गुरुवार, 9 अक्टूबर 2025

UP के Barabanki में देवा मेले का भाव उद्घाटन

डीएम की पत्नी ने फीता काट कर उड़ाए कबूतर


Mohd Rizwan 

Barabanki (dil India live). बाराबंकी (Barabanki) के sufi sant haji waris ali shah (सूफी संत हाजी वारिस अली शाह) की पावन धरती देवा शरीफ (dewa) में शुरू हुआ परंपरागत मेला इस बार भी अपने रंगारंग और भव्य आयोजन के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है। मेले का जिलाधिकारी शशांक त्रिपाठी की पत्नी शैलजा त्रिपाठी ने शेख हसन गेट पर फीता काटकर और कबूतर उड़ाकर भव्य उद्घाटन किया। 

शहनाई की मधुर धुन और पीएसी बैंड की ताल से वातावरण और भी जीवंत हो उठा। मेले में कमेटी के पदाधिकारी, एसपी अर्पित विजयवर्गीय सहित तमाम वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे। जैसे ही शैलजा त्रिपाठी ने फीता काटा, तालियों की गड़गड़ाहट ने पूरे स्थल को उत्साह से भर दिया। इसके बाद सभी अधिकारी और अतिथि पीएसी बैंड के साथ सांस्कृतिक पंडाल की ओर बढ़े, जहां मेला की रंगीन सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का शमां रौशन कर आगाज़ किया गया।

UP: Varanasi Main करवाचौथ का भव्य उत्सव

करवाचौथ उत्सव “सजना है मुझे सजना के लिए” धूमधाम से मनाया गया 


Varanasi (dil india live). Kashi (काशी) प्रबुद्ध महिला मंच द्वारा करवाचौथ का भव्य उत्सव “सजना है मुझे सजना के लिए” होटल करी लीफ़ में धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की अध्यक्ष अंजली अग्रवाल ने त्योहारों की शुभकामनाएं व करवाचौथ पर्व की बधाई देकर सभी को हमेशा सुहागन रहे की कामना की, जबकि संचालन एवं संयोजन की जिम्मेदारी प्रिया अग्रवाल, रीता अग्रवाल एवं ममता जायसवाल ने निभाई।

कार्यक्रम की शुरुआत अतिथि स्वागत से हुई, तत्पश्चात मंच की सदस्याओं ने एक से बढ़कर एक रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दीं, जिन्होंने सभी का मन मोह लिया। मंच की ओर से एक निर्धन कन्या के विवाह हेतु सहयोग राशि भी एकत्र की गई, जिससे कार्यक्रम का उद्देश्य और भी सार्थक बन गया।

इस अवसर पर विभिन्न रोचक प्रतियोगिताएँ भी आयोजित की गईं, जिनमें “करवा क्वीन”रेनू कैला ,मेहंदी लगे हाथ” रीता अग्रवाल और “करवा थाल” अंजलि अग्रवाल को प्रतियोगिताओं की विजेताओं को आकर्षक उपहार प्रदान किए गए।

सभी सदस्याएँ लाल परिधान में सोलह श्रृंगार से सुसज्जित होकर पहुँचीं, जिससे कार्यक्रम का वातावरण उत्सवमय और मनमोहक बन गया। कार्यक्रम के दौरान कन्वीनर्स ने करवाचौथ व्रत कथा सुनाई, जिसे सभी ने श्रद्धापूर्वक सुना।

इनकी रही खास मौजूदगी 


कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रेनू कैला, नीतू सिंह, ममता तिवारी, नूतन चंद्रा, शालिनी, गीता, पूनम कश्यप, ऋचा, लिपिका आदि सदस्याएँ उपस्थित थीं। अंत में धन्यवाद ज्ञापन रेनू  कैला द्वारा किए जाने के साथ ही आयोजन का विधिवत समापन हुआ।

बुधवार, 8 अक्टूबर 2025

Education:Mahatma Gandhi Kashi Vidyapeeth का 47 वां दीक्षांत समारोह

101 छात्र-छात्राओं को मिला स्वर्ण पदक, तीन ट्रांसजेंडर भी शामिल 

अदब जहांगीर को उनके खास शोध के लिए मिली उपाधि 

"महात्मा गांधी की बुनियादी शिक्षा के संदर्भ में इस्लामी मदरसों के दृष्टिकोण का अध्ययन" पर अदब ने किया शोध


Varanasi (dil india live). आज रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 47 वें दीक्षांत समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों के छात्रों को उपाधियां प्रदान की गईं। UP की राज्यपाल और कुलाधिपति महामहिम आनंदीबेन पटेल ने स्वयं दीक्षांत समारोह में विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान की। इस बार पहली बार महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ का दीक्षांत समारोह (MGKVP Convocation) विश्वविद्यालय परिसर से बाहर रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित किया गया। कुलाधिपति और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कार्यक्रम का शुभारंभ किया। समारोह में 101 छात्रों को 103 स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। खास बात यह रही कि इस बार तीन ट्रांसजेंडर विद्यार्थियों को भी स्नातकोत्तर की उपाधि दी गई। समारोह की मुख्य अतिथि एआईआईएमएस, नई दिल्ली की पद्मश्री प्रोफेसर सरोज चूड़ामणि रहीं।

समारोह के दौरान अर्दली बाजार निवासी गांधी विचार के शोध छात्र अदब जहांगीर को पीएच.डी. की उपाधि से सम्मानित किया गया। अब अदब Dr. अदब जहांगीर के नाम से जाने जाएंगे।

महात्मा गांधी और मदरसों पर शोध 

अदब जहांगीर का शोध विषय "महात्मा गांधी की बुनियादी शिक्षा के संदर्भ में इस्लामी मदरसों के दृष्टिकोण का अध्ययन" है। यह विषय वर्तमान सामाजिक और शैक्षिक परिप्रेक्ष्य में अत्यंत प्रासंगिक माना जा रहा है। उनके शोध में यह स्पष्ट किया गया कि महात्मा गांधी के शैक्षिक विचार न केवल राष्ट्रीय शिक्षा नीति की नींव हैं, बल्कि समाज में व्याप्त अनेक बुराइयों को दूर करने और आदर्श मानव के निर्माण में भी सहायक सिद्ध होते हैं।


गांधी जी और मदरसों के दृष्टिकोण
उन्होंने अपने शोध के माध्यम से यह दर्शाया कि यदि गांधीजी की बुनियादी शिक्षा और इस्लामी मदरसों के शैक्षिक दृष्टिकोण को एक साझा मंच पर लाया जाए, तो एक ऐसी समावेशी एवं मानवतावादी शिक्षा प्रणाली का निर्माण संभव है, जो वैश्विक स्तर पर भारत की अद्वितीय पहचान बना सकती है। समारोह में कुलपति, प्राचार्यगण, शिक्षकगण, शोधार्थी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं उपस्थित रहे।

राज्यपाल ने बेटियों को किया सतर्क 

रुद्राक्ष कन्वेंशन सेंटर में आयोजित महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के 47 वें दीक्षांत समारोह को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने छात्राओं को जीवन से जुड़ी महत्वपूर्ण सलाह दी। उन्होंने कहा कि आजकल लिव-इन रिलेशनशिप का चलन बढ़ गया है, इससे सावधान रहना चाहिए।
उन्होंने कहा, “ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जो बेहद दर्दनाक हैं। पिछले कुछ दिनों से ऐसी घटनाओं की खबरें मिल रही हैं, जिन्हें सुनकर मन व्यथित हो जाता है। समाज में ऐसे लोग हैं जो उपयोग के बाद आपको छोड़ देते हैं। इसलिए सही निर्णय लीजिए और खुद को सुरक्षित रखिए।”
राज्यपाल ने आगे कहा कि हाल ही में एक हाईकोर्ट के जज ने उनसे पॉक्सो एक्ट से जुड़ी चिंताओं पर चर्चा की थी। उन्होंने बताया कि अपराधी अक्सर भाग जाते हैं और न्याय में देरी होती है। इस पर राज्यपाल ने विश्वविद्यालयों से कहा कि उन्हें इस विषय पर सर्वे या पहल के जरिए बच्चियों तक पहुंचना चाहिए ताकि उन्हें सुरक्षा और मार्गदर्शन मिल सके। राज्यपाल ने बताया कि उन्होंने 40 लड़कियों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की थी, जिनमें से चार ने अपनी दर्दभरी कहानियां सुनाईं। किसी ने बताया कि पिता प्रताड़ित करते थे, किसी ने मामा, काका या पड़ोसी का नाम लिया। उन्होंने कहा, “इन बच्चियों ने साहस दिखाया, पुलिस में रिपोर्ट की, और अब अपराधी जेल में हैं। लेकिन जब मैंने बाकी बच्चियों की बातें सुनीं, तो दिल दहल गया।”
उन्होंने कहा कि करीब 80 ऐसी बेटियों से भी मैंने मुलाकात की जो लिव-इन में रहने के बाद छोड़ दी गईं। “किसी के पास दो महीने का बच्चा था, किसी के पास एक साल का। 

UP : Varanasi Main Munshi Premchand की 89 वीं पुण्य तिथि मनाई गई

काशी के लाल को पुष्प अर्पित कर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि


Varanasi (dil india live). उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद शोध एवं आवासीय विकास समिति के तत्वाधान में उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद की 89 वीं पुण्य तिथि श्रद्धापूर्वक उनके जन्मस्थली लमही में मनायी गयी। लोगों ने काशी के लाल को पुष्प अर्पित कर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। 
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉक्टर दुर्गा प्रसाद ने कहा मुंशी जी को आज स्कूल कॉलेज, विश्वविद्यालयों में स्थापित करने की आवश्यकता है। इससे किशोर व युवा पीढ़ी में साहित्य एवं देश प्रेम के प्रति लगाव व जागरुकता बढ़ेगी। काशी विद्यापीठ के वर्तमान वाइस चांसलर इस क्षेत्र में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। 

प्रेमचंद के दर्शन को प्रचारित करने पर जोर 
विशिष्ट वक्ता डॉक्टर हीरालाल यादव ने कहा काशी की साहित्यिक गतिविधियों को और गतिशील बनाने में प्रेमचंद जी के जीवन दर्शन को प्रचारित प्रसारित करने की आवश्यकता है। मुख्य रूप से डॉक्टर जयशंकर जय, शिवकुमार पराग, रत्नेश श्रीवास्तव, डॉक्टर ईश्वर चंद्र पटेल, शंकर आनंद ,पप्पू राजभर आदि लोग उपस्थित रहे। डॉक्टर दुर्गा प्रसाद श्रीवास्तव ने लोगों का आभार व्यक्त किया।

Bhartiya Patrakar Sangh का 25 वां जिला सम्मेलन Ghazipur में सम्पन्न

भापस के मनोज कुमार गुप्ता गाजीपुर के नये जिलाध्यक्ष 



Ghazipur (dil india live). भारतीय पत्रकार संघ का 25वा जिला सम्मेलन डीएवी इण्टर कालेज में संपन्न हुआ जिसमें मुख्य अतिथि राष्ट्रीय अध्यक्ष उमेश चंद्र द्विवेदी ने पत्रकारों की एकता पर बल देते हुए कहा कि हम सब एक होकर ही मजबूती से अपनी लड़ाई लड़ और जीत सकते हैं। राष्ट्रीय अध्यक्ष उमेश चंद्र द्विवेदी ने कहा कि पत्रकार बनना इतना आसान नहीं है पत्रकारिता सत्यता, ईमानदारी व निष्पक्षता का कार्य है। 


कलम से समाज की बुराईयां दूर करें 

विशिष्ट अतिथि डीएवी इण्टर कॉलेज के प्रबंधक और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अनुपम आनंद श्रीवास्तव ने कहा कि हमें अपनी कलम के जरिए समाज की बुराईयां दूर करना है। इस दौरान गाजीपुर, बलिया, मऊ एवं आजमगढ़ के अन्य पदाधिकारी और पत्रकार बंधु भी इस सम्मेलन में शामिल हुए ।गाजीपुर के जिला अध्यक्ष अरविन्द कुमार को प्रदेश संगठन मंत्री और मनोज कुमार गुप्ता को जिला अध्यक्ष गाजीपुर बनाया गया। लोगों का स्वागत असलम खान ने किया।

सोमवार, 6 अक्टूबर 2025

Education: VKM Varanasi Main एनी बेसेंट के जन्म दिवसोत्सव का आगाज़

ऐनी बेसेंट का जीवन दर्शन सम्पूर्ण मानवता के उन्नयन के लिए प्रयास करना था-डा. रचना श्रीवास्तव 


Varanasi (dil india live). वसंत कन्या महाविद्यालय परिसर में एनी बेसेंट के जन्म दिवसोत्सव का शुभारंभ एनी बेसेंट के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। तत्पश्चात महाविद्यालय के कुलगीत को संगीत विभाग की विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर सीमा वर्मा के निर्देशन में तबले पर सौम्यकांति मुखर्जी के संयोजन में प्रस्तुत किया गया। अतिथियों का स्वागत महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव द्वारा उत्तरीय तथा पुष्पगुच्छ प्रदान कर किया गया। 

स्वागत उद्बोधन में प्राचार्या ने कहा कि ऐनी बेसेंट जी का जीवन दर्शन स्वामी विवेकानंद के दर्शन सदृश्य संपूर्ण मानवता में उस अद्वैत शक्ति को स्वीकार कर सम्पूर्ण मानवता के उन्नयन के लिए प्रयास करना था। ‘सभी का सम्पूर्ण विकास’ तथा इसी ध्येय की प्राप्ति के लिए महाविद्यालय निरंतर प्रयासरत है। इस क्रम में एनी बेसेंट से संबंधित डॉक्यूमेंट्री प्रस्तुत की गई, साथ ही हिंदी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर सपना भूषण की एनी बेसेंट पर आधारित पुस्तक का लोकार्पण हुआ। तत्पश्चात  महाविद्यालय के ‘रंगमंच’ द्वारा डा.नैरजना श्रीवास्तव द्वारा रचित तथा निर्देशित नाटक के अन्तर्गत एनी बेसेंट तथा मालवीय के काशी हिंदू विश्वविद्यालय के स्वरूप निर्माण, तथा महत्व एवं बेसेंट के अद्वितीय योगदान सम्बंधित अंतर्भाव को बड़े प्रभावपूर्ण ढंग से प्रस्तुत किया गया।


एनी बेसेंट के जन्म दिवसोत्सव पर आयोजित कार्यक्रमों की श्रृंखला में निबंध प्रतियोगिता 29 सितंबर को आयोजित की गई थी। जिसमें कुल 67 प्रतिभागियों ने प्रतिभा किया था। उक्त प्रतियोगिता से संबंधित सर्टिफिकेट वितरण महाविद्यालय की प्राचार्या तथा सम्मानीय अतिथि द्वारा किया गया। प्रोफेसर कुमुद रंजन द्वारा अपने व्याख्यान में कहा कि एनी बेसेंट का जीवन प्रत्येक छात्रा के लिए एक प्रेरणा है।हम सभी को उनके जीवन तथा दर्शन को सम्पूर्ण मानवता के विकास के लिए अंगीकार करना चाहिए। 

इनकी रही खास मौजूदगी 

कार्यक्रम में हिंदी विभाग की विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर आशा यादव, दर्शन विभाग की विभाग अध्यक्ष प्रोफेसर ममता मिश्रा, इतिहास विभाग की विभागाध्यक्षा प्रो. पूनम पांडे, डॉ मंजू कुमारी, डॉ. पूर्णिमा, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. आरती चैधरी, डॉ. शशिकेष कुमार गोंड, डॉ. सिमरन सेठ, डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव, डॉ. पूनम , डॉ. मालविका, डॉ. राजलक्ष्मी आदि उपस्थित थी। कार्यक्रम का आयोजन डॉ. प्रतिमा सिंह (दर्शन विभाग) द्वारा तथा संचालन डॉ. प्रीति विश्वकर्मा द्वारा किया गया।

Bharat को मज़बूत करने में अहम रोल अदा कीजिए- Maulana Hasin Ahmad Habibi

मस्जिद कमच्छा में मनाया गया जश्ने ग़ौसुलवरा


Varanasi (dil india live). ईदगाह मस्जिद अमीर बाछण कमच्छा वाराणसी में जशने न गौसे आजम अकीदत के साथ मनाया गया। मौलाना हसीन अहमद हबीबी (सदर क़ाज़ी ए शहर) ने सदारती तकरीर को ख़ेताब करते हुए कहा कि जश्ने गौसे आज़म यानी गौसे पाक की करमतें, मुर्दा जिंदा कर देना, समुद्र में कश्ती को पार लगा देना, साथ ही दुनिया भर के किसी हिस्से से आपका मुरीद आवाज़ दे आप वहीं से बैठे-बैठे अल्लाह की अता से हाथ बढ़ाकर उसकी मदद फरमाते हैं यह सारी चीज़ अपनी जगह मुसल्लम है, मगर सरकार गौसे पाक की 11वीं का मकसद कत्तई तौर पर यह नहीं है कि आप मोहर्रम शरीफ का मलीदा, रबीउल अव्वल का जुलूस, 11वीं शरीफ के महीने का लंगर, शबे बरात का हलवा, मोहर्रम का खिचड़ा, चादर गागर  उर्स और इन तमाम नवाफिल में रह कर आप फराइज़ को छोड़ दें। ऐसा कतई नहीं बल्कि 11 रहीं शरीफ का असल मकसद यह है कि आप अपने देश और अपने वतन को मज़बूत करने के लिए इत्तेहाद पर ज़ोर दीजिए। 


इत्तिहाद पर काम करिए एक जगह इकट्ठा होइये बैठिए और मुल्क और वतन के हालात पर गौर व फिक्र करके भारत को मज़बूत करने में अहम रोल अदा कीजिए साथ ही साथ जलसे में हज़रत मौलाना सैयद तनवीर साहब इमाम मस्जिद अमीर बाछण मैं ख़ेताब किया   आपने अपने किताब में गौसे पाक की मशहूर मशहूर करमतों का जिक्र किया आखिर में सलातो सलाम और दुआ पर जलसे का इखतेताम हुआ। जलसे के इखतेताम के बाद लंगरे ग़ौसिया तक़सीम किया गया जिसका एहतेमाम जनाब मोहम्मद अख्तर (बबलू भाई) और उनके साथियों ने किया।