शुक्रवार, 3 अप्रैल 2026

Good Friday 2026: St. Mary's यहां गिरजाघर Varanasi में क्रूस मार्ग की हुई आराधना

चर्चेज में हुई प्रार्थना सभाएं, उमड़ा जनसैलाब 

यीशु के सात वचन सुनकर छलकी सभी की आंखें















Varanasi (dil India live)। ईसा मसीह को क्रुस पर पवित्र मौत की याद में चर्चेज में गुड फ्राइडे सादगी के साथ मनाया गया। इस मौके पर विशेष आराधना व प्रार्थना सभा संजीदा माहौल में हुई। सेंट मैरीज महागिरजा, तेलियाबाग सीएनआई चर्च, लाल गिरजाघर, सेंट पॉल चर्च, सेंट थॉमस चर्च, गौदोलिया सेंट जांस चर्च महरौली, सेंट जांस चर्च बरेका, चर्च आफ बनारस छावनी, सेंट बेटलफुल गाॅस्पल चर्च, ईसीआई चर्च आदि में प्रार्थना सभा के दौरान लोगों का हुजूम उमड़ा। इस दौरान मसीही समुदाय ने नम आंखों से प्रभु यीशु को याद किया। इस दौरान जब प्रभु ईसा मसीह को क्रूस पर चढ़ाये जाने का मार्मिक इतिहास का वर्णन पास्टर और पादरी ने किया तो इसे सुनकर लोगों की आंखों में सहज ही आंसु भर आएं। बनारस में प्रोटेंसटेंट मसीही समुदाय के चर्चेज़ में प्रार्थना दोपहर 12 बजे से शुरु हुई तो कैथलिक चर्चेज़ में 3 बजे से क्रूस पर प्रभु यीशु को चढ़ाये जाने की मार्मिक गाथा का मंचन किया गया। वहीं राम कटोरा चर्च, विजेता प्रेयर मिनिस्ट्री में शाम में प्रेयर हुई। सेंट मैरीज में मसीही क्रूस मार्ग की आराधना करते हुए चल रहे थे। जहां जहां प्रभु ईसा मसीह को प्रताड़ित किया गया था उन रास्तों से एक व्यक्ति जो येशु के किरदार में था बड़ा सा क्रुस कंधे पर लिए आगे बढ़ रहा था, ठीक वैसे ही जैसे प्रभु यीशु को क्रुस मरण की दर्दनाक सजा दी गई थी।

सेंट मेरीज़ महागिरजा में बिशप यूज़ीन प्रार्थना सभा की अगुवाई करते हुए चल रहे थे। फादर थामस, फादर जान अब्राहम, फादर जोसेफ परेरा, सिस्टर जमीला, सिस्टर तारा, सिस्टर अंजू, सिस्टर मोनिका, संतोष, प्रीतम आदि मौजूद थे। मंचन के माध्यम से बताया गया कि ये वो दिन है जिस दिन प्रभु यीशु मसीह को गोल्गथा नामक पहाड़ पर, जो कलवारी नमक स्थान पर स्थित है, क्रुस पर चद़ाया गया था। इस घटना से पूर्व प्रभु यीशु मसीह को रोमी सैनिकों एवं धर्मगुरुओं द्वारा अत्यंत वेदनाओं एवं दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ा और अंत में क्रूस पर प्रभु यीशु ने अपने प्राण त्याग दिए। उनकी मौत को सभी हर साल गुड फ्राइडे के रुप में मनाते हैं। चर्च आफ बनारस के पादरी बेनजॉन व तेलियाबाग चर्च के पादरी आदित्य कुमार ने बताया कि यीशु मसीह को घोर यातना दी गई, और क्रूस पर उन्हे चढ़ाया गया। क्रूस पर उनकी पवित्र मौत की खबर से कि कलवारी में ईसा शहीद हुए धरती रो पड़ी मगर चमत्कार तीसरे ही दिन हुआ जब कब्र का दरवाजा खुल गया और ईसा मसीह पुनः जीवित हो उठे।



क्रूस पर दिए प्रभु ने सात वचन

क्रूस पर से यीशु ने सात दिव्य वचन कहे जिन्हें पास्टर और पादरी ने प्रार्थना सभाओं में पढ़कर लोगों को सुनाया। यीशु मसीह के मानने वाले इन वचनों को आत्मसाध कर जीवन में इसे अपनाने का संकल्प लेते दिखाई दिए। मैत्री भवन के निदेशक फादर फिलिप डेनिस ने कहा कि मसीहियों का ये विश्वास है की प्रभु यीशु फिर धरती पर आएंगे। आज के दिन को शुभ शुक्रवार इसलिए कहा जाता है क्यूंकि आज ही के दिन प्रभु यीशु ने समस्त मानव जाति को उनके पापों से बचाने के लिए अपने प्राण दिए और सभी को उद्धार का अवसर प्रदान किया।

क्रूस पर Seven Last Words of Jesus

क्षमा का वचन

 "हे पिता, इन्हें क्षमा कर क्योंकि यह नहीं जानते कि क्या कर रहे हैं" (लूका 23:34)।

उद्धार/आशा का वचन

 "मैं तुझ से सच कहता हूँ कि आज ही तू मेरे साथ स्वर्गलोक में होगा" (लूका 23:43)।

प्रेम और संबंध का वचन

"हे नारी, देख, यह तेरा पुत्र है!" और (शिष्य से) "यह तेरी माता है!" (यूहन्ना 19:26-27)।

परित्याग/दर्द का वचन

 "एली, एली, लमा शबक्तनी?" अर्थात् "हे मेरे परमेश्‍वर, तूने मुझे क्यों छोड़ दिया है?" (मत्ती 27:46)।

मानव पीड़ा का वचन

 "मैं प्यासा हूँ" (यूहन्ना 19:28)।

विजय का वचन

 "पूरा हुआ!" (यूहन्ना 19:30)।

समर्पण का वचन

 "हे पिता, मैं अपनी आत्मा तेरे हाथों में सौंपता हूँ" (लूका 23:46)।


हार्टमनपुर चर्च गाजीपुर

हार्टमनपुर चर्च गाजीपुर में फादर पी. विक्टर की अगुवाई में पुण्य शुक्रवार या Good Friday मनाया गया। इस दौरान फादर ने क्रूस मार्ग पर prayer कराई। उन्होंने इस मौके पर प्रभु यीशु मसीह की शहादत और कलवारी में उनको दी गई यातनाओं पर रौशनी डाली।





​काशी के दक्षिणी छोर पर उमड़ा आस्था का सैलाब

23 वीं श्री हनुमान ध्वजा यात्रा में गूंजा 'जय श्री राम'

​7 राज्यों के भक्तों ने उठाई बजरंग ध्वजा, 5 किमी लंबी रही यात्रा


Santosh Nagvanshi 

dil india live (Varanasi). काशी के दक्षिणी छोर पर आज अंजनी लाल के जन्मोत्सव का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। श्री हनुमत् सेवा समिति, नेवादा द्वारा आयोजित 23 वीं श्री हनुमान ध्वज यात्रा ने आज भक्ति और भव्यता के सारे कीर्तिमान तोड़ दिए। भिखारीपुर तिराहे से शुरू होकर श्री संकट मोचन दरबार तक निकली इस 5.25 किलोमीटर लंबी यात्रा में पूर्वांचल सहित देश के 7 राज्यों के भक्तों ने शिरकत की।

​सुबह सूर्य की पहली किरण के साथ ही भिखारीपुर तिराहे पर 60 फीट लम्बे वाहन पर 'राम दरबार' रथ और पालकी पर विराजे हनुमान का 11 ब्राह्मणों द्वारा षोड़शोपचार पूजन व आरती की गई। इसके पश्चात, 100 से ज्यादा डमरूओं की गड़गड़ाहट और ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच यात्रा का शुभारंभ हुआ। यात्रा का मुख्य आकर्षण 1100 भक्तों के हाथों में लहराती गदा और हजारों की संख्या में केसरिया ध्वजाएँ रहीं, जिससे पूरा आसमान हनुमत् रंग में रंग गया। इस मौके पर यात्रा में विभिन्न कार्यालयों द्वारा मनमोहक झाँकियाँ प्रस्तुत की गईं। नेवादा कार्यालय: शिव-पार्वती और अघोरी दल की जीवंत प्रस्तुति। कोनिया कार्यालय: नारी शक्ति का परिचय देते हुए 'नारी वाहिनी' द्वारा दंड-तलवार का प्रदर्शन। बजरडीहां कार्यालय: मध्य प्रदेश का मशहूर 'तहलका धमाल बैंड'। जानकीनगर कार्यालय: संकट मोचन दरबार के गर्भगृह की सुंदर प्रतिकृति।

​भीषण धूप के बावजूद भक्तों का उत्साह कम नहीं हुआ। रास्ते भर श्रद्धालुओं के स्वागत के लिए 200 से अधिक स्टॉल लगाए गए थे, जहाँ फल, जूस, छाछ, लस्सी और फलाहार की व्यवस्था थी। समिति की ओर से 501 किलो लड्डू का प्रसाद भक्तों में वितरित किया गया। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा।

यात्रा का शुभारंभ सुबह भिखारीपुर तिराहे पर हुआ, जहाँ सूर्य की पहली किरण के साथ 11 ब्राह्मणों ने 60 फीट लम्बे वाहन पर राम दरबार रथ और  पालकी में विराजे हनुमान का पूजन किया। 200 से अधिक डमरूओं की थाप और ढोल-नगाड़ों की गर्जना ने भक्तों में एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया। नेवादा स्थित मुख्य कार्यालय पर अतिथियों द्वारा आरती के पश्चात यात्रा संकट मोचन दरबार की ओर बढ़ी।

यात्रा के मुख्य आकर्षण: श्रद्धा और शौर्य

गदाधारी हनुमान भक्त: यात्रा में 1100 भक्त हाथों में बजरंगबली की पहचान 'गदा' लेकर चल रहे थे, जो साहस और शक्ति का प्रतीक नजर आया।

नारी शक्ति का प्रदर्शन

कोनिया कार्यालय की 'नारी वाहिनी' ने तलवार और दंड प्रदर्शन कर अपनी शक्ति का लोहा मनवाया। नेवादा से अघोरी दल, जानकीनगर से गर्भगृह प्रतिकृति और बजरडीहां से मध्य प्रदेश का 'तहलका धमाल बैंड' राहगीरों के आकर्षण का केंद्र बना रहा।

सेवा : 200 स्टॉल और 501 किलो लड्डू

​5.25 किलोमीटर लंबे इस मार्ग पर भक्तों के लिए जन-जन का सहयोग दिखा। 200 से ज्यादा स्टॉलों पर जूस, लस्सी, छाछ, फल और मेवों बांटा जा रहा था। समिति द्वारा 501 किलोग्राम शुद्ध लड्डू का महाप्रसाद भक्तों में वितरित किया गया। कड़ी धूप के बावजूद हज़ारों महिलाएं और युवतियाँ नंगे पाँव हाथों में ध्वज और पूजन की थाली लिए अटूट श्रद्धा के साथ बढ़ती रहीं।

​इस वर्ष की यात्रा में एक बड़ा सामाजिक संदेश भी दिया गया। यात्रा से पूर्व सभी भक्तों ने काशी के अंतर्ग्रही क्षेत्र को मांस-मदिरा मुक्त बनाने की शपथ ली। "अभियान पवित्र काशी" की विशेष झांकी ने सबका ध्यान खींचा, जो नगर की सात्विकता बनाए रखने का संदेश दे रही थी।

गुरुवार, 2 अप्रैल 2026

BLW Varanasi ने रचा नया इतिहास, जानिए क्या है खास!

572 रेल इंजनों का वित्तीय वर्ष 2025–26 में अभूतपूर्व निर्माण

महाप्रबंधक ने बरेकाकर्मियों को दी बधाई, नव निर्मित उद्यान का किया उद्घाटन




F. Farouqi/ Santosh Nagvanshi 

dil india live (Varanasi). बनारस रेल इंजन कारखाना में आज दिनांक 2 अप्रैल 2026 को महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कार्यशाला पहुंचकर सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 572 रेल इंजनो के निर्माण के ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई एवं शुभकामनाएं दी। तत्पश्चात उन्होंने कार्यशाला परिसर में नवनिर्मित उद्यान का उद्घाटन भी किया।

इस अवसर पर उन्होंने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि बनारस रेल इंजन कारखाना ने वित्तीय वर्ष 2025–26 में 572 रेल इंजनों का अभूतपूर्व उत्पादन कर एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। यह शानदार उपलब्धि अब तक के सभी वित्तीय वर्षों में सर्वाधिक लोको उत्पादन का नया रिकॉर्ड बनाते हुए न केवल बरेका की उत्कृष्ट तकनीकी क्षमता और कार्यकुशलता को दर्शाती है, बल्कि भारतीय रेल के आत्मनिर्भर और सशक्त भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। उन्होंने बताया कि पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में लगभग 20% की उल्लेखनीय वृद्धि इस बार हुई है।

558 विद्युत रेल इंजनों का निर्माण

इस  वित्तीय वर्ष में बरेका द्वारा कुल 558 विद्युत रेल इंजनों का निर्माण किया गया, जो रेलवे बोर्ड द्वारा निर्धारित 553 इंजनों के लक्ष्य से लगभग 1% अधिक है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

WAG-9 : 401

WAP-7 : 143

WAP-7 (अमृत भारत) : 14

निर्यात व लोकोमोटिव निर्माण

बरेका ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी एक नया कीर्तिमान स्थापित करते  हुए मोजाम्बिक  को 10 रेल इंजनों का निर्यात किया। इसके साथ ही गैर-रेलवे ग्राहकों के लिए भी 04 डीजल रेल इंजनों का निर्माण  किया गया। पता हो कि स्थापना से लेकर मार्च 2026 तक बरेका द्वारा 2925 विद्युत रेल इंजनों सहित कुल 11259 रेल इंजनों का निर्माण किया जा चुका है, जो भारतीय रेल के विकास में बरेका की महत्वपूर्ण भूमिका को दर्शाता है।

इन हाउस निर्माण में शानदार उपलब्धियां

बरेका ने इस वर्ष महत्वपूर्ण इन हाउस विद्युत कम्पोनेंट्स तथा क्षेत्रीय रेलों के लिए डीजल कम्पोनेंट्स के निर्माण और मरम्मत में भी उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है इन हाउस विद्युत शेल निर्माण में लगभग 93% वृद्धि (2024–25 में 42 से बढ़कर 2025–26 में 81)। एचएचपी टर्बो ओवरहॉलिंग में 20% वृद्धि (2024–25 में 545 से बढ़कर 2025–26 में 653)। पवार असेंबली निर्माण में 186% वृद्धि, जो 2024–25 के 1616 से बढ़कर 2025–26 में 4624 अदद हो गया। वाटर पम्प असेंबली निर्माण में 482% वृद्धि, जो 2024–25 के 122 से बढ़कर 2025–26 में 710 अदद हो गया।

पर्यावरण के प्रति समर्पण

इस अवसर पर कार्यशाला परिसर में नवनिर्मित उद्यान का उद्घाटन भी बरेका  महाप्रबंधक श आशुतोष पंत द्वारा किया गया। यह पहल पर्यावरण संरक्षण के प्रति बरेका की प्रतिबद्धता और हरित कार्य संस्कृति को दर्शाती है। रिकॉर्ड उत्पादन की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को बधाई दी। इस अवसर पर उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को संबोधित करते हुए बरेका की भविष्य की कार्ययोजना और आगामी लक्ष्यों पर भी प्रकाश डाला तथा कहा कि टीम बरेका अपने सामूहिक प्रयास, तकनीकी दक्षता और नवाचार के बल पर आने वाले वर्षों में भी नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।

इनकी रही खास मौजूदगी 

 प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर मनोज कुमार गुप्ता, प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, प्रधान वित्त सलाहकार मुक्तेश मित्तल, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी लाल जी चौधरी, प्रमुख मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. देवेश कुमार, महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त देवराज कुमार मौर्य, मुख्य सतर्कता अधिकारी अंकुर चंद्रा, मुख्य विद्युत इंजीनियर अरविंद कुमार जैन, उप महाप्रबंधक सागर, उप मुख्य विद्युत इंजीनियर श्री सुदीप रावत समेत अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण, संयुक्त सचिव, कर्मचारी परिषद प्रदीप कुमार यादव, अमित कुमार, नवीन कुमार सिन्हा, सुशील कुमार सिंह, श्रीकांत यादव, एवं मनीष कुमार सिंह समेत बड़ी संख्या में कर्मचारीगण उपस्थित रहे।

Education: वार्षिक उत्सव में मेधावी छात्रों को पुरस्कृत कर किया गया सम्मानित

शिक्षा हमें अंधकार से ले जाती है प्रकाश की ओर : डॉ राजीव सिंह 

बच्चों में शिक्षा, संस्कार व संस्कृति देना जरूरी: प्रमोद मौर्य


dil india live (Varanasi). वाराणसी के विकास खण्ड चिरईगांव के प्राथमिक विद्यालय ग़ौराकलां में वार्षिक उत्सव के अवसर पर मेधावी छात्र एवं छात्राओं का भव्य पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया, कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रिंसिपल आरती देवी ने व संचालन वरिष्ठ अध्यापिका रेखा उपाध्याय ने किया ।

               इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ राजीव कुमार सिंह सदस्य राज्य संदर्भ समूह (एस आर जी) ने कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा अमल है जो हमें अच्छे व बुरे की पहचान कराती है, शिक्षा के बिना मनुष्य पशु के समान है आगे कहा कि शिक्षक की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि वह बेहतर से बेहतर मिसाल पेश करें, शिक्षा हमें अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाती है हमारी यह कोशिश होनी चाहिए कि छात्र एवं छात्राएं शिक्षा के साथ संस्कार भी सीखें और देश का नाम रोशन करें। 




गांधी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार मौर्य ने           कहा कि समाज की तरक्की के लिए शिक्षा का होना जरूरी है शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निर्धन परिवार के बच्चों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है तथा विकसित राष्ट्र का सपना तभी साकार होगा। हमें कामयाबी परिश्रम और लगन से प्राप्त होती है ।

 ग्राम प्रधान राजेश कुमार राजीव ने कहा कि स्कूल का एनुअल फंक्शन विद्यालय का प्रतिबिंब होता है शिक्षा एक ऐसा हथियार है जिसके माध्यम से आप सब कुछ प्राप्त कर सकते हैं बच्चों में शिक्षा , संस्कार व संस्कृति देना जरूरी है।

भाजपा के पूर्व जिला संयोजक लघु उद्योग प्रकोष्ठ के रामाश्रय प्रजापति ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से समाज में जो सरकारी स्कूल के प्रति नकारात्मकता फैली है वह दूर होगी जिससे कान्वेंट के नाम पर दुकानदारी करने वाले स्कूलों पर लगाम लगेगी ।

उर्दू बीटीसी टीचर वेल्फेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ एहतेशामुल हक़ ने कहा कि सरकार प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेकों अनेक योजनाएं चला रही है हम सभी को इस योजना का लाभ उठाने के साथ अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में एडमिशन कराएं और अपने बच्चों का भविष्य उज्जवल बनाएं।

 प्रिंसिपल आरती देवी ने कहा कि सभी अभिभावक अपने बच्चों पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि अधिकतर समय आपलोगों के बीच में बच्चे रहते हैं, बच्चों को चाहिए कि बड़ों का आदर एवं सम्मान करें शिक्षा जगत में दूसरों से आगे बढ़ने के लिए मेहनत करें।

वार्षिक उत्सव में बच्चों ने देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर जमकर धूम मचाए ,बच्चों ने अपनी कला से उपस्थित लोगों को ताली बजाने और प्रशंसा करने को मजबूर कर दिया।

        अतिथियों ने प्रत्येक कक्षा में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त मेधावी छात्र एवं छात्राओं को स्मृति चिन्ह,अंकपत्र एवं गिफ्ट देकर सम्मानित किया गया । इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भी पुरस्कृत किया गया परीक्षा फल 30 मार्च को ही घोषित कर दिया गया था।

      इस अवसर पर एस आर जी डॉ. राजीव कुमार सिंह, ए. आर. पी. श्रीनिवास सिंह, प्रिंसिपल आरती देवी, ग्राम प्रधान राजू, प्रधानाचार्य प्रमोद मौर्य, वरिष्ठ अध्यापिका रेखा उपाध्याय, डॉ. एहतेशामुल हक़, सादिया तबस्सुम, अनीता सिंह, शशिकला, ज्योति कुमारी, शक्ति कुमारी, रीता,सोनी, आशा देवी,संजय मौर्य  इत्यादि सहित भारी संख्या में अभिभावक ने भी भाग लिया।

बुधवार, 1 अप्रैल 2026

Basanta woman College Main राजनीति विज्ञान विभाग ,

छात्राओं में समसामयिक मुद्दों के प्रति समझ व राजनीतिक जागरूकता के लिए लगी संसद

युवा संसद लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने का सशक्त माध्यम-विश्वनाथ गोकर्ण




dil india live (Varanasi). वसंत महिला महाविद्यालय, (राजनीति विज्ञान विभाग) राजघाट में ‘युवा संसद विचार मंथन-2026’ का आयोजन बुधवार को किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, समसामयिक मुद्दों के प्रति समझ एवं राजनीतिक जागरूकता को बढ़ावा देना था। द्वीप प्रज्वलन एवं वसंत गीत शुरू हुए आयोजन में प्राचार्या प्रो. अलका सिंह अतिथियों का स्वागत किया गया एवं  छात्राओं को युवा सांसद विचार मंथन के लिए शुभकामनाएं दी गईं। प्रो. अलका सिंह ने कहा कि यह युवा सांसद नागरिकों विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक संस्कार का रोपण करेगी और उन्हें अपनी भावी भूमिका के लिए तैयार करेगी।तत्पश्चात अतिथियों का सम्मान अंगवस्त्रम एवं पौधा प्रदान कर किया गया। राजनीति विज्ञान विभाग प्रभारी प्रो. प्रीति सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए युवा संसद के इतिहास एवं उसकी महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र बोलने के अधिकार और सुनने के संस्कार के मेल से ही सुदृढ होता है। 


‘मैत्रेयी मंथन’ ई-मैगज़ीन का विमोचन

 आयोजन के दौरान ‘मैत्रेयी मंथन’ ई-मैगज़ीन के चौथे अंक का विमोचन किया गया। इस मौके पर डॉ. पुनीता पाठक द्वारा निर्णायक मंडल का परिचय कराया गया, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार विश्वनाथ गोकर्ण, डॉ किरण सिंह (एसिस्टेंट प्रोफेसर, अंग्रेजी विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ) तथा लेफ्टिनेंट डॉ. विभा सिंह (एसोसिएट प्रोफेसर, समाजशास्त्र विभाग, वसंत महिला महाविद्यालय) शामिल थीं।


इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार विश्वनाथ गोकर्ण के संबोधन के साथ सत्र का शुभारंभ हुआ। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा संसद जैसे मंच लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने और अभिव्यक्ति कौशल को विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने छात्राओं को समसामयिक विषयों पर सजग एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। जिसके पश्चात युवा संसद सत्र आयोजित किया गया।

युवा संसद में प्रमुख रूप से Middle East Crisis and Indian Responses, AI एवं ICT Governance (Digital Protection संदर्भ), US के साथ Tariff War एवं Trade Deal, नई शिक्षा नीति (NEP) का क्रियान्वयन एवं Higher Education Framework, तथा SDGs Vikshit Bharat@2047 जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। विभिन्न महाविद्यालयों के प्रतिभागियों, समृद्धि सिन्हा, माही सिंह, श्रेया साक्षी, अनुश्री दास, नीलाक्षी दुबे, खुशी शुक्ला, निष्ठा मौर्य, पूर्णिमा सेठ, सृष्टि नायक, चेतना श्री सहित अन्य छात्राओं ने प्रभावशाली ढंग से अपने विचार प्रस्तुत किए।सत्र के उपरांत किरण सिंह ने अपने अवलोकन एवं टिप्पणी  करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन एवं अभिव्यक्ति क्षमता को विकसित करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास एवं प्रस्तुति की सराहना की।

लेफ्टिनेंट डॉ. विभा सिंह ने अपने संबोधन में  युवा संसद के विषयो पर संक्षिप्त एवं सारगर्भित टिप्पणी करते हुए प्रतिभागियों के तर्कों और प्रस्तुति का विश्लेषण किया। सभी प्रतिभागियों को उनके प्रयासों के लिए सराहना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया। इसके उपरांत डॉ. मनीषा मिश्रा ने अपने वक्तव्य में सभी प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर परिश्रम एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा परिणामों की औपचारिक घोषणा की एवं धन्यवाद ज्ञापन किया। 

इन्हें मिला पुरस्कार 

घोषित परिणामों के अनुसार विपक्ष श्रेणी में तृतीय स्थान पर अग्रिमा मिश्रा (Sunbeam Women College, Varuna), द्वितीय स्थान पर खुशी सैनी (AMPG College) तथा प्रथम स्थान पर कुमारी मुस्कान (Vasanta College for Women) रहीं। वहीं सत्तापक्ष श्रेणी में तृतीय स्थान भार्गवी भट्टाचार्य (ँशके रूप में प्रतिभाग किया, एवं मंच संचालन आदिशा गोस्वामी द्वारा किया गया।

इस कार्यक्रम में आर्य महिला पीजी महाविद्यालय, वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, सनबीम विमेंस कॉलेज- वरुणा , सनबीम कॉलेज फॉर वूमेन भगवानपुर, डीएवी पीजी कॉलेज, यूपी कॉलेज एवम् वसंत महिला महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से सांसद के रूप में प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम में आयोजक मंडल के रूप में राजनीति विज्ञान विभाग के डॉ. प्रीति सिंह, डॉ. पुनीता पाठक, डॉ. मनीषा मिश्रा, डॉ. प्रतीक सिंह तथा डॉ. मुशिरा जावेद की सक्रिय सहभागिता रही। इस कार्यक्रम में रीमा, सूर्यांशी, आयुषी, नंदनी, अनुश्रेया, ऋतिका रॉय, सौम्या पांडेय, शानवी सिंह एवं कृतिका सहित अन्य छात्राओं ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया। तथा लगभग 150 छात्राओं ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया।

Varanasi में होगा 12 वां UPOA का स्पेशल कोर्स इन स्पाइन 19 अप्रैल को

डिपार्टमेंट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ बीएचयू में पंजीकरण शुरू




dil india live (Varanasi). Varanasi जिले में 12 वां उत्तर प्रदेश ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन (UPOA) स्पेशल कोर्स इन स्पाइन आगामी 19 अप्रैल को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ में आयोजित होने जा रहा है। इसके साथ ही प्रथम बीएचयू स्पाइन कैडर कोर्स 18 अप्रैल को आईएमएस बीएचयू में ही आयोजित होगा। ये दोनों कार्यक्रम राज्य और राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित फैकल्टी की उपस्थिति में रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्याओं के नवीनतम सिद्धांतों, निदान और उपचार पद्धतियों पर केन्द्रित होंगे। कार्यक्रम में ऑर्थोपेडिक सर्जन, स्पाइन विशेषज्ञ, प्रशिक्षु और स्पाइन केयर में रुचि रखने वाले अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों सहित लगभग 80-100 प्रतिभागियों के भाग लेने की उम्मीद है। 

उक्त जानकारी कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. अजीत सिंह (ऑर्थोपेडिक्स) ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसमें प्रमुख विषय, डिस्क सम्बंधित समस्याए, स्पाइनल डीजेनेरेशन (घिसावट), विकृति (डीफॉर्मिटी), संक्रमण और अन्य रीढ़ संबंधी विकार रहेंगे। कार्यक्रम में लक्षित व्याख्यान, केस प्रस्तुतियां, इंटरैक्टिव चर्चाएं और पैनल प्रश्नोत्तर होंगे। इसमें फैकल्टी, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित स्पाइन विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। कार्यक्रम में ऑर्थोपेडिक सर्जन, न्यूरो सर्जन (स्पाइन में रुचि रखने वाले), प्रशिक्षु, फिजियोथेरपिस्ट और स्पाइन केयर में सहयोगी स्वास्थ्य पेशेवर भाग ले सकेंगे। इसके लिए पंजीकरण विभाग ऑफ ऑर्थोपेडिक्स, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ में शुरू हो गया है।

मंगलवार, 31 मार्च 2026

VKM Varanasi Main ऐतिहासिक शोध विधियों पर सप्तदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन

इतिहास विभाग' व 'इतिवृत्त क्लब' के व्याख्यान में विषय विशेषज्ञों ने साझा किए विचार 




dil india live (Varanasi). Varanasi के कमच्छा स्थित वसन्त कन्या महाविद्यालय में 'इतिहास विभाग' और 'इतिवृत्त क्लब' के संयुक्त तत्वावधान में ऐतिहासिक शोध विधियों पर सप्तदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन समारोह सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 'हिस्टोरिका संस्थान' द्वारा प्रयोजित की गयी थी। कार्यशाला में दस विषयों पर, दस अलग अलग विषय विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। 

पहले दिन 23 मार्च का व्याख्यान डॉ. श्वेता सिंह (इतिहास विभाग) द्वारा ऐतिहासिक स्रोतों एवं उसके प्रकृति एवं वर्गीकरण पर व्याख्यान दिया गया तो दूसरे दिन 24 मार्च 2026 का व्याख्यान प्रोफेसर कल्पना आनंद (समाजशास्त्र विभाग) द्वारा 'थीसिस राइटिंग और रेफरेंसिंग' पर तथा डॉ. प्रिया सिंह (अर्थशास्त्र विभाग) ने 'क्वालिटेटिव एंड क्वांनिटेटिव मेथड पर व्याख्यान दिया। 25 मार्च का व्याख्यान डॉ सिमरन सेठ (समाजशास्त्र विभाग) द्वारा "तुलनात्मक, नृजातीय और पर्यावरणीय इतिहास' और डॉ. आरती चौधरी द्वारा (प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति पुरातत्व विभाग) नया पुरातत्व' विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। चौथे दिन 26 मार्च 2026 डॉ. विनीता (शिक्षाशास्त्र विभाग, एम, पी. जी. कॉलेज) सामाजिक विज्ञान अनुसंधान में साहित्यिक चोरी को समझनाः अवधारणाएँ, कारण और परिणाम' एवं डॉ. विपिन सोलंकी (भूगोल विभाग, शारदा विश्वविद्यालय, नोएडा) द्वारा 'जनसांख्यिकी, स्थानिक तकनीकें और संगणनात्मक' विषय पर व्याख्यान दिया गया। 28 मार्च 2026 को डॉ. शशिकेश कुमार गोंड (इतिहास विभाग) द्वारा' ऐतिहासिक स्रोतों और साक्ष्यों की व्याख्या एवं डॉ. आरती कुमारी (ए. आई. एच. सी.) द्वारा 'पुरातत्व और भौतिक संस्कृति' व्याख्यान प्रस्तुत किया। अन्तिम व्याख्यान 30 मार्च 2026 को डॉ. रामप्रकाश शर्मा (इतिहास विभाग, एस.पी. जैन महाविद्यालय, सासाराम, बिहार) ने 'इतिहासः पद्धतिगत बहसें और परिप्रेक्ष्य' दिया गया। 

राष्ट्रीय कार्यशाला के अंतर्गत ही एक विशेष व्याख्यान डॉ. अंजली चंद्रा (मैक्स हॉस्पिटल, दिल्ली) के तहत महिलाओं में हो रहे कैंसर के कारणों एवं उपचारों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसी क्रम में कार्यशाला समापन समारोह सत्र का शुभारम्भ एवं इतिवृत्त क्लब की तृतीय संस्करण पत्रिका के विमोचन के साथ शुरू किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने इस बात पर बल दिया कि आज के दौर में इस तरह की कार्यशाला का होना बच्चों में इसके प्रति जागरूकता उत्पन्न करना जरूरी अन्यथा AI से प्रभावित होकर कई बार वो गलत मार्ग अपना लेते हैं। महाविद्यालय प्रबंधिका श्रीमती उमा भट्टाचार्या ने छात्राओं तथा विभाग को बधाई देते हुए इस तरह के कार्यशालाओं एवं व्याख्यानों के आयोजन के लिए प्रोत्साहन किया। इसी क्रम में पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. स्मृति भटनागर मैम ने इतिहास लेखन में तथ्य एवं वस्तुनिष्ठता पर बल देते हुए कहा और तथ्यों का वास्तविक निरूपण करने के लिए इतिहासकार को समकालिक अधिकाधिक साक्ष्यों, पुस्तकों एवं विचारशैलियों का ध्यान रखते हुए व्याख्या करनी चाहिए। 'द हिस्टोरिको संस्थान के संस्थापक, विष्णु कांत उपाध्याय एवं बसन्त कुमार चौबे ने कहा कि इतिहास लेखन करते समय समाज के हर तबके की भूमिका को उजागर करना आवश्यक है, तभी सही इतिहास का निरूपण किया जा सकता है। सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन डॉ अनुजा त्रिपाठी, अतिथियों का स्वागत डॉ. श्वेता सिंह द्वारा कार्यशाला विवरण वाचन रणनीति राय द्वारा एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शशिकेश कुमार गोंड द्वारा किया गया। कार्यक्रम में समस्त शिक्षकगण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

सोमवार, 30 मार्च 2026

Varanasi K रोटेरियन Rajesh Gupta को Lucknow में मिली क्लब प्रेसिडेंट की डिग्री

रोटरी मंडल 3120 के PELS – SELS Vision 2026 कार्यक्रम में रोटरी क्लब ब्लड डोनर राजेश गुप्ता को मिली डिग्री 



dil india live (Varanasi).  होटल हॉलिडे इन Lucknow में आयोजित रोटरी मंडल 3120 के PELS–SELS Vision 2026 कार्यक्रम में रोटरी क्लब ब्लड डोनर वाराणसी के चार्टर अध्यक्ष रोटेरियन राजेश गुप्ता को क्लब प्रेसिडेंट की डिग्री प्रदान की गई। यह डिग्री रोटरी मंडल 3120 की गवर्नर रोटेरियन पूनम गुलाटी द्वारा अपने करकमलों से प्रदान की गई, जिससे यह सम्मान और भी गौरवपूर्ण बन गया।

यह उपलब्धि उनके उत्कृष्ट नेतृत्व, सेवा भावना एवं रोटरी के प्रति समर्पण का प्रतीक है। कार्यक्रम में विभिन्न रोटरी क्लबों के पदाधिकारियों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया गया, जिसमें रोटेरियन राजेश गुप्ता ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रोटरी का मूल उद्देश्य “सेवा ही सर्वोपरि” है और वे अपने कार्यकाल में समाज सेवा, रक्तदान जागरूकता एवं जनहित के कार्यों को और अधिक सशक्त रूप से आगे बढ़ाएंगे।

रोटरी क्लब ब्लड डोनर वाराणसी के सदस्यों ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और उनके नेतृत्व में क्लब के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

“Lead by Example” के मंत्र के साथ रोटेरियन राजेश गुप्ता निरंतर समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Assam Assembly Election 2026 के लिए कांग्रेस ने जारी किया Observers की सूची

जालुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के पर्यवेक्षक बने बनारस के हाजी मोहम्मद तौफीक


मोहम्मद रिजवान 

dil india live (Varanasi). जनपद वाराणसी निवासी विधानसभा उत्तरी 388 एवं कांग्रेस पार्टी के समर्पित पूर्व जिला चेयरमैन व उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश सचिव हाजी मोहम्मद तौफ़ीक़ कुरैशी को पार्टी नेतृत्व द्वारा असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए जालुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र का पर्यवेक्षक (Observer) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के निर्देश पर की गई है।

इस अवसर पर हाजी मोहम्मद तौफ़ीक़ कुरैशी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी, राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, सांसद गौरव गोगोई, वरिष्ठ नेता जितेन्द्र सिंह एवं इक़बाल अहमद सहित सभी वरिष्ठ नेताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा "मुझ पर जो विश्वास जताया गया है, उसके लिए मैं सभी वरिष्ठ नेताओं का विशेष धन्यवाद करता हूँ। मैं पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी ज़िम्मेदारी निभाऊंगा तथा संगठन को मज़बूत करने में अपना पूर्ण योगदान दूंगा। "जालुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र असम की सबसे महत्वपूर्ण और हाई प्रोफाइल सीटों में से एक है। यह गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और राज्य की राजनीति की दिशा तय करने में इसकी अहम भूमिका मानी जाती है। वर्तमान मुख्यमंत्री की सीट होने के कारण यहाँ का चुनाव पूरे प्रदेश में विशेष चर्चा का केंद्र रहता है।

इसी के साथ यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, जहाँ से चुनावी परिणाम पूरे राज्य के राजनीतिक माहौल और समीकरणों को प्रभावित करते हैं। जालुकबाड़ी में विभिन्न वर्गों और समुदायों का व्यापक प्रतिनिधित्व होने के कारण यह सीट सामाजिक संतुलन और जनमत का भी प्रतीक मानी जाती है। यही कारण है कि सभी प्रमुख राजनीतिक दल इस क्षेत्र पर विशेष ध्यान देते हैं और यहाँ की चुनावी गतिविधियाँ पूरे असम में व्यापक प्रभाव डालती हैं।



हाजी मोहम्मद तौफ़ीक़ कुरैशी की यह नियुक्ति कांग्रेस पार्टी के संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुभव, सक्रियता और समर्पण से असम विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस पार्टी को निश्चित रूप से मजबूती मिलेगी।

Basant Kanya महाविद्यालय की पूर्व छात्रा वर्षा सिंह का PCS में चयन

उत्तर प्रदेश लोक सेवा परीक्षा में 53 वां रैंक किया हासिल, वीकेएम में मनी खुशियां



dil india live (Varanasi). 30/03/2026 दिन सोमवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 2024 PCS के अंतिम परिणामों की घोषणा की गई। जिसमें वसंत कन्या महाविद्यालय के इतिहास विभाग की पूर्व छात्रा वर्षा सिंह का अंतिम रूप से चयन हुआ है। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा परीक्षा (PCS) में 53 वां रैंक हासिल करते हुए कमर्शियल टैक्स ऑफिसर का पद प्राप्त किया है।
VKM Varanasi की principal डा. रचना श्रीवास्तव ने बताया कि वर्षा सिंह ने सत्र 2017-18 में महाविद्यालय से इतिहास विषय में प्रथम श्रेणी से ऑनर्स प्रतिष्ठा प्राप्त की थी। इसके पश्चात वह संपूर्ण समर्पण से लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की तैयारी में लग गई और आज सफल हुई। इस अवसर पर महाविद्यालय में खुशियां मनाई गई। प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने वर्षा सिंह को बधाई और शुभकामना प्रेषित करते हुए इसे महाविद्यालय के लिए गौरव का क्षण बताया है। इसके साथ ही उन्होंने छात्राओं को वर्षा से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया। इतिहास विभाग की ओर से प्रो. पूनम पांडेय, डा.स्मृति भटनागर , डॉ. शशिकेश कुमार गोंड और डॉ. श्वेता सिंह सहित शिक्षक - शिक्षकों ने भी वर्षा की सफलता पर उन्हें बधाई अर्पित किया।

UP K Varanasi Main सूफ़ी संत हजरत गाजी मियां की लगी लग्न

दरगाह पर हुई फातेहा चढ़ाई गई चादर, मांगी अमन और मिल्लत की दुआएं

आस्ताने की दीवारों पर हल्दी लगे पंजों की लगाई छाप


Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi)। UP के मज़हबी शहर Varanasi में प्रमुख सूफ़ी संत हजरत सैयद सलार मसूद गाजी मियां (Ghazi Miya) रहमतुल्लाह अलैह की शादी की सवा महीने की लगन रखने की रवायत रविवार को निभाई गई। दरगाह कमेटी के गद्दीनशीन/सेक्रेटरी हाजी एजाजुद्दीन हाशमी की अगुवाई में हल्दी की रस्म-रिवाज निभाई गई। इसमें ख़्वातीन व कमेटी के लोगों ने हल्दी से दरगाह की दरों दीवार पर पंजे की छाप लगाई।

इससे पूर्व गुस्ल के बाद संदलपोशी और चादरपोशी की गई। इसके बाद मजार पर हल्दी का लेपन किया गया। आस्ताने की दीवारों पर हल्दी लगे पंजों की छाप लगाई गई। रस्म होने के बाद कुल शरीफ और सलातो सलाम पढ़ा गया और देश दुनिया में अमन मिल्लत, खुशहाली की दुआ की गई। गाजी मियां की लग्न के साथ ही उनकी शादी की रस्मों की शुरुआत भी हो गई जो सवा महीने तक चलेंगी। 


दरगाह कमेटी के सचिव हाजी एजाजुद्दीन हाशमी, सदर हाजी सिराजुद्दीन हाशमी, नियाजुद्दीन हाशमी, जीशान अहमद के अनुसार फातिहा और चादर पोशी में अकीदतमंदों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। अकीदतमंदों ने गाजी मियां के दरबार में अकीदत से हल्दी लगाई और खुद भी लगवाई। 15 मई को गाजी मियां की पलंगपीढ़ी व मेदनी की रस्म अदा की जाएगी। 


बताते चले कि महमूद गजनवी के सिपहसलार सालार मसूद गाजी मियां का सलारपुरा (बड़ी बाजार) में दरगाह है। यहां प्रतिवर्ष गांजी मिया की शादी की रस्म सैकड़ों साल से होती आ रही है। जिसमें सभी मज़हब के लोगों की भारी भीड़ मजार पर जुटती है। गाजी मियां के शादी के तैयारियों में सवा महीने का लगन रखने की रवायत के बाद पलंग-पीढ़ी बहराइच स्थित दरगाह पर भेजा जाता है। जुलूस बुनकर मार्केट, काजी सादुल्लापुरा, चौकाघाट, हुकुलगंज, तिराहा, मकबूल आलम रोड, पुलिस लाइन, भोजूबीर होते हुए शिवपुर से बहराइच के लिए वाहन से रवाना होता है। गाजी मियां की शादी के मौके पर मन्नत मांगने बड़ी संख्या में लोगों का हुजुम जुटता है। माना जाता है गाज़ी मियां लोगों की बिगड़ी बनाते हैं इसलिए मन्नतें व मुराद के लिए लोगों का मजमा शादी के साथ ही हर जुमेरात व जुमा को भी उमड़ता है।

रविवार, 29 मार्च 2026

ISSRA Varanasi के Hajj Camp 2026 का हुआ शानदार आगाज़

हज कैंप में बताया गया हज क्या है और कैसे पूरा करें अरकान 





dil india live (Varanasi). ISSRA वाराणसी के बैनर तले वाराणसी सहित पूर्वान्चल के विभिन्न जिलों के हज जायरीन के लिए "स्पेशल हज ट्रेनिंग कैम्प, 2026" का बेहद शानदार आगाज़ इतवार को  हुआ। ISSRA के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां ने बताया कि हज, 2026 का मुकद्दस सफर चन्द दिनों में ही शुरू होने वाला है। इस खुशी के मौके पर इसरा (ISSRA) वाराणसी (यू०पी०) के जानिब से रखे गये पहले इतवार के "स्पेशल हज ट्रेनिंग कैम्प, 2026" का प्रोग्राम मौलाना अब्दुल हादी साहब की सरपरस्ती में बखूबी सम्पन्न हुआ। आज के इस ट्रेनिंग कैम्प में हाफिज मुबारक साहब ने बताया कि हमें चाहिए कि हम वहां पर पाक-साफ होकर अच्छी तरह गुस्ल और वुजू करके हजबैतुल्लाह के लिए रवाना हों। इसलिए जरूरी है कि गुस्ल और वुजू का सही तरीका हमें जरूर आना चाहिए। उन्होंने बताया कि गुक्ल में तीन फर्ज है- (1) कुल्ली करना, (2) नाक में पानी डालना, (३) सिर से लेकर पूरे बदन पर इस तरह पानी बहाना है कि बाल के नोक के बराबर बदन का कोई हिस्सा भिंगने से बाकी न रह जाय। वुजू के बारे में उन्होंने बताया कि वुजू में चार फर्ज है- (1) चेहरा घोना (2) सिर के बाल के जमने की जगह यानी माथे से लेकर ठुड्‌डी के नीचे तक और दायें कान की लौ से लेकर बायीं कान की लौ तक चेहरे पर पानी बहाना, (3) कोहनियों समेत दोनों हाथों को धोना। (4) चौथाई सर का मसा करना। (5) दोनों पैर टखने समेत धोना। 

इस मौके पर सदर काजी -ए-शहर बनारस मौलाना हसीन अहमद ने जायरीन को हज के अरकान बताए और हज जायरीनों को तलबियाह याद कराया। जब हज जायरीन कैम्प में लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक लब्बैक ला शरीक अ-लका-लब्बैक इन्नलहम्दा वन्नेमता लका वलमुल्क ला शरीक-अ-लक याद कर रहे थे और जब लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक की सदा कैम्प में गूंजी तो लोगों के दिल की कैफियत बदल गयी। उन्होंने बताया कि हज, नमाज, रोजा, जकात की तरह इस्लाम का एक अहम फरीजों और पांचवां रूक्न है। हज जिस्मानी व माली इबादत का मजमुआ है। उन्होंने कहा कि जब कोई मुसलमान हज का इरादा करे तो उस पर हज के मसाइल सीखना जरूरी है कि ताकि वह हज के अरकानों को सही तरीके से अदा कर सके और सफर की मेहनत व परेशानी, पैसा बेकार न जाय। 

ख़्वातीन की पर्दे में हुई अलग ट्रेनिंग 

हज्जिन औरतों की ट्रेनिंग में आई लेडीज ट्रेनर में हज्जिन सैयदा खानम, निकहत फातमा व समन खान वगैरह मौजूद थी। जिसमें लेडीज ट्रेनर सैयदा खानम ने कहा कि हज की तैयारी आप अभी से शुरू कर दे चूंकि औरतों की जिस्मान कूबत कमजोर होती है और हज एक जिस्मानी व जहनी तौर पर मुश्किल तलब अमल है। इसलिए औरतों को पहले से ही इसकी तैयारी कर लेनी चाहिए। औरतों का अपना सीला हुआ कपड़ा ही एहराम है और औरतें अपने माथे से लेकर सिर के बालों को अच्छी तरह ढक कर रखें एहराम की हालत में अजनबी मर्द के सामने बेपर्दा होना, तलबियाह जोर से पढ़ना, तवाफ इज्तिबा और रमल करना, सई में मिलैन अखिजरैन के दरम्यान दौड़ना, मर्द के हुजूम के वक्त हजे अस्वद को बोसा देना, यह सब उमूर (मना) है। हज्जिन अनम फातमा ने औरतों को हज की कुछ जरूरी दुआएँ याद करवायी तथा उन्होंने हज पर जाने के लिए कुछ जरूरी बातें बताई- 1. आप हज के दौरान पढ़ी जाने वाली दुआएँ व नियत जरूर याद कर लें। 2. रोजाना सुबह फज के बाद खूब पैदल चलने की आदत डालें ताकि वहाँ तवाफ व हज के दौरान आपको कोई तकलीफ न हो। 3. नमाजे जनाजा पढ़ने का तरीका जरूर सीख लें। 4. जमात के साथ नमाज पढ़ने का तरीका जरूर सीख लें और बीच नमाज में शामिल होने के बाद उसको पूरा करने का भी तरीका सीखें। 5. अपने शहर में उपलब्ध लिफ्ट एक्सिलेटर का इस्तेमाल करने का तरीका भी सीखें। 6. आप मोबाइल के इस्तेमाल करने का तरीका जरूर सीखें जिससे जरूरत पड़ ने पर आप अपने ग्रुप व हज कमेटी के लोगों से राब्ता कायम कर सकें जिससे आपको हज के दौरान कोई परेशानी न हो। 


इनकी रही खास मौजूदगी 

वाराणसी से मोहम्मद युनूस, शोहराब आलम, गुलाम रसूल, मोहम्मद युसूफ, मोहम्मद साजिद, हफीजुल्लाह, फिरोज अहमद, अब्दुल सलाम, मोहम्मद मुबारक गाजीपुर से मोहम्मद अमीन, खुर्शीद सिद्दीकी, मोहम्मद हनीफ चन्दौली से अब्दुल बारी, इमरान, फिरोज अहमद, वहीदुल्लाह, अब्दुल हफीज भदोही से मोहम्मद शेख शफीक, मोहम्मद निजामुद्दीन औरतों में खलीकुन्न निशा, आसमां बेगम, साजिदा बेगम, नूरजहां, आसिया खातून, निकहत सुलताना, अंजूम, रूबीना बानो, नसरीन तथा इसरा के अन्य सदस्य एवं पदाधिकारीगण मौजूद थे। इस स्पेशल हज ट्रेनिंग कैम्प की अगली कड़ी में दूसरे इतवार 05.04.2026 का प्रोग्राम इसी इसरा मुख्यालय अर्दली बाजार, वाराणसी में होगा।

Palm Sunday: खजूर की डालियों संग निकला जुलूस, संजीदगी से मनाया खजूर इतवार

विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ी दुनिया को ईसा मसीह के अंहिसा के संदेश अपनाने पर मसीही समुदाय ने दिया ज़ोर






 dil India live (Varanasi)। एक तरफ दुनिया विश्व युद्ध के मुहाने पर खड़ी है वहीं दूसरी ओर प्रभु ईसा मसीह के सलीब पर चढ़ने के पूर्व येरुसलम नगर में उनके प्रवेश और उसके पश्चात् उनकी दुख-पीड़ा और क्रूस मरण को याद करते हुए शहर के विभिन्न मसीही समुदायों ने Palam Sunday (खजूर इतवार) को भक्ति और संजीदगी के साथ मनाते हुए ईसा मसीह के अहिंसा के संदेश को अपनाने की विश्व समुदाय से अपील की। 

सुबह सेंट मेरीज़ महागिरजा से बिशप यूज़ीन की अगुवाई में खजूर की डालियो संग जुलूस निकला। जुलुस विभिन्न जगहों से होकर वापस चर्च आकर सम्पन्न हुआ। इस दौरान हुई प्रार्थना सभा में ईसाई पुरोहितों ने अपने अपने चर्चेज में इस बात पर ज़ोर देते हुए कहा कि ईसा मसीह को शांति का राज कुमार कहते हैं। उन्होंने दुनिया को भ्रष्टाचार से दूर रहने और अहिंसा के मार्ग पर चलने का जो संदेश दिया उसे अगर हम नहीं अपनाएगें तो अपना वजूद खो बैठेंगे। कलीसिया का आहवान करते हुए तेलियाबाग सीएनआई चर्च में पादरी आदित्य कुमार ने कहा कि ईसा मसीह के अंहिसा के संदेश को अपनाओ और सही राह पर चलो। इस दौरान बाइबिल पाठ संग प्रार्थना की गई। पादरी आदित्य कुमार की अगुवाई में पाम संडे पर खजूर की डालियों संग चर्च कंपाउंड में जुलूस निकाला गया। इस दौरान गिरजाघर खचाखच भरा था जहां मौजूद लोगों में खजूर का तबर्रुक बांटा गया। 

चर्च आफ बनारस में पादरी बेन जान ने सभा को सम्बोधित किया। उन्होंने कहा कि ईसा मसीह का जैसा स्वभाव था वैसे ही हम भी अपने स्वभाव को बनाए। उधर पादरी संजय दान की अगुवाई में खजूर की डालियो संग सुबह सेंट पॉल चर्च में जुलूस निकला तो लाल गिरजाघर का पाम संडे का जुलूस पादरी इक़बाल मसीह की अगुवाई में निकला जिसमें भक्त अपने हाथों में खजूर की डालिया लेकर... मेरे प्यारे यीशु जी, मुक्तिदाता यीशु जी, शांतिदाता यीशु जी, होसन्ना आल्लेलूया। जैसे गीत और ईसा मसीह की जयकार लगाते चल रहे थे। जुलूस विभिन्न जगहों से होकर लाल गिरजा पहुंचा। यहां प्रार्थना सभा में बड़ी संख्या में लोगों का हुजूम दिखाई दिया।



जुलुस विभिन्न जगहों से होकर वापस चर्च आकर सम्पन्न हुआ। प्रार्थना सभा के बाद लोगों में खजूर बांटा गया। ऐसे ही बेटलफूल गॉस्पल चर्च में पास्टर एंडू थामस की अगुवाई में प्रार्थना सभा का अयोजन किया गया। जिसमें चर्च से जुड़े तमाम लोग मौजूद थे। ऐसे ही गौदोलिया स्थित सेंट थामस चर्च, सुंदरपुर में ईसीआई चर्च, नगवां में सेंट फ्रांसिस आफ असीसी चर्च, महरौली में सेंट जांस चर्च, सेंट जांस डीएलडब्ल्यू चर्च, फातेमा माता चर्च, यीशु माता मंदिर समेत तमाम चर्च में प्रभु ईसा मसीह की स्तुति की गई। इसी के साथ अब शुक्रवार को ईसा मसीह का मरण दिवस यानी पुण्य शुक्रवार या गुड फ्राइडे मनाया जाएगा। ऐसे ही सेंट मैरीज चर्च नोएडा, लखनऊ, गाजीपुर समेत देश दुनिया में पाम संडे धूमधाम से आस्थापूर्वक मनाया गया।