बुधवार, 1 अप्रैल 2026

Basanta woman College Main राजनीति विज्ञान विभाग ,

छात्राओं में समसामयिक मुद्दों के प्रति समझ व राजनीतिक जागरूकता के लिए लगी संसद

युवा संसद लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने का सशक्त माध्यम-विश्वनाथ गोकर्ण




dil india live (Varanasi). वसंत महिला महाविद्यालय, (राजनीति विज्ञान विभाग) राजघाट में ‘युवा संसद विचार मंथन-2026’ का आयोजन बुधवार को किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, समसामयिक मुद्दों के प्रति समझ एवं राजनीतिक जागरूकता को बढ़ावा देना था। द्वीप प्रज्वलन एवं वसंत गीत शुरू हुए आयोजन में प्राचार्या प्रो. अलका सिंह अतिथियों का स्वागत किया गया एवं  छात्राओं को युवा सांसद विचार मंथन के लिए शुभकामनाएं दी गईं। प्रो. अलका सिंह ने कहा कि यह युवा सांसद नागरिकों विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक संस्कार का रोपण करेगी और उन्हें अपनी भावी भूमिका के लिए तैयार करेगी।तत्पश्चात अतिथियों का सम्मान अंगवस्त्रम एवं पौधा प्रदान कर किया गया। राजनीति विज्ञान विभाग प्रभारी प्रो. प्रीति सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए युवा संसद के इतिहास एवं उसकी महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र बोलने के अधिकार और सुनने के संस्कार के मेल से ही सुदृढ होता है। 


‘मैत्रेयी मंथन’ ई-मैगज़ीन का विमोचन

 आयोजन के दौरान ‘मैत्रेयी मंथन’ ई-मैगज़ीन के चौथे अंक का विमोचन किया गया। इस मौके पर डॉ. पुनीता पाठक द्वारा निर्णायक मंडल का परिचय कराया गया, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार विश्वनाथ गोकर्ण, डॉ किरण सिंह (एसिस्टेंट प्रोफेसर, अंग्रेजी विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ) तथा लेफ्टिनेंट डॉ. विभा सिंह (एसोसिएट प्रोफेसर, समाजशास्त्र विभाग, वसंत महिला महाविद्यालय) शामिल थीं।


इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार विश्वनाथ गोकर्ण के संबोधन के साथ सत्र का शुभारंभ हुआ। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा संसद जैसे मंच लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने और अभिव्यक्ति कौशल को विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने छात्राओं को समसामयिक विषयों पर सजग एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। जिसके पश्चात युवा संसद सत्र आयोजित किया गया।

युवा संसद में प्रमुख रूप से Middle East Crisis and Indian Responses, AI एवं ICT Governance (Digital Protection संदर्भ), US के साथ Tariff War एवं Trade Deal, नई शिक्षा नीति (NEP) का क्रियान्वयन एवं Higher Education Framework, तथा SDGs Vikshit Bharat@2047 जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। विभिन्न महाविद्यालयों के प्रतिभागियों, समृद्धि सिन्हा, माही सिंह, श्रेया साक्षी, अनुश्री दास, नीलाक्षी दुबे, खुशी शुक्ला, निष्ठा मौर्य, पूर्णिमा सेठ, सृष्टि नायक, चेतना श्री सहित अन्य छात्राओं ने प्रभावशाली ढंग से अपने विचार प्रस्तुत किए।सत्र के उपरांत किरण सिंह ने अपने अवलोकन एवं टिप्पणी  करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन एवं अभिव्यक्ति क्षमता को विकसित करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास एवं प्रस्तुति की सराहना की।

लेफ्टिनेंट डॉ. विभा सिंह ने अपने संबोधन में  युवा संसद के विषयो पर संक्षिप्त एवं सारगर्भित टिप्पणी करते हुए प्रतिभागियों के तर्कों और प्रस्तुति का विश्लेषण किया। सभी प्रतिभागियों को उनके प्रयासों के लिए सराहना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया। इसके उपरांत डॉ. मनीषा मिश्रा ने अपने वक्तव्य में सभी प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर परिश्रम एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा परिणामों की औपचारिक घोषणा की एवं धन्यवाद ज्ञापन किया। 

इन्हें मिला पुरस्कार 

घोषित परिणामों के अनुसार विपक्ष श्रेणी में तृतीय स्थान पर अग्रिमा मिश्रा (Sunbeam Women College, Varuna), द्वितीय स्थान पर खुशी सैनी (AMPG College) तथा प्रथम स्थान पर कुमारी मुस्कान (Vasanta College for Women) रहीं। वहीं सत्तापक्ष श्रेणी में तृतीय स्थान भार्गवी भट्टाचार्य (ँशके रूप में प्रतिभाग किया, एवं मंच संचालन आदिशा गोस्वामी द्वारा किया गया।

इस कार्यक्रम में आर्य महिला पीजी महाविद्यालय, वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, सनबीम विमेंस कॉलेज- वरुणा , सनबीम कॉलेज फॉर वूमेन भगवानपुर, डीएवी पीजी कॉलेज, यूपी कॉलेज एवम् वसंत महिला महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से सांसद के रूप में प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम में आयोजक मंडल के रूप में राजनीति विज्ञान विभाग के डॉ. प्रीति सिंह, डॉ. पुनीता पाठक, डॉ. मनीषा मिश्रा, डॉ. प्रतीक सिंह तथा डॉ. मुशिरा जावेद की सक्रिय सहभागिता रही। इस कार्यक्रम में रीमा, सूर्यांशी, आयुषी, नंदनी, अनुश्रेया, ऋतिका रॉय, सौम्या पांडेय, शानवी सिंह एवं कृतिका सहित अन्य छात्राओं ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया। तथा लगभग 150 छात्राओं ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया।

Varanasi में होगा 12 वां UPOA का स्पेशल कोर्स इन स्पाइन 19 अप्रैल को

डिपार्टमेंट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ बीएचयू में पंजीकरण शुरू




dil india live (Varanasi). Varanasi जिले में 12 वां उत्तर प्रदेश ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन (UPOA) स्पेशल कोर्स इन स्पाइन आगामी 19 अप्रैल को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ में आयोजित होने जा रहा है। इसके साथ ही प्रथम बीएचयू स्पाइन कैडर कोर्स 18 अप्रैल को आईएमएस बीएचयू में ही आयोजित होगा। ये दोनों कार्यक्रम राज्य और राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित फैकल्टी की उपस्थिति में रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्याओं के नवीनतम सिद्धांतों, निदान और उपचार पद्धतियों पर केन्द्रित होंगे। कार्यक्रम में ऑर्थोपेडिक सर्जन, स्पाइन विशेषज्ञ, प्रशिक्षु और स्पाइन केयर में रुचि रखने वाले अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों सहित लगभग 80-100 प्रतिभागियों के भाग लेने की उम्मीद है। 

उक्त जानकारी कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. अजीत सिंह (ऑर्थोपेडिक्स) ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसमें प्रमुख विषय, डिस्क सम्बंधित समस्याए, स्पाइनल डीजेनेरेशन (घिसावट), विकृति (डीफॉर्मिटी), संक्रमण और अन्य रीढ़ संबंधी विकार रहेंगे। कार्यक्रम में लक्षित व्याख्यान, केस प्रस्तुतियां, इंटरैक्टिव चर्चाएं और पैनल प्रश्नोत्तर होंगे। इसमें फैकल्टी, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित स्पाइन विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। कार्यक्रम में ऑर्थोपेडिक सर्जन, न्यूरो सर्जन (स्पाइन में रुचि रखने वाले), प्रशिक्षु, फिजियोथेरपिस्ट और स्पाइन केयर में सहयोगी स्वास्थ्य पेशेवर भाग ले सकेंगे। इसके लिए पंजीकरण विभाग ऑफ ऑर्थोपेडिक्स, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ में शुरू हो गया है।

मंगलवार, 31 मार्च 2026

VKM Varanasi Main ऐतिहासिक शोध विधियों पर सप्तदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला का समापन

इतिहास विभाग' व 'इतिवृत्त क्लब' के व्याख्यान में विषय विशेषज्ञों ने साझा किए विचार 




dil india live (Varanasi). Varanasi के कमच्छा स्थित वसन्त कन्या महाविद्यालय में 'इतिहास विभाग' और 'इतिवृत्त क्लब' के संयुक्त तत्वावधान में ऐतिहासिक शोध विधियों पर सप्तदिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला के समापन समारोह सत्र का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 'हिस्टोरिका संस्थान' द्वारा प्रयोजित की गयी थी। कार्यशाला में दस विषयों पर, दस अलग अलग विषय विशेषज्ञों द्वारा व्याख्यान प्रस्तुत किया गया। 

पहले दिन 23 मार्च का व्याख्यान डॉ. श्वेता सिंह (इतिहास विभाग) द्वारा ऐतिहासिक स्रोतों एवं उसके प्रकृति एवं वर्गीकरण पर व्याख्यान दिया गया तो दूसरे दिन 24 मार्च 2026 का व्याख्यान प्रोफेसर कल्पना आनंद (समाजशास्त्र विभाग) द्वारा 'थीसिस राइटिंग और रेफरेंसिंग' पर तथा डॉ. प्रिया सिंह (अर्थशास्त्र विभाग) ने 'क्वालिटेटिव एंड क्वांनिटेटिव मेथड पर व्याख्यान दिया। 25 मार्च का व्याख्यान डॉ सिमरन सेठ (समाजशास्त्र विभाग) द्वारा "तुलनात्मक, नृजातीय और पर्यावरणीय इतिहास' और डॉ. आरती चौधरी द्वारा (प्राचीन इतिहास एवं संस्कृति पुरातत्व विभाग) नया पुरातत्व' विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत किया। चौथे दिन 26 मार्च 2026 डॉ. विनीता (शिक्षाशास्त्र विभाग, एम, पी. जी. कॉलेज) सामाजिक विज्ञान अनुसंधान में साहित्यिक चोरी को समझनाः अवधारणाएँ, कारण और परिणाम' एवं डॉ. विपिन सोलंकी (भूगोल विभाग, शारदा विश्वविद्यालय, नोएडा) द्वारा 'जनसांख्यिकी, स्थानिक तकनीकें और संगणनात्मक' विषय पर व्याख्यान दिया गया। 28 मार्च 2026 को डॉ. शशिकेश कुमार गोंड (इतिहास विभाग) द्वारा' ऐतिहासिक स्रोतों और साक्ष्यों की व्याख्या एवं डॉ. आरती कुमारी (ए. आई. एच. सी.) द्वारा 'पुरातत्व और भौतिक संस्कृति' व्याख्यान प्रस्तुत किया। अन्तिम व्याख्यान 30 मार्च 2026 को डॉ. रामप्रकाश शर्मा (इतिहास विभाग, एस.पी. जैन महाविद्यालय, सासाराम, बिहार) ने 'इतिहासः पद्धतिगत बहसें और परिप्रेक्ष्य' दिया गया। 

राष्ट्रीय कार्यशाला के अंतर्गत ही एक विशेष व्याख्यान डॉ. अंजली चंद्रा (मैक्स हॉस्पिटल, दिल्ली) के तहत महिलाओं में हो रहे कैंसर के कारणों एवं उपचारों पर विस्तृत चर्चा की गई। इसी क्रम में कार्यशाला समापन समारोह सत्र का शुभारम्भ एवं इतिवृत्त क्लब की तृतीय संस्करण पत्रिका के विमोचन के साथ शुरू किया गया। महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने इस बात पर बल दिया कि आज के दौर में इस तरह की कार्यशाला का होना बच्चों में इसके प्रति जागरूकता उत्पन्न करना जरूरी अन्यथा AI से प्रभावित होकर कई बार वो गलत मार्ग अपना लेते हैं। महाविद्यालय प्रबंधिका श्रीमती उमा भट्टाचार्या ने छात्राओं तथा विभाग को बधाई देते हुए इस तरह के कार्यशालाओं एवं व्याख्यानों के आयोजन के लिए प्रोत्साहन किया। इसी क्रम में पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ. स्मृति भटनागर मैम ने इतिहास लेखन में तथ्य एवं वस्तुनिष्ठता पर बल देते हुए कहा और तथ्यों का वास्तविक निरूपण करने के लिए इतिहासकार को समकालिक अधिकाधिक साक्ष्यों, पुस्तकों एवं विचारशैलियों का ध्यान रखते हुए व्याख्या करनी चाहिए। 'द हिस्टोरिको संस्थान के संस्थापक, विष्णु कांत उपाध्याय एवं बसन्त कुमार चौबे ने कहा कि इतिहास लेखन करते समय समाज के हर तबके की भूमिका को उजागर करना आवश्यक है, तभी सही इतिहास का निरूपण किया जा सकता है। सम्पूर्ण कार्यक्रम का संचालन डॉ अनुजा त्रिपाठी, अतिथियों का स्वागत डॉ. श्वेता सिंह द्वारा कार्यशाला विवरण वाचन रणनीति राय द्वारा एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शशिकेश कुमार गोंड द्वारा किया गया। कार्यक्रम में समस्त शिक्षकगण एवं छात्राएं उपस्थित रहीं।

सोमवार, 30 मार्च 2026

Varanasi K रोटेरियन Rajesh Gupta को Lucknow में मिली क्लब प्रेसिडेंट की डिग्री

रोटरी मंडल 3120 के PELS – SELS Vision 2026 कार्यक्रम में रोटरी क्लब ब्लड डोनर राजेश गुप्ता को मिली डिग्री 



dil india live (Varanasi).  होटल हॉलिडे इन Lucknow में आयोजित रोटरी मंडल 3120 के PELS–SELS Vision 2026 कार्यक्रम में रोटरी क्लब ब्लड डोनर वाराणसी के चार्टर अध्यक्ष रोटेरियन राजेश गुप्ता को क्लब प्रेसिडेंट की डिग्री प्रदान की गई। यह डिग्री रोटरी मंडल 3120 की गवर्नर रोटेरियन पूनम गुलाटी द्वारा अपने करकमलों से प्रदान की गई, जिससे यह सम्मान और भी गौरवपूर्ण बन गया।

यह उपलब्धि उनके उत्कृष्ट नेतृत्व, सेवा भावना एवं रोटरी के प्रति समर्पण का प्रतीक है। कार्यक्रम में विभिन्न रोटरी क्लबों के पदाधिकारियों को प्रशिक्षण एवं मार्गदर्शन दिया गया, जिसमें रोटेरियन राजेश गुप्ता ने सक्रिय सहभागिता निभाई।

इस अवसर पर उन्होंने कहा कि रोटरी का मूल उद्देश्य “सेवा ही सर्वोपरि” है और वे अपने कार्यकाल में समाज सेवा, रक्तदान जागरूकता एवं जनहित के कार्यों को और अधिक सशक्त रूप से आगे बढ़ाएंगे।

रोटरी क्लब ब्लड डोनर वाराणसी के सदस्यों ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी और उनके नेतृत्व में क्लब के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

“Lead by Example” के मंत्र के साथ रोटेरियन राजेश गुप्ता निरंतर समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

Assam Assembly Election 2026 के लिए कांग्रेस ने जारी किया Observers की सूची

जालुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र के पर्यवेक्षक बने बनारस के हाजी मोहम्मद तौफीक


मोहम्मद रिजवान 

dil india live (Varanasi). जनपद वाराणसी निवासी विधानसभा उत्तरी 388 एवं कांग्रेस पार्टी के समर्पित पूर्व जिला चेयरमैन व उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश सचिव हाजी मोहम्मद तौफ़ीक़ कुरैशी को पार्टी नेतृत्व द्वारा असम विधानसभा चुनाव 2026 के लिए जालुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र का पर्यवेक्षक (Observer) नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व तथा अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी के निर्देश पर की गई है।

इस अवसर पर हाजी मोहम्मद तौफ़ीक़ कुरैशी ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी, वरिष्ठ नेता राहुल गांधी, महासचिव प्रियंका गांधी, राज्यसभा सांसद इमरान प्रतापगढ़ी, सांसद गौरव गोगोई, वरिष्ठ नेता जितेन्द्र सिंह एवं इक़बाल अहमद सहित सभी वरिष्ठ नेताओं का हृदय से आभार व्यक्त किया।

उन्होंने कहा "मुझ पर जो विश्वास जताया गया है, उसके लिए मैं सभी वरिष्ठ नेताओं का विशेष धन्यवाद करता हूँ। मैं पूरी निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ अपनी ज़िम्मेदारी निभाऊंगा तथा संगठन को मज़बूत करने में अपना पूर्ण योगदान दूंगा। "जालुकबाड़ी विधानसभा क्षेत्र असम की सबसे महत्वपूर्ण और हाई प्रोफाइल सीटों में से एक है। यह गुवाहाटी लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है और राज्य की राजनीति की दिशा तय करने में इसकी अहम भूमिका मानी जाती है। वर्तमान मुख्यमंत्री की सीट होने के कारण यहाँ का चुनाव पूरे प्रदेश में विशेष चर्चा का केंद्र रहता है।

इसी के साथ यह क्षेत्र राजनीतिक रूप से अत्यंत संवेदनशील और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है, जहाँ से चुनावी परिणाम पूरे राज्य के राजनीतिक माहौल और समीकरणों को प्रभावित करते हैं। जालुकबाड़ी में विभिन्न वर्गों और समुदायों का व्यापक प्रतिनिधित्व होने के कारण यह सीट सामाजिक संतुलन और जनमत का भी प्रतीक मानी जाती है। यही कारण है कि सभी प्रमुख राजनीतिक दल इस क्षेत्र पर विशेष ध्यान देते हैं और यहाँ की चुनावी गतिविधियाँ पूरे असम में व्यापक प्रभाव डालती हैं।



हाजी मोहम्मद तौफ़ीक़ कुरैशी की यह नियुक्ति कांग्रेस पार्टी के संगठनात्मक सुदृढ़ीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उनके अनुभव, सक्रियता और समर्पण से असम विधानसभा चुनाव 2026 में कांग्रेस पार्टी को निश्चित रूप से मजबूती मिलेगी।

Basant Kanya महाविद्यालय की पूर्व छात्रा वर्षा सिंह का PCS में चयन

उत्तर प्रदेश लोक सेवा परीक्षा में 53 वां रैंक किया हासिल, वीकेएम में मनी खुशियां



dil india live (Varanasi). 30/03/2026 दिन सोमवार को उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा 2024 PCS के अंतिम परिणामों की घोषणा की गई। जिसमें वसंत कन्या महाविद्यालय के इतिहास विभाग की पूर्व छात्रा वर्षा सिंह का अंतिम रूप से चयन हुआ है। उन्होंने उत्तर प्रदेश लोक सेवा परीक्षा (PCS) में 53 वां रैंक हासिल करते हुए कमर्शियल टैक्स ऑफिसर का पद प्राप्त किया है।
VKM Varanasi की principal डा. रचना श्रीवास्तव ने बताया कि वर्षा सिंह ने सत्र 2017-18 में महाविद्यालय से इतिहास विषय में प्रथम श्रेणी से ऑनर्स प्रतिष्ठा प्राप्त की थी। इसके पश्चात वह संपूर्ण समर्पण से लोक सेवा आयोग की परीक्षाओं की तैयारी में लग गई और आज सफल हुई। इस अवसर पर महाविद्यालय में खुशियां मनाई गई। प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने वर्षा सिंह को बधाई और शुभकामना प्रेषित करते हुए इसे महाविद्यालय के लिए गौरव का क्षण बताया है। इसके साथ ही उन्होंने छात्राओं को वर्षा से प्रेरणा लेने के लिए प्रेरित किया। इतिहास विभाग की ओर से प्रो. पूनम पांडेय, डा.स्मृति भटनागर , डॉ. शशिकेश कुमार गोंड और डॉ. श्वेता सिंह सहित शिक्षक - शिक्षकों ने भी वर्षा की सफलता पर उन्हें बधाई अर्पित किया।

UP K Varanasi Main सूफ़ी संत हजरत गाजी मियां की लगी लग्न

दरगाह पर हुई फातेहा चढ़ाई गई चादर, मांगी अमन और मिल्लत की दुआएं

आस्ताने की दीवारों पर हल्दी लगे पंजों की लगाई छाप


Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi)। UP के मज़हबी शहर Varanasi में प्रमुख सूफ़ी संत हजरत सैयद सलार मसूद गाजी मियां (Ghazi Miya) रहमतुल्लाह अलैह की शादी की सवा महीने की लगन रखने की रवायत रविवार को निभाई गई। दरगाह कमेटी के गद्दीनशीन/सेक्रेटरी हाजी एजाजुद्दीन हाशमी की अगुवाई में हल्दी की रस्म-रिवाज निभाई गई। इसमें ख़्वातीन व कमेटी के लोगों ने हल्दी से दरगाह की दरों दीवार पर पंजे की छाप लगाई।

इससे पूर्व गुस्ल के बाद संदलपोशी और चादरपोशी की गई। इसके बाद मजार पर हल्दी का लेपन किया गया। आस्ताने की दीवारों पर हल्दी लगे पंजों की छाप लगाई गई। रस्म होने के बाद कुल शरीफ और सलातो सलाम पढ़ा गया और देश दुनिया में अमन मिल्लत, खुशहाली की दुआ की गई। गाजी मियां की लग्न के साथ ही उनकी शादी की रस्मों की शुरुआत भी हो गई जो सवा महीने तक चलेंगी। 


दरगाह कमेटी के सचिव हाजी एजाजुद्दीन हाशमी, सदर हाजी सिराजुद्दीन हाशमी, नियाजुद्दीन हाशमी, जीशान अहमद के अनुसार फातिहा और चादर पोशी में अकीदतमंदों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। अकीदतमंदों ने गाजी मियां के दरबार में अकीदत से हल्दी लगाई और खुद भी लगवाई। 15 मई को गाजी मियां की पलंगपीढ़ी व मेदनी की रस्म अदा की जाएगी। 


बताते चले कि महमूद गजनवी के सिपहसलार सालार मसूद गाजी मियां का सलारपुरा (बड़ी बाजार) में दरगाह है। यहां प्रतिवर्ष गांजी मिया की शादी की रस्म सैकड़ों साल से होती आ रही है। जिसमें सभी मज़हब के लोगों की भारी भीड़ मजार पर जुटती है। गाजी मियां के शादी के तैयारियों में सवा महीने का लगन रखने की रवायत के बाद पलंग-पीढ़ी बहराइच स्थित दरगाह पर भेजा जाता है। जुलूस बुनकर मार्केट, काजी सादुल्लापुरा, चौकाघाट, हुकुलगंज, तिराहा, मकबूल आलम रोड, पुलिस लाइन, भोजूबीर होते हुए शिवपुर से बहराइच के लिए वाहन से रवाना होता है। गाजी मियां की शादी के मौके पर मन्नत मांगने बड़ी संख्या में लोगों का हुजुम जुटता है। माना जाता है गाज़ी मियां लोगों की बिगड़ी बनाते हैं इसलिए मन्नतें व मुराद के लिए लोगों का मजमा शादी के साथ ही हर जुमेरात व जुमा को भी उमड़ता है।