गुरुवार, 2 अप्रैल 2026

Education: वार्षिक उत्सव में मेधावी छात्रों को पुरस्कृत कर किया गया सम्मानित

शिक्षा हमें अंधकार से ले जाती है प्रकाश की ओर : डॉ राजीव सिंह 

बच्चों में शिक्षा, संस्कार व संस्कृति देना जरूरी: प्रमोद मौर्य


dil india live (Varanasi). वाराणसी के विकास खण्ड चिरईगांव के प्राथमिक विद्यालय ग़ौराकलां में वार्षिक उत्सव के अवसर पर मेधावी छात्र एवं छात्राओं का भव्य पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया, कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रिंसिपल आरती देवी ने व संचालन वरिष्ठ अध्यापिका रेखा उपाध्याय ने किया ।

               इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ राजीव कुमार सिंह सदस्य राज्य संदर्भ समूह (एस आर जी) ने कहा कि शिक्षा ही एक ऐसा अमल है जो हमें अच्छे व बुरे की पहचान कराती है, शिक्षा के बिना मनुष्य पशु के समान है आगे कहा कि शिक्षक की बहुत बड़ी जिम्मेदारी है कि वह बेहतर से बेहतर मिसाल पेश करें, शिक्षा हमें अंधकार से निकालकर प्रकाश की ओर ले जाती है हमारी यह कोशिश होनी चाहिए कि छात्र एवं छात्राएं शिक्षा के साथ संस्कार भी सीखें और देश का नाम रोशन करें। 




गांधी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य प्रमोद कुमार मौर्य ने           कहा कि समाज की तरक्की के लिए शिक्षा का होना जरूरी है शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए निर्धन परिवार के बच्चों पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है तथा विकसित राष्ट्र का सपना तभी साकार होगा। हमें कामयाबी परिश्रम और लगन से प्राप्त होती है ।

 ग्राम प्रधान राजेश कुमार राजीव ने कहा कि स्कूल का एनुअल फंक्शन विद्यालय का प्रतिबिंब होता है शिक्षा एक ऐसा हथियार है जिसके माध्यम से आप सब कुछ प्राप्त कर सकते हैं बच्चों में शिक्षा , संस्कार व संस्कृति देना जरूरी है।

भाजपा के पूर्व जिला संयोजक लघु उद्योग प्रकोष्ठ के रामाश्रय प्रजापति ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन से समाज में जो सरकारी स्कूल के प्रति नकारात्मकता फैली है वह दूर होगी जिससे कान्वेंट के नाम पर दुकानदारी करने वाले स्कूलों पर लगाम लगेगी ।

उर्दू बीटीसी टीचर वेल्फेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ एहतेशामुल हक़ ने कहा कि सरकार प्राथमिक शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनेकों अनेक योजनाएं चला रही है हम सभी को इस योजना का लाभ उठाने के साथ अपने बच्चों को सरकारी स्कूल में एडमिशन कराएं और अपने बच्चों का भविष्य उज्जवल बनाएं।

 प्रिंसिपल आरती देवी ने कहा कि सभी अभिभावक अपने बच्चों पर विशेष ध्यान दें, क्योंकि अधिकतर समय आपलोगों के बीच में बच्चे रहते हैं, बच्चों को चाहिए कि बड़ों का आदर एवं सम्मान करें शिक्षा जगत में दूसरों से आगे बढ़ने के लिए मेहनत करें।

वार्षिक उत्सव में बच्चों ने देशभक्ति पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर जमकर धूम मचाए ,बच्चों ने अपनी कला से उपस्थित लोगों को ताली बजाने और प्रशंसा करने को मजबूर कर दिया।

        अतिथियों ने प्रत्येक कक्षा में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त मेधावी छात्र एवं छात्राओं को स्मृति चिन्ह,अंकपत्र एवं गिफ्ट देकर सम्मानित किया गया । इसके अतिरिक्त उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को भी पुरस्कृत किया गया परीक्षा फल 30 मार्च को ही घोषित कर दिया गया था।

      इस अवसर पर एस आर जी डॉ. राजीव कुमार सिंह, ए. आर. पी. श्रीनिवास सिंह, प्रिंसिपल आरती देवी, ग्राम प्रधान राजू, प्रधानाचार्य प्रमोद मौर्य, वरिष्ठ अध्यापिका रेखा उपाध्याय, डॉ. एहतेशामुल हक़, सादिया तबस्सुम, अनीता सिंह, शशिकला, ज्योति कुमारी, शक्ति कुमारी, रीता,सोनी, आशा देवी,संजय मौर्य  इत्यादि सहित भारी संख्या में अभिभावक ने भी भाग लिया।

बुधवार, 1 अप्रैल 2026

Basanta woman College Main राजनीति विज्ञान विभाग ,

छात्राओं में समसामयिक मुद्दों के प्रति समझ व राजनीतिक जागरूकता के लिए लगी संसद

युवा संसद लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने का सशक्त माध्यम-विश्वनाथ गोकर्ण




dil india live (Varanasi). वसंत महिला महाविद्यालय, (राजनीति विज्ञान विभाग) राजघाट में ‘युवा संसद विचार मंथन-2026’ का आयोजन बुधवार को किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्राओं में लोकतांत्रिक मूल्यों, समसामयिक मुद्दों के प्रति समझ एवं राजनीतिक जागरूकता को बढ़ावा देना था। द्वीप प्रज्वलन एवं वसंत गीत शुरू हुए आयोजन में प्राचार्या प्रो. अलका सिंह अतिथियों का स्वागत किया गया एवं  छात्राओं को युवा सांसद विचार मंथन के लिए शुभकामनाएं दी गईं। प्रो. अलका सिंह ने कहा कि यह युवा सांसद नागरिकों विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक संस्कार का रोपण करेगी और उन्हें अपनी भावी भूमिका के लिए तैयार करेगी।तत्पश्चात अतिथियों का सम्मान अंगवस्त्रम एवं पौधा प्रदान कर किया गया। राजनीति विज्ञान विभाग प्रभारी प्रो. प्रीति सिंह ने कार्यक्रम की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए युवा संसद के इतिहास एवं उसकी महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि संसदीय लोकतंत्र बोलने के अधिकार और सुनने के संस्कार के मेल से ही सुदृढ होता है। 


‘मैत्रेयी मंथन’ ई-मैगज़ीन का विमोचन

 आयोजन के दौरान ‘मैत्रेयी मंथन’ ई-मैगज़ीन के चौथे अंक का विमोचन किया गया। इस मौके पर डॉ. पुनीता पाठक द्वारा निर्णायक मंडल का परिचय कराया गया, जिसमें वरिष्ठ पत्रकार विश्वनाथ गोकर्ण, डॉ किरण सिंह (एसिस्टेंट प्रोफेसर, अंग्रेजी विभाग, महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ) तथा लेफ्टिनेंट डॉ. विभा सिंह (एसोसिएट प्रोफेसर, समाजशास्त्र विभाग, वसंत महिला महाविद्यालय) शामिल थीं।


इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार विश्वनाथ गोकर्ण के संबोधन के साथ सत्र का शुभारंभ हुआ। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवा संसद जैसे मंच लोकतांत्रिक मूल्यों को समझने और अभिव्यक्ति कौशल को विकसित करने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने छात्राओं को समसामयिक विषयों पर सजग एवं जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया। जिसके पश्चात युवा संसद सत्र आयोजित किया गया।

युवा संसद में प्रमुख रूप से Middle East Crisis and Indian Responses, AI एवं ICT Governance (Digital Protection संदर्भ), US के साथ Tariff War एवं Trade Deal, नई शिक्षा नीति (NEP) का क्रियान्वयन एवं Higher Education Framework, तथा SDGs Vikshit Bharat@2047 जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई। विभिन्न महाविद्यालयों के प्रतिभागियों, समृद्धि सिन्हा, माही सिंह, श्रेया साक्षी, अनुश्री दास, नीलाक्षी दुबे, खुशी शुक्ला, निष्ठा मौर्य, पूर्णिमा सेठ, सृष्टि नायक, चेतना श्री सहित अन्य छात्राओं ने प्रभावशाली ढंग से अपने विचार प्रस्तुत किए।सत्र के उपरांत किरण सिंह ने अपने अवलोकन एवं टिप्पणी  करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन एवं अभिव्यक्ति क्षमता को विकसित करते हैं। उन्होंने प्रतिभागियों के आत्मविश्वास एवं प्रस्तुति की सराहना की।

लेफ्टिनेंट डॉ. विभा सिंह ने अपने संबोधन में  युवा संसद के विषयो पर संक्षिप्त एवं सारगर्भित टिप्पणी करते हुए प्रतिभागियों के तर्कों और प्रस्तुति का विश्लेषण किया। सभी प्रतिभागियों को उनके प्रयासों के लिए सराहना करते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने और अपने लक्ष्य की ओर दृढ़ता से अग्रसर रहने के लिए प्रेरित किया। इसके उपरांत डॉ. मनीषा मिश्रा ने अपने वक्तव्य में सभी प्रतिभागियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन की सराहना करते हुए उन्हें निरंतर परिश्रम एवं आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया तथा परिणामों की औपचारिक घोषणा की एवं धन्यवाद ज्ञापन किया। 

इन्हें मिला पुरस्कार 

घोषित परिणामों के अनुसार विपक्ष श्रेणी में तृतीय स्थान पर अग्रिमा मिश्रा (Sunbeam Women College, Varuna), द्वितीय स्थान पर खुशी सैनी (AMPG College) तथा प्रथम स्थान पर कुमारी मुस्कान (Vasanta College for Women) रहीं। वहीं सत्तापक्ष श्रेणी में तृतीय स्थान भार्गवी भट्टाचार्य (ँशके रूप में प्रतिभाग किया, एवं मंच संचालन आदिशा गोस्वामी द्वारा किया गया।

इस कार्यक्रम में आर्य महिला पीजी महाविद्यालय, वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, सनबीम विमेंस कॉलेज- वरुणा , सनबीम कॉलेज फॉर वूमेन भगवानपुर, डीएवी पीजी कॉलेज, यूपी कॉलेज एवम् वसंत महिला महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने सक्रिय रूप से सांसद के रूप में प्रतिभाग किया। इस कार्यक्रम में आयोजक मंडल के रूप में राजनीति विज्ञान विभाग के डॉ. प्रीति सिंह, डॉ. पुनीता पाठक, डॉ. मनीषा मिश्रा, डॉ. प्रतीक सिंह तथा डॉ. मुशिरा जावेद की सक्रिय सहभागिता रही। इस कार्यक्रम में रीमा, सूर्यांशी, आयुषी, नंदनी, अनुश्रेया, ऋतिका रॉय, सौम्या पांडेय, शानवी सिंह एवं कृतिका सहित अन्य छात्राओं ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया। तथा लगभग 150 छात्राओं ने सक्रिय रूप से प्रतिभाग किया।

Varanasi में होगा 12 वां UPOA का स्पेशल कोर्स इन स्पाइन 19 अप्रैल को

डिपार्टमेंट ऑफ ऑर्थोपेडिक्स, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ बीएचयू में पंजीकरण शुरू




dil india live (Varanasi). Varanasi जिले में 12 वां उत्तर प्रदेश ऑर्थोपेडिक एसोसिएशन (UPOA) स्पेशल कोर्स इन स्पाइन आगामी 19 अप्रैल को काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (BHU) के इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ में आयोजित होने जा रहा है। इसके साथ ही प्रथम बीएचयू स्पाइन कैडर कोर्स 18 अप्रैल को आईएमएस बीएचयू में ही आयोजित होगा। ये दोनों कार्यक्रम राज्य और राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित फैकल्टी की उपस्थिति में रीढ़ की हड्डी से संबंधित समस्याओं के नवीनतम सिद्धांतों, निदान और उपचार पद्धतियों पर केन्द्रित होंगे। कार्यक्रम में ऑर्थोपेडिक सर्जन, स्पाइन विशेषज्ञ, प्रशिक्षु और स्पाइन केयर में रुचि रखने वाले अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों सहित लगभग 80-100 प्रतिभागियों के भाग लेने की उम्मीद है। 

उक्त जानकारी कार्यक्रम अध्यक्ष प्रो. अजीत सिंह (ऑर्थोपेडिक्स) ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इसमें प्रमुख विषय, डिस्क सम्बंधित समस्याए, स्पाइनल डीजेनेरेशन (घिसावट), विकृति (डीफॉर्मिटी), संक्रमण और अन्य रीढ़ संबंधी विकार रहेंगे। कार्यक्रम में लक्षित व्याख्यान, केस प्रस्तुतियां, इंटरैक्टिव चर्चाएं और पैनल प्रश्नोत्तर होंगे। इसमें फैकल्टी, राज्य तथा राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित स्पाइन विशेषज्ञ भी शामिल होंगे। कार्यक्रम में ऑर्थोपेडिक सर्जन, न्यूरो सर्जन (स्पाइन में रुचि रखने वाले), प्रशिक्षु, फिजियोथेरपिस्ट और स्पाइन केयर में सहयोगी स्वास्थ्य पेशेवर भाग ले सकेंगे। इसके लिए पंजीकरण विभाग ऑफ ऑर्थोपेडिक्स, इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज़ में शुरू हो गया है।