शुक्रवार, 12 सितंबर 2025

Education: VKM Varanasi Main नव प्रवेशित छात्राओं के लिए हुआ अभिमुखीकरण कार्यक्रम

वीकेएम के गौरवपूर्ण शैक्षिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों से नयी छात्राएं हुई परिचित

Varanasi (dil india live). वसन्त कन्या महाविद्यालय में आन्तरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आइक्यूएसी) के तत्त्वावधान में छात्रा सलाहकार एवं अनुशासन समिति द्वारा  सत्र  2025-26 में महाविद्यालय के स्नातक प्रथम वर्ष कला, सामाजिक विज्ञान और वाणिज्य वर्ग में नव प्रवेशित छात्राओं के लिए अभिमुखीकरण कार्यक्रम आयोजित हुआ। आयोजन का मुख्य उद्देश्य छात्राओं को महाविद्यालय की शैक्षणिक, सह-पाठ्यक्रमीय, अनुशासन सम्बन्धी एवं प्रशासनिक संरचना तथा छात्र गतिविधियों में छात्राओं की सक्रिय भागीदारी को बढ़ावा देना था। 

इस दौरान प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने नवागतों का स्वागत करते हुए उन्हें महाविद्यालय के गौरवपूर्ण शैक्षिक और सांस्कृतिक उपलब्धियों से परिचित कराते हुए अपने व्यक्तित्व के समुचित विकास करने के लिए प्रेरित किया। छात्र सलाहकार डॉ.मंजू कुमारी ने महाविद्यालय की कार्यप्रणाली, अनुशासन व नीति तथा छात्र विकास कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी।इसके बाद डॉ. विजय कुमार ने पाठ्य विषय सम्बन्धी  जिज्ञासाओं का समाधान किया। इस मौके पर डॉ.शुभ्रा सिन्हा ने महाविद्यालयीय छात्रवृत्तियों की जानकारी दी। 



आईक्यूएसी समन्वयक द्वय डॉ. नैरंजना श्रीवास्तव एवं डॉ. शशिकला सहित प्रो.ममता मिश्रा, प्रो. पूनम पाण्डेय, प्रो. सीमा वर्मा, डॉ.सुमन सिंह, डॉ.सुनीता दीक्षित, डॉ.आरती कुमारी, डॉ. आरती चैधरी, डाॅ. पूनम वर्मा आदि प्राध्यापकगण उपस्थित थे।

इसी के साथ एनी बेसेन्ट सभागार में ‘वैल्यू एडेड कोर्स’ के अन्तर्गत काशी हिन्दू विश्वविद्यालय द्वारा इस सत्र में जोड़े गये Understanding the Principles of Theosophy  पाठ्यक्रम के अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डाॅ0 विभा सक्सेना ने अपने उद्बोधन में महाविद्यालय की स्थापना में एनी बेसेन्ट की भूमिका को रेखांकित करते हुए उन्होंने भारतीय सभ्यता, संस्कृति एवं आधुनिकता के मध्य सामंजस्य के लिए ‘वैल्यू एडेड कोर्स’ की महत्ता को रूपायित किया। उन्होनेे थियोसाॅफी के तीन आधार स्तम्भ सेवा, अध्ययन और ध्यान के साथ थियोसाॅफिकल सोसाइटी के उद्देश्य, ‘मानवता की सेवा’ पर भी प्रकाश डाला। 

कार्यक्रम का संचालन डाॅ. प्रतिमा सिंह एवं कोर्स की समन्वयक प्रो. ममता मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापन किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के शिक्षक/शिक्षिकाएं एवं थियोसाॅफिकल सोसाइटी के सदस्य उपस्थित थे।

Hazrat Baba Bahadur शहीद रहमतुल्लाह अलैह का Urs शुरू

आस्था और अकीदत का मरकज़ है हज़रत बहादुर शहीद का आस्ताना 

हज़रत बहादुर शहीद के दर पर उमड़ा जनसैलाब


 

Varanasi (dil India live). वाराणसी में कैंटोंमेंट के सद्भावना पार्क स्थित हजरत बाबा बहादुर शहीद रहमतुल्लाह अलैह का दर लोगों की अकीदत का मरकज़ है। यह दर लोगों की बिगड़ी बनाने के लिए मशहूर है। जो परेशानहाल हैं या फिर भूत प्रेत ने जिन्हें घेर रखा है, या जिसे औलाद नहीं हो रही है ऐसे लोग बाबा के आस्ताने पर दस्तक देते हैं और यहां से सुकुन पाकर, अपनी झोली भर कर वापस लौटते हैं। गद्दीनशीं मो. सग़ीरुल्लाह खां दावा करते हैं कि यह आस्ताना मिल्लत का मरकज़ है यहां सभी मज़हब के लोग बिना किसी भेदभाव के हाजिरी लगाने उमड़ते हैं। वो दिखाते हैं कि ये देखिये भूतों से छुटकारा पाने के लिए झूमती औरतें, पुरुष और बुजुर्ग दिन भर यहां आते हैं और बाबा के फैज़ से ठीक हो कर यहां से जाते हैं। यहां आने वालों का भरोसा बाबा में है जो उन्हें इस आधुनिक युग में भी जिसमें साइंस भूत-प्रेत जैसी बातों को नहीं मानता, फिर भी तमाम लोग हज़ारों की संख्या में यहां से फ़ैज़ उठाने आते हैं। पूर्वांचल के साथ ही बिहार, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मुंबई तक से लोग यहां अपनी परेशानी दूर करने पहुंचते है। बाबा के उर्स में तो यहां जैसे मेला लगता है। आम दिनों में भी यहां काफी भीड़ होती है। हर जुमेरात व नवचंदी जुमेरात को भूत, प्रेत से छुटकारे के लिए जायरीन आते हैं। लोगों का दावा है कि शैतान (भूत) कितना भी शक्तिशाली हो बाबा के गुस्ल का पानी पड़ते ही वो पनाह मांगता है। यहां चार दशक से आ रहे बुजुर्ग शिव प्रसाद की माने तो बाबा के अंदर बहुत शक्ति है। वह भूत प्रेत सब खत्म कर देते है। बिहार के पटना से आए सुब्हान ने बताया पत्नी कई सालों से अस्वस्थ्य थी। यहां आने के बाद अब वह पूरी तरह ठीक हो गई है। पप्पू दरगाह पर हाजिरी लगाने आएं थे बताया बेगम की मानिसक स्थिति ठीक नहीं थी, काफी इलाज भी करवाया था, वह चार साल पहले मजार पर दुआ करने आई थी, अब वह धीरे-धीरे ठीक हो गयी। मज़ार के सज्जादानशीन बाबू भाई ने बड़ी सहजता से इसे गंगा जमुनी तहज़ीब का नायाब उदाहरण बताया। उन्होंने इस दरगाह के बारे में बताया कि जो लोग नजिस और नापाक होते है और हराम मौत मारे जाते है, उनकी रूह भटकती रहती है। वह लोगों को अपना शिकार बनाती है। साथ ही आज की दुनिया में लोग हसद और बदला लेने के लिए तमाम लोग जादू टोना करवाते है। ऐसे लोगों को इन बिमारियों व जादू टोने से छुटकारा मिलता है। 


हज़रत बाबा बहादुर शहीद का उर्स शुरू 

हज़रत बाबा बहादुर शहीद रहमतुल्लाह अलैह का उर्स गुस्ल के साथ जुमेरात की मध्यरात्रि शुरू हो गया । इस मौके पर गुस्ल का पानी सभी जायरीन में तकसीम किया गया। इसे लेने के लिए लोग दूर दराज़ से बाबा के दर पर जुटे हुए थे। माना जाता है कि गुस्ल के पानी से तमाम लोगों को अचूक फायदा होता है। इस दौरान सदर काजी ए शहर मौलाना हसीन अहमद हबीबी की सदारत में पहले रोज़ जश्ने ईद मिलादुन्नबी का जलसा हुआ । उन्होंने औलिया कराम की ज़िंदगी और उनकी रहनुमाई की चर्चा की। मौलाना ने कहा कि नबी और सहाबा के मिशन को औलिया-ए-कराम ने आगे बढ़ाया। हज़रत बहादुर शहीद के रास्ते पर उन्होंने लोगों से चलने की वकालत की तो मशहूर शायरों ने अपने कलाम से लोगों को देर रात तक बांधे रखा। 



हाफिज नौशाद आज़मी के लिए दुआएं 

इस मौके पर मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने सेंट्रल हज कमेटी के पूर्व सदस्य हाफिज नौशाद आज़मी के इंतकाल का बाबा बहादुर शहीद रहमतुल्लाह के उर्स में आए हजारों लोगों के बीच ऐलान किया। उनकी हज की खिदमात पर उन्होंने रौशनी डाली। मरहूम हाफिज नौशाद आज़मी के लिए इस दौरान हजारों हाथों ने रब से दुआएं मगफिरत मांगी।

आज चढ़ेगी चादर

उर्स के दूसरे रोज़ जुमा की शाम चादर गागर का जुलूस बाबू भाई के दौलतखाने से निकलेगा जो मगरिब की नमाज़ के बाद बाबा के दर पर पहुंचेगा जहां बाबा की चादरपोशी की जायेगी व देर रात महफिले समां का आयोजन होगा।

गुरुवार, 11 सितंबर 2025

Central Hajj Committee के पूर्व सदस्य हाफिज नौशाद आज़मी का इंतकाल

भुलाई नहीं जा सकती हाफिज नौशाद आज़मी की खिदमात 

बनारस में भी अफसोस में डूबे हज से जुड़े खिदमतगार 

Varanasi (dil India live). हज सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सेंट्रल हज कमेटी के पूर्व निर्वाचित सदस्य हाफिज नौशाद आज़मी का लम्बी बीमारी के बाद आज इंतकाल हो गया है। वो अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गए हैं। उन्हें कब सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा इसका ऐलान अभी बाकी है। संभावना जुमा की नमाज के बाद की जताईं जा रही है। 

गौरतलब हो कि हाफिज नौशाद आज़मी मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना थाना क्षेत्र के बंदी कला नगरी पार के रहने वाले हैं। वो तकरीबन तीन दशक से भी ज्यादा समय से हज यात्रियों की समस्याओं और उनकी सहूलियतों को लेकर संघर्ष करते रहे और कामयाब भी हुए। उनके प्रयास से ही लखनऊ और बनारस से हज की उड़ान शुरू हुई थी। बनारस से उड़ान बंद होने से वो काफी दुखी थे। बनारस से पुनः उड़ान और हज सब्सिडी जैसे मुद्दों पर उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में वाद दाखिल किया था जिसमें बीमारी के बावजूद तारीखों पर वो लगातार जाते थे। मदनपुरा के हाजी एखलाख ने उनके इंतकाल पर अफसोस जाहिर किया और कहा कि वो भले ही नगरी पार के थे मगर उनका एक पैर मुम्बई, तो दूसरा लखनऊ और बनारस में हुआ करता था। हज के काम से वो दिल्ली में भी लम्बे समय तक डटे रहा करते थे। उनका जाना बड़ा नुक़सान है। हाजी अबु जफर ने कहा कि इधर वो लगातार बीमार थे इसके बावजूद हज के काम में लगे हुए थे। उनकी कमी पूरी नहीं की जा सकती। पूर्वांचल हज सेवा समिति के हाजी रेयाज कादरी ने कहा कि उनसे मेरी ताल्लुकात बनारस से हज की उड़ान शुरू होने से पहले से थी। वो हमेशा हज के लिए दिन रात लगे रहते थे। इसरा के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां ने कहा कि हाफिज नौशाद आज़मी साहब की झीनी ख़िदमात कभी भुलाई नहीं जा सकती। वो हमेशा हज यात्रा और हाजियों के लिए संघर्ष करते रहे। 

बता दें कि अगस्त में उनकी तबीयत बिगड़ी और वो गोरखपुर में एडमिट हुए वहां से उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया गया। आज जुमेरात के मुबारक दिन वो दुनिया से रुखसत हो गयें। इसी के साथ बनारस से पुनः उड़ान का उनका ख़्वाब अधूरा ही रह गया।

बुधवार, 10 सितंबर 2025

Education: VKM Varanasi Main 'रोज़गार विकल्पों पर हुई चर्चा'

भारत ही नहीं, हिन्दी विश्व की प्रमुख भाषाओं में से एक- डाॅ. रमेश सिंह

Varanasi (dil India live). रोज़गार मार्गदर्शन, प्रशिक्षण एवं नियोजन प्रकोष्ठ, वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा द्वारा राजभाषा पखवाड़ा के उपलक्ष्य में आयोजित 'रोज़गार विकल्पों पर चर्चा' कार्यक्रम में 10 सितम्बर को राजभाषा सम्बन्धित रोज़गार के अवसरों पर बात की गई। मुख्य वक्ता थे काशी हिन्दू विश्वविद्यालय में राजभाषा सेल से डाॅ. रमेश सिंह। मुख्य वक्ता ने प्रमुख सरकारी और ग़ैर सरकारी प्रतिष्ठानों में अनुवादकों के पद और अर्हता पर विस्तार से प्रकाश डाला। खड़ी बोली हिन्दी के प्रवर्तक भारतेन्दु हरिश्चंद्र को उनके जन्म दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए डाॅ. सिंह ने कहा कि हिन्दी न मात्र भारत की वरन् विश्व की प्रमुख भाषाओं में से एक है जिसमें आजीविका के अनुपम अवसर उपलब्ध हैं। 
प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने इस समीचीन आयोजन के लिए प्रकोष्ठ को बधाई दी। समन्वयक सहित प्रकोष्ठ के सभी सदस्य तथा प्राध्यापक इस अवसर पर उपस्थित रहे।

स्वच्छता एवं सन्तुलित आहार महत्वपूर्ण

करौली डायगनाॅस्टिक की एक्सपर्ट ने साझा की महत्वपूर्ण जानकारियां

Varanasi (dil India live). वसंत कन्या महाविद्यालय के गृह विज्ञान विभाग एवं छात्र परामर्श एवं अनुशासन समिति द्वारा ”राष्ट्रीय पोषण माह 2025” का आयोजन किया गया। इसके अन्तर्गत एक करौली डायगनाॅस्टिक सेन्टर, द्वारा महाविद्यालय की छात्राओ के लिए ”पिरीयड्स टाॅक, विथ प्राइड, हाइजीन एण्ड डिग्निटी” विषय पर सम्प्रेषण सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के प्रारम्भ में महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए पिरीयड्स से सम्बन्धित स्वच्छता एवं सन्तुलित आहार को महत्वपूर्ण बताया।कार्यक्रम का संचालन करते हुए डाॅ. गरिमा उपाध्याय ने पोषण माह के विषय वस्तु पर प्रकाश डाला। इस वर्ष पोषण माह का थीम, ”पढ़ाई भी पोषण भी” तथा ”मोटापा” ”कम वसा एवं कम चीनी का उपयोग” विषय पर आधारित है। 

लौह तत्वो की कमी से बचने की सलाह 

पोषण माह भारत सरकार द्वारा सामुदायिक पोषण स्तर को समृद्ध करने एवं जागरुकता को बढ़ाने के लिये आयोजित किया जाता है। कार्यक्रम में करौली डायगनाॅस्टिक सेन्टर, से मुख्य वक्ता  खाद्य एवं आहार विशेषज्ञ निशा प्रकाश ने ”मेन्स्ट्रुअल साइकिल, हाइजीन एवं न्यूट्रिशन” विषय पर प्रकाश डाला। उन्होंने छात्राओं को लौह तत्वो की कमी से बचने के लिए सब्जियों, छिलके वाली दाल के सेवन करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने दैनिक आहार मे विभिन्न सूक्ष्म पोषक तत्वों जैसे आयरन, कैल्शियम फास्फोरस के उपयोग पर जोर दिया। जिन लोगों का पोषण स्तर उत्तम रहता है उनमे बड़ी से बड़ी बिमारियों से लड़ने की क्षमता बनी रहती है। 



छात्राएं समस्याओं पर खुल कर बात करें 

समरीन (एनाॅटामी एण्ड फिजियोलाॅजी विशेषज्ञ) ने पीरियड्स से सम्बन्धित फिजियोलाॅजी एवं प्रोजेस्टराॅन एवं एस्ट्रोजन जैसे हार्मोन की भूमिका की चर्चा की। हार्मोनल असंतुलन को ही पिरीयड्स से सम्बन्धित अनियमितता के लिए उत्तरदाई बताया और उन्होंने छात्राओं को अपनी समस्याओं पर चुप रहने की बजाय खुलकर बात करने को प्रेरित किया व उनकी समस्याओ का व्यावहारिक समाधान भी सुझाया। इनके साथ निधि पाण्डे (ब्राॅण्ड मैनेजर), डाॅ. राजीव (निदेशक करौली डायगनाॅस्टिक), स्नेहा सिंह (असिस्टेंट मैनेजर) भी उपस्थित थे। 

यह आयोजन डाॅ. संगीता देवड़िया के संरक्षण में किया गया एवं संयोजन गृहविज्ञान विभाग की डाॅ. गरिमा उपाध्याय डाॅ. प्रियंका एवं छात्र सलाहकार एवं अनुशासन समिती प्रभारी डाॅ. मंजु कुमारी द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने मे डाॅ. अंशु शुक्ला, डाॅ. सुनीता दीक्षित, डाॅ. पूनम, एवं डाॅ. विजय कुमार की भूमिका रही। कार्यक्रम मे गैरशैक्षणिक कर्मचारी (योगिता, पद्मा एवं सोनी) का सहयोग रहा। कार्यक्रम के समापन मे प्रश्नोŸारी सत्र का आयोजन भी किया गया जिसमें विजेता छात्राओ को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम के अन्त में धन्यवाद ज्ञापन डाॅ0 आशीष सोनकर द्वारा किया गया।

Education: VKM Varanasi Main Sanskrit Diwas उल्लास संग मनाया गया

संस्कृत विभाग व श्री तुलसीदास मठ बरेली ने संयुक्त किया आयोजन 

Varanasi (dil india live). वसन्त कन्या महाविद्यालय, संस्कृत विभाग और श्री तुलसीदास मठगद्दीस्थल , बरेली के संयुक्त तत्वावधान में संस्कृत दिवस के उपलक्ष्य में  विविध साहित्यिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों का उद्देश्य छात्रों में संस्कृत भाषा एवं साहित्य के प्रति रुचि जागृत करना और इसके शाश्वत ज्ञान की परम्पराओं को संरक्षित एवं प्रसारित करना है।

कार्यक्रमों की श्रृंखला में संस्कृत  क्विज प्रतियोगिता, सूक्ति पोस्टर प्रतियोगिता, श्लोक-पाठ प्रतियोगिता तथा काव्य शास्त्रीय विषयों पर आधारित छात्र-सेमिनार का आयोजन किया गया।क्विज़ प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने संस्कृत साहित्य, व्याकरण, दर्शन एवं भारतीय सांस्कृतिक धरोहर से संबंधित प्रश्नों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। श्लोक-पाठ प्रतियोगिता में प्रतिभागियों ने काव्य एवं महाकाव्यों से चयनित श्लोकों का सुशोधित उच्चारण एवं भावपूर्ण प्रस्तुतीकरण कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध किया। "काव्यशास्त्र" विषयक छात्र-संगोष्ठी में विद्यार्थियों ने संस्कृत काव्यशास्त्र की विविध अवधारणाओं जैसे , काव्यलक्षण,अलंकार, रस एवं छन्द पर अपने विचार और शोध प्रस्तुत किए। इन प्रतियोगिताओं एवं सेमिनार का उद्देश्य छात्रों में संस्कृत की शास्त्रीय परम्परा के प्रति गहन अध्ययन भाव उत्पन्न करना और उन्हें सृजनात्मक एवं विवेचनात्मक मंच उपलब्ध कराना रहा। निर्णायकों  की भूमिका में  विभागाध्यक्ष  डॉ.शान्ता चटर्जी, डॉ.. मंजू कुमारी, डॉ. प्रियंका पाठक तथा सुधा चौबे ने प्रतिभागियों का मूल्यांकन  किया। 


संस्कृत भाषा नहीं, ज्ञान परम्परा की आत्मा

इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने बधाई देते हुए कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारतीय ज्ञान परम्परा की आत्मा है। इस प्रकार के आयोजन छात्रों में आत्मविश्वास, वाक्शक्ति एवं सांस्कृतिक चेतना को प्रबल करते हैं। मुख्य अतिथि आचार्य ब्रह्मस्वरूप  शर्मा ने कहा कि संस्कृत शास्त्रों में निहित ज्ञान परम्परा को समाज तक पहुंचा कर सभ्य समाज का निर्माण सहजता से करना सम्भव है। अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में डॉ.कमला पाण्डेय,  अध्यक्ष , संस्कृतमातृमण्डलम् ने छात्राओं को आशीर्वाद देते हुए संस्कृत की उत्तरोत्तर प्रगति पर संतोष व्यक्त किया।

सुश्री प्रतिष्ठा त्रिपाठी  ने 'श्रीरामचन्द्रस्तुति' पर भावपूर्ण मंगल नृत्य प्रस्तुत कर सबको मुग्ध किया। कार्यक्रम का संचालन विभागीय छात्र परिषद् 'वाग्वर्द्धिनी सभा'की प्रतिनिधियों नव्या पाण्डेय एवं तेजस्विनी पाण्डेय तथा धन्यवाद ज्ञापन अनुष्का कल्याण शेट्टी ने किया। कार्यक्रम में डॉ .शान्ता चटर्जी, डॉ.मंजू कुमारी, डॉ. प्रियंका पाठक तथा सुधा चौबे प्रेरक तथा डॉ. प्रीति विश्वकर्मा एवं डा.आरती कुमारी दर्शक की भूमिका में रहीं।

मंगलवार, 9 सितंबर 2025

Education: Varanasi K DAV PG College में स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता सम्पन्न

भावों का रस हिन्दी वाला और माँ का प्यार निराला...

Varanasi (dil india live)। डीएवी पीजी कॉलेज में हिन्दी विभाग के तत्वावधान में चल रहे हिन्दी सप्ताह के दूसरे दिन मंगलवार को स्वरचित काव्य पाठ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। नदी (प्रकृति), देश और समाज, पारिवारिक रिश्ते और हिन्दी का महत्त्व जैसे विषयो पर 50 से अधिक नवांकुरों ने काव्य पाठ किया। अभय राज पाण्डेय ने 'एक हमसफ़र को होती है कंधे रूपी सहारे की जरूरत', शुभम पाण्डेय ने 'भावों का रस हिन्दी वाला और माँ का प्यार निराला', आदर्श कुमार ने 'माँ की ममता ठंडी छाया, बाबू का गुस्सा' सुनाया। खुशहाल ने 'देख इस बहती गंगा को', रोहित चौधरी ने 'नदी के तट पर बड़ी देर तक, बैठा रहा में निश्छल शांत', आदित्य शुक्ला ने 'मैंने फुटपाथ किनारे बैठे लड़को को देखा' सुनाकर खूब वाहवाही लूटी। 


धर्मराज ठाकुर ने 'बचपन ना रहा', अनिमेष कुमार प्रवीण ने 'हाँ हिन्दी मातृ भाषा हिन्दी, तू संस्कृत से जन्मी है', रिया सिंह ने 'वृद्धावस्था में देखकर जिस भाषा मे बुलाया माँ, हिन्दी ही है वह', नेहा यादव ने 'मेरे अजीज मन', सुहानी कक्कड़ ने 'पर्वतों की पाप धुलती, चलती निस्वार्थ तरंगिणी'  सुनाया।

 इसके अलावा जयंत शुक्ला, विश्वास तिवारी, युवराज कुमार, गोविन्द नारायण वैभव, गरिमा तिवारी, आकाश, स्वाति, चारु शर्मा, शिवम आदि ने काव्यपाठ किया।

अध्यक्षता प्रो. राकेश कुमार राम, संयोजन डॉ. अस्मिता तिवारी एवं विषय प्रवर्तन प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी ने किया। निर्णायक मण्डल में  डॉ. ओमप्रकाश कुमार, डॉ. नीलम सिंह एवं डॉ. श्वेता मिश्रा रही। स्वागत डॉ. विजय यादव ने किया। संचालन विश्वास तिवारी एवं धन्यवाद आकांक्षा चौबे ने दिया। कार्यक्रम में 80 से अधिक विद्यार्थी शामिल हुए।




UP K Varanasi Main मुख्य सचिव व DGP पहुंचे

पीएम के कार्यक्रम स्थल सहित अन्य स्थानों का किया निरीक्षण

मंडलायुक्त व पुलिस कमिश्नर ने दी तैयारियों के संबंध में विस्तृत जानकारी

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil india live)। मॉरीशस के प्रधानमंत्री और भारत के प्रधानमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम के दृष्टिगत प्रभारी मुख्य सचिव / अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार और डीजीपी राजीव कृष्ण ने बाबतपुर एयरपोर्ट हैलीपैड व्यवस्था, द्विपक्षीय वार्ता स्थल होटल ताज और पुलिस लाइन हैलीपैड का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायज़ा लिया और अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये। एयरपोर्ट पर उन्होंने टर्मिनल भवन, एप्रन और रनवे टर्न पैड का अवलोकन किया। ताज होटल में सभी अंतिम तैयारियों के संबंध में मंडलायुक्त एस राजलिंगम और पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने अधिकारी द्वय के समक्ष विस्तृत जानकारी दी। 


मुख्य सचिव व डीजीपी द्वारा रिजर्व पुलिस लाइन में डीजी शूट हाउस का फीता काटकर उद्घाटन भी किया गया। उन्होंने रिजर्व पुलिस लाइन में बने हेलीपैड का भी जायजा लिया। इसके बाद दोनों अधिकारियों ने पुलिस लाइन सभागार में बैठक कर प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की। उन्होंने सभी मुख्य बिंदुओं पर अधिकारियों को ब्रीफ करते हुए कार्यों को समय से पूरा कराने के निर्देश दिए तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिये।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार, एडीजी जोन पीयूष मोर्डिया, अपर पुलिस आयुक्त शिवहरि मीणा सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।