शुक्रवार, 1 मई 2026

Budh Purnima: भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष के दर्शन को उमड़े श्रद्धालु

बरेका में बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव का हुआ आयोजन 

सारनाथ बौद्ध अनुयायियों से रहा गुलजार


Mohd Rizwan/F. Farouqi (Babu)

dil india live (Varanasi). वाराणसी में बुद्ध पूर्णिमा पर शुक्रवार को सारनाथ में श्रद्धालुओं की भीड़ सुबह से ही उमड़ी हुई थी। मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर में हजारों बौद्ध अनुयायी भगवान बुद्ध के अस्थि अवशेष का दर्शन कर निहाल हो उठें। यहां दिन भर बौद्ध भिक्षुओं की चहल पहल बनी रही। मंदिर और मठों में विशेष सजावट की गई। बौद्ध मंदिर के विहाराधिपति भिक्षु आर सुमित्ता नन्द थेरो के नेतृत्व में हीरा मोती से जड़ित फ्लास्क में रखा बुद्ध अस्थि अवशेष मन्दिर के हाल में दर्शन को रखा गया था।


ऐसे ही जापानी बौद्ध मंदिर में दर्शन पूजन के लिए थाईलैंड, वियतनाम, श्रीलंका के साथ महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश, बिहार के बोध गया, के अलावा यूपी के श्रावस्ती, कुशीनगर, गाजीपुर, जौनपुर, चंदौली,अन्य जिलों से बौद्ध अनुयायी एंव स्थानीय बौद्ध मठ के बौद्ध भिक्षुओं ने दर्शन पूजन किया।

इस दौरान भिक्षु चंदिमा, भिक्षु शीलवश, भिक्षु धम्म रत्न, भिक्षु रत्नाकर, सहित थाई, तिब्बती, जापानी, वियतनाम, कम्बोडिया बौद्ध मंदिर के बौद्ध भिक्षु शामिल रहे। इसके पूर्व मन्दिर में सुबह 6 बजे विश्व शांति के लिए बौद्ध भिक्षुओं ने पूजा की। इसके साथ यहां आए बौद्ध अनुयायियों ने सारनाथ के कम्बोडिया, थाईलैंड, वियतनाम, तिब्बती, भगवान बुद्ध के अस्थि के दर्शन किये।

बुद्ध पूर्णिमा पर सारनाथ आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भोजन दान किया गया। इसके पहले पहला भोजन भिक्षु चण्डपदुम लेकर भगवान बुद्ध के चढ़ाया गया। धम्म शिक्षण केंद्र के प्रभारी भिक्षु चंदिमा ने बताया कि मूलगंध कुटी बौद्ध मंदिर परिसर में सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक भोजन की व्यवस्था की गई। इस दौरान सारनाथ में दुकानों पर भी भीड देखी गई। अवकाश होने और मौसम के तकाजे के कारण आम लोग भी बडी संख्‍या में लोगा पहुंचे।


बरेका में बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव का भव्य आयोजन

बनारस रेल इंजन कारखाना (BLW), वाराणसी स्थित सूर्य सरोवर परिसर में आज 01 मई 2026 को बुद्ध पूर्णिमा के पावन अवसर पर ‘बुद्ध पूर्णिमा आयोजन समिति, बरेका’ द्वारा 2570 वीं त्रिविध पावनी बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव-2026 का भव्य आयोजन किया गया। इस अवसर पर दीपदान, बुद्ध वंदना, उनके जीवन पर आधारित आकर्षक प्रदर्शनी तथा प्रेरणादायक सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील द्वारा संध्या दीप प्रज्वलन एवं बुद्ध वंदना के साथ किया गया। इसके उपरांत सूर्य सरोवर पर सामूहिक दीपदान कार्यक्रम संपन्न हुआ, जिसने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक एवं शांतिमय बना दिया। मुख्य अतिथि ने बुद्ध पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया तथा अपने उद्बोधन में भगवान बुद्ध के जीवन, उनके उपदेशों एवं मानवता के लिए उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान भगवान बुद्ध के जीवन पर आधारित वृत्तचित्र एवं उनके उपदेशों पर केंद्रित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने उपस्थित जनसमूह को भावविभोर कर दिया।



इस अवसर पर मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (उत्पादन) राम जनम चौबे, उप मुख्य यांत्रिक इंजीनियर सुभाष चंद्र यादव, जन संपर्क अधिकारी राजेश कुमार, संयुक्त सचिव कर्मचारी परिषद प्रदीप यादव सहित अन्य सदस्य गण,अधिकारीगण, कर्मचारीगण एवं उनके परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में उपस्थित सभी श्रद्धालुओं ने भगवान बुद्ध के प्रति श्रद्धाभाव अर्पित करते हुए प्रसाद ग्रहण किया तथा उनके उपदेशों को आत्मसात कर शांति, करुणा एवं प्रेम का संदेश ग्रहण किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में बुद्ध पूर्णिमा आयोजन समिति, बरेका, वाराणसी के संरक्षक सोमपाल सिंह परवान, अध्यक्ष एवं पूर्व कर्मचारी परिषद सदस्य संजय कुमार तथा महामंत्री रतनम सिंह के साथ-साथ आशीष शर्मा, आकाश वर्मा, पुनीत रावत, श्याम सुंदर एवं धीरेन्द्र वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

Shabbo became an example : कड़ा संघर्ष कर आशा लाइब्रेरी की छात्रा बनी आरक्षी

प्रशिक्षित महिला आरक्षी का आशा लाइब्रेरी में अभिनंदन

प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता के लिए मेहनत ज़रुरी-शब्बो बानो 


dil india live (Varanasi). उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा 2024 में महिला आरक्षी पद पर चयनित आशा लाइब्रेरी एवं अध्ययन केंद्र भंदहां कला चौबेपुर की छात्रा रही शब्बो बानो का प्रशिक्षण पूर्ण करने के बाद लाइब्रेरी में प्रथम आगमन पर माल्यार्पण, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न द्वारा शानदार स्वागत किया गया।  

इस अवसर पर उपस्थित छात्राओं को संबोधित करते हुए शब्बो बानो ने कहा कि किसी भी सफलता के लिए लक्ष्य के प्रति समर्पण, संघर्ष और कठिन परिश्रम आवश्यक है। उन्होंने प्रतियोगी छात्राओं को सुझाव दिया कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए नियमित अध्ययन करें।


इस अवसर पर आशा ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा कि आशा लाइब्रेरी की छात्रा शब्बो के चयनित होने से यह स्पष्ट सन्देश है कि यदि पर्याप्त संसाधन और उचित मार्गदर्शन प्राप्त हो तो सामान्य परिवार के बच्चे भी प्रतियोगी परीक्षाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन कर सकते हैं। 


इस अवसर पर शब्बो को बधाई देने प्रदीप सिंह, साधना पाण्डेय, दीन दयाल सिंह, सौरभ चन्द्र, सनी, सरोज सिंह, श्वेता सिंह आदि की उपस्थिति रही। सभी ने उसे फूल मालाओं से लाद दिया।

गुरुवार, 30 अप्रैल 2026

DAV PG College Main इतिहास विभाग द्वारा एक खास परिचर्चा

विरासत फोरम में "भारतीय ज्ञान परंपरा" पर हुई चर्चा


dil india live (Varanasi). वाराणसी के डीएवी पीजी कॉलेज के इतिहास विभाग के छात्र फोरम विरासत के तत्वावधान मे गुरुवार को भारतीय ज्ञान परंपरा के विविध आयाम विषय पर एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। वक्ताओं द्वारा भारतीय संस्कृति एवं ज्ञान परंपरा की अमूल्य धरोहर के रूप में प्राचीन विज्ञान, दर्शन, गणित, खगोल, चिकित्सा विज्ञान, आयुर्वेद आदि क्षेत्रों के योगदान पर विस्तृत चर्चा की गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए डॉ. प्रतिभा मिश्रा ने कहा कि प्राचीन वेद भारतीय ज्ञान परंपरा का स्रोत रहे है। उसी आधार पर भारतीय ज्ञान परंपरा सदियों से मानव सभ्यता को आकार देती आयी है।


विरासत फोरम के संयोजक डॉ. शोभनाथ पाठक ने कहा कि भारत का पारंपरिक ज्ञान, स्वदेशी या स्थानीय समुदायों की सांस्कृतिक परंपराओं में अंतर्निहित ज्ञान प्रणालियों को संदर्भित करता है। कार्यक्रम में डॉ. शिवनारायण एवं डॉ. लक्ष्मीकांत सिंह ने भी विचार रखें। छात्रों में स्नातकोत्तर से प्रिंस पाण्डेय, सोनू निषाद, आशुतोष मिश्र, रिया गंगवार, मोनिका राय आदि ने विचार रखें।

Ghazi Miya ki Varanasi से पलंग पीढ़ी 15 को बहराइच होगी रवाना

तीन दिवसीय मेला 23 से, 24 मई को गाज़ी मियां की निकलेगी बारात


Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live)। शुक्रवार 15 मई को बड़ी बाजार, सलारपुरा स्थित प्रसिद्ध सूफी संत हज़रत सैयद सलार मसूद गाजी‌ रहमतुल्लाह अलैह (गाजी मियां) की पलंग-पीढ़ी (मेदनी) का जुलूस गाजी मियां के सदर हाजी सेराजुद्दीन, गद्दीनशीन/सेक्रेटरी हाजी एजाजुद्दीन हाशमी के नेतृत्व में उठाया जाएगा। गाजी मियां की शादी 24 मई को होना है। शादी के सवा महीने पहले से ही शादी की रस्में शुरू हो जाती है। इसी क्रम में 15 मई को मेदनी का जुलूस निकाला जाएगा। इसकी तैयारियां जोरों शोर से चल रही है।


जुलूस दरगाह कमेटी के ओहदेदारानो की अगुवाई में निकाला जाता है। जुलूस में हाजी सिराजुद्दीन अहमद, नियाजुद्दीन हाशमी, डा. अजीजुर्रहमान, नोमान अहमद, जीशान अहमद, अब्दुल्ला सेराज, मो. शमीम, बबलू हाशमी के साथ तमाम जायरीन का हुजूम उमड़ेगा।  

जेट मेला 23 से 25 मई तक

जुलूस में दरगाह कमेटी के प्रतिनिधिगण अपने कदीमी रास्तों से होते हुए पलंग पीढी लेकर बहराईच दरगाह रवाना होते हैं। गाज़ी मियां की शादी और जेट मेला 23 मई से 25 तक सालारपुर, बड़ी बाजार वाराणसी इलाके में लगेगा। बारात की रस्म 24 मई को अदा की जाएगी।

बुधवार, 29 अप्रैल 2026

विश्वनाथ धाम में PM Modi ने किया Darshan Pujan, काशीवासियों का किया अभिवादन

बाबा की आरती उतार देशवासियों के कल्याण की किया प्रधानमंत्री ने कामना



F. Farouqi Babu 

dil india live (Varanasi). प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी (PM Narendra Modi) अपने वाराणसी दौरे से दूसरे दिन Baba vishwanath (बाबा विश्वनाथ) का दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। पीएम ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिविधान से बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक व पूजन करने के बाद आरती उतारकर देशवासियों के कल्याण की कामना की। इसके पूर्व धाम के द्वार पर डमरुओं के निनाद और शंखनाद से पीएम का स्वागत किया गया। बरेका से विश्वनाथ धाम जाते वक्त रास्ते में बीजेपी कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह फूल बरसाकर प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान सिक्योरिटी अलर्ट रहा। प्रधानमंत्री बुधवार की सुबह लगभग साढ़े आठ बजे बरेका से काशी विश्वनाथ धाम के लिए रवाना हुए। इस दौरान बरेका गेट, हाकी चौराहा, लहुराबीर, मैदागिन और विश्वनाथ धाम के द्वार पर पीएम का भव्य स्वागत किया गया। पीएम के आगमन को लेकर भाजपाइयों में खासा उत्साह रहा। सुबह से ही कार्यकर्ताओं की भीड़ सड़कों पर उमड़ पड़ी। कार्यकर्ताओं ने पुष्पवर्षा कर पीएम का स्वागत किया।

हाथ जोड़कर किया काशी का अभिवादन 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी काशी विश्वनाथ धाम परिसर में गाड़ी से उतरे तो डमरूओं के निनाद से उनका स्वागत किया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने हाथ जोड़कर काशी अभिवादन स्वीकार किया। इस मौके पर काशी विश्वनाथ मंदिर के गर्भ गृह में प्रधानमंत्री मोदी ने षोडशोपचार विधि से पूजन किया। इस दौरान ब्राह्मणों ने मंत्रोच्चार किया। पंडित ओम प्रकाश मिश्र सहित पांच ब्राह्मणों ने पीएम मोदी को षोडशोपचार पूजा कराई। पीएम मोदी ने दूसरी बार विश्वनाथ मंदिर में त्रिशूल और डमरू दिखाकर बाबा के भक्तों का अभिवादन किया।

 










इस दौरान जमकर नारे लगाए। पीएम लगभग 9 बजे विश्वनाथ धाम पहुंचे। उन्होंने विधिविधान से बाबा का जलाभिषेक और पूजन किया। इसके बाद गंतव्य के लिए रवाना हुए। प्रधानमंत्री दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार की शाम वाराणसी पहुंचे थे। उन्होंने बरेका में नारी वंदन सम्मेलन को संबोधित किया। इस दौरान वाराणसी की 6332 करोड़ की 163 परियोजनाओं का लोकार्पण का शिलान्यास किया। वहीं दो नई ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। पीएम ने डेयरी उद्योग से जुड़ी महिलाओं के खाते में 100 करोड़ रुपये से अधिक की बोनस राशि भी ट्रांसफर की। 


प्रधानमंत्री ने नन्हे-मुन्हें बच्चों से किया संवाद

पीएम मोदी ने काशी विश्वनाथ धाम परिसर में आए बच्चों से बातचीत की। उन्होंने बच्चों से कुछ पूछा तो वे मुस्कुराते दिखे। वहीं मंदिर परिसर में मौजूद श्रद्धालु पीएम की झलक पाकर प्रसन्न दिखे। प्रधानमंत्री मोदी काशी विश्वनाथ धाम में दर्शन-पूजन के बाद कॉरिडोर का भ्रमण किया। इसके बाद वापसी के लिए उनका काफिला निकला। पीएम ने गेट नंबर चार पर मौजूद काशीवासियों का हाथ हिलाकर पुनः अभिवादन किया। 


मंगलवार, 28 अप्रैल 2026

Varanasi Main PM Modi बोलें, यह अवसर नारी शक्ति के वंदन और विकास का उत्सव

प्रधानमंत्री का काशी में हुआ भव्य स्वागत, महिला सम्मेलन में गूंजा ‘नारी शक्ति’ का स्वर

नारी शक्ति ही हैं, नए भारत की असली ताकत-नरेन्‍द्र मोदी

हमारी सरकार देश की नीति-निर्माण में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध-पीएम, नरेन्‍द्र मोदी



dil india live (Varanasi)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिवसीय दौरे पर मंगलवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी पहुंचे, जहां उनका भव्य स्वागत हुआ। एयरपोर्ट से लेकर शहर के विभिन्न मार्गों तक ‘हर-हर महादेव’ और ‘मोदी-मोदी’ के नारों से वातावरण गूंज उठा। प्रधानमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे और पूरे शहर को सूचना विभाग द्वारा होर्डिंग, स्टैंडी, कटआउट आदि से आकर्षक ढंग से सजाया गया था।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने बीएलडब्ल्यू मैदान में आयोजित विशाल महिला सम्मेलन को संबोधित किया, जिसमें हजारों की संख्या में महिलाओं ने भाग लिया। सम्मेलन स्थल पर महिलाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। सम्मेलन में प्रतिभाग के रही महिलाओं को बैठने के बनाए गए सभी सेक्टर में प्रधानमंत्री ने स्वयं जाकर महिलाओं का अभिवादन किया। 


       प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नारी वंदन सम्मेलन में “हर-हर महादेव” के उद्घोष के साथ अपने संबोधन की शुरुआत की। प्रधानमंत्री ने काशी की आध्यात्मिक महत्ता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह नगरी माता श्रृंगार गौरी, माता अन्नपूर्णा, माता विशालाक्षी, माता संकट मोचन की शक्ति और मां गंगा की पावन धारा से समृद्ध है। उन्होंने कहा कि इस पवित्र भूमि पर बहनों का यह विशाल समागम कार्यक्रम को और अधिक दिव्य बना रहा है। प्रधानमंत्री ने काशी की महिलाओं को नमन करते हुए कहा कि आज का यह अवसर नारी शक्ति के वंदन और विकास का उत्सव है। उन्होंने बताया कि इस दौरान हजारों करोड़ रुपये की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है, जो क्षेत्र के विकास को नई गति देंगे। उन्होंने कहा कि काशी से पुणे और अयोध्या से मुंबई के लिए शुरू की गई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों से आम जनता को बड़ा लाभ मिलेगा। इससे महाराष्ट्र के लोगों को काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या आने के लिए एक आधुनिक और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।


उन्होंने कहा कि देश को विकसित बनाने का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है और इसमें भारत की नारी शक्ति की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह एक नए युग की शुरुआत के लिए माताओं-बहनों का आशीर्वाद लेने आए हैं। साथ ही उन्होंने महिला सशक्तिकरण को आगे बढ़ाते हुए महिला आरक्षण को लागू करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।

        प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिला सशक्तिकरण को सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। उन्होंने कहा कि आज देश की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और सरकार उनकी प्रगति में हर संभव सहयोग दे रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि “नारी शक्ति ही नए भारत की असली ताकत है, और जब महिलाएं आगे बढ़ती हैं तो पूरा समाज आगे बढ़ता है।” पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि देश में लंबे समय तक महिलाएं उपेक्षित रहीं। उन्होंने कहा कि कई बार महिलाओं से सवाल तक नहीं पूछे जाते थे और सीधे निर्णय थोप दिए जाते थे। यह स्थिति केवल काशी ही नहीं, बल्कि देश के अधिकांश हिस्सों में बहन-बेटियों का अनुभव रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब वह करीब 25 वर्ष पहले गुजरात के मुख्यमंत्री बने, तब उन्होंने इस सोच को बदलने का संकल्प लिया। उन्होंने बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विशेष योजनाएं शुरू की, जिससे अधिक से अधिक लड़कियां स्कूल पहुंच सकें। उन्होंने कहा कि वर्ष 2014 में जब देश की माताओं-बहनों ने उन्हें सेवा का अवसर दिया, तब से भारत तेजी से विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है। 


         प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ परिवारवादी दल नारी शक्ति से भयभीत हैं और नहीं चाहते कि महिलाएं विधानसभा और संसद तक पहुंचें। विपक्ष को डर है कि यदि महिलाएं बड़ी संख्या में राजनीति में आईं, तो उनकी पारंपरिक राजनीति समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि अपनी भारतीय जनता पार्टी और एनडीए की सोच “नारी शक्ति का सम्मान” और “नागरिक देवो भव:” की भावना पर आधारित है। प्रधानमंत्री ने महिलाओं से आह्वान किया कि वे देश को विकसित बनाने के इस अभियान में बढ़-चढ़कर भागीदारी करें।उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि वे नारी वंदन के इस प्रयास को लागू करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। कहा कि विपक्षी दलों की वजह से लक्ष्य अधूरा रह गया।' 'महिलाओं के सशक्तीकरण से देश मजबूत होगा।' उन्होंने बताया कि 30 करोड़ से अधिक बहनों के लिए बैंक खाते खोले गए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सम्मेलन में महिलाओं से कहा कि वे इस कार्यक्रम में महा यज्ञ के प्रारंभ के लिए सभी बहनों और बेटियों का आशीर्वाद लेने आए हैं। उन्होंने कहा कि काशी के सांसद के रूप में, देश के प्रधानमंत्री के रूप में, देश के कल्याण के एक महत्वपूर्ण लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए उनके आशीर्वाद की आवश्यकता है। और यह महत्वपूर्ण लक्ष्य लोकसभा और विधानसभा में महिलाओं के लिए आरक्षण लागू करना है। उन्होंने महिलाओं को आश्वस्त किया कि महिलाओं के आरक्षण अधिकारों को लागू करवाने के लिए वे कोई कसर नहीं छोड़ेंगे। प्रधानमंत्री ने काशी के विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वाराणसी का स्वरूप पूरी तरह बदल गया है। शहर में आधारभूत सुविधाओं का विस्तार हुआ है और पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है। 

       सम्‍मेलन में मुख्‍यमंत्री योगी आद‍ित्‍यनाथ ने प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए व‍िकास की रूपरेखा खींचने के साथ महिलाओं के ह‍ितों के ल‍िए सरकार के क‍िए जा रहे प्रयासों का विस्तार से उल्लेख किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का स्वागत करते हुए उन्हें “नए भारत का निर्माता” बताया और कहा कि प्रधानमंत्री के विजन और नेतृत्व का ही परिणाम है कि आज देश एक नए युग की ओर बढ़ रहा है और हम सभी नए भारत का साक्षात दर्शन कर रहे हैं। 

       



भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद नितिन नबीन ने सम्मेलन में कहा कि नरेंद्र मोदी ने देश की आधी आबादी को वह सम्मान दिया है, जो पूर्ववर्ती सरकारें नहीं दे सकीं। उन्होंने कहा कि कि महिलाओं के सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर सरकार ने कई ऐतिहासिक कदम उठाए हैं। नवीन ने काशी की विशेषता का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यह केवल एक शहर या भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि एक जीवंत चेतना है। जिस प्रकार मां गंगा भारतीय संस्कृति को सिंचित करती हैं, उसी प्रकार देश की महिलाएं परिवार और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने विशेष रूप से जोर देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की आधी आबादी को वह सम्मान दिया है, जो पूर्ववर्ती सरकारें नहीं दे सकीं। उन्होंने काशी की विशेषता का उल्लेख करते हुए कहा कि यह केवल एक शहर या भौगोलिक इकाई नहीं, बल्कि एक जीवंत चेतना है। जिस प्रकार मां गंगा भारतीय संस्कृति को सिंचित करती हैं, उसी प्रकार देश की महिलाएं परिवार और समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री की विभिन्न महिला कल्याणकारी योजनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के माध्यम से करोड़ों महिलाओं को धुएं से मुक्ति मिली है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत महिलाओं को घर का मालिकाना हक दिया गया, जिससे उनका सामाजिक सम्मान बढ़ा है। इसके अलावा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाओं ने बेटियों के भविष्य को सुरक्षित करने में अहम भूमिका निभाई है।

           इससे पूर्व प्रधानमंत्री को जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या ने काष्ठ कलाकृत‍ि भेंट की। विभिन्न संगठनों की ओर से जीआई टैग जरदोजी, मोर, पंचमुखी गणेश की प्रतिमा, नमो घाट का प्रतीक आद‍ि भी उनको भेंट क‍िया गया। कार्यक्रम में पीएम मोदी ने यही दो अमृत भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाकर पुणे के लिए रवाना किया। 

      महिला सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन, राज्यपाल आनंदी बेन पटेल, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मोर्या के साथ 40 से अधिक पार्षद व महिला ग्राम प्रधान मंचासिन रही।

      बरेका में आयोजित महिला सम्मेलन में कैबिनेट मंत्री अनिल राजभर, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) रविंद्र जायसवाल, राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ दयाशंकर मिश्र '', महापौर अशोक कुमार तिवारी, जिलाध्यक्ष व एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा, एमएलसी धर्मेंद्र राय, एमएलसी अश्विनी त्यागी, पूर्व मंत्री एवं विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, विधायक डॉ अवधेश सिंह, विधायक टी.राम, विधायक सुनील पटेल, पूर्व विधायक जगदीश पटेल, एमएलसी धर्मेंद्र राय, प्रदेश भाजपा महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह, क्षेत्रीय अध्यक्ष दिलीप पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि, प्रदेश मंत्री शंकर गिरी, मीना चौबे, प्रदेश कोषाध्यक्ष मनीष कपूर, क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी नवरतन राठी, आरती सेठ, सह प्रभारी संतोष सोलापुरकर, नवीन कपूर, जगदीश त्रिपाठी, अशोक पटेल, संजय सोनकर, प्रवीण सिंह गौतम, सुरेश सिंह, सुरेंद्र पटेल, शैलेंद्र मिश्रा, नम्रता चौरसिया, कुसुम पटेल, विनिता सिंह, साधना वेदांती, गीता शास्त्री, रचना अग्रवाल,  निर्मला  सिंह पटेल, पूजा दीक्षित, नेहा कक्कड, शालिनी सिंह आदि प्रमुख रुप से उपस्थित रही।

       


SP प्रमुख Akhilesh yadav का पुतला फूंकते वक्त झुलसी थीं भाजपा विधायक फिर भी हाल जानने पहुंचे नेता जी

...मेरा पैग़ाम मोहब्बत है, जहां तक पहुंचे

पूर्व मंत्री का हाल जानने अचानक मेदांता पहुंचे अखिलेश, चढ़ा सियासी पारा 


dil india live (Lucknow). सियासत में मतभेद अपनी जगह, लेकिन इंसानियत उससे कहीं ऊपर है। यही वजह है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव मंगलवार को अचानक लखनऊ के मेदांता अस्पताल पहुंचे। उन्होंने बहराइच से भाजपा विधायक और पूर्व मंत्री अनुपमा जायसवाल का हाल-चाल जाना। ये वही अनुपमा जायसवाल हैं जिन्होंने अखिलेश यादव का पुतला फूंकना चाहा और उसी आग में खुद झुलस कर अस्पताल पहुंचीं। अखिलेश यादव के अस्पताल पहुंचते ही प्रदेश का सियासी पारा चढ़ गया।

...मेरा पैग़ाम मोहब्बत है, जहां तक पहुंचे

सपा मुखिया अखिलेश यादव ने अस्पताल में अनुपमा जायसवाल से मुलाकात की, हाथ जोड़कर नमस्कार किया। इस दौरान विधायक मुस्कराते हुए दिखीं। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं था कि जिसका वो पुतला फूंक रही है वो उन्हें देखने अस्पताल आएंगे। अखिलेश ने उनके इलाज कर रहे डॉक्टरों से भी बात की और शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। 

इस खास मुलाकात की तस्वीरें अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर शेयर की और साथ में एक शेर लिखा: “उनका जो फर्ज है, वो अहल-ए-सियासत जानें, मेरा पैगाम मोहब्बत है, जहां तक पहुंचे।”

जानिए क्या है पूरा मामला 
25 अप्रैल 2026 को बहराइच में भाजपा कार्यकर्ताओं ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम (महिला आरक्षण विधेयक) को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान अखिलेश यादव और राहुल गांधी के पुतले फूंके जा रहे थे। जब अनुपमा जायसवाल पुतले में आग लगा रही थीं, तभी अचानक लपटें तेज हो गईं और उनके चेहरे पर आग लग गई। उनका चेहरा झुलस गया और सिर के बाल भी जल गए। मौके पर मौजूद कार्यकर्ताओं और पुलिस ने तुरंत आग बुझाई। उन्हें पहले बहराइच के जिला अस्पताल ले जाया गया, फिर बेहतर इलाज के लिए लखनऊ के मेदांता रेफर कर दिया गया। 

इस मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने कहा, 'राजनीति अपनी जगह है और मानवीय संबंधों का महत्व अपनी जगह। हम नहीं चाहते कि समाज के बीच आग जले। हम चाहते हैं समाज में सौहार्द की फुहार हो। हमारी सकारात्मक राजनीति की स्वस्थ परंपरा ने हमें यही सिखाया है। इसीलिए हम भाजपा विधायक अनुपमा जायसवाल से मिलने गए। उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करके आए हैं। सद्भाव बना रहे, सौहार्द बना रहे।'

सत्ताधारी नेता बंगाल चुनाव में व्यस्त 

सपा मीडिया सेल ने इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा। पार्टी ने कहा कि राजनीतिक विरोध अलग बात है, लेकिन महिला विधायक के अस्पताल में भर्ती होने पर सपा प्रमुख खुद पहुंच गए, जबकि सत्ताधारी दल के बड़े नेता बंगाल चुनाव में व्यस्त हैं।