शनिवार, 6 सितंबर 2025

आज विश्व के सभी देशों में अघोषित आर्थिक युद्ध छिड़ा हुआ है-रविन्द्र जायसवाल

वर्तमान परिवेश में स्वदेशी को हमें बढ़ावा देने की जरूरत है-स्टांप मंत्री

वाराणसी। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान विकास अभियान हेतु एक दिवसीय कार्यशाला शनिवार को कमिश्नरी ऑडिटोरियम में आयोजित हुई। जिसमें प्रदेश के स्टांप एवं न्यायालय पंजीयन शुल्क राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविन्द्र जायसवाल ने कार्यशाला पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन है तो जीविका चाहिए, जिसके लिए सबके पास तीन विकल्प है जिसमें कृषि, व्यापार तथा सबको रोजगार देने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने पिछली सरकारों में बेरोजगारों को मिलने वाले लोन में आने वाली दिक्कतों को आड़े हाथों लिया तथा कहा कि वर्तमान में अधिकारी स्वत: कार्यशाला आयोजित करके लोन दे रहे है। 

     


  मंत्री रविंद्र जायसवाल ने कहा कि आज विश्व के सभी देशों में अघोषित आर्थिक युद्ध छिड़ चुका है। उन्होंने कहा कि स्वदेशी को हमें बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जन्मदिन की पार्टियों, शादी-विवाह जैसे आयोजनों तथा आने वाले दिवाली के पर्व पर भी हमें स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हम लगातार छोटे उद्योगों को बढ़ावा दे रहे ताकि सभी के हाथों में काम मिल सके। उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी अभियान के तहत मिलने वाले पांच लाख रूपये के ऋण पर भी सभी का ध्यान खींचते हुए लगने वाले विभिन्न कारखानों की बात कही। उन्होंने नौजवानों से कहा कि उठो युवा मित्रों और कुछ करके दिखाओ। 

         मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने युवाओं को नए विचारों पर काम करने के लिए प्रेरित किया गया। जनपद वाराणसी में पर्यटन क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों के अनुरूप नए उद्यम स्थापना को प्रोत्साहित किया। मंडलायुक्त द्वारा बैंकों से नए विचारों/नए उद्योगों की स्थापना के प्रति और भी सकारात्मक होने के साथ जनपद के ऋण जमा अनुपात में सुधार के प्रति अपनी सक्रिय भूमिका के निर्वहन के लिए कहा गया।

        इस अवसर पर मंत्री रविंद्र जायसवाल ने गाजीपुर के मोहम्मद मातम को ओडीओपी अभियान के तहत 25 लाख का चेक सहित वाराणसी, जौनपुर, चन्दौली एवं गाजीपुर के मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थियों को ऋण वितरण का चेक प्रदान किया। 

       मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान अंतर्गत मंडल स्तरीय कार्यशाला के आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नए उद्यमों की स्थापना हेतु आवश्यक जानकारी प्रदान करना रहा। इस कार्यशाला/कार्यक्रम में मुख्य अतिथि राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार), स्टांप तथा न्यायालय शुल्क एवं पंजीयन , उत्तर प्रदेश सरकार,श्री रवीन्द्र जायसवाल, विशिष्ट अतिथि मंडलायुक्त एस. राजलिंगम, मुख्य विकास अधिकारी हिमांशु नागपाल, क्षेत्र प्रमुख, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, शैलेन्द्र कुमार, क्षेत्र प्रमुख, बैंक ऑफ बड़ौदा, गंगा सिंह की उपस्थिति रही। अतिथियो का स्वागत अपर आयुक्त उद्योग, वाराणसी मंडल उमेश कुमार सिंह द्वारा किया गया।

        सीएम युवा योजना में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए जनपद वाराणसी से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन बैंक, जनपद जौनपुर से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक, जनपद चंदौली से यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया तथा जनपद गाजीपुर से स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया के बैंक अधिकारियों को अंगवस्त्र, प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर मंत्री ने सम्मानित किया।

        इस कार्यशाला में युवाओं को अपनी रुचि के अनुरूप सही उद्यम की पहचान करने, परियोजना रिपोर्ट तैयार करने, आवेदन प्रक्रिया तथा बैंक से ऋण लेने की प्रक्रिया के संबंध में जानकारी प्रदान करने के साथ ही तैयार माल की बिक्री के बारे में उपलब्ध अवसरों की जानकारी प्रदान किया गया। इसके साथ ही समाधान समिति के विशेषज्ञों द्वारा मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान अंतर्गत इन्नोवेटिव बिजनेस मॉडल, फ्रेंचाइजी बिजनेस मॉडल आदि नवीन अवसरों के बारे में भी जानकारी दी गई। प्रश्नोत्तर सत्र में उद्योग विभाग के अधिकारियों द्वारा लाभार्थियों के जिज्ञासाओं का समाधान किया गया। वाराणसी मंडल में इस परियोजना का क्रियान्वयन काफी सफलतापूर्वक हो रहा है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक लगभग 10000 आवेदन बैंकों को प्रेषित किए गए हैं जिसमें से 3864 आवेदन बैंक के स्तर से स्वीकृत है तथा विगत वर्ष के स्वीकृत आवेदनों को शामिल करते हुए  3917 आवेदनों में बैंकों द्वारा ऋण वितरण वितरण किया गया है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान अंतर्गत रुपए 5.00 लाख तक की परियोजना हेतु ब्याज मुक्त, गारंटी मुक्त ऋण विनिर्माण और सेवा क्षेत्र के उद्यम स्थापना के लिए दिए जाने का प्रावधान है। साथ ही 10 प्रतिशत कैपिटल सब्सिडी देय है।

       इस कार्यशाला का आयोजन उपायुक्त उद्योग जिला उद्योग प्रोत्साहन तथा उद्यमिता विकास केंद्र द्वारा अपर आयुक्त उद्योग, वाराणसी मंडल के निर्देशन में किया गया। कार्यशाला में सभी बैंक के उच्चाधिकारी गण, शाखा प्रबंधक, उद्योग विभाग के अधिकारी गण एवं कर्मचारी, लाभार्थी, विद्यार्थी आदि उपस्थित रहे।

UP K Ghazipur के हार्टमन इण्टर कालेज में मनाया गया शिक्षक दिवस

जन्म साधारण परंतु शिक्षक का जीवन इतिहास बन जाता है- फादर पी विक्टर

Ghazipur (dil India live). गाजीपुर जनपद के हार्टमन इण्टर कालेज, हार्टमन पुर में  शिक्षक दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का प्रारंभ ईश्वर वंदना से हुई। विद्यालय के प्रशासक फादर पी विक्टर ने सर्वप्रथम डा. राधाकृष्णन एवं मदर टेरेसा के चित्र पर माल्यार्पण कर श्राद्ध सुमन अर्पित किया। 

इस पुनीत अवसर पर विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर गुरुजनों को आदर दिया। शिक्षकों के महत्ता को प्रकट करते हुए फादर पी विक्टर ने कहा कि एक शिक्षक कभी भी साधारण नही हो सकता। उसका जन्म तो साधारण इंसान के रूप में होता है पर ज्ञानदान जैसे महान दान से वह ईश्वर तुल्य हो जाता है।वह इतिहास रचना द्वारा ब्रह्मा के समान हो जाता है और साधारण दिखते हुए भी असाधारण इतिहास रच देता है; उनका जीवन इतिहास बन जाता है। चाणक्य, डॉक्टर राधा कृष्णन आदि शिक्षक इसके उदाहरण हैं। शिक्षक चाणक्य ने आततायी शासक घनानन्द के अत्याचार को समाप्त करने के लिए अपने विद्यार्थियों की सेना तैयार की और अत्याचारी शासक का अंत कर इतिहास रच दिया। राधाकृष्ण ने स्टालिन जैसे क्रूर तानाशाह को भी अपनी मानवीय संवेदना की शिक्षा देकर मानवीय संवेदनाओं को जगा कर इतिहास रच दिया। राधाकृष्ण ने कहा था कि यदि शिक्षा सही प्रकार से दी जाए तो समाज से बुराइयाँ मिट जाएँगी।


 फादर ने आगे कहा कि शिक्षक का जीवन बच्चों के साथ कैसे व्यतीत होता है वह कभी बच्चा बनकर उन्हें समझाने की कोशिश करता है तो कभी दार्शनिक की तरह उनके प्रश्नों का उत्तर उनके स्तर पर दे रहा होता है। 


स अवसर पर पूर्व प्रधानाचार्य जनता जनार्दन इण्टर कालेज गांधीनगर नर्वदेश्वर राय ने अपने उद्बोधन में डॉक्टर राधाकृष्ण को महान शिक्षक बताया। अवकाश प्राप्त शिक्षक सी डी जान, शिक्षक श्रीराम ने भी अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर फादर पी विक्टर ने द्वारा सभी आगंतुक शिक्षकों एवं अतिथियों को माल्यार्पण, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिन्ह द्वारा सम्मानित किया।मंच पर छोटे बच्चों के द्वारा केक काट कर राधाकृष्ण का जन्मोत्सव मनाया।

इस अवसर पर प्रधानाचार्य उदय कुमार, पूर्व शिक्षक लक्ष्मण राय, स्वर्ण लता, राजेश कुशवाहा, शुभ नरायण  यादव, सिस्टर हेलेन, अरविन्द भारती, सत्येन्द्र पाण्डेय, राजकुमार, पूनम, गुड्डन, वीरेंद्र, अरविंद राय समेत छात्र छात्राएँ कर्मचारी उपस्थित रहे।



Education: VKM Varanasi Main Teacher's day celebration

शैक्षणिक क्लब ‘साक्षी’ द्वारा भाषण प्रतियोगिता का आयोजन

Varanasi (dil India live). दर्शन विभाग के शैक्षणिक क्लब ‘साक्षी’ द्वारा शिक्षक दिवस पर डाॅ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिवस पर शनिवार को भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता का शीर्षक था ‘From Classroom to Rashtrapati Bhavan’ the journey of teacher to President’। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने कहा कि ऐसे दार्शनिक विमर्श एवं विद्वत महापुरूषों से संबंधित कार्यक्रम का आयोजन भावी पीढ़ी के चरित्र निर्माण तथा व्यक्तित्व विकास के लिए अत्यन्त आवश्यक है। इस प्रतियोगिता के अंतर्गत कुल 16 प्रतिभागियों ने प्रतिभाग किया। जिसमें स्नातक प्रथम, द्वितीय, तृतीय तथा परास्नातक प्रथम तथा द्वितीय वर्ष की दर्शनशास्त्र, राजनीतिशास्त्र, मनोविज्ञान, अंग्रेजी एवं भूगोल इत्यादि की छात्राओं ने प्रतिभाग किया। कार्यक्रम का संचालन चांदनी कुमारी, सुरूचि झा एवं संयोजन महक सोनकर, संजना परमार द्वारा किया गया। प्रो. ममता मिश्रा, विभागाध्यक्ष, दर्शन विभाग ने छात्राओं को बधाई देते हुए भविष्य में इस प्रकार के आयोजन के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में डाॅ. मनोज कुमार सिंह, डाॅ. प्रतिमा सिंह,यशस्वी राय सहित अन्य विभागों के शिक्षक/शिक्षिकायें उपस्थित रहें।


Nabi k Jashan Main पढ़ा कलाम तो अंजुमनों को मिला इनाम

मरकजी यौमुन्नबी कमेटी के डायस पर अंजुमन फारूकिया अव्वल 

बरकाते रसूल, गुलामे गौस-ए-पाक, रजाए मुस्तफा, मोजाहिद्दिन-ए-रसूल, सुन्नते रसूल को भी मिला इनाम

60 से ज्यादा अंजुमनों ने किया नातिया मुकाबले में शिरकत




F.farooqui Babu/shamsher alam

Varanasi (dil India live)। मरकजी यौमुन्नबी की ओर से Eid Miladunnabi पर रात भर चले नातिया मुकाबले का समापन सुबह हुआ जिसमें तकरीबन 60 से ज्यादा अंजुमनों ने हिस्सा लिया। इसमें अंजुमन फारूकिया भीखाशाह गली अव्वल रही। ऐसे ही अंजुमन बरकाते रसूल, अंजुमन गुलामे गौस-ए-पाक, अंजुमन रजाए मुस्तफा, अंजुमन मोजाहिद्दिन-ए-रसूल, अंजुमन सुन्नते रसूल भी बेहतरीन नातिया शायरी के लिए इनाम हासिल करने में कामयाब रही। ऐसे ही मिल्लत कमेटी की ओर से हुए नातिया मुकाबला में अंजुमन गौसिया नवाबगंज, अंजुमन गौस-ए-पाक नई सड़क, अंजुमन सलाहुद्दिन शेख सलीम फाटक, अंजुमन गुलमाने वारिस खजूर वाली मस्जिद, अंजुमन गरीब नवाज बगीचा हंकार टोला, अंजुमन पैगाम-ए-हुसैन खैराशबाद, अंजुमन सिराजुल इस्लाम छित्तनुपरा को इनामात से नवाजा गया। 


जुलूस शांतिपूर्ण सम्पन्न, अदा किया शुक्रिया

जश्ने ईद मिलादुन्नबी पर जुलूसे मोहम्मदी का तमाम शानदार जुलूस पूरे वाराणसी में बड़ी शिद्दत के साथ निकाला गया था। जिसमें जलालीपुरा वार्ड के सभी मोहल्लों जलालीपुरा, अमरपुर बटलोहिया, मढिया और सरैया से भी दर्जनों जुलूस निकाले गए जिसमे हजारों की तादाद में अकीदतमंद शामिल हुए थे। सभी जुलूस के शांतिपूर्ण सम्पन्न होने पर पार्षद पति हाजी ओकास अंसारी ने सभी अंजुमनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं व पुलिस प्रशासन का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने कहा कि वह खुद जुलूस में शामिल हुए और जुलूस पास कराया।

शुक्रवार, 5 सितंबर 2025

Nabi ki sunnat or Miladunnabi पर उलेमा ने डाली रौशनी

मोहम्मद न होतें तो कुछ भी न होता...

Varanasi (dil India live). लच्छीपुरा कॉलोनी में जश्ने ईद मिलादुन्नबी धूमधाम से मनाई गई। जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी की महफिल में नबी की शान में मोहम्मद रशीद ने नात पढ़कर महफिल का आगाज़ किया। इस दौरान मौलाना हकीमुद्दीन ने नबी की सुन्नत और मिलाद के बारे में तकरीर करते हुए तमाम लोगों को नबी के बताए और दिखाएं रास्ते पर चलने की वकालत की। महफिल में लच्छीपुरा के सभी लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और नबी की मोहब्बत का इज़हार किया।

महफिल में मौजूद लोगों ने नबी की शान में कसीदे पढ़े और उनकी तारीफ में सदाएं बुलन्द की। मौलाना हकीम की तकरीर से लोगों को नबी की सुन्नत और मिलाद के महत्व के बारे में पता चला। इस दौरान जश्न-ए-ईद मिलादुन्नबी की इस महफिल में लच्छीपुरा कॉलोनी के लोगों ने एकजुट होकर नबी की मोहब्बत और इज़हार किया।

नबी की शान में सजी महफिलें

१२ रबी उल अव्वल बरोजे जुमा सरकार ए दो आलम हजरत मोहम्मद के जन्मदिन के सिलसिले से यौम उन नबी के साथ जश्न ए इमाम ए सादिक मनाया गया। इस दौरान कलाम गूंजा, मोहम्मद न होते तो कुछ भी न होता...शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी सय्यद फरमान हैदर ने बताया कि शिया जामा मस्जिदों में नमाज के बाद उलमा ने नूरानी तकरीर से हजरत मोहम्मद (स.) और इमाम जाफर सादिक के जीवन में प्रकाश डाला। सभी ने एक ज़बान से नबी और इमाम के बताए हुए रस्ते पर चलने का पैगाम दिया। जामा मस्जिद दारा नगर में मौलाना अमीन हैदर हुसैनी, जामा मस्जिद मीर गुलाम अब्बा अर्दली बाजार में मौलाना तौसीफ अली, जामा मस्जिद बजरडीहा में मौलाना इश्तियाक हुसैन , हैदरी जामा मस्जिद रामनगर में मौलाना बदरुल हसन , दुल्हीपुर me तकरीर ka सिलसिला जारी रहा। बड़ी तादाद में नारे तकबीर , नारे रिसालत , दुरूद o सलाम, ke साथ लोगों ने देश में सेहत और सलामती के लिए दुआ ख्वानी भी की। श्री हैदर ने बताया कि महफिलों का ये सिलसिला १३ सितंबर तक जारी रहेगा। ये साल नबी की विलादत का १५०० वा साल है।


Varanasi Main Teacher's day celebration

वीकेएम में शिक्षक दिवस पर पूर्व शिक्षकों का सम्मान

Varanasi (dil India live). शिक्षक दिवस धूमधाम से शहर भर में मनाया गया। इस मौके पर वर्तमान और पूर्व टीचर्स का सम्मान किया गया।

वसन्त कन्या पी जी कालेज, कमच्छा में  छात्र सलाहकार एवं अनुशासन समिति द्वारा शिक्षक दिवस के अवसर पर महाविद्यालय के सभागार में एक गरिमामय कार्यक्रम का किया गया। इस 'कृतकार्य सम्मान समारोह’ में पूर्व प्राचार्या प्रो.कुसुम मिश्रा सहित सेवानिवृत्त शिक्षकों डॉ.कमला पाण्डेय, डॉ.सुधा श्रीवास्तव, डॉ.कुमुद रंजन, डॉ.तृप्ति जायसवाल, डॉ.माधुरी अग्रवाल, डॉ.बीना सिंह, प्रो.स्वरवन्दना शर्मा, अंजना चटर्जी, डॉ.स्मृति भटनागर तथा नामचीन तबला कलाकार काशीनाथ मिश्र एवं कार्यालयकर्मी सुभाष भारती को प्राचार्या प्रो.रचना श्रीवास्तव द्वारा शॉल और रञ्जन विभाग की छात्राओं द्वारा हस्तनिर्मित सुन्दर मिनिएचर पेंटिंग प्रदान कर सम्मानित किया गया।



इस मौके पर प्राचार्या प्रो.रचना श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षा ही समाज को दिशा देती है और शिक्षक उसके आधार स्तम्भ हैं। उन्होंने  कर्तव्यनिष्ठ शिक्षकों के योगदानों को याद करते हुए  कहा कि इस महाविद्यालय में छात्राओं की अकादमिक और सांस्कृतिक प्रतिभाओं को निखारनेवाली शिक्षिकाओं की सुदीर्घ परम्परा रही है जो वर्तमान में शिक्षणरत शिक्षकों द्वारा कुशलता से आगे ले जाई जा रही है। कार्यक्रम का आकर्षण छात्राओं द्वारा प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम रहा। इसमें छात्राओं द्वारा गुरु प्रशस्तिपरक भजनों, भरतनाट्यम् और लोकनृत्य की श्रुतिमधुर और मनोहारी प्रस्तुतियों तथा संस्कृत सुभाषितों के सस्वर पाठ के मणिकाञ्चन योग ने समवेत रूप से समारोह की भव्यता में चार चाँद लगाने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ी।प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनों को भावविभोर कर दिया और हॉल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। कार्यक्रम का संचालन मुस्कान एवं सौम्या त्रिपाठी तथा धन्यवाद ज्ञापन अनन्या सृष्टि ने किया। महाविद्यालय की सभी प्राध्यापिकाएं उपस्थित रहीं।

प्राथमिक विद्यालय ग़ौराकला में शिक्षक दिवस

चिरईगांव ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय ग़ौराकला में शिक्षक दिवस धूमधाम से मनाया गया। मौके पर छात्र छात्राओं ने कक्षा को बहुत ही आकर्षक तरीके से सजाया। सर्वप्रथम छात्रों ने स्वागत गीत गाकर शिक्षकों का स्वागत किया। प्रिंसिपल आरती देवी ने डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिन के उपलक्ष्य पर केक काटकर कार्यक्रम की शुरूआत की। शिक्षकों ने बच्चों का उत्साहवर्धन करते हुए हुए उन्हें गिफ्ट देकर सम्मानित किया। बच्चों ने भी अपने हाथ का बना हुआ अध्यापकों को बधाई कार्ड दिया। शिक्षक दिवस पर आरती देवी ने कहा कि गुरु शिष्य का रिश्ता प्राचीनकाल से चलते रहा है और आज भी यह कायम है। उन्होंने शिक्षक दिवस की महत्ता एवं गुरु शिष्य के रिश्तों का व्याख्यान किया। छात्रों के भविष्य को उज्जवल बनाने आगे चल के अपने लक्ष्य को प्राप्त करना ही मूल उद्देश्य है। मौजूद छात्र छात्राओं ने गुरु शिष्य के परंपरा को निभाने और एक अच्छे शिक्षक की तरह छात्रों ने प्रण किया कि वो अपने आस पास रहने वाले अशिक्षित, भटके हुए छात्रों को सही राह दिखाने एवं एक अच्छे इंसान बनने की प्रेरणा देंगे। अटेवा के जिला उपाध्यक्ष डॉ एहतेशामुल हक ने कहा कि वैसे तो शिक्षक दिवस सभी देशों में अलग अलग तिथि को मनाया जाता है, लेकिन भारत में पांच सितंबर को डा सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म के अवसर पर मनाया जाता है। जो एक शिक्षक होते हुए भारत के प्रथम उप राष्ट्रपति एवं द्वितीय राष्ट्रपति भी थे। भारत में बहुत सारे महान लोग है पर डा. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्म दिन पर ही क्यों मनाया जाता है, क्योंकि वे बच्चों से बहुत प्यार करते थे,और शिक्षा के लिए बहुत प्रयत्नशील थे। 

इस अवसर पर प्रिंसिपल आरती देवी,अटेवा के ज़िला उपाध्यक्ष डॉ एहतेशामुल हक, रेखा उपाध्याय, सादिया तबस्सुम, अनीता सिंह, शशिकला, प्रमिला सिंह, ज्योति कुमारी, शक्ति कुमारी, रीना, रीता, सोनी, आशा, त्रिलोकी प्रसाद गुप्ता, छात्र एवं छात्राएं उपस्थित थे।


सिटी प्राइड मोंटेसरी स्कूल में सम्मान समारोह


वाराणसी के सिगरा स्थित सिटी प्राइड मोंटेसरी स्कूल में शिक्षक दिवस पर एक भव्य सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का आयोजन इनरव्हील क्लब ऑफ वाराणसी श्रृष्टि द्वारा किया गया था। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि इनरव्हील क्लब की जिला समन्वयक यमुना थीं तो विशिष्ट अतिथियों में स्कूल के निदेशक रज़ीउद्दीन सिद्दीकी, सह निदेशक नाज़िया, उप निदेशक ज़ियाउद्दीन सिद्दीकी और प्रधानाचार्या फ़िरदौस शामिल थीं।

कार्यक्रम में स्कूल के उत्कृष्ट शिक्षकों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर सम्मानित सदस्यों में सरोजिनी महापात्रा, राशि, सुधा क्लब की आईएसओ स्नेहा गुप्ता और सचिव यामिनी अग्रवाल मुख्य थी। कार्यक्रम में सभी शिक्षकों को जलपान और उपहार प्रदान किए गए। इस अवसर पर स्कूल के बच्चों ने रंगारंग प्रस्तुतियां दीं और शिक्षकों को सम्मानित किया।

इनरव्हील क्लब ऑफ वाराणसी श्रृष्टि की इस पहल की सराहना करते हुए निदेशक रज़ीउद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि शिक्षकों का सम्मान करना हमारा कर्तव्य है। इस अवसर पर यमुना ने कहा कि शिक्षक समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रकार, सिटी प्राइड मोंटेसरी स्कूल में शिक्षक दिवस का आयोजन धूमधाम से किया गया और सभी शिक्षकों को सम्मानित किया गया।


आरडीएम-कान्वेंट स्कूल में शिक्षक दिवस 


आरडीएम कान्वेंट स्कूल ककरमत्ता स्थित न्यू कालोनी प्रांगण में शिक्षक दिन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों संग धूमधाम से मनाया गया। प्रोग्राम की शुरुआत स्कूल के सिनियर क्लास के बच्चों ने जूनियर क्लास के बच्चों की क्लास लेकर किया। इस दौरान उन्होंने पढ़ाई के गूर बताये। स्कूल के प्रबंधक कमलेश कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि आज शिक्षक दिवस मनाने के पीछे एक कहानी है जो डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जी से जुड़ी हुई है। 5 सितम्बर को उनका जन्म दिवस पर मनाया जाता है। शिक्षा और राजनीति के क्षेत्र में इनका बहुत बड़ा योगदान रहा है। स्कूल के प्रधानाचार्य विनोद कुमार ने भी डॉ. राधा कृष्णन के जीवन वृत्त पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर स्कूल के वाइस प्रिसिपल तलसीलदार राम, दीपू, अविनाश, स्नेहा, शालिनी सुजाता, विभा, दीपशिखा, पूजा, नाजिया, अल्का, आसना, प्रतिभा, सुषमा आदि अध्यापक व अध्यापिकाएं उपस्थित थीं। सभी ने एक दूसरे को शिक्षक दिवस की बधाई दी।




UP K Varanasi Main जुलूस-ए-मुहम्मदी ने दिया Mulk से मोहब्बत का पैग़ाम

जुलूस-ए-मोहम्मदी में इस्लामी परचम के साथ ही लहराया तिरंगा झंडा

नबी की सुन्नत और ईमान की मजबूती पर उलेमा ने दिया जोर  

शहर काजी का जुलूस पहुंचा रेवड़ी तालाब, तो दावते इस्लामी का बेनियाबाग मैदान 











Sarfaraz/Rizwan 

Varanasi (dil India live)। पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद (स.) की यौमे पैदाइश (जन्मदिन) पर हर्षोल्लास के साथ जहां शहर भर में जुलूस निकाला गया वहीं देर रात से सुबह तक अंजुमनों का नातिया मुकाबला चला। इस दौरान अमन, एकता और सौहार्द की परम्परा ईद मिलादुन्नबी में इस बार भी देखने को मिली। आयोजनों में इस्लामी रंग-बिरंगे परचम के साथ देश की शान तिरंगा झंडा भी लहराता दिखाई दिया। शाम में वरुणा पार और आसपास के मुहल्लों, अलवीपुरा, पठानी टोला आदि में भी जुलूस-ए मोहम्मदी निकाला गया। ऐसे ही अंजुमन फैज़ाने नूरी, अर्दली बाज़ार के जानिब से "जुलूसे मोहम्मदी" बाद नमाज़ अस्र अपनी पुरानी रवायत के मुताबिक उठ कर अपने पुराने कदीमी रास्ते से होते हुए अन्जुमन के डायस पर आकर सलातो सलाम के बाद खत्म हुआ।


इससे पहले शहर काजी मौलाना जमील अहमद रजवी की क़यादत में रेवड़ी तालाब अजहरी मैदान से सुबह जुलूस निकाला गया जो भेलुपूर, गौरीगंज, रविन्द्रपुरी, शिवाला. सोनारपुरा, होते हुए गोदौलिया, बांसफाटक समेत विभिन्न परम्परागत रास्तों से होता हुआ रेवड़ी तालाब मैदान में आकर संपन्न हुआ। इस दौरान अमन, एकता मुल्क से मोहब्बत की शहर काजी ने दुआएं मांगी और लोगों को नेकी के रास्ते पर चलने की हिदायत दी। मुफ्ती अहसन कमाल, मौलाना याकुब साहब, मौलाना शफीक अजमल, मौलाना शफीक अहमद समेत काफी हूजुम जुलूस में मौजूद था। 




नबी का पैग़ाम देती तख्तियों ने खींचा ध्यान 

जूलूस में गौरीगंज के इम्तियाज खां के संयोजन में नबी का नूरानी पैग़ाम देती तख्तियां लेकर सैकड़ों लोग चल रहे थे। इन पर प्यारे नबी की प्यारी प्यारी बातें जो हदीस से साबित है लिखी गई थी। इन तख्तियों ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा।

दावते इस्लामी जुलूस-ए मोहम्मदी कमेटी

मरकजी दावते इस्लामी जुलूस-ए मोहम्मदी कमेटी द्वारा निकाले गए जुलूस ने मुल्क से मोहब्बत, नबी की सुन्नत और ईमान की मजबूती का पैग़ाम दिया। जुलूस में किछौछा शरीफ के सज्जादानशीन की मौजूदगी लोगों की सरपरस्ती कर रही थी। जुलूस के बाद बेनियाबाग में जुटे देश के आलिम व उलेमा ने नबी की सुन्नत, नेकी का रास्ता और अपने देश से किए जाने वाली मोहब्बत पर रौशनी डाली।

मौलाना हसीन अहमद हबीबी सदर काजी बनारस की अगुवाई में निकले जुलूस में आल इंडिया काजी बोर्ड के सैय्यद कौसर रब्बानी साहब ने सदारत की। इससे पहले प्रातः 6:30 बजे जुलूस-ए-मुहम्मदी (स०) मरकज़ी दावते-इस्लामी जुलूस ए मोहम्मदी कमेटी के तत्वाधान में रेवड़ी तालाब अजहरी मैदान से चलकर भेलुपूर, गौरीगंज, रविन्द्रपुरी, शिवाला. सोनारपुरा, होते हुए गोदौलिया, बांसफाटक पहुंचा जहाँ सर्व समाज के धर्म गुरुओं ने जुलूस में उपस्थित लोगों को बैज लगाया व फूल मालाओं के साथ माल्यार्पण कर स्वागत किया। गोदौलिया पर अनेक हिन्दू संस्थाओं ने जुलूस-ए-मोहम्मदी का बैनर लगाकर स्वागत किया। बुलानाला. मैदागिन, लोहटिया में इसरा के बैनर तले जुलूस के विशिष्ट अतिथियों का माल्यार्पण किया गया। इसके बाद हरी झंडी दिखाकर हाजी अबु ज़फर ने जुलूस को आगे रवाना किया। डॉ. ओमशंकर, डॉ. ए. के. कौशिक डॉ. अफ़ज़ल, डॉ. हैदर अली, भाई के. के. सिंह, इसरा के जनरल सेक्रेटरी डॉ मोहम्मद फारुख ने बुके पेश किया और माल्यार्पण कर हार्दिक बधाई दी। कई स्थानों पर चाय कॉफी का स्टाल लगाया गया था। इस जुलूस की अध्यक्षता मुफ्ती बोर्ड के अध्यक्ष मौलाना मुफ्ती अब्दुल हादी खां रिजवी ने किया। जुलूस का नेतृत्व मुफ़्ती बोर्ड के सेक्रेटरी व जामा मस्जिद के शाही इमाम और नवनिर्वाचित सदर काज़ी-ए-शहर बनारस मौलाना हसीन अहमद हबीबी कर रहे थे। जुलूस में सरकार की आमद मरहबा , मुख्तार की आमद मरहबा...के नारे लग रहे थे। जुलूस में कई मुस्लिम संगठन ने भी अपने स्टॉल गौरीगंज, मदनपुरा, चौक, बुलानाला, लोहटिया, आदि पर लगाया था। जलूस अपने परम्परागत रास्ते से होता हुआ गोदौलिया, नीचीबाग, मैदागिन, कबीरचौरा पियरी, होते बेनियाबाग पहुंचा। बनारस के कई मुहल्लों के छोटे छोटे जुलूस जैसे अर्दली बाजार, अहाता उल्फत बीबी, गोलघर, नदेसर, तेलियाबाग, लहुराबीर पियरी, पर जाकर मुख्य जुलूस मे शामिल हो गया और एक छोटा जुलूस शक्कर तालाब, जलालीपुरा, गोलगड्डा, पीलीकोठी, विशेश्वरगंज होते हुए मुख्य जुलूस में मैदागिन पर जाकर मिल गया। इसके अतिरिक्त बजरडीहा लल्लापुरा आदि स्थानों से भी छोटे छोटे जुलूस बड़े जुलूस में शामिल हो गये। जुलूस को देखने के लिए सड़कों के दोनों तरफ मकानों पर महिलाओं व बच्चों की भीड़ थी। 








बेनियाबाग मैदान में जलसा

जुलूस बेनियाबाग में पहुंचकर जलसे के रूप में परिवर्तित हो गया। जलसे का आगाज़ कारी कौसेन मोअज्जम ने कुरान की तिलावत से किया तो मौलाना अंजुम रजा नूरी इलाहाबाद व मौलाना उजैर आलम साहब हकाकटोला, अल्लामा अब्दुल मोईद रज़ा कादरी, मौलाना हमज़ा शैदा इस्माईली ने हुजूर की पैदाइश,उनकी सीरत और अमन की तालीम पर रौशनी डाली।  अवाम शायरों में मोहम्मद कौसर बरकाती, आरिफ शमीम, वसीम अत्तारी. आबिद जमाल, दानिश अत्तारी. शाहजेब अख्तर इत्यादी लोग शामिल थे। इसके अतिरिक्त गणमान्य नागरिकों में केके सिंह, हाजी अब्दुल अमीन, हाजी अमीर अहमद, हाजी अनीस (मुंशी), हाजी हाफिज जावेद अख्तर, हाजी हाफिज नूर, हाफ़िज़ शोएब अहमद, हाफ़िज़ मूसा, डाक्टर हम्ज़ा आदि लोग शामिल थे। मौलाना हसीना अहमद हबीबी सदर काज़ी-ए-शहर बानरस ने हिंदुस्तान की खुशहाली के लिए दुआ की व सभा का समापन हजरत अल्लामा मौलाना सय्यद कौसर रब्बानी साहब की दुआ (प्रार्थना) और सलातो सलाम पर संपन्न हुआ।