रविवार, 29 जून 2025

3 mahe Muharram 2025: नवाब की ड्योढ़ी से निकला कदीमी दुलदुल का जुलूस

 ...नाना मेरे रसूले ख़ुदा मैं हुसैन हूं

सरफराज अहमद 

Varanasi (dil india live). तीसरी मोहर्रम को अलम व दुलदुल का कदीमी जुलूस अकीदत के साथ औसानगंज में नवाब की ड्योढ़ी से उठाया गया। जुलूस में, नाना मेरे रसूले ख़ुदा मैं हुसैन हूं, गूंजी है कर्बला में सदा मैं हुसैन हूं...। जैसे दर्द भरे नौहे फिजा में बुलंद करते हुए मातमी दस्ता आगे बढ़ा। जुलूस विभिन्न रास्तों से होकर चौक होते हुए दालमंडी देर रात पहुंचा।जुलूस में अंजुमन जव्वादिया नौहाखवानी वह मातम करते हुए चल रही थी। जुलूस नयी सड़क, फाटक शेख सलीम, काली महाल, पितरकुंडा होते हुए दरगाहे फातमान पहुंचेगा। 


कुम्हार के इमामबाड़े पहुंचा जुलूस 

शिवाला स्थित सैयद आलीम हुसैन रिजवी के इमामबाड़े से एक अन्य जुलूस उठाया गया। यह जुलूस कर्बला के शहीदों और असीरो को खिराजे अकीदत पेश करते हुए अग्रवाल रेडियो, अवधगरवी आदि रास्तों से होते हुए हरिश्चंद्र घाट पहुंचा।


जुलूस हरिश्चन्द्र घाट स्थित कुम्हार के इमामबाड़े पर जाकर समाप्त हो गया। रास्ते भर विभिन्न अंजुमनों ने नौहाखवानी वह मातम का नजराना पेश किया। तीन मोहर्रम को ही रामनगर में बारीगढ़ी स्थित सगीर के इमामबाड़े से भी अलम का जुलूस उठाया गया।

मस्जिदों में हुआ कर्बला का जिक्र 

शहर भर की मस्जिदों में इशा की नमाज के बाद कर्बला के शहीद-ए-आजम इमाम हुसैन और इमाम हसन समेत अहले बैत का जिक्र तीसरी मोहर्रम को भी जारी रहा। इस दौरान पठानी टोला, कोयला बाजार, बड़ी बाजार, लल्लापुरा, दालमंडी, रेवड़ी तालाब, मदनपुरा, गौरीगंज, बजरडीहा, अर्दली बाज़ार आदि इलाकों में जिक्रे शहीदाने कर्बला का दौर चला। आयोजन में उलेमा ने कहा कि इमाम हुसैन ने अपनी और अपने कुनबे की शहादत देकर इस्लाम को बचा लिया। आज यजीद का नामलेवा कोई नहीं है मगर इमाम हुसैन रहती दुनिया तक याद किए जाएंगे।


चार मोहर्रम को उठेगा ताजिया 

चार मोहर्रम को ताजिये का जुलूस शिवाला में सैयद आलीम हुसैन रिजवी के इमामबाड़े से निकलेगा। जुलूस गौरीगंज स्थित वरिष्ठ पत्रकार काजिम रिजवी के इमामबाड़े पर जाकर समाप्त होगा। चार मोहर्रम को ही चौहट्टा लाल खां में इम्तेयाज हुसैन के मकान से 2 बजे दिन में जुलूस उठकर इमामबाड़ा तक जायेगा। चौथी मुहर्रम को ही तीसरा जुलूस अलम व दुलदुल का चौहट्टा लाल खां इमामबाड़े से रात 8 बजे उठकर अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ सदर इमामबाड़ा पहुंच कर समाप्त होगा।

Varanasi Police ने घोषित किया नया Mafia

सफेशपोश रुतबेदार धनाढ्य खुद को दर्शाने वाले बनारस के नटवरलाल अब माफिया 

धोखाधड़ी, अन्य आरोप समेत गैंगस्टर के तहत कैंट थाने में 11 मुकदमे हैं दर्ज 


Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live)। Varanasi जिले के ग्रामीण इलाके में सफेशपोश रुतबेदार धनाढ्य के तौर पर खुद को दर्शाने वाले बनारस के नटवरलाल को वाराणसी पुलिस ने बाकायदा माफिया घोषित कर दिया है। पंचक्रोशी मार्ग पर हरहुआ और जंसा के बीच पड़ने वाले रामेश्वर तीर्थ इलाके में इस माफिया ने अपना रिहायशी ठिकाना बना रखा है। 

वरुणा नदी किनारे रामेश्वर तीर्थ इलाके में नए ओवरब्रिज के दक्षिणी ढलान पर पश्चिमी ओर से हाथी-बरनी को जाने वाले मार्ग के आरंभ में दाहिने किनारे सरकारी स्कूल और पुराने धार्मिक स्थानों के बाद इस माफिया ने अपने रिहायशी ठिकाने का नाम राजपूत हवेली रखा है और खुद को छोटे सरकार बताता है। बाकायदा इसका प्रचार बोर्ड भी चस्पा किया हुआ है।

वाराणसी पुलिस का बड़ा एक्शन

वरुणा जोन के पुलिस उपायुक्त के मुताबिक, कैंट थाने की पुलिस ने अर्दली बाजार स्थित चंद्रा ज्वेलर्स के मालिक प्रशांत सिंह गहरवार को माफिया घोषित किया है। उसके खिलाफ धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों और गैंगस्टर एक्ट के तहत कैंट थाने में 11 मुकदमे दर्ज हैं।

फिलहाल वह जिला जेल में बंद है। कैंट थाने की पुलिस ने पिछले पांच साल में पहला चिह्नित माफिया घोषित किया है। पुलिस के मुताबिक, इस प्रशांत सिंह गहरवार महावीर मंदिर रोड, अर्दली बाजार का निवासी है।

नकली आभूषण बेचने का आरोपी है न्यू माफिया

इसका मौजूदा पता जंसा थाने के रामेश्वरम क्षेत्र के पदसीपुर स्थित राजपूत हवेली है। वह नकली सोने के आभूषण बेचने के लिए कुख्यात है। उसने आमजन के साथ ही कई पुलिसकर्मियों के साथ भी धोखाधड़ी की है। 

पुलिस ने इस बरे में बताया कि धोखाधड़ी की शिकायत करने पर वह मारपीट करने के साथ ही जान से मारने की धमकी देता था। उसके खिलाफ वर्ष 2022 से अब तक 11 केस दर्ज किए गए हैं। कैंट थानाध्यक्ष ने कहा कि प्रशांत का स्वतंत्र घूमना जनहित में उचित नहीं है, इसलिए उसे माफिया घोषित किया गया है।

शनिवार, 28 जून 2025

2 Mahe Muharram: मस्जिदों में उलेमा ने किया कर्बला का जिक्र

दूसरी मोहर्रम को शिवपुर से निकला दुलदुल का जुलूस
 

Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live)। मोहर्रम की दो तारीख को भी शिया अजाखानो में मजलिसों और मातम का जहां दौर अपने शबाब पर रहा वहीं दूसरी ओर सुन्नी मस्जिदों में जिक्रे शहीदाने कर्बला का आयोजन देर रात तक चलता रहा। पठानी टोला, कोयला बाजार, बडी बाजार, अर्दली बाजार, नई सडक, लल्लापुरा, शिवाला, गौरीगंज, बजरडीहा, नवाबगंज, रेवडीतालाब, मदनपुरा आदि इलाकों की मस्जिदों में उलेमा ने कर्बला का जिक्र किया। उधर शिवपुर में अंजुमन पंजतनी के तत्वावधान में अलम व दुलदुल का जुलूस देर रात उठाया गया। जुलूस में अंजुमन पंजतन, अंजुमन इमामियां अर्दली बाजार समेत कई अंजुमनों ने शिरकत किया। जुलूस विभिन्न रास्तों से होकर वापस इमामबाडे पहुंच कर समाप्त हुआ। उधर भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्लाह खां के मकान पर कदीमी मजलिस का आयोजन किया गया। जिसमें अंजुमन हैदरी ने नौहाख्वानी व मातम का नजराना पेश किया। 


ऐतिहासिक अलम व दुलदुल का कदीमी जुलूस औसानगंज नवाब की ड्योढ़ी से इतवार की सायं 5 बजे उठाया जायेगा। अंजुमन जव्वादिया जुलूस के साथ-साथ रहेगी। वहीं शिवाला स्थित आलीम हुसैन रिजवी के निवास से भी एक जुलूस उठाया जायेगा, जो हरिश्चन्द्र घाट के पास कुम्हार के इमामबाड़े पर समाप्त होगा। तीन मोहर्रम को ही रामनगर में बारीगढ़ी स्थित सगीर साहब के मकान से अलम का जुलूस उठाया जायेगा।

BREAKING News: जानिए कौन बना RAW चीफ

कौन हैं पराग जैन, जानिए नए RAW चीफ के बारे में 

भारत की बाह्य खुफिया एजेंसी को मिला नया नेतृत्व

Delhi (dil India live). भारत की बाह्य खुफिया एजेंसी RAW को नया चीफ मिल गया है। जी हां वो है IPS पराग जैन। अब देश की सबसे गोपनीय एजेंसी RAW (रिसर्च एंड एनालिसिस विंग) के पराग जैन नए प्रमुख बनाए गए हैं। पराग जैन 1989 बैच के पंजाब कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी हैं। प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली नियुक्ति समिति (ACC) ने उनकी नियुक्ति को मंज़ूरी दी है। पराग जैन इससे पहले RAW में कई रणनीतिक पदों पर अपनी अहम भूमिका निभा चुके हैं। खुफिया तंत्र, सीमा पार गतिविधियों और राष्ट्रीय सुरक्षा रणनीति में गहरी पकड़।

ऐसे वक्त में जब भारत की सुरक्षा नीति और अंतरराष्ट्रीय कूटनीति बड़े बदलाव के दौर से गुजर रही है। अब पराग जैन भारतीय बाह्य खुफिया समुदाय के सुपर बॉस बनाएं गये हैं। RAW चीफ का कार्यकाल दो साल का होता है, जिसे आवश्यकतानुसार बढ़ाया भी जा सकता है।

शुक्रवार, 27 जून 2025

1 Muharram Barish के बीच निकला दुलदुल का Julus

पहली मोहर्रम पर सदर इमामबाड़े में लब्बैक या हुसैन..की गूंजी सदाएं




सरफराज अहमद 

Varanasi (dil India live). Mahe Muharram की पहली तारीख एक मोहर्रम 1447 हिजरी शुक्रवार को गम ए हुसैन के सिलसिले का पहला जुलूस अलम और दुलदुल का सदर इमामबाड़े में बरसात के बीच निकाला गया। जुलूस के संयोजक हाजी फरमान हैदर ने बताया कि जुलूस में शहर भर से बच्चे, जवान, बुजुर्ग, जियारत, नौहाख्वानी व मातम के लिए ऊबड़ खाबड़ रास्तों को तय करते हुए , बारिश की परवाह न करते हुए सदर इमामबाड़े पहुंचे। सज्जाद अली गुज्जन मुतवल्ली, तथा शामिल रिज़वी के ज़ेरे निगरानी जुलूस आगे बढ़ा। राहिब अली तबलीगी ने मजलिस को खिताब किया। 

इस अवसर पर कई अंजुमनों ने सामूहिक रूप से नोहख्वानी और मातम किया। इसमें अंजुमन सज्जादिया, अंजुमन आबिदीया, अंजुमन हुसैनिया, अंजुमन नसीरूल मोमिनीन, अंजुमन हाशिमिया, अंजुमन सदाये अब्बास ने नौहाख्वानी और मातम किया।ज्जाद अली और अतश बनारसी ने कलाम भी पेश किए। इस अवसर पर जाफर इमाम, फैजी नकवी, अलमदार हुसैन , शब्बीर हुसैन, के अलावा दोषीपुरा, पठानी टोला, कच्ची बाग आदि क्षेत्र के मोमिनीन, रिजवान अलमदार, वगैरा शामिल रहे। फरमान हैदर ने सोझख्वानी की । इस अवसर पर ईरान के समर्थन में तथा अमरीका और इजराइल के विरोध में नारे भी बुलंद हुए। लब्बैक या हुसैन की सदाओं से फिजा गूंजती रही। इस अवसर पे श्री हैदर ने बताया कि २ मोहर्रम को शिवपुर में अंजुमन पंजीतानी के जेरे इंतजाम दुलदुल और अलम का कदीमी जुलूस उठाया जाएगा जिसमें बनारस के अलावा दूसरे शहर की अंजुमने भी हिस्सा लेंगी।

Varanasi k police Commissioner मोहित अग्रवाल का फिल्मी स्टाइल में गोपनीय निरीक्षण

अतिक्रमण करने वालों व लापरवाह पुलिस को किया चिन्हित

 कठोर कार्यवाही के दिये निर्देश


Sarfaraz Ahmad 

Varanasi (dil India live). पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल ने शहर की यातायात व्यवस्था व अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति के मूल्यांकन के लिए फिल्मी स्टाइल में गोपनीय रूप से शहर क्षेत्र का बरसात के बीच हाथों में छाता लिए न सिर्फ भ्रमण व निरीक्षण किया बल्कि कड़ी कार्रवाई भी की।

इस दौरान मार्ग पर अतिक्रमण कर यातायात व्यवस्था को प्रभावित कर रहे 50 दुकानदारों/ ठेले/खुमचे को चिन्हित कर फोटोग्राफी करा कर सूची बनायी गयी और उसे सम्बन्धित थाना प्रभारी को एफआईआर पंजीकृत कर कठोर विधिक कार्यवाही के लिए निर्देशित किया गया। इस निरीक्षण में अतिक्रमण पाये गये 10 चिन्हित स्थानों पर नियुक्त बीट आरक्षियों के विरुद्ध कार्यवाही किये जाने के लिए संबंधित डीसीपी को निर्देश दिये।


इस दौरान police Commissioner मोहित अग्रवाल ने कहा कि पुलिस 3600 कार्ययोजना के तहत कार्य करेगी, यातायात-व्यवस्था में सुधार और अतिक्रमण हटाने में किसी भी प्रकार की लापरवाही नहीं बर्दाश्त की जायेगी। 


गौरतलब हो कि 27-06-2025 को पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा शहर क्षेत्र में यातायात व्यवस्था व अतिक्रमण की वास्तविक स्थिति का जायजा लेने शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों/बाजारों/ धार्मिक स्थलों व व्यस्त मार्गों का स्थलीय भ्रमण कर व्यवस्थाओं की वास्तविक स्थिति का मूल्याकंन आम इंसान की तरह किया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न स्थानों पर अतिक्रमण व पुलिसकर्मियों की शिथिलता व लापरवाही सामने आयी, जिन्हें चिन्हित कर सम्बन्धित को कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया। इस दौरान गोपनीय निरीक्षण के दौरान अपर पुलिस आयुक्त (कानून-व्यवस्था एवं मुख्यालय) शिवहरि मीणा भी police Commissioner मोहित अग्रवाल के साथ मौजूद थे।





कांग्रेस का आरोप: Samajwadi party ने नहीं निभाया गठबंधन धर्म

भाजपा सपा में सांठगांठ का कांग्रेस ने लगाया आरोप


Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). पूर्व पार्षद एवं महानगर कांग्रेस कमेटी, वाराणसी के उपाध्यक्ष रमज़ान अली तथा वार्ड-95 काजी सादुल्ला पुरा की पार्षद फरज़ाना ने संयुक्त बयान जारी करके सपा भाजपा में अंदरुनी सांठगांठ का आरोप लगाया है। दोनों ने कहा है कि नगर निगम वाराणसी में सपा-कांग्रेस गठबंधन के अंतर्गत पूर्व में कार्यकारिणी चुनाव में दोनों दलों ने मिलकर सपा के दो सदस्यों को निर्वाचित कराया था। इस बार कांग्रेस का एक सदस्य सेवानिवृत्त हुआ था और गठबंधन के अनुसार कार्यकारिणी में कांग्रेस का एक सदस्य नामित होना तय था।

लेकिन सपा ने गठबंधन धर्म का उल्लंघन करते हुए भाजपा के साथ सांठगांठ कर अपने दल के एक सदस्य को कार्यकारिणी में भेज दिया। इससे कांग्रेस को उसका वैध प्रतिनिधित्व नहीं मिल सका।

कांग्रेस का आरोप है कि भाजपा में भी असंतोष होने के कारण वह चुनाव प्रक्रिया से बचना चाहती थी। सपा और भाजपा की मिलीभगत से नियमों की अवहेलना करते हुए समय सीमा के बाद जबरन कांग्रेस प्रत्याशी से नाम वापसी करवाई गई, जो न केवल असंवैधानिक है बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों के भी विरुद्ध है। कांग्रेस इस घटनाक्रम की तीव्र निंदा करती है और इसे जनादेश व गठबंधन की भावना के साथ विश्वासघात मानती है।