मंगलवार, 26 अगस्त 2025

UP K Varanasi Main मशहूर शायर नसीर बनारसी की पत्नी का निधन

आज शाम असर की नमाज के बाद होंगी सुपुर्द-ए-खाक 


F. Faruqui Babu 

Varanasi (dil India live). मशहूर शायर व दूरसंचार विभाग में लेखाधिकारी रहे मोहम्मद नसरुल्लाह (नसीर बनारसी) की शरीके हयात (धर्म पत्नी) हसीना बेगम का आज लंबी बीमारी के बाद भोर में इंतकाल हो गया। ककरमत्ता कब्रिस्तान में असर की नमाज के बाद उन्हें सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। 60 वर्षीय मरहूम हसीना बेगम अपने पीछे भरा पूरा परिवार छोड़ गयी हैं। उनके निधन की खबर से लोगों में शोक और अफसोस की लहर दौड़ गई। ककरमत्ता सिथत आवास पर अजीजों, रिश्तेदारों का हुजूम उमड़ पड़ा।

सोमवार, 25 अगस्त 2025

UP K Varanasi धर्मप्रान्त Main मनाया गया Bishop's Day

वाराणसी धर्मप्रांत के तीसरे धर्माध्यक्ष बने थे बिशप यूजीन 

Varanasi (dil India live)। 30 मई 2015 को विश्व मसीह समुदाय के बीच रोम से पूर्व पोप फ्रांसिस ने बनारस के बिशप के रूप में फादर यूजीन के नाम का ऐलान किया था। उनके ऐलान के बाद वो फादर यूजीन से बिशप यूजीन बन गये और 24 अगस्त को वो वाराणसी धर्मप्रांत के तीसरे धर्माध्यक्ष के रूप में इस पद पर आसिन हुए थे। उनके विशप बनाये जाने की वर्षगांठ पर बधाई देने वालों का बिशप हाउस में तांता लगा हुआ था। इस दौरान उन्होंने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि शांति के लिए काम करे और बेसहारों की मदद करें, यही प्रभु यीशु का दुनिया के लिए पैग़ाम था, अगर हम यीशु के पदचिन्हों पर चलें तो दुनिया में शांति फैल सकती है।

 धर्मप्रांत के तीसरे बिशप की वर्षगांठ 

गौरतलब हो कि 31 जुलाई 1958 को नागरकोल तमिलनाडु में जन्में बिशप यूजीन जोसफ की शुरुआती शिक्षा करमेल स्कूल नागरकोल से हुई। स्कूली शिक्षा के बाद उन्होंने सेंट तेरेसा माझ्नर सेमिनरी, अजमेर में अध्ययन किया और फिर सेंट चार्ल्स सेमिनरी नागपुर और 10 अप्रैल 1985 को वाराणसी सूबे के पुजारी के रुप में उनकी नियुक्ति की गयी। वाराणसी प्रांत के एक पुजारी के रूप में उन्हें सेंट थामस पैरिश, शाहगंज और सेंट थामस इंटर कालेज में सहायक पल्ली पुरोहित का जिम्मा मिला। सेंट जांस इंटर कालेज के प्रधानाचार्य, लुर्डेस पैरिश गाजीपुर के डीन का पद और पुरोहित वने। ऐसे ही विभिन्न पदों पर रहने के वाद दिसंबर 2013 को विशप राफी मंजली के इलाहावाद तवादला होने पर दिसंबर 2013 में वो बनारस धर्मप्रांत के प्रशासक चुने गये। तब से 30 मई 2015 को उन्हें बिशप बनाये जाने का ऐलान हुआ और 24 अगस्त को फादर यूज़ीन बिशप बनाये गये।

Varanasi K DAV PG College Main पूर्व प्रबंधक स्व. पीएन सिंह यादव की 21वीं पुण्यतिथि पर संगोष्ठी

सबको मिले समान अवसर, यही वास्तविक सामाजिक न्याय-डॉ. नीलकण्ठ तिवारी

Varanasi (dil India live). सोमवार को डीएवी पीजी कॉलेज में सामाजिक न्याय के पुरोधा एवं पूर्व प्रबंधक स्व. पीएन सिंह यादव की 21 वीं पुण्यतिथि पर आयोजित ’सामाजिक न्याय और समावेशी नीतियों की अवधारणा’ विषयक संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि शहर दक्षिणी के विधायक डा. नीलकण्ठ तिवारी ने कहा कि स्व. पीएन सिंह यादव का सामाजिक न्याय सबके उत्थान के लिए रहा, सबको एक समान अवसर मिले यही असली सामाजिक न्याय है। व्यक्ति के विकास की अवधारणा से ही से परिवार का, समाज का और देश का विकास संभव हो सकता है।

      विशिष्ट वक्तव्य देते हुए महाविद्यालय के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव ने कहा कि स्व. बाबू जी की सामाजिक न्याय की लड़ाई तभी सफल मानी जायेगी जब जातिगत भावना से परे सबको एक साथ जोड़ कर रखा जाए। खासतौर से शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करने की जरूरत है जिससे की हर वर्ग के निम्नतम स्तर के लोगों को भी अच्छी शिक्षा प्राप्त हो, यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। अध्यक्षता करते हुए कार्यवाहक प्राचार्य प्रो.मिश्रीलाल ने कहा कि कुछ लोग अपने लोक कल्याणकारी कार्यों के लिए सदा सदा के लिए अमर हो जाते है, स्व.पीएन सिंह यादव सबको साथ लेकर चलने वाले व्यक्तित्व के महापुरुष थे।



इससे पूर्व अतिथियों ने स्व. पीएन सिंह के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर संवेदना प्रकट की। पाणिनि कन्या की छात्राओं ने वेद पाठ किया। विषय स्थापना आइक्यूएसी की समन्वयक डॉ. पारुल जैन, संचालन डॉ. दीपक कुमार शर्मा एवं धन्यवाद ज्ञापन उपाचार्य प्रो. संगीता जैन ने दिया। श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में मुख्य रूप से कॉलेज प्रबंध समिति के अध्यक्ष रतनलाल, पाणिनी कन्या महाविद्यालय की उपाचार्य डॉ. प्रीति विमर्शिनी, चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय कुमार सिंह, प्रो. ऋचारानी यादव, प्रो.प्रशांत कश्यप, प्रो. विजयनाथ दुबे, प्रो. मीनू लाकड़ा सहित समस्त विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक,कर्मचारी एवं छात्र छात्राएं शामिल रहे।

डीएवी में हुआ मेधावियों का सम्मान

वाराणसी, के नरहरपुरा, औसानगंज स्थित डीएवी इण्टर कॉलेज में सोमवार को कॉलेज के पूर्व प्रबन्धक रहे सामाजिक न्याय के महान योद्धा स्व. पी.एन. सिंह यादव की 21 वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि ख्यात चिकित्सक डॉ. प्रदीप चौरसिया, प्रबन्धक अजीत कुमार सिंह यादव, कोषाध्यक्ष हरिबंश सिंह, पाणिनी कन्या महाविद्यालय की उपाचार्य डॉ. प्रीति विमर्शिनी, नित्यानन्द वेद महाविद्यालय के प्राचार्य रामानन्द तिवारी ने कॉलेज के एक दर्जन प्रतिभावान छात्रों को पुरस्कृत किया। पुरस्कार स्वरूप उन्हें स्मृति चिन्ह, प्रमाण पत्र, पुस्तक एवं नकद पुरस्कार दिया गया।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. प्रदीप चौरसिया ने विद्यार्थियों को शिक्षा के महत्व को समझाया और कहा कि यदि किसी के अन्दर योग्यता है तो अभाव में भी वह निखर आयेगा। उन्होंने शिक्षा में नवाचार को बढ़ावा देने का सुझाव दिया। इस मौके पर मुख्य रूप से नरेन्द्र कुमार सिंह, कार्यवाहक प्रधानाचार्य अरूण कुमार सहित समस्त अध्यापक, कर्मचारीगण एवं छात्र छात्राएॅ उपस्थित रहे। संचालन पंच बहादुर सिंह ने किया। 


UP K Varanasi Ki Sherawali Kothi में विराजमान होंगे मुम्बई के सुप्रसिद्ध लालबाग के राजा की प्रतिमूर्ति

लालबाग के राजा श्रीगणेश बुधवार से शेरावाली कोठी में देंगे दर्शन

Varanasi (dil India live). वाराणसी में बुधवार की सुबह श्री काशी मराठा गणेश उत्सव समिति का 17 वां श्रीगणेश उत्सव समारोह, ठठेरी बाजार स्थित शेरावाली कोठी में शुरू होगा जो पांच दिनों तकचलेगा। श्रीगणेश उत्सव समारोह बुधवार से विभिन्न कार्यक्रम संग शुरू होकर रविवार को विसर्जन भव्य शोभायात्रा के साथ सम्पन्न होगा।

श्री काशी मराठा गणेश उत्सव समिति का पांच दिवसीय श्रीगणेश उत्सव समारोह को विधिवत आयोजन सम्पन्न कराने के लिए कमेटी बनाई है। इसमें माणिक राव पाटिल (वरिष्ठ संरक्षक), संतोष पाटिल, सुहास पाटिल, ताना जी पाटिल, हणमंत राव मोरे, चन्द्रशेखर शिंदे (संरक्षक), आनन्द राव सूर्यवंशी (अध्यक्ष), अन्ना मोरे ( महामंत्री), हनुमान शिंदे (कोषाध्यक्ष), अजीत पाटिल, मूसा मूलानी (राजू), सोनू पाटिल, बजरंग शिन्दे, सुनील शिन्दे, रवि सेठ (उपाध्यक्ष), विनोद जाधव, शुभम् पाटिल, वसन्त तामखड़े, सुभाष जगताप (पिन्टू) शंकर भगत, संतोष शिंदे, किशोर पाटिल, अक्षय माली (मंत्री), प्रकाश मिसाल, संतोष प्रकाश पाटिल (सह कोषाध्यक्ष), अशोक शिंदे, चक्रवर्ती विजय नावड (कार्यक्रम संयोजक), डा कैलाश सिंह विकास को मीडिया प्रभारी बनाया गया है।

यह है पूरा कार्यक्रम 

 श्री काशी मराठा गणेश उत्सव समिति का पांच दिवसीय श्रीगणेश उत्सव समारोह 27 अगस्त बुधवार को प्रातः 9 बजे लालबाग का राजा की प्रतिमूर्ति श्रीगणेश प्रतिमा स्थापना मराठा विधि से विधिवत पूजा अर्चना के साथ किया जायेगा। सांयकाल छः बजे से जागरण होगा।

28 अगस्त 2025 को सांयकाल 5 बजे फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, सांयकाल छः बजे से डांस प्रतियोगिता (15 वर्ष आयु)।

29 अगस्त 2025 को सांयकाल चित्रकला प्रतियोगिता, मेहंदी प्रतियोगिता, पूजा पांड्या का गायन, कौन बनेगा करोड़पति।

30 अगस्त 2025 को सांयकाल छः बजे से हल्दी कुमकुम, विजय वाल्मीकी ग्रुप व्दारा झांकी, 7.30 बजे छत्रपति शिवाजी महाराज सम्मान समारोह।

31 अगस्त 2025 सुबह महाआरती, दोपहर 12 बजे भव्य शोभायात्रा एवं विसर्जन 

महाआरती रोज सुबह 9 बजे, रात्रि 9 बजे श्रीगणेश जी की भव्य महाआरती होगा

शोभायात्रा में महाराष्ट्र के गजपति ढोल ताशा दल नासिक 80 सदस्यीय दल विभिन्न कलाओं संग प्रस्तुति देंगे।

Bihar ki Rajdhani Patna में हो रही मूसलधार बारिश

पूरे बिहार में बरसात और वज्रपात का एलर्ट जारी 


Patna (dil India live). राजधानी पटना में रुक-रुक हो रही तेज और मद्धम बारिश के क्रम के बाद सोमवार की सुबह-सुबह लगातार घंटों झमाझम बारिश हुई। इससे शहर के निचले इलाकों में भारी जलजमाव हो गया। पूरे बिहार में बारिश के साथ ही तेज हवा और वज्रपात की चेतावनी जारी हुई है। 

राजधानी पटना में कल शाम से ही लगातार जारी बारिश के क्रम में सोमवार की सुबह हुई मूसलधार बारिश से शहर एक बार फिर तैरने लगा है। जगह-जगह जल जमाव हो गया है। वर्षों बाद पटना में 12 घंटे के अंदर इतनी बारिश दर्ज की गयी है। 

राजधानी पटना के राजेंद्र पथ नंबर एक कांग्रेस पार्क-2 और पॉवर हाउस को जाने वाले मार्ग पर मूसलाधार बारिश के चलते भारी जलजमाव से लोगों को खासी परेशानी आई (इसकी तस्वीरें इस पोस्ट में संलग्न हैं)। मजबूरी में जलजमाव में ही गुजरते लोगों को सड़क में गड्ढे का अंदाजा न होने पर गिरते देखा गया। 

बिहार के जिलों में अलर्ट जारी

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इस बीच भारतीय मौसम विभाग ने बिहार के सभी 38 जिलों के लिए अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग ने पटना समेत सभी जिलों में गरज के साथ बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। अगले दो-तीन दिनों तक ऐसी ही स्थिति बनी रहने की संभावना है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 

इसमें उत्तर बिहार के सीतामढ़ी, दरभंगा, मधुबनी, सुपौल, अररिया, किशनगंज, पूर्णिया, कटिहार, सहरसा, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, पूर्वी-पश्चिमी चंपारण से लेकर दक्षिणी और मध्य बिहार के पटना, गया, औरंगाबाद, भोजपुर, बक्सर, कैमूर, रोहतास, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, जमुई, मुंगेर, भागलपुर, बांका आदि जिले शामिल हैं।


दक्षिण पश्चिम मानसून का असर

भारतीय मौसम विभाग के सोमवार के बुलेटिन में कहा गया कि बिहार में दक्षिण पश्चिम मानसून का प्रभाव बना हुआ है।  अरवल, भोजपुर, बक्सर, कैमूर और रोहतास जिले के एक या दो स्थानों पर भारी वर्षा को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने आज पूरे बिहार में बारिश की संभावना जताई है। राज्य के सभी 38 जिलों में बारिश के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवा और वज्रपात की संभावना है। विभाग का कहना है कि बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी और मानसून की ट्रफ लाइन के सक्रिय रहने से राज्यभर में झमाझम बारिश होगी। मौसम विज्ञान केंद्र ने सोमवार से मंगलवार सुबह तक पूरे बिहार के लिए भारी बारिश और वज्रपात का अलर्ट जारी किया है। 

रविवार, 24 अगस्त 2025

Chand K Didar संग Nabi का पैदाइशी महीना रबीउल अव्वल का आगाज़

25 को रबीउल-अव्वल की पहली तारीख, ईद मिलाद-उन-नबी 5 सितंबर को



Sarfaraz/Rizwan 

Lucknow (dil India live). लखनऊ समेत कई शहरों में 29 सफर को चांद का दीदार हो गया। चांद के दीदार संग नबी का पैदाइशी महीना रबीउल अव्वल का आगाज़ हो गया। 25 अगस्त को जहां रबीउल अव्वल की पहली तारीख होगी वहीं ईद मिलादुन्नबी 5 सितंबर को अकीदत के साथ मनाया जाएगा। हालांकि बनारस में चांद देखे जाने की पुष्टि समाचार लिखे जाने तक नहीं हो सकी थी। 

लखनऊ, इलाहाबाद, बैंगलोर, कर्नाटक, पटना शहर की शिया और सुन्नी चांद कमेटियों ने ऐलान किया है कि इतवार (24 अगस्त 2025), (29 सफर) को रबी-उल-अव्वल का चांद नजर आ गया है। ऐसे में अब रबी-उल-अव्वल की पहली तारीख सोमवार को होगी। चांद की पुष्टि होने के बाद बाजारों में रौनक बढ़ गई और मुस्लिम मुहल्लों में ईद-ए-मिलाद की तैयारियां शुरू हो गई हैं।

शिया और सुन्नी कमेटियों के इस ऐलान के मुताबिक, इस्लाम धर्म के पवित्र और ऐतिहासिक अवसर मिलाद-उन-नबी (ईद-ए-मिलाद) की तारीख भी तय हो गई है। यह खास दिन अब 5 सितंबर 2025 (जुमा) को मनाया जाएगा। ईद मिलाद-उन-नबी का इस्लाम में खासकर भारत में खास महत्व है। 


जानिए क्या है ईद मिलादुन्नबी 

ईद मिलाद-उन-नबी, पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की पैदाइश (जन्मदिन) की खुशी का पर्व है। इस पर्व की बहुत अहमियत है। यह दिन मुस्लिम समुदाय के लिए आस्था, सम्मान और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। हर साल इस मौके पर मिलाद, जलसा, नातिया मुशायरा, जुलूस और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है।

दरअसल इस्लामी कैलेंडर का तीसरा महीना रबीउल अव्वल चांद के दीदार संग शुरू हो चुका है। मुसलमानों के लिए यह महीना बेहद खास है, क्यों कि इस महीने में 12 रबीउल अव्वल को पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का अरब की सरजमीं पर जन्म हुआ था। इस महीने को दुनिया भर के मुसलमान अकीदत और मोहब्बत के साथ मनाते हैं। रबीउल अव्वल की 12 वीं तारीख को पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्मदिन की तैयारी महीनों पहले से ही शुरू हो गई है। कहां जलसा होगा? कहां अंजुमन का मुकाबला होगा? कौन कौन उलेमा आएंगे? कौन कौन अंजुमन कलाम पढ़ेगी। इसे पहले ही तय कर लिया जाता है। ईद-ए-मिलादुन्नबी या ईद-मिलाद पूरी दुनिया में मुसलमान मनाते हैं।


ईद-मिलाद के मौके पर मस्जिदों और घरों में सजावट की जाती है। जगह-जगह जुलूस निकाले जाते हैं और पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत (जीवन-चरित्र)



पर रौशनी डाली जाती है। इस दिन कुरआन की तिलावत की जाती है और दरूद-ओ-सलाम पेश किया जाता है।

मुसलमान इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करते हैं। कई जगहों पर खाना खिलाने और मिठाइयाँ बांटने का भी खास इंतजाम किया जाता है। ईद-मिलाद का मकसद सिर्फ जश्न मनाना नहीं है, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की तालीम, इंसाफ, मोहब्बत, रहमत और इंसानियत को याद करना और उस पर अमल करना है। नबी के आने के साथ ही अरब से बुराईयां खत्म होना शुरू हो गई थी। मानवता और इंसानियत की सत्ता कायम हुई थी। 

आईएजे के महामंत्री अरविन्द कुमार विश्वकर्मा के पिता छट्ठू लाल विश्वकर्मा के निधन पर शोक


Varanasi (dil India live). वाराणसी में एक प्राता:कालीन हिंदी दैनिक के संवाददाता व आईएजे के राष्ट्रीय महामंत्री अरविन्द कुमार विश्वकर्मा के पिता छट्ठू लाल विश्वकर्मा (80 वर्ष) का शनिवार को उनके पैतृक निवास अर्दली बाजार पर निधन हो गया था। इनका अंतिम संस्कार मणिकर्णिका घाट पर हुआ। मुखाग्नि बड़े पुत्र अरविंद कुमार विश्वकर्मा ने दिया। उनके निधन पर आईएजे ने शोक व्यक्त किया है।

गौरतलब हो कि अर्दली बाजार निवासी छट्ठू लाल विश्वकर्मा अपने पीछे दो पुत्रों व दो पुत्रियों का भरा- पूरा परिवार छोड़ गए। उनके दाह संस्कार में नगर के गणमान्य नागरिक व पत्रकार, समाजसेवी, सिविल डिफेंस के उप नियंत्रक जितेन्द्र देव सिंह, सहायक उप नियंत्रक इरफानुल होदा, चीफ वार्डेन विनोद गुप्ता, कलेक्ट्रेट प्रखंड के डिवीजनल वार्डेन संजय कुमार राय, अमूल्य श्रीवास्तव, बिक्रम कुमार, रमेश कुमार, अजय श्रीवास्तव, अंजनी कुमार सिंह,अयन बोस, पूर्णेन्दु हलधर, अनुपम भट्टाचार्य समेत अन्य वार्डेन और स्वयंसेवकों ने शोक संवेदना व्यक्त किया। इस दौरान उनके आवास पर शोक व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ था।