-शहर मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी की अगुवाई में अनुरोध किया है कि दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना से संबंधित विध्वंस गतिविधियों को 15 फरवरी, 2026 से 26 मार्च, 2026 तक रोक दिया जाए। मुफ्ती -ए-शहर मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी के नेतृत्व में बनारस व्यापार मंडल की ओर से वाराणसी के जिला मजिस्ट्रेट को संबोधित एक औपचारिक अनुरोध पत्र भी दिया गया। 
जिलाधिकारी वाराणसी को दिये पत्र में इस विराम का कारण आगामी रमजान, होली और ईद के त्योहारों के दौरान व्यवसायों को पूरी तरह से संचालित होने की अनुमति देना है, जिससे व्यापारी उपभोक्ताओं की मांग को पूरा कर सकें। संगठन ने यातायात प्रवाह को बेहतर बनाने के लिए पिछली तोड़फोड़ के कारण सड़कों पर बचे मलबे की तत्काल सफाई का भी आग्रह किया है। इसके अलावा, इसमें विध्वंस प्रक्रिया के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सीवेज, पानी और बिजली प्रणालियों को बहाल करने के लिए निर्देश देने की मांग की गई है।

ये है व्यापारियों की मुख्य मांग 

  • बोर्ड परीक्षाओं, रमजान, होली और ईद के कारण 15 फरवरी से 26 मार्च, 2026 तक विध्वंस कार्य रोक दिया जाए।
  • नागरिकों की सुगम आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए सड़कों से मलबा तुरंत हटा दें।
  • विध्वंस के कारण क्षतिग्रस्त हुई सीवर, जल और बिजली प्रणालियों की मरम्मत करें।



बुधवार, 11 फ़रवरी 2026

Dizital Bharat-युवा भारत को समर्पित होगा डीएवी का युवा महोत्सव

14 को पदमश्री पं.शिवनाथ मिश्र करेंगे कार्यक्रम का शुभारंभ

अभिनेता संजय मिश्रा समापन समारोह में होंगे शामिल

तीन दिनों में 40 स्पर्धाओं में 675 प्रतिभागी होंगे शामिल




dil india live (Varanasi). वाराणसी के डीएवी पीजी कॉलेज का युवा महोत्सव उड़ान- 2026 इस वर्ष डिजिटल भारत - युवा भारत को समर्पित होगा। आइक्यूएसी के तत्वावधान में 13, 14 एवं 16 फरवरी को आयोजित होने वाले तीन दिवसीय युवा महोत्सव का शुभारंभ पद्मश्री पं. शिवनाथ मिश्र के कर कमलों से होगा। समापन में प्रख्यात बॉलीवुड अभिनेता संजय मिश्रा बतौर मुख्य अतिथि शामिल होंगे। बुधवार को युवा महोत्सव उड़ान का पोस्टर कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल, उप प्राचार्य प्रो. राहुल सहित अन्य पदाधिकारियों ने संयुक्त रूप से जारी किया।
        कार्यक्रम के संबंध में प्रो. मिश्रीलाल ने बताया कि तीन दिवसीय महोत्सव में इस बार डिजिटल इंडिया और युवा इंडिया की थीम दिखलाई देगी। महोत्सव 13 फरवरी से प्रारंभ होगा, पहले दिन साहित्यिक प्रतियोगिताऐ होंगी जिसके बाद 14 फरवरी को औपचारिक शुभारंभ होगा। जिसमें काशी के युवा कथक नर्तक रुद्रशंकर की प्रस्तुति होगी। वही समापन सत्र 16 फरवरी को होगा जिसमें अभिनेता संजय मिश्रा के अलावा युवाओं ईस्ट मीट्स वेस्ट फ्यूज़न बैंड की प्रस्तुति होगी। बैंड में वाराणसी के कृष्णा मिश्रा (सितार), प्रशान्त मिश्र (तबला) के अलावा बेल्जियम के सेप्पे (गिटार) एवं अमेरिका के डेन (ड्रम) पर प्रस्तुति देंगे। 

3 दिनों में 40 स्पर्धाओं में 675 प्रतिभागी
सांस्कृतिक समिति की समन्वयक डॉ. तरु सिंह ने बताया कि इस बार तीन दिनों में साहित्य, गीत, संगीत, नृत्य, रंगमंच, कला आदि विधाओं में कुल 40 स्पर्धाएं आयोजित होंगी। इनमें कुल 675 से अधिक प्रतिभागी शामिल होंगे। इनमें 341 छात्राएं एवं 334 छात्र शामिल होंगे।  
इस मौके पर चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय कुमार सिंह, वाणिज्य संकाय प्रभारी प्रो. संजय साह, डॉ. हसन बानो उपस्थित थीं।

VKM Varanasi : NSS शिविर में डिजिटल खतरों से बचाने के लिए किया ज्ञान से लैस

"साइबर सुरक्षा जागरूकता" पर दिया गया ज़ोर




dil india live (Varanasi). 11 फरवरी, 2026 को वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई-014 "ए" की कार्यक्रम अधिकारी डॉ. शशि प्रभा कश्यप द्वारा "साइबर सुरक्षा जागरूकता" शीर्षक पर एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं और स्वयंसेवकों को साइबर सुरक्षा के महत्व के बारे में शिक्षित करना और उन्हें आज की डिजिटल दुनिया में डिजिटल खतरों से खुद को बचाने के लिए ज्ञान से लैस करना था। 

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक "एनएसएस क्लैप" और "लक्ष्य गीत" से हुई। उसके बाद प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. शशि प्रभा कश्यप द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया इसके बाद  महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने पूरे कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं दी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें साइबर अपराध के बारे में जानना और जागरूक होना चाहिए और आज की दुनिया के डिजिटल खतरे से सुरक्षित रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल साक्षरता अब एक वैकल्पिक कौशल नहीं है, बल्कि महिलाओं के सशक्तीकरण और सुरक्षा के लिए एक बुनियादी आवश्यकता है।



पोस्टर-मेकिंग प्रतियोगिता

कार्यक्रम में "सुरक्षित डिजिटल जीवन के लिए सुरक्षित अभ्यास" विषय पर एक पोस्टर-मेकिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जहां प्रतिभागियों ने साइबर सुरक्षा को बढ़ावा देने के रचनात्मक तरीके दिखाए तथा एनएसएस स्वयंसेवकों द्वारा प्रस्तुत एक नाटक भी शामिल था इस नाटक को इसके प्रभावशाली और विचारोत्तेजक संदेश के लिए व्यापक रूप से सराहा गया। 

जानिए रंजना ने क्या कहा 
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता SARC, वाराणसी की सेक्रेटरी रंजना गौड थीं। रंजना गौड ने साइबर क्राइम के अलग-अलग रूपों जैसे ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग, साइबर बुलिंग, आइडेंटिटी थेफ्ट, हैकिंग और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के गलत इस्तेमाल पर एक जानकारी भरा और व्यापक व्याख्यान दिया। उन्होंने फाइनेंशियल फ्रॉड और अनवेरिफाइड लिंक्स के ज़रिए पर्सनल डेटा शेयर करने के खतरों पर डिटेल में बात की। उन्होंने बताया कि कैसे स्कैमर्स फोटो एडिटिंग और एआई टूल्स का उपयोग करके लड़कियों के नकली नग्न वीडियो बनाते हैं और उन्हें ब्लैकमेल करते हैं, जिसे आमतौर पर सेक्सटॉर्शन के रूप में जाना जाता है और सेक्सटॉर्शन से रिलेटेड कई केसेज को शेयर किया।

रंजना गौड ने साइबर क्राइम के सोशल और साइकोलॉजिकल असर, खासकर महिलाओं और युवा यूज़र्स पर ज़ोर दिया। उन्होंने स्टूडेंट्स को डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म इस्तेमाल करते समय सावधान रहने और साइबर क्राइम के पीड़ितों को मदद और कानूनी मदद के बारे में जागरूकता फैलाकर और सही जानकारी देकर सपोर्ट करने के लिए प्रोत्साहित किया।

इसके बाद SARC, के  इंटर्न श्री गुरु जो नेशनल स्कूल ऑफ़ नरसी मोंजी मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट मुम्बई के स्टूडेंट रह चुके हैं ने आईवीआर कॉल, और एपीके फाइलों के खतरों पर भी प्रकाश डाला, जो रिमोट एक्सेस सॉफ़्टवेयर स्थापित करते हैं, जिससे धोखेबाजों को डिवाइस को नियंत्रित करने की अनुमति मिलती है और बिना सत्यापन के सीधे पैसे ट्रांसफर करने और असत्यापित ऐप डाउनलोड करने से परहेज करने जैसी मैन्युअल ऑनलाइन गतिविधियों से बचने पर जोर दिया।  उन्होंने स्टूडेंट्स को सेफ इंटरनेट प्रैक्टिस के बारे में भी गाइड किया, जिसमें स्ट्रॉन्ग पासवर्ड, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन, प्राइवेसी सेटिंग्स की इंपॉर्टेंस शामिल है, और स्टूडेंट्स से किसी भी सस्पिशियस एक्टिविटी की तुरंत नेशनल हेल्पलाइन (1930) या ऑफिशियल प्लेटफॉर्म्स के ज़रिए साइबर क्राइम के ऑनलाइन पोर्टल पर रिपोर्ट करने की रिक्वेस्ट की। उनके प्रैक्टिकल एग्जांपल्स और रियल-लाइफ केस स्टडीज़ ने सेशन को बहुत असरदार और जानकारी भरा बना दिया।

इस कार्यक्रम में एनएसएस वॉलंटियर्स ने पोस्टर डिस्प्ले, स्लोगन लिखने, जागरूकता चर्चाओं और इंटरैक्टिव सवाल-जवाब सेशन में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया। प्रोग्राम साइबर सिक्योरिटी जागरूकता शपथ के साथ खत्म हुआ, जहाँ कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने सुरक्षित ऑनलाइन व्यवहार करने और एक सुरक्षित और ज़िम्मेदार डिजिटल समाज बनाने में योगदान देने की कसम खाई। यह इवेंट बहुत जानकारी देने वाला और सफल साबित हुआ। 

सत्र का संचालन एनएसएस स्वयंसेविका भाविका मोहनानी और ज्योति सोनी द्वारा किया गया। कार्यक्रम का समापन कार्यक्रम अधिकारी डॉ. कश्यप के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने साइबर सुरक्षा और ज़िम्मेदार डिजिटल नागरिकता को बढ़ावा देने में युवाओं की भूमिका पर ज़ोर दिया  तथा एनएसएस वॉलंटियर्स को साइबर सुरक्षा एंबेसडर के तौर पर काम करने और प्रोग्राम से मिली जानकारी को अपने परिवारों और समुदायों तक पहुँचाने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में 173 से अधिक एनएसएस स्वयंसेवक, कार्यक्रम अधिकारी, संकाय सदस्य तथा छात्राएं शामिल हुईं।

12 फरवरी को 27 लाख बिजली कर्मचारी और अभियंता रहेंगे देशव्यापी हड़ताल पर

संघर्ष समिति पदाधिकारियों ने बिजलीकर्मियों से किया जनसम्पर्क, किया जागरूक




dil india live (Varanasi).। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के बैनर तले कल 12 फरवरी को इलेक्ट्रीसिटी अमेंडमेंट बिल 2026, बिजली के निजीकरण एवं श्रम कानूनों को खत्म करने के विरोध में देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में प्रदेश के समस्त जनपदों और परियोजनाओं की भांति ही बनारस के बिजली कर्मी भिखारीपुर स्थित हनुमानजी मंदिर पर कल लंच ऑवर में दोपहर-01बजे से व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे।
    वक्ताओ ने बताया कि आज बनारस के कज्जाकपुरा, पहड़िया, इमिलियाघाट, चिरईगांव आदि कार्यालयों में संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने दौरा कर जनसम्पर्क कर बिजलीकर्मियों को हड़ताल के लिए जागरूक किया।


       वक्ताओ ने बताया कि बिजली कर्मचारी, संविदा कर्मी, जूनियर इंजीनियर और अभियंता मध्याह्न 12 बजे भिखारीपुर पहुंच कर निजीकरण और उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियां वापस लेने , संविदा कर्मियों की छटनी बन्द कर उन्हें नियमित करने और पुराने पेंशन बहाली को लेकर व्यापक विरोध प्रदर्शन करेंगे।
    नेशनल कोऑर्डिनेशन कमेटी ऑफ इलेक्ट्रिसिटी इंप्लाइज एंड इंजीनियर्स के आह्वान देश के लगभग 27 लाख बिजली कर्मचारी और अभियंता 12 फरवरी को एक दिन की राष्ट्रव्यापी हड़ताल पर रहेंगे।
यह हड़ताल पावर सेक्टर के निजीकरण के विरोध में, इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 एवं प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 को वापस लेने तथा पावर सेक्टर के कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग को लेकर की जा रही है। राष्ट्रीय स्तर पर हो रही हड़ताल की एक प्रमुख मांग यह है कि पूर्वांचल और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के निजीकरण की प्रक्रिया निरस्त की जाय।
संघर्ष समिति के केन्द्रीय पदाधिकारियों ने बताया कि पहली बार बिजली कर्मचारियों की मांगों के समर्थन में संयुक्त किसान मोर्चा और दस केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने भी आंदोलन में शामिल होने का निर्णय लिया है। बिजली कर्मचारी, इंजीनियर, मजदूर संगठनों और किसानों की संयुक्त भागीदारी से 12 फरवरी की हड़ताल स्वतंत्र भारत के इतिहास की सबसे बड़ी औद्योगिक कार्रवाई में से एक होगी।
उन्होंने कहा कि पावर सेक्टर में नियमित प्रकृति के कार्यों के लिए बड़े पैमाने पर आउटसोर्सिंग की जा रही है। हड़ताल की प्रमुख मांगों में आउटसोर्सिंग पर रोक लगाना, नियमित पदों पर सीधी भर्ती करना तथा आउटसोर्स कर्मियों का नियमितीकरण भी शामिल है।
संघर्ष समिति ने चिंता व्यक्त की है कि बिजली क्षेत्र का निजीकरण (वितरण, उत्पादन और टीबीसीबी के जरिए ट्रांसमिशन) गरीब उपभोक्ताओं, छोटे एवं मध्यम उद्योगों तथा आम जनता के हितों के विरुद्ध है। इसलिए इलेक्ट्रिसिटी (अमेंडमेंट) बिल 2025 और प्रस्तावित नेशनल इलेक्ट्रिसिटी पॉलिसी 2026 तथा उप्र में चल रही निजीकरण की प्रक्रिया को तत्काल वापस लिया जाना आवश्यक है।

 इन्होंने किया जनसंपर्क  

जनसंपर्क कार्यक्रम को ई. मायाशंकर तिवारी, ओ.पी. सिंह, ई. एस.के. सिंह, राजेन्द्र सिंह, अंकुर पाण्डेय, संदीप कुमार, जयप्रकाश, राजेश सिंह, देवेंद्र सिंह, अनुराग सिंह, अरुण कुमार, एस.के. भूषण आदि ने संबोधित किया।