मंगलवार, 2 सितंबर 2025

India Post Payment Bank ने पूरे किए 7 वर्ष

कैशलेस बैंकिंग को सुदूर क्षेत्रों में India Post दे रहा बढ़ावा-पोस्टमास्टर जनरल

इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक मात्र ₹149 में ‘प्रीमियम आरोग्य बचत खाता’ की शुरुआत, श्री कृष्ण कुमार यादव ने अधिकाधिक लोगों को जोड़ने का किया आह्वान

आईपीपीबी के माध्यम से डाकिया आज एक चलते फिरते बैंक के रूप में कर रहा कार्य

Ahemdabad (dil India live). डाक विभाग के उपक्रम के रूप में स्थापित India Post Payment Bank ने अपने आठवें स्थापना दिवस पर ‘आपका बैंक, आपके द्वार’ की संकल्पना को साकार करते हुए 'वित्तीय समावेशन' और 'डिजिटल इंडिया' मिशन को नई गति प्रदान करने के संकल्प को दोहराया। इस अवसर पर उत्तरी गुजरात परिक्षेत्र, अहमदाबाद के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि पिछले सात वर्षों में आईपीपीबी ने ग्रामीण भारत में बैंकिंग सेवाओं को आम जन तक पहुँचाने में अभूतपूर्व योगदान दिया है। आईपीपीबी का उद्देश्य प्रत्येक भारतीय को डिजिटल रूप से सशक्त बनाना और आर्थिक स्वतंत्रता की ओर अग्रसर करना है। सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने में यह बैंक एक प्रभावी माध्यम बन चुका है। 1 सितंबर 2018 को प्रधानमंत्री मोदी द्वारा राष्ट्रव्यापी शुभारंभ के साथ स्थापित India Post Payment Bank ने आज एक मजबूत आधार खड़ा किया है। 


गौरतलब है कि उत्तर गुजरात परिक्षेत्र में 18 लाख से ज्यादा India Post Payment Bank खाते संचालित किए जा रहे हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में उत्तर गुजरात में India Post Payment Bank द्वारा अब तक 2.41 लाख लोगों का सामान्य सुरक्षा बीमा, सीईएलसी के तहत 6.44 लाख लोगों का घर बैठे मोबाइल अपडेशन, 55 हजार से अधिक बच्चों का घर बैठे आधार नामांकन किया गया। 94 हजार से ज्यादा लोगों को 54 करोड़ रूपये का डीबीटी भुगतान किया गया। आईपीपीबी ग्राहकों का 48 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो कि नारी सशक्तिकरण में भी इसकी महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित करती हैं। 

सोमवार, 1 सितंबर 2025

Dr Rahat Indori Or Anjum रहबर ने ये कैसा कलाम सुनाया

मियां बीबी और फिर तलाक़ ने किया था राहत इंदौरी-अंजुम रहबर को एक दुजे से अलग

जानिए जब एक साथ मंच किया था साझा तो कैसे छलका था अशरार बनकर दर्द...


Varanasi (dil India live). डाक्टर राहत इंदौरी और अंजुम रहबर दुनिया के महान शायर और शायरा थे यह ज्यादातर लोगों को इल्म है। यह भी सभी जानते होंगे की दोनों महान शायर और शायरा एक समय में पति पत्नी थे। 1993 के बाद इनका तलाक हो गया। समय बीता और इंन दोनों को एक साथ किसी मुशायरे में मंच साझा करने का मौका मिला तो दोनों के दर्द अशरार बन गए। दोनों ने जो शेर पढ़े उनसे इनकी नाराजगी, दर्द और छिपी हुईं मुहब्बत का बाखूबी इज़हार होता चला गया। यहां उन दोनों के अशरार का बहुत मार्मिक वर्णन देंखें। पेश है इसी मुशायरे के कुछ शेर जो दोनों ने एक दूसरे को इशारा करते हुए कहे।...

अंजुम रहबर के कलाम 

मोहबतों का सलीका सिखा दिया मैंने 
तेरे बगैर भी जी कर दिखा दिया मैंने,

बिछड़ना मिलना तो किस्मत की बात है लेकिन 
दुआएं दे तुझे शायर बना दिया मैंने।

जहाँ सजा के मैं रखती थी तेरी तस्वीरें 
अब उस मकान में ताला लगा दिया मैंने 

जो तेरी याद दिलाता था चहचाहाता था 
मुंडेर से वो परिंदा उड़ा दिया मैंने 

यह मेरे शेर नहीं मेरे जख्म हैँ 'अंजुम '
ग़ज़ल के नाम पे क्या क्या सुना दिया मैंने 

ये अभी और हसीं और सुहाना होगा 
न हुआ है न कभी प्यार पुराना होगा 

है ताल्लुक तो अना छोड़नी होगी इक दिन 
तुमसे रूठी हूँ तुझे आ के मनाना होगा 

है कोई और नज़र में तो इजाजत है तुझे 
शर्त इतनी है मुझे शादी में बुलाना होगा

डा. राहत इंदौरी का जवाब 

बचा के रक्खी थी कुछ ज़माने से 
हवा चिराग उड़ा ले गईं सरहाने से 

हिदायतें न करो नसीहतें न करो इश्क करने वालों को, यह आग और भड़क जायगी भूझाने से 

हुआ है सामना फिर जिंदगी का अर्से बाद 
बड़े दिनों में पुरानी मिली पुराने से 

हरेक इम्तिहाँ से गुजर थोड़ी जायेंगे 
तुझसे नहीं मिलेंगे तो मर थोड़ी जायेंगे 

उठने को उठ गए हैँ तेरी बज्म से 
अब इतनी रात हो गईं है घर थोड़ी जायेंगे 

अब जो मिला है उसका निभाएंगे साथ हम 
तेरी तरह से मुकर थोड़ी जाएंगे...।।

"साभार"

Education: VKM Varanasi Main विश्व जनसंख्या दिवस पर हुई प्रतियोगिताएं

सतत जनसंख्या के प्रति जागरूकता बेहतर समाज के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक-प्रो. रचना

Varanasi (dil India live). वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा में 01 सितम्बर 2025 को “सतत भविष्य के लिए सतत जनसंख्या” विषय पर विश्व जनसंख्या दिवस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि सतत जनसंख्या के प्रति जागरूकता एक बेहतर समाज और सुरक्षित भविष्य के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को ऐसे सार्थक आयोजनों में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रेरित किया। समाजशास्त्र विभागाध्यक्ष डाॅ. कल्पना आनंद ने प्रतिभागियों का स्वागत किया और कहा कि इस प्रकार की अकादमिक एवं रचनात्मक प्रतियोगिताएँ विद्यार्थियों को वैश्विक समस्याओं पर अपने विचार प्रस्तुत करने का सशक्त मंच प्रदान करती हैं। कार्यक्रम में दो प्रमुख प्रतियोगिताएँ आयोजित की गईं, पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता और प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता। 



पोस्टर निर्माण प्रतियोगिता 

समृद्धि श्रीवास्तव (बी.ए. द्वितीय वर्ष, पेंटिंग ऑनर्स) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, पलक धाकड़ (बी.ए. तृतीय वर्ष, राजनीति विज्ञान ऑनर्स) ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया तथा कल्याणी कुमारी (बी.ए. तृतीय वर्ष, समाजशास्त्र ऑनर्स) एवं सत्य शुभम (बी.ए. तृतीय वर्ष, समाजशास्त्र ऑनर्स) ने संयुक्त रूप से तृतीय स्थान प्राप्त किया। इस प्रतियोगिता का मूल्यांकन डाॅ. वर्षा सिंह, पेंटिंग विभाग, वसंत कन्या महाविद्यालय द्वारा किया गया। 

प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता

आकांक्षा गुप्ता (बी.ए. अंतिम वर्ष, मनोविज्ञान ऑनर्स) एवं अंशिका यादव (बी.ए. अंतिम वर्ष, राजनीति विज्ञान ऑनर्स) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। द्वितीय स्थान महिमा सोनकर (बी.ए. द्वितीय वर्ष, राजनीति विज्ञान ऑनर्स) एवं अदिति कुमारी (बी.ए. द्वितीय वर्ष, भूगोल ऑनर्स) को मिला जबकि तृतीय स्थान नितीशा सिंह (बी.ए. तृतीय वर्ष, समाजशास्त्र ऑनर्स) एवं निधि कुशवाहा (बी.ए. द्वितीय वर्ष, भूगोल ऑनर्स) ने प्राप्त किया। 

UP K Varanasi Main साठे के जुलूस में हुआ जंजीर और कमा का मातम

ताबूत और अमारी के जुलूस की जियारत को उमड़ा हुजूम


सरफराज/रिज़वान 
Varanasi (dil India live). सोमवार को ग़म ए हुसैन के अंतिम जुलूस में 11 वे इमाम हज़रत इमाम हसन अस्करी की शहादत पर ताबूत और अमारी की ज़ियारत के लिए हुजूम उमड़ पड़ा। बनारस के अलावा बिहार, झारखंड, वेस्ट बंगाल, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश जैसे प्रांतों के लोग भी ज़ियारत के लिए बनारस पहुंचे हुए थे। इस दौरान दालमंडी की पुरानी अदालत में अज़ाखाना शब्बीर और सफदर से ताबूत, अलम, दुलदुल और अमारी का जुलूस निकाला गया। अंजुमन हैदरी चौक ने आरंभ से अंत तक नोहाख्वानी व मातम के साथ जंजीर और कमा के ज़रिए नजराना पेश किया।


लगातार 8 वें दिन मौलाना अब्बास इरशाद नकवी लखनऊ ने मजलिस को खिताब किया। मजलिस के बाद अजाखाने से जुलूस निकाला गया जो दालमंडी होकर नयी सड़क चौराहे पर पहुंचा जहां जंजीर और कमा का मातम हुआ। इसके बाद मौलाना नदीम असगर ने तकरीर पेश की तो पितृकुंडा पर मौलाना कैसर अब्बास आज़मी, नई पोखरी पर मौलाना यूसुफ mashhadi ने तकरीर की। इसके बाद जुलूस दरगाहे फातमान पहुंचा जहां पर मौलाना तहज़ीबुल हसन (इमाम ए जुमा रांची) ने तकरीर की, इस मौके पर आखिरी और अलविदाई तकरीर मौलाना अकील हुसैनी ने की। इस दौरान हैदर किरतपुरी, सलीम बलरामपुरी, रशीद मोरानवी, शाद सिवानी, अतहर बनारसी आदि ने शायरों ने कलाम पेश किया। अंजुमन हैदरी के नौजवानों ने दर्द भरे भौहों से लोगो की आँखें नम कर दी। अस्करी रज़ा सईद तथा नायब रज़ा ने जुलूस में शिरकत करने वालों का शुक्रिया अदा किया।




 ईद ए जहरा आज (२सितंबर)

Hazrat अली समिति के सचिव और मीडिया प्रभारी हाजी फरमान हैदर ने बताया कि २ महीना ८ दिन तक चलने वाले ग़म ए हुसैन का दौर साठे के जुलूस के साथ पूरा हो गया। जुलूस के समापन के बाद महफिलों और खुशियों का दौर शुरू हुआ चला है। मंगलवार को शिया समुदाय ईद ए जहरा की खुशियां मनाएगा। कई जगह महफिलों का आयोजन होगा। 3 सितंबर से यौमुन्नबी वीक का आगाज हो जाएगा।

Varanasi Main Painting के जरिए नेत्रदान के प्रति Childrens ने किया जागरूक

सम्मान समारोह में सम्मानित किए गए नेत्रदाता


Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live). लायंस आई बैंक के तत्वावधान में टंडन नर्सिंग होम, बड़ी पियरी में 40 वे नेत्रदाता सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। इस मौके पर लायंस आई बैंक के सचिव व नेत्र सर्जन डॉ. अनुराग टंडन ने कहा कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाज को नेत्रदान के प्रति जागरूक करना और नेत्रदाताओं व सहयोगियों को सम्मानित करना है। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि भाजपा नेता अमरीश सिंह भोला पूर्व वीसी चंद्रकला पाड़िया, बीएचयू आईएमएस के डायरेक्टर प्रो. शंखवार, खत्री समाज के दीपक बहल और काशीवार्ता के निदेशक सुशील सिंह मौजूद थे। आए हुए अतिथियों का अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और प्रमाण पत्र देकर स्वागत किया गया। इस दौरान शहर के चार बड़े विद्यालयों के बच्चों ने पेंटिंग के जरिए नेत्रदान के महत्व का संदेश दिया।



समारोह को संबोधित करते हुए अम्बरीष सिंह भोला ने कहा, “मुझे गर्व है कि डॉ. अनुराग टंडन लायंस आई बैंक के माध्यम से समाज में नेत्रदान की अलख जगा रहे हैं। उनका यह कार्य प्रेरणादायी है।” वहीं प्रो. संखवार ने कहा कि डॉ. टंडन के कार्य को देखते हुए आईएमएस बीएचयू ने उनके साथ करार किया है। उन्होंने बताया कि अब तक 120 से अधिक कॉर्निया आईएमएस से लायंस आई बैंक को उपलब्ध कराए जा चुके हैं।समारोह में लायंस क्लब वाराणसी सिटी और खत्री हितकारिणी सभा का विशेष योगदान रहा। डॉ. अनुराग टंडन ने बताया कि यह आयोजन संस्था के संस्थापक स्वर्गीय कैलाश टंडन की स्मृति को समर्पित था। इस अवसर पर बड़ी संख्या में गणमान्य लोग उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से डॉ. शालिनी टंडन, डॉ. शेखर, डॉ. जे.पी. सिंह, डॉ. विशाल यादव,  डा अजीत सहगल डाक्टर विशाल  यादव राजीव टंडन, एडवोकेट आलोक शुक्ला, उत्तर प्रदेश दवा संगठन के संदीप चतुर्वेदी, मुकेश कक्कड़, शम्मी खत्री, कृष्ण कुमार, शिवशंकर कपूर, केशव जालान, मुकुंद लाल टंडन, पूनम गुप्ता व निरंकार नाथ टंडन सहित सैकड़ों लोग शामिल हुए। समारोह के अंत में यह संकल्प लिया गया कि नेत्रदान के अभियान को और गति दी जाएगी, ताकि अंधकारमय जीवन जी रहे लोगों को नई रोशनी मिल सके।

रविवार, 31 अगस्त 2025

Varanasi K Dalmandi से निकलेगा कर्बला के शहीदों का साठे का जुलूस

अजाखाना शब्बीर और सफदर पुरानी अदालत में होगी मजलिस व निकलेगा अंतिम जुलूस

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). दालमंडी पुरानी अदालत से शब्बीर और सफदर के अज़ाखाने से 11 वे इमाम हसन अस्करी का ताबूत, अलम, दुल्दुल् और अमारी के साथ निकाला जाएगा। मौलना अब्बास इरशाद नकवी लखनऊ मजलिस को खिताब करेंगे तो अंजुमन हैदरी नोहाख्वानी व मातम करके जुलूस की अगवाई करेगी। 


शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि जुलूस के नई सड़क पहुंचने पर जंजीर और कमा के मातम से शहीदाने करबला को नजराने अकीदत पेश किया जाएगा। काली महल पहुंचने पर जुलूस ए अमारी के इस्तकबाल में मौलाना नदीम असगर तकरीर करेंगे, शोहरा कलाम पेश करेंगे। पितरकुंडा पर मौलाना कैसर अब्बास की तकरीर होगी। नई पोखरी पर अंजुमन ज़व्वादिया जुलूस का इस्तकबाल करेगी, यूसुफ मशहदी की तकरीर होगी। फातमान पर मौलाना तहज़ीबुल हसन इमाम ऐ जुमा वाराणसी अमरियो का परिचय कराएंगे। अलविदाई मजलिस को मौलाना सय्यद मोहम्मद अकील हुसैनी खिताब करेंगे। श्री हैदर ने बताया कि इस प्रकार 2 महीना 8 दिन तक चलने वाला मोहर्रम के मजलिस मातम के सिलसिले पर विराम लगेगा।

UP K Varanasi Main जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में तीन दिवसीय हिंदी और उर्दू कार्यशाला

कार्यशाला में हिंदी-उर्दू भाषा में प्रशिक्षण, मूल्यांकन तथा प्रश्न-पत्र निर्माण पर हुई बातें 

Varanasi (dil India live). जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सारनाथ वाराणसी में तीन दिन तक चले हिंदी एवं उर्दू भाषा में प्रशिक्षण एवं मूल्यांकन तथा प्रश्न-पत्र निर्माण पर प्रशिक्षण एवं कार्यशाला का खूबसूरत माहौल में आज समापन हुआ। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय परीक्षण सेवा भारत, भारतीय भाषा संस्थान मैसूर से आए हुए एनटीएस के सदस्यों

 डॉक्टर बीरेश कुमार, डॉक्टर अब्दुल हलीम, डॉक्टर गुलाम मोहिउद्दीन अंसारी, डॉक्टर पंकज द्विवेदी आदि शामिल रहे। कार्यशाला का शुभारंभ 28 अगस्त को डायट सारनाथ स्थित बुद्धा सभागार में डायट प्राचार्य डॉ उमेश कुमार शुक्ला द्वारा दीप प्रज्वलन कर किया गया। साथ ही साथ उर्दू भाषा के ज्ञाता के रूप में BHU के प्रोफेसर आफताब अहमद आफ़ाक़ी, डॉ मुशर्रफ अली एवं डॉ अनिल कुमार सिंह आदि ने गेस्ट लेक्चरर के रूप में संबोधन किया।


ज्ञात हो कि इस कार्यशाला में भारतीय भाषा संस्थान मैसूर की ओर से आयोजित वाराणसी के सभी 9 विकास खंड क्षेत्र से आए हुए हिंदी और उर्दू के 90 कार्यरत शिक्षकों को प्रश्न पत्र  निर्माण से संबंधित जानकारी प्रदान की गई। 

प्रशिक्षण लेने वाले शिक्षकों में तीनों एस आर जी अखिलेश्वर गुप्ता, डॉ कंवर भगत सिंह, डॉ राजीव कुमार सिंह, डॉ  एहतेशामुल हक,अब्दुर्रहमान, शकील अहमद अंसारी, महबूब आलम, आमरा जमाल, सलमा जमाल, नीलम राय, रेखा वर्मा, इश्तियाक अंसारी, डॉ नज़मुस्सहर, नीलू त्रिपाठी,साजिदा बेगम, चिराग अंसारी, अशफाक अलम, करिश्मा आफरीन, सदरुद्दीन, नौशाद अहमद, शमा परवीन, मीना, सुल्ताना परवीन, नाहिद अंजुम, मुहम्मद रईस आदि के नाम प्रमुख है। आज समापन के अवसर पर सभी प्रतिभागियों को डायट प्राचार्य द्वारा प्रमाण पत्र प्रदान किया गया एवं धन्यवाद ज्ञापन डायट उर्दू प्रवक्ता डॉक्टर नगमा परवीन एवं हरगोविंद पुरी ने अदा किया।