शनिवार, 5 जुलाई 2025

UP K Varanasi Main aaj आग पर दौड़ेगा दूल्हे का जुलूस

अकीदत से बैठेंगी आज शाम इमाम चौक पर ताजिया

मोमिन रखते हैं दो दिन रोज़ा


सरफराज/रिजवान 

Varanasi (dil India live)। 9 वीं मोहर्रम पर शनिवार की शाम मुस्लिम बहुल इलाके 'या हुसैन या हुसैन' की सदाओं से गूंज उठेंगे। शहीदाने कर्बला की याद में इमाम चौकों पर जहां ताजिया मलीदे और शर्बत की फातेहा के बाद बैठा दी जाएंगी और इमाम हुसैन की शहादत को शिद्दत से याद किया जाएगा। वहीं दूल्हे का विश्व प्रसिद्ध जुलूस शिवाला से निकल कर आग के अंगारों पर दौड़ेगा। इस दौरान शहर भर में गश्ती अलम का जुलूस निकलेगा व इमाम चौकों और इमामबाड़ों में ताज़िए की जियारत को देर रात तक हुजुम उमड़ेगा। सुन्नी वर्ग ने शहर के विभिन्न इलाकों और मस्जिदों में जलसे का आयोजन किया है जहां देर रात तक उलेमा कर्बला की शहादत बयां करेंगे। 

दस तारीख के रोज़े की फजीलत

 इस दौरान दो दिन का मोमीनीन रोज़ा भी रखते हैं। कुछ लोग 9 वीं मोहर्रम और 10 वीं मोहर्रम को तो कुछ लोग 10 वीं, 11 वीं मोहर्रम को रोज़ा रहते हैं। मौलाना अजहरुल कादरी कहते हैं मोहर्रम की दस तारीख के रोज़े की बहुत फजिलत है। मौलाना कहते हैं कि कर्बला के मैदान में शहादत देकर इमाम हुसैन ने इंसानियत को बचाया है। अब तमाम दुनिया के इंसानों को चाहिए कि इमाम हुसैन के पैगाम को बचाएं। उनके नाना के दीन की हिफाजत करें। बुराई से बचें और नेकी व हमदर्दी के रास्ते पर चलें।

तैयारियां पूरी, तैयार हो गई खूबसूरत ताजिया

आज सुबह ताज़िए को अंतिम रूप दे दिया गया। ताज़िया को कारीगरी के बेहतरीन नमूनों और कलात्मक डिजाइनों से सजाया गया है। इन ताजियों को देखने के लिए आज शाम से भीड़ देर रात तक जमी रहेगी। खासकर लल्लापुरा स्थित रांगे का ताजिया, बाकराबाद के बुर्राक की ताजिया, बजरडीहा स्थित शीशे का ताजिया, उल्फत बीबी के हाते की ज़री की ताजिया, कोयला बाजार स्थित नगीने का ताजिया, मजीद पहलवान कमेटी की फूलों की ताजिया, दालमंडी स्थित पीतल की ताजिया, गौरीगंज की शीशम की ताजिया, चपरखट की ताजिया, शिवाला की कुम्हार की ताजिया, दोषीपुरा की शाबान की ताजिया, बजरडीहा की कागज की ताजिया के अलावा सैकड़ों मन्नती ताजिया आज मंगलवार की शाम इमाम चौक पर बैठा दी जाएगी इसकी तैयारियां पूरी हो गई है।


निकलेगा दूल्हे का ऐतिहासिक जुलूस:-

मुहर्रम की परंपरा का निर्वाह करते हुए शिवाला स्थित इमामबाड़ा दूल्हा कासिम नाल से देर रात दूल्हे का जुलूस सदर परवेज़ कादिर खां की अगुवाई में निकलेगा। इसमें शामिल जनसैलाब 'या हुसैन या हुसैन' कहते हुए पारंपरिक रास्तों पर लगाएं गये अलावा से होकर दस मोहर्रम की सुबह पुनः शिवाला लौटेगा। इस दौरान दूल्हा 72 अलावा व 60 ताजिया को सलामी देकर  दहकते अंगारों से होकर वापस शिवाला लौटता है।

Bihar के Siwan district में बवाल तलवार के साथ चलीं गोलियां, बाजार बंद

सिवान में बवाल में तीन की मौत कई घायल, पुलिस बल तैनात 


Siwan (dil India live). Siwan district (Bihar) दशकों सांसद शहाबुद्दीन के कारण सुर्खियों में रहे सिवान जिले में एक बार फिर से मचे खूनी संघर्ष से कोहराम मच गया। यहां एक झटके में 3 लोगों की मौत की खबर है। कुछ गंभीर रूप से घायल हैं। तनाव के कारण बाजा बंद हो गया है। घटना के बाद पूरा जिला तनाव में है।  

दरअसल बिहार में शराबबंदी के बाद से शराब कारोबारियों की जानकारी देने पर कई बार हमले हुए हैं, लेकिन बीच सड़क पर इस तरह का खूनी खेल पहली बार दिखा है। इसके पीछे पुराना विवाद भी बताया जा रहा है। इस घटना की भगवानपुर थाना प्रभारी ने पुष्टि करते हुए बताया कि दो पक्षों में गोलीबारी के दौरान तीन लोगों की मौत हुई है। भगवानपुर हाट थाना क्षेत्र के मलमलिया ओवरब्रिज पर दो गुटों के बीच संघर्ष में अब तक 3 मौत हो चुकी है और दो गंभीर रूप से घायल हैं। मृतक की पहचान मुन्ना सिंह, कन्हैया कुमार और रोहित कुमार के रूप में हुई है।

शराब के कारोबार की सूचना पुलिस को देने का आरोप लगाकर एक पक्ष ने तलवार और गोली-बंदूक से दूसरे पक्ष पर हमला किया और बीच-बचाव में दोनों तरफ से खूनी संघर्ष शुरू हो गया। तीन मौतों के बाद इलाके में तनाव का माहौल है।

तनाव के बीच एक बाइक में आग लगा दी गई, जिसके बाद देखते ही देखते बाजार की सभी दुकानें बंद हो गईं। सीवान एसपी मनोज तिवारी और कई थानों की पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची हुई है। घायलों को सदर अस्पताल भेजा गया है। 

शराब कारोबार की सूचना पर खूनी बवाल

बताया जा रहा है कि घटना की वजह चिमनी संचालक का पुराना पारिवारिक विवाद तो है ही साथ ही शराब की सूचना पुलिस को देने के कारण मामले ने तूल पकड़ लिया। यह वारदात सीवान जिले के बसंतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत मलमलिया-कौड़िया मार्ग पर स्थित पुल के पास हुई है। अज्ञात अपराधियों ने अंधाधुंध फायरिंग करते हुए तलवार भांजनी शुरू कर दी। इस दौरान गोलियां चलाई गई जिससे मौत हो गई है। घटना के बाद स्थानीय लोग उग्र हो गए और घटनास्थल के पास जमकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। गोलीबारी करने वाले अब तक अज्ञात हैं, लेकिन बताया जा रहा है कि वह सभी कौड़िया गांव के ही निवासी हैं।


फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है, लेकिन किसी भी स्तर पर अधिकारिक पुष्टि से बच रही है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है और पूरे क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी गई है।

शुक्रवार, 4 जुलाई 2025

8 Mahe Muharram: UP k Varanasi se निकला आठवीं मोहर्रम का तुर्बत व अलम

...अर्शे बरी हिल गया गिरने से अलम के

आंसुओं का नज़राना सुन उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की याद हुई ताज़ा 



Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live). चाहमाहमा स्थित ख्वाजा नब्बू के इमामबाड़े से कदीम आठवीं मोहर्रम का तुर्बत व अलम का जुलूस अपनी पुरानी परंपराओं के अनुसार कार्यक्रम संयोजक सैयद मुनाज़िर हुसैन 'मंजू' के ज़ेरे एहतमाम उठा। जुलूस उठने से पूर्व मजलिस को खिताब करते हुए अब्बास मूर्तज़ा शम्सी ने मौला अब्बास की शहादत बयान किया।


जुलूस उठने पर लियाकत अली खां व उनके साथियों ने सवारी शुरू की- "जब हाथ कलम हो गए सक्काए हरम के, और अर्शे बरी हिल गया गिरने से अलम के" जुलूस चाहमामा होते हुए दालमंडी स्थित हकीम साहब के अज़ाख़ाने पर पहुँचा जहां से अंजुमन हैदरी चौक बनारस ने नौहाख्वानी शुरू करी - "अब्बास क्या तराई में सोते हो चैन से" जिसमें शराफत हुसैन, लियाकत अली खां, साहब ज़ैदी, शफाअत हुसैन शोफी, मज़ाहिर हुसैन, राजा व शानू ने नौहाख्वानी की। जुलूस दालमंडी, खजुर वाली मस्जिद, नई सड़क, फाटक शेख सलीम, काली महल, पितरकुंड, मुस्लिम स्कुल होते हुए लल्लापूरा स्थित फ़ातमान के लिए देर रात रवाना हुआl 

पूरे रास्ते उस्ताद फतेह अली खां व उनके साथियों ने शहनाई पर आंसुओं का नज़राना पेश किया। फ़ातमान से जुलूस पुनः वापस मुस्लिम स्कुल, लाहंगपूरा , रांगे की ताज़िया, औरंगाबाद, नई सड़क कपड़ा मंडी,कोदई चौकी, सर्राफा बाजार, टेढ़ी नीम, बांस फाटक, कोतवालपूरा, कुंजीगरटोला, चौक,दालमंडी,चाहमामा होते हुए इमामबाङे में समाप्त होगा।

दादा की परंपरा को पौत्र ने रखा कायम 

दादा भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां की शहनाई पर आंसुओं का नज़राना पेश करने की परम्परा को पौत्र आफाक हैदर ने कायम रखते हुए शहीदों की याद में शहनाई पर मातमी धुन पेश किया। हर साल मोहर्रम पर चांद की 8 तारीख को रात्रि 2:00 बजे भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान इसी दरगाहे फातमान में अपने जीवन में चांदी की शहनाई से आंसुओं का नजराना पेश करते थे। वो कर्बला के शहीदों के लिए मातमी धुन बजाते थे आज उनकी परंपरा उनके पोते अफाक हैदर दादा की परंपरा को कायम रखते हुए शहीदों की याद में शहनाई पर मातमी धुन पेश किया। इस दौरान,अब्बास क्या तरही में सोते हो अकबर का लाशा नहीं उठ सकेगा हुसैन से..., डूबता जाता है कहीं दिल ऐसा तो नहीं, दस्त गुरबत में नबी का कुनबा तो नहीं...पेश किया । इस दौरान जाकिर हुसैन, नाजिम हुसैन, अददार हुसैन व  शकील अहमद जादूगर हमें काफी लोग मौजूद थे।


अर्दली बाजार से निकला दुलदुल व अलम

सैय्यद जियारत हुसैन के अंर्दली बाजार तार गली स्थित इमामबारगाह से 8 वीं मोहर्रम दुलदुल अंलम, ताबूत का जुलूस शुक्रवार को निकला। संयोजक इरशाद हुसैन "शद्दू" के अनुसार जुलूस अपने कदीमी (पुराने) रास्ते से होकर उल्फत बीबी हाता स्थित स्व.मास्टर जहीर साहब के इमामबाड़े पर समाप्त होगा। जुलूस में अंजुमन इमामिया नौहा व मातम करती चल‌ रही थी। जुलूस में इरशाद हुसैन सद्दू, जफर अब्बास, दिलशाद, जीशान, फिरोज, अयान, अमान, शाद, अरसान, दिलकश, मीसम आदि मौजूद थे।

आठवीं पर घर-घर हाजिरी कि नज़र 

आठ मोहर्रम 1447 हिजरी को देश दुनिया के साथ शहर बनारस में भी हुसैनी लश्कर के अलमदार बहुत सारी दुनिया में वफ़ा की पहचान हजरत अब्बास की याद में मजलिस का आयोजन हुआ। शहर में सैकड़ों मजलिस आयोजित की गई।काली महल और माताकुंड में मजलिस को खिताब करते हुए शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने कहा इमाम हसन के भाई मौला अली के बेटे और लश्कर हुसैनी के अलमदार जिनकी वफा का जिक्र आज तक सारी दुनिया में होता है और उनके नाम के साथी जुड़ गया है अब्बास बा वफा उनकी याद में शहर भर में मजलिस हुई और घर-घर हाजिरी की नज़र भी दिलाई गई। लोगों ने एक नारा खास है अब्बास है अब्बास है। और नौहा मातम के जरिए लोगों ने खिराज अकीदत पेश किया। शहर के अर्दली बाजार, पठानी टोला, रामनगर, शिवाला, गौरीगंज, दालमंडी आदि में कई सारे जुलूस उठाए गए। जिसमें शहर के 28 अंजुमन ने अपने-अपने तरीके से नौहा मातम किया व शहनाई पर भी इमाम हुसैन के गम के नौहे सुन कर खिराज अकीकत पेश की गई। कुछ जुलूस दरगाह फातमान और सदर इमामबाड़ा पहुंचे वहीं कुछ जुलूस हसन बाग टेंगरा मोड़। कुछ जुलूस कुमहार के इमामबाड़े और कुछ जुलूस शिवाले घाट जाकर ठंडे हुए। बताया कि 5 जुलाई को शहर भर में इमाम चौक पर ताजिया रख दिया जाएगा कई जगह मजलिस होगी कई जगह गस्ती आलम उठाया जाएगा देश दुनिया के साथ हमारे शहर बनारस में भी या हुसैन की सदा गूंजती रहेगी।


Mahe Muharram 2025: UP K Varanasi में अपर पुलिस आयुक्त ने परखी सुरक्षा व्यवस्था

मोहर्रम के जूलूसों की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के दृष्टिगत किया फुट पेट्रोलिंग


Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live). कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय, कमिश्नरेट वाराणसी शिवहरी मीना, द्वारा कमिश्नरेट वाराणसी में मोहर्रम पर निकलने वालो जूलूसों की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के दृष्टिगत चौकाघाट से नाटी इमली, बड़ीबाजार, दोषीपुरा मैदान, नक्खीघाट होते हुए लाट सरैया तक एवं आस पास के संवेदनशील स्थानों पर एएसचेक टीम, डाग स्क्वाड एवं पुलिस बल के साथ पैदल गश्त करते हुए चेकिंग/निरीक्षण किया गया। उक्त निरीक्षण के दौरान यातायात व्यवस्था की अनुपालन न करने वाले एवं अतिक्रमण करने वाले के विरूद्ध कठोरता से विधिक कार्यवाही किए जाने एवं माहर्रम को शान्तिपूर्ण वातावरण में सकुशल सम्पन्न कराये जाने के लिए संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। इस दौरान ताजियादारों, इमामबाड़ों के अगुआ से संवाद किया गया। उक्त निरीक्षण के दौरान गौरव वंशवाल, पुलिस उपायुक्त, काशी-जोन, सरवणन टी. अपर पुलिस उपायुक्त, काशी-जोन, डा. ईशान सोनी, सहायक पुलिस आयुक्त, चेतगंज, सतानन्द पाण्डेय, सहायक पुलिस आयुक्त, अभिसुचना एवं सम्बन्धित थाना प्रभारी एवं  चौकी प्रभारी उपस्थित थे। 

बजरडीहा में फ्लैग मार्च 

मोहर्रम और मोहर्रम पर निकलने वाले तमाम जुलूस को शांति पूर्वक सम्पन्न कराने के लिए डीसीपी क्राइम द्वारा बजरडीहा में फ्लैग मार्च किया गया। इस दौरान सीआरपीएफ के अधिकारी व जवान भी फ्लैग मार्च में शामिल थे। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से संपर्क व संवाद किया।






Shahi Masjid Mathura को विवादित ढांचा घोषित करने से हाईकोर्ट का इनकार

शाही ईदगाह मस्जिद पर हिंदू पक्ष को हाईकोर्ट से लगा झटका 

Sarfaraz Ahmad 

Allahabad (dil India live)। मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद मामले में हिंदू पक्ष को इलाहाबाद हाई कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने से इनकार कर दिया है। न्यायाधीश राम मनोहर नारायण मिश्र की एकल खंडपीठ ने आज यह फैसला सुनाया है। हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कोर्ट से मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने की मांग की थी, जिस पर कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट में मथुरा शाही ईदगाह मस्जिद और श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद मामले में आज फैसले पर सबकी नजरें थी। कोर्ट ने हिंदू पक्ष की अर्जी खारिज कर दी। इसमें मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने की याचिका खारिज कर दी गई है। हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा था कि वहां पहले मंदिर था और मस्जिद होने का कोई साक्ष्य शाही ईदगाह मस्जिद पक्ष न्यायालय में पेश नहीं कर सका है। हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने इतिहास की पुस्तकों का हवाला देते हुए कहा था कि वहां पहले मंदिर था। महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि वहां पर मस्जिद होने का कोई साक्ष्य आज तक शाही ईदगाह मस्जिद पक्ष न्यायालय में पेश नहीं कर सका। फिर इसे मस्जिद क्यों कहा जाए। इसलिए मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित किया जाए मगर हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था जिस पर आज फैसला दिया। 

गुरुवार, 3 जुलाई 2025

Varanasi Main आठवीं को उठेगा Khwaja Nabbu के इमामबाड़े से तुर्बत व अलम

उस्ताद के घराने वाले पेश करेंगे शहनाई से आंसुओं का नज़राना 

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). वाराणसी के चाहमाहमा स्थित ख्वाजा नब्बू साहब के  इमामबाड़े से कदीमी आठवीं मोहर्रम का तुर्बत व अलम का जुलूस अपनी पुरानी परंपराओं के अनुसार कार्यक्रम संयोजक सैयद मुनाज़िर हुसैन 'मंजू' के ज़ेरे एहतमाम   उठेगा l जुलूस के पूर्व मजलिस को खिताब करेगे अब्बास मूर्तज़ा शम्सी। जुलूस उठने पर लियाकत अली खां व उनके साथी सवारी पढेगे। जुलूस में अंजुमन हैदरी चौक बनारस नौहाख्वानी व मातम करेगी।

जुलूस दालमंडी, खजुर वाली  मस्जिद, नई सड़क, फाटक शेख सलीम, काली महल, पितरकुंड, मुस्लिम स्कुल होते हुए लल्लापूरा स्थित फ़ातमान पहुँचेगा  फ़ातमान से जुलूस पुनः वापस मुस्लिम स्कुल, लाहंगपूरा , रांगे की ताज़िया, औरंगाबाद, नई सड़क कपड़ा मंडी,कोदई चौकी, सर्राफा बाजार,  टेढ़ी नीम, बांस फाटक, कोतवालपूरा, कुंजीगरटोला, चौक, दालमंडी, चाहमामा होते हुए इमामबाङे में समाप्त होगा। जुलूस में पूरे रास्ते उस्ताद के घराने वाले साथियों संग शहनाई पर मातमी धुन पेश करेगे। उक्त कार्यक्रम की जानकारी कार्यक्रम संयोजक सैयद मुनाज़िर हुसैन 'मंजू' ने मीडिया को दी।

9 वीं मोहर्रम को रवायत के साथ उठेगा Dulhe ka khadimi Julus

हज़रत दूल्हा कासिम नाल कमेटी की बैठक में नयी परम्परा कायम न करने का ऐलान 

शिवाला की बैठक में जुटे कमेटी और पुलिस प्रशासनिक अधिकारी 

  • Sarfaraz Ahmad 
Varanasi (dil India live)। हज़रत दूल्हा कासिम नाल कमेटी के सदर परवेज़ कादिर खां की अगुवाई में 9 वीं मोहर्रम की मध्यरात्रि को आग पर दौड़ने वाला दूल्हे का जुलूस शिवाला से अपनी रवायतों के साथ उठेगा। जुलूस में कोई भी नयी परम्परा नहीं कायम की जाएगी। इन्हीं बातों पर जुलूस कमेटी के सदस्यों की पुलिस प्रशासन के साथ जगजीवनराम आश्रम शिवाला में बैठक हुई।
नौंवी मोहर्रम को हजरत कासिम नाल दूल्हा कमेटी द्वारा उठाए जाने वाले दूल्हे के जुलूस को लेकर मीटिंग में एसीपी भेलूपुर, प्रभारी निरीक्षक, क्राइम इंस्पेक्टर भेलूपुर व चौकी प्रभारी अस्सी व तमाम आवाम की मौजूदगी थी।

बैठक में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह रिवायती जुलूस है। जुलूस शांति पूर्वक निकले इसके लिए कमेटी भी पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। इस पर दूल्हा कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि बेशक जुलूस शिवाला से उठता है और कमेटी सदैव पुलिस प्रशासन का सहयोग करती रही है और इस बार भी करेगी। पदाधिकारियों ने कहा कि जुलूस दूल्हा कमेटी निकाल कर आवाम के हवाले कर देती है जुलूस में शामिल लोग इसे लेकर आगे बढ़ते हैं। जुलूस में अगर कोई भी शांति भंग करने की कोशिश करता है तो उसके लिए वो स्वयं जिम्मेदार होगा। ऐसे लोगों को कमेटी खुद पुलिस के हवाले करेंगी। इसलिए जुलूस शांति पूर्वक और रवायतों के साथ निकालें। जुलूस अपने निर्धारित रास्तों से ही जाएगा।