मंगलवार, 25 अगस्त 2026

Health news Varanasi Uttar Pradesh 24 August 2026: VKM Varanasi में सर्वाइकल कैंसर अवेयरनेस प्रोग्राम

अगर जल्दी पता चल जाए तो सर्वाइकल कैंसर को रोका ही नहीं ठीक भी किया जा सकता है-डॉ. श्वेता चौरसिया

सर्वाइकल कैंसर जागरूकता ही पहला वैक्सीन


Health news,Varanasi 24 August, 2026



dil india live (Varanasi). भारत विकास परिषद ने (NSS यूनिट: 014A) वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी के साथ मिलकर कॉलेज कैंपस में 24 अगस्त 2026 को सर्वाइकल कैंसर पर एक अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित किया। इस प्रोग्राम का मकसद युवा लड़कियों और महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के कारणों, लक्षणों, बचाव और जल्दी पता लगाने के बारे में बताना था, जो भारत में महिलाओं में सबसे आम लेकिन रोके जा सकने वाले कैंसर में से एक है।

प्रोग्राम के चीफ गेस्ट और  स्पीकर  डॉ.  श्वेता चौरसिया, MBBS, MD (गायनेकोलॉजिस्ट) और डायरेक्टर, PMC हॉस्पिटल, रवींद्रपुरी, वाराणसी थीं। 
कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत के बाद डॉ. चौरसिया ने बताया कि रिप्रोडक्टिव हेल्थ के बारे में जानकारी की कमी और इस पर बात करने में झिझक, देर से पता चलना मुख्य कारण हैं। उन्होंने इनके बारे में विस्तार से बताया-

- ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) इन्फेक्शन की मुख्य वजह के तौर पर भूमिका
- 9-26 साल की लड़कियों के लिए HPV वैक्सीनेशन का महत्व
- रेगुलर पैप स्मीयर स्क्रीनिंग और शुरुआती चेक-अप की ज़रूरत
- बचाव में साफ़-सफ़ाई, हेल्दी लाइफ स्टाइल और सुरक्षित तरीकों की भूमिका

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि "अगर जल्दी पता चल जाए तो सर्वाइकल कैंसर को रोका जा सकता है और ठीक किया जा सकता है। जागरूकता ही पहला वैक्सीन है।"

इस प्रोग्राम की अध्यक्षता वसंत कन्या महाविद्यालय की प्रिंसिपल ने की और इसमें भारत विकास परिषद के सदस्य, NSS प्रोग्राम ऑफिसर, फैकल्टी सदस्य और बड़ी संख्या में NSS वॉलंटियर और छात्र शामिल हुए।



एक इंटरैक्टिव सवाल-जवाब सेशन भी हुआ जहाँ छात्रों ने महिलाओं की हेल्थ से जुड़े अपने शक और गलतफहमियों को दूर किया। ऑर्गनाइज़र ने डॉ. श्वेता चौरसिया को उनके कीमती गाइडेंस के लिए धन्यवाद दिया। प्रोग्राम NSS यूनिट के धन्यवाद प्रस्ताव और कम्युनिटी में महिलाओं की हेल्थ के बारे में जागरूकता फैलाने के वादे के साथ खत्म हुआ।

सोमवार, 24 अगस्त 2026

cultural News Varanasi Uttar Pradesh 24 August 2026: Tameer Foundation का एक शाम स्वतंत्रता सेनानियों के नाम Mushayra

मुशायरों से आजादी के आंदोलन में पैदा की जाती थी जागरूकता और राष्ट्रीय चेतना- इतिहासकार डा. आरिफ

जिसकी क़ुर्बानी से आज़ाद हुआ अपना वतन, आज उस क़ौम को ग़द्दार कहा जाता है...समय ग़ाज़ीपुरी





dil india live (Varanasi). साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था तामीर फ़ाउंडेशन के तत्वावधान में आज़ादी के 80 वें जश्न के अवसर पर भेलूपुर स्थित ब्राइट एजुकेशनल क्लासेज़ में मुशायरा “एक शाम मुजाहिदीन-ए-आज़ादी के नाम।” का आयोजन किया गया। 

मुशायरे की अध्यक्षता मशहूर शायर आलम बनारसी ने किया तो चंदौली डायट के उर्दू लेक्चरर डॉ. अज़हर सईद ने अपने शानदार निजामत कर लोगों को देर तक बांधे रखा। मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों में डॉ. मुहम्मद आरिफ़, अतीक़ अंसारी, प्रो. शम्स अज़ीज़, हाजी इश्तियाक़ अहमद और राजनीतिक हस्ती अतहर जमाल लारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम के आरंभ में तामीर फ़ाउंडेशन के सक्रिय पदाधिकारियों अफ़शा रोमानी, डॉ. अज़हर सईद, शफ़ाअत अली और क़सीमुद्दीन क़सीम ने अतिथियों तथा शायरों का गुलपोशी और शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। मुशायरे का आगाज़ रसूल-ए-अकरम की नात से नातख़्वां ओवैस चंदौलवी ने किया।

मुख्य अतिथि डॉ. मुहम्मद आरिफ़ ने मुशायरे की परंपरा को स्वतंत्रता आंदोलन की सांस्कृतिक चेतना से जोड़ते हुए कहा कि मुशायरा केवल कविता सुनने-सुनाने की महफ़िल नहीं रहा है। अंग्रेज़ी शासन के दौर में जब सार्वजनिक सभाओं और प्रदर्शनों पर अनेक प्रकार की पाबंदियां थीं, तब शायरी और साहित्यिक बैठकों के माध्यम से लोगों में जागरूकता और राष्ट्रीय चेतना पैदा की जाती थी। उन्होंने कहा कि आज़ादी किसी सहज उपलब्धि का नाम नहीं, बल्कि अनगिनत त्याग और कुर्बानियों का परिणाम है। इसलिए उसकी रक्षा करना भी हम सबकी साझा ज़िम्मेदारी है। स्वतंत्रता आंदोलन में मुसलमानों की भागीदारी और कुर्बानियों को भी इतिहास के उसी निष्पक्ष और व्यापक संदर्भ में याद किया जाना चाहिए, जिसमें देश के दूसरे स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान दर्ज है।

अतहर जमाल लारी ने कहा कि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के वास्तविक इतिहास से परिचित कराना आज पहले से कहीं अधिक आवश्यक है। इतिहास की सार्थकता तभी बनी रहती है, जब उसमें हर समुदाय, वर्ग और व्यक्ति के योगदान को न्यायपूर्ण ढंग से स्थान मिले।


मुशायरे में अध्यक्षता कर रहे आलम बनारसी ने पढ़ा—

नफ़रतों की हरारतें कब तक,

एक न एक दिन बुख़ार निकलेगा।

ज़मज़म रामनगरी ने सुनाया,

लहद में मां की तरह मुझको भींच लेती है,

हमारा रिश्ता अज़ल से है इस ज़मीन के साथ।

ज़िया अहसनी ने पढ़ा कि,

जो उस्वा-ए-यूसुफ़ पे रहा करते हैं क़ायम

वो क़ैद-ए-ज़ुलेख़ा की शिकायत नहीं करते।

डॉ. शाद मशरिक़ी ने पढ़ा,

मिल तो जाएंगे जानने वाले

दूसरा शाद ला न पाओगे।

समर ग़ाज़ीपुरी ने सुनाया,

जिसकी क़ुर्बानी से आज़ाद हुआ अपना वतन,

आज उस क़ौम को ग़द्दार कहा जाता है।

रोशन अहमद रोशन ने कहा,

है कितना अरज़ां ये ख़ून-ए-इंसाँ का,

कि क़त्ल-ओ-ग़ारत गली-गली है।

अज़फ़र बनारसी ने कहा,

दिखावा हम नहीं करते वतनपरस्ती का,

वतनपरस्त हथेली पे जान रखते हैं।

निज़ाम बनारसी ने कहा कि,

झंडा वतन का मर के भी झुकने नहीं दिया,

बिस्मिल्लाह का ये हमीद का हिंदुस्तान है।

शारिक़ फूलपुरी ने कहा—

चराग़ हमने जलाए हैं आदमियत के,

ये अँधेरों से न देखा गया तो क्या होगा।

अबू शहमा का स्वर था—

कोई कह दे ज़रा जा के अग़यार से,

थक के बैठा नहीं हूँ अभी हार के।

जबकि अब्दुर्रहमान नूरी ने पढ़ा,

आज हम बैठ के बस इश्क़ की बातें कर लें,

ये सियासत, ये नज़रियात अभी रहने दें।


इन शायरों के अतिरिक्त डॉ. बख़्तियार नवाज़, आशिक़ बनारसी, अनिल प्रोक़्ता, आकाश मिश्रा, रेशमा खातून, शफ़ाअत अली, ज़ाहिद अल्फ़ाज़ और क़सीमुद्दीन क़सीम ने भी अपना कलाम प्रस्तुत किया, जिसे मौजूद लोगों ने पूरे दिल से न सिर्फ सुना बल्कि पसंद भी किया और सराहा भी।

मुशायरे में शहर के साहित्यप्रेमी और गणमान्य नागरिक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। डॉ.एहतेशामुल हक़, शमीम रियाज़, मोहम्मद शाहिद, आगा निहाल, इश्तियाक़ अहमद, अब्दुल्लाह बिन ग़फ़्फ़ार, शकील पंजाबी और अहमद इक़बाल आदि मौजूद थे।

इस अवसर पर मेज़बान उस्ताद-ए-शोअरा मुस्लिम अल-हरीरी के पौत्र इफ़्तिख़ार ने शुक्रिया अदा करते हुए अपने बुज़ुर्ग की पुस्तक इस्लामनामा से ‘तूफ़ान-ए-नूह’ के कुछ अंश भी सुनाए। अंत में तामीर फ़ाउंडेशन की उपाध्यक्ष अफ़शा रोमानी ने मुशायरे की सफलता के लिए सभी मेहमानों, शायरों का आभार व्यक्त किया।

1501 वां Eid miladunnabi 26 August 2026: beniya Bagh mai होगी तकरीर, जुटेंगे उलेमा

मरकजी दावते इस्लामी जुलूस-ए मोहम्मदी कमेटी का निकलेगा अमन और मिल्लत का जुलूस

रेवड़ी तालाब से बेनियाबाग तक उमड़ेगा हुजूम
1501 वां Eid miladunnabi Varanasi 26 August 26


dil india live (Varanasi). वाराणसी में मरकजी दावते इस्लामी जुलूस-ए मोहम्मदी कमेटी का जुलूस अमन और मिल्लत का जुलूस होगा। इस जुलूस में जगह जगह दूसरे मजहब के लोग भी जुलूस का स्वागत और अभिनन्दन करते दिखेंगे। दिल इंडिया लाइव के संपादक अमन से खास बातचीत में जुलूस के सुप्रिमो मौलाना हसीन अहमद हबीबी व इसरा के सेक्रेटरी हाजी फारुख खां कहा कि 26 अगस्त 2026 को सरकारे मदीना हज़रत मुहम्मद रसूल अल्लाह का 1501 वां जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर शहर में यूं तो बहुत जुलूस निकालेंगे मगर बनारस का मरकजी दावते इस्लामी जुलूस-ए मोहम्मदी कमेटी का जुलूस नबी की अमन, मिल्लत और भाईचारगी की दावत देने निकलेगा। हमारे नबी दुनिया में आएं तो अरब की सरजमीं पर बुराइयों का साम्राज्य था जिसे उन्होंने अपने अहिंसा और अमन के रास्ते पर चल कर खत्म किया। यह जुलूस भी सभी से नेकी, मिल्लत, अहिंसा और अमन के रास्ते पर चलने की गुजारिश करता है।जुलूस 12 रबीउल-अव्वल, 26 अगस्त 2026, بروز बुध, सुबह 06:30 बजे नगीना मस्जिद के पास अज़हरी मैदान, रेवड़ी तालाब से उठेगा।जुलूस अपने कदीमी रास्तों से गुजरता हुआ बेनिया बाग (फुटबॉल ग्राउंड) मैदान में संपन्न होगा जहां तकरीर व दुआएं होगी।

इस जुलूस की खास बातें

इस जश्न में खुसूसी तौर पर तशरीफ़ ला रहे हैं - खलीफा-ए-शहज़ादा-ए-गौसुल आज़म, खतीबे यूरोप व एशिया हज़रत अल्लामा सैयद कौसर रब्बानी किबला (मुम्बई) और शहज़ादा-ए-आला हज़रत हज़रत अल्लामा मुफ्ती मोहम्मद इमरान रज़ा खां कादरी बरेलवी (बरेली शरीफ)। जलसे में सदर की हैसियत से मुफ्ती अब्दुल हादी खां हबीबी और मौलाना हसीन अहमद हबीबी मौजूद रहेंगे।

जुलूस कमेटी की खास अपील

 मरकज़ी दावत-ए-इस्लामी जुलूसे मोहम्मदी कमेटी, बनारस ने सभी आशिकाने रसूल से गुज़ारिश की है कि अपने-अपने मोहल्लों और इलाकों से जुलूसे पाक उठा कर हाथों में सब्ज़ परचम लिये हुए बेनिया बाग पहुंच कर ईद मिलादुन्नबी के फैज़ान से माला माल हों। जुलूस में D.J. का इस्तेमाल सख्त मना है। सिर्फ लाउड स्पीकर का इस्तेमाल करें।


फातिहा ख्वानी बराए इसाले सवाब

मरहूम अल्हाज अबू ज़फर कुरैशी व मगफूर (साबिक नायब सेक्रेटरी, जुलूसे मोहम्मदी कमेटी की इसाले सवाब के लिए बेनियाबाग में फातेहा रखा गया है।




रविवार, 23 अगस्त 2026

Plantation news Varanasi 23 August 2026: Rotary club kashi or Airport authority of India ने मिलकर लगाएं 51 पौधे

पर्यावरण अमूल्य है, इसका संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी-पुनीत गुप्ता 

रोटरी क्लब काशी के प्रयास की हुई सराहना
Plantation news, Varanasi, August 2026


dil india live (Varanasi). वाराणसी में 23 अगस्त को रोटरी क्लब काशी एवं एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परिसर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पर्यावरण के प्रति अपने योगदान अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता, सीआईएसएफ के सहायक कमांडेंट संजीव सिंह रौतेला, अकासा एयर के राहुल सिंह, मुकुल कुमार भारद्वाज एवं रोटेरियन पीडिजी संजय अग्रवाल के नेतृत्व में 51 पौधे रोपे गए।

Plantation news, Varanasi August 2026


इस अवसर पर मुख्य अतिथि पुनीत गुप्ता ने कहा कि पर्यावरण अमूल्य है, इसका संरक्षण हम सबकी जिम्मेवारी है, इसके लिए रोटरी क्लब काशी का प्रयास बहुत सराहनीय है। कार्यक्रम में रोटरी क्लब काशी के वरिष्ठ रोटेरियन पीडीजी संजय अग्रवाल, पूनम अग्रवाल, अध्यक्ष राजन जायसवाल, सचिव सुभाष सिंह, संयोजक माजिद खान सहित रोटेरियन आर. एस. जायसवाल, श्याम जी रस्तोगी, आशुतोष चौबे, अजय खरे, डॉ. राजीव दूबे, दीपक गुप्ता, आर. के. गाबा, सुधीर जरीवाला, सुयश पाठक एवं अन्य रोटेरियंस उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सभी रोटेरियंस ने अपने-अपने नाम से एक-एक पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण एवं धरती को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अध्यक्ष राजन जायसवाल और सचिव सुभाष सिंह ने अतिथियों का  अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया।

Kazi-E-Shahar Banaras Maulana Jamil Ahmed qadri ka ऐलान: रवायतों संग निकलेगा ईद मिलाद-उन-नबी का जुलूस

जुलूस में न बजाएं डीजे, दुनिया को दिखाएं इस्लाम अमन पसंद व सादगी भरा मज़हब-शहर काजी

dil india live (Varanasi). 9 रबीउन्नूर शरीफ (1448 हिजरी) 23 August 2026 इतवार को बाद नमाज़ ए ज़ोहर काज़ी-ए-शहर मौलाना जमील अहमद क़ादरी की सदारत में मर्कज़ी दारुल कज़ा अश्फाक नगर में 12 रबीउन्नूर के जुलूस के संबंध में एक बैठक का आयोजन किया गया। जिसकी सरपरस्ती हाजी अब्दुल अज़ीम ने फरमाई। बैठक में कसीर तादाद में उलमा ए केराम, अइम्मा ए मसाजिद व मुअज़्ज़िज़ीन शरीक हुए और मुफीद मश्वरों से नवाज़ा। 

बैठक में यह निर्णय लिया गया कि हर साल कि तरह इस साल भी जुलूस ए मुहम्मदी अपनी पुरानी रिवायात के मुताबिक़ सुन्नी जमइय्यतुल उलमा रेवड़ी तालाब बनारस के ज़ेरे एहतेमाम काज़ी-ए-शहर मौलाना जमील अहमद क़ादरी की कयादत में बतारीख़ 26 अगस्त 2026 ईसवी बरोज़ बुध बाद नमाज़ ए फज्र 6.30 पर अज़हरी मैदान रेवड़ी तालाब मैदान से निकलेगा। 

इन रास्तों से गुजरेगा जुलूस 

जुलूस अपने पुराने रास्तों भेलुपूर, गौरीगंज, रवींद्रपूरी, शिवाला, सोनारपुरा, पाण्डेय हवेली, मदनपुरा, गोदौलिया, ज्ञानवापी, चौक, बुलानाला, मैदागिन, कबीरचौरा, पियरी, नई सड़क, गिरजाघर होता हुआ वापस अज़हरी मैदान रेवड़ी तालाब में काज़ी-ए-शहर की दुआ पर खत्म होगा।


इन बातों पर दें खास तवज्जो 
जुलूस में अदब व एहतराम और शाइस्तगी के साथ दुरूद ए पाक व नात ए पाक पढ़ते हुए चलें। जुलूस में गाड़ियां कम से कम लाएं और तेज़ आवाज़ वाले माइक और डीजे वगैरह का इस्तेमाल हरगिज़ ना करें। हम अपने अमल से सभी को यह बताएं कि इस्लाम अमन पसंद व सादगी भरा मज़हब है। झंडा इस्लामी लें और यह ख्याल करें कि गैर मुल्की न हो। गैर ज़रूरी नारों से परहेज़ करें। झंडे में लोहे, स्टील वगैरह के पाईप का इस्तेमाल ना करें। खाने पीने की चीजें एहतेयात से तक़सीम करें, फेंक कर ना बांटें, हाथों में दें।
Kazi-E-Shahar, Banaras, Maulana Jamil Ahmed qadri


Eid miladunnabi news 23 August 2026: ईद मिलाद-उन-नबी के जश्न को अब यह गए गिनती के दिन

रोशनी से जगमगाएंगी मस्जिदें और घर, सज गया सजावटी सामानों का बाजार


dil india live (Varanasi). ईद मिलाद-उन-नबी के जश्न को अब गिनती के दिन रह गये हैं, पूर्वांचल भर में सजावट का काम शुरू हो गया है। वाराणसी, जौनपुर आजमगढ़, मऊ, गाजीपुर, चंदौली, मिर्ज़ापुर, भदोही, गोरखपुर, श्रावस्ती, सोनभद्र, देवरिया आदि जिले में सजावट का काम शुरू हो गया है। रोशनी से मुस्लिम इलाकों की मस्जिदें नबी की पैदाइश की पूर्व संध्या 11 रबीउल अव्वल को जगमगा उठेंगी। नूर नबी बुक डिपो के रेयाज अहमद नूर बताते हैं कि पूर्वांचल भर में मुम्बई वाया बनारस से ही सजावटी सामान सप्लाई होता है। 

आकर्षित कर रहे स्टाइलिश झंडे, झालर व बैज 

सजावटी सामानों का बाजार वाराणसी में सज गया है। मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में तैयारियां तेज हो गई हैं। अर्दली बाज़ार, पक्की बाजार, नई सड़क, दालमंडी, बड़ी बाजार, पीली कोठी, लोहता, मदनपुरा, पड़ाव और रामनगर समेत विभिन्न इलाकों में सजावट और धार्मिक सामग्री की दुकानें सज गई हैं। बाजारों में स्टाइलिश झंडे, झालर, बैज और अन्य सजावटी सामान लोगों को आकर्षित कर रहे हैं।

ईद मिलाद-उन-नबी को लेकर मस्जिदों में भी विशेष तैयारियां की जा रही हैं। मस्जिदों को विद्युत झालरों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया जा रहा है। पर्व के अवसर पर मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में भी आकर्षक विद्युत सजावट की जाएगी जिससे पूरा इलाका रोशनी से जगमगाता नजर आएगा।

ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर दालमंडी क्षेत्र में देर रात तक जुलूस के भ्रमण की तैयारियां भी की जा रही हैं। पर्व को लेकर लोगों में खासा उत्साह है और बाजारों में खरीदारी का सिलसिला शुरू हो गया है। मुश्ताक अहमद ने बताया कि खास बात यह है कि इस बार झंडे, बैज, बिल्ले और सजावट के अन्य सामानों के दामों में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। दुकानदारों के मुताबिक, ग्राहकों की सुविधा को देखते हुए सामान सामान्य कीमतों पर ही उपलब्ध कराया जा रहा है। पर्व को लेकर बाजारों में धीरे-धीरे रौनक बढ़ने लगी है। हालांकि दालमंडी चौड़ीकरण के चलते हुए ध्वस्तीकरण से इंतजामिया अंजुमनों के सामने तमाम तरह की चुनौतियां हैं। आसपास की गलियों में मलवा, गंदगी, सीवर जाम आदि के बीच इतना बड़ा पर्व कैसे मनाया जाए। इससे इतर सरफराज अहमद कहते हैं कि नबी का जश्न है वो खुद इंतजाम करना लेंगे। 

शनिवार, 22 अगस्त 2026

BLW Cultural News Varanasi Uttar Pradesh 22 August 2026: बरेका संस्थान ने मनाया सावन महोत्सव, महिलाओं ने उत्साह से मनाया सावन का उल्लास

पिंकी त्रिपाठी बनी 'मिस सावन'

श्रेष्ठ बैलेंस में रंजू यादव तथा म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता रही पूजा कश्यप के नाम

सावन की हरियाली, लोक संस्कृति की मिठास और महिलाओं के उत्साह से सजा सावन महोत्सव, बना यादगार


  • F. farooqui / Ajeet Singh rajpoot

dil india live (Varanasi). वाराणसी में संस्थान बरेका द्वारा सावन की हरियाली, लोक संस्कृति एवं महिला सहभागिता को समर्पित सावन महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास एवं रंगारंग वातावरण में किया गया। कार्यक्रम में महिलाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग कर सावन के पारंपरिक उल्लास एवं उमंग को जीवंत कर दिया। कार्यक्रम का आयोजन एवं संचालन शिवांशी फिटनेस जोन की संचालिका बिंदु सिंह द्वारा किया गया। इस अवसर पर महिलाओं ने विभिन्न मनोरंजक एवं रोचक प्रतियोगिताओं में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पारंपरिक गीत-संगीत, सावन की उमंग एवं मनोरंजक खेलों ने पूरे कार्यक्रम को उत्साह और उल्लास से भर दिया।




प्रतियोगिताओं में फिटनेस, रूप एवं वस्त्र सज्जा के आधार पर पिंकी त्रिपाठी को ‘मिस सावन’ चुना गया। वहीं श्रेष्ठ बैलेंस प्रतियोगिता में रंजू यादव तथा म्यूजिकल चेयर प्रतियोगिता में पूजा कश्यप ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

कार्यक्रम में सुनीता, प्रिनु विश्वकर्मा, प्रतिभा, कृष्णा, संजू, रजनी यादव, गायत्री, सीमा, विभा शाही, नीलिमा, रीना, सोनी तिवारी, गायत्री तिवारी एवं सलोनी आदि महिलाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग किया।

विजेता एवं श्रेष्ठ प्रतिभागियों को बरेका के जन संपर्क अधिकारी राजेश कुमार एवं रजनी द्वारा पुरस्कार प्रदान कर सम्मानित किया गया। पुरस्कार प्राप्त कर प्रतिभागियों के चेहरे पर खुशी एवं उत्साह देखने को मिला।

कार्यक्रम को सफल बनाने में एस.के. सिंह ने व्यवस्थाओं में महत्वपूर्ण योगदान दिया। सावन महोत्सव ने न केवल महिलाओं को मनोरंजन एवं स्वस्थ प्रतिस्पर्धा का अवसर प्रदान किया, बल्कि भारतीय लोक परंपराओं, सावन की संस्कृति एवं आपसी सौहार्द को जीवंत बनाए रखने का संदेश भी दिया।