रविवार, 6 सितंबर 2026

Sport News Varanasi Uttar Pradesh:मलखंभ की प्रदेशीय टीम में Gramya Vidhya peeth Inter College के छात्र Aditya का चयन

आदित्य झांसी में दिखाएंगे दम, लोग कर रहे हैं जीत की कामनाएं 

dil india live 

Varanasi (वाराणसी)। ग्राम विद्यापीठ इंटर कॉलेज पिंडरा वाराणसी के होनहार छात्र आदित्य का चयन मलखंभ की प्रदेशीय टीम में हुआ है। वह आगामी प्रदेशीय मलखंभ प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन करेंगे।

विद्यालय के शारीरिक शिक्षा प्रवक्ता डॉ. आशीष कुमार सिंह ने बताया कि आदित्य ने अपनी कड़ी मेहनत, उत्कृष्ट तकनीक और निरंतर अभ्यास के बल पर प्रदेश की टीम में अपनी जगह पक्की की है। 

झांसी में होगी प्रतियोगिता 

इस वर्ष की प्रदेशीय मलखंभ प्रतियोगिता ऐतिहासिक नगरी झांसी में आयोजित होने जा रही है, जहां राज्य भर के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इसमें आदित्य भी अपना दमखम का प्रदर्शन करेगा। आदित्य के चयन पर विद्यालय के प्रबंधन, प्रधानाचार्य और समस्त शिक्षक स्टाफ ने बधाई दी है। आदित्य की इस सफलता से पूरे पिंडरा क्षेत्र में जहां हर्ष का माहौल है, वहीं लोग यह कामनाएं भी कर रहे हैं कि आदित्य झांसी में विजय पताका फहराकर वाराणसी लौटें।

Saharanpur Masjid ध्वस्तीकरण असंवैधानिक, जाएंगे शीर्ष अदालत-imran Masood

बोलें इमरान मसूद कलेक्ट्रेट का निर्माण ही याकूब खां की दी हुई जमीन पर हुआ फिर मस्जिद अवैध कैसे?
सहारनपुर मस्जिद ध्वस्तीकरण समाचार फोटो 6 September 2026


dil india live 

Saharanpur (सहारनपुर)। सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद के ध्वस्तीकरण का सांसद इमरान मसूद ने जोरदार विरोध किया है। उन्होंने इस कार्रवाई को असंवैधानिक करार दिया है। अपने आवास पर पत्रकारों से वार्ता करते हुए उन्होंने कहा कि यह जमीन आज भी याकूब खां और वहीद खां के नाम है। कलेक्ट्रेट परिसर पूरा ही याकूब खां और वहीद खां के नाम पर थी। फिर मस्जिद अवैध कैसे? मस्जिद पहले थी और कलेक्ट्रेट बाद में बनी। उस समय जमींदारी होती थी और बिना बैनामे के ही कलेक्ट्रेट बन गई। उस समय ना तो उन्होंने कोई मुआवजा लिया और ना ही दान किया। तो ऐसे में मस्जिद को तोड़ना तो दूर की बात है पहले सरकार यह साबित करे कि जमीन उनकी है। अदालत से जो आदेश हुए हैं उनके मुताबिक मस्जिद पक्ष को बड़ी अदालत में अपील करने के लिए समय था लेकिन बिना किसी नोटिस के मस्जिद को ध्वस्त कर दिया गया।यह कार्रवाई आगामी 2027 चुनाव को फोकस करके की गई है लेकिन हम भाईचारा खराब नहीं होने देंगे। कानूनी रूप से लड़ाई लड़ेंगे। सांसद बोले कि हमने अदालत में डॉक्यूमेंट लगाए थे लेकिन मस्जिद पक्ष के डॉक्यूमेंट को नजर अंदाज किया गया।

सौहार्द को खराब नहीं होने देंगे

सांसद इमरान मसूद ने कहा कि जो भी किया गया है उसके पीछे भाईचारे को ठेस पहुंचाने की साजिश है लेकिन हम आपसी भाईचारा खराब नहीं होने देंगे। हम इस मामले में कानूनी लड़ाई लड़ेंगे। हाईकोर्ट में हमारे वकील पहुंच गए हैं। हम इस लड़ाई को लड़ेंगे और सुप्रीम कोर्ट तक जाएंगे। यह सरकार का फंडा है, लोगों के बीच खाई खोदने का प्रयास किया गया है ताकि लोग बुनियादी मुद्दे भूल जाएं।

देश के संविधान को रौंदा जा रहा

धर्मस्थलों को गिराने का जो काम हो रहा है वह बहुत गलत है। हमारे अधिकारों पर बुल्डोजर चलाया जा रहा है, देश के संविधान को रौंदा जा रहा है। जो लोग शहर में अमन शांति चाहते हैं वो इस कार्रवाई से खुश नहीं होंगे। हाल ही में हाईकोर्ट ने एक ऐसे ही मामले में मुआवजा देने के आदेश दिए हैं जो नजीर बन गया है।

हमारे लिए यह काला दिन - इमरान मसूद

सांसद ने कहा कि प्रशासन संविधान के अनुरूप काम नहीं कर रहा है। यह दिन हमारे लिए काला दिन है। यह कार्य पूरी तरह से कानून को रौंदने वाला है। हमारी मस्जिद शहीद हुई है हमें तकलीफ है। शीर्ष अदालत में हम इस मामले को उठाएंगे।

जनता से संयम की अपील

इमरान मसूद ने जनता से शांत रहने की अपील की। कहा - यह मामला कानूनी है इसे हम कानूनी तरीके से लड़ेंगे। हाईकोर्ट जाएंगे और फिर सुप्रीम कोर्ट जाएंगे। यह लड़ाई लाठी-डंडे से नहीं, कलम से लड़ी जाएगी। हमारी मांग है कि जो मस्जिद तोड़ी गई है उसके मुआवजे की मांग के साथ हम शीर्ष अदालत में जाएंगे।

वाराणसी की खबर: ISSRA द्वारा हज 2027 स्पेशल कैंप सम्पन्न, मिला फ्री मेडिकल फॉर्म

ये भी पढ़ें: हज 2027: वाराणसी में 6 सितंबर को विशेष हज कैंप, मिलेगा फ्री मेडिकल फॉर्म

और पढ़ें: Teachers Pass, AI Fail: न्यूयॉर्क में 6 लाख बच्चों पर AI बैन

ISSRA Varanasi का Special Hajj कैंप में उमड़े जायरीन

कैंप में हज पर जाने वाले जायरीन को मिला निःशुल्क मेडिकल फॉर्म

ISSRA Varanasi का Special Hajj कैंप September 2026
इसरा के हज कैंप में निःशुल्क मेडिकल स्क्रीनिंग फार्म लेने जुटे लोग 


dil india live 

Varanasi (वाराणसी)। इंडियन सोसाइटी फॉर सोशल रिवॉल्यूशन एंड एक्शन (ISSRA) मुख्यालय उल्फत बीबी का हाता, अर्दली बाजार, वाराणसी में आज 06.09.2026 को स्पेशल हज कैंप मौलाना हसीन हबीबी अहमद हबीबी की सदारत में सम्पन्न हुआ।

कैंप में हज 2027 के लिए आरजी तौर पर चुने गये हज जायरीन के लिए निःशुल्क मेडिकल स्क्रीनिंग एवं फिटनेस प्रोफार्मा का वितरण किया गया साथ ही उन्हें आभा आईडी जनरेट करने की मुकम्मल जानकारी दी गई एवं हज से मुताल्लिक शुरूआती जानकारी भी दी गई। हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा दिनांक 01.09.2026 को जारी सर्कुलर नं.-10 जारी किया गया है जिसके बारे में कैंप में आएं हुए लोगों को पूरी जानकारी दी गई।


इन जिलों के जायरीन रहे मौजूद
इस मौके पर वाराणसी से मो. अशफाक, तसलीम, नुरूल होदा, मोहम्मद हबीब, मंसूर, परवेज, हमीदुर्रहान, इकबाल अहमद, मिर्जापुर से जुनैद अहमद, परवेज आलम, गाजीपुर से शमसुद्दीन नदीम, जौनपुर से मो. शकील, मोहम्मद रशीद, एकबाल अहमद, शम्स परवेज, गाजीपुर से शमसुद्दीन, मुर्सलीम, देवरिया से मकसूद, मुहम्मद तालीम, चंदौली से मेराज आलम, अब्दुल माजिद, सुलतान अहमद, फुरकान, सुहैल खान, भदोही से आफताब अहमद, सलीम मौजूद रहे।

ख़्वातीन की हुई पर्दे में अलग ट्रेनिंग 

औरतों में लेडीज ट्रेनर सबीका खान, निकहत फातमा और सनम खान के द्वारा औरतों को पर्दे के एहतेमाम के साथ निःशुल्क मेडिकल स्क्रीनिंग एवं फिटनेस प्रोफार्मा जहां वितरित किया गया वहीं दूसरी ओर उन्हें हज यात्रा की तमाम जरूरी जानकारियां दी। इस मौके पर आसिया खातून, खलीफुन निशा, सलीम आरा, शबाना आजमी, मुमताज, जाहिरा, रन्नो, किसमत जहां, शबनम तथा इसरा के पदाधिकारीगण तथा सदस्यगण मौजूद थे।

कार्यक्रम की निजामत इसरा के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां ने करते हुए हैं क्या है इस पर बारीकी से रौशनी डाली तो इसरा के अध्यक्ष शाहरुख खान ने लोगों का आभार व्यक्त किया।

ये भी पढ़ें: हज 2027: वाराणसी में 6 सितंबर को विशेष हज कैंप, मिलेगा फ्री मेडिकल फॉर्म

और पढ़ें: Teachers Pass, AI Fail: न्यूयॉर्क में 6 लाख बच्चों पर AI बैन

ये भी पढ़ें: जागरूक समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण - उमा भट्टाचार्य

Navya bhumihar Club kashi mahila Sangathaon द्वारा हरितालिका तीज महोत्सव धूमधाम से मनाया गया

हरितालिका तीज नारी शक्ति, अटूट प्रेम और समर्पण का प्रतीक-अनुपमा राय


dil india live 

Varanasi (वाराणसी)। नव्या भूमिहार क्लब काशी महिला संगठन द्वारा हरितालिका तीज का भव्य कार्यक्रम बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। यह कार्यक्रम ककरमत्ता स्थित होटल ली लोटस ग्रैंड में आयोजित किया गया, जिसमें 150 से अधिक महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान शिव-पार्वती के पूजन एवं दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। सभागार को तीज की पारंपरिक सजावट से सजाया गया था।

इस अवसर पर संगठन की संस्थापक अनुपमा राय ने कहा कि हरितालिका तीज नारी शक्ति, अटूट प्रेम और समर्पण का प्रतीक है। महिलाओं को अपने व्यस्त जीवन में से कुछ समय अपने लिए निकालकर ऐसे सशक्त मंच पर आना चाहिए और सामाजिक रूप से सक्रिय होना चाहिए।

कार्यक्रम का कुशल संचालन वैशाली, रीना राय, परी राय, स्वामी रश्मि, ऋतु राय और अर्पिता राय ने संयुक्त रूप से किया। समारोह में पधारे सभी अतिथियों का भव्य स्वागत प्रीति राय, मधुलिका राय, नीतू सिंह और अंजलि तिवारी सौम्या राय द्वारा किया गया।


इनकी रही खास मौजूदगी 
इस अवसर पर अर्चना सिंह, समिता सिंह, अनीता राय, मंजू सिंह, माया राय, प्राची राय, वंदना राय, प्रीति सिंह, सीमा सिंह, प्रियंका राय, वर्षा राय, मीना राय, अर्चना राय, रूपम सिंह, अनीता सहित संगठन की 150 महिलाएं उपस्थित रहीं। 

तस्वीरों में देखिए पूरा आयोजन...







और पढ़ें: वाराणसी की अन्य खबरें

और पढ़ें: Teachers Pass, AI Fail: न्यूयॉर्क में 6 लाख बच्चों पर AI बैन

ये भी पढ़ें: जागरूक समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण - उमा भट्टाचार्य

ये भी पढ़ें: हज 2027: वाराणसी में 6 सितंबर को विशेष हज कैंप, मिलेगा फ्री मेडिकल फॉर्म

शनिवार, 5 सितंबर 2026

Hajj 2027 Varanasi Uttar Pradesh: पूर्वांचल के हज जायरीन के लिए 6 सितंबर को लगेगा खास कैम्प

कैंप में होगा सर्कुलर नं.10, मेडिकल स्क्रीनिंग एवं फिटनेस प्रोफार्मा का निःशुल्क वितरण


dil india live (Varanasi). इंडियन सोसाइटी फॉर सोशल रिवॉल्यूशन एंड एक्शन (ISSRA) द्वारा हज 2027 के लिए आरजी तौर पर चुने गए हज जायरीन के लिए एक विशेष हज कैम्प का आयोजन किया जा रहा है। इसरा के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां ने बताया कि इस बार से मेडिकल स्क्रीनिंग एवं फिटनेस सरकारी अस्पतालों में ही कराया जाना मान्य है। इसलिए इसकी पूरी जानकारी देने के मकसद से यह कैंप बेहद अहम है 

संस्था के अध्यक्ष मोहम्मद शाहरुख ने बताया कि हज कमेटी ऑफ इंडिया द्वारा हज 2027 के लिए  01.09.2026 को सर्कुलर नं.-10 एवं मेडिकल स्क्रीनिंग एवं फिटनेस प्रोफार्मा जारी कर दिया गया है। इस प्रोफार्मा के निःशुल्क वितरण के लिए यह विशेष कैम्प लगाया जा रहा है।

इस कैम्प में हज 2027 के लिए चयनित जायरीन को निःशुल्क मेडिकल स्क्रीनिंग एवं फिटनेस प्रोफार्मा का वितरण, आभा आई०डी० एवं हज से सम्बंधित आवश्यक जानकारी दी जाएगी।

कार्यक्रम का विवरण:
दिनांक : 06.09.2026, रविवार
समय : सुबह 10.30 बजे से सायंकाल 4.00 बजे तक
स्थान : इसरा (ISSRA) मुख्यालय उल्फत बीबी का हाता, अर्दली बाजार, वाराणसी
मीडिया का समय : दोपहर 12.00 बजे

ये भी पढ़ें: जागरूक समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण - उमा भट्टाचार्य

Haj 2027 Varanasi Camp, Haj Committee of India Circular No 10, Free Medical Form Varanasi, Ardali Bazar Haj Camp 6 September

और पढ़ें: Teachers Pass, AI Fail: न्यूयॉर्क में 6 लाख बच्चों पर AI बैन

Teacher's day celebration VKM kamacha Varanasi September 2026: हर्षोल्लास एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मना टीचर्स डे

जागरूक समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण-उमा भट्टाचार्य
5 सितंबर 2026 पूर्व राष्ट्रपति डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन जयंती Teacher's day celebration


dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी (VKM kamacha Varanasi) में 5 सितंबर 2026 को शिक्षाविद् व भारत के पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती (शिक्षक दिवस) हर्षोल्लास एवं गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। समारोह को संबोधित करते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने सभी शिक्षकों को शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दी तथा विद्यार्थियों द्वारा आयोजित इस भावपूर्ण कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने कहा कि शिक्षण केवल एक व्यवसाय नहीं, बल्कि एक महान उत्तरदायित्व है, जिसके माध्यम से व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के भविष्य का निर्माण होता है। उन्होंने विद्यार्थियों को निरंतर सीखने के लिए प्रेरित करते हुए अनुशासन, करुणा, ज्ञान एवं सत्यनिष्ठा जैसे मूल्यों को अपने जीवन में आत्मसात करने का संदेश दिया। 

महाविद्यालय की प्रबंधक उमा भट्टाचार्य ने भी इस अवसर पर सभी शिक्षकों के समर्पण और योगदान की सराहना करते हुए कहा कि युवा पीढ़ी के व्यक्तित्व निर्माण तथा एक उत्तरदायी एवं जागरूक समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। तत्पश्चात डॉक्टर शांत चटर्जी अध्यक्ष संस्कृत विभाग ने अपने उद्बोधन में राधाकृष्णन के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि शिक्षकों के ज्ञान का संरक्षण जब शिष्य में होता है तो शिष्य भी गुरुवत् प्रकाश का पुंज बन जाता है और इसी प्रकार ज्ञान का संचार एक से दूसरी पीढ़ी में होता रहता है। आज तकनीकी युग में शिक्षकों की भूमिका और महत्वपूर्ण हो जाती है क्योंकि वे अपने अनुभवों से भी युवा पीढ़ी को ज्ञान -समृद्ध  करते हैं।इस अवसर पर बैंक आफ  बड़ौदा की ओर से  बैंक के शाखा प्रबंधक अभिनव रवि ने महाविद्यालय के सभी शिक्षकों को सम्मानित किया। 

teacher day celebration VKM kamacha Varanasi2026

कार्यक्रम में छात्राओं द्वारा शिक्षकों के सम्मान एवं अभिनंदन में विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं, जिनमें शास्त्रीय नृत्य, काव्य-पाठ, संगीत तथा अन्य कलात्मक प्रस्तुतियां प्रमुख थीं। समारोह का विशेष आकर्षण महाविद्यालय की वे शिक्षिकाएं रहीं, जो स्वयं इस महाविद्यालय की पूर्व छात्राएं हैं। उन्होंने शास्त्रीय नृत्य, काव्य-पाठ एवं अन्य सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपनी कलात्मक प्रतिभा का प्रदर्शन किया। उनकी प्रस्तुतियों ने महाविद्यालय की गौरवशाली परंपरा और वर्तमान के बीच एक सुंदर एवं आत्मीय सेतु का निर्माण किया।विद्यार्थियों ने अपने वक्तव्यों, कविताओं, संगीत एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से शिक्षकों के प्रति अपनी कृतज्ञता, सम्मान एवं स्नेह व्यक्त किया। इन प्रस्तुतियों में विद्यार्थियों की रचनात्मकता के साथ-साथ अपने शिक्षकों के प्रति उनके गहरे सम्मान की भावपूर्ण अभिव्यक्ति देखने को मिली।यह कार्यक्रम महाविद्यालय की छात्राओं द्वारा छात्र सलाहकार एवं अनुशासन समिति के सक्रिय सहयोग एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।

और पढ़ें: Teachers Pass, AI Fail: न्यूयॉर्क में 6 लाख बच्चों पर AI बैन

शुक्रवार, 4 सितंबर 2026

Happy Teachers day: Teachers Pass, AI Fail, New York के मेयर के इस बड़े फैसले पर दुनिया भर की निगाहें

गुरु के सामने AI भरोसे के काबिल नहीं, New York में लगा बैन तो दुनिया भर में बेचैनी
New york city school Al news 4 September 2026


dil india live (New York). 
जब पूरी दुनिया AI को गले लगा रही है, तब अमेरिका के दिल न्यूयॉर्क ने एक ऐसा ऐतिहासिक फैसला लिया है जिसने सारी दुनिया की निगाहें अपनी ओर खींची है। इस फैसले ने पूरी दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या वाकई AI भरोसे के लायक है या नहीं। इस बड़े फैसले से पूरी दुनिया में बेचैनी है।
न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने एक ऐतिहासिक और अमेरिका में अब तक का सबसे बड़ा फैसला सुनाकर न सिर्फ अमेरिका बल्कि पूरी दुनिया के शिक्षण संस्थानों को एक तरह से होशियार किया है। फैसले के तहत न्यूयॉर्क सिटी पब्लिक स्कूलों में AI को बैन कर यह सिद्ध किया गया है कि बच्चों को पढ़ाने और समझाने के मामले में Teachers ज्यादा कारगर हैं, AI इस मामले में Fail हो गया और Teachers को उन्होंने Pass कर दिया। Teachers day के पहले आए इस फैसले से 
भारत में Teachers का कंधा फक्र से ऊंचा कर दिया है। ऐसा लग रहा है कि इस डिजिटल दौर में दुनिया ने Teachers को इस फैसले के जरिए Teachers day wish किया हो।

यहां जानिए क्या है फैसला 

फैसले के तहत क्लास 8वीं तक के लगभग 6 लाख बच्चों के लिए अगले एक साल तक AI का इस्तेमाल पूरी तरह बंद रहेगा। क्लास में चल रहे करीब 40 AI एजुकेशन टूल्स को तुरंत हटा दिया गया है।

मेयर ने क्यों कहा -Teachers Pass, AI Fail?

मेयर ममदानी ने साफ कहा - “बच्चों को सीखने और बढ़ने के लिए टीचर और मानवीय जुड़ाव की जरूरत है। टेक कंपनियां हमें बताना चाहती हैं कि AI से शुरुआती शिक्षा जरूरी है, हम ऐसा नहीं मानते।” उन्होंने कहा कि बच्चों को अपने साथियों के साथ कौशल विकसित करने, शिक्षकों के साथ रिश्ते बनाने और कठिन सवालों से खुद जूझने की जरूरत है, जो AI कभी नहीं सिखा सकता।

यहां जानिए इस फैसले की खास व बड़ी बातें

- यह बैन 6 लाख छात्रों पर लागू, अमेरिका का सबसे बड़ा प्रतिबंध
- हाई स्कूल में कुछ अप्रूव्ड टूल्स की अनुमति रहेगी
- टीचर्स लेसन प्लानिंग के लिए AI इस्तेमाल कर सकेंगे
- विकलांग छात्रों के लिए असिस्टिव टेक्नोलॉजी में छूट मिल सकती है।

Al news 4 September new  york city school 2026


बहरहाल डिजिटल दौर में इंसानियत को चुनने वाले इस फैसले पर अब लॉस एंजिल्स समेत कई शहर में भी विचार हो रहे हैं। सवाल एक ही है - क्या AI बच्चों का भविष्य है या टीचर ही असली गुरु हैं? इस पर पूरी दुनिया की निगाहें न्यूयॉर्क पर टिकी हैं। दुनिया भर के शिक्षण संस्थान इस फैसले की समीक्षा अपने अपने तरीके से कर रहे हैं अब देखना यह है कि इस फैसले का असर क्या अपने देश भारत में भी सक्रिय होगा या नहीं। यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा मगर इस फैसले ने सभी का ध्यान New York की ओर खींचा जरुर है। 

ये भी पढ़ें: जागरूक समाज के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण - उमा भट्टाचार्य