गुरुवार, 15 जनवरी 2026

Ex CM Mayawati's Birthday: पुनः सत्ता सौंपने का लिया संकल्प

सभी दलों ने मुसलामानों को भाजपा का डर दिखा अपना उल्लू किया सीधा

स्वाभिमान और सम्मान की प्रतीक हैं बहन मायावती-मेराज फारुकी जुग्गन 




F.farooqui 

dil india live (Varanasi). बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूर्व मुख्यमंत्री मायावती (Ex CM Mayawati) के 70 वे  जन्म दिवस पर एक संगोष्ठी का आयोजन उत्तरी ककरमत्ता स्थित बसपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष मेराज फारुकी जुग्गन एडवोकेट के आवास पर संपन्न हुई। सबसे पहले कार्यकर्ताओं ने इस खुशी के अवसर पर केक काटकर मायावती के दीर्घ आयु होने की कामना की।

संगोष्ठी में उपस्थित कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मेराज फारुकी ने कहा कि बसपा? सुप्रीमो पूर्व मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश मायावती स्वाभिमान और सम्मान की प्रतीक है हम सभी को उनके बताएं हुए रास्ते पर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उत्तर प्रदेश सरकार की मुखिया रहते हुए उन्होंने जिस तरह की कानून व्यवस्था कायम की थी उसकी लोग आज भी मिसाल देते हैं उन्होंने ने कभी समाज को गुमराह कर वोट लेने की बात नहीं की। सभी समाज के लोगों को बराबर का सम्मान मिले। भेदभाव दूर हो आपसी भाईचारा बने, इस पर काम किया। जब कि दूसरे सभी दलों ने समाज को खासकर मुसलामानों को भाजपा  का डर दिखाकर अपना उल्लू सीधा किया है। अब समाज सब जान चुका है और आने वाले चुनाव में बसपा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार है, बस जरूरत है कि हम मायावती को सभी समाज के हित मे मुख्यमंत्री रहते हुए किए गए काम को जन जन तक पहुंचाने का काम करे और अन्य पार्टियों द्वारा उन्हें गुमराह किए जाने की बात को बताए। हम सभी जन्मदिन के अवसर पर यहीं संकल्प ले कि 20 27 के चुनाव में गुमराह करने वालो से बचे और बसपा को मजबूत करे।

इस अवसर पर कार्यक्रम में शामिल लोगों में अफजाल अहमद  फारुकी, मुंशी राम सुमन, मनोज गौतम, अबु बकर, नफीस  फारुकी, शमीम आजमी, फिरोज अहमद, मुनीर अहमद, अनवारूल मौजूद थे।

बुधवार, 14 जनवरी 2026

IIT BHU में Pr. Alakh Niranjan Sahu एसोसिएट डीन (रिसोर्स एंड एलुमनी) नियुक्त

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) ने कि घोषणा, जताई खुशी 



dil india live (Varanasi). भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय), वाराणसी ने प्रो. अलख निरंजन साहू (Professor Alakh Niranjan Sahu) को दो वर्ष की अवधि के लिए एसोसिएट डीन (रिसोर्स एंड एलुमनी) नियुक्त किया है। इसकी घोषणा करते हुए संस्थान ने प्रसन्नता जाहिर की है। संस्थान द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि भैषजकीय अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी विभाग के प्रो. अलख निरंजन साहू को दो वर्षों की अवधि के लिए एसोसिएट डीन (रिसोर्स एंड एलुमनी) नियुक्त किया गया है।

प्रो. साहू एक प्रतिष्ठित शिक्षाविद् एवं शोधकर्ता हैं, जिनका भैषजकीय अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। शिक्षण, शोध तथा संस्थागत विकास के क्षेत्र में उनके व्यापक अनुभव से संस्थान में एलुमनी सहभागिता, संसाधन जुटाने की प्रक्रिया तथा रणनीतिक साझेदारियों को सुदृढ़ करने में उल्लेखनीय सहयोग मिलने की अपेक्षा है। 

Makar Sankranti संग खत्म होगा खरमास

...तो शहनाई बजेगी अगले महीने

इस बार 2 माह में सिर्फ 19 दिन ही है शुभ मुहूर्त



dil india live (Varanasi). मकर संक्रांति के साथ ही कल खरमास खत्म होने जा रहा है, लेकिन मांगलिक कार्यों की विधिवत शुरुआत अगले महीने से होगी। फरवरी और मार्च इन दो महीनों में कुल 19 दिन ही शुभ मुहूर्त रहेंगे। इस दौरान लोग शादी-विवाह सहित अन्य शुभ कार्य कर सकेंगे।
हिंदू पंचांग के अनुसार फरवरी और मार्च माह में कुल 19 दिन शुभ कार्यों के लिए अनुकूल रहेंगे। इन मुहूर्तों में विवाह, गृह प्रवेश, हवन-यज्ञ, नामकरण संस्कार, मुंडन संस्कार, यज्ञोपवीत (जनेऊ), वाहन क्रय, भूमि पूजन, भवन निर्माण आरंभ सहित अन्य मांगलिक कार्य किए जा सकेंगे।
बीएचयू के ज्योतिष विभाग के प्रोफेसर विनय कुमार पांडेय के अनुसार इस वर्ष शुभ मुहूर्त की शुरुआत 4 फरवरी से होगी, जबकि पंचांग के अनुसार अंतिम शुभ मुहूर्त 14 मार्च को पड़ेगा।
उन्होंने बताया कि 11 दिसंबर 2025 से शुक्र ग्रह अस्त (ढूंढा हुआ) अवस्था में था, जो 1 फरवरी 2026 को उदित होगा। उदय के बाद तीन दिन तक शुक्र ‘बालक अवस्था’ में रहता है, इस अवधि में भी शुभ कार्य नहीं किए जाते।
इसी कारण 4 फरवरी से विवाह आदि मांगलिक कार्यों के मुहूर्त प्रारंभ होंगे। फरवरी में 14 दिन शुभ कार्यों के लिए उपयुक्त होंगे, जबकि मार्च में केवल 5 दिन ही शुभ मुहूर्त रहेंगे।
ज्योतिषाचार्य विनय पांडेय के अनुसार इन तिथियों में कुछ मुहूर्त दिन के समय शुभ होंगे, जबकि कुछ रात्रि में। इसलिए किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले विद्वान ज्योतिषाचार्य या अपने पुरोहित से परामर्श अवश्य लेना चाहिए, ताकि कार्य शुभ और फलदायी हो।

मंगलवार, 13 जनवरी 2026

Rotary club Varanasi Central की कार्यकारिणी का चुनाव में जानिए क्या हुआ?

अध्यक्ष पद पर निर्विरोध निर्वाचित हुए अजय गौतम




dil india live (Varanasi)। रोटरी क्लब वाराणसी सेंट्रल की बैठक होटल हिन्दुस्तान इण्टर नेशनल मलदहिया में सम्पन्न हुई। बैठक में रोटरी सत्र 28-29 के अध्यक्ष तथा सत्र 26-27 की कार्यकारिणी का चुनाव सम्पन्न हुआ। चुनाव अधिकारी पूर्व अध्यक्ष पवन सिंह ने सत्र 28-29 के अध्यक्ष पद के लिए निर्विरोध निर्वाचित अजय गौतम के नाम की घोषणा की। वाराणसी के उद्यमी अजय गौतम विभिन्न समाजिक संस्थाओं में विभिन्न पदों को वर्तमान में सुशोभित कर रहे है।

चुनावी सभा में संजय गुप्ता (पूर्व अध्यक्ष), मनोज जाजोदिया (पूर्व अध्यक्ष), राजेश भाटिया (अध्यक्ष), सतीश बजाज (सचिव), दीपक जयसवाल (सदस्य), जीवन खन्ना (सदस्य), अंकित जयसवाल (सदस्य) एवं अन्य सदस्य उपस्थित थे। मौजूद रोटरी क्लब सदस्यों ने अजय गौतम को बधाईयां दी।

Dalmandi से शिफ्ट होंगी 6 मस्जिद, जमीन की तलाश

इंतजामिया कमेटी ने कहा किसी हाल में नहीं देंगे मस्जिद



Sarfaraz Ahmad 

dil india live (Varanasi). वाराणसी के दालमंडी प्रोजेक्ट को जल्द से जल्द पूरा कराने के निर्देश के बाद चौड़ीकरण अभियान में कल बुलडोजर की एंट्री हो गई है. नई सड़क से दालमंडी की ओर जाने वाली गली के मुहाने पर खड़े तीन मंजिला मकान सी 1/24 को ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू हुई। इस दौरान पहली बार बुलडोजर का इस्तेमाल किया गया। मुख्तार अहमद खान के नाम से ये मकान था जिसे वीडीए ने अवैध घोषित किया था।

इस कार्रवाई के साथ ही अब तक कुल दस भवनों को ध्वस्त किया जा चुका है, जबकि 25 से ज्यादा लोगों ने रजिस्ट्री करा ली है और बीस से ज्यादा लोग रजिस्ट्री के लिए संपर्क में हैं। दालमंडी चौड़ीकरण प्रोजेक्ट पूरा कराने वाली कार्यदायी संस्था पीडब्लूडी के एक्सईएन केके सिंह ने बताया कि हमें उम्मीद है कि इस हफ्ते हम पचास रजिस्ट्री पूरी कर लेंगे। 181 भवनों की लंबी फेरहिस्त है, लेकिन हम समय से ये प्रोजेक्ट पूरा करेंगे।

जब पीडब्लूडी के एक्सईएन केके सिंह से पूछा गया कि चौड़ीकरण की जद में आ रही आधा दर्जन मस्जिदों का क्या होगा तो इस पर केके सिंह ने कहा कि वाराणसी में हम 5 अलग-अलग जगहों पर चौड़ीकरण करा रहे हैं। इनमें पाण्डेयपुर से रिंग रोड, लहरतारा से बीएचयू, मोहनसराय रोड, पड़ाव से टेंगरा मोड़ और दालमंडी प्रोजेक्ट शामिल है। अभी तक कहीं भी धार्मिक स्थलों को लेकर कोई समस्या नही आई है। यहां भी नही आएगी।

उन्होंने आगे कहा कि सेंसेटिव मामलों में हम मामले की जानकारी ऊपर दे देते हैं और वहां से जैसा निर्देश आता है हम उसको फॉलो करते हैं। अभी तक चौड़ीकरण के मार्ग में जो भी धार्मिक स्थल आए हैं। हमने उनको वहां से शिफ्ट किए हैं या साइड से सड़क दे दी गई है। जैसा भी फैसला लिया जाएगा। हम उसको पूरा कराएंगे। मस्जिदों को लेकर एलाइनमेंट या विस्थापन, ऊपर से मिले निर्देश के बाद ही तय होगा।

इसके अलावा जब पीडब्लूडी के एक्सईएन केके सिंह से पूछा गया कि मस्जिदों को विस्थापित कहां करेंगे। इस पर केके सिंह ने कहा कि अगर कोई सरकारी जमीन मिलती है तो हम उस जमीन पर मस्जिदों को शिफ्ट करेंगे या कोई प्राइवेट व्यक्ति जगह देने को तैयार होता है तो इस पर भी हम तैयार हैं, लेकिन जो भी फैसला होगा वो ऊपर से होगा। हमने ग्राउंड रियलिटी से अवगत करा दिया है।

अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद ने किया इनकार

अंजुमन इंतेजामिया मसाजिद कमेटी के जॉइंट सेक्रेटरी मोहम्मद यासीन ने मीडिया से कहा कि दालमंडी में बुलडोजर चलाकर प्रशासन दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है, लेकिन इससे हम डरने वाले नही हैं। हम किसी कीमत पर अपनी मस्जिद नही देंगे। चौड़ीकरण हो या ना हो। दालमंडी प्रोजेक्ट पूरा हो या ना हो हम अपनी मस्जिद नहीं देंगे। मोहम्मद यासीन ने बताया कि छह मस्जिदों में से दो पर स्टे हैं। इनमें लंगड़े हाफिज और निसारन मस्जिद शामिल हैं, जिन पर स्टे है। हम किसी हाल में ये मस्जिदें नहीं छोड़ेंगे।

गौरतलब हो कि दालमंडी के चौड़ीकरण की जद में जो छह मस्जिदें आ रही हैं उनमें मस्जिद करिमुल्ला बेग, संगेमरमर मस्जिद, मस्जिद अली रजा, मस्जिद रंगीले शाह, मस्जिद निसारन और जामा मस्जिद लंगड़े हाफिज शामिल है।

चौक से दालमंडी की ओर जाते समय करिमुल्ला बेग मस्जिद है तो नई सड़क से चौक की तरफ जाने पर लंगड़े हाफिज मस्जिद मुहाने पर है। इसका सीधा मतलब है कि बिना मस्जिदों को शिफ्ट किए ये प्रोजेक्ट पूरा होगा नही और मस्जिद इंतेजामिया कमेटी किसी भी समझौते से इंकार किया है। ऐसे में क्या होगा अब? यह आने वाला वक्त ही बताएगा।

सोमवार, 12 जनवरी 2026

22 Rajab: Kunday पर एक-दूसरे के घरों में शिरनी चखने पहुंचे अकीदतमंद

रोज़ी रोटी में बरकत को मुस्लिम घरों में इमाम जाफर सादिक की हुई नज़र



Mohd Rizwan 

dil India live (Varanasi). Desh Duniya की तरह ही वाराणसी के मुस्लिम इलाकों में इमाम जाफर के कुंडे की फातेहा कराने और फातेहा का तबर्रुक चखने लोग उमड़े।  हज़रत इमाम जाफर सादिक की फातिहा सुबह फज्र की नमाज के बाद से ही शुरू हो गई। जिसके बाद अकीदतमंद घरों में फातिहा का तबर्रुक चखने के लिए पहुंचने लगे। इसे लेकर बच्चों में ज्यादा ही उत्साह देखने को मिला। लोगों का मानना है कि इमाम जाफर सादिक ने रोजी-रोटी में बरकत के लिए इस नजर (फातिहा) के बारे में कौम से कहा था। तभी से यह फातिहा करायी जाती है। इस्लामिक कैलेण्डर के रजब माह की 22 तारीख को 1444 हिजरी से इस फातेहा की शुरुआत हुई।

मुस्लिम इलाकों में रही रौनक 

बनारस के मुस्लिम बहुल इलाकों में सोमवार को खासी रौनक रही। मदनपुरा, रेवड़ी तालाब, नई सड़क, दालमंडी, भेलूपुर, गौरीगंज, शिवाला, रामनगर, अर्दली बाजार, प्रहलाद घाट, कुदबनशहीद, नक्खीघाट, लल्लापुरा, दरगाहे फातमान, काली महल, रामनगर, लाट सरैया में सुबह से शाम कुंडे का आयोजन समाचार लिखे जाने तक चल रहा था।

घरों में लज़ीज़ पकवानों का दौर 

कूंडे का पर्व हर वर्ष 22 रजब को छठवें इमाम हज़रत इमाम जाफर सादिक की नजर व फातिहा के साथ मनाया जाता है। इसमें घरों में लज़ीज़ पकवानों का दौर चलता है, खीर-पूड़ी, मीठी टिकिया, जलेबी और कई तरीके के पकवान बनाए जाते हैं। इस फातिहा में रोजी-रोटी में बरकत के लिए रब की रहमत व देश और दुनिया में अमन के लिए इस फातिहा के दौरान दुआएं मांगी जाती है।

Education: विवेकानंद जयंती पर VKM Varanasi में मनाया गया युवा दिवस

युवा शक्ति राष्ट्र निर्माण की नींव -सारिका दुबे एडवोकेट 





dil india live (Varanasi). राष्ट्रीय युवा दिवस पर वसंत कन्या महाविद्यालय, कामाख्या, वाराणसी में एक कार्यक्रम NSS प्रोग्राम ऑफिसर डॉ. शशि प्रभा कश्यप, यूनिट: A द्वारा आयोजित किया गया और इसका विषय था "राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका" था। इसी विषय पर एक भाषण प्रतियोगिता भी आयोजित की गई। इस अवसर पर, कॉलेज की प्रिंसिपल प्रो. रचना श्रीवास्तव ने NSS स्वयंसेवकों को संबोधित किया और उनसे स्वामी विवेकानंद के आदर्शों का पालन करने का आग्रह किया।

इस दौरान मुख्य अतिथि खुशी की उड़ान की संस्थापक एडवोकेट सारिका दुबे ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा शक्ति राष्ट्र निर्माण की नींव है और युवाओं को अपने अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में पता होना चाहिए। एडवोकेट सारिका दुबे ने कहा, "युवा शक्ति राष्ट्र की सबसे बड़ी संपत्ति है। उन्हें अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने और समाज के लिए बेहतर भविष्य बनाने में योगदान देना चाहिए।"
प्रतियोगिता में 12 स्वयंसेवकों ने भाग लिया, जिनमें से 3 को पुरस्कार दिया गया। पहला पुरस्कार भाग्य ज्योति को, दूसरा श्रेया को और तीसरा सौम्या को दिया गया।
इस अवसर पर कार्यक्रम का संचालन दो NSS स्वयंसेवकों ने किया और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शशि प्रभा कश्यप ने दिया। इस एक दिवसीय कार्यक्रम में कई शिक्षण स्टाफ, 156 छात्र और NSS स्वयंसेविकाएं उपस्थित थीं।

प्रो. राकेश उपाध्याय का व्याख्यान 

वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा द्वारा 12 जनवरी 2026 को युवा दिवस पर एक विशेष व्याख्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “Self-Development & Mental Health” रहा। इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य वक्ता प्रो. राकेश के. उपाध्याय, निदेशक, भाषा पत्रकारिता, भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC), नई दिल्ली रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव के मार्गदर्शन में हुआ। अपने संबोधन में प्राचार्या ने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि आज के युवाओं के लिए आत्मविकास और मानसिक स्वास्थ्य अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि प्रतिस्पर्धा और तेज़ जीवनशैली के इस दौर में मानसिक संतुलन बनाए रखना ही वास्तविक सफलता की कुंजी है।



मुख्य वक्ता प्रो. राकेश के. उपाध्याय का व्याख्यान अत्यंत इंटरएक्टिव और संवादात्मक रहा, जिसमें छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की। उन्होंने कहा कि युवा अवस्था व्यक्तित्व निर्माण का सबसे महत्वपूर्ण चरण है। उन्होंने आत्मचिंतन, आत्मअनुशासन और सकारात्मक सोच को मानसिक स्वास्थ्य के प्रमुख आधार बताते हुए छात्राओं को जीवन में संतुलन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।

प्रो. उपाध्याय ने स्वामी विवेकानंद को “Communicator par Excellence” बताते हुए कहा कि संप्रेषण जीवन का एक अत्यंत महत्वपूर्ण कौशल है। उन्होंने कहा, “आप क्या जानते हैं, यह उतना महत्वपूर्ण नहीं है, जितना महत्वपूर्ण यह है कि आप उसे दूसरों तक कैसे पहुँचा पाते हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि पर्सनैलिटी डेवलपमेंट की शुरुआत स्वयं की श्वास-प्रश्वास (Breathing Exercises) से होती है, क्योंकि सही श्वसन से मन और शरीर दोनों संतुलित रहते हैं। भारतीय संस्कृति पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति सभी संस्कृतियों की जड़ और सार है, और हमें अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहना चाहिए।

प्रो. उपाध्याय ने छात्राओं को कौशल विकास पर विशेष जोर देते हुए कहा कि “आज के समय में नौकरी डिग्री से नहीं, बल्कि कौशल से मिलती है।” उन्होंने छात्राओं को अपनी क्षमताओं को निरंतर विकसित करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने अद्वैत वेदांत पर भी प्रकाश डालते हुए आत्मबोध और आत्मचेतना के महत्व को रेखांकित किया तथा इसे मानसिक शांति और आत्मविकास से जोड़ा।

कार्यक्रम का आयोजन महाविद्यालय की यूथ कमेटी द्वारा किया गया, जिसमें समिति के सभी सदस्य उपस्थित रहे। कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षकों की भी सक्रिय उपस्थिति रही। इस अवसर पर महाविद्यालय की बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं और उन्होंने व्याख्यान को अत्यंत उपयोगी, ज्ञानवर्धक एवं प्रेरणादायक बताया।