पत्रिकाएं ज्ञान परम्परा को अक्षुण्ण बनाए रखती है- डॉ. नीलकण्ठ तिवारी
dil india live (Varanasi). वाराणसी के डीएवी पीजी कॉलेज (DAV PG College Varanasi) की वार्षिक यूजीसी पीयर रिव्युड शोध पत्रिका प्रभा के नौवें अंक का विमोचन गुरुवार को मुख्य अतिथि शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकण्ठ तिवारी ने किया। इस अवसर पर कॉलेज के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव, कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रिलाल सहित अन्य गणमान्य भी विमोचन में मौजूद थे।
इस अवसर पर संगोष्ठी आयोजित की गई जिसे सम्बोधित करते हुए डॉ. नीलकण्ठ तिवारी ने कहा कि भारत ज्ञान, संस्कृति, पांडित्य, दर्शन जैसे विषयों की परम्परा का द्योतक रहा है, ये पत्रिकाएं हमारे ज्ञान परंपरा को अक्षुण्ण बनाये रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। डीएवी कॉलेज की यह शोध पत्रिका प्रभा शोध की समग्रता को दिखलाती है और शोध के मौलिक स्वरूप को नष्ट होने से भी बचाती है। यह शोध पत्रिका बौद्धिक समाज के लिये बहुत उपयोगी सिद्ध होगी। उन्होंने यह भी कहा की पत्रिका शब्द की उत्पत्ति भारत की ही देन है, यहीं ज्ञान, अनुभूति को लिपिबद्ध करने की परंपरा रही है।
कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रिलाल ने कहा कि हमारे लिए यह गौरव की बात है कि इस पत्रिका का विमोचन ऐसे समय मे हो रहा है जब भारत की हिन्दी पत्रकारिता अपने 200 वर्ष की जीवन यात्रा का उत्सव मना रहा है। इस उपलक्ष्य में हम यह पत्रिका हिन्दी पत्रकारिता के गौरवशाली अतीत को समर्पित करते है।
इसके पूर्व मुख्य अतिथि का स्वागत प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव ने स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र, रुद्राक्ष की माला एवं पुष्पगुच्छ देकर किया। संचालन पत्रिका के सम्पादक डॉ. दीपक कुमार शर्मा एवं धन्यवाद ज्ञापन उप प्राचार्य प्रो.संगीता जैन ने दिया। इस मौके पर उप प्राचार्य प्रो. राहुल, आइक्यूएसी की समन्वयक डॉ. पारुल जैन, डॉ. राजेश झा, डॉ. श्रुति अग्रवाल के अलावा मण्डल अध्यक्ष तारकेश्वर गुप्ता, संदीप चौरसिया, ब्रजेश जायसवाल सहित विभिन्न विभागों के प्राध्यापक, गणमान्यजन एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
































