निजीकरण एवं मजदूर विरोधी चार नये श्रम कानूनों के विरोध में एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल
Sarfaraz Ahmad
dil india live (Varanasi). वाराणासी में 12फरवरी2026 को विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति उ0प्र0 के बैनर तले आज बनारस के हजारों बिजलीकर्मियों ने इलेक्ट्रीसिटी अमेंडमेंट बिल 2026,बिजली के निजीकरण एवं मजदूर विरोधी चार नये श्रम कानूनों के विरोध में एक दिवसीय देशव्यापी हड़ताल के समर्थन में भिखारीपुर स्थित प्रबन्ध निदेशक कार्यालय पर सांकेतिक धरना प्रदर्शन किया।
वक्ताओ ने बताया कि यदि बिजली वितरण में निजी कंपनियां शामिल होती हैं, तो तारणियों (subsidies) और जीवनोपयोगी दरों में कमी आ सकती है, जिससे गरीब और ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिजली महंगी हो सकती है जबकि अब तक बड़े औद्योगिक/व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर उच्च टैरिफ लगा कर छोटे घरेलू उपयोगकर्ताओं को सस्ती बिजली दी जाती थी। अगर यह क्रॉस-सब्सिडी खत्म हुई तो यह व्यवस्था टूट सकती है और घरेलू दरों पर दबाव पड़ेगा।
वक्ताओ ने बताया कि निजी कंपनियों का लक्ष्य लाभ कमाना होगा, जिससे ग्रामीण/कम लाभ वाले क्षेत्रों में सेवा पर ध्यान कम रहेगा साथ वर्तमान में स्मार्ट मीटर लगने से किसी भी तकनीकी खराबी आने पर जन्माष्ठमी जैसे महत्वपूर्ण पर्व की तरह ही पूर्व वर्ष की तरह अचानक कभी भी कट जाएगी और उपभोक्ता दर दर की ठोकरे खाने को मजबूर होंगे।
वक्ताओ ने बताया कि अगर नई वितरण लाइसेंस निजी कंपनियों को दी जाती हैं, तो राज्य/केंद्र सरकार के स्वामित्व वाली कंपनियों की भूमिका कम हो सकती है, जिससे कर्मचारियों की सेवाएँ, वेतन और भरण-पोषण पर नकारात्मक असर हो सकता है साथ ही बड़े पैमाने पर निजीकरण की व्यवस्था रोजगार को असुरक्षित कर सकता है और कर्मचारियों की स्थिति कमजोर कर सकता है।
वक्ताओ ने बताया कि नये श्रम कानून लागू होने से पुराने नियमों में जो 100 से ज़्यादा कर्मचारियों वाली कंपनियों को किसी भी छंटनी (layoff/ retrenchment) या बंद करने से पहले प्रशासन से अनुमति लेनी होती थी वो नए कोड लागू होने इसे 300 कर्मचारियों तक बढ़ा देते हैं, मतलब अब ≤299 कर्मचारियों वाले बहुत से कामगारों को बिना किसी सरकारी अनुमति के नौकरी से निकाला जा सकता है। यह नौकरी सुरक्षा को कमजोर करेगा। इससे सबसे बड़ा डर यह है कि कंपनियाँ अपने मनमाने फैसलों से बिना किसी रोक-टोक के कर्मचारियों की सेवा समाप्त कर सकती हैं, जिससे कामगारों पर अस्थिरता का दबाव बढ़ सकता है। बनारस के किसान मोर्चा संगठन के पदाधिकारी अफ़लातून, चौधरी राजेन्द्र एवं दीक्षा छात्र संघ से ध्रुव और बिगुल मज़दूर दस्ता से लता अपने साथ अपने सदस्यों को लेकर बिजलीकर्मियों के विरोध सभा को समर्थन करते हुये इलेक्ट्रीसिटी अमेंडमेंट बिल 2026, श्रम कांनूनो के बदलाव एवं निजीकरण का घोर विरोध किया।
सभा की अध्यक्षता ई. मायाशंकर तिवारी एवं संचालन अंकुर पाण्डेय ने किया। सभा को सर्वश्री ई. अवधेश मिश्रा, ई. विजय सिंह, ई. अभिषेक मौर्य, रविन्द्र यादव, रामकुमार झा, विजय नारायण हिटलर, कृष्णा सिंह, सतीश बिंद, दीपक गुप्ता, उदयभान दुबे, जेपीएन सिंह, पंकज यादव, चंदन कुमार,आदि ने संबोधित किया।



































