मंगलवार, 31 दिसंबर 2024

Ek Sham Urdu Sahitya K Naam अजीमुश्शान मुशायरा व कवि सम्मेलन में जुटे लोग

शायरों को दिया गया फरोगे उर्दू अवार्ड 

सब ये कहते हैं कि उर्दू है बड़ी शीरीं ज़बान, हम यह कहते हैं इसे फिर आप पीते क्यों नहीं...
  • Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live)। अदबी तंजीम " बज़्म चिराग ए नव " वाराणसी की ओर से बजरडीहा स्थित हमीदा हाल में एक अजीमुश्शान मुशायरा व कवि सम्मेलन का आयोजन उस्ताद शायर अहमद हनीफी बनारसी की अध्यक्षता व मशहूर शायर जमजम रामनगरी के संचालन में देर रात संपन्न हुआ। इस अवसर पर शायरों व कवियों को " फ़रोगे उर्दू अवार्ड " से सम्मानित भी किया गया। मुशायरे की शुरुआत रहीमुल्लाह अंसारी ने नाते पाक से किया। अतिथियों का इस्तकबाल संस्था बज़्म चिराग ए नव वाराणसी के संरक्षक आमिर शौकी ने व धन्यवाद ज्ञापन अध्यक्ष जमाल वारसी उर्फ महतो ने किया। 

कार्यक्रम में कोने-कोने से आए मशहूर शायरों और कवियों ने अपने कलाम और गीतों से लोगों को देर रात तक बांधे रखा। इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉक्टर शाहिद मलिक असिस्टेंट प्रोफेसर बद्री विशाल डिग्री कॉलेज फर्रुखाबाद ने शिक्षा पर विशेष बल दिया और अध्यक्षीय संबोधन में उस्ताद शायर अहमद हनफी बनारसी ने दिलों को जोड़ने तथा आपसी सौहार्द की बात कही। देर रात तक चलने वाले अजीमुशान मुशायरा में भारी संख्या में लोग जमे रहे और शायरी का लुत्फ उठाते दिखाई दिए।


नाजिम ए मुशायरा ज़म ज़म रामनगरी ने कहा कि एक मुद्दत से तड़पती फिर रही है ये ज़बान, आप उसका दामन सद चाक सीते क्यों नहीं। सब यह कहते हैं कि उर्दू है बड़ी शीरीन ज़बान, हम यह कहते है कि इसे फिर आप पीते क्यों नहीं...।

सिराजुल आरिफ़ीन ने सुनाया कि, लुकम ए तर की तलब गर्दिश ए अय्याम में है, बुझते सूरज से सहर ख़ेज़ी ए तनवीर न मांग। इसके अलावा जमाल बनारसी उर्फ महतो ने कहा कि हुस्न का ध्यान कूजा गर रखना, जब भी मिट्टी को चाक पर रखना। बेहतरीन अंदाज में सुनाया।

नौशाद अमान सोज़ की शायरी पर सामइन झूम उठे कहा कि 'देखा है जिंदगी में यह मंजर कभी कभी, शीशे से टूट जाता है पत्थर कभी कभी'। के साथ आमिर शौकी ने फरमाया कि ज़ुल्मत ली ज़द में आ गये, उफ़ कैसे वह चिराग रखते थे जो हमेशा उजाला समेट कर। उनके कलाम ने खूब वाहवाही लूटी।कार्यक्रम में प्रस्तुत करने वाले रचनाकार और साहित्यकारों के नाम हैं डॉक्टर शाहिद मलिक (प्रोफेसर बद्री विशाल डिग्री कालेज फर्रुखाबाद), सिराजुल आरफीन, कुंवर सिंह कुंवर, प्रशांत सिंह, ज़म ज़म रामनगरी, सैयद इलिया गाजीपुरी, शम्स खालिद, नौशाद अमान सोज़, जमाल बनारसी, युनुस फैज़ी, सफा अमरी इत्यादि शायर ने अपनी ग़ज़लों गीतों से लोगों के दिलों पर राज किया।

इसके अतिरिक्त सामाजिक संस्था सुल्तान क्लब के अध्यक्ष डॉ एहतेशामुल हक, शमीम रियाज़, समाज सेवी परवेज़ कादिर खां, रोशन जमील, पूजा यादव, इरफान अंसारी पार्षद, पूर्व पार्षद उमेश चंद्र यादव इत्यादि भारी संख्या में शामिल थे।

Red House कबड्डी और खो-खो में रही विजेता

ब्रिलियंट ओरियंटल स्कूल में इंद्रधनुष खेल प्रतियोगिता

8 जनवरी को खेला जाएगा बैडमिंटन का फाइनल


Fatehpur (dil India live)। ब्रिलियंट ओरियंटल स्कूल में इंद्रधनुष खेल प्रतियोगिता के दौरान सोमवार को बच्चों ने कबड्डी, खो-खो, टग आफ वार, बैडमिंटन में अपने जौहर दिखाए।

खो-खो में रेड हाउस की टीम विजेता रही। टीम की कप्तान हेरा थीं। विजेता टीम में अलिबा, रिजा, हबीबा, अरमिश, नायरा, अर्शिया, आयत, अरीबा, माहे अना, आलिया शामिल रहीं।    

कबड्डी में यलो और रेड हाउस के बीच फाइनल खेला गया। इसमें यलो को हरा कर रेड हाउस विजेता रही। रेड हाउस में अब्दुल रहमान, साद फारूकी, अयान, नावेद, काशिफ, फरहान, अलशान शेख, हैदर अली आदि खिलाड़ी रहे।  

बैडमिंटन में रेड, ग्रीन, यलो , ब्लू शामिल हैं। इन टीमों का फाइनल मैच 8 जनवरी को खेला जाएगा। फाइनल में पहुंचने वाली टीमों के खिलाड़ियों में ब्लू हाउस से उजैर हुसैन, सुफियान खान, यलो हाउस से मोहम्मद अहमद, और मुबश्शिर, रेड हाउस से हैदर अली और असद, ग्रीन हाउस से अम्मार अली और हस्सान रजा शामिल रहे।

टग आफ वार में चार टीमों ने भाग लिया। इसमें रेड और ग्रीन हाउस फाइनल में पहुंची। इस गेम की अंपायर उम्मे सारा थीं। स्क्रैबल बोर्ड गेम  ग्रीन हाउस और यलो हाउस के बीच खेला गया। इसमें यलो हाउस फाइनल में जीत गया। टीम में मुबश्शिरा, आयशा, शहरीन आदि रहीं।


कबड्डी प्रतियोगिता की अंपायर सानिया मिर्जा, फरहीन नकवी, खो-खो में नेहा, बैडमिंटन में शबाहत, ताहिर हसन रहे। खेलों के आयोजन में आसफा फारूकी, अफजल, ताहिर हसन, जुलेखा, उम्मे सारा, इरम नकवी, अर्शी खान, उबैद, अरशद नूर, ताहिर हुसैन, वकील अहमद आदि शामिल रहे।

सोमवार, 30 दिसंबर 2024

मदरसे के बच्चों को किया गयानिशुल्क यूनिफॉर्म वितरण

Varanasi (dil India live). अर्दली बाजार के मदरसा खानम जान अरबिक स्कूल में मदरसा प्रबंधन समिति की ओर से कक्षा 1 से 12 तक के सभी छात्र-छात्राओं को निशुल्क यूनिफॉर्म का वितरण किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि संजय कुमार मिश्र (उपनिदेशक अल्पसंख्यक कल्याण विभाग वाराणसी मंडल) के हाथों यूनिफॉर्म वितरण किया गया। 

इस दौरान प्रबंध समिति ने कहा कि मदरसे में शिक्षा ग्रहण करने वाले सभी छात्र-छात्राओं को निशुल्क यूनिफॉर्म के साथ साथ किताब, शिक्षा, स्वास्थ्य सभी सुविधा निशुल्क प्रबंधन समिति द्वारा कराई जाती है। 


इस मदरसे में उर्दू अरबी के साथ-साथ हिंदी, अंग्रेजी, गणित, साइंस सहित सभी विषयों की शिक्षा दी जाती है। साथ ही उत्तर प्रदेश सरकार से मान्यता प्राप्त मिनी  आई टी आई कि भी कक्षा संचालित की जाती है।

समारोह की अध्यक्षता मदरसा  संस्थापक शहाबुद्दीन लोदी, संचालन नमिता श्रीवास्तव ने किया। अतिथि का स्वागत इरफाना यासमीन ने तो अतिथियों का शुक्रिया प्रधानाचार्य मौलाना सलाउद्दीन ने किया। इस मौक पर उत्तर प्रदेश कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव हसन मेहंदी कब्बन, अखलाक अहमद, हाजी जाहिद, राजेश यादव, मोहम्मद तैयब, एमिस रिज़वी, फहीम अंसारी सहित मदरसा के अध्यापक अध्यापिकाओं ने समारोह को सकुशल संपन्न कराने में करने में आम भूमिका निभाई।

MS Memorial क्रिकेट टूर्नामेंट में ग्राम बैरी की टीम चैम्पियन

लालगंज विधायक बेचई सरोज ने आयोजन को सराहा, 

प्रिंसिपल सी. खान ने पढ़ाई के साथ खेल को बताया महत्वपूर्ण 


Azamgarh (dil India live) सेंट मेरीज इंग्लिश स्कूल बरौना के प्रांगण में चार दिवसीय  एमएस मेमोरियल क्रिकेट टूर्नामेंट का समापन बेहद खूबसूरत माहौल में सम्पन्न हुआ। आयोजन में ग्राम बैरी की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए चैम्पियन बनी। इस मौके पर उपविजेता दुबरा की टीम ने भी बेहतर खेल भावना का प्रदर्शन किया। आयोजन के समापन समारोह में मुख्य अतिथि लालगंज के लोकप्रिय विधायक बेचई सरोज ने आयोजन की सराहना करते हुए कहा की इस सफल आयोजन के लिए मैं सभी खिलाड़ियों और आयोजक मंडल को बधाई देता हूं।



इस मौके पर विशिष्ट अतिथि डा. निशांत सिंह (चैयरमेन नेटबाल फेडरेशन आफ इंडिया व मेंटर एशियन यूथ नेट बाल चैम्पियनशिप, साऊथ कोरिया), अलाउद्दीन खान (भूतपूर्व सैनिक व राष्ट्रीय हाकी खिलाड़ी), ब्लाक प्रमुख सौरभ सिंह "बीनू", जिला पंचायत सदस्य अशोक राजभर, पूर्व प्रधान सीताराम यादव इत्यादि उपस्थित थे। धन्यवाद ज्ञापन संस्था के प्रधानाचार्य सी. खान ने देते हुए कहा कि बच्चों के विकास के लिए पढ़ाई के साथ ही साथ खेल भी बेहद ज़रूरी है। विद्यालय ने इसीलिए क्लासेज के साथ ही साथ एक बड़ा खेल मैदान भी बनवाया है ताकि बच्चे न सिर्फ पढ़ सकें बल्कि खेल भी सकें।




10 वें पातशाह Guru Govind singh के प्रकाश पर्व के आगमन पर निकली शोभायात्रा

“देहि शिवा वर मोहे इहे शुभ करमन ते कबहूं न टरों...” 

भव्य शोभायात्रा में शस्त्र कला का हुआ अनूठा प्रदर्शन

  • Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). सिख धर्म के दसवें पातशाह, खालसा पंथ के संस्थापक श्री गुरु गोविंद सिंह महाराज के 358वें प्रकाशोत्सव के आगमन के उपलक्ष्य में रविवार को एक विशाल शोभायात्रा-नगर कीर्तन के साथ निकाली गयी। यह यात्रा गुरुद्वारा बड़ीसंगत, नीचीबाग से आरंभ होकर शाम में वहीं पहुंच कर संपन्न हुई। इस दौरान गतका पार्टी ने विभिन्न स्थानों पर शस्त्र कला का अनूठा प्रदर्शन कर संगत को निहाल कर दिया।

इससे पहले श्री गुरु ग्रंथ साहिब की अगुवाई में दोपहर 12:30 बजे यह यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों आसभैरव, चौक, गोदौलिया, गिरजाघर चौराहा, नईसड़क, लहुराबीर, कबीरचौरा, मैदागिन से होते हुए अपने समापन स्थल गुरुद्वारा बड़ीसंगत पहुंची। श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की सवारी फूलों और बिजली के झालरों से भव्य तरीके से सजाई गई थी। शोभायात्रा में आगे आगे पंच प्यारे, कुछ घोड़ों पर और कुछ पैदल, धार्मिक गरिमा के साथ शामिल हुए। महिलाएं और पुरुष गुरुवाणी का शबद कीर्तन करते हुए शोभायात्रा की शोभा बढ़ा रहे थे।

जयपुर से आए भाई जितेंद्र सिंह की गतका पार्टी ने विभिन्न स्थानों पर शस्त्र कला का प्रदर्शन कर संगत को निहाल किया। चंडीगढ़ से आए पंजाब पाइप बैंड और स्थानीय बैंड ने भक्ति धुनें बजाईं, जिनमें “देहि शिवा वर मोहे इहे शुभ करमन ते कबहूं न टरों” की धुन प्रमुख रही। गुरु नानक इंग्लिश मीडियम स्कूल, गुरु नानक खालसा बालिका इंटर कॉलेज, और गुरु नानक स्कूल शिवपुर के विद्यार्थियों ने विशेष परिधान पहनकर शबद गायन और स्वच्छता का संदेश देते हुए सहभागिता की। काफी लोग "स्वच्छ काशी, सुंदर काशी" का बैनर लेकर यात्रा के मार्ग को झाड़ू लगाकर साफ कर रहे थे।


शोभायात्रा के मार्ग पर काशीवासियों ने पुष्प वर्षा कर श्रद्धा व्यक्त की। जगह-जगह संगत के लिए अल्पाहार और स्वागत की व्यवस्था की गई। शाम में गुरुद्वारा नीचीबाग पहुंचने पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की आरती और अरदास की गई। शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं को धन्यवाद ज्ञापित किया गया। कार्यक्रम का समापन गुरु का अटूट लंगर के साथ हुआ।






रविवार, 29 दिसंबर 2024

Khwaja Garib Nawaz के 813 वें उर्स का आगाज, बुलंद दरवाजे पर फहरा झंडा


  • Mohd Rizwan 
Ajmer (dil India live).अजमेर में ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर झंडा फहराने के साथ ही ख़्वाजा के 813 वें उर्स का आगाज हो गया। भीलवाड़ा के लाल मोहम्मद गौरी के परिवार ने ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह स्थित ऐतिहासिक बुलंद दरवाजे पर झंडे की रस्म पूरी की। झंडे की रस्म के दौरान हजारों की संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।

दरगाह के खादिम हसन हाशमी ने बताया कि सरकार गरीब नवाज की दरगाह में सदियों से झंडा चढ़ाए जाने की रस्म अदा की जा रही है। इसी के तहत आज भी बुलंद दरवाजे पर झंडा फहराया गया इसे गौरी परिवार ने पूरा किया है। उन्होंने आगे कहा, यह मन्नत का झंडा है जो लंबे समय से ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह में हर साल चढ़ाया जाता है। आज से उर्स की शुरुआत हो चुकी है। हम ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह से यही संदेश देते हैं कि चाहे वह किसी भी धर्म से क्यों न हो। हमारा यही मानना है कि वह यहां आए अपनी मुराद पूरी करे।

दरअसल, ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह पर झंडे की रस्म को भीलवाड़ा का गौरी परिवार पूरा करता है। गौरी परिवार के अनुसार, यह परंपरा काफी साल से चली आ रही है। साल 1928 से फखरुद्दीन गौरी के पीर-मुर्शिद अब्दुल सत्तार बादशाह ने झंडे की रस्म को शुरु किया था। इसके बाद 1944 से उनके दादा लाल मोहम्मद गौरी को यह जिम्मेदारी सौंपी गई। उनके निधन के बाद साल 1991 से उनके बेटे मोईनुद्दीन गौरी ने इस रस्म को निभाया। हालांकि, साल 2007 से फखरुद्दीन गौरी इस रस्म को अदा कर रहे हैं।

बताया जाता है कि वर्षों पहले जब बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ाया जाता था तो यह झंडा आस-पास के गांवों तक नजर आता था। हालांकि, वक्त के साथ आबादी बढ़ती चली गई मकानों के बनने से यह नजारा कम ही दिखाई देता है।

शनिवार, 28 दिसंबर 2024

सारनाथ में किसने मौत को लगाया गले जानिए आखिर युवती ने क्यों उठाया सख्त कदम

पुलिस पहुंची तो घर में फंदे से लटक रही थी युवती की लाश

  • Mohd Rizwan 


Varanasi (dil India live)। सारनाथ में एक युवती ने मौत को गले लगाकर अपनी जान दे दी जिससे वहां सनसनी फ़ैल गई। आखिर युवती ने क्यों उठाया यह सख्त कदम? पुलिस इस मामले के तहत में जाकर छानबीन कर रही है।

समाचार के संबंध में बताया गया है कि सारनाथ के छाहीं गांव में कमरे में फंदा लगाकर युवती ने आत्महत्या कर ली। घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बता दें कि घटना शनिवार की सुबह लगभग करीब नाै बजे की है। छाहीं गांव में सारनाथ स्थित महाबोधि इंटर कॉलेज के कर्मचारी स्वर्गीय गोपाल वाल्मीकि की पुत्री छाया (24 साल) ने अपने कमरे में पंखे पर गमछा और दुपट्टे का फंदा लगा आत्महत्या कर ली। मृतका के भाई कृष्ण वाल्मीकि ने पुलिस को बताया कि मैं अपने फुफेरे भाई सत्यम को सुबह लगभग पाैने आठ बजे बीएचयू छोड़ने गया था। उससे पहले छाया दीदी ने हम लोग के लिए नाश्ता बनाया था। साथ में नाश्ता खाया भी था। नाश्ता करने के बाद मैं और कृष्णा घर से निकल गए थे। घर पर दीदी व छोटा भाई शांतनु था।

शांतनु ने बताया कि सुबह चाय पीने के बाद दीदी ने मुझे छत पर नहाने के लिए भेज दिया और खुद बोली कि मैं नीचे वाले बाथरूम में नहाऊंगी। लगभग 15 मिनट के बाद जब मैं नीचे आया तो दीदी को पुकार लगाने लगा लेकिन वह किसी कमरे में नहीं मिली। सामने वाले कमरे में खिड़की से देखा तो दीदी फंदे से लटकी हुई थी। दरवाजे का कुंडी बाहर से बंद थी। मैं कुंडी खोलकर कमरे में गया। उसके बाद अपने भाइयों को इस घटना की सूचना दी। आखिर युवती ने आत्महत्या क्यों की यह एक रहस्य बना हुआ है जिसकी जांच में पुलिस लगी हुई है।

मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दे याद आयी उनकी उपलब्धि



Chandoli (dil India live). स्थानीय रिक्शा स्टैंड मुगलसराय चंदौली में हुई बैठक में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह को श्रद्धांजलि दी गई। बैठक में सभी दलों के नेताओं ने उनके चित्र पर माल्यार्पण कर दो मिनट मौन धारण किया। इस अवसर पर वक्ताओं ने कहा की स्वर्गीय मनमोहन सिंह के पांच फैसले बहुत महत्वपूर्ण लिए थे जो सदैव याद रखा जाएगा। शिक्षा का अधिकार कानून 2009 में, सूचना का अधिकार 2005 में, मनरेगा 2005, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून 2013 व भूमि अधिग्रहण कानून 2013। वक्ताओं ने कहा कि बहुत ही सरल व ईमानदार, कम बोलने वाले प्रधानमंत्री के रूप में सदैव वो याद किए जाएंगे।


इस अवसर पर मुख्य रूप से पूर्व जिला परिषद सदस्य अरविंद सिंह, मुगलसराय नगर पालिका अध्यक्ष सोनू किन्नर, पूर्व अध्यक्ष मुसाफिर चौहान, किसान न्याय मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेंद्र प्रसाद एडवोकेट, प्रदेश अध्यक्ष शमीम अहमद मिल्की, अकील अहमद बाबू, गुरु पुराण पटेल, तिलकधारी बिंद, मेवा लाल गुप्ता, सियाराम तिवारी, वंशलोचन सिंह, दाताराम बिंद, अंजू चौहान, बिजेंदर राम, दिलीप एडवोकेट, धर्मदेव कुशवाहा एडवोकेट, सुशील कुमार, पंकज यादव,कयामुद्दीन अंसारी, वंशलोचन, लक्ष्मण चौहान, सुरेंद्र चौरसियाआदि लोग उपस्थित थे।

Khwaja k Urs की शुरुआत आज झंडा की रस्म के साथ

अजमेर में झंडे की रस्म निभाएगा गौरी का परिवार

मोहम्मद रिजवान 
Ajmer (dil India live). अजमेर शरीफ में ख्वाजा गरीब नवाज के 813 वें सालाना उर्स के लिए 'झंडे की धार्मिक रस्म' निभाने भीलवाड़ा के लाल मोहम्मद गौरी का परिवार दो दिन से पहुंचा हुआ है। झंडे की रस्म लाल मोहम्मद गौरी के पोते फखरुद्दीन गौरी एवं सैय्यद मारूफ अहमद आज शाम निभाएंगे।

अजमेर दरगाह कमेटी के गरीब नवाज गेस्ट हाऊस में ठहरे गौरी परिवार के पास अजमेर में ही तैयार कराया गया झंडा पहुंच गया है, जिसे आज 28 दिसंबर को असर की नमाज के बाद जुलूस की शक्ल में ले जाकर दरगाह के बुलंद दरवाजे पर रोशनी से पहले चढ़ाया जाएगा। यहां 21 तोपों की सलामी भी दी जाएगी। इसी के साथ 813 वें सालाना उर्स की अनौपचारिक शुरुआत होगी।

इस दौरान दरगाह गेस्ट हाऊस से झंडे का जुलूस निकाला जाएगा। गौरी परिवार झंडे को थामे रहेगा। पुलिस बैंड की मधुर धुन तथा शाही कव्वाल का सूफियाना कलाम पेश होगा। झंडे के जुलूस में मोटे रस्सों की घेराबंदी की जाएगी ताकि झंडे को 'चूमने' के लिए उमड़ने वाले हुजूम से कोई अनहोनी न हो। इस दौरान झंडे की एक झलक पाने के लिए सड़कों, मकानों एवं होटलों की छतों तथा दरगाह परिसर में भारी भीड़ को देखते हुए दरगाह कमेटी का अमला तथा पुलिस मुस्तैद रहेगी। 

शुक्रवार, 27 दिसंबर 2024

Ex PM Manmohan Singh का जाना देश की क्षति, देश ने अनमोल सितारा खो दिया


Varanasi (dil India live). पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह के निधन से पूरा देश मर्माहत है। शोक संवेदना प्रकट करते हुए उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निवर्तमान प्रदेश सचिव फसाहत हुसैन बाबू, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव हसन मेहंदी कब्बन ने प्रेस रिलीज में कहा कि भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह विचारक और विद्वान के रूप में जाने जाते थे। उक्त नेताओं ने कहा कि1991में आर्थिक संकट के समय वित्त मंत्री के रूप में मनमोहम सिंह ने उदारीकरण की राह पर वैश्विक मंच पर नई पहचान बनाई, उनके योगदान को याद करते हुए उक्त नेताओं ने कहा कि भूमि अधिकरण कानून, वन अधिकार कानून, मनरेगा, सूचना का अधिकार, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून, ये सभी योजनाएं मनमोहन सिंह की देन है। मोहन मनमोहन सिंह के रूप में देश की बहुत बड़ी क्षति हुई है, देश ने महान अर्थशास्त्री के साथ साथ देश ने नायब अनमोल हीरा, अनमोल सितारा खो दिया l

Brilliant Oriantal School की पूर्व छात्रा रिफत जहां ने जीती जिला भाषण प्रतियोगिता

प्रभारी मंत्री अजीत सिंह व डीएम रविंद्र सिंह ने किया सम्मानित


Fatehpur (dil India live)। ब्रिलियंट ओरियंटल स्कूल की पूर्व छात्रा रिफत जहां ने भारत रत्न पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की स्वर्ण जयंती के अवसर पर गांधी सभागार में हुई भाषण प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया।  इस उपलब्धि पर स्कूल में छात्रा को सम्मानित किया गया। इस मौके पर उसने कहा कि ब्रिलियंट ओरियंटल स्कूल प्रबंधन और टीचर्स ने प्रतिभा निखारने में मदद की थी। स्कूल में शिक्षा ग्रहण करने के दौरान काफी सीखने को मिला। इसकी वजह से ही जिला स्तर पर भाषण प्रतियोगिता में पहला स्थान मिला। 

 

प्रबंधक सैयद वासिफ हुसैन ने कहा कि स्कूल में उच्च शिक्षा के साथ डिबेट, क्विज, योगा के साथ खेल गतिविधियों में फोकस किया जाता है। इसी का नतीजा है कि ब्रिलियंट के छात्र हर क्षेत्र में नाम रोशन कर रहे हैं। इसी का नतीजा है कि रिफत ने भाषण प्रतियोगिता में पहला स्थान प्राप्त किया। उन्होंने उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। 

प्रधानाचार्य वकील अहमद ने कहा कि रिफत ने जिले में अपना ही नाम नहीं स्कूल का भी नाम रोशन किया है। 25 दिसंबर को मुख्य अतिथि प्रभारी मंत्री अजीत सिंह पाल व जिलाधिकारी रविंद्र सिंह ने छात्रा रिफत जहां को दस हजार का चेक देकर सम्मानित किया। छात्रा की माता शबनम भी स्कूल में टीचर हैं। रिफत की इस उपलब्धि पर ताहिर हुसैन, सैयद ताहा, अरशद नूर , सूफिया अशफाक, नायरा नूर, ताहिर हसन, अफजल, अजहर, अबैद, आसफा, अर्शी, अर्शिया आदि ने खुशी जताई।

दुनिया के प्रमुख अर्थशास्त्री, देश के पूर्व प्रधानमंत्री Manmohan Singh का निधन

पीएम मोदी, सोनिया गांधी, राहुल, प्रियंका गांधी समेत तमाम लोगों ने शोक जताया

देश में सात दिन का राजकीय शोक 


New Delhi (dil India live)। दुनिया के प्रमुख अर्थशास्त्री देश के पूर्व प्रधानमंत्री श्री मनमोहन सिंह अब इस दुनिया में नहीं रहे, उनका निधन हो गया है। उनके निधन की खबर से देश भर में शोक की लहर दौड़ गई है। खासकर कांग्रेस पार्टी के साथ ही देश दुनिया की यह बड़ी क्षति है। इस दौरान सोनिया गांधी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, प्रियंका गांधी, राहुल गांधी, अरविंद केजरीवाल, मायावती आदि ने शोक व्यक्त किया। समाचार लिखे जाने तक शोक संवेदना व्यक्त करने का दौर जारी था। सोशल मीडिया पर यह खबर तेजी से देश दुनिया में फैल गई। इस दौरान देश में सात दिन का राजकीय शोक रहेगा। गांधी परिवार के बेहद नजदीकी रहे मनमोहन सिंह के निधन पर राहुल गांधी ने कहा कि हमने अपना मार्गदर्शक को दिया।

मनमोहन सिंह ने बदली देश की दशा-दिशा

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह ने एक अर्थशास्त्री के रूप में अपने जीवन की शुरुआत की थी.योजना आयोग से लेकर वित्त मंत्री के पद पर रहे डॉ मनमोहन सिंह ने साल 2004 से 2014 तक देश के प्रधानमंत्री रहे। रिजर्व बैंक के गवर्नर जैसे पद पर रहे डॉ मनमोहन सिंह केंद्रीय वित्त मंत्री के रूप में आर्थिक संकट से जूझते देश को नई आर्थिक नीति का उपहार दिया। प्रधानमंत्री के पद पर रहते हुए उदारवादी आर्थिक नीति को बढ़ावा दिया और देश की अर्थव्यवस्था को नई उड़ान दी।

दरअसल डॉ मनमोहन सिंह का जन्म 26 सितंबर 1932 को गाह, पंजाब, ब्रिटिश भारत (अब पंजाब, पाकिस्तान) में एक सिख परिवार में गुरमुख सिंह और अमृत कौर के घर हुआ था.जब वह बहुत छोटे थे, तब उनकी मां की मृत्यु हो गई थी. उनकी नानी ने उनका पालन-पोषण किया और वह उनसे बहुत करीब थी. साल 1947 में विभाजन के समय उनका परिवार भारत आ गया था. भारत के विभाजन के बाद, उनका परिवार हल्द्वानी में निवास करने लगा।1948 में वे अमृतसर चले गए, जहां उन्होंने हिंदू कॉलेज, अमृतसर में अध्ययन किया. उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय, फिर होशियारपुर में अर्थशास्त्र का अध्ययन किया और 1952 और 1954 में क्रमशः स्नातक और मास्टर डिग्री प्राप्त की। वो अपने शैक्षणिक जीवन में हमेशा प्रथम स्थान पर रहे। मनमोहन सिंह ने 1958 में गुरशरण कौर से शादी की. उनकी तीन बेटियां हैं, उपिंदर सिंह, दमन सिंह और अमृत सिंह.

मनमोहन सिंह ने 1957 में कैम्ब्रिज विश्वविद्यालय में अपना अर्थशास्त्र ट्रिपोस पूरा किया.वे सेंट जॉन्स कॉलेज के सदस्य थे। डी फिल. पूरा करने के बाद सिंह भारत लौट आए. वे 1957 से 1959 तक पंजाब विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र के वरिष्ठ व्याख्याता रहे। साल 1959 और 1963 के दौरान, उन्होंने पंजाब विश्वविद्यालय में अर्थशास्त्र में रीडर के रूप में काम किया और 1963 से 1965 तक वे वहाँ अर्थशास्त्र के प्रोफेसर रहे। ऑक्सफोर्ड से अर्थशास्त्र में डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने के बाद डॉ मनमोहन सिंह ने 1966-1969 के दौरान संयुक्त राष्ट्र के लिए काम किया।

मनमोहन सिंह की नई पारी

उन्होंने अपना नौकरशाही करियर तब शुरू किया जब ललित नारायण मिश्रा ने उन्हें वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में सलाहकार के रूप में नियुक्त किया।1970 और 1980 के दशक के दौरान मनमोहन सिंह ने भारत सरकार में कई प्रमुख पदों पर कार्य किया, जैसे कि मुख्य आर्थिक सलाहकार (1972-1976), रिजर्व बैंक के गवर्नर (1982-1985) और योजना आयोग के प्रमुख (1985-1987).1982 में, उन्हें तत्कालीन वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी के अधीन भारतीय रिजर्व बैंक का गवर्नर नियुक्त किया गया और 1985 तक इस पद पर रहे.1985 से 1987 तक योजना आयोग (भारत) के उपाध्यक्ष बने. योजना आयोग में अपने कार्यकाल के बाद, वे 1987 से नवंबर 1990 तक जिनेवा, स्विट्जरलैंड में मुख्यालय वाले एक स्वतंत्र आर्थिक नीति थिंक टैंक, साउथ कमीशन के महासचिव थे. मनमोहन सिंह सिंह नवंबर 1990 में जिनेवा से भारत लौट आए और चंद्रशेखर के कार्यकाल के दौरान आर्थिक मामलों पर भारत के प्रधान मंत्री के सलाहकार के रूप में पद संभाला. मार्च 1991 में, वे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के अध्यक्ष बने. साल 1991 में, जब भारत एक गंभीर आर्थिक संकट का सामना कर रहा था, नव निर्वाचित प्रधान मंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने गैर-राजनीतिक मनमोहन सिंह को वित्त मंत्री के रूप में अपने मंत्रिमंडल में शामिल किया. हालांकि ये उपाय संकट को टालने में सफल साबित हुए और वैश्विक स्तर पर सुधारवादी अर्थशास्त्री के रूप में मनमोहन सिंह की प्रतिष्ठा को बढ़ाया, जून 1991 में, तत्कालीन भारत के प्रधानमंत्री पी. वी. नरसिंह राव ने सिंह को अपना वित्त मंत्री चुना। 2004 में जब कांग्रेस के नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सत्ता में आई, तो इसकी अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अप्रत्याशित रूप से प्रधानमंत्री पद मनमोहन सिंह को सौंप कर सभी को चौका दिया।

उनके पहले मंत्रालय ने राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन, विशिष्ट पहचान प्राधिकरण, ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना और सूचना का अधिकार अधिनियम सहित कई प्रमुख कानून और परियोजनाएं क्रियान्वित कीं.अपना कार्यकाल समाप्त होने के बाद, उन्होंने 2014 के भारतीय आम चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री पद की दौड़ से बाहर होने का विकल्प चुना. मनमोहन सिंह कभी भी लोकसभा के सदस्य नहीं रहे, लेकिन उन्होंने 1991 से 2019 तक असम राज्य और 2019 से 2024 तक राजस्थान का प्रतिनिधित्व करते हुए राज्यसभा के सदस्य के रूप में कार्य किया।

गुरुवार, 26 दिसंबर 2024

Police Commissioner Varanasi मोहित अग्रवाल ने किया दालमंडी का पैदल भ्रमण

सीपी द्वारा भ्रमण कर, बाजार, सार्राफा बाजार व भीड़-भाड़ वाले क्षेत्रों में की गयी पैदल गश्त  

पर्यटकों व श्रद्धालुओं के लिए सुगम यातायात के दिये आवश्यक निर्देश

-प्रमुख मार्गों में बेतरतीव खड़े वाहनों की पार्किंग पर दी चेतावनी, कार्यवाही के निर्देश

  • सरफराज अहमद 

Varanasi (dil India live). पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा दालमण्डी क्षेत्र का भ्रमण किया गया। भ्रमण के दौरान पुलिस आयुक्त द्वारा यातायात संचालन व्यवस्था व अतिक्रमण के विरूद्ध चलाये जा रहे अभियान का निरीक्षण किया गया। वर्ष की समाप्ति/छुट्टियों के दृष्टिगत काशी में बढ़े श्रद्धालुओं/पर्यटकों के आवागमन दृष्टिगत श्री काशी विश्वनाथ मंदिर व अन्य प्रमुख मंदिर व पर्यटक स्थलों में सुगम दर्शन व भीड़ नियंत्रण हेतु आवश्यक व्यस्थाओं को किये जाने के लिए सम्बन्धित लोगों को निर्देशित किया गया। निरीक्षण के दौरान श्रीकाशी विश्वनाथ धाम क्षेत्र, दालमण्डी बाजार, सर्राफा बाजार, भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर पैदल गश्त की गयी। इस दौरान यातायात नियमों का कड़ाई से पालन कराने और अवैध पार्किंग जैसी समस्याओं पर विशेष ध्यान दिये जाने हेतु सम्बन्धित को आवश्यक दिशा-निर्देश दिये गये। इस दौरान पुलिस उपायुक्त काशी गौरव वंशवाल, सम्बन्धित सहायक पुलिस आयुक्त व थाना प्रभारी मौजूद रहें ।

Christmas मेले में मस्ती संग दिखी भक्ति

क्रिसमस मेले में दूसरे दिन भी दिखा हुजूम, बड़ा झूला न होने से बच्चे हुए मायूस 



मोहम्मद रिजवान 
Varanasi (dil india live)। सेंट मेरीज महागिरजा परिसर में इस बार भी मेला नहीं लगाया गया है। चर्च परिसर में केवल एक ही छोटी सी चरखी लगी हुई है जिस पर बच्चे मस्ती करते दिखाई दे रहे थे। हालांकि चर्च के बाहर सैकड़ों दुकानदारों ने स्टाल लगाया  है जिससे चर्च के बाहर मेला स्वतः लगा  हुआ है और उसके चलते चर्च के भीतर भी रेला लग रहा है। इस क्रिसमस मेले के चलते लोग बाहर मस्ती कर रहे हैं तो अंदर भक्ति और आराधना का दौर चलता दिखाई दिया। चर्च परिसर के बाहर लगे मेले में दूसरे दिन भी लोगों का हुजूम दिखाई दिया। हालांकि बड़ा झूला न होने से बच्चे मायूस थे। चर्च परिसर में कोई स्नो मैन के साथ तस्वीरें ले रहा था तो कोई सेंटा क्लॉज और प्रभु यीशु मसीह की चरनी के साथ सेल्फी पोज। खाने पीने के स्टाल के साथ ही कैंटोंमेंट इलाक़ा तमाम स्टालों से सजा हुआ था जहां देर रात तक लोग खरीदारी संग मस्ती करते दिखाई दिए।

पता हो कि बिशप ने कुछ साल पहले मेला न लगाने का ऐलान किया था जिसके चलते सेंट मेरीज़ महागिरजा में स्टाल नहीं लगाया गया मगर लोगों का हुजूम अब भी चर्च आने के लिए बेकरार दिखाई दे रहा है।

Khwaja Garib Nawaz के Ajmer में जुटेंगे देश दुनिया के अकीदतमंद

हज़रत ख़्वाजा गरीब नवाज का संदल संग 31 को खुलेगा जन्नती दरवाजा 

अजमेर में उर्स की तैयारियों ने पकड़ा ज़ोर, जायरीन की आमद हुई तेज


@Mohd Rizwan 

Ajmer (dil India live). अजमेर में ख्वाजा गरीब नवाज के 813 वें उर्स की तैयारियों ने जोर पकड़ लिया है। देश दुनिया से अजमेर शरीफ में अकीदतमंद उमड़ेंगे। इस बार उर्स का आगाज़ 31 दिसंबर को संदल की रस्म से होगा। रजब का चांद दिखने के बाद ख़्वाजा गरीब नवाज का सालाना उर्स शुरू होगा। इसके साथ ही 6 दिन के लिए जन्नती दरवाजा खोल दिया जाएगा और उर्स की विधिवत शुरुआत होगी, जबकि अनौपचारिक शुरुआत 28 दिसंबर को बुलंद दरवाजे पर झंडा चढ़ने से ही उर्स का ऐलान हो जाता है। इस दिन से दरगाह में जायरीन की आमद शुरू हो जाती है।

उर्स के दौरान दरगाह कमेटी, पुलिस और प्रशासन की ओर से पूरी तैयारी की जा रही है। दरगाह के खादिम कुतुबुद्दीन सखी ने बताया कि ख्वाजा साहब की मजार पर साल भर संदल चढ़ाया जाता है और यह संदल चांद की 28 तारीख को उतारने की परंपरा है। 31 दिसंबर को यह संदल जायरीन में वितरित किया जाएगा। मान्यता है कि इस संदल को पानी में मिलाकर पीने से लाइलाज बीमारियों में राहत मिलती है।

खादिम कुतुबुद्दीन सखी ने बताया कि चांद दिखने के बाद तड़के 4 बजे जन्नती दरवाजा खोला जाएगा। यह दरवाजा साल भर में चार बार खुलता है, लेकिन उर्स में यह छह दिन के लिए खोला जाता है। जन्नती दरवाजा उर्स के दौरान जायरीन के लिए खोला जाता है। इसके अलावा, ईद उल फितर, बकरीद और ख्वाजा साहब के पीर हजरत उस्मान हारूनी के उर्स के मौके पर भी यह दरवाजा खोला जाता है।

उर्स की रस्मों की शुरुआत चांद दिखने पर 1 या 2 जनवरी 2025 से होगी। जन्नती दरवाजा तड़के 4 बजे खुल जाएगा और इसके साथ ही मजार शरीफ को गुस्ल देने और महफिल की रस्में शुरू होंगी। उर्स के आखिरी दिन गरीब नवाज की छठी होगी, और इसके बाद कुल की रस्म के साथ उर्स का समापन होगा और जन्नती दरवाजा बंद कर दिया जाएगा, और फिर 9 रजब को बड़े कुल की रस्म अदा की जाएगी।

बनारस के डाक्टर गुफरान का सम्मान 

वाराणसी के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं जेड आर यू सी सी रेलवे के मेंबर डा. गुफरान जावेद अपने परिवार के साथ ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती (रह.) उर्फ सरकार गरीब नवाज की दरगाह अजमेर शरीफ पहुंचे। वहां पर उनका स्वागत दरगाहें ख्वाजा इंतजामिया कमेटी के मेंबर एहतेशाम चिश्ती सैय्यद गफ्फार काजमी साहब द्वारा किया गया। उर्स के मौके पर दूर दराज से अजमेर दरगाह पर पहुंचने वाले लोगों के लिए रेलवे से क्या क्या सुविधाओं को दिलाया जा सकता है एवं अजमेर शरीफ उर्स के मौके पर रेलवे द्वारा दी जाने वाली सुविधाओं में क्या सुधार किया जा सकता है, इस पर डाक्टर गुफरान ने कमेटी के साथ चर्चा की। दरगाहें ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती रह. पर डा गुफरान जावेद द्वारा चादर चढ़ाकर अकीदत के फूल पेश किए गए एवं मुल्क की तरक्की व मुल्क में भाइचारा बना रहने की दुआएं मांगी गई। इस दौरान उनके साथ उनकी बेगम हुमा बानों ने भी ख़्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह को चादर पेश की।

बुधवार, 25 दिसंबर 2024

देश दुनिया में एक ही गूंज Happy Christmas, Merry Christmas

चर्चेज़ में कैरोल सिंगर्स ने पेश किया गीत...तेरा हो अभिषेक अमन के राज कुमार

चर्च से लेकर कालोनियों तक में जश्न का माहौल, केक का हुआ आदान-प्रदान, एक दूसरे को चूमकर किया क्रिसमस सेलिब्रेट 








Varanasi(dil India live)। प्रभु यीशु मूसीह के जन्म का ग्लोबल पर्व "क्रिसमस" आस्था और उमंग के साथ बुधवार को देश दुनिया में मनाया गया। इस दौरान आराधना संग जश्न और उल्लास में समूचा मसीही समुदाय डूबा नज़र आया। लोगों ने गिरजाघरों में अमन के राजकुमार प्रभु ईसा मसीह की जहां आराधना की वहीं चर्चेज़ में अमन, एकता और सौहार्द के लिए प्रार्थना की गई। क्रिसमस मेले में लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था तो मसीही घरों व कालोनियों में जश्न का माहौल दिखा। इस दौरान चर्चेज में क्रिसमस गीत, तेरा हो अभिषेक अमन के राजकुमार, आज हमारे दिल में जन्म ले हे प्रभु यीशु महान..,फिज़ा में गूंज रहा था। दुनिया भर के चर्च और गिरजाघर मुक्तिदाता ईसा मसीह के जन्म के गीत से गुंजायमान हो रहे थे। यूं तो ईसा जन्म की विशेष आराधना मध्य रात्रि में ही शुरु गई थी, मगर बड़े दिन की पहली सुबह ईसा मसीह को मानने वालों ने आराधना करके जहां अपनी आस्था प्रकट की वहीं देश आपदाओं, बुराईयों का खात्मा, आतंकवाद, गरीबी से मुक्ति के साथ ही अमन, शांति और सौहार्द के लिए दुआएं मांगी गई। 

सुबह से ही शुरू हुई आराधना


धर्म कि नगरी वाराणसी में सबसे पहले कैंट स्थित सेंट मेरीज कैथड्रल (महागिरजा) में ईसा मसीह की आराधना सुबह 8.30 बजे हिन्दी व 9.30 बजे अंग्रेजी में हुई। एक-एक घंटे की इस आराधना में बाइबिल का पाठ, ईसा जन्म का मकसद बताया गया। प्रार्थना सभा में पल्ली पुरोहित फादर अगस्टिन, फादर थामस सी. सिस्टर जमीला, सिस्टर ज्योति, सिस्टर ट्रीसा, सिस्टर मोनिका, सिस्टर रानी मारिया, सिस्टर मंजू, सिस्टर अंजू समेत चर्च में काफी लोग मौजूद थे।


क्रिसमस डे सर्विस के तहत तेलियाबाग चर्च में पादरी आदित्य कुमार की अगुवाई में प्रार्थना सभा का आयोजन किया गया। पादरी ने कहा कि हमें बुराईयोें व पापो से मुक्ति दिलाने जग के राजकुमार एक बालक के रूप में इस दुनिया में आये। आज उन्हीं की वजह से हम सभी उस अमन के राजकुमार की जयंती मना रहे हैं। हम प्रार्थना करे कि देश में अच्छे और विकास के काम हो, हमारा देश, हमारा मुल्क और हमारी कलीसिया शांति और तरक्की के रास्ते पर हो। इस पर लोगों ने एक स्वर से कहा, आमीन..। तत्पश्चात् क्रिसमस गीत फिज़ा में गूंज उठे..उठो आंखे खोलो मन फिराओ, मुक्तिदाता के दर्शन जो चाहो, व ..चलो जल्दी करो वैरी निंदिया न सोओ, कहीं तारा ओझल न हो जाये..। प्रार्थना सभा के बाद यहां लोगों ने एक दूसरे को केक खिला कर क्रिसमस सेलीब्रेट किया। सेंट पॉल चर्च सिगरा में पादरी सैम जोशुआ सिंह ने विशेष आराधना करायी। इस मौके पर पूरे चर्च से अमन, मिल्लत और सौहार्द की सदाएं कैरोल सिंगिंग के दौरान गूंजती रही। पादरी ने कहा कि हमें आज वचन लेना होगा कि हम पूरे साल बुराईयों से बचे और अच्छाईयों के साथ अपना रिश्ता जोड़े। तभी सच्चे अर्थो में हम क्रिसमस का लुत्फ उठा पायेंगे। क्यों कि क्रिसमस हमारे उद्धार का दिन है।

मुगलसराय चर्च में पादरी संजय दान की अगुवाई में क्रिसमस मिलन व विशेष आराधना सभा का आयोजन किया गया तो लाल चर्च में पादरी इकबाल मसीह ने सबसे पहले आराधना कराई उसके बाद बधाईयों का दौर शुरू हो गया। क्रिसमस मिलन में लोगों ने एक दूसरे को गले लगाया व चुम्मन का आदान प्रदान कर क्रिसमस की बधाइयां दी। यहां अनूप दयाल, सौरभ, विजय दयाल, नील कमल चरण, शबनम, किरन, सुशील बेनजामिन, श्वेता, ज्योत्सना, डेविड, अभय, अभिषेक, रोमा आदि सैकड़ों लोगों ने एक दूसरे में केक का आदान-प्रदान किया।

सेंट थामस चर्च गौदोलिया में पादरी न्यूटन स्टीवंस, चर्च ऑफ बनारस में पास्टर बेन जॉन, सेंट बेटलफुल गॉस्पल चर्च में पास्टर एंड्रू थामस, ईसीआई चर्च में पास्टर नवीन ज्वाय, पास्टर दशरथ पवार, सेंट जांस महरौली चर्च में फादर सुसाई राज, सेंट जांस लेढूपुर चर्च में फादर हैनरी, वाराणसी मिशन चैरिटेबल ट्रस्ट के प्रेयर हाउस में पास्टर लालकुमा, विजेता प्रेयर मिनिस्ट्रीज में पास्टर अजय कुमार, पास्टर एसपी सिंह ने आराधना कराते प्रभु ईसा मसीह के रास्ते पर चलने की लोगों को हिदायत दी। यहां सिस्टर रेाज़ी, विशाल राय, पास्टर कैनथ चतरी, सिस्टर नीरजा आदि मौजूद थीं। 

इस दौरान विभिन्न चर्चेज़ में आराधना के बाद लोग मस्ती करते दिखाई दिये। कही यीशु जन्म की झांकी दिखी तो कहीं लोग सेल्फी लेकर मस्ती करते दिखे। चर्च ऑफ बनारस छावनी में ईसा मसीह जन्मोत्सव पादरी बेनजॉन की अगुवाई में धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान प्रार्थना और आराधना के साथ ही यीशु जन्म पर आधारित ड्रामा व पंजाबी भांगड़े के साथ ही वेस्टर्न डांस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के बाद लोगों ने एक दूसरों से गले मिलकर क्रिसमस की बधाईयां दी। आयोजन का आनलाईन भी प्रसारण किया गया। कार्यक्रम में धन्यवाद ज्ञापन बेन जॉन व सू जॉन ने दिया। यहां बी एन जॉन ने प्रभु यीशु के जन्म पर विशेष प्रकाश डाल कर लोगो को प्रभु के आगमन के बारे में बताया तथा प्रेम और शांति का संदेश दिया। इस मौके पर ऋषिका, मेरी ,प्रिया, वर्षा, रेचल, विनीता, खुशी, मनीषा, यश, डेनियल दीपक, आयुष ,जे जे, राजकुमार, राहुल इत्यादि ने कैरोल गीत गाए। कोमल, खुशबू, जॉय, प्रॉक्सिमा, आन्या, अन्नू, अशर इत्यादि बच्चो ने प्रभु यीशु के जन्म उत्सव पर नाटक प्रस्तुत किया। कार्यक्रम के अंत में चर्च पास्टर बेन जॉन ने आभार प्रकट करते हुए क्रिसमस की ढेर सारी शुभकामनाएं दी गई। उधर बाल विद्यालय में क्रिसमस सेलिब्रेशन धूमधाम से मनाया गया। आयोजन में शिक्षक शिक्षिकाओं और बच्चों ने सेंटा क्लॉज संग खूब मस्ती की और एक दूसरे को क्रिसमस की बधाई दी।


VKM Varanasi news : साहित्य और सिनेमा में केवल प्रस्तुति और प्रभाव का अंतर

"साहित्य व सिनेमा: अतः संबंध और रूपांतरण" विषय पर प्रो. संजीव का व्याख्यान Varanasi (dil India live). वसन्त कन्या महाविद्यालय कमच्...