मोहर्रम के जूलूसों की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के दृष्टिगत किया फुट पेट्रोलिंग
Sarfaraz Ahmad
Varanasi (dil India live). कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय, कमिश्नरेट वाराणसी शिवहरी मीना, द्वारा कमिश्नरेट वाराणसी में मोहर्रम पर निकलने वालो जूलूसों की सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के दृष्टिगत चौकाघाट से नाटी इमली, बड़ीबाजार, दोषीपुरा मैदान, नक्खीघाट होते हुए लाट सरैया तक एवं आस पास के संवेदनशील स्थानों पर एएसचेक टीम, डाग स्क्वाड एवं पुलिस बल के साथ पैदल गश्त करते हुए चेकिंग/निरीक्षण किया गया। उक्त निरीक्षण के दौरान यातायात व्यवस्था की अनुपालन न करने वाले एवं अतिक्रमण करने वाले के विरूद्ध कठोरता से विधिक कार्यवाही किए जाने एवं माहर्रम को शान्तिपूर्ण वातावरण में सकुशल सम्पन्न कराये जाने के लिए संबंधित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। इस दौरान ताजियादारों, इमामबाड़ों के अगुआ से संवाद किया गया। उक्त निरीक्षण के दौरान गौरव वंशवाल, पुलिस उपायुक्त, काशी-जोन, सरवणन टी. अपर पुलिस उपायुक्त, काशी-जोन, डा. ईशान सोनी, सहायक पुलिस आयुक्त, चेतगंज, सतानन्द पाण्डेय, सहायक पुलिस आयुक्त, अभिसुचना एवं सम्बन्धित थाना प्रभारी एवं चौकी प्रभारी उपस्थित थे।
बजरडीहा में फ्लैग मार्च
मोहर्रम और मोहर्रम पर निकलने वाले तमाम जुलूस को शांति पूर्वक सम्पन्न कराने के लिए डीसीपी क्राइम द्वारा बजरडीहा में फ्लैग मार्च किया गया। इस दौरान सीआरपीएफ के अधिकारी व जवान भी फ्लैग मार्च में शामिल थे। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से संपर्क व संवाद किया।
शाही ईदगाह मस्जिद पर हिंदू पक्ष को हाईकोर्ट से लगा झटका
Sarfaraz Ahmad
Allahabad (dil India live)। मथुरा में शाही ईदगाह मस्जिद मामले में हिंदू पक्ष को इलाहाबाद हाई कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने से इनकार कर दिया है। न्यायाधीश राम मनोहर नारायण मिश्र की एकल खंडपीठ ने आज यह फैसला सुनाया है। हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कोर्ट से मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने की मांग की थी, जिस पर कोर्ट ने अपना फैसला सुरक्षित कर लिया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट में मथुरा शाही ईदगाह मस्जिद और श्रीकृष्ण जन्मभूमि विवाद मामले में आज फैसले पर सबकी नजरें थी। कोर्ट ने हिंदू पक्ष की अर्जी खारिज कर दी। इसमें मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित करने की याचिका खारिज कर दी गई है। हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने कहा था कि वहां पहले मंदिर था और मस्जिद होने का कोई साक्ष्य शाही ईदगाह मस्जिद पक्ष न्यायालय में पेश नहीं कर सका है। हिंदू पक्षकार महेंद्र प्रताप सिंह एडवोकेट ने इतिहास की पुस्तकों का हवाला देते हुए कहा था कि वहां पहले मंदिर था। महेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि वहां पर मस्जिद होने का कोई साक्ष्य आज तक शाही ईदगाह मस्जिद पक्ष न्यायालय में पेश नहीं कर सका। फिर इसे मस्जिद क्यों कहा जाए। इसलिए मस्जिद को विवादित ढांचा घोषित किया जाए मगर हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था जिस पर आज फैसला दिया।
उस्ताद के घराने वाले पेश करेंगे शहनाई से आंसुओं का नज़राना
Mohd Rizwan
Varanasi (dil India live). वाराणसी के चाहमाहमा स्थित ख्वाजा नब्बू साहब के इमामबाड़े से कदीमी आठवीं मोहर्रम का तुर्बत व अलम का जुलूस अपनी पुरानी परंपराओं के अनुसार कार्यक्रम संयोजक सैयद मुनाज़िर हुसैन 'मंजू' के ज़ेरे एहतमाम उठेगा l जुलूस के पूर्व मजलिस को खिताब करेगे अब्बास मूर्तज़ा शम्सी। जुलूस उठने पर लियाकत अली खां व उनके साथी सवारी पढेगे। जुलूस में अंजुमन हैदरी चौक बनारस नौहाख्वानी व मातम करेगी।
जुलूस दालमंडी, खजुर वाली मस्जिद, नई सड़क, फाटक शेख सलीम, काली महल, पितरकुंड, मुस्लिम स्कुल होते हुए लल्लापूरा स्थित फ़ातमान पहुँचेगा फ़ातमान से जुलूस पुनः वापस मुस्लिम स्कुल, लाहंगपूरा , रांगे की ताज़िया, औरंगाबाद, नई सड़क कपड़ा मंडी,कोदई चौकी, सर्राफा बाजार, टेढ़ी नीम, बांस फाटक, कोतवालपूरा, कुंजीगरटोला, चौक, दालमंडी, चाहमामा होते हुए इमामबाङे में समाप्त होगा। जुलूस में पूरे रास्ते उस्ताद के घराने वाले साथियों संग शहनाई पर मातमी धुन पेश करेगे। उक्त कार्यक्रम की जानकारी कार्यक्रम संयोजक सैयद मुनाज़िर हुसैन 'मंजू' ने मीडिया को दी।
हज़रत दूल्हा कासिम नाल कमेटी की बैठक में नयी परम्परा कायम न करने का ऐलान
शिवाला की बैठक में जुटे कमेटी और पुलिस प्रशासनिक अधिकारी
Sarfaraz Ahmad
Varanasi (dil India live)। हज़रत दूल्हा कासिम नाल कमेटी के सदर परवेज़ कादिर खां की अगुवाई में 9 वीं मोहर्रम की मध्यरात्रि को आग पर दौड़ने वाला दूल्हे का जुलूस शिवाला से अपनी रवायतों के साथ उठेगा। जुलूस में कोई भी नयी परम्परा नहीं कायम की जाएगी। इन्हीं बातों पर जुलूस कमेटी के सदस्यों की पुलिस प्रशासन के साथ जगजीवनराम आश्रम शिवाला में बैठक हुई।
नौंवी मोहर्रम को हजरत कासिम नाल दूल्हा कमेटी द्वारा उठाए जाने वाले दूल्हे के जुलूस को लेकर मीटिंग में एसीपी भेलूपुर, प्रभारी निरीक्षक, क्राइम इंस्पेक्टर भेलूपुर व चौकी प्रभारी अस्सी व तमाम आवाम की मौजूदगी थी।
बैठक में पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह रिवायती जुलूस है। जुलूस शांति पूर्वक निकले इसके लिए कमेटी भी पुलिस प्रशासन का सहयोग करें। इस पर दूल्हा कमेटी के पदाधिकारियों ने कहा कि बेशक जुलूस शिवाला से उठता है और कमेटी सदैव पुलिस प्रशासन का सहयोग करती रही है और इस बार भी करेगी। पदाधिकारियों ने कहा कि जुलूस दूल्हा कमेटी निकाल कर आवाम के हवाले कर देती है जुलूस में शामिल लोग इसे लेकर आगे बढ़ते हैं। जुलूस में अगर कोई भी शांति भंग करने की कोशिश करता है तो उसके लिए वो स्वयं जिम्मेदार होगा। ऐसे लोगों को कमेटी खुद पुलिस के हवाले करेंगी। इसलिए जुलूस शांति पूर्वक और रवायतों के साथ निकालें। जुलूस अपने निर्धारित रास्तों से ही जाएगा।
तब कैंट थाना क्षेत्र के नदेसर पर टकसाल सिनेमा के समीप चली थी गोली
धनंजय सिंह को जान से मारने की नियत से हुई थी अंधाधुंध गोलीबारी
पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने बतौर आरोपित तलब करने के लिए दिया था अदालत में प्रार्थना पत्र
सरफराज अहमद
Varanasi (dil India live)। कैंट थाने के गैंगस्टर एक्ट के मामले में गोसाईगंज के बाहुबली विधायक अभय सिंह को कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई। विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) सर्वजीत कुमार सिंह की अदालत ने पीड़ित पूर्व सांसद धनंजय सिंह की ओर से गैंगस्टर एक्ट में अभय सिंह को बतौर आरोपित तलब तलब किए जाने संबंधी प्रार्थना पत्र को सुनवाई के बाद खारिज कर दिया। साथ ही अदालत ने इस मामले में बहस के लिए अगली तिथि 8 जुलाई नियत कर दी। अदालत में अभय सिंह की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता दीनानाथ सिंह व वरुण प्रताप सिंह ने पक्ष रखा।
बता दें कि 4 अक्टूबर 2002 को जौनपुर के पूर्व सांसद व तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह अपने कुछ साथियों के साथ सफारी गाड़ी से एक मरीज को देखकर वापस जौनपुर लौट रहे थे। वह जैसे ही कैंट थानान्तर्गत नदेसर क्षेत्र में स्थित टकसाल सिनेमा हॉल के समीप पहुंचे, तभी बोलेरो गाड़ी से अभय सिंह अपने 4-5 साथियों के साथ उतरे और ललकारते हुये साथियों के साथ धनंजय सिंह को जान से मारने की नियत से अंधाधुंध गोली चलाने लगे। इस घटना में तत्कालीन विधायक धनंजय सिंह, गनर, ड्राइवर समेत अन्य लोग घायल हो गए। वहीं अचानक गोलियां चलने से वहां भगदड़ की स्थिति उत्पन्न हो गयी। सूचना पाकर तत्काल मौके पहुंची पुलिस ने घायलों को मलदहिया स्थित एक निजी चिकित्सालय में भर्ती कराया। इस बीच मौके से सभी हमलावर फरार हो गये। इस घटना के बाद पुलिस ने संदीप सिंह संजय रघुवंशी, विनोद सिंह और सतेन्द्र सिंह ववलू के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया था।
इसी गैंगस्टर एक्ट के मामले में पीड़ित पूर्व सांसद धनंजय सिंह ने विधायक अभय सिंह को बतौर आरोपित कोर्ट में तलब करने के लिए दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 319 के तहत प्रार्थना पत्र दिया था। जिसे सुनवाई के बाद अदालत ने खारिज कर दिया।
कच्चीसराय से निकला चार सौ साल कदीमी दुलदुल का जुलूस
Sarfaraz Ahmad
Varanasi (dil India live). छठवीं मोहर्रम को विश्व प्रसिद्द तकरीबन 40 घंटे तक चलने वाला चार सौ साल कदीमी दुलदुल का जुलूस कच्ची सराय (दालमंडी) इमामबाड़े से उठाया गया। इस जुलूस में कई मशहूर बैंड भी मौजूद थे, जो मातमी धुन बजाते हुए चल रहे थे। जुलूस कच्चीसराय से उठकर विभिन्न रास्तों से होते हुए लल्लापुरा स्थित दरगाह फातमान पहुंचा। इसके बाद वापस चौक होता हुआ मुकीमगंज, प्रह्लादघाट, कोयला बाजार, चौहट्टा होते हुए लाट सरैया के लिए रवाना हुआ। वहां से 8 मोहर्रम की सुबह वापस आकर कच्ची सराय के इमामबाड़े में ही समाप्त होगा। यह जुलूस लगातार 6 से 8 मोहर्रम तक चलता रहता है।
लोगों का कहना है मोहर्रम का यह जुलूस महज़ जुलूस ही नहीं बल्कि उस दौर का इतिहास भी अपने भीतर समेटे हुए है जब इन्हीं जुलूसों में छुपकर आजादी के दीवाने एक मुहल्ले से दूसरे मोहल्ले पहुंच जाते थे और अंग्रेज अपना हाथ मलते रहते थे। आठ थाना क्षेत्रों में यह जुलूस आज भी तकरीबन चालीस घंटा चक्रमण करता है। छठवीं मोहर्रम को विश्व प्रसिद जुलूस में मशहूर बैंड का मातमी दस्ता मातमी धुन बजाते हुए चल रहा था।
जुलूस नयी सड़क, शेख सलीम फाटक, काली महल, पितरकुण्डा, लल्लापुरा होता हुआ दरगाह-ए-फातमान पहुंचा जहां कुछ देर रूकने के बाद पुनः जुलूस चेतगंज, पियरी, कवीरचौरा, नवाब की ज्योढ़ी औसानगंज, दोषीपुरा, दारानगर, सदर इमामबाड़ा, लाट सरैया, पठानी टोला, हनुमान फाटक, चौहट्टा लाल खां, मुकिमगंज, गायघाट, पक्का महाल, चौक और दालमण्डी होते हुए ४२ घंटे तक चल कर वापस कच्चीसराय पहुंचकर समाप्त होगा।
जुलूस में मुख्य रूप से मिर्जा जफर हसन (एडवोकेट), सगीर हसन, हैदर मौलाई, साजिद हुसैन, इमरान जैदी, सैयद आफाक हैदर, रेहान हसन, जरगम हैदर, शारिक हुसैन, कैफी आजमी, हैदर अब्बास चांद, सैयद सकलैन हैदर, शकील अहमद जादूगर आदि शामिल थे।
शेख सलीम फाटक में बाल का मातम आज
सातवीं मोहर्रम पर गुरुवार को बारह बजे दिन में शेख सलीम फाटक स्थित रिजवी हाउस पर महिलाएं बाल का मातम करेगी। मजलिस का आगाज मोहतरमा नुजहत फरमान मजलिस को खिताब करेगीं। इस दौरान नौहाख्वानी मातम अंजुमन हैदरी निस्वां करेगी।
दूल्हा कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक आज
दूल्हा कमेटी के सदर परवेज कादिर खां ने कहा है कि दूल्हा कमेटी की महत्वपूर्ण बैठक जुमेरात की शाम शिवाला में होगी। बैठक में सभी इलाकों के मेम्बर्स और वरिष्ठ पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी हिस्सा लेंगे। सभी मेम्बर्स को समय से बैठक में आने को कहा गया है।
बड़ी व छोटी मेहंदी का जुलूस
चौहट्टा लाल खां इलाके से मोहर्रम के सातवें रोज़ छोटी मेहंदी व बड़ी मेहंदी के दो कदीमी जुलूस निकाला जाता है। इसमें बड़ी मेहंदी का जुलूस सदर इमामबाड़ा जाकर देर रात सम्पन्न होता है। ऐसे ही अलम व तुर्बत का जुलूस ख्वाजा नब्बू साहब के चहमामा स्थित इमामबाडा से कार्यक्रम संयोजक सयेद मुनाजिर हुसैन मंजू के संयोजन में आठवीं मोहर्रम को रात 8:30 बजे उठेगा। जुलूस उठने पर शराफत अली खां साहब, लियाकत अली साहब व साथी सवारी पढेंगे। जुलूस दालमंडी पहुचने पर अंजुमन हैदरी चौक नौहा ख्वानी व मातम शुरू करेगी। जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होकर फातमान पहुंचेगा और पुनः वापस अपने कदीमी रास्तों से होते हुए चहमामा स्थित इमामबाडे मे आकर एक्तेदाम पदीर होगा। जुलूस में पूरे रास्ते उस्ताद फतेह अली खां व साथी शहनाई पर मातमी धुन पेश करेंगे। उधर वरुणापार के अर्दली बाजार में सैय्यद जियारत हुसैन के तारगली स्थित इमामबारगाह से 8 वीं मोहर्रम को दुलदुल, अंलम, ताबूत का जुलूस 4 जुलाई शुक्रवार रात्रि 10 बजे उठेगा। जुलूस अपने कदीमी (पुराने) रास्ते से होकर उल्फत बीबी हाता स्थित स्व.मास्टर जहीर साहब के इमामबाड़े पर समाप्त होगा। जुलूस में अंजुमन इमामिया नौहा व मातम करेंगी। यह जानकारी इरशाद हुसैन "शद्दू" ने दी है।
नवीं मोहर्रम को उठेगा दूल्हे का विश्व प्रसिद्ध जुलूस
छठवीं मोहर्रम पर आज निकलेगा 40 घंटे चलने वाला दुलदुल का जुलूस
Mohd Rizwan
Varanasi (dil India live). विश्व प्रसिद्द 40 घंटे तक चलने वाले दुलदुल का कदीमी जुलूस कच्ची सराय (दालमंडी) से आज निकलेगा। आज छठवीं मोहर्रम को विश्व प्रसिद्द तकरीबन 40 घंटे तक चलने वाले दुलदुल का जुलूस कच्ची सराय (दालमंडी) इमामबाड़े से शाम में उठेगा। इस जुलूस में हाथी, घोड़ा, ऊंट के साथ कई मशहूर बैंड भी मौजूद रहते हैं जो मातमी धुन बजाते हैं। यह जुलूस कच्चीसराय से उठकर लल्लापुरा स्थित दरगाह फातमान जाता है। उसके बाद वापस आकर चौक होता हुआ मुकीमगंज, प्रह्लादघाट, कोयला बाजार, चौहट्टा होते हुए लाट सरैया जाता है और फिर वहां से 8 मोहर्रम की सुबह वापस आकर कच्ची सराय के इमामबाड़े में ही समाप्त होता है। यह जुलूस लगातार 6 से 8 मोहर्रम तक चलता रहता है। यह ऐतिहासिक जुलूस है जिसकी तैयारियां पूरी हो गई है।
7 मोहर्रम को मेहंदी का जुलूस
चौहट्टा लाल खां इलाके से मोहर्रम के सातवें रोज़ छोटी मेहंदी व बड़ी मेहंदी के दो कदीमी जुलूस निकाला जाता है। इसमें बड़ी मेहंदी का जुलूस सदर इमामबाड़ा जाकर देर रात सम्पन्न होता है।
आठवीं मुहर्रम
अलम व तुर्बत का जुलूस ख्वाजा नब्बू साहब के चहमामा स्थित इमामबाडा से कार्यक्रम संयोजक सयेद मुनाजिर हुसैन मंजू के संयोजन मे रात 8:30 बजे उठेगा जुलूस उठने पर शराफत अली खां साहब, लियाकत अली साहब व साथी सवारी पढेंगे। जुलूस दालमंडी पहुचने पर अंजुमन हैदरी चौक नौहा ख्वानी व मातम शुरू करेगी। जुलूस अपने कदीमी रास्तों से होकर फातमान पहुंचेगा और पुनः वापस अपने कदीमी रास्तों से होते हुए चहमामा स्थित इमामबाडे मे आकर एक्तेदाम पदीर होगा। जुलूस में पूरे रास्ते उस्ताद फतेह अली खा व साथी शहनाई पर मातमी धुन पेश करेंगे। ऐसे ही वरुणापार के अर्दली बाजार में सैय्यद जियारत हुसैन के तारगली स्थित इमामबारगाह से 8 वीं मोहर्रम को दुलदुल, अंलम, ताबूत का जुलूस 4 जुलाई शुक्रवार रात्रि 10 बजे उठेगा। जुलूस अपने कदीमी (पुराने) रास्ते से होकर उल्फत बीबी हाता स्थित स्व.मास्टर जहीर साहब के इमामबाड़े पर समाप्त होगा। जुलूस में अंजुमन इमामिया नौहा व मातम करेंगी। यह जानकारी इरशाद हुसैन "शद्दू" ने दी है।
नवीं मोहर्रम
शहर भर के तमाम इमामबाड़ों में तथा इमाम चौक पर जातिया रखी जाती है जो सैकड़ों की तादाद में होती है। कई इलाकों में गश्तीअलम का जुलूस उठाया जाता है जो अपने इलाकों में भ्रमण करता है। लोग नौहा मातम करते चलते हैं। अंजुमन हैदरी चौक गश्ती अलम लेकर फातमान पहुंचती है वहां 4 बजे भोर में अंगारों पर चलकर मातम किया जाता है। दूल्हा कमेटी के सदर परवेज कादिर खां की अगुवाई में 9 मोहर्रम को ही अपनी नवैयत का खास दुल्हे का जुलूस शिवाला से उठाया जाएगा। जिसमें लाखों लोग शिरकत करते हैं ये जुलूस बनारस की अलग पहचान रखता है। 9 मोहर्रम को ही हड़हा सराय में सायं 3 बजे से हजरत अली असगर के झूले का जुलूस उठता है जो दालमण्डी, नईसड़क, कोदई चौकी होता हुआ छत्तातले पर समाप्त होता है।
दसवीं मोहर्रम यौमे आशूरा
सन् 61 हिजरी 10 वीं मोहर्रम (शुक्रवार) के दिन इमाम हुसैन ने अजीम कारनामा कर दिखाया था। अपने साथ साथ अपने 71 साथियों जिसमें 18 परिवार के सदस्य भी थे। जिनमें 32 वर्ष का भाई अब्बास, 18 वर्ष का बेटा अली अकबर, 13 साल का भतीजा कासीम, 9 व 10 साल के भांजे औन तथा मोहम्मद के अलावा 6 महीने का उनका सबसे छोटा बच्चा अली असगर समेत शहादत दे दिया था। इसी अजीम शहादत कि याद में 10 वीं मोहर्रम को पूरे शहर भर में सुबह से जुलूसों का सिलसिला शुरू रहता है। शहर की तकरीबन 26 अंजुमने अलम व तुरबत व दुलदुल को जुलूस सुबह से शाम तक उठाती रहती है। जिसमें जंजीर व कमा (खंजर) का मातम होता है लोग आंसुओं के साथ-साथ खून का नजराना भी पेश करते हैं ये जुलूस विभिन्न इलाकों में उठते हैं और सदर इमामबाड़ा लाट सरैया और दरगाहे फातमान लल्लापुरा तथा शिवाले घाट पर शाम तक समाप्त होते हैं। शिया हजरात 10 मोहर्रम को जुलूस के बाद विभिन्न स्थानों पर शामे गरीबों की मजलिस करते हैं।
लुटा हुआ काफिला
ग्यारहवीं मोहर्रम को स्व. डा. नाजीम जाफरी के निवास से डा. मुज्तबा जाफरी के संयोजन में लुटे हुए काफिले का जुलूस 11 बजे दिन में उठाया जाता है इस जुलूस को चुप का डंका भी कहते हैं। रास्ते भर लोग नातिया कलाम पढ़ते हैं जो फातमान जाकर समाप्त होता है।
तीजे का जुलूस
शहर भर के इमामबाड़ों वर फातिहा दिलाई जाती है सुबह से ही इमाम के फूल की मजलिसें शुरू हो हैं दोपहर बाद आलम व अखाड़े का जुलूस उठाया जाता है। जो अपने रास्तों से होकर दरगाहे फातमान लल्लापुरा तथा सदर तहसील इमामबाड़ा लाट सरैया पर शाम को समाप्त होता है।