रविवार, 5 अक्टूबर 2025

Rotary Club Blood डोनर्स के पद ग्रहण समारोह में जुटे रोटेरियन

राजेश कुमार गुप्ता अध्यक्ष व सचिव डॉ. आशीष गुप्ता को पहनाया गया कॉलर 

नए क्लब की जिम्मेदारी देने के साथ गवर्नर विजिट तथा चार्टर नाइट सम्पन्न


Varanasi (dil india live)। रोटरी क्लब ब्लड डोनर्स वाराणसी का प्रथम पद ग्रहण समारोह तथा मंडलाध्यक्ष की आधिकारिक यात्रा मलदहिया स्थित होटल हिंदुस्तान इंटरनेशन में सम्पन्न हुई। इस दौरान चार्टर अध्यक्ष रोटेरियन राजेश कुमार गुप्ता सेंचुरियन तथा चार्टर सचिव रोटेरियन डॉक्टर आशीष गुप्ता को कॉलर पहना कर उनको नए क्लब की जिम्मेदारी सौंपी गई। 
इस मौके पर नवनियुक्त क्लब अध्यक्ष रोटेरियन राजेश कुमार गुप्ता ने अपनी टीम की घोषणा की। उन्होंने बताया कि उपाध्यक्ष मनीष शर्मा व क्लब ट्रेनर नागेंद्र जायसवाल बनाए गए हैं, इस दौरान उन्होंने सचिव डॉक्टर आशीष गुप्ता, सह सचिव विशाल गुप्ता, कोषाध्यक्ष राहुल चौरसिया, सार्जेंट एट आर्म रमेश राय, डायरेक्टर रत्ना बागची, रूपेश गुप्ता, दिव्यांक सिंह, कृष्णा मोहन गुप्ता का ऐलान किया। 


मेम्बर्स का गर्मजोशी से कराया परिचय 
इस दौरान असिस्टेंट गवर्नर रोटेरियन अमर अग्रवाल एवं क्लब के GSR रोटेरियन प्रशांत नागर की नया क्लब खोलने में सराहनीय भूमिका निभाएं जाने पर भी राजेश गुप्ता ने प्रकाश डाला। उन्होंने वहां मौजूद तमाम पदाधिकारियों से नवनियुक्त पदाधिकारियों व मेम्बर्स का गर्मजोशी से परिचय कराया।

चारों भाइयों का मिलन देख हर किसी की आंखें हुईं नम

भदैनी का प्रसिद्ध भरत मिलाप सम्पन्न


Varanasi (dil india live). अखाड़ा गोस्वामी तुलसीदास के तत्वावधान में आयोजित होने वाली तुलसी घाट की प्रसिद्ध भरत मिलाप लीला संपन्न हो। इस दौरान चारों भाइयों का मिलन देख हर किस किसी की आंखें नम हुई हो गयी। रात्रि 10:15 बजे भरत मिलाप की लीला संपन्न हुई जिसमें हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाइयों के इस मिलन की नयनाभिराम झांकी का दर्शन किया। भदैनी में बने विशाल मंच पर चारो भाईयो ने सभी भक्तो को दर्शन दिया। इससे पूर्व सन्मार्ग दैनिक के पूर्व सम्पादक स्वर्गीय डा. आनंद बहादुर सिंह के आवास पर लीला कमेटी से जुड़े एवं भदैनी के प्रतिष्ठित नागरिक विजय बहादुर सिंह के नेतृत्व में राम दरबार सजा।


श्रीराम पूरी वानर सेना सहित विराजे

राम दरबार में प्रभु श्रीराम पूरी वानर सेना सहित विराजे जहां परिजनों द्वारा पूजन अर्चन किया गया, तत्पश्चात श्रद्धालुओं में घुघरी, हलवे का प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान भजन कीर्तन से पूरा परिसर गुंजायमान रहा। भरत मिलाप के अवसर पर महंत प्रोफेसर विश्वंभर नाथ मिश्र, पद्मश्री राजेश्वर आचार्य, विजय बहादुर सिंह, विश्वनाथ यादव, श्याम बिहारी पांडे, गोपेश चंद्र राय, प्रताप बहादुर सिंह, एडवोकेट अमृत प्रभात, राजेश दीक्षित आदि भक्तगण शामिल रहे।

गौसे आज़म की मोहब्बत ही हम सबको करेगी कामयाब

बक्शीजी मस्जिद में जश्ने ईद मिलादुन्नबी का आयोजन 

जूर वाली मस्जिद में जुटे गौसे आज़म के दीवाने 

सदर क़ाज़ी ए शहर बनारस की सदारत में जश्न ए ग़ौसे आज़म संपन्न



Varanasi (dil India). शहर और ग्रामीण इलाकों में जश्ने गौसुलवरा की धूम मची हुई है। इस दौरान गौसे पाक का लंगर भी जगह जगह जारी है। ऐसे ही बक्शी जी की मस्जिद में जश्ने  ईद मिलादुन्नबी व जश्ने गौसुलवरा का आयोजन किया गया। इस प्रोग्राम को बक्शी जी बड़ी मस्जिद के इमाम मौलाना हकीमुद्दीन की अगुवाई में हुआ। इस दौरान कई उलेमा ने नबी की शान में तकरीर करते हुए कहा कि नबी के अमन और मिल्लत के पैग़ाम को गौसे पाक ने आगे बढ़ाया। इस मौके पर नातखां ने अपनी नातो से पूरे माहौल को रूहानी बना दिया। आयोजन के दौरान मदरसे के बच्चों को इस्लामी किताबें बांटीं गई। इस महफिल में मदरसे के मुतवल्ली अब्दुर रहमान के अलावा अब्दुल कादिर, सूफी नईम, नसीम अहमद आदि लोग शरीक हुए। आखिर में दुआखवानी हुई और अपने देश मे अमन और मिल्लत के लिए खुसुसी तौर पर दुआएं की गई।

खजूर वाली मस्जिद में जश्ने गौसे आज़म

नई सड़क खजूर वाली मस्जिद में जश्ने गौसे आजम ज़ेरे सदारत सदर क़ाज़ी ए शहर बनारस मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने ख़ेताब करते हुए सामईन से फरमाया कि गौसे आज़म रज़ी अल्लाह तला अन्हू को मानने के साथ-साथ गौसे पाक की मानना भी जरूरी है। 11वीं शरीफ मनाना, लंगर खिलाना, फातिहा करना, यह तमाम काम से ज़ाहिर होता है कि आप गौस पाक को मानते हैं। लेकिन गौस ए पाक को मानना और है गौस पाक की मानना और है। अगर गौसे पाक की आप मानते हैं तो आपको झूठ, ग़ीबत, चुग़ली, वादा खिलाफी, बे नमाज़ी होना इन तमाम चीजों से तौबा करके गौसे आज़म की राह पर चलना होगा। यह सरकार गौसे पाक की मानने का मिशन है।

सदर मुफ्ती बोर्ड मौलाना मुफ्ती अब्दुल हादी खान हबीबी ने अपने हाज़िरीन से सरकार गौसे पाक की सच्ची अ़क़ीदत रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गौसे पाक की सच्ची मोहब्बत ही हमारी दुनिया और आखिरत संवार सकती है। मस्जिद के इमाम हाफ़िज़ मुख्तार अहमद ने इस प्रोग्राम का एहतेमाम किया और आखिर में सलातो सलाम और दुआ पर मूल्को मिल्लत की सलामती  के साथ-साथ अमन की दुआ पेश की गई।



Sikh community: Guru Tegh Bahadur साहिब के 350 वें जागृति यात्रा का Varanasi में भव्य स्वागत

दसवें गुरू गोविन्द सिंह का 350 वां गुरूआई दिवस, गुरुद्वारा गुरुबाग में सजा दीवान



Varanasi (dil india live)। सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादर साहिब का शहीदी शताब्दी को समर्पित जागृति यात्रा जो गुरूद्वारा तख्त श्री हरमंदर जी पटना साहिब से आरम्भ होकर तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अनंदपुर साहिब (रोपड़), पंजाब में अपने अंतिम गंतव्य तक पहुँचेगी। यह जागृति यात्रा सासाराम से होकर वाराणसी पहुंची। यहां मोहनसराय चौराहे पर जागृति यात्रा का भव्य व जोरदार स्वागत किया गया। वहां से यह जागृति यात्रा रोहनिया, मुड़ैला तिराहा, मंडुवाडीह चौराहा, महमूरगंज, रथयात्रा से होते हए गुरुद्वारा, गुरूबाग पहुंची। वाराणसी सिख समाज ने शहीदी शताब्दी को समर्पित जागृति यात्रा जत्था की अगवानी की। गुरूद्वारे में पुष्प वर्षा कर जागृति यात्रा का स्वागत किया गया। पालकी पर विराजित पवित्र श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को सम्मानपूर्वक फुलों की वर्षा करते हुए गुरुद्वारे में ले जाया गया।


इस यात्रा में गुरू साहब का हाथ का कड़ा व गुरू साहब के शस्त्र लेकर चल रहें है। गुरुद्वारा, गुरूबाग में शाम का दिवान भाई नरिन्दर सिंह ने शबद गायन किया। शबद गायन सुन संगत निहाल हो उठी। इस यात्रा में बाबा शहीद दीप सिंह द्वारा हस्तलिखित श्री गुरु ग्रंथ साहिब भी शामिल है। 

जौनपुर होकर गोरखपुर रवाना 

यह यात्रा आज गुरूद्वारे में शबद गायन के उपरान्त नाश्ता, जलपान व लंगर के पश्चात् पुनः उक्त मार्गो से होते हुये यह जागृति यात्रा प्रातः 10:30 बजे जौनपुर होते हुए गोरखपुर के लिये प्रस्थान कर गई। उक्त यात्रा में लगभग 150 यात्री शामिल थे। यात्रियों को ठहरने की व्यवस्था गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी वाराणसी द्वारा गुरूद्वारा परिसर, गुरूबाग में तथा गुरू महाराज जी के शस्त्रों वाली सवारी गाड़ी व गुरू ग्रन्थ साहिब जी की सवारी गाड़ी की पार्किंग व्यवस्था श्री रामकृष्ण मिशन पार्किंग स्थल में तथा अन्य गाड़ियों को CHS कमच्छा में की गयी थी। काफी संख्या में सिख समुदाय व श्रद्वालुओं ने श्री गुरु ग्रंथ साहिब की पालकी वाली सवारी गाड़ी व गुरू साहब जी के शस्त्रों वाली गाड़ी का दर्शन कर / मत्था टेक गुरूघर की खुशियाँ प्राप्त की। जागृति यात्रा में लोगो ने बड़े उत्साह के साथ भागीदारी की। गुरूद्वारे के मुख्य ग्रन्थी भाई रंजीत सिंह जी ने सभी यात्रियों / श्रद्वालुओं का स्वागत, अभिनन्दन व साधुवाद दिया।

शनिवार, 4 अक्टूबर 2025

Uttar Pradesh की Football team में Allahabad K सुजल का चयन

फुटबॉलर सुजल ने प्रशिक्षक शादाब रज़ा से सीखी फुटबॉल की बारीकिया


Allahabad (dil india live). उत्तर प्रदेश फुटबॉल की अंडर-19 टीम जो श्रीनगर (जम्मू एवं कश्मीर) मे 06.10.2025 से 69 वीं राष्ट्रीय फुटबॉल स्कूली चैंपियनशिप आयोजित की जा रही है, मे प्रयागराज मण्डल के एकमात्र फुटबॉल खिलाडी सुजल अग्रहरी का चयन उत्तर प्रदेश फुटबॉल टीम हेतु उक्त प्रतियोगिता के लिए किया गया है, सुजल प्रशिक्षक शादाब रज़ा से फुटबॉल की बारीकिया सीखे है, इसके अलावा, सी ए वी इंटर कॉलेज के छात्र सुजल फुटबॉल  प्रशिक्षक सुरेंद्र कुमार, संजय सिंह एवं अम्बर जायसवाल से भी ट्रेनिंग हासिल किये हैँ। प्रयागराज के गाड़ीवान टोला निवासी अजय अग्रहरी के पुत्र सुजल आर्थिक रूप से कमज़ोर होते हुए भी अपनी मेहनत और प्रयास के बल पर इससे पूर्व उत्तर प्रदेश की टीम से अंडर-14 एवं अंडर -16 राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता  मे भी भाग ले चुके है। सुजल अपनी सफलता का सारा श्रेय अपने कोच शादाब रज़ा को देते है, जिनके समुचित प्रयास से वह खेल के क्षेत्र मे आगे की ओर बढ़ रहे हैँ  प्रयागराज के फुटबॉल खिलाड़ियों विशेषकर जिला फुटबॉल संघ के अध्यक्ष नारायण जी गोपाल, सचिव मक़बूल अहमद, संयुक्त सचिव मो फ़ख्रुद्दीन व कबीर खान, योगेश चंद्र, फुटबॉल प्रशिक्षक शाहबाज़ अहमद, सी ए वी के प्रबंधक हनुमान उपाध्याय, प्रधानाचार्य मेजर कौशल कैलाश प्रसाद ,अजीत कुमार श्रीवास्तव, प्रवक्ता ए बी खान आदि ने बधाई देते हुए शुभकामनाए दी।

ईदगाह पुलकोहना के इमाम Maulana Nurulhasan का अल्लाह को हुए प्यारे

धन्नीपुरा आवास पर ली मौलाना ने अंतिम सांस 


Varanasi (dil india live). वाराणसी आज ईदगाह पुरानापुल पुलकोहना के इमाम व प्रख्यात धार्मिक विद्वान जामिया अरबिया मतल-उल-उलूम कमनगढ़ा वाराणसी के पूर्व प्रधानाचार्य मौलाना अलहाज नूरुल हसन कासमी (92 वर्ष) का दोपहर 12 बजे धन्नीपुरा (कमालपुरा) सिथत आवास पर इंतेकाल हो गया। वो मदरसा मतलउल उलूम के सदर भी थे। उन्होंने अपनी पूरी जिंदगी समाज की बेहतरी के लिए और बच्चों की तालीम के लिए वक्फ कर दिया था। 

मौलाना पिछले कई महीनों से बीमार चल रहे थे जिनका इलाज वरिष्ठ डाक्टरों के द्वारा किया जा रहा था। उनके परिवार से जुड़े पार्षद पति हाजी ओकास अंसारी ने उनके इंतकाल की खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि शनिवार को दोपहर 12:00 मौलाना ने अंतिम सांस ली। इनके इंतेकाल से पूरा मुस्लिम समाज बहुत दुखी है। मौलाना अपने पीछे पत्नी के साथ साथ 3 पुत्र और 2 पुत्री छोड़ गए है । इनके इंतेकाल की खबर सुन कर बनारस के सभी बुनकर बिरादराना तंजिमों ने गहरा दुःख प्रकट किया है। डाक्टर एहतेशामुल हक़ ने बताया कि मौलाना ने बनारस के जामिया अरबिया मतल-उल-उलूम में 45 वर्षों तक अध्यापन कार्य किया। वे सिटी गर्ल्स इंटरमीडिएट कॉलेज के अध्यक्ष और चांद हिलाल कमेटी के सदस्य भी थे। वे बहुत ही नेक दिल इंसान थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन धार्मिक कार्यों एवं सामाजिक कार्यों में बिताया। जब वे बड़े धार्मिक समारोहों को संबोधित करते थे, तो लोग बड़ी संतुष्टि और शांति के साथ उन्हें सुनते थे। शायर ज़मज़म रामनगरी ने कहा कि वे क्षेत्र में एक महान धार्मिक विद्वान के रूप में जाने जाते थे और उनके निधन से समाज में जो क्षति हुई है, उसे भरना बहुत कठिन है।

जनाजे में हजारों लोग होंगे शामिल 

मौलाना नूर-उल-हसन साहब की जनाज़े की नमाज़ में सभी विचारधाराओं के हजारों लोग शामिल होंगे। ख्वाजापुरा मैदान में ईशा की नमाज़ के बाद जनाज़े की नमाज़ अदा की जाएगी। उन्हें आबाई कब्रिस्तान सिंधवा घाट पर सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा।

           इन्होंने जताया अफसोस 

मुफ्ती बनारस मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, मदरसा मतल-उल-उलूम कामनगढ़ा के नाजिम-ए-आला हाजी मंजूर अहमद, मौलाना निसार अहमद, जमीयत उलेमा पूर्वी क्षेत्र के अध्यक्ष मुफ्ती महमूद आलम, जमीयतुल अंसार के महासचिव इशरत उस्मानी, सामाजिक संस्था सुल्तान क्लब के अध्यक्ष डॉ. एहतेशामूल हक, महासचिव हुरमतुल हसन नन्हें, उर्दू बीटीसी टीचर्स एसोसिएशन के महासचिव जफर अंसारी, मरियम फाउंडेशन के अध्यक्ष शाहिद अंसारी, आजाद हिंद रिलीफ सोसायटी के जुल्फिकार अली नक्शबंद, फनने सिपाह गिरी के असलम खलीफा, सर सैयद सोसायटी के सचिव हाजी इश्तियाक अंसारी, जमीयत उलेमा जिला बनारस के अध्यक्ष मौलाना अब्दुल्ला नासिर, सिटी गर्ल्स स्कूल के प्रबंधक हाजी रईस अहमद एडवोकेट, नेशनल इंटर कॉलेज पीलीकोठी के अध्यक्ष हाजी अखलाक अहमद, प्रबंधक हाजी मकबूल हसन, बुनकर बिरादराना तंजीम के अध्यक्ष सरदार हाफिज मोइनुद्दीन, बुनकर नेता शमीम अंसारी,पूर्व विधायक हाजी समद अंसारी, गुलिस्तां स्कूल के प्रबंधक मुबीन अंसारी, मदरसा तालीमुद्दीन पुराना पुल के सदर मुफ्ती रिजवानुल्लाह नोमानी, मौलाना इफ्तिखारुद्दीन आदि ने शोक व्यक्त किया।

International: Desh duniya mein ईदे गौसिया की धूम

ग्यारहवीं शरीफ पर बड़े पीर साहब की हो रही हैं घरों में फातेहा

अदबो-एहतराम के साथ मनाई जा रही ईदे गौसिया की खुशी 



सरफराज/रिजवान 

Varanasi (dil India live). हज़रत गौसे आज़म शेख अब्दुल कादिर जीलानी अलैहिर्रहमां (बड़े पीर साहब) का उर्स-ए-पाक ‘ग्यारहवीं शरीफ’ जश्न शनिवार को ईदे गौसिया के रूप में अदबो-एहतराम के साथ देश दुनिया में मनाया जा रहा है। फजर की नमाज़ के बाद से ही मदरसों, मस्जिदों व घरों में कुरानख्वानी, फातिहा व महफिल-ए-गौसुलवरा का आयोजन शुरु हो गया। सुबह फज्र की नमाज के बाद कुराख्वानी, नियाज-फातिहा का जो सिलसिला शुरू हुआ वो अब पूरे दिन ही नहीं बाल्कि पूरे महीना चलता रहेगा। इस दौरान जगह जगह गौस़े पाक का लंगर चलेगा। 

शिवाला, गौरीगंज, बजरडीहा, मदनपुरा, रेवड़ी तालाब, नयी सड़क, लल्लापुरा, कोयला बाजार, चौहट्टा लाल खां, जलालीपुरा, सरैया, बड़ी बाजार, अर्दली बाजार, मकबूल आलम रोड, नदेसर, सदर बाजार आदि जगहों पर ईदे गौसिया का जश्न देखने को मिला।

वलियों के सरदार हैं गौसे पाक 

मस्जिद टकटकपुर के इमामे जुमा मौलाना अज़हरूल कादरी कहते हैं कि अल्लाह के वलियों में सबसे ऊंचा मरतबा हजरत शेख अब्दुल कादिर जीलानी यानी गौस-ए-आज़म का है। हमारे औलिया-ए-किराम व मशायख जिस रास्ते से गुजरे उन रास्तों में तौहीद व सुन्नत-ए-नबी का नूर व खुशबू फैल गई। हिन्दुस्तान में ईमान व दीन-ए-इस्लाम बादशाहों के जरिए नहीं बल्कि हमारे इन्हीं बुजुर्गों, औलिया व सूफिया के जरिए आया। ऐसे लोग जिनके चेहरों को देखकर और उनसे मुलाकात करके लोग ईमान लाने पर मजबूूर हो जाते थे। हमें भी इनकी तालीमात पर मुकम्मल अमल करना चाहिए। जिससे दुनिया व आखिरत की कामयाबी मिलेगी।

मौलाना अज़हरुल कादरी ने कहा कि हजरत शेख अब्दुल कादिर जीलानी अलैहिर्रहमां अम्बिया अलैहिस्सलाम के सच्चे जानशीन हैं। इस्लाम व ईमान की रोशनी इन्हीं के जरिए से हम तक पहुंची है। हजरत शेख अब्दुल कादिर जीलानी अपने मुरीदों के लिए फरमाते हैं कि जब तक मेरा एक-एक मुरीद जन्नत में नहीं चला जाएगा तब तक मैं भी जन्नत में नहीं जाऊंगा। सुब्हान अल्लाह।