सोमवार, 6 अप्रैल 2026

Election 2027: SP ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा हो जाएं तैयार

समाजवादी पाटी 2027 का चुनाव जीतेंगी-रीबू श्रीवास्तव




F. Farouqi Babu 

dil india live (Varanasi). आगामी विधानसभा चुनाव 2027 (Election 2027) को लेकर SP ने समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं से कहा है कि अब समय आ गया है तैयार हो जाएं। आगामी चुनाव के मद्देनजर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं की एक बैठक समाजवादी युवजन सभा के राष्ट्रीय सचिव मो. रिजवान के ककरमत्ता स्थित आवास पर हुई। कार्यक्रम में बैठक की अध्यक्षता कर रही (कैंट विधानसभा प्रभारी समाजवादी पार्टी) पूर्व मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार रीबू श्रीवास्तव का पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया गया।

अपने संबोधन में Ribu Srivastava ने कार्यकर्ताओं को आश्वस्त करते हुए कहा कि अब समय आ गया है हम लोगों को हर कदम होशियारी से बढ़ाना है। उन्होंने दावा किया कि 2027 का चुनाव समाजवादी पार्टी जीतेंगी। कर्म करते रहिए सफलता ज़रूर मिलेगी। जनता भाजपा सरकार की नीतियों से परेशान है।

बैठक में मुख्य रूप से जावेद अली, जितेन्द्र त्रिपाठी, हाजी असलम, आतिफ ख़ान, रेहान ख़ान, चंदन प्रजापति, छोटू मौर्य, विकास मौर्य, आमिर खान, राहुल पटेल, खुर्शीद आलम, सूफियान अंसारी, बच्चू यादव, गोबिंद प्रजापति आदि लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता रीबू श्रीवास्तव तथा संचालन मो. रिज़वान ने किया।

रविवार, 5 अप्रैल 2026

ISSRA Varanasi ने लगाया Hajj Camp, जुटे जायरीन

एहराम की हालत में बहुत सी चीजें हम पर हो जाती है 'हराम'





dil india live (Varanasi). इसरा (ISSRA) वाराणसी यूपी की ओर से 29.03.2026 दिन रविवार से स्पेशल हज ट्रेनिंग कैम्प उल्फत  कंपाउंड अर्दली बाजार शुरू हुआ था। आज दूसरे रविवार 05.04.2026 को हज ट्रेनिंग कैम्प मौलाना अब्दुल आदी खां  हबीबी की अगुवाई व मायनाज ओलमा की मौजूदगी में सकुशल सम्पन्न हुआ। मुख्य ओलमा मौलाना हसीन हबीबी साहब, मौलाना मुबारक, हाफिज गुलाम रसूल, शायर सैय्यद असफर अली आदि ने अपने खयालात का इज़हार किया। इसरा के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां लोगों का खैरमकदम कर रहे थे।

शुरूआत हाफिज गुलाम रसूल ने तिलावते कलाम पाक से की। इस ट्रेनिंग कैम्प में मौलाना मुबारक ने एहराम के बारे में बताते हुए कहा कि एहराम कपड़े का नाम नहीं है जिसमें नियत करने के बाद एहराम की हालत में बहुत सी चीजें हम पर हराम हो जाती है:- (1) औरत से सोहबत. (2) बोसा लेना, (3) गले लगाना, (4) किसी से लड़ाई झगड़ा करना, (5) जंगल का शिकार, (6) अपना या दूसरे का नाखून कतरना या दूसरे से अपना कटवाना, (7) मुँह या सिर किसी कपड़े आदि से छिपाना, (8) गठरी सिर पर रखना, (9) खुश्बू बालों, बदन या कपड़ों में लगाना, (10) अमामा। मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने मिकात के बारे में बताते हुए कहा कि मिकात 5 प्रकार की होती है। 1. जुल हुलैफा 2. यलम-लम, 3. जुहूफा, 4. कर्नुल माजिल 5. जाते इर्क। जिसमें जुल हुलैफा मदीन-ए-मुनव्वरा से मक्का शरीफ आने वालों के लिए मिकात है और यलम-लम पाकिस्तान व हिन्दुस्तान से मक्का शरीफ जाने वालों के लिए मिकात है। और उन्होंने कहा कि किसी सूरत में भी मिकात के अंदर आप बिना एहराम के दाखिल नहीं हो सकते हैं। अगर दाखिल हो गये तो दम लाजिम हो जायेगा और दम (कुर्बानी) देना पड़ेगा। मौलाना हसीन हबीबी ने हज के बारे में बताते हुए कहा कि हज भी नमाज, रोजा, क्रमशः-2 और जकात की तरह इस्लाम का एक अहम फरीजा और पाँचवा रूक्न है हैसियत वाले आकिल, बालिग, मुसलमान मर्द व औरत पर उम्र में एक बार हज फर्ज है। हज तीन तरह का होता है (1) हज्जे किरान, (2) हज्जे तमत्तो (3) हज्जे इफराद। 1. हज्जे किरान- 1. ये सबसे अफजल है। इस हज के अदा करने वाले को कारीन कहते हैं। इसमें उमरह और हज का एहराम एक साथ बाँधा जाता है। 2. हज्जे तमत्तो- यह हज मीकात के बाहर से आने वाले अदा कर सकते हैं मसलन पाकिस्तान या हिन्दुस्तान से आने वाले हाजी अमूमन हज्जे तमत्तो ही किया करते हैं क्योंकि इससे ये आसानी है कि इसमें उमरह तो होता ही है। लेकिन उमरह अदा करने के बाद हलक या कस्र करवाके एहराम खोल दिया जाता है और आठ जिलहिज्जा या उससे कब्ल हज का एहराम बाँधा जाता है। 3. हज्जे इफराद- इस हज में उमरह शामिल नहीं है। इसमें सिर्फ हज का एहराम बाँधा जाता है। ये हज मीकात और हुदुदे हरम के दरमियान रहने वाले लोग हज्जे इफराद करते हैं। 

ख़्वातीन की अलग हुई है ट्रेनिंग 

औरतों में लेडीज ट्रेनर सैय्यदा खानम, निकहत फातमा व अनम फातमा मौजूद थी। सैय्यदा खानम ने औरतों के एहराम के बारे में बताते हुए कहती है कि औरतों के एहराम उनके अपने सिले हुए कपड़े ही हैं वे हस्बे मामूल सिले हुए कपड़े पहनने दस्ताने व मोजे भी पहन सकती हैं। एहराम की हालत में औरतों को सिर ढॉकना जरूरी है मगर चेहरे को चादर से नहीं ढ़क सकती। एहराम की हालत में औरतों को ये चीजें मना है जैसे अजनबी मर्द के सामने बेपर्दा होना, तलबिया जोर से पढ़ना, तवाफ में इज्तिबा और रमल करना सई में मीलैन के दरमियान दौड़ना, मर्दो के हुजूम के वक्त हजरे असवद को बोसा देना। यह सब उमूर मना है। 

इनकी रही खास मौजूदगी 

खुसूसी तौर पर मर्दो में वाराणसी से मोहम्मद साजिद, गुलाम रसूल, मोहम्मद युनूस, शोहराब आलम, मोहम्मद युसूफ, हफीजुल्लाह, मोहम्मद मुबारक फिरोज अहमद, अब्दुल सलाम, गाजीपुर से मोहम्मद हनीफ, मोहम्मद अमीन, खुर्शीद सिद्दीकी, चन्दौली से अब्दुल बारी, इमरान, फिरोज अहमद, वहीदुल्लाह, अब्दुल हफीज भदोही से मोहम्मद निजामुद्दीन, मोहम्मद शेख शफीक, औरतों में साजिदा बेगम, अनवरी बेगम, खलीकुन्न निशा, आसमां बेगम, नूरजहां, आसिया खातून, निकहत सुलताना, अंजूम, रूबीना बानो, नसरीन तथा इसरा के अन्य सदस्य एवं पदाधिकारीगण मौजूद थे। 

Desh duniya mein ईस्टर के महापर्व की गूंज

महागिरजा में देर रात झूमे मसीही

ख्रीस्त हमारा जी उठा, खुशी मनाएं झूमे-गाएं...



Varanasi (dil India live)। सेंट मेरीज महागिरजा की घड़ी ने जैसे मध्य रात्रि का संकेत दिया, मसीही समुदाय ईस्टर की खुशी में झूम उठा। कैथलिक चर्चे में एक साथ पास्का गीत बुलंद हो उठे 'जी उठा-जी उठा, खीस्त हमारा जी उठा, खुशी मनाए, झूमे गाए अल्लेलूया।'...व 'आओ खीस्त भक्तगण आओ, परित्राता की महिमा गाओ, पूजनीय पास्का के बलि को तुम सब महिमा गान चढ़ाओ।' देर रात तक सेंट मेरीज महागिरजा के अलावा मातृधाम, सेंट जांस महरौली, सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी चर्च नगवां, सेंट जॉस महरौली, सेंट जांस डीरेका, ईश माता मंदिर शिवपुर, मरियम माता चर्च मवैया समेत तमाम कैथलिक चर्च खूबसूरत गीतों से देर रात तक गूंजते रहे।

दरअसल प्रभु ईसा मसीह की क्रूस पर शुक्रवार को हुई पवित्र मौत के बाद रविवार को प्रभु ईसा मसीह जी उठे थे इसकी खुशी में मसीही समुदाय ने देर रात्रि तक खुशियां मनाई। इस दौरान चर्चों और गिरजाघरों में प्रभु यीशु की झांकी देखने मसीही पहुंचे, विशेष प्रार्थना सभा भी हुई। सेंट मेरीज महागिरजा में वाराणसी धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष बिशप यूजीन की अगुवाई व पल्ली पुरोहित फादर जान अब्राहम के संयोजन में प्रार्थना सभा व गीत- संगीत का कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम में देर रात चर्च परिसर में कैंडल के आग से आशीष की गयी। तत्पश्चात उसी आग से एक बड़ा-सा कैंडल जलाया गया। जिसे लोग पास्का मोमबत्ती कहते हैं। उस कैंडल से उपस्थित सभी लोगों ने बारी-बारी से कैंडल जलाकर एक जुलूस निकाला और जुलूस में प्रभु यीशु का जयकारा लगाते हुए मसीही चर्च के अंदर चले गये। इस मौके पर फादर थामस, फादर जोसेफ परेरा, सिस्टर अंजू, सिस्टर जमीला, सिस्टर मंजू, सिस्टर विनाया, सिस्टर तारा आदि  जन समूह मौजूद था।

प्रभु ईसा मसीह के पुनः जीवित होने की याद में ईस्टर पर रविवार को ईस्टर एग का प्रसाद लोगों में बांटा जायेगा। ईसाई मान्यता है कि अंडा पुनर्रत्थान का प्रतीक है। इसलिए एंग का प्रसाद दिया जाता है।


लोगों ने एक दूसरे को दी ईस्टर की बधाईयां 

मध्य रात्रि से शुरू हुआ ईस्टर का जश्न रविवार को अपने शवाब पर था। कैथलिक व प्रोटेस्टेंट मसीही समुदाय ने ईस्टर को पुनुरुत्थान दिवस की खुशी के रूप में सेलीब्रेट किया। इस दौरान जुलूस निकले व गिरजाघरों में विशेष आराधनाएं हुई। लोगों ने एक दूसरे को हैप्पी ईस्टर' कह विश किया। सेंट मेरीज महागिरजा में ईस्टर संडे सुबह 8 बजे वाराणसी धर्मप्रांत की ओर से मनाया गया। इसमें हिन्दी व अंग्रेजी में अलग-अलग आराधना करायी गयी। इस मौके पर विदेशी सैलानियों ने भी महागिरजा में आराधना की। लोगों में एग और बन का प्रसाद भी बांटा गया।

तेलियाबाग चर्च में हुई प्रार्थना सभा

तेलियावाग सीएनआई चर्च में पादरी आदित्य कुमार ने प्रार्थना सभा को सम्बोधित करते हुए ईसा मसीह की महानता और उनके चमत्कार पर प्रकाश डाला और प्रभु यीशु के पूर्व जन्म के बारे में बताया। कहा कि जिस प्रकार प्रभु यीशु मृत्यु से जी उठे, उसी प्रकार हम मानव जाति भी दुनिया के अंत में पूरे शरीर के साथ पुनर्जीवित होंगे। इसलिए सभी लोग दुनिया के अंतिम दिन तक अच्छा काम करें। कहा कि यह पर्व प्रेम, दया, दीनता, नम्रता का संदेश देता है। प्रभु यीशु ने दूसरों के लिए प्रेम करने व जीने की शिक्षा दी है। इस मौके पर मसीही गीत से पूरा चर्च गुंजायमान हो उठा। इससे पहले सुबह जुलूस निकला जिसमें कैंडिल लेकर ईसाई समुदाय के नर नारियों और बच्चों ने शिरकत की। ईस्टर का जश्न मनाते मसीही जुलूस गिरजाघर पहुंच कर सम्पन्न हुआ। लाल गिरजा में पादरी इकबाल मसीह ने प्रार्थना सभा में यीशु के प्रेम एवं वलिदान के महत्व पर रौशनी डाली। यहां अनुप दयाल, विजय दयाल, सुशील बेंजामिन, शीला पॉल, डा. रोशनी, रोमी सिंह, नील चरण कमल, डेविड, मोनिका फिलिप्स, रोहित चरण, सनी, रोमा, आनंद आदि मौजूद थे। 


चर्च ऑफ बनारस में नाट्य का मंचन

चर्च ऑफ बनारस छावनी में पादरी बेन जॉन की अगुवाई व सु जॉन के संयोजन में ईस्टर मनाया गया। ईस्टर पर यहां नाठ्य का मंचन हुआ जिसमें चर्च के बच्चों ने प्रभु यीशु का कब्र से जी उठने को अपनी अभिव्यक्ति से मंच पर दर्शाया। यहां अंत में लोगों ने ईस्टर लंच भी किया।

लाल गिरजा पहुंचा कैडल जुलूस

लाल गिरजाघर की कलीसिया ने सुवह कटिंग मेमोरियल से कैंडिल मार्च निकला जिसमें बड़ी संख्या में मसीही हाथों में कैडिल लिए हुए थे। जुलूस प्रभु यीशु मसीह की जयकार करते हुए लाल गिरजाघर कैंटोंमेंट पहुंच कर जुलूस सम्पन्न हुआ। इस दौरान लोगों ने एक दूसरे को बधाई दी।

सेंट पाल चर्च में ईस्टर की खुशी

सिगरा स्थित सेंट पाल चर्च में पुनरुत्थान दिवस पादरी संजय दान की अगुवाई में मनाया गया। ऐसे ही सेंट थामस चर्च में पादरी न्यूटन स्टीवन, महमूरगंज स्थित सेंट बेटलफूल गॉस्पल चर्च में पास्टर एंड्रू थामस्, ईसीआई चर्च सुंदरपुर में पादरी नवीन ज्वाय व पास्टर दशरथ पवार, विजेता प्रेयर फिनिस्ट्रीज में पास्टर अजय कुमार की अगुवाई में ईस्टर मनाया गया।

शनिवार, 4 अप्रैल 2026

VKM Varanasi Main इंटर कॉलेज वाद-विवाद प्रतियोगिता

‘मध्य पूर्वी संकट: दृष्टिकोणों का संघर्ष’ पर हुई चर्चा 




dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा , वाराणसी में इतिहास विभाग के छात्र क्लब इतिवृत (कैटलिस्ट) द्वारा इंटर कॉलेज वाद-विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का मुख्य विषय ‘मध्य पूर्वी संकट: दृष्टिकोणों का संघर्ष’ पर आधारित रहा। इस कार्यक्रम को ‘काया फाउंडेशन’ द्वारा प्रायोजित किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया तत्पश्चात विभागाध्यक्ष प्रो पूनम पांडेय द्वारा स्वागत वक्तव्य प्रस्तुत किया गया। यह प्रतियोगिता दो चरणों में आयोजित की गई। पहला चरण परंपरागत बाद विवाद चरण था एवं द्वितीय चरण नीति निर्माण से संबंधित था। महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो रचना श्रीवास्तव ने पश्चिमी एशिया की राजनीति को केंद्र में रखते हुए भारत की तटस्थता की नीति के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने इतिहास विभाग एवं छात्र क्लब के इस सफल आयोजन की सराहना करते हुए सभी प्रतिभागियों को शुभकामनाएं दीं। प्रो केशव मिश्रा ने समकालिक वैश्विक राजनीति के इस उथल पुथल भरे दौर में वास्तविक राजनयिक नेतृत्व के अभाव पर जोर दिया। उन्होंने विशेष रूप से एशियाई प्रतिक्रियाओं को समझने के संदर्भ में “थिंक ग्लोबल एक्ट लोकल” की अवधारणा का समर्थन किया। वहीं डॉ. श्रुति ने भारत की नैतिक विदेश नीति की परंपरा पर बल देते हुए कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में यही दृष्टिकोण मार्गदर्शक होना चाहिए।

प्रथम चरण के निर्णायक प्रो संजीव कुमार (इतिहास विभाग, VCW), प्रो विनोद चौधरी (इतिहास विभाग, DAV) तथा प्रो इंदु उपाध्याय (अर्थशास्त्र विभाग, VKM) थीं। वहीं दूसरे चरण में प्रो केशव मिश्रा (पूर्व विभागाध्यक्ष, इतिहास विभाग, काशी हिंदू विश्विद्यालय), प्रो रचना श्रीवास्तव (प्राचार्य, वसंत कन्या महाविद्यालय) तथा डॉ. श्रुति दुबे (राजनीति विज्ञान विभाग, काशी हिंदू विश्वविद्यालय) सम्मिलित रहे।

इस प्रतियोगिता में विभिन्न महाविद्यालयों एवं संकायों के कुल 40 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतियोगिता में प्रथम स्थान शिवांग पाल, द्वितीय स्थान प्रियंका रजवार तथा तृतीय स्थान वैष्णवी ने प्राप्त किया। विजेताओं को प्रमाण पत्र एवं स्मृति चिह्न प्रदान कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में छात्र क्लब के सदस्यों सौम्या त्रिपाठी,पंखुड़ी अरोरा, विभा,मानविका, मनीषा, श्रद्धा,सुगंधा,वृद्धि, सिद्धि, शालिनी, जीत, मुस्कान, विजयश्री आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ शशिकेश कुमार गोंड द्वारा किया गया। इस अवसर डॉ निरंजना श्रीवास्तव, डॉ श्वेता सिंह, डॉ अनुजा त्रिपाठी एवं सुश्री रणनीति राय सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं एवं शिक्षकगण उपस्थित रहे।

शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026

Good Friday 2026: St. Mary's यहां गिरजाघर Varanasi में क्रूस मार्ग की हुई आराधना

चर्चेज में हुई प्रार्थना सभाएं, उमड़ा जनसैलाब 

यीशु के सात वचन सुनकर छलकी सभी की आंखें















Varanasi (dil India live)। ईसा मसीह को क्रुस पर पवित्र मौत की याद में चर्चेज में गुड फ्राइडे सादगी के साथ मनाया गया। इस मौके पर विशेष आराधना व प्रार्थना सभा संजीदा माहौल में हुई। सेंट मैरीज महागिरजा, तेलियाबाग सीएनआई चर्च, लाल गिरजाघर, सेंट पॉल चर्च, सेंट थॉमस चर्च, गौदोलिया सेंट जांस चर्च महरौली, सेंट जांस चर्च बरेका, चर्च आफ बनारस छावनी, सेंट बेटलफुल गाॅस्पल चर्च, ईसीआई चर्च आदि में प्रार्थना सभा के दौरान लोगों का हुजूम उमड़ा। इस दौरान मसीही समुदाय ने नम आंखों से प्रभु यीशु को याद किया। इस दौरान जब प्रभु ईसा मसीह को क्रूस पर चढ़ाये जाने का मार्मिक इतिहास का वर्णन पास्टर और पादरी ने किया तो इसे सुनकर लोगों की आंखों में सहज ही आंसु भर आएं। बनारस में प्रोटेंसटेंट मसीही समुदाय के चर्चेज़ में प्रार्थना दोपहर 12 बजे से शुरु हुई तो कैथलिक चर्चेज़ में 3 बजे से क्रूस पर प्रभु यीशु को चढ़ाये जाने की मार्मिक गाथा का मंचन किया गया। वहीं राम कटोरा चर्च, विजेता प्रेयर मिनिस्ट्री में शाम में प्रेयर हुई। सेंट मैरीज में मसीही क्रूस मार्ग की आराधना करते हुए चल रहे थे। जहां जहां प्रभु ईसा मसीह को प्रताड़ित किया गया था उन रास्तों से एक व्यक्ति जो येशु के किरदार में था बड़ा सा क्रुस कंधे पर लिए आगे बढ़ रहा था, ठीक वैसे ही जैसे प्रभु यीशु को क्रुस मरण की दर्दनाक सजा दी गई थी।

सेंट मेरीज़ महागिरजा में बिशप यूज़ीन प्रार्थना सभा की अगुवाई करते हुए चल रहे थे। फादर थामस, फादर जान अब्राहम, फादर जोसेफ परेरा, सिस्टर जमीला, सिस्टर तारा, सिस्टर अंजू, सिस्टर मोनिका, संतोष, प्रीतम आदि मौजूद थे। मंचन के माध्यम से बताया गया कि ये वो दिन है जिस दिन प्रभु यीशु मसीह को गोल्गथा नामक पहाड़ पर, जो कलवारी नमक स्थान पर स्थित है, क्रुस पर चद़ाया गया था। इस घटना से पूर्व प्रभु यीशु मसीह को रोमी सैनिकों एवं धर्मगुरुओं द्वारा अत्यंत वेदनाओं एवं दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा और अंत में क्रूस पर प्रभु यीशु ने अपने प्राण त्याग दिए। उनकी मौत को सभी हर साल गुड फ्राइडे के रुप में मनाते हैं। चर्च आफ बनारस के पादरी बेनजॉन व तेलियाबाग चर्च के पादरी आदित्य कुमार ने बताया कि यीशु मसीह को घोर यातना दी गई, और क्रूस पर उन्हे चढ़ाया गया। क्रूस पर उनकी पवित्र मौत की खबर से कि कलवारी में ईसा शहीद हुए धरती रो पड़ी मगर चमत्कार तीसरे ही दिन हुआ जब कब्र का दरवाजा खुल गया और ईसा मसीह पुनः जीवित हो उठे।



क्रूस पर दिए प्रभु ने सात वचन

क्रूस पर से यीशु ने सात दिव्य वचन कहे जिन्हें पास्टर और पादरी ने प्रार्थना सभाओं में पढ़कर लोगों को सुनाया। यीशु मसीह के मानने वाले इन वचनों को आत्मसाध कर जीवन में इसे अपनाने का संकल्प लेते दिखाई दिए। मैत्री भवन के निदेशक फादर फिलिप डेनिस ने कहा कि मसीहियों का ये विश्वास है की प्रभु यीशु फिर धरती पर आएंगे। आज के दिन को शुभ शुक्रवार इसलिए कहा जाता है क्यूंकि आज ही के दिन प्रभु यीशु ने समस्त मानव जाति को उनके पापों से बचाने के लिए अपने प्राण दिए और सभी को उद्धार का अवसर प्रदान किया।

क्रूस पर Seven Last Words of Jesus

क्षमा का वचन

 "हे पिता, इन्हें क्षमा कर क्योंकि यह नहीं जानते कि क्या कर रहे हैं" (लूका 23:34)।

उद्धार/आशा का वचन

 "मैं तुझ से सच कहता हूँ कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा" (लूका 23:43)।

प्रेम और संबंध का वचन

"हे नारी, देख, यह तेरा पुत्र है!" और (शिष्य से) "यह तेरी माता है!" (यूहन्ना 19:26-27)।

परित्याग/दर्द का वचन

 "एली, एली, लमा शबक्तनी?" अर्थात् "हे मेरे परमेश्‍वर, तूने मुझे क्यों छोड़ दिया है?" (मत्ती 27:46)।

मानव पीड़ा का वचन

 "मैं प्यासा हूँ" (यूहन्ना 19:28)।

विजय का वचन

 "पूरा हुआ!" (यूहन्ना 19:30)।

समर्पण का वचन

 "हे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूँ" (लूका 23:46)।


हार्टमनपुर चर्च गाजीपुर

हार्टमनपुर चर्च गाजीपुर में फादर पी. विक्टर की अगुवाई में पुण्य शुक्रवार या Good Friday मनाया गया। इस दौरान फादर ने क्रूस मार्ग पर prayer कराई। उन्होंने इस मौके पर प्रभु यीशु मसीह की शहादत और कलवारी में उनको दी गई यातनाओं पर रौशनी डाली।





​काशी के दक्षिणी छोर पर उमड़ा आस्था का सैलाब

23 वीं श्री हनुमान ध्वजा यात्रा में गूंजा 'जय श्री राम'

​7 राज्यों के भक्तों ने उठाई बजरंग ध्वजा, 5 किमी लंबी रही यात्रा


Santosh Nagvanshi 

dil india live (Varanasi). काशी के दक्षिणी छोर पर आज अंजनी लाल के जन्मोत्सव का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। श्री हनुमत् सेवा समिति, नेवादा द्वारा आयोजित 23 वीं श्री हनुमान ध्वज यात्रा ने आज भक्ति और भव्यता के सारे कीर्तिमान तोड़ दिए। भिखारीपुर तिराहे से शुरू होकर श्री संकट मोचन दरबार तक निकली इस 5.25 किलोमीटर लंबी यात्रा में पूर्वांचल सहित देश के 7 राज्यों के भक्तों ने शिरकत की।

​सुबह सूर्य की पहली किरण के साथ ही भिखारीपुर तिराहे पर 60 फीट लम्बे वाहन पर 'राम दरबार' रथ और पालकी पर विराजे हनुमान का 11 ब्राह्मणों द्वारा षोड़शोपचार पूजन व आरती की गई। इसके पश्चात, 100 से ज्यादा डमरूओं की गड़गड़ाहट और ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच यात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा का मुख्य आकर्षण 1100 भक्तों के हाथों में लहराती गदा और हजारों की संख्या में केसरिया ध्वजाएँ रहीं, जिससे पूरा आसमान हनुमत् रंग में रंग गया। इस मौके पर यात्रा में विभिन्न कार्यालयों द्वारा मनमोहक झाँकियाँ प्रस्तुत की गईं। नेवादा कार्यालय: शिव-पार्वती और अघोरी दल की जीवंत प्रस्तुति। कोनिया कार्यालय: नारी शक्ति का परिचय देते हुए 'नारी वाहिनी' द्वारा दंड-तलवार का प्रदर्शन। बजरडीहां कार्यालय: मध्य प्रदेश का मशहूर 'तहलका धमाल बैंड'। जानकीनगर कार्यालय: संकट मोचन दरबार के गर्भगृह की सुंदर प्रतिकृति।

​भीषण धूप के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। रास्ते भर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए 200 से अधिक स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ फल, जूस, छाछ, लस्सी और फलाहार की व्यवस्था थी। समिति की ओर से 501 किलो लड्डू का प्रसाद भक्तों में वितरित किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा।

यात्रा का शुभारंभ सुबह भिखारीपुर तिराहे पर हुआ, जहाँ सूर्य की पहली किरण के साथ 11 ब्राह्मणों ने 60 फीट लम्बे वाहन पर राम दरबार रथ और  पालकी में विराजे हनुमान का पूजन किया। 200 से अधिक डमरूओं की थाप और ढोल-नगाड़ों की गर्जना ने भक्तों में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया। नेवादा स्थित मुख्य कार्यालय पर अतिथियों द्वारा आरती के पश्चात यात्रा संकट मोचन दरबार की ओर बढ़ी।

यात्रा के मुख्य आकर्षण: श्रद्धा और शौर्य

गदाधारी हनुमान भक्त: यात्रा में 1100 भक्त हाथों में बजरंगबली की पहचान 'गदा' लेकर चल रहे थे, जो साहस और शक्ति का प्रतीक नजर आया।

नारी शक्ति का प्रदर्शन

कोनिया कार्यालय की 'नारी वाहिनी' ने तलवार और दंड प्रदर्शन कर अपनी शक्ति का लोहा मनवाया। नेवादा से अघोरी दल, जानकीनगर से गर्भगृह प्रतिकृति और बजरडीहां से मध्य प्रदेश का 'तहलका धमाल बैंड' राहगीरों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

सेवा : 200 स्टॉल और 501 किलो लड्डू

​5.25 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर भक्तों के लिए जन-जन का सहयोग दिखा। 200 से ज्यादा स्टॉलों पर जूस, लस्सी, छाछ, फल और मेवों बांटा जा रहा था। समिति द्वारा 501 किलोग्राम शुद्ध लड्डू का महाप्रसाद भक्तों में वितरित किया गया। कड़ी धूप के बावजूद हज़ारों महिलाएं और युवतियाँ नंगे पाँव हाथों में ध्वज और पूजन की थाली लिए अटूट श्रद्धा के साथ बढ़ती रहीं।

​इस वर्ष की यात्रा में एक बड़ा सामाजिक संदेश भी दिया गया। यात्रा से पूर्व सभी भक्तों ने काशी के अंतर्ग्रही क्षेत्र को मांस-मदिरा मुक्त बनाने की शपथ ली। "अभियान पवित्र काशी" की विशेष झांकी ने सबका ध्यान खींचा, जो नगर की सात्विकता बनाए रखने का संदेश दे रही थी।

गुरुवार, 2 अप्रैल 2026

BLW Varanasi ने रचा नया इतिहास, जानिए क्या है खास!

572 रेल इंजनों का वित्तीय वर्ष 2025–26 में अभूतपूर्व निर्माण

महाप्रबंधक ने बरेकाकर्मियों को दी बधाई, नव निर्मित उद्यान का किया उद्घाटन




F. Farouqi/ Santosh Nagvanshi 

dil india live (Varanasi). बनारस रेल इंजन कारखाना में आज दिनांक 2 अप्रैल 2026 को महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कार्यशाला पहुंचकर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 572 रेल इंजनो के निर्माण के ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। तत्पश्चात उन्होंने कार्यशाला परिसर में नवनिर्मित उद्यान का उद्घाटन भी किया।

इस अवसर पर उन्होंने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि बनारस रेल इंजन कारखाना ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में 572 रेल इंजनों का अभूतपूर्व उत्पादन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह शानदार उपलब्धि अब तक के सभी वित्तीय वर्षों में सर्वाधिक लोको उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनाते हुए न केवल बरेका की उत्कृष्ट तकनीकी क्षमता और कार्यकुशलता को दर्शाती है, बल्कि भारतीय रेल के आत्मनिर्भर और सशक्त भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 20% की उल्लेखनीय वृद्धि इस बार हुई है।

558 विद्युत रेल इंजनों का निर्माण

इस  वित्तीय वर्ष में बरेका द्वारा कुल 558 विद्युत रेल इंजनों का निर्माण किया गया, जो रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित 553 इंजनों के लक्ष्य से लगभग 1% अधिक है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

WAG-9 : 401

WAP-7 : 143

WAP-7 (अमृत भारत) : 14

निर्यात व लोकोमोटिव निर्माण

बरेका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक नया कीर्तिमान स्थापित करते  हुए मोजाम्बिक  को 10 रेल इंजनों का निर्यात किया। इसके साथ ही गैर-रेलवे ग्राहकों के लिए भी 04 डीजल रेल इंजनों का निर्माण  किया गया। पता हो कि स्थापना से लेकर मार्च 2026 तक बरेका द्वारा 2925 विद्युत रेल इंजनों सहित कुल 11259 रेल इंजनों का निर्माण किया जा चुका है, जो भारतीय रेल के विकास में बरेका की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।

इन हाउस निर्माण में शानदार उपलब्धियां

बरेका ने इस वर्ष महत्वपूर्ण इन हाउस विद्युत कम्पोनेंट्स तथा क्षेत्रीय रेलों के लिए डीजल कम्पोनेंट्स के निर्माण और मरम्मत में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है इन हाउस विद्युत शेल निर्माण में लगभग 93% वृद्धि (2024–25 में 42 से बढ़कर 2025–26 में 81)। एचएचपी टर्बो ओवरहॉलिंग में 20% वृद्धि (2024–25 में 545 से बढ़कर 2025–26 में 653)। पवार असेंबली निर्माण में 186% वृद्धि, जो 2024–25 के 1616 से बढ़कर 2025–26 में 4624 अदद हो गया। वाटर पम्प असेंबली निर्माण में 482% वृद्धि, जो 2024–25 के 122 से बढ़कर 2025–26 में 710 अदद हो गया।

पर्यावरण के प्रति समर्पण

इस अवसर पर कार्यशाला परिसर में नवनिर्मित उद्यान का उद्घाटन भी बरेका  महाप्रबंधक श आशुतोष पंत द्वारा किया गया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति बरेका की प्रतिबद्धता और हरित कार्य संस्कृति को दर्शाती है। रिकॉर्ड उत्पादन की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए बरेका की भविष्य की कार्ययोजना और आगामी लक्ष्यों पर भी प्रकाश डाला तथा कहा कि टीम बरेका अपने सामूहिक प्रयास, तकनीकी दक्षता और नवाचार के बल पर आने वाले वर्षों में भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।

इनकी रही खास मौजूदगी 

 प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनोज कुमार गुप्ता, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, प्रधान वित्त सलाहकार मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी लाल जी चौधरी, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश कुमार, महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त देवराज कुमार मौर्य, मुख्य सतर्कता अधिकारी अंकुर चंद्रा, मुख्य विद्युत इंजीनियर अरविंद कुमार जैन, उप महाप्रबंधक सागर, उप मुख्य विद्युत इंजीनियर श्री सुदीप रावत समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण, संयुक्त सचिव, कर्मचारी परिषद प्रदीप कुमार यादव, अमित कुमार, नवीन कुमार सिन्हा, सुशील कुमार सिंह, श्रीकांत यादव, एवं मनीष कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में कर्मचारीगण उपस्थित रहे।