रविवार, 26 अक्टूबर 2025

बरेका में स्पेशल कैंपेन 5.0 एवं स्वच्छता अभियान 2025

कार्यालयों एवं  रेलवे ट्रैक्स की गहन सफाई के साथ चला स्वच्छता जागरूकता अभियान


F.farooqui/Santosh nagvanshi

Varanasi (dil india live). रेल मंत्रालय, भारत सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुपालन एवं महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन में बनारस रेल इंजन कारखाना को प्रमुख मुख्य  कार्मिक अधिकारी, उप मुख्य  कार्मिक अधिकारी /मुख्यालय एवं उप मुख्य  कार्मिक अधिकारी /कर्मशाला के कार्यालयों में विशेष स्वच्छता जागरूकता अभियान चलाया गया। यह कार्यक्रम बरेका के स्वच्छ भारत मिशन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ, जिसमें कार्यालय परिसर को स्वच्छ, व्यवस्थित और पर्यावरणअनुकूल बनाने पर विशेष बल दिया गया। 

स्पेशल कैंपेन 5.0 के तहत प्रमुख मुख्य  कार्मिक अधिकारी, उप मुख्य  कार्मिक अधिकारी /मुख्यालय एवं उप मुख्य  कार्मिक अधिकारी /कर्मशाला के कार्यालयों में साफ सफाई और व्यवस्थित रखरखाव, पुराने रिकॉर्ड्स का उचित प्रबंधन, अनुपयोगी सामान और फर्नीचर का निस्तारण, स्थान प्रबंधन और कार्यालयों का सौंदर्यीकरण, स्क्रैप सामग्री का प्रभावी निस्तारण किया गया। अभियान के दौरान कार्यालय परिसर में गहन सफाई अभियान चलाया गया, जिसमें अधिकारियों, कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस कार्यक्रम ने न केवल दैनिक कार्यक्षमता को बढ़ावा दिया, बल्कि संसाधनों के कुशल उपयोग और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी योगदान दिया।



एक अन्य कार्यक्रम में स्वच्छता अभियान 2025 के अंतर्गत बरेका कारखाना परिसर के बाहर स्थित रेलवे ट्रैक्स की गहन सफाई के साथ एक स्वच्छता जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। कार्यक्रम के दौरान सिविल विभाग द्वारा रेलवे ट्रैक्स और आसपास के क्षेत्रों में गहन सफाई अभियान चलाया गया। कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और स्वच्छता के महत्व को रेखांकित करने वाली गतिविधियों में सक्रिय रूप से योगदान किया।

यह अभियान बरेका के कर्मचारियों और समुदाय को स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।  बरेका का यह प्रयास रेल मंत्रालय के स्वच्छ भारत मिशन के उद्देश्यों को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो स्वच्छता, सुरक्षा और दक्षता को बढ़ावा देगा।

शनिवार, 25 अक्टूबर 2025

Bihar ही नहीं UP K Varanasi Main भी लोकपर्व छठ की धूम

नहाय खाय संग लोक आस्था का पर्व छठ शुरू 

बाजारों में रौनक, फलों-सामानों की खरीदारी में जुटे श्रद्धालु


एफ.फारूकी/संतोष नागवंशी

Varanasi (dil india live)। बिहार ही नहीं लोक आस्था का महापर्व छठ पूजा अब काशी में भी अपनी खास पहचान बना चुका है। शहर के कोने-कोने में छठ की तैयारी जोर-शोर से चल रही है। बाजारों में फलों, दौरा-सूप और पूजन सामग्री की दुकानों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है। नहाय खाय संग शनिवार से शुरू हुए पर्व को लेकर महिलाओं और पुरुषों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिल रहा है। रविवार को दूसरे दिन खरना है।

शहर के लंका, बीएचयू, भेलूपुर, चेतमणी चौक, चितईपुर, सिगरा, अर्दली बाज़ार, पांडेयपुर, लालपुर सहित प्रमुख बाजारों में फलों की विशेष सजावट की गई है। पूजा के दौरान उपयोग होने वाले मौसमी फल केला, सेब, मौसमी, अनार, अमरूद, सिंघाड़ा, नारियल, कच्ची हल्दी और अदरक की मांग सबसे अधिक थी। हालांकि, इस बार महंगाई का असर बाजार में साफ दिखाई दे रहा है, लेकिन श्रद्धालु आस्था के आगे किसी भी कीमत की परवाह नहीं कर रहे और बढ़-चढ़कर खरीदारी कर रहे हैं। छठ पूजा सूर्य देव को समर्पित पर्व है। इसमें माताएं और महिलाएं अपने परिवार की सुख-समृद्धि और संतान की लंबी उम्र की कामना से कठोर व्रत रखती हैं।

जाने पर्व की प्रमुख विधियां क्या हैं
  • पहला दिन – नहाय-खाय 

  • दूसरा दिन – खरना 

  • तीसरा दिन – डूबते सूर्य को अर्घ्य 

  • चौथा दिन – उगते सूर्य को अर्घ्य देकर पारण

इस दौरान घर से लेकर घाटों तक सफाई का विशेष ध्यान रखा जाता है। शहर के घाटों, तालाबों और सरोवरों पर लोग पहुंचकर घाटों की सफाई, बेदी निर्माण और सजावट में जुटे हुए हैं। पहले जहां यह पर्व मुख्य रूप से बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश तक सीमित था, वहीं अब काशी में भी इसकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। ग्रामीण इलाकों की महिलाएं भी परंपरागत तरीके से छठ पर्व मनाने लगी हैं।

संकल्प, शुचिता और अनुशासन से भरे इस पर्व में सांस्कृतिक जुड़ाव और आस्था की अनोखी झलक देखने को मिलती है। काशी में गंगा किनारे इस महापर्व के आयोजन से शहर में भी बिहार संस्कार का सुंदर संगम दिखाई पड़ता है। आस्था और उल्लास से परिपूर्ण छठ महापर्व के चलते काशी की बाजारों से लेकर घाटों तक रौनक साफ झलक रही है, और शहर पूरी तरह इस आध्यात्मिक पर्व की तैयारी में जुटा हुआ है।




Huzur Mujahid-E-Millat के सच्चे सिपाही थे Ali Azam हबीबी

मरहूम अली आज़म हबीबी की बरसी मनाई गई



 

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil india live)। अंजुमन तबलीग अहले सुन्नत व दावते नमाज़ के पूर्व प्रबंधक मरहूम अली आज़म हबीबी (Ali Azam Habibi) की दीनी खिदमात को भुलाया नहीं जा सकता। वो आला हज़रत को मानने वाले व सूफिज़्म के सच्चे सिपाही थे। हुजूर मुजाहिदे मिल्लत के मुरीद मरहूम अली आज़म हबीबी ने हुजूर मुजाहिदे मिल्लत के मिशन नेकी और नमाज़ की दावत, दीन की खिदमत को अपनी जिंदगी का मक़सद बनाया। उत्तर प्रदेश के मऊ जिले की मोहम्मदाबाद गोहना तहसील के बंदीकला (नगरीपार गांव) में जन्मे अली आज़म हबीबी शिक्षा दीक्षा के बाद जिला उद्योग केन्द्र वाराणसी (DiC Varanasi) में कार्यरत होने के चलते शुरू से ही बनारस के गौरीगंज में किराये के मकान में रहते थे। यहीं पर दीनी जज़्बे और हुजूर मुजाहिदे मिल्लत की दुआ मिली और वो हुजूर के मिशन में लग गये। दीन की खिदमत के साथ ही बच्चो की परवारिश शिक्षा दीक्षा में भी उन्होंने कोई कोताही नहीं होने दी। दीन के लिए ही बरेली शरीफ से मिले फतवे पर उन्होंने नसबंदी कानून के खिलाफ नौकरी छोड़ दी, बाद में कानून वापस हुआ तो उन्न्हें फिर से बुलाकर उक्त सरकारी नौकरी दी गई। दीन की राह में ये उनकी पहली ज़ीत समझी जा सकती है। सैकड़ों लोगों को उन्होंने दीन का रास्ता दिखाया। हुजूर मुजाहिदे मिल्लत की कायम अंजुमन तबलीग अहले सुन्नत व दावते नमाज़ के वो आजीवन प्रबंधक थे। वर्ष 2000 में जब वो जिला उद्योग केन्द्र से रिटायर हुए तो जो फंड विभाग से मिला उससे उन्होने 2002 में अर्दली बाजार में एक जमीन खरीदकर मकान बनवाया और वो वहीं सपरिवार रहने लगे। 

टकटकपुर कब्रिस्तान में हुए थे सुपुर्दे खाक 

वर्ष 2019 में बीमारी के बाद 24 दिसंबर, (27 रबीउल आखिर) को वो दुनिया से रुख्सत हो गये। उन्हें टकटकपुर कब्रिस्तान में सुपुर्दे खाक किया गया था। उनकी बरसी पर अर्दली बाजार में फातेहा का आयोजन किया गया। जिसमें घर के लोग और अज़ीज़ शामिल हुए। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि अली आज़म हबीबी हमेशा क़ौम की बेहतरी, बेदारी के लिए जीते रहें। किसी का कभी बुरा नहीं चाहा। किसी का हक नहीं मारा। हमेशा दूसरों की वो मदद के लिए तत्पर रहते थे।

शुक्रवार, 24 अक्टूबर 2025

Sport: DAV PG College Main हुआ सांसद खेलकूद प्रतियोगिता का शुभारंभ

खेलो के प्रति बदला है लोगों का नजरिया- डॉ. नीलकंठ तिवारी 


Varanasi (dil india live)। डीएवी पीजी कॉलेज के स्व. पीएन सिंह यादव स्मृति खेल मैदान (PN Singh yadav Memorial Sport Field) में शुक्रवार को काशी सांसद खेलकूद प्रतियोगिता (कोतवाली जोन) के चौथे सत्र का शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि शहर दक्षिणी के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी एवं डीएवी पीजी कॉलेज के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव ने दीप प्रज्ज्वलित कर खेलों का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा विधायक डॉ. नीलकण्ठ तिवारी ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा को निखारने, उन्हें उचित मंच प्रदान करने और उनके स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के लिए चार वर्ष पूर्व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने सांसद खेलकूद प्रतियोगिता की शुरुआत की। आज धीरे - धीरे यह अपने मुकाम पर पहुंच रहा है। यह आयोजन युवाओं को राष्ट्रीय अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में भी सहायक हो रहा है। यह प्रधानमंत्री की ही प्रेरणा का प्रभाव है कि खेलों के प्रति लोगो का नजरिया बदला है, करोड़ो करोड़ रुपये आज सरकार खेलों में ओर खिलाड़ियों की सुविधाओं में खर्च कर रही है जिसका सकारात्मक परिणाम भी अब दिखलाई पड़ रहा है। इस मौके पर उन्होंने सभी प्रतिभागी खिलाड़ियों को शुभकामना भी दी। 


महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन का साधन मात्र नहीं है बल्कि राष्ट्र, समाज के सर्वांगीण विकास की सबसे अहम कड़ी है।

अतिथियों का स्वागत कॉलेज के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह ने स्मृति चिन्ह प्रदान कर किया। संचालन प्रो. मीनू लाकड़ा ने किया। इस मौके पर सहायक नगर आयुक्त मृत्युंजय नारायण, कर अधीक्षक दिलशाद हिदायत, हरिबंश सिंह, डॉ. पारुल जैन, डॉ. शान्तनु सौरभ, राजीव सिंह डब्बू, संदीप चौरसिया, योगेश सिंह सहित बड़ी संख्या में गणमान्य जन उपस्थित रहे।

प्रतिभागियों ने एथलेटिक्स में दिखाए दम

 कॉलेज मैदान में एथलेटिक्स की 100, 200, 400, 800 मीटर दौड़ के अलावा कबड्डी, बॉलीबॉल, रस्साकशी, बैडमिंटन, चीनअप, पुशअप जैसे आयोजनों में 400 से अधिक प्रतिभागियों ने दमखम दिखाया।

BLW Varanasi Main सूर्य सरोवर व्रतियों के लिए तैयार

छठ पूजा से पहले 108 बार होगा हनुमान चालीसा का पाठ


F. farooqui/Santosh

Varanasi (dil india live)। आगामी 27 अक्टूबर से शुरू होने वाले छठ समिति के कार्यक्रम की तैयारियां BLW में जोरों पर है। बरेका स्थित सूर्य सरोवर (Surya Sarowar) पर छठ पूजा के लिए खास तैयारियां की जा रही हैं। सरोवर के चारों तरफ झालरों से आकर्षक सजावट होगी। छठ पूजा के दौरान सूर्य सरोवर पर हर वर्ष काफी भीड़ होती है।भीड़ को नियंत्रित करने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से पास का प्रबंध किया गया है।

समिति ने आयोजन स्थल पर व्यापक साफ-सफाई की व्यवस्था की है। घाटों और सीढ़ियों की सफाई के साथ ही रंग-रोगन का कार्य भी हो रहा है। कुंड में पूरी तरह से पानी भरा जाएगा। सरोवर के चारो तरफ व्रती महिलाओं के लिए 22 चेंजिंग रूम भी बनाए गए हैं। सरोवर में प्रवेश के लिए तीन द्वार बनाये गए है। समिति के अध्यक्ष चंद्रेश्वर ओझा ने कार्यक्रम की लिस्ट पर रौशनी डाली। बताया कि 27 अक्टूबर को भजन संध्या का आयोजन किया गया है। जिसमें भक्तिमय माहौल के बीच भजनों का आनंद लिया जा सकेगा। रात्रि में 108 बार हनुमान चालीसा का पाठ होगा। अगले दिन 28 अक्टूबर को सुंदरकांड का पाठ होगा। 


श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग व्यवस्था 

समिति के महामंत्री अजय कुमार ने जानकारी दी कि छठ पूजा में शामिल होने के लिए आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था तीन स्थानों पर की जाएगी। श्रद्धालु अपने वाहनों को बरेका इंटर कॉलेज मैदान, बरेका पुलिस चौकी के सामने वाली कॉलोनी और बाल निकेतन स्कूल के पास पार्क कर सकेंगे। पार्किंग की इस व्यवस्था से यहां तक पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।

सात नवम्बर को होगी छठ की शुरुआत 
इस मौके पर विभिन्न संस्थाओं की तरफ से रातभर जगह जगह निःशुल्क चाय के स्टाल भी लगाए जाएंगे। वहीं सात नवम्बर को बरेका के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के सायंकालीन अर्घ्य के साथ छठ पूजा की शुरुआत होगी। 

गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025

वलियों, बुजुर्गों के दर पर बरसती है Allah की रहमत-Maullana Mubarak

अमनपुरी कालोनी में सजी मिलादुन्नबी की महफ़िल


Varanasi (dil india live). वलियों, बुजुर्गों के दर पर अल्लाह की रहमत बरसती है। वलियों को रब ने वो ताकत अता की है जिसके दम पर वो लोगों की हर तकलीफ़, हर मन्नतें व मुरादें पूरी करते हैं। इसलिए हम सबको चाहिए की बुजुर्गों के आस्ताने पर जाएं और फ़ैज़ हासिल करें।

कुछ ऐसी ही तकरीर मशहूर आलिमे दीन Maullana Hafiz Mubarak (मौलाना हाफिज मुबारक) साहब ने अमनपुरी कालोनी में आयोजित मिलादुन्नबी की महफ़िल को खेताब करते हुए कही। मोहम्मद आमिर (Md Aamir) के संयोजन में हुए इस आयोजन में मौलाना मुबारक ने अपनी दलीलों से साबित किया कि सूफिज्म का रास्ता ही अमन, मोहब्बत और आखिरत की कामयाबी का रास्ता है। उन्होंने तमाम लोगों से सूफिज्म के रास्ते पर चलने की वकालत की। इस दौरान दीन, दुनिया और आखिरत संवारने के लिए नमाज़ की पाबंदी पर भी उन्होंने जोर दिया। तकरीर के बाद मिलाद शरीफ हुआ व नमाज़े इशा भी जमात से अदा की गई। हाफिज बख्तियार (Hafiz Bakhtiyar), शायर बशर बनारसी (Shayar Bashar Banarasi) ने अपने नातिया कलाम से लोगों को फैजयाब किया। 

गूंजे दुआओं के बोल...

मिलादुन्नबी की महफ़िल में दुआएं मांगी गईं कि अल्लाह अपने हबीब के सदके में हम सबकी दीन, दुनिया और आखिरत संवार दे, हमारा मुल्क तरक्की करें, मुल्क में अमन और सुकुन रहे... आमीन। इस दौरान लोगों ने लंगर का लुत्फ उठाया। आखिर में मोहम्मद आमिर ने आए हुए मेहमानों का शुक्रिया अदा किया।

Varanasi Main Rabiul Aakhir k Aakhiri जुमेरात को आस्तानों पर उमड़े जायरीन

दुनिया को आज फिर है जरूरत हुसैन की-सैयद फरमान हैदर


Mohd Rizwan 

Varanasi (dil india live). रबीउल आखिर के आखिरी जुमेरात (Last Thursday) को आस्तानों व बुजुर्गों के दर पर जायरीन का हुजूम उमड़ा। लोगों ने फातेहा और जियारत के साथ ही लोगों में तबर्रुक भी तकसीम किया। 

उधर दरगाहे फातमान (Dargah-fhatmaan) में मजलिस हुई। मजलिस को खिताब करते हुए शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता सैयद फरमान हैदर (Sayad Farman Haidar) ने कहा कि आज भी दुनिया में जिस तरह से हर तरफ जुल्मो-सितम का सिल-सिला जारी है और लोग मासुम व बेगुनाहों का कत्ल कर रहे है ऐसे दौर में शहीदाने कर्बला इमाम हुसैन (Imam Hussain) की याद और भी ताज़ा हो जाती है। जिन्होंने अजीम कुर्बानी पेश की, जुल्म के खिलाफ आवाज बुलन्द कर सारी दुनिया में इंसानियत का परचम लहराया। मजलिस में समर बनारसी, तफसीर जौनपुरी ने कलाम पेश किया। हाजी आलिम, हैदर मौलाई शब्बीर हुसैन, शाहिन हुसैन आदि ने नौहाख्वानी व मातम किया। इस अवसर पर बड़ी सख्या में मर्द और ख्वातिन ने देश और दुनिया में शांति व खुशहाली के लिए दुआख्वानी की। 

दूसरी ओर कालीमहाल के अज़ाखाना- इमदाद-फुरकान में मजलिस का आयोजन आबिद नकवी के संयोजन में किया गया। मौलाना युसुफ मशहदी ने इमाम हुसैन व कर्बला वालों का किरदार बताते हुए कहा कि सभी को इमाम हुसैन के नाना हजरत मोहम्मद के बताये हुए रास्ते पर चलना चाहिए। हज़रत मोहम्मद पूरी कायनात के आइडियल हैं। इस अवसर पर कई शायरों ने कलाम पेश किया और अन्जुमनों ने नौहाख्वानी व मातम किया।

जमादिउल अव्वल का चांद दिखा
शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता  हाजी फरमान हैदर ने बताया कि इस्लामी कैलेण्डर के पांचवी महिने के चांद का दिदार हुआ इस माह में चैथे इमाम जैनुलआब्दीन की जयन्ती तथा बीबी फातिमा के शहादत के सीलसीले से मजलिशों का आयोजन होगा।