बुधवार, 17 सितंबर 2025

UP: Varanasi Main बोलें बिजलीकर्मी निजीकरण होने नहीं दिया जाएगा

संघर्ष समिति ने विश्वकर्मा पूजा में शामिल हुए बिजली कर्मियों को निजीकरण के बताए दुष्प्रभाव

बिजली कर्मियों ने विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर संकल्प लिया कि अरबों खरबों रुपए की बिजली की परिसंपत्तियों और मशीनों को निजी घरानों के हाथ बिकने नहीं देंगे, दमन और उत्पीड़न के बावजूद निजीकरण का फैसला वापस होने तक संघर्ष जारी रहेगा।


Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil india live). विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उप्र के आह्वान पर प्रदेश के समस्त जनपदों और परियोजनाओं की भांति  संघर्ष समिति वाराणासी के पदाधिकारीगण भी आज जगह-जगह  बाबा विश्वकर्मा की पूजा में शामिल होते हुये बिजलिकर्मियो को निजीकरण के दुष्प्रभाव के बारे भी जानकारी देने का कार्य किये उसके साथ ही बाबा विश्वकर्मा की पूजा के बाद संकल्प लिया कि  अरबों खरबों रुपए के बिजली के जिन संयंत्रों की आज पूजा की है, उन्हें किसी भी परिस्थिति में निजी घरानों के हाथ बिकने नहीं देंगे।विगत 294 दिनों से संघर्षरत बिजली कर्मियों ने आज बाबा विश्वकर्मा की  पूजा भी की और बिजली के निजीकरण के प्रस्ताव निरस्त होने एवं उत्पीड़नात्मक कार्यवाहियों समाप्त  होने तक  विरोध प्रदर्शन  जारी रखने का संकल्प भी लिया।

     


विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर बिजली कर्मियों ने कहा कि दमन और उत्पीड़न के बल पर निजीकरण नहीं होने दिया जाएगा। बिजली कर्मी अपना आंदोलन तब तक जारी रखेंगे जब तक निजीकरण का निर्णय वापस नहीं लिया जाता और विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति, उत्तर प्रदेश के केन्द्रीय पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम और दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम के बिजली संयंत्रों, सब स्टेशनों और मशीनों की अनुमानित लागत एक लाख करोड रुपए है। शासन और पावर कारपोरेशन प्रबन्धन के कुछ बड़े अधिकारी जिनकी निजी घरानों के साथ सांठगांठ है, इन परिसंपत्तियों और मशीनों को बेचने पर आमादा हैं।

       संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली कर्मी इन मशीनों और संयंत्रों की प्रति वर्ष विश्वकर्मा पूजा पर पूजा करते हैं और इन्हें अपनी मां मानते हैं। बिजली कर्मियों का इनके साथ बहुत ही भावनात्मक रिश्ता है।

     प्रतिनिधि मंडल में सर्वश्री डॉ0 आर0बी0सिंह, आर0के0 वाही, ओ0पी0 सिंह, राजेन्द्र सिंह, नीरज बिंद, जिउतलाल, अंकुर पाण्डेय, दीपक गुप्ता, लोकनाथ कुशवाहा, विकास कुशवाहा, मनोज यादव, के0एस0 यादव, रविन्द्र कुमार आदि उपस्थित थे।

PM Modi के जन्मदिन पर लगाया नारी शक्ति चौपाल

प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की बताईं उपलब्धियां 

एफ.फारुकी/संतोष 

Varanasi (dil india live). प्रधान मंत्री मोदी के 76 वें जन्म दिवस पर महानगर महिला मोर्चा द्वारा सेवा पखवारा सप्ताह के अंतर्गत महिला मोर्चा महानगर द्वारा सभी विधान सभा में नारी शक्ति चौपाल का आयोजन जहां किया गया। वहीं बरेका में "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार" कार्यक्रम का महाप्रबंधक ने आगाज़ किया।

नारी शक्ति चौपाल का आयोजन 

उत्तरी विधान सभा की चौपाल कार्यक्रम की संयोजक अध्यक्ष कुसुम सिंह पटेल थी। इस मौके पर मुख्य अतिथि नम्रता चौरसिया (क्षेत्रीय अध्यक्ष महिला मोर्चा) ने चौपाल में महिलाओं से पिछले 14 वर्षो से पीएम मोदी के कार्यकाल की उपलब्धियों के बारे में चर्चा की। इस दौरान उन्होंने पीएम मोदी द्वारा महिलाओं के हीत में निरन्तर लायीं जा रही योजनाओं के बारे में सभी को बताया और मोदी जी को जन्मदिन की बधाई दीं। वहीं कैंट विधानसभा की  मुख्य अतिथि कुसुम सिंह पटेल थी। उन्होंने बताया कि सेवा पखवारे के अंतर्गत आने वाले सभी कार्यक्रम जो 16 सिंतबर से 2 अक्टूबर तक चलाये जायेंगे। इस दौरान नारी शक्ति चौपाल,  स्वच्छता अभियान, ब्लड डोनेशन कैंप, फल वितरण, चित्रकला प्रतियोगिता तथा मलिन बस्ती की बेटी का सम्मान आयोजित किया जाएगा। 


इस दौरान कैंट विधान सभा की अंजली गुप्ता ने धन्यवाद दिया। संयोजक व संचालन प्रञा पांडे ( महामंत्री महिला मोर्चा) ने किया। यह चौपाल गुलाब बाग कार्यालय सिगरा पर सम्पन्न हुई। कार्यक्रम में साधना पांडेय, आरती पाठक, उषा सिंह, चंद्र कला, रीना सिंह, अमृता श्रीवास्तव, सीमा यादव, सीता गुप्ता, राधा, दीप, शिखा, सुषमा सिंह, प्रियंवदा सिंह, गौरी यादव, लुबना बेगम, भारती सिंह व मिडिया प्रभारी अनिशा शाही उपस्थित थीं।





बरेका:"स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार" का आगाज़

 

राष्ट्रव्यापी 'स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार' व पोषण माह' का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा उद्घाटन किए जाने के पश्चात बरेका में दीप प्रज्वलन कर "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार" अभियान का शुभारंभ महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह द्वारा किया गया।
बरेका में "स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार" अभियान का विवरण प्रस्तुत करते हुए प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर देवेश कुमार ने बताया कि 17/09/25 से 02/10/25 तक चल रहे इस अभियान में महिला व बच्चों का प्रतिदिन विशेष स्वास्थ्य परीक्षण,जांच व उपचार किया जाएगा, जिसमें सभी चिकित्सा विशेषज्ञ जैसे- मेडिसिन, सर्जरी, नाक कान गला, नेत्र, शिशु, स्त्री रोग, मानसिक व दंत रोग विशेषज्ञ द्वारा परीक्षण किया जाएगा। पोषण पर व्याख्यान व काउंसिलिंग करते हुये संतुलित आहार तथा प्रत्येक माह 10% खाद्य तेल के उपभोग में कटौती करने का आह्वान किया जाएगा। किशोरियों के लिए माहवारी स्वच्छता पर स्वास्थ्य शिक्षा प्रदान की जाएगी। टीबी मुक्त अभियान को सफल बनाने के लिए "निश्चय मित्रों"का पंजीकरण किया जाएगा जो प्रत्येक टीबी मरीज व उनके नजदीकी संपर्क व्यक्तियों के लिए उपचार व जांच में सहायता प्रदान करने के साथ-साथ पोषण पोटली भी उपलब्ध करायेंगे। 
इस अभियान के अंतर्गत "बृहद रक्तदान शिविर" का आयोजन कर रक्त संकलन के साथ-साथ रक्तदान के लिए शपथ व जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन भी किया जाएगा ताकि भविष्य की चुनौतियों से निपटा जा सके। डॉ.मधुलिका सिंह ने कार्यक्रम का कुशल संचालन करते हुए सभी चिकित्साकर्मियों को सक्रिय सहयोग कर अभियान को सफल बनाने का आह्वान किया। 
बरेका महिला कल्याण संगठन की सदस्य पूनम सिंह, श्वेता सिंह व अन्य पदाधिकारियों द्वारा इस अभियान को गति देने का संकल्प लिया गया। कार्यक्रम में बरेका के प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एस.के. श्रीवास्तव, प्रधान वित्त सलाहकार सलाहकार, मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी (प्रशासन), लाल जी चौधरी, मुख्य विद्युत इंजीनियर (निरीक्षण), मनोज कुमार गुप्ता, मुख्य विद्युत इंजीनियर (लोको), अरविंद कुमार जैन, मुख्य संरक्षा अधिकारी, राम जन्म चौबे, मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (सर्विस), नीरज जैन, मुख्य विद्युत सर्विस इंजीनियर, भारद्वाज चौधरी, उपमहाप्रबंधक अनुज कटियार समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण, कर्मचारी परिषद के सदस्य नवीन कुमार सिन्हा व बड़ी संख्या में उपस्थित कर्मचारियों ने अभियान को सफल बनाने का संकल्प लिया गया।

 इस अवसर पर स्त्री रोग विशेषज्ञ, डॉ.मधुलिका सिंह व डॉ.प्रेक्षा पांडेय, अस्थि रोग विशेषज्ञ, डॉ.विजय कुमार दुर्गा प्रसाद व डॉ.अमित गुप्ता, फिजीशियन, डॉ. मिन्हाज अहमद व डॉ. एसके मौर्य, निश्चेतना विशेषज्ञ, डॉ.विशाल मिश्र व डॉ.सौरभ सागर व बरेका चिकित्सालय के अन्य चिकित्सकों ने विशेष रूप से नारी व शिशु स्वास्थ्य परीक्षण किया। बरेका चिकित्सालय के सभी नर्सिंग, फार्मेसी, लैब व अन्य सहायक स्टाफ ने सक्रिय रुप से भाग लेकर आज के उद्घाटन समारोह का सफलतापूर्वक शुरूआत करते हुए अभियान के उद्देश्यपूर्ण समापन का संकल्प लिया।

Education: VKM Varanasi Main हिंदी सप्ताह की शुरूआत

हिंदी का संबंध केवल संस्कृत से नहीं, बल्कि पाली, प्राकृत और अपभ्रंश जैसी समृद्ध परंपरा से

Varanasi (dil india live). वसंत कन्या महाविद्यालय परिसर में हिंदी सप्ताह की शुरूआत प्रो. सुमन जैन (हिंदी विभाग, महिला महाविद्यालय बीएचयू) के मुख्य आतिथ्य में कुलगीत से हुआ। इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव, प्रो. सुमन जैन, निर्णायक मंडल की सदस्याएँ डॉ. अनुराधा बापुली, डॉ. पूनम वर्मा एवं प्रो. सुमन जैन तथा हिंदी विभाग से आभासी मंच से प्रो. आशा यादव (विभागाध्यक्ष), डॉ. सपना भूषण, डॉ. शशिकला की उपस्थिति रही। भजन प्रतियोगिता में छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेकर अपनी स्वर लहरियों से भक्ति-रस की गंगा प्रवाहित कर दी। हिंदी साहित्यकारों द्वारा रचित भजनों की प्रस्तुतियों में तबले पर डॉ अमित ईश्वर का संगत वातावरण में और अधिक माधुर्य घोल गया। मुख्य अतिथि प्रो. सुमन जैन ने सभी को हिंदी सप्ताह की बधाई देते हुए कहा-“हिंदी का संबंध केवल संस्कृत से नहीं, बल्कि पाली, प्राकृत और अपभ्रंश जैसी समृद्ध परंपरा से है। हमें अपनी भाषा को सम्मान देना चाहिए, क्योंकि भाषा ही हमारी पहचान है। शब्दों की साधना ही ज्ञान की साधना है।” इसके उपरांत प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने सभा को संबोधित करते हुए हिंदी की वैश्विक प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा-“हिंदी की समृद्धि इसी में है कि यह विभिन्न भाषाओं के शब्दों को आत्मसात करती है। आज 140 करोड़ की जनसंख्या में केवल 65 करोड़ लोग हिंदी बोलते हैं। यह हमारी ज़िम्मेदारी है कि हम न केवल हिंदी बोलें, बल्कि शुद्ध हिंदी बोलकर उसकी प्रतिष्ठा बढ़ाएँ।” अंत में निर्णायक मंडल की ओर से डॉ. पूनम वर्मा द्वारा प्रतियोगिता एवं आयोजन की सफलता पर हार्दिक शुभकामनाएँ दी गई। 


इसके साथ डॉ. अनुराधा बापुली ने सुमधुर भजन से लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। संपूर्ण कार्यक्रम का संयोजन डॉ. प्रीति विश्वकर्मा एवं सुश्री राजलक्ष्मी जायसवाल द्वारा किया गया। संचालन परास्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा प्रतिभा सिंह ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन परास्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा सौम्या मिश्रा ने प्रस्तुत किया। इस अवसर पर अन्य विभाग से डॉ. कमला पाण्डेय एवं अतिथि डॉ. सरिता लखोटिया सहित महाविद्यालय के समस्त शिक्षकवृंद की स्नेहमयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को अत्यंत सफल और अविस्मरणीय बना दिया।

Rajeshwar Singh Rajsthan के राज्य निर्वाचन आयुक्त बनाएं गयें

चंदौली में सकलडीहा विकासखंड के बट्ठी ग्राम के हैं मूल निवासी

Jaipur (dil india live)। वाराणसी से सटे चंदौली जनपद के सकलडीहा विकासखंड के बट्ठी ग्राम के मूल निवासी एवं भारतीय प्रशासनिक सेवा के 1989 बैच के सेवानिवृत्त अधिकारी श्री राजेश्वर सिंह को राजस्थान के राज्यपाल द्वारा राजस्थान का राज्य निर्वाचन आयुक्त एवं पदेन अध्यक्ष राज्य निर्वाचन आयोग नियुक्त किया गया है । यह नियुक्ति 12जुलाई, 2029 तक के लिये होगी | आयोग का मुख्य कार्य संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार पंचायती राज संस्थाओं और नगरीय निकायों के चुनाव संपन्न कराना है ।

श्री सिंह पूर्व में एसडीओ, माउंट आबू , जिला मजिस्ट्रेट, जालोर एवं जयपुर, डिवीजनल कमिश्नर, उदयपुर, भरतपुर एवं जयपुर, प्रमुख सचिव, लघु उद्योग, पर्यटन, परिवहन, पशुपालन, अतिरिक्त मुख्य सचिव, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग  तथा अध्यक्ष, राजस्थान रेवन्यू बोर्ड के पदों पर कार्य कर चुके हैं । श्री सिंह को कार्यक्षेत्र में परिश्रम, कार्यकुशलता, निष्ठा एवं नवाचार के लिए जाना जाता है । उन्होंने ग्रामीण विकास एवं राजस्व प्रशासन के क्षेत्र में अनेक महत्वपूर्ण योजनाओं का सूत्रपात किया और महत्त्वपूर्ण उपलब्धियां अर्जित की । श्री सिंह गत वर्ष 31 जुलाई 2024 को राजस्थान रेवेन्यू बोर्ड के अध्यक्ष पद से सेवानिवृत्त हुए थे ।

मंगलवार, 16 सितंबर 2025

Education: DAV PG College Varanasi Main Hindi सप्ताह के समापन पर विजेता पुरस्कृत

आन्तरिक चेतना को जागृत करती है हिन्दी-प्रो. मिश्रीलाल

Varanasi (dil India live). वाराणसी के डीएवी पीजी कॉलेज में हिन्दी विभाग के तत्वावधान में चल रहे हिन्दी सप्ताह के समापन समारोह में प्रतिभाओं का मंगलवार को सम्मान किया गया। विगत 8 से 16 सितम्बर तक चली विविध प्रतियोगिता में विजयी प्रतिभागियों को मंगलवार को स्व. पीएन सिंह यादव मेमोरियल हॉल में स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र प्रदान कर पुरस्कृत किया गया। विजेताओं को महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल एवं विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार राम ने पुरस्कृत किया।

         विभिन्न प्रतियोगिताओं में सबसे पहले पोस्टर निर्माण में करण सिंह प्रथम, सचिन कुमार गुप्ता द्वितीय एवं प्रिया चौरसिया तीसरें स्थान पर रहे। स्वरचित कविता पाठ में जयंत शुक्ला, धर्मराज ठाकुर एवं सुहानी कक्कड़ क्रमशः प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान पर रहे। सस्वर छंद पाठ में शिवम सांवरा प्रथम, शिवनारायण द्वितीय एवं ऋषभ सिंह तीसरे स्थान रहे। हिन्दी क्वेस्ट में स्नातकोत्तर स्तर पर जयंत, करण एवं शिवम अव्वल रहे तो स्नातक स्तर पर आकाश दुबे, अनिमेष प्रवीण एवं श्वेता सिंह विजेता रही। 

       इस मौके पर प्रतिभागियों को सम्बोधित करते हुए प्रो. मिश्रीलाल ने कहा कि हिन्दी साहित्य के माध्यम से हम अपनी उपयोगिता समाज मे सिद्ध कर सकते है, साहित्य हमे इंसान बनने की प्रेरणा देता है और आंतरिक चेतना को जागृत करता है। उन्होंने सभी प्रतिभागियों को बधाई दी और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामना दी। स्वागत प्रो. राकेश कुमार राम ने दी। संयोजन डॉ. अस्मिता तिवारी, संचालन डॉ. विजय यादव एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. नीलम सिंह ने दिया। कार्यक्रम में प्रो. राकेश कुमार द्विवेदी, डॉ. श्वेता मिश्रा, डॉ. ओमप्रकाश कुमार, डॉ. त्रिपुर सुंदरी, डॉ. शमशीर अली आदि सहित बड़ी संख्या में छात्र छात्राएं उपस्थित रहे।


(प्रताप बहादुर सिंह)

डीएवी पीजी कॉलेज, वाराणसी।

BLW Varanasi Main काव्य गोष्ठी में बुलंद हुए काव्य के बोल

हिंदी दिवस व जीवित्पुत्रिका पर बरेका में हुई काव्य गोष्ठी

F. Farouqi Babu

Varanasi (dil india live). संस्थान बरेका के तत्वाधान में काशी काव्य संगम के सहयोग से हिंदी दिवस एवं जीवित्पुत्रिका के अवसर पर काव्य पाठ का आयोजन किया गया । इस कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार एवं गज़लकार महेंद्र नाथ तिवारी अलंकार ने किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि वरिष्ठ साहित्यकार टीकाराम शर्मा तथा विशिष्ट अतिथि के वरिष्ठ साहित्यकार उषा पांडे थी। इस अवसर पर अध्यक्ष महेंद्र नाथ तिवारी अलंकार ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से हम अपनी संस्कृति, परंपरा इत्यादि को जीवित रखते हुए उसको आगे बढ़ाते हुए नई पीढ़ी को इसकी जानकारी साझा करते हैं। उन्हें बताते हैं कि हमारी संस्कृति कितनी मधुर एवं हर उत्सव को सबके साथ मिलकर मनाने वाली है जिससे आपसी भाईचारा एवं अपनत्व बढ़ाते है। आज हिंदी विश्व की बोलने वाली प्रमुख भाषा है। हिंदी का सम्मान हम सभी को करना चाहिए। सचिव संस्थान आलोक कुमार सिंह एवं उनकी पूरी टीम को साधुवाद देता हूं कि जिन्होंने इस प्रकार की अलख जगाई हुई है। इस मौके पर काव्य पाठ को प्रारंभ किया गया। कवियों द्वारा हिंदी दिवस एवं जीवित्पुत्रिका के अवसर पर प्रस्तुत गीत, कविताएं, गजल  इत्यादि ने ऐसा माहौल बना दिया जैसे लगा कि पूरा वातावरण हिंदीमय व भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम में निम्न कवियों एवं कवियित्रियों ने काव्य पाठ किया उनमें आलोक सिंह बेताब, अखलाक खान भारतीय, जयप्रकाश मिश्र, उषा पांडे ,प्रताप शंकर दुबे, परमहंस तिवारी परम, रामजतन पाल, उपेंद्र यादव, महेंद्र तिवारी अलंकार, शमीम गाजीपुरी, टीकाराम शर्मा आचार्य, वासिफ बनारसी, छोटेलाल मनमीत, ओमप्रकाश चंचल, विकास विदिप्त, करुणा सिंह, मुनींद्र कुमार पाण्डेय मुन्ना, गणेश सिंह प्रहरी, आस्तिक शुक्ला, नाथ सोनांचली, कुंवर नाजुक इत्यादि।



इस अवसर पर उत्कर्ष यादव, रवि पटेल, आकाश सरोज, अमित अस्थाना, अभिषेक सिंह, रोहित श्रीवास्तव, कार्तिकेय पारस, विजय विश्वकर्मा, सुभाष चंद्र ,रमेश चंद्र श्रीवास्तव, नीरज श्रीवास्तव ,कमलेश कुमार, सुनील कुमार, राकेश कुमार, किशन कुमार, रविशंकर भारतीय, राजकुमार, मनोज सिंह इत्यादि गणमान्य नागरिक  उपस्थित रहे।

 कार्यक्रम के प्रारंभ में श्री आनंद कुमार राय, पुस्तकालय सचिव, संस्थान ने अतिथियों का स्वागत तथा अंत में धन्यवाद ज्ञापन अखलाक खान भारतीय ने किया। पूरे कार्यक्रम के संयोजक आलोक कुमार सिंह , रहे। पूरे कार्यक्रम का संचालन मुनींद्र कुमार पाण्डेय मुन्ना ने किया।

सोमवार, 15 सितंबर 2025

Education: VKM Varanasi Main ‘हिंदी नई चाल में ढ़ली’ पर हुई चर्चा

हिंदी दिवस: सरल भाषा का प्रयोग ही राष्ट्र में एकता ला सकता-डॉ. प्रियंका सोनकर 

1873 से पहले हिन्दी एक स्वरूप में आ चुकी थी


Varanasi (dil india live). वसंत कन्या महाविद्यालय के हिंदी विभाग द्वारा ‘हिंदी नई चाल में ढ़ली’ विषय पर ‘हिंदी दिवस समारोह’ का आयोजन किया गया। इस आयोजन की मुख्य वक्ता डॉ प्रियंका सोनकर हिंदी विभाग काशी हिंदू विश्वविद्यालय थी। 

कार्यक्रम का प्रारंभ संगीत विभाग की अध्यक्ष प्रो. सीमा वर्मा एवं डॉ. पूनम वर्मा के निर्देशन में संगीत विभाग की छात्राओं द्वारा सुमधुर कुलगीत प्रस्तुति से हुआ, जिसमें तबले पर संगत सौम्यकान्ति मुखर्जी ने की। मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने कहा कि आज हमने अपनी भाषा में बहुत परिवर्तन कर लिया है। क्षेत्रीय भाषाई प्रभाव से कोई नहीं बच सका। हम विभिन्न भाषाओं को ग्रहण करते हुए अपनी भाषा में कई भाषा एवं बोलियों का प्रयोग करते हुए उनमें परिवर्तन लाते हैं। हमारी सम्प्रेषणीयता वर्तमान समय में बहुत कम हो गई है। जिसकी वजह से आज हम शब्दों के चयन और प्रयोग से दूर होते जा रहे हैं। सम्वाद की कमी ने विश्व को विनाश के कगार पर लाकर खड़ा कर दिया है। हिन्दी के की-पैड के प्रयोग पर भी उन्होंने विशेष जोर दिया। 

हिंदी दिवस की सभी को बधाई देते हुए हिंदी विभाग की अध्यक्ष प्रो. आशा यादव ने आभासी मंच के माध्यम से विषय प्रस्तवन में हिन्दी भाषा के विकास पर अपनी सुक्ष्म दृष्टि रखते हुए कहा कि भारतेन्दु हरिश्चन्द्र ने पहली बार अपनी पुस्तक ‘कालक्रम’ में ‘हिन्दी नई चाल में ढली’ वाक्य का प्रयोग किया। यह वाक्य उस समय हिन्दी भाषा में आये बदलाव को दर्शाता है। जिसमें भाषा ने प्राचीनता को छोड़कर आधुनिक रूप धारण कर लिया। भारतेन्दु ने उर्दू के बहाने पश्चिमी घुसपैठ को रोकने तथा अंग्रेजी भाषा के प्रयोग पर विराम लगाने के हिन्दी भाषा को परिष्कृत रूप को स्थापित करने का पुरजोर प्रयास किया। हिन्दी भाषा के विकास में उनका यह योगदान अमूल्य है। 


तत्पश्चात मुख्य अतिथि डॉ. प्रियंका सोनकर ने हिंदी भाषा के ज्ञान को महत्व देते हुए कहा कि 1873 से पहले हिन्दी एक स्वरूप में आ चुकी थी। उस समय हिन्दी उर्दू का विवाद चल रहा था। अंग्रेजों ने फूट डालो राज करो नीति को अपनाते हुए शासकीय कार्यो के लिए अंग्रेजी और उर्दू भाषा के प्रयोग पर अधिक बल दिया। उन्होंने शिवप्रसाद सितारे हिंद, रामविलास शर्मा, भारतेन्दु हरिश्चन्द्र, अज्ञेय, ग़ालिब, दुष्यन्त आदि साहित्यकारों के कथनों का उदाहरण देते हुए तत्कालिन समय की भाषाई स्थिति को प्रस्तुत करने का प्रयास किया। आगे उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में हिन्दी भाषा ने जो रूप धारण कर लिया है। उसके लिए यह जरूरी है कि हम उसके साथ अपना ताल-मेल बैठायें, क्योंकि सरल भाषा का प्रयोग ही राष्ट्र में एकता ला सकता है। स्नातक तृतीय वर्ष की छात्रा मौसम कुमारी ने हिंदी भाषा पर सारगर्भित भाषण प्रस्तुत किया। 

संपूर्ण कार्यक्रम के संयोजन का कार्य डॉ. प्रीति विश्वकर्मा एवं  राजलक्ष्मी ने किया। कार्यक्रम का संचालन परास्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा अनन्या सृष्टि ने तथा धन्यवाद ज्ञापन परास्नातक द्वितीय वर्ष की छात्रा सौम्या सिंह ने किया। इस उपलक्ष्य में हिंदी विभाग से डॉ. सपना भूषण, डॉ शशि कला एवं अन्य विभाग से डॉ. कमला पाण्डेय सहित महाविद्यालय के सभी शिक्षकवृंदो की उपस्थिति ने कार्यक्रम को सफल बनाया।


अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस पर प्रतियोगिता

इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब (ELC), वसंत कन्या महाविद्यालय द्वारा सेमिनार हॉल में एक अंतर-कॉलेज वाद-विवाद प्रतियोगिता अंतर्राष्ट्रीय लोकतंत्र दिवस के अवसर पर सफलतापूर्वक आयोजन किया गया। वाद-विवाद का विषय था, “ट्रम्प टैरिफ एवं ट्रेड वॉर : भारत के लिए चुनौतियाँ और अवसर”। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्राओं में राजनीतिक जागरूकता, समालोचनात्मक चिंतन और विचार-विमर्श की लोकतांत्रिक परंपरा को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या डॉ. रचना श्रीवास्तव द्वारा अध्यापकों, प्रतिभागियों एवं निर्णायकों के स्वागत से हुआ। प्रतियोगिता का मूल्यांकन करने के लिए विशिष्ट निर्णायक मण्डल उपस्थित रहा, जिसमें प्रो. अलका रानी (राजनीति शास्त्र विभाग यू.पी. कॉलेज), डाॅ. अखिलेश राय (समाज शास्त्र विभाग VKM कॉलेज) तथा डाॅ. सुप्रिया सिंह (अंग्रेज़ी विभाग VKM कॉलेज)।प्रतियोगिता में 6 टीमें (एनी बेसेंट, महामना, अरविंद घोष, गांधी, बी. आर. अम्बेडकर, कौटिल्य) शामिल थीं, प्रत्येक टीम में 8–10 सदस्य थे, किन्तु मूल्यांकन व्यक्तिगत स्तर पर किया गया। : टीमों को विषय के पक्ष एवं विपक्ष में बाँटा गया। : प्रत्येक प्रतिभागी को उद्घाटन वक्तव्य के लिए 1–1.5 मिनट का समय दिया गया। यह वाद-विवाद 3 चरणों में सम्पन्न हुई। इसमें 1. उद्घाटन वक्तव्य – 40 मिनट, 2. प्रश्न एवं प्रति-प्रश्न चरण – 30 मिनट, व 3. समापन वक्तव्य – 20 मिनट।

प्रतियोगिता के दौरान किसी प्रकार का कागज़ या इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रयोग करने की अनुमति नहीं थी; आवश्यकता पड़ने पर आयोजकों द्वारा A4 शीट उपलब्ध कराई जा रही थी।

प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों से आए छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने सारगर्भित व तर्कपूर्ण विचार प्रस्तुत किए तथा प्रश्नोत्तर चरण में एक-दूसरे से सशक्त संवाद किया। अंतिम चरण के उपरांत निर्णायकों ने प्रतिभागियों के शोध, स्पष्टता एवं वक्तृत्व कौशल की सराहना की। तत्पश्चात परिणाम घोषित किए गए।



इन विजेताओं को दिया गया पुरस्कार
1st पुरस्कार – सौम्या त्रिपाठी (बीए राजनीति विज्ञान, द्वितीय वर्ष, VKM)
2nd पुरस्कार – आस्था चौरसिया (एमए अंतिम वर्ष राजनीति, VKM)
3rd पुरस्कार – रवि (फूड और टेक्नोलॉजी, BHU)
सर्वश्रेष्ठ वक्ता पुरस्कार – जीना जुबिलिकर पटनाइक (बीए प्रथम वर्ष, VKM) को मिला। सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

प्रतियोगिता का संचालन सुचिता सिंह और बिगिनलु क्रि ऊर्जा एवं उत्साहपूर्ण ढंग से हुआ। अंत में इलेक्टोरल लिटरेसी क्लब की ओर से आभार ज्ञापन अंशिका त्रिपाठी द्वारा प्रस्तुत किया गया, जिसमें निर्णायकों, प्रतिभागियों और सभी सहयोगियों का धन्यवाद किया गया।

 यह कार्यक्रम विभागाध्यक्ष —डॉ. आशीष सोनकर एवं प्रोफेसर डॉ. अनु सिंह , डॉ. सरोज उपाध्याय, डॉ. गौतम भारती तथा प्रवीरा सिन्हा (राजनीति विज्ञान विभाग) की उपस्थिति एवं मार्गदर्शन में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। यह प्रतियोगिता केवल वाद-विवाद का मंच ही नहीं, बल्कि ज्ञान-विनिमय, तार्किक चिंतन और वसंत कन्या महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता का जीवंत उदाहरण भी रही।