बुधवार, 2 जुलाई 2025

UP: Varanasi k सुसुवाही इलाके में गोली चलने से फैली सनसनी

अज्ञात बदमाशों ने कुरियर कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर को मारी गोली

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live).  वाराणसी के चितईपुर थाना क्षेत्र के सुसुवाही इलाके में गोली चलने से सनसनी फैल गई। अज्ञात बदमाशों ने कुरियर कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर को गोली मार दी। घायल अवस्था में बीएचयू ट्रामा सेंटर ले जाया गया जहां गोली लगने से घायल का इलाज समाचार लिखे जाने तक जारी था। पुलिस मामले की जांच कर रही है और सीसीटीवी खंगाल रही है। 

प्राप्त समाचार के मुताबिक, सुसुवाही स्थित प्रज्ञा नगर कालोनी में कूरियर कंपनी के असिस्टेंट मैनेजर विकास तिवारी निवासी रोहतास बिहार को अज्ञात युवक ने कहासुनी के दौरान गोली मार दिया।  गोली विकास तिवारी के नाक के पास लगी है ।

घायल युवक और पुलिस ने क्या कहा...

थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार ने बताया कि घायल का इलाज कराया जा रहा है। फिलहाल खतरे से बाहर है। विकास तिवारी ने बताया कि एक युवक शाम को नौकरी के लिए आया था । जिससे विकास ने बताया कि अभी कोई जगह खाली नहीं है।

इसके बाद युवक चला गया। रात में फिर युवक वापस पहुंचा जहां कहासुनी के दौरान गोली मार दी । सूचना पर एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार और थाना प्रभारी निरीक्षक प्रवीण कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचकर घटना की जांच और पूछताछ में जुटे हैं ।

पुलिस आसपास के लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालने में जुटी है। घायल को पुलिस ने बीएचयू ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया है । वहां सिटी स्कैन से गोली की स्थिति स्पष्ट हो जाएगी । चिकित्सक के अनुसार नाक पर गोली लगते हुए निकल गई होगी। 

मंगलवार, 1 जुलाई 2025

5 Th Mahe Muharram 2025: Varanasi Main उस्ताद की याद हुई ताज़ा

मारा गया है तीर से बच्चा रवाब का...

छत्तातले से निकला पांचवीं मोहर्रम का कदीमी जुलूस


 

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live). पांचवीं मोहर्रम बनारस के इतिहास में अपना अलग स्थान रखता है। पांच मोहर्रम को ही भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खान जिस जुलूस में चांदी वाली शहनाई से आंसुओं का नज़राना पेश किया करते थे। वो जुलूस वक़्फ मस्जिद व इमामबाड़ा मौलाना मीर इमाम अली व मेहंदी बेगम गोविंदपुरा छत्तातले से देर रात निकाला गया। जुलूस में पूरे रास्ते उस्ताद फतेह अली खां व उनके साथियों ने शहनाई पर आंसुओं का नज़राना पेश किया तो दरगाहे फातमान में उस्ताद आफाक हैदर ने शहनाई पर मातमी धुन बजाया, मारा गया है तीर से बच्चा रवाब का...। इसे सुनकर तमाम लोगों की आंखें नम हो गई। यहां संचालन शकील अहमद जादूगर कर रहे थे।

जब नहर पर आदा ने अलमदार को मारा...

पांचवी मोहर्रम का जुलूस अपनी पुरानी परंपराओं के अनुसार मुतवल्ली  सैयद मुनाज़िर हुसैन 'मंजू' के ज़ेरे एहतमाम उठा। जुलूस उठने से पूर्व मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना ने कर्बला के शहीदों के शहादत पर रौशनी डाली। जुलूस उठने पर नजाकत अली खां व उनके साथियों ने सवारी शुरू की- जब नहर पर आदा ने अलमदार को मारा...। जुलूस गोविंदपूरा, राजा दरवाजा, नारियल बाजार, चौक होते हुए दालमंडी  स्थित हकीम जाफर के अज़ाख़ाने पर पहुँचा जहां से अंजुमन हैदरी चौक बनारस ने नौहाख्वानी व मातम शुरू किया। इस दौरान दर्द भरे नौहे, जमाना देख ले क्या क्या मेरे हुसैन से है...जिसमें वफा बुतुराबी, शराफत हुसैन, लियाकत अली खां, साहब ज़ैदी, शफाअत हुसैन शोफी ने नौहाख्वानी की l इस पर तमाम लोगों ने जोरदार मातम पेश किया।


जुलूस दालमंडी, खजुर वाली  मस्जिद, नई सड़क, फाटक शेख सलीम, काली महल, पितरकुंड, मुस्लिम स्कूल होते हुए लल्लापुरा स्थित दरगाहे फ़ातमान पहुंच कर देर रात पहुंचा।  फ़ातमान से जुलूस पुनः वापस मुस्लिम स्कुल, लाहंगपूरा , रांगे की ताज़िया, औरंगाबाद, नई सड़क कपड़ा मंडी, दालमंडी नया चौक होते हुए इमामबाड़े में समाप्त हुआ l

महाराज बनारस की मन्नत का निकला जुलूस 

शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने बताया कि रामनगर में दुलदुल का कदीमी जुलूस जो महाराज बनारस की मन्नत का है और गंगा जमुनी तहज़ीब की मिसाल पेश करता है। इस जुलूस को अहले सुन्नत ने उठाया और लोगों ने इसकी जियारत की। वहीं अर्दली बाजार में हाजी अबुल हसन के इमामबाड़े से कर्बला के 6 महीने के शहीद अली असगर का झूला उठाया गया। अंजुमन इमामिया ने नोहा ख्वानी व मातम किया। यह जुलूस मास्टर जहीर हसन के इमामबाड़े पर समाप्त हुआ। बड़ा गांव बगिया में भी कदीमी जुलूस निकाला गया और कई अंजुमन ने नोहा मातम किया। इस अवसर पर फरमान हैदर ने बताया कि 5 मोहर्रम को बीबी जैनब के दो बेटे औन और मोहम्मद जो इमाम हुसैन के भांजे थे उनकी शहादत का तस्कीरा हर मजलिस में किया गया। 

 आज निकलेगा छठवीं मोहर्रम

विश्व प्रसिद्ध दुलदुल का जुलूस ६ मोहर्रम २ जुलाई को इमामबाड़ा शीताब राय कच्ची सराय से उठाया जाएगा । अंजुमन जव्वादिया के जेरे इंतजाम 40 घंटे तक शहर में भ्रमण करेगा और 8 वीं मोहर्रम कि सुबह समाप्त किया जाएगा।

Doctor's day पर किया गया स्वास्थ्य शिविर का आयोजन

आशा ट्रस्ट के शिविर में 164 जरूरतमंद लोगों को मिली चिकित्सकीय सुविधा

Varanasi (dil India live). Doctor's day (राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस) के अवसर पर सामाजिक संस्था आशा ट्रस्ट के तत्वावधान में भन्दहां कला, कैथी में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर आये चिकित्सकों का अभिनंदन करते हुए ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा कि स्वस्थ जीवन हर किसी के लिए प्राथमिक होता है,  कहा भी गया है कि, 'सेहत सबसे बड़ी पूंजी' है। स्वस्थ व्यक्ति ही जीवन में बेहतर कर सकता है और इसमें चिकित्सकों की भूमिका  बहुत अहम है। छोटी-बड़ी हर तरह की बीमारियों को चिकित्सकों के सुझाव से ही ठीक किया जा सकता है इसलिए ही इन्हें धरती का भगवान भी कहा जाता है  ।


भारतीय सेना के पूर्व चिकित्सा अधिकारी ले. कर्नल  डॉ शैलेश सिंह ने कहा कि सही खान पान और नियमित दिनचर्या से हम अपेक्षाकृत अधिक स्वस्थ रह सकते हैं  । शिविर में कुल 164 लोगों ने अपनी स्वास्थ्य जांच कराई, इन्हें दवाएं भी प्रदान की गयी । समग्र स्वास्थ्य क्लीनिक और जिनैक्ट्स फार्मा का भी विशेष सहयोग रहा  । 


स्वास्थ्य शिविर  में वरिष्ठ दंत चिकित्सक डॉ. याज्ञवल्क्य गुप्ता एवं डॉ पूनम गुप्ता ने भी सेवाएं दीं। शिविर के आयोजन में प्रभात मिश्रा, प्रदीप कुमार सिंह, सौरभ चन्द्र, बृजेश कुमार, मो. आसिफ, रणवीर पाण्डेय,  रमेश प्रसाद, राजकुमार पटेल, दीन दयाल सिंह, साधना पाण्डेय, श्वेता सिंह, ज्योति सिंह, सरोज सिंह, आदि का प्रमुख योगदान रहा।

UP : Varanasi k BHU पहुंचे संसदीय स्थायी समिति के सदस्यगण

राज्य सभा सांसद दिग्विजय सिंह के नेतृत्व मेंबीएचयू का किया दौरा

समिति सदस्यों ने बीएचयू एवं अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ की बैठक


Varanasi (dil India live). सोमवार को शिक्षा, महिला, बाल, युवा एवं खेल संबंधी संसद की स्थायी समिति ने मंगलवार को काशी हिंदू विश्वविद्यालय का अध्ययन दौरा किया। संसद सदस्य, राज्यसभा, दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में राज्यसभा और लोकसभा के सदस्यों ने विश्वविद्यालय के केन्द्रीय कार्यालय में काशी हिन्दू विश्वविद्यालय समेत अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों के साथ बैठक की। स्थायी समिति के सदस्यों में संसद सदस्य बिकास रंजन भट्टाचार्य, डॉ. भीम सिंह, राजीव राय, रेखा शर्मा, बृजमोहन अग्रवाल, अमरदेव शरददाव काले, डॉ. हेमांग जोशी, तथा शोभनाबेन महेन्द्रसिंह बरैया बैठक में उपस्थित रहे।  

बैठक में एस. के. बरनवाल, अपर सचिव, शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार, प्रो. संजय कुमार, कुलपति (कार्यवाहक), काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, प्रो. एस. एन. संखवार, निदेशक, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, बीएचयू, प्रो. आशीष बाजपेयी, निदेशक, प्रबंध शास्त्र संस्थान, बीएचयू, प्रो. अमित पात्रा, निदेशक, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान-बीएचयू, विवेक कुमार, निदेशक, शिक्षुता प्रशिक्षण बोर्ड, कानपुर, प्रो. आशीष खरे, कुलसचिव, केंद्रीय विश्वविद्यालय इलाहाबाद, प्रो. लक्ष्मी कांत मिश्रा, डीन-शिक्षण, मोतीलाल नेहरू एनआईटी, इलाहाबाद, तथा उच्च शिक्षा विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार, के प्रतिनिधि के तौर पर काशी विद्यापीठ, वाराणसी, के कुलपति प्रो. ए. के. त्यागी भी मौजूद रहे। बैठक के दौरान शिक्षण, उद्योग-अकादमिक सहयोग और अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र में श्रेष्ठ पद्धतियों और प्रमुख उपलब्धियों तथा उच्च शिक्षा संस्थानों में आने वाली चुनौतियों (वित्तीय, मानव संसाधन, स्थान और प्रशासनिक) का अवलोकन किया गया। इस दौरान काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के वरिष्ठ अधिकारीगण तथा अन्य संस्थानों के अधिकारी व प्रतिनिधि उपस्थित रहे।


बैठक के उपरांत, समिति के सदस्यों ने 'सीडीसी भवन' का दौरा किया, जहाँ उन्हें विश्वविद्यालय में अनुसंधान व नवोन्मेष के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया। इसके अतिरिक्त समिति सदस्यों ने भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (बीएचयू) स्थित 'छात्र गतिविधि केंद्र' और 'प्रिसिजन इंजीनियरिंग हब (पीईएच)' का भी दौरा किया। यह दौरा शैक्षणिक और तकनीकी नवाचारों को समझने के लिए महत्वपूर्ण था।


बीएचयू मुख्यद्वार पर हुआ भव्य स्वागत 

इस दौरान समिति के सदस्यों का बीएचयू के मुख्य द्वार पर पहुंचने पर भव्य स्वागत किया गया। इसके पश्चात्, समिति सदस्य मालवीय भवन पहुँचे, जहाँ विश्वविद्यालय के संस्थापक पंडित मदन मोहन मालवीय जी की प्रतिमा पर 'माल्यार्पण' कर उन्हें पुष्पांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम का समन्वयन काशी हिन्दू विश्वविद्यालय के संयुक्त कुलसचिव एवं नोडल अधिकारी डॉ. संजय कुमार ने किया।

UP: Varanasi Main Summer vacation खत्म, खुलें स्कूलों के द्वार

पहले दिन बच्चों का स्कूल ही नहीं बादलों ने भी किया स्वागत 

कोई मौसम का मज़ा लेते तो कोई भींगते स्कूल से पहुंचा घर 

किताब व गिफ्ट पाकर बच्चे खुशी से झूमे

Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live)। UP के Varanasi Main Summer vacation खत्म होते ही स्कूल बच्चों से गुलज़ार हो गये। मौज मस्ती के दिन बीतने के साथ ही स्कूलों के द्वार एक जुलाई से खुल गये। इस दौरान पहले दिन बच्चों का स्कूलों में तो वेलकम हुआ ही साथ ही बादलों ने भी उनका दिल खोलकर स्वागत किया। इस दौरान खुशनुमा मौसम में बच्चे घरों से स्कूलों का रुख़ करते दिखाई दिए तो छुट्टी के दौरान हुई बरसात का भी बच्चों ने खूब मज़ा लिया। इस दौरान कोई भींगते स्कूल से घर पहुंचा तो कोई घर पहुंच कर बरसात के पानी में नहाता दिखाई दिया। इस दौरान सरकारी स्कूलों में बच्चों को किताब देकर सम्मानित किया गया। कुछ स्कूलों में गीता संगीत और नृत्य के साथ ही कई रोचक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। कैंटोंमेंट के सेंट मैरीज कांवेंट स्कूल में छुट्टी के समय ही बरसात का बच्चों ने लुत्फ उठाया तो कुछ भींगते हुए भी पैरेंट्स के साथ घर पहुंचे। 


किताब व गिफ्ट पाकर बच्चे खुशी से झूमे

चिरईगांव ब्लॉक के गौराकला प्राथमिक विद्यालय में ग्रीष्म अवकाश के बाद प्रथम दिन स्कूल आगमन पर बच्चों का अध्यापकों ने गिफ्ट देकर जोरदार स्वागत किया। कक्षा 1,2 एवं 3 के बच्चों को निःशुल्क पुस्तक वितरण किया गया। बच्चे पुस्तक पाकर बहुत अधिक प्रसन्न हुए। इस अवसर पर रविन्द्र यादव (ए आर पी हिंदी) ने कहा कि सरकार द्वारा चलाए जा रहे योजनाओं को शत प्रतिशत लागू होनी चाहिए,अधिक नामांकन कराने पर जोर दिया। ग्राम प्रधान राजेश कुमार राजू ने कहा कि सरकारी स्कूल मैंने बहुत देखे हैं लेकिन गौराकला स्कूल में पढ़ाई का माहौल अच्छा दिखता है जो सराहनीय है। यहां के शिक्षक परिश्रम के साथ शिक्षण कार्य करते हैं। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के जिला उपाध्यक्ष डॉ एहतेशामुल हक ने कहा कि बच्चे देश के भविष्य हैं हमें अपने कर्तव्यों का पालन हर हाल में करना चाहिए।


कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रिंसिपल आरती देवी ने एवं संचालन वरिष्ठ अध्यापक रेखा उपाध्याय ने किया। इस अवसर पर प्रिंसिपल आरती देवी, ए आर पी रविन्द्र यादव, ग्राम प्रधान राजेश कुमार राजू, अटेवा के डॉ एहतेशामुल हक, रेखा उपाध्याय, सादिया तबस्सुम, शशि कला, अनीता सिंह, ज्योति कुमारी, प्रमिला सिंह सहित अभिभावक मौजूद थे।

Bhagalpur K RJD MLA रीतलाल की जेल में तबीयत बिगड़ी अस्पताल में भर्ती

जेल प्रशासन पर लगाया प्रताड़ना का आरोप

जेल अधिकारियों ने आरोपों को किया खारिज

Patna (dil India live). भागलपुर जेल में बंद राजद विधायक रीतलाल यादव को तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने जेल प्रशासन पर प्रताड़ना का आरोप लगाया है जबकि जेल अधिकारियों ने आरोपों को खारिज किया है। पिछले दिनों रीतलाल यादव को रंगदारी के एक मामले में बेऊर जेल से भागलपुर जेल स्थानांतरित किया गया था। चिकित्सकों की जांच के बाद उन्हें वापस जेल भेजा जा सकता है। उन्हें आननफानन में जवाहर लाल नेहरु मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया।

विधायक भागलपुर जेल से मायागंज हॉस्पिटल के इमरजेंसी वार्ड में फिलहाल भर्ती है। इस संबंध में जेल प्रशासन का कहना है कि उन्हें बीती रात में लगभग 9:30 बजे के आसपास मायागंज अस्पताल में भर्ती किया गया है।

विधायक रीतलाल की पत्नी के आरोप

इस संबंध में विधायक रीतलाल यादव की पत्नी रिंकू देवी ने एक वीडियो जारी करते हुए आरोप लगाया है कि उनके पति की तबीयत खराब हो गई है। उनकी जेल में ही हत्या करवाने की योजना बनायीं जा रही है। इतना ही नहीं हम पूरे परिवार को भी ख़तरा महसूस हो रहा है।

उनका कहना है कि एक साजिश के तहत हम पूरे परिवार को जान से मारने की योजना बनायी जा रही है। बता दें कि बाहुबली छवि वाले विधायक रीतलाल यादव पर एक बिल्डर से रंगदारी मांगने का आरोप लगा था, जिसके बाद पटना पुलिस ने उनके आवास पर छापेमारी की थी।

पुलिस के दबाव के कारण राजद विधायक रीतलाल यादव, उनके भाई टिंकू और उनकी पत्नी के भाई पिंकू समेत कई लोगों ने दानापुर अनुमंडल न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में बेऊर जेल भेज दिया था। फिर सुरक्षा कारणों से या प्रशासनिक निर्णय के तहत उन्हें बेऊर जेल से भागलपुर सेंट्रल जेल में शिफ्ट कर दिया गया। बताया गया था कि न्यायालय ने उन्हें तब न्यायिक हिरासत में लेकर आदर्श केंद्रीय कारागार बेऊर भेज दिया था। लेकिन, बेऊर जेल में रीतलाल के रहने से विधि-व्यवस्था, लोक व्यवस्था और शांति व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने की संभावना बनने लगी थी।

जानिए क्या बोले विधायक रीतलाल...

राजद विधायक रीतलाल का कहना है कि जेल के अंदर उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा था। वहां, वो कारागार प्रशासन के खराब बर्ताव के कारण अनशन पर बैठ रहे थे। जेल प्रशासन ने उन्हें अनशन करने से भी रोक दिया। उनके साथ दुर्व्यवहार भी किया गया।

उधर, जेल अधिकारियों ने राजद विधायक को सारी सुविधाएं मुहैया कराने को कहा है, जिस श्रेणी के वह बंदी हैं। उनके साथ किसी तरह का दुर्व्यवहार नहीं किया गया। बल्कि, विधायक ही कारागार कर्मियों से उलझते रहे। जेल से अस्पताल लाने पर चिकित्सकों का दल उनकी स्वास्थ्य जांच की और कैदी वार्ड में उन्हें शिफ्ट करा दिया गया है।

Doctor मरीजों की नज़र में Hero

दिल से इलाज के लिए पहचाने जाते हैं सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा

के डी अब्बासी  

Jaipur (dil India live)। बेस्ट डॉक्टर का खिताब चुनाव, मतदान, विज्ञापन, पोस्टरों से नहीं बल्कि डॉक्टर के पास उपचार करा चुके मरीजों द्वारा दिया जाता है। मरीज़ बताते हैं कि उपचार के लिए कौनसा डॉक्टर बेस्ट है। राजस्थान के कोटा शहर के भीमगंज मंडी क्षेत्र, रेलवे कॉलोनी क्षेत्र सहित शहर और शहर से बाहर उपचार कराने वाले मरीज सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा को बेस्ट डॉक्टर का खिताब देते हैं। सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा सेटेलाइट अस्पताल रामपुरा से  रिटायर्ड होने के बाद वह स्टेशन रोड, उपभोक्ता होलसेल भंडार के नजदीक कोटा जंक्शन पर अपने क्लिनिक पर सुबह और शाम मरीजों का उपचार करते है। सीनियर फिजियशन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा की पत्नी वरिष्ठ चिकित्सक डॉ मीनू कोरपाल, एम एस गायनी भी शाम को क्लिनिक पर मरीजों का उपचार करती है। मशहूर वरिष्ठ चिकित्सक डॉ मीनू कोरपाल  भीमगंज मंडी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से रिटायर्ड हुई है।

नौकरी नहीं, सेवा चिकित्सक पेशा

डॉक्टर जब आज की दुनिया में चिकित्सा भी व्यापार बनती जा रही है, ऐसे समय में कोई डॉक्टर अगर मरीज को सिर्फ इंसानियत के नाते सच्चे मन से देखे, तो वो न केवल डॉक्टर कहलाने लायक है, बल्कि समाज का सच्चा सेवक भी है। ऐसे ही एक नाम हैं, सीनियर फिजिशियन डॉ. सुनील दत्त शर्मा का।वो एक अनुभवी फिजिशियन हैं, जो अपने पेशे को सिर्फ नौकरी नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम मानते हैं। उनके पास रोज़ाना सैकड़ों मरीज इलाज के लिए आते हैं, लेकिन जो बात उन्हें बाकी डॉक्टरों से अलग बनाती है, वो है अन्य फिजिशियन डॉक्टर से कम फीस, बिना कमीशन की दवा और सही इलाज की नीयत। सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा अपने क्लिनिक पर आज भी विभिन्न तरह की जांचों के निशुल्क कैंप भी करते हैं।

कमीशन से परे सोच

अक्सर देखने में आता है कि डॉक्टर मरीज को महंगी दवाइयाँ लिखते हैं, जो विशेष मेडिकल स्टोर पर ही मिलती हैं और जिन पर डॉक्टर को कमीशन भी मिलता है। लेकिन सीनियर फिजिशियन डॉ. शर्मा ने इस चलन से खुद को अलग रखा है। वह हमेशा ऐसी दवाएं लिखते हैं जो शहर के किसी भी मेडिकल स्टोर से प्राप्त की जा सकती है, जो सस्ती होती हैं और आम आदमी की पहुँच में भी रहती हैं। उनका मानना है, "इलाज का मकसद पैसा कमाना नहीं, मरीज को राहत देना है। सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा का इलाज केवल दवाओं से नहीं होता, बल्कि उनके सहानुभूतिपूर्ण व्यवहार से भी लोग जल्दी ठीक हो जाते हैं। वो हर मरीज की बात ध्यान से सुनते हैं, उन्हें पूरा समय देते हैं और न तो फालतू जांचें करवाते हैं, न ही उन्हें भ्रमित करते हैं।

कई बुज़ुर्ग मरीज कहते हैं, "आजकल ऐसे सीनियर फिजिशियन डॉक्टर  सुनील दत्त शर्मा जैसा मिलना मुश्किल है। सीनियर फिजिशियन डॉ. सुनील दत्त शर्मा भगवान की तरह हैं।" अभावग्रस्त निर्धन मरीज के लिए मुफ्त में दवा देना, किसी अभावग्रस्त गरीब मरीज की फीस माफ कर देना, ये उनके रोज़मर्रा के काम हैं।

एक मिशन, एक सोच

सीनियर फिजिशियन डॉ. सुनील दत्त शर्मा का सपना है कि "भारत में स्वास्थ्य सेवा अमीरों की जागीर न रह जाए, बल्कि हर गरीब को भी अच्छा इलाज मिले।" उनका ये काम न सिर्फ प्रेरणादायक है, बल्कि आने वाले डॉक्टरों के लिए एक मिसाल भी है। डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा ईमानदारी, मेहनत से समाज की गत 45 वर्षों से शोषित, पीड़ित जनता की नि : स्वार्थ सेवा कर रहे हैं। कोटा के मशहूर सीनियर फिजिशियन डॉ सुनील दत्त शर्मा (एम. डी . मेडिसन) का जन्म वर्ष 1957 में कोटा जंक्शन के एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ। सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा के पिता स्व. ब्रह्मदत्त शर्मा रेल कर्मचारी और माताजी धार्मिक और कर्तव्य परायण गृहणी थी। दोनों ने अपने बच्चों को सेवा, परिश्रम, ईमानदारी और सत्यनिष्ठा के भरपूर संस्कार दिए। सीनियर फिजिशियन डॉ सुनील दत्त शर्मा बचपन से ही मेधावी छात्र रहे इसलिए शिक्षा की हर परीक्षा उन्होंने सर्वश्रेष्ठ परिणाम के साथ उत्तीर्ण की। मन में प्रारंभ से ही चिकित्सक बनकर दुखी मानवता की इच्छा थी और योग्यता भी थी। इसलिए उदयपुर के सरकारी आर एन टी मेडिकल कॉलेज से एम बी बी एस करने के लिए चुन लिए गए और एम बी बी एस के श्रेष्ठ परिणाम के आधार पर वहीं से एम डी मेडिसिन करने का अवसर प्राप्त हुआ। समय के साथ सीनियर फिजिशियन डॉ सुनील दत्त शर्मा का विवाह प्रसिद्ध महिला डॉक्टर डॉ मीनू कोरपाल, एम एस गायनी के साथ सम्पन्न हुआ। जिन्होंने हर कदम जीवन की धूप-छांव में डॉ शर्मा का खूब साथ निभाया। उदयपुर से एम डी करने के बाद सीनियर फिजिशियन डॉ सुनील दत्त शर्मा की पहली नियुक्ति सरकारी चिकित्सक के रूप में बारां जिले की दूरदराज  आदिवासी क्षेत्र शाहबाद में हुई।उस समय उस क्षेत्र में न तो पक्की सड़के थी और ना ही यातायात के साधन। नियुक्ति के स्थान पर जीवनयापन की सामान्य सुविधाएं भी नहीं थीं। ऐसे अभावग्रस्त क्षेत्र को मानवता की सेवा का ईश्वर प्रदत्त श्रेष्ठ अवसर मानकर सीनियर फिजिशियन डॉ शर्मा ने वर्षों तक अभावग्रस्त साधनहीन निर्धन आदिवासियों की मन वचन कर्म से खूब सेवा की। उस का ही परिणाम है कि लगभग चार दशक बीत जाने के बाद आज भी डॉ शर्मा का शाहबाद क्षेत्र से जीवंत संपर्क है और वो समय समय पर शाहबाद और मामोनी क्षेत्र में अपने संपर्क से नि:शुल्क चिकित्सा शिवरों का आयोजन करवाते रहते हैं। सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त  शर्मा ने कई दशकों तक सेटेलाइट हॉस्पिटल, रामपुरा में वरिष्ठ चिकित्सक और हॉस्पिटल प्रभारी के पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। सीनियर फिजिशियन डॉ सुनील दत्त शर्मा की सर्वश्रेष्ठ सेवाओं का ही परिणाम है कि वशिष्ठ चिकित्सक के पद पर निरन्तर चार दशकों की चिकित्सा सेवाओं पर सदैव सराहना और प्रशंसा होती रही, कभी कोई प्रश्नचिन्ह या उंगली नहीं उठी। सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा को उत्कृष्ट शिक्षा सेवाओं के लिए नौकरी में रहते हुए राजस्थान सरकार द्वारा सम्मानित किया गया।सीनियर फिजिशियन डॉ सुनील दत्त शर्मा अपनी चिकित्सा सेवाओं के प्रति इतने समर्पित हैं कि कभी किसी के दबाव या प्रभाव से आकर्षित नहीं होते।वो मरीज को चेहरे से नहीं उसके रोग से जानते हैं। बीमारी की भली भांति जांच करवाना और फिर बिना कमीशन की ब्रांडेड दवाइयां लिखकर चिकित्सा करने में विश्वास करते हैं। सीनियर फिजिशियन डॉ  सुनील दत्त शर्मा के क्लीनिक में दवाई कंपनियों के प्रतिनिधियों द्वारा नि:शुल्क दवाइयों के सैंपल मित्रों,परिचितों और प्रभावशाली लोगों के लिए नहीं वरन अभावग्रस्त,निर्धन अस्वस्थ्य लोगों के लिए होते हैं। किसी भी जाति,वर्ग,लिंग धर्म का रोगी हो उसे अपने पूर्व निर्धारित नंबर पर बिना किसी वरीयता के दिखाना होगा। सीनियर फिजिशियन डॉ सुनील दत्त शर्मा के जीवन पर पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व श्री भुवनेश चतुर्वेदी और माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान के पूर्व अध्यक्ष स्व श्री पुष्पकांत दलाल जैसे  कर्मठ,ईमानदार, समर्पित समाजसेवी और सादगी पसंद व्यक्तित्वों का बहुत प्रभाव रहा है। सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा ने चिकित्सा क्षेत्र में  सुप्रसिद्ध डॉ आर एम सिंघवी,डॉ एस के गोयल,डॉ के के पारिख,  डॉ अरुण बोर्डिया और कोटा के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ एन के गुप्ता जैसे वरिष्ठ चिकित्सकों से भी बहुत प्रेरणा ली है।शाहबाद आदिवासी क्षेत्र में मामोनी ग्राम को आदर्श सेवा गांव बनाने के लिए जीवन भर सेवा समर्पित स्व मोती लाल,नीलू मलहोत्रा,महेश शर्मा के सहयोगी साथी रहे हैं डॉ एस डी शर्मा।आज भी सीनियर फिजिशियन डॉक्टर सुनील दत्त शर्मा कोटा जंक्शन स्थित श्री राम धर्मार्थ चिकित्सालय में  निरंतर सेवाओं के साथ प्रौढ़ शिक्षा विभाग और अन्य सामाजिक संगठनों द्वारा आयोजित किए जाने वाले स्वास्थ्य शिवरों में अपनी नि:शुल्क सेवाएं देते है। अभावग्रस्त,पीड़ित समाज के प्रति ऐसे समर्पित सीनियर फिजिशियन डॉ सुनील दत्त शर्मा के आदर्श जीवन, कृतित्व और व्यक्तित्व पर कुछ लिखने का उद्देश्य यही है कि लोग उनके जीवन से प्रेरणा लेकर समाज के प्रति अपने दायित्व का बोध करे और अपने योग्य और स्तर की अभावग्रस्त मानवता की सेवा अवश्य करे। ये देश ये समाज हमारा है इसके केवल अधिकार नहीं इसके प्रति हमारे दायित्व भी है। केवल कोसने से नहीं कुछ करने से ही स्वस्थ्य और विकसित समाज का निर्माण होगा।