मंगलवार, 16 जून 2026

CMO Varanasi से मिलें Hindu सेवा सदन के पदाधिकारी

सीएमओ ने आयुष्मान योजना जल्द शुरू होने का दिया आश्वासन


dil india live (Varanasi). वाराणसी में हिन्दू सेवा सदन चिकित्सालय के प्रबंध समिति के पदाधिकारियों ने सोमवार को शहर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी से शिष्टाचार भेंट की। दुर्गाकुण्ड स्थित मुख्य चिकित्साधिकारी कार्यालय में चिकित्सालय के सचिव राजेन्द्र मोहन साह एवं कार्यकारिणी सदस्य अनिल सर्राफ ने चिकित्साधिकारी डॉ. मुकेश कुमार का अंगवस्त्र एवं स्मारिका भेंट कर स्वागत किया।

इस मौके पर अस्पताल के पदाधिकारियों द्वारा में मरीजों के निःशुल्क इलाज के लिए प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना की सुविधा शुरू करने की आवश्यकता बतलाई, जिसे चिकित्साधिकारी ने जल्द से जल्द शुरू करने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में अस्पताल में मात्र 700 रुपये में डायलिसिस, टीबी रोगों की मुफ्त दवा, निःशुल्क होम्योपैथ एवं आयुर्वेदिक दवाएँ दी जाती है। इसके साथ ही शहर के मध्य में मेडिसिन, आयुर्वेदिक, सर्जरी, दन्त, नेत्र, स्त्री एंव प्रसूति रोग, डायलिसिस विभाग, नाक, कान गला, बाल रोग, चर्म रोग, प्राकृतिक चिकित्सा एवं आयुर्वेदिक पंचकर्म विभाग, अल्ट्रासाउण्ड विभाग, एक्सरे विभाग, पैथालॉजी विभाग, एन. आई. सी० यू० विभाग, फिजियोथिरेपी, आपातकालीन चिकित्सा जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध है। ऐसे में प्रधानमंत्री आयुष्मान योजना की सुविधा मरीजों को मिल जाये तो निश्चित तौर पर बड़े अस्पतालों का बोझ कम हो जाएगा। इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. एस.एन कन्नौजिया भी उपस्थित रहे।

सोमवार, 15 जून 2026

NEET मुद्दे पर Apna Dal (K) की अध्यक्ष Pallavi Patel वाराणसी में गिरफ्तार

विधायक पल्लवी पटेल पुलिस को झांसा देकर पहुंच गई बीएचयू

पुलिस से नोंक-झोंक के बाद समर्थकों संग हुई गिरफ्तार

dil india live (Varanasi). अपना दल (कमेरावादी) की अध्यक्ष पल्लवी पटेल को समर्थकों संग वाराणसी पुलिस ने सोमवार को गिरफ्तार कर लिया। पल्लवी पटेल सोमवार को नीट पेपर लीक समेत अन्य मुद्दों को लेकर बीएचयू गेट पर प्रदर्शन कर रही थीं। इससे पहले नीट पेपर लीक मुद्दे पर पल्लवी पटेल पुलिस को झांसा देकर जौनपुर से विभिन्न ग्रामीण रास्तों से होते हुए बनारस के बीएचयू गेट पहुंच गई जहां पुलिस ने नोंक-झोंक के बाद समर्थकों संग उन्हें गिरफ्तार कर बड़ागांव थाने भेज दिया।


पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि बिना परमिशन प्रदर्शन की कोशिश में उन्हें गिरफ्तार किया गया है। वो
 पीएम मोदी के संसदीय कार्यालय तक मार्च करने वाली थीं। लेकिन पुलिस ने प्रदर्शन की अनुमति इसलिए नहीं दी क्योंकि पहले से अनुमति नहीं ली गई थी। इसका हवाला देते हुए सभी को पुलिस वैन से गिरफ्तार कर बड़ागांव पहुंचा दिया। नीट पेपर लीक का विरोध कर रहीं डॉ. पल्लवी पटेल और उनके 24 समर्थकों को पुलिस वैन से शहर से बाहर बड़ागांव थाना ले गई।
बड़ागांव थाने के बाहर जुटे पल्लवी समर्थक 


सीबीआई जांच कराने की मांग
पल्लवी पटेल ने नीट पेपर लीक मुद्दे पर सीबीआई जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा, पेपर लीक व धांधली में लिप्त लोगों का नाम सार्वजनिक हो। NTA और अन्य परीक्षा नियंत्रक अधिकारियों पर रासुका लगाकर जेल भेजा जाए। इस मौके पर पल्लवी पटेल ने उत्तर प्रदेश लेखपाल भर्ती परीक्षा में धांधली के आरोपों के मद्देनजर फिर से परीक्षा कराने, यूपीएसआई पारदर्शी परीक्षा की गारंटी के लिए स्कोरकार्ड तत्काल जारी करने की भी मांग की।

युवा वर्ग इस सरकार से नाराज
हिरासत में लिए जाने से पहले पल्लवी पटेल ने कहा- मोदी, योगी की डबल इंजन की सरकार से युवा वर्ग नाराज है। यह सरकार पाकिस्तान, कब्रिस्तान और मुसलमान की राजनीति से बाहर निकले। शिक्षा, रोजगार व लोकतंत्र को मजबूत करने वाली राजनीति की ओर बढ़े। युवाओं की बेरोजगारी, रोजगार के नाम पर अवसरों की लूट और शिक्षा व परीक्षा की धांधली अब यूथ को क्रांति की ओर उद्वेलित कर रही है।

प्रदर्शनकारियों ने बीएचयू के लंका गेट से 2 किलोमीटर दूर गुरुधाम कालोनी स्थित प्रधानमंत्री के संसदीय कार्यालय तक मार्च निकालने की तैयारी की थी। प्रशासन ने प्रस्तावित मार्ग पर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी करते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया। प्रदर्शन से पहले कई संगठनों के पदाधिकारियों को हाउस अरेस्ट (नजरबंद) कर दिया गया था।



प्रशासन का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए। पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा, प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के लिए प्रशासन से अनुमति नहीं ली गई थी।

जौनपुर टोल प्लाजा पर कार रोकी, पल्लवी पगडंडी से निकलीं

प्रदर्शन में पल्लवी पटेल के वाराणसी आने की सूचना पर जिले के बाॅर्डर और टोल प्लाजा पर संबंधित जिलों की पुलिस तैनात रही। रविवार की रात करीब नौ बजे जौनपुर में प्लाजा पर पल्लवी काफिले के साथ पहुंचीं तो पुलिस ने घेराबंदी कर रोकने की कोशिश की।

इस बीच वह कार से दो कार्यकर्ताओं के साथ उतरकर खेत की ओर निकल गईं। मोबाइल फोन बंद कर करीब एक किलोमीटर तक पैदल चलने के बाद मुख्य मार्ग पर आईं। एक सवारी भरी ऑटो में वह बैठकर वाराणसी सीमा में प्रवेश कर गईं।

मोबाइल फोन ऑन कर अपना लोकेशन पार्टी पदाधिकारियों को भेजा, पार्टी पदाधिकारी उनको लेने पहुंचे। उनको लेकर बाबतपुर स्थित एक कार्यकर्ता के घर पहुंचीं और रात में रुकी रहीं। सोमवार की सुबह 11 बजे बीएचयू गेट पर धरना में शामिल होने पहुंचीं।अपना दल कमेरावादी की विधायक डॉ. पल्लवी पटेल समेत सभी प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने के बाद पुलिस ट्रकों और बसों में भर लिया। पहले बताया गया था कि सभी को पुलिस लाइन ले जाया जाएगा, लेकिन बाद में प्लान बदल गया। पुलिस लाइन की जगह उन सभी को शहर से बाहर ले जाया जा रहा है।

Hazrat Hardam Shah baba के उर्स में उमड़ा हुजूम

बाबा के दर पर अमन व मिल्लत की दुआएं, देश की तरक्की को उठें दुआ में हाथ


Varanasi (dil India live)। हज़रत सैय्यद वलीउल्लाह शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह (हरदाम शाह बाबा) का सालाना उर्स पूरी अकीदत के साथ सम्पन्न हो गया। बाबा का भूवनेश्वर नगर कालोनी स्थित दर पर अकीदतमंदों का हुजूम मगरिब की नमाज़ के बाद उमड़ा हुआ था। लोगों ने दूर दराज से पहुंच कर बाबा के उर्स में अपनी न सिर्फ हाजिरी लगाई बल्कि बाबा के दर पर लगे मेले का भी लुत्फ उठाया।



शनिवार की रात भर उर्स में मशहूर कव्वालों ने सूफियाना कलाम पेश किया। दोनों वर्ग के तमाम लोगों ने अकीदत के साथ बाबा के दर पर फातेहा पढ़कर मन्नतें व मुराद मांगी। यूं तो भूवनेश्वर नगर कालोनी स्थित आस्ताने पर उर्स फजर की नमाज़ के बाद से ही शुरू हो गया था मगर मगरिब बाद कुल शरीफ और चादरपोशी के साथ उर्स अपने शबाब पर पहुंच गया। इस दौरान बाबा से अकीदत रखने वाले दोनों मज़हब के जायरीन मन्नतें वह मुराद मांगते दिखाई दिए। देर रात तक लोगों का हुजूम बाबा के दर पर उमड़ा हुआ था। सुफियाना कलाम फिज़ा में मिठास घोल रहा था। आखिर में बाबा के दर पर गुसल, फातेहा, गुलपोशी, चादरपोशी के साथ ही मुल्क में अमन और मिल्लत व कौम की भलाई के लिए दुआएं भी मांगी गई।

रविवार, 14 जून 2026

Sport News: BHU के बिरला ग्राउंड में अंडर-19 राष्ट्रीय T10 टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता का ट्रायल कल

जम्मू में होने वाली राष्ट्रीय T10 क्रिकेट प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश का करेंगे प्रतिनिधित्व

dil india live (Varanasi). T10 टेनिस बॉल क्रिकेट एसोसिएशन ऑफ इंडिया द्वारा आयोजित अंडर-19 राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए उत्तर प्रदेश टीम के चयनार्थ ट्रायल दिनांक 15 जून 2026 को प्रातः 8:00 बजे BHU बिरला ग्राउंड, वाराणसी में आयोजित किया जाएगा। ट्रायल में चयनित खिलाड़ी आगामी 29 सितंबर को जम्मू-कटरा में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय T10 टेनिस बॉल क्रिकेट प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश टीम का प्रतिनिधित्व करेंगे।  

इस राष्ट्रीय महाकुंभ में देश के 28 राज्यों की टीमें सहभागिता करेंगी, जिनमें उत्तर प्रदेश पूर्वांचल, महाराष्ट्र, बिहार, झारखंड, उड़ीसा, गोवा, चंडीगढ़, उत्तराखंड, असम, तेलंगाना (हैदराबाद), गुजरात सहित अन्य राज्यों की टीमें शामिल होंगी। एसोसिएशन ने अधिक से अधिक प्रतिभाशाली खिलाड़ियों से समय पर उपस्थित होकर ट्रायल में भाग लेने की अपील की है। इस अवसर पर बोर्ड के सचिव अभिषेक कुमार सिंह तथा उत्तर प्रदेश के जनरल सेक्रेटरी धनेश्वर साहनी सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहेंगे।

UP K Varanasi main मरम्मत के लिए बंद हो रहा Rajghat Bridge यहां जानिए क्या है तैयारियां

राजघाट पुल बंद होने से कट जाएगा वाराणसी-चंदौली का सीधा संपर्क


Mohd Rizwan 

dil india live(Varanasi). वाराणसी में अंग्रेजों के समय में बना राजघाट पुल (Rajghat Bridge) मरम्मत के लिए रविवार की रात से कार्य शुरू हो रहा है, ऐसे में डीडीयू जंक्शन से ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों के लिए मुसीबत खड़ी हो सकती है, रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक पुल पर किसी भी प्रकार का आवागमन Rajghat Bridge पर प्रतिबंधित रहेगा। पीडब्ल्यूडी तकरीबन 60 दिनों तक Rajghat Bridge पर कम करेगा। ऐसे में कई ऐसे वैकल्पिक रास्ते हैं जिससे लोग आसानी से आवागमन कर सकते हैं। हालांकि, दूरी थोड़ी पहले से बढ़ जाएगी।

दरअसल वाराणसी में इस दूर दराज से लाखों की संख्या में यात्री, व्यापारी, धार्मिक पर्यटक शहर घूमने के लिए आते हैं।  ऐसे में कई बार वाराणसी कैंट का टिकट न मिलने पर वह डीडीयू जंक्शन पर अपनी यात्रा समाप्त करते हैं और लौटने के लिए भी डीडीयू जंक्शन का सहारा लेते हैं, लेकिन 14 जून से रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक (13 अगस्त) तक राजघाट पुल (Rajghat Bridge) बंद रहेगा। Rajghat Bridge रामनगर, मुगलसराय, डीडीयू जंक्शन और चंदौली को जोड़ने वाला सबसे व्यस्ततम शॉर्टकट रास्ता है, लेकिन अब 60 दिनों राजघाट पुल ब्लॉक लिए जाने से यात्रियों की मुसीबत बढ़ने वाली है।

जिन यात्रियों और श्रद्धालुओं की ट्रेन डीडीयू जंक्शन से है, वे कैंट रेलवे स्टेशन से लंका और वहां से रामनगर-सामने घाट ब्रिज को पार करके डीडीयू जंक्शन पहुंच सकते हैं। हालांकि, राजघाट पुल से यह रास्ता में महज 12 किलोमीटर का ही है, लेकिन रामनगर-सामने घाट ब्रिज से होकर जाने में करीब 20 से 22 किलोमीटर की दूरी पड़ेगी। ऐसे में यात्रियों को अपनी जेब पहले से ज्यादा ढीली करनी पड़ सकती है। ऐसे ही डीडीयू जंक्शन से पड़ाव और रामनगर होते हुए सामने घाट पुल से लंका होते हुए लोग वाराणसी जंक्शन पहुंच सकते हैं।

संदहा चौराहे से रिंग रोड होकर आएं  
जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया जैसे जिलों से आने वाले लोगों के लिए चंदौली में प्रवेश रिंग रोड के जरिए कर सकते हैं। संदहा चौराहे से रिंग रोड होते हुए लोग चंदौली के अलीनगर क्षेत्र के पंचफोड़वा इलाके में नई दिल्ली-कोलकाता नेशनल हाईवे पर उतरकर आसानी से चंदौली और डीडीयू जंक्शन पहुंच सकते हैं। वहीं, डीडीयू जंक्शन से काशी में आने के लिए विश्व सुंदरी पुल होते हुए डाफी के रास्ते शहर में प्रवेश किया जा सकता है। चंदौली के सकलडीहा जैसे इलाकों में जाने के लिए चंद्रा चौराहे से बलुआ मार्ग होते हुए लोग आसानी से जा सकते हैं।

जानिए क्या बोलें अधिकारी 
अधिकारियों ने बताया है कि राजघाट पुल काफी पुराना है और ऐसे में उसकी मरम्मत की अत्यंत आवश्यकता थी। इसलिए 60 दिनों का मेगा ब्लॉक लिया गया है। ट्रैफिक पुलिस की माने तो पीडब्ल्यूडी विभाग रात 10 बजे से सुबह 6 बजे तक युद्ध स्तर पर काम करके इसके मरम्मत का कार्य पूरा करेगा। हालांकि, उन्होंने बताया है कि इस दौरान पैदल आने जाने वाले लोगों को अनुमति दी जाएगी। अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले जनवरी में पुल को बंद किया गया था, लेकिन ट्रैफिक का दबाव बढ़ने के कारण काम को रोक दिया गया।

शनिवार, 13 जून 2026

Hazrat mushkil aasan Shah Baba भर दे झोली मेरी....

सैयद जलालुद्दीन शाह के उर्स में गूंजती रही शायरों के नातिया कलाम की मिठास





Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi). Varanasi में हज़रत सैयद शेख जलालुद्दीन शाह उर्फ हज़रत मुश्किल आसान शाह (Hazrat mushkil aasan Shah) बाबा का दो दिनी सालाना उर्स पूरी अकीदत और एहतराम के साथ मनाया जा रहा है। अब्दुल हलीम गुलशेरी की अगुवाई में उर्स शुरू हुआ था। पीडब्लूडी रोड कटिंग मेमोरियल इंटर कालेज परिसर स्थित बाबा का दर नूरानी कलाम की आवाज से गुलज़ार था जहां लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। इस दौरान सुबह फजर की नमाज के बाद मौजूद लोगों ने पाक कुरान की तेलावत की। कुरानख्वानी का सिलसिला जोहर की नमाज के बाद तक चलता रहा। उर्स के दौरान लंगर का तबर्रुक का मौजूद लोगों ने लुत्फ उठाया। 

हजरत सैय्यद शैख जलालुददीन उर्फ मुश्किल आसान शाह (Hazrat mushkil aasan Shah) रहमतुल्लाह अलैह का यह उर्स ज़ेरेसरपरस्ती हुजूर साहिबे सज्जादा सूफी ख्वाजा दिल बहार हसन शाह की अगुवाई में मनाया जा रहा है। उर्स में बाबा का आस्ताना विद्युतीय रौशनी से जगमगा रहा है। आज चादरपोशी व महफिले समां का आयोजन किया गया है। बाद नमाजे ईशा हल्काए जिक व महफिले समां व बरोज इतवार बाद नमाजे फजर कुल शरीफ होगा। इससे पहले बाद नमाज फज्र पाक कुरान की तेलावत की गई तो बाद नमाज़ जोहर लंगर में अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ा। 


इन शायरों के कलाम की रही गूंज

इससे पहले मिलाद मग़रिब की नमाज के बाद हुआ व बाद नमाज ईशा नातिया मुशायरा व गुस्ल का एहतमाम किया गया। अब्दुल हलीम गुलशेरी की अगुवाई में हुए नातिया मुशायरे में मशहूर शायर अहमद आज़मी, मुख्तार बनारसी, शमीम गाजीपुरी, निज़ाम बनारसी, नवाब बनारसी आदि शायरों ने कलाम पेश किया। देर रात तक आस्ताने पर शायरों के कलाम की मिठास गूंज रही थी।

शुक्रवार, 12 जून 2026

मीट की दुकान शहर से बाहर किए जाने के मुद्दे पर Nagar Nigam ने स्वीकार की अपनी भूल- कांग्रेस

गुलशन अंसारी ने मीट की दुकानें काशी से बाहर करने का कोई प्रस्ताव नहीं दिया-राघवेंद्र चौबे


Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi). वाराणसी में मीट-मांस, मछली व मुर्गा की दुकानों को काशी शहर से बाहर किए जाने को लेकर पिछले दिनों चले विवाद पर अब स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे एवं कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी द्वारा लगातार उठाए गए सवालों और नगर निगम प्रशासन से जवाब मांगे जाने के बाद नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया था, जिसमें मीट और मांस की दुकानों को काशी शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की गई हो।

पिछले दिनों विभिन्न माध्यमों से यह चर्चा सामने आई थी कि मीट-मांस की दुकानों को शहर से बाहर करने का प्रस्ताव कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी की ओर से दिया गया था। इस दावे का गुलशन अंसारी ने तत्काल खंडन करते हुए इसे पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन बताया था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से महापौर और नगर निगम प्रशासन से मांग की थी कि यदि उनके द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव दिया गया है तो उसकी प्रति सार्वजनिक की जाए।

गुलशन अंसारी ने कहा था कि यदि नगर निगम के पास ऐसा कोई दस्तावेज मौजूद है तो उसे जनता के सामने रखा जाए, अन्यथा कांग्रेस पार्षद दल को बदनाम करने और जनता को गुमराह करने का प्रयास बंद किया जाए। उन्होंने यह भी कहा था कि काशी की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द को राजनीतिक लाभ के लिए विवादों में घसीटना उचित नहीं है।

लगातार उठ रहे सवालों और तथ्यात्मक स्थिति सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन तथा महापौर ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्षद दल की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया था। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे सत्य की जीत बताया। महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि कांग्रेस ने शुरू से ही सच्चाई को सामने लाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन और महापौर द्वारा वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना एक सकारात्मक और स्वागत योग्य कदम है।

राघवेंद्र चौबे ने कहा, “हम नगर निगम और महापौर द्वारा तथ्यों को स्वीकार करने तथा वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का स्वागत करते हैं। लोकतंत्र में सत्य को स्वीकार करना साहस का काम होता है। कांग्रेस ने केवल जनता के सामने सच्चाई रखने का प्रयास किया था और आज वही सत्य सामने आ गया है।”

उन्होंने कहा कि अब जबकि यह स्पष्ट हो चुका है कि गुलशन अंसारी द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया था, इसलिए उन सभी भ्रांतियों और अफवाहों का भी अंत हो जाना चाहिए जिन्हें आधार बनाकर कांग्रेस को घेरने का प्रयास किया जा रहा था, जिसका उद्देश्य केवल सच्चाई को सामने लाना था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी प्रकार की नफरत या विभाजन की राजनीति में विश्वास नहीं करती। काशी की पहचान उसकी साझा संस्कृति, आपसी भाईचारा और गंगा-जमुनी तहजीब से है और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।

गुलशन अंसारी ने कहा, “मैंने केवल इतना कहा था कि यदि मेरे नाम पर कोई प्रस्ताव बताया जा रहा है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। आज यह स्पष्ट हो गया है कि ऐसा कोई प्रस्ताव था ही नहीं। मैं नगर निगम द्वारा वास्तविक स्थिति स्पष्ट किए जाने का स्वागत करता हूं और उम्मीद करता हूं कि भविष्य में बिना तथ्यों के किसी व्यक्ति या दल को बदनाम करने का प्रयास नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा कि मीट-मांस की दुकानों को लेकर जो भी निर्णय लिए जाएं, उनमें सभी पक्षों की राय, व्यापारियों के हित और हजारों परिवारों की आजीविका का ध्यान रखा जाना चाहिए। इस व्यवसाय से बड़ी संख्या में लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। इसलिए किसी भी प्रकार की नीति बनाते समय मानवीय और आर्थिक पक्षों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।