शुक्रवार, 11 फ़रवरी 2022

पीलिया से नवजात को बचाएं, झाड़-फूंक नहीं उपचार कराएं

60 प्रतिशत फुलटर्म और 80 प्रतिशत प्रीमैच्योर बेबी में क्लीनिकल पीलिया की रहती है आशंका

समय पर उपचार से पूरी तरह ठीक हो जाती है पीलिया

पीलिया में लापरवाही हो सकती है जानलेवा


वाराणसी 11  फरवरी (dil India live)। नवजात शिशुओं में पीलिया का होना वैसे तो एक सामान्य बात है। 60 प्रतिशत फुलटर्म बेबी में और 80 प्रतिशत प्रीमैच्योर बेबी में क्लीनिकल पीलिया होने की आशंका रहती है पर थोड़ी सी सतर्कता और समय पर उपचार से यह रोग पूरी तरह ठीक हो जाता है। इसलिए नवजात को यदि पीलिया हुआ है तो उसका झाड़-फूंक नहीं उपचार करायें। ध्यान रहे कि झाड़-फूंक नवजात के लिए जानलेवा भी हो सकता है। यह कहना है राजकीय महिला चिकित्सालय में बाल रोग विशेषज्ञ व एसएनसीयू (सिक न्यूबोर्न केयर यूनिट) की प्रभारी डा. मृदुला मल्लिक का।

 डॉ. मल्लिक  ने बताया कि पीलिया किसी भी उम्र में हो सकता है। बड़ों में यह रोग संक्रमण के चलते होता है, जबकि नवजात में यह बीमारी अलग-अलग कारणों से होती है। नवजात में रोग से लड़ने की क्षमता काफी कम होती है। नवजात को पीलिया अधिक दिनों तक दिनों तक रहने से उसका हीमोग्लोबिन कम हो जाता है और वह कोमा में भी जा सकता है। समय से उपचार नहीं होने से उसका रोग गंभीर रूप लेकर जानलेवा भी हो सकता है।

डॉ. मृदुला ने बताया कि वर्ष 2020-21 में एसएनसीयू (सिक न्यूबोर्न केयर यूनिट) में भर्ती 738 नवजात शिशुओं में 316 को पीलिया रहा। इस वर्ष जनवरी से अबतक कुल 90 शिशु एसएनसीयू में भर्ती हुए। इसमें 38 को पीलिया के कारण यहां लाया गया। हालांकि उपचार के बाद सभी स्वस्थ हैं।

 नवजात में पीलिया के कारण

डा. मृदुला बताती है कि नवजातों में पीलिया दो तरह का होता है। पैथोलॉजिकल पीलिया व फिजियोलॉजिकल पीलिया। पैथोलॉजिकल पीलिया के लक्षण बच्चे के जन्म के 24 घंटे के भीतर नजर आने लगते हैं और इसके इलाज की जरूरत होती है जबकि फिजियोलॉजिकल पीलिया के लक्षण बच्चे के जन्म के 24 से 72 घंटे बाद नजर आते हैं। यह पांच से सात दिन तक बढ़ता है। इसमें उपचार की जरूरत नहीं होती है। नवजात शिशुओं में पीलिया होने के कई कारण हैं। इनमें बच्चे के खून में बिलिरूबिन सेल्स की अधिकता एक बड़ा कारण होता है। मां और बच्चे का ब्लड ग्रुप ( आरएच & एबीओ) का अलग- अलग होना भी पीलिया का कारण हो जाता है। इसके अतिरिक्त किसी संक्रमण के चलते भी नवजात को पीलिया होने की काफी आशंका रहती है। 

 पीलिया के लक्षण- पीलिया होने पर शुरू में शिशु का चेहरा पीला होने लगता है उसु उसकी आंखें भी पीली हो जाती हैं। शिशु के नाखून पीले पड़ने लगते हैं। उसके त्वचा का रंग भी ज्यादा पीला दिखने लगे।  पीलिया के लक्षण नजर आने के बाद उसके उपचार में हुर्इ देरी उसके लिए नुकसानदेय हो सकते हैं। इसलिए शिशु में पीलिया के लक्षण दिखें तो तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए, ताकि शिशु को पीलिया से होने वाली समस्याओं से बचाया जा सके।

इस प्रत्याशी को जाने क्यों मिली नोटिस

आचार संहिता उल्लंघन में फंसे शहर उत्तरी के प्रत्याशी मोनू राय

  • 48 घंटे में देना होगा जबाव, अन्यथा होगी कार्यवाहीआ

  • दर्श आचार संहिता में रैली/जुलूस है प्रतिबन्धित

  • प्रतिबन्ध के बावजूद मोनू राय ने निकाला था जुलूस


वाराणसी 11 फरवरी (dil India live)। रिटर्निग आफिसर 388-वाराणसी उत्तरी/अपर नगर मजिस्ट्रेट (चतुर्थ) ने वाराणसी उत्तरी के प्रत्याशी बहादुर आदमी पार्टी मोनू राय को 10 फरवरी को अपने नामांकन के दौरान आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन किये जाने पर नोटिस जारी कर 48 घंटे में अनियमितता सम्बन्धित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। कहा है कि अन्यथा की स्थिति में यह माना जायेगा कि उपरोक्त के सम्बन्ध में उन्हें कुछ नहीं कहना है, तदनुसार उनके विरूद्ध कार्यवाही की जायेगी। बताते चलें कि विधान सभा सामान्य निर्वाचन 2022 के अन्तर्गत आदर्श आचार संहिता लागू है, जिसमें रैली/जुलूस प्रतिबन्धित है। प्रतिबन्ध के बावजूद 10 फरवरी को मोनू राय नामाकंन करने जुलूस के साथ आये। नामांकन में 15 से अधिक दो पहिया वाहन (मोटर साईकिल एवं स्कूटी) सम्मिलित थे, जिसके लिए सक्षम स्तर से अनुमति प्राप्त नही की गयी है। 01 झंडा युक्त प्रचार वाहन भी सम्मिलित पाया गया, जिसके लिए सक्षम स्तर से अनुमति प्राप्त नही की गयी है। कोविड गाइड लाइन का अनुपालन नही किया गया है। नामाकंन स्थल पर धारा-144 लागू है, जिसके अन्तर्गत 05 व्यक्ति से अधिक एक स्थान पर एकत्र नही हो सकते। प्रत्याशी मोनू राय द्वारा धारा-144 का उल्लंघन किया जाना पाया गया।

कांग्रेस ने निकाला विरोध मार्च

कांग्रेसियों के बगावती तेवर ने मचाया हड़कम

वाराणसी (dil India live) । वाराणसी में कांग्रेस की घोषित सूची में शहर दक्षिणी की जिस उम्मीदवार को टिकट दिया गया है । उसे कांग्रेस का कोई भी कार्यकर्ता नहीं जानता है। यह आरोप लगाकर कांग्रेसियों ने बगावती तेवर अपना लिया है। जिससे बनारस से लखनऊ दिल्ली तक हड़कम मच गया है। इसे लेकर कांग्रेसी कार्यकर्ताओं व पदाधिकारियों ने कल कबीरचौरा से मैदागिन चौराहे तक जुलूस निकालकर प्रत्याशी बदलने की मांग तक कर दी। इस दौरान राजीव गांधी की प्रतिमा पर धरना दिया और शीर्ष नेतृत्व से निर्णय पर पुनर्विचार करने की गुजारिश की। 

पार्षद दल के नेता सीताराम केसरी को टिकट देने की मांग की। धरना विरोध धरना देने वाले प्रमुख लोगों मे अफ़रोज़अंसारी पीसीसी उपाध्यक्ष महानगर कांग्रेस कमेटी, फसाहत हुसैन बाबू उपाध्यक्ष महानगर कांग्रेस कमेटी, वसीम अंसारी पीसीसी, अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव हसन मेंहदी कब्बन, पार्षद गुलशन अंसारी, पार्षद बिलाल अहमद, पार्षद असलम खान, उत्तर प्रदेश स्वर्णकार संघ प्रदेश उपाध्यक्ष अनूप कुमार जयसवाल आदि मौजूद थे।

गुरुवार, 10 फ़रवरी 2022

डा. राजेश मिश्रा कैंट और शहर उत्तरी से गुलराना तबस्सुम कांग्रेस से उम्मीदवार

टिकट के जरिए महिला शक्ति को कांग्रेस ने साधा 

वाराणसी (dil India live)। कांग्रेस पार्टी की उत्तर प्रदेश प्रभारी प्रियंका गांधी ने गुरुवार को वाराणसी की सीटों पर अपने प्रत्याशियों की सूची जारी कर दी है। इसी क्रम में कांग्रेस के कद्दावर नेता पूर्व सांसद डा. राजेश मिश्रा को वाराणसी में शहर की कैंट विधान सभा सीट से जहां टिकट दिया गया है वही शहर उत्तरी से गुलराना तबस्सुम को टिकट मिला है। कांग्रेस ने शहर दक्षिणी में मुदिता कपूर को अपना प्रत्याशी बना कर मुकाबला रोचक कर दिया है। वहीं शिवपुर में गिरीश पांडेय के ऊपर पार्टी ने भरोसा जताया है। अजगरा से आशा देवी को प्रियंका गांधी ने मैदान में उतारा गया है तो सेवापूरी से अंजु सिंह को पार्टी ने प्रत्याशी घोषित किया। हालांकि पिंडरा से अजय राय व रोहनियां से राजेश्वर सिंह पटेल को पहले ही उम्मीदवार कांग्रेस ने घोषित कर रखा है। 

विधानसभा वाराणसी कैंट की बात करें तो इस सीट को लेकर यहां राजेश मिश्रा की चर्चा पहले से चल रही थी। ऐसे में पार्टी ने उनके ऊपर भरोसा जताते हुए टिकट दिया है। कांग्रेस पार्टी ने शहर उत्तरी में मुस्लिम मतदाताओं की संख्या के आधार पर गुलराना तबस्सुम को प्रत्याशी बनाया है। वाराणसी दक्षिणी के लिए मुदिता कपूर को टिकट देकर लड़की हूं लड़ सकती हूं नारे... को कांग्रेस ने और बुलंद किया हैं। सेवापुरी पर अगर नज़र डाले तो यहां पर भी पार्टी ने अंजू सिंह को टिकट देकर बड़ा दांव खेला है। विधानसभा सीट अजगरा, उत्तरी, दक्षिणी और सेवापुरी में कांग्रेस पार्टी ने चार महिला प्रत्याशियों को टिकट देकर कहीं ना कहीं महिला सशक्तिकरण के उस दावे और वादे को जनता के बीच रखने की कोशिश की, जिसका प्रियंका गांधी नेतृत्व पहले से ही दावा करती रही है।

बनारस में विधान सभा चुनाव के लिए हुआ नामांकन

पहले दिन बहादुर आदमी पार्टी के प्रत्याशी ने भरा पर्चा  

 वाराणसी १० फरवरी (dil India live)। विधान सभा चुनाव के लिए आज १० फरवरी को नामांकन शुरू हो गया। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पहले दिन केवल बहादुर आदमी पार्टी के उम्मीदवार ने निर्दली उम्मीदवार के रूप में पर्चा दाखिल किया। नामांकन के लिए सुबह 11 बने से दोपहर 3 बजे का समय निर्धारित है। पहले दिन दोपहर 2 बजे के बाद बहादुर आदमी पार्टी से मोनू राय ने शहर उत्तरी के लिए नामांकन किया। वही सुरक्षा की बात करें तो करीब करीब 50 से ज्यादा पुलिस कर्मी नामांकन स्थल के बाहर और अंदर तैनात थे। नामांकन को देखते हुए कचहरी चौराहा और पुलिस चौकी की तरफ वाहन आवागमन को रोक दिया गया था। जो दोपहर तीन बजे के बाद खोला गया। पहले दिन बहादुर आदमी पार्टी के प्रत्याशी ने शहर उत्तरी के लिए मोनू राय ने पर्चा भरा। उनके समर्थक कचहरी के समीप ही रोक दिये गए। वो अपने प्रस्तावक व वकील के साथ नामांकन स्थल पर पहुंचे। इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक वाराणसी जोन ने नामांकन स्थल की सुरक्षा व्यवस्था जांची व सख्त निर्देश दिए।

बुधवार, 9 फ़रवरी 2022

करिश्मा कपूर की इस हिट फिल्म के 25 साल पूरे


जुड़वा ने कभी मचाया था धूम

 मुंबई 09 फरवरी (dil India live ) बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर की सुपरहिट फिल्म जुड़वा के प्रदर्शन के 25 साल पूरे हो गये हैं। कभी जुड़वा ने खूब धूम मचाया था | करिश्मा कपूर की हिट हिन्दी फिल्म जुड़वा के प्रदर्शन के 25 साल पूरे हो गये हैं। करिश्मा ने फिल्म जुड़वा के 25 साल पूरे होने पर खुशी जाहिर की है। करिश्मा ने खुशी जाहिर करते हुए अपने इंस्टाग्राम पर फिल्म जुड़वा की क्लिप शेयर की है, जिसमें फिल्म के चुनिंदा सीन्स को दिखाया गया है।

करिश्मा ने इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर शेयर कर कैप्शन लिखा, “जुड़वा प्यार, मजाक और रोमांच से भरा सफर था, विश्वास नहीं हो रहा है कि 25 साल हो गए हैं। ”

गौरतलब है कि डेविड धवन के निर्देशन में बनी फिल्म जुड़वा में सलमान खान,करिश्मा कपूर, रंभा, कादर खान, शक्ति कपूर, और अनुपम खेर की अहम भूमिका थी।

मंगलवार, 8 फ़रवरी 2022

ख्वाजा गरीब नवाब के उर्स में छठी का कुल शरीफ

ख्वाज़ा के उर्स पर काशी में सजी महफिले हुई फातेहा

अकीदत का मरकज़ है हजरत गरीब नवाज का दर 

वाराणसी 08 फरवरी (dil India live)। ख्वाजा मेरे ख्वाजा, दिल में समा जा...व, ऐसा सुनहरा दर है, अजमेर के ख्वाजा का..., जन्नती दरवाज़ा है अजमेर के ख्वाजा का...। कुछ ऐसे ही कलाम से काशी की सड़क से लेकर घर तक आज गूंज रहा है। दरअसल अजमेर में चल रहे दुनिया के मशहूर सूफी संत हिन्दलवली हज़रत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती अजमेरी रहमतुल्लाह अलैह, (सरकार गरीब नवाज) के उस पर जो लोग काशी से वहां नहीं जा सके हैं वो लोग बनारस में ही ख्वाजा का उर्स मना रहे हैं। यही वजह है ख्वाजा का उर्स अजमेर में होता है मगर उसकी धमक दुनिा के हर कोने में रहती है। जो लोग अज़मेर नहीं जा पाते हैं वो देश-दुनिया में जहां भी होते हैं वहीं से ख्वाजा को याद करते हैं, उनका कुल शरीफ कराते हैं, गरीबों को खाना खिलाते हैं और खैरात देते हैं। काशी से अजमेर हज़ारों लोग जत्थे के रुप में उर्स में रवाना हुए हैं हर बनारसी उर्स में नहीं सकता हैं, इसलिए बनारस के अर्दली बाज़ार, पुलिस लाइन, दालमंडी, नईसड़क, लल्लापुरा, हबीबपुरा, गौरीगंज, शिवाला, मदनपुरा, रेवड़ीतालाब, रामापुरा, बजरडीहा, कोयला बाजार, जलालीपुरा, पठानी टोला, पीलीकोठी, सरैया, बड़ी बाज़ार आदि इलाकों में ख्वाजा के उर्स पर फातेहा, मिलाद, कुरानख्वानी का जहां एहतमाम किया गया वहीं दूसरी ओर जगह-जगह ख्वाज़ा की याद में राहगीरों को मीठा शर्बत, पानी व अन्य तबर्रक बांटा जा रहा था। अर्दली बाज़ार में ख्वाजा के उर्स में इस्लामी परचम के साथ ही देश की शान तिरंगा भी लहराता नज़र आया। इसकी वजह लोगों ने बताया कि ख्वाजा हिन्दल वली हैं, उन्होंने हमेशा हिन्दुस्तान और इस देश से मोहब्बत का पैग़ाम दिय। इसलिए जो सूफिज्म के हिमायती हैं वो देश से मोहब्बत करते हैं।

बनारस से उर्स में अजमेर गए मो. इम्तेयाज़ ने बताया कि आज ख्वाजा का 810 वां सालाना उर्स अकीदत के साथ मनाया जा रहा है। अकीदतमंदों ने कुल को देखते हुए दरगाह परिसर के बाहर की दीवारों को गुलाब जल, ईत्र और केवड़े से धोकर कुल के छीटें लगाये गये थे। कोरोना नियमों में सरकार की ओर से शीथिलता के बाद दरगाह परिसर चौबीस घंटे से जायरीन से आबाद है और उर्स की रौनक न केवल दरगाह क्षेत्र में बल्कि दरगाह के चारों तरफ फैली हुई है। आज रात को दरगाह दीवान और ख्वाजा साहब के सज्जादानशीन सैयद जैनुअल आबेदीन अली खान की सदारत में दरगाह परिसर के महफिलखाने में उर्स की छठी व अंतिम शाही महफिल हो रही है। जो जायरीन आज नहीं आ पाएंगे वे ग्यारह फरवरी को नवी के कुल की रस्म अदायगी में हिस्सा लेंगे। उसके बाद सरकार गरीब नवाज का 810 वां सालाना उर्स अगले साल तक के लिए संपन्न हो जाएगा।