मंगलवार, 18 अगस्त 2026

Education News Varanasi: 19 August को Class 1 से 8 तक के सभी स्कूल रहेंगे बंद

वाराणसी में IMD के ऑरेंज अलर्ट के बाद स्कूल में अवकाश का आदेश

Education NewsVaranasi August 2026



dil india live (Varanasi)। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की ओर से वाराणसी सहित आसपास के क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। जनपद में लगातार हो रही बारिश और मौसम के पूर्वानुमान को देखते हुए जिलाधिकारी के निर्देश पर 19 अगस्त 2026 को class 1 से 8 तक संचालित सभी विद्यालयों में अवकाश घोषित किया गया है।

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, वाराणसी की ओर से जारी आदेश के अनुसार यह निर्णय विद्यार्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। बारिश और खराब मौसम की स्थिति को देखते हुए छोटे बच्चों को विद्यालय आने-जाने में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए 19 अगस्त को स्कूल बंद रखने का निर्देश दिया गया है।


सभी बोर्ड के स्कूलों पर लागू होगा आदेश

यह अवकाश आदेश केवल परिषदीय विद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगा। परिषदीय, मान्यता प्राप्त, सहायता प्राप्त तथा अन्य बोर्डों से संचालित विद्यालयों पर भी समान रूप से लागू होगा। कक्षा 1 से 8 तक के विद्यार्थियों के लिए 19 अगस्त को विद्यालयों में शिक्षण कार्य नहीं होगा।

विद्यालय प्रबंधन को आदेश का पालन कराने के निर्देश

जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने सभी संबंधित विद्यालय प्रबंधन, प्रधानाचार्य एवं प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि वे जारी आदेश का अनिवार्य रूप से अनुपालन सुनिश्चित करें। मौसम की स्थिति को देखते हुए प्रशासन की ओर से विद्यार्थियों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रशासन ने अभिभावकों से भी अपील की है कि मौसम की स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और किसी भी नए प्रशासनिक निर्देश के लिए आधिकारिक सूचना पर नजर बनाए रखें।

— जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, वाराणसी

mushayra/Kavi sammelan Varanasi August 2026: ताजुद्दीन अशअर रामनगरी की स्मृति में देशभक्ति से सराबोर रहा मुशायरा

“गुल टूट रहे हैं न चमन टूट रहा है 

फिर भी मेरे सय्याद का मन टूट रहा है।”

साहित्यिक महफिल में राष्ट्रीय एकता, भाईचारे और स्वतंत्रता सेनानियों को दी गई श्रद्धांजलि
mushayra/Kavi sammelan Varanasi August 2026


dil india live (Varanasi). वाराणसी में स्वतंत्रता दिवस की स्मृति और उसके पीछे छिपे संघर्ष तथा बलिदान को याद करते हुए सामाजसेवी हाजी इश्तियाक अहमद अंसारी के औरंगाबाद स्थित दौलतखाने पर एक भव्य मुशायरे का आयोजन किया गया। यह साहित्यिक संध्या वरिष्ठ शायर, पत्रकार और राष्ट्रीय-सामाजिक चेतना के सजग प्रतिनिधि मरहूम ताजुद्दीन अशअर रामनगरी की याद में किया गया था। कार्यक्रम की अध्यक्षता सामाजिक व सियासी हस्ती अतहर जमाल लारी ने की, जबकि संचालन चर्चित कवि जमजम रामनगरी ने अपनी शालीनता, सहज विनोद-बोध और प्रभावशाली वक्तृत्व के साथ निभाई। 

शुरुआत प्रसिद्ध अधिवक्ता एवं सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुल्ला बिन गफ्फार के स्वागत भाषण से हुआ। उन्होंने स्वतंत्रता दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज जिस आजादी को हम सहज रूप से अपना अधिकार मानते हैं, उसके पीछे असंख्य ज्ञात-अज्ञात लोगों के संघर्ष, त्याग और बलिदान की लंबी कहानी है। उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में उलेमा तथा मुस्लिम महिलाओं की भूमिका का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने अपने साहस, संकल्प और त्याग से आजादी की लड़ाई को मजबूती प्रदान की।

उन्होंने कहा कि सरकारें आती-जाती रहती हैं, लेकिन देश और उसका तिरंगा स्थायी राष्ट्रीय प्रतीक हैं। इसलिए देश की अखंडता, सामाजिक सद्भाव, भाईचारे और राष्ट्रीय एकता को मजबूती प्रदान करना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।

महफिल का सबसे भावुक और स्मरणीय क्षण उस समय आया, जब ताजुद्दीन अशअर रामनगरी के पुत्र जमजम रामनगरी द्वारा लिखित संस्मरणात्मक आलेख ‘ताजुद्दीन अशअर रामनगरी : बनारस की जीवित स्मृति’ को युवा कवि जुनैद कबीर ने अत्यंत कोमल, आत्मीय और प्रभावशाली स्वर में प्रस्तुत किया। आलेख के शब्दों में जैसे एक पूरा व्यक्तित्व धीरे-धीरे आकार लेता चला गया—एक ऐसा व्यक्तित्व जिसकी सादगी, विद्वत्ता, साहित्यिक सक्रियता और मनुष्यों से आत्मीय संबंध उसकी सबसे बड़ी पहचान थे।

कुछ क्षणों के लिए ऐसा लगा मानो मुशायरे की चहल-पहल थम गई हो और पूरी सभा स्मृतियों की उस शांत और नम दुनिया में प्रवेश कर गई हो, जहां अनुपस्थित व्यक्ति अपनी यादों के माध्यम से सबसे अधिक उपस्थित होता है। कई आंखें अनायास नम हो उठीं।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में अतहर जमाल लारी ने कहा कि राजनीतिक व्यस्तताओं के कारण उन्हें साहित्यकारों और शायरों के बीच बैठने तथा कविता सुनने का अवसर बहुत कम मिलता है। ऐसे में हाजी इश्तियाक अहमद के आवास पर आयोजित इस साहित्यिक आयोजन में न केवल शामिल होना, बल्कि इसकी अध्यक्षता करना भी उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने देश के वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज की परिस्थितियों ने अनेक गंभीर प्रश्न खड़े किए हैं। इन प्रश्नों का सामना धैर्य, संयम, पारस्परिक एकता और लोकतांत्रिक चेतना के माध्यम से ही किया जा सकता है। स्वतंत्रता असंख्य बलिदानों के बाद मिली है, इसलिए उसकी रक्षा और लोकतांत्रिक मूल्यों को सुरक्षित रखना देश के प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।

mushayra/Kavi sammelan: Varanasi

मुशायरे में बनारस और आसपास के क्षेत्रों के अलावा बाहर से आए अनेक शायरों ने अपना चुनिंदा कलाम प्रस्तुत किया। आलम बनारसी ने कहा—

“क्या खबर थी गनीम की सफ में

मेरा अपना ही यार निकलेगा।”

जमजम रामनगरी ने देश की मोहब्बत को इन पंक्तियों में अभिव्यक्त किया—

“लहद में मां की तरह मुझको भींच लेती है

वतन की खाक से जब-जब भी प्यार हमने किया।”

शम्स खालिद के इन अशआर को भी खूब सराहना मिली—

“गरीज पाऊं तो समझो न मेरी जान गलत

निकलते आए हैं मेरे सभी गुमान गलत।”

राज बनारसी, रोशन अहमद रोशन, डॉ. बख्तियार नवाज, समर गाजीपुरी, निजाम बनारसी और हाजी इश्तियाक अहमद ने भी अपनी गजलों और देशप्रेम से ओतप्रोत रचनाओं से महफिल को यादगार बना दिया। डॉ. बख्तियार नवाज का यह शेर विशेष रूप से सराहा गया—

“गुल टूट रहे हैं न चमन टूट रहा है

फिर भी मेरे सय्याद का मन टूट रहा है।”

कार्यक्रम का शुभारंभ नातख्वां ओवैस चंदौलवी की नात-ए-रसूल से हुआ। मुशायरा लगभग पांच बजे शुरू हुआ और देर रात तक चलता रहा। साहित्यप्रेमी श्रोताओं ने शायरों के हर अच्छे शेर पर खुलकर दाद दी। स्वतंत्रता दिवस की पृष्ठभूमि में अधिकांश शायरों की रचनाओं में राष्ट्रीय एकता, भाईचारा, देशप्रेम और स्वतंत्रता संग्राम के बलिदानियों के प्रति श्रद्धा का स्वर प्रमुख रहा।

कुल मिलाकर यह आयोजन महज कविता और शायरी की एक शाम नहीं था। यह उस ऐतिहासिक चेतना को पुनर्जीवित करने का अवसर था, जिसमें आजादी केवल सत्ता-परिवर्तन का नाम नहीं, बल्कि मनुष्य की गरिमा, सामाजिक सद्भाव और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा का संकल्प है। ताजुद्दीन अशअर रामनगरी की स्मृति में आयोजित यह महफिल बनारस की उस जीवंत साहित्यिक परंपरा की भी याद दिलाती रही, जिसमें स्मृति और वर्तमान, कविता और जीवन तथा देशप्रेम और मानवीय सरोकार एक-दूसरे से अलग नहीं होते।


देर रात तक चलने वाली यह साहित्यिक शाम अपने पीछे शायरी की गूंज ही नहीं, बल्कि ताजुद्दीन अशअर रामनगरी की आत्मीय स्मृतियों और राष्ट्रीय एकता की उस गरमाहट को भी छोड़ गई, जो लंबे समय तक उपस्थित लोगों के मन में बनी रही।

इस अवसर पर डॉ एम. अकबर, असलम खलीफा, डॉ एहतेशामुल हक़, शमीम रियाज, अब्दुल्लाह बिन गफ्फार एडवोकेट, जुबैर आदिल सहित बड़ी संख्या में साहित्यप्रेमी, बुद्धिजीवी उपस्थित थे।

सोमवार, 17 अगस्त 2026

Eid miladunnabi August 2026 Varanasi Uttar Pradesh : जश्ने ईद मिलादुन्नबी की तैयारियां तेज, निकलेगा जुलूस होगी सजावट

नबी की नात से गुलजार होगी शब, यहां जानिए क्या है ईद मिलादुन्नबी, कब मनेगा जश्न
Eid miladunnabi August 2026 Varanasi Uttar Pradesh


dil india live (Varanasi). ईद मिलाद-उन-नबी (Eid miladunnabi 17 August 2026)  Uttar Pradesh के Varanasi में जश्ने ईद मिलादुन्नबी की तैयारियां तेज हो चली हैं। जुलूसे मोहम्मदी को सफलतापूर्वक निकलने को लेकर जगह जगह बैठकें हो रही है। ईद मिलाद-उन-नबी रबीउल अव्वल महीने की 11, 12 तारीख को मनाया जाता है। आज रबीउल अव्वल महीने की तीन तारीख हो गई है। सदर काजी ए शहर मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने फाटक शेख सलीम में हुई बैठक के बाद बताया कि जुलूस कैसे निकलेगा, सजावट कैसे और कहां कहां होगी इस पर अलग अलग अंजुमनों की बैठकों का दौर जारी है। कोशिश की जा रही है सभी एक प्लेटफार्म पर आकर जुलूस-ए मोहम्मदी अमन और मिल्लत के साथ निकालें।

कब मनेगा ईद मिलादुन्नबी का जश्न 

11 रबीउल अव्वल की रात जहां नबी की नात से गुलजार होगी वहीं 12 रबीउल अव्वल को जुलूसे मोहम्मदी निकलेगा। इस बार नबी की पैदाइश का जश्न 26 अगस्त को है। आयोजन का आगाज़ पूर्व संध्या 25 अगस्त से ही हो जाएगा। 25 अगस्त को मरकजी यौमुन्नबी कमेटी हड़हासराय से जुलूस निकालती है और पूरे इलाके में अंजुमन नातिया कलाम पेश करती है।

Eid miladunnabi August 2026 Varanasi Uttar Pradesh

क्या है ईद मिलाद-उन-नबी

पैगंबरे इस्लाम हजरत मोहम्मद (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) की पैदाइश (जन्मदिन) की खुशी का पर्व है। इस पर्व की बहुत अहमियत है। यह दिन मुस्लिम समुदाय के लिए आस्था, सम्मान और भाईचारे का प्रतीक माना जाता है। हर साल इस मौके पर मिलाद, जलसा, नातिया मुशायरा, जुलूस और अन्य धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। शहर की मस्जिदों में एक से 12 रबीउल अव्वल तक ज़िक्रे नबी का दौर चलता है जो शुरू हो चुका है।

दरअसल इस्लामी कैलेंडर का तीसरा महीना रबीउल अव्वल चांद के दीदार संग शनिवार से ही शुरू हो चुका है। मुसलमानों के लिए यह महीना बेहद खास है, क्यों कि इस महीने में 12 रबीउल अव्वल को पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम का अरब की सरजमीं पर जन्म हुआ था। इस महीने को दुनिया भर के मुसलमान अकीदत और मोहब्बत के साथ मनाते हैं। रबीउल अव्वल की 12 वीं तारीख को पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम के जन्मदिन की तैयारी महीनों पहले से ही शुरू हो जाती है। कहां जलसा होगा? कहां अंजुमन का मुकाबला होगा? कौन कौन उलेमा आएंगे? कौन कौन अंजुमन कलाम पढ़ेगी। इसे पहले ही तय कर लिया जाता है। ईद-ए-मिलादुन्नबी या ईद-मिलाद पूरी दुनिया में मुसलमान मनाते हैं। ईद-मिलाद के मौके पर मस्जिदों और घरों में सजावट की जाती है। जगह-जगह जुलूस निकाले जाते हैं और पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की सीरत (जीवन-चरित्र) पर रौशनी डाली जाती है। इस दिन कुरआन की तिलावत की जाती है और दरूद-ओ-सलाम पेश किया जाता है।

गरीबों और जरूरतमंदों की करते हैं मदद 

मुसलमान इस दिन गरीबों और जरूरतमंदों की मदद करते हैं। कई जगहों पर खाना खिलाने और मिठाइयां बांटने का भी खास इंतजाम किया जाता है। ईद-मिलाद का मकसद सिर्फ जश्न मनाना नहीं है, बल्कि पैगंबर हजरत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की तालीम, इंसाफ, मोहब्बत, रहमत और इंसानियत को याद करना और उस पर अमल करना है। नबी के आने के साथ ही अरब से बुराईयां खत्म होना शुरू हो गई थी। मानवता और इंसानियत की सत्ता कायम हुई थी। 

ये हैं बनारस की प्रमुख अंजुमन 
अंजुमन तबलीग़ अहले सुन्नत व दावतें नमाज, अंजुमन मरकजी दावते इस्लामी, अंजुमन दावते इस्लामी, अंजुमन मरकजी यौमुन्नबी कमेटी, सेंट्रल यौमुन्नबी कमेटी, अंजुमन अलविया, अंजुमन फलाहे दीन, अंजुमन गुलामाने वारिस, अंजुमन फलाहे मिल्लत, अंजुमन तकरीबाते इस्लाम, अंजुमन मुहिब्बाने अहले बैत, अंजुमन इलाहिया, अंजुमन मोहिबबाने रसूल, अंजुमन शाहीन-ए-इस्लाम, अंजुमन चरागे इस्लाम, अंजुमन बज़्मे अनवारे सूफिया, अंजुमन फारूकिया, अंजुमन गुलशने रसूल, अंजुमन कारवाने हरम, अंजुमन मुजाहीदीने-ए-इस्लाम, अंजुमन अस्हाबा-ए-मोहम्मद, अंजुमन इरफानिया, अंजुमन इस्लातुल इस्लाम, अंजुमन फारूकिया, अंजुमन गुलामाने सहाबा, अंजुमन रजा-ए-मुस्तफा, अंजुमन शाहे मदीना, अंजुमन सुन्नते रसूल, अंजुमन पंजतन पाक,  आदि शहर बनारस की प्रमुख अंजुमन है जो नबी के जश्न की तैयारियों में जुटी हुई है।

रविवार, 16 अगस्त 2026

Independence day celebration Varanasi Uttar Pradesh 15 August 2026: विभिन्न शिक्षण संस्थानों, सरकारी कार्यालयों संस्थाओं में शान से लहराया तिरंगा

हर तरफ दिखा आजादी का जश्न मनाने का जज़्बा, हर ओर लहराया तिरंगा प्यारा

Independence day celebration: Uttar Pradesh Varanasi news 15 August 2026

Independence day celebration समाचार Uttar Pradesh Varanasi 15 August 2026



दारूल मदीना इंग्लिश स्कूल में Independence day celebration हुआ, Uttar Pradesh Varanasi 15 August 2026

dil india live (Varanasi). स्वतंत्रता दिवस समारोह (independence day celebration)  Uttar Pradesh के Varanasi में 15 August 2026 को धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर विभिन्न शिक्षण संस्थानों, सरकारी, अर्धसरकारी कार्यालयों, संस्थाओं व संगठनों में शान से तिरंगा झंडा लहराता नज़र आया।

 दारूल मदीना इंग्लिश स्कूल रेवड़ी तालाब 

रेवड़ी तालाब के दारूल मदीना इंग्लिश स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान बच्चों ने नात, नज़्म और क़ौमी तराना पेश कर लोगों को देश भक्ति के जज्बे से ओत-प्रोत कर दिया।

दंत चिकित्सक डाक्टर साजिद अत्तारी ने कहा कि मुल्क से मोहब्बत इस्लाम का हिस्सा है। यही हमें पैग़म्बरे इस्लाम ने सिखाया और यही इस्लाम की तालीम है। हम इसी मिट्टी में पले बढ़े हैं और मरने के बाद भी इसी मिट्टी में हमें दफ़न होना है। यही वजह है कि सच्चा मुसलमान वही होता है जो अपने वतन की खाक से मोहब्बत करते।

इस मौके पर जुलकर नैन, सऊद अत्तारी, शाहिद जमाल अत्तारी, आरिफ़ शमीम अत्तारी, डाक्टर मुबाशिर, इमरान मदनी, जैब अत्तारी आदि ने क़ौमी तराना पेश किया।

श्रमिकों और मजदूरों के साथ स्वतंत्रता दिवस

80 वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर समाजसेवी धर्मेंद्र सिंह टिंकू ने पीएमओ कार्यालय के समीप गुरुधाम चौराहे पर श्रमिकों और मजदूरों के साथ स्वतंत्रता दिवस मनाया। इस दौरान उन्होंने श्रमिक वर्ग के लोगों के साथ देश की आजादी और उसके महत्व पर चर्चा की। कार्यक्रम के दौरान धर्मेंद्र सिंह टिंकू ने सभी श्रमिकों एवं उपस्थित लोगों को स्वतंत्रता दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति में श्रमिकों और मजदूरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इनके परिश्रम और मेहनत से ही समाज और राष्ट्र के विकास को गति मिलती है। इस अवसर पर उन्होंने श्रमिकों के बीच मिठाई का वितरण कर स्वतंत्रता दिवस की खुशियां साझा कीं। उन्होंने लोगों को देशहित में कार्य करने, आपसी भाईचारा बनाए रखने और राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने का संदेश दिया। धर्मेंद्र सिंह टिंकू ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं, बल्कि देश के प्रति अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों को याद करने का दिन भी है। प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखते हुए समाज और देश के विकास में अपना योगदान देना चाहिए। कार्यक्रम में श्रमिकों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की और देश की एकता, अखंडता एवं समृद्धि के लिए अपना योगदान देने का संकल्प लिया। इस दौरान स्वतंत्रता दिवस का माहौल देशभक्ति और उत्साह से सराबोर रहा।


राजेश्वरी महिला पीजी कालेज हरहुआ 

राजेश्वरी महिला पीजी कालेज हरहुआ वाराणसी में स्वतंत्रता दिवस समारोह का प्रारंभ प्रबंध निदेशक साहित्यकार डॉ राघवेन्द्र नारायण सिंह द्वारा ध्वजारोहण के साथ हुआ। मुख्य अतिथि डॉ राघवेन्द्र नारायण ने शहीदों और स्वतंत्रता सेनानियों को नमन के साथ छात्राओं और शिक्षकों को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता को मनुष्य का मौलिक और जन्मजात अधिकार बतलाते हुए उसे देश समाज और मनुष्य की प्रगति और खुशहाली के लिए अपरिहार्य बतलाया। स्वतंत्रता और स्वच्छंदता में अंतर स्पष्ट करते हुए उन्होंने स्वतंत्रता की सीमारेखा खींचते हुए हुए कहा कि स्वतंत्रता असीमित नहीं होती है। उसकी सीमाएं होती हैं जो हर देश समाज और सभ्यता द्वारा नियत की जाती है जिससे नागरिक जीवन सुचारु रूप से चल सके। संवैधानिक व्यवस्था स्वतंत्रता की परिधि का निर्धारण करती है। स्वतंत्रता के साथ ही नागरिकों में कर्तव्यबोध का होना आवश्यक है अन्यथा अराजकता और स्वच्छंदता समाज तथा देश को संकट में डाल देते है। इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं ने मनमोहक रंगारंग कार्यक्रम और प्रेरक देशभक्ति के गीत और भाषणों की प्रस्तुति की. कार्यक्रम में डॉ सुनीता कन्नौजिया, ज्योति गुप्ता, शिल्पी श्रीवास्तव, शालू गिरि, इकबाल अहमद, डॉ डी के तिवारी आदि ने प्रमुख रूप से सहभागिता की। संचालन शिल्पी श्रीवास्तव और धन्यवाद ज्ञापन उपनिदेशक अंशुमान सिंह ने किया।

डीएवी में आजादी का जश्न

DAV PG college Independence day celebration: Uttar Pradesh Varanasi August 2026

वाराणसी के डीएवी पीजी कॉलेज में शनिवार को 80 वाँ स्वतंत्रता दिवस समारोह धूमधाम से मनाया गया। महाविद्यालय के प्रबन्धक अजीत कुमार सिंह यादव, एवं का. प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने तिरंगा फहराया। उसके बाद स्वतंत्रता के उत्सव में आजादी के प्रतीक स्वरूप तिरंगे गुब्बारें हवा में छोड़े गये। तत्पश्चात राष्ट्रगान कर सभी ने तिरंगे को सलाम किया। इस मौके पर एनसीसी प्रभारी मेजर प्रो. सत्यगोपाल जी के निर्देशन में एनसीसी कैडैटों ने प्रबन्धक एवं प्राचार्य को परेड की सलामी भी दी।

इस अवसर पर उप प्राचार्य प्रो. संगीता जैन, चीफ प्रॉक्टर डॉ. संजय कुमार सिंह सहित महाविद्यालय के समस्त अध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र - छात्राएं उपस्थित रहे।

डीएवी इण्टर कॉलेज एवं नित्यानंद विद्यालय 

80 वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर डी.ए.वी. इण्टर कॉलेज, वाराणसी, एवं नित्यानंद वेद विद्यालय में भी तिरंगा शान से लहराया। इस अवसर पर विद्यालय के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव ने झण्डा फहराया। स्वतंत्रता दिवस समारोह के अवसर पर विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए।

    इस अवसर पर प्रबन्ध समिति के कोषाध्यक्ष हरिवंश सिंह, प्रधानाचार्य अशोक कुमार सिंह, विवेक कुमार सिंह, प्रदीप गुप्ता सहित समस्त अध्यापक मौजूद रहे। वहीं परिसर में ही स्थित नित्यानंद वेद महाविद्यालय में भी स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। अजीत कुमार सिंह यादव ने झण्डा फहराया। 


सुल्तान क्लब में स्वतंत्रता दिवस 

सामाजिक संस्था सुल्तान क्लब बनारस की तरफ से संजय गांधी नगर कॉलोनी बड़ीबाजार में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह बड़ी धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष डॉ. एहतेशामुल हक़ ने झंडा फहराया।

इस मौके पर डॉ. एहतेशामुल हक़ ने कहा कि देश को आजाद कराने के लिए हमारे हजारों स्वतंत्रता सेनानियों ने अपनी जान कुर्बान कर दी। ब्रिटिश सरकार को घुटने टेकने पड़े और अंग्रेजों को भारत छोड़ना पड़ा, मौलाना अब्दुल्ला ने कहा कि हमें आज भी अशिक्षा, बेरोजगारी, असमानता, गरीबी, सामाजिक भेदभाव के खिलाफ आजादी की लड़ाई लड़नी है। हमारा देश अलग-अलग भाषाओं और वेशभूषा के बावजूद अनेकता में एकता का सबसे सुंदर उदाहरण है। आइए हम सब यह प्रण लें कि देश की एकता और अखंडता को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा। आखिर में, लोगों ने साफ सफाई और पेड़ लगाने के अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने का प्रण लिया। इस मौके पर संस्था के अध्यक्ष डॉ. एहतेशामुल हक़, उपाध्यक्ष महबूब आलम, सेक्रेट्री मुस्लिम जावेद अख्तर, जनरल सेक्रेटरी एच. हसन नन्हे, डिप्टी सेक्रेटरी अब्दुल रहमान, कोषाध्यक्ष मुहम्मद इकराम, मौलाना अब्दुल्ला, हाफिज मुहम्मद मुनीर, डॉ. जियाउर्रहमान सोनू, हाजी मोइनुद्दीन इत्यादि के अलावा बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।



कंपोजिट विद्यालय सुंदरपुर में स्वतंत्रता दिवस 

कंपोजिट विद्यालय सुंदरपुर में आज  80 वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। ध्वजारोहण प्रधानाध्यापिका डॉ सुमन पाण्डेय द्वारा किया गया। उक्त कार्यक्रम में प्रबंध शिक्षा समिति के अध्यक्ष राम प्रसाद मौर्य, खुशी और एनजीओ के कोऑर्डिनेटर नैतिक तिवारी, रोटरी क्लब के सदस्य, समस्त शिक्षक गण, शिक्षकणेतर कर्मचारी एवं डीएलएड के प्रशिक्षु  एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे। बच्चों द्वारा मनमोहक सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किया गया। कक्षा एक के बच्चों द्वारा की गई प्रस्तुति बम बम बोले मस्ती में डोले कार्यक्रम अत्यंत प्रशंसनीय रहा। प्रियांशु ओझा (BHU B.ed)  के द्वारा संचालन किया गया एवं धन्यवाद ज्ञापन प्रधानाध्यापिका सुमन पाण्डेय  द्वारा किया गया।


मण्डलायुक्त बोलें भारत में अनेक भाषाएं, संस्कृतियां होते हुए भी सभी लोग हैं एक 

मण्डलायुक्त व जिलाधिकारी ने 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर दी बधाईयां




वाराणसी के मण्डलायुक्त एस राजलिंगम व जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर मंडल और जनपद के सभी लोगों को बधाइयां एवं शुभकामनाएं दी। दोनों ने देश की स्वतंत्रता में अहम योगदान निभाने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया तथा उनके वीर प्रयासों को उल्लेखित भी किया।

मंडलायुक्त ने कमिश्नरी कम्पाउंड में ध्वजारोहण के उपरांत अपने उद्बोधन में 1947 में देश की स्वतंत्रता में अहम योगदान निभाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन करते हुए देशी रियासतों तथा रजवाड़ों को एक करने में सरदार पटेल के योगदान को उल्लेखित किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद इतनी विविधताओं के बाद सभी लोग अनेकता में एकता को अपनाते हुए भारतीयता को चरितार्थ किया। भारत में अनेकों भाषाएं, संस्कृतियां होते हुए भी सभी लोग एक हैं। हमारा संकल्प होना चाहिए कि हम आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रभक्ति की भावना को पिरोयें। हम सभी अपनी सांस्कृतिक भावनाओं को सहेजकर अपनी पीढ़ी को भी उससे भिग्य कराएं ताकि भारत का भविष्य उज्जवल हो सके। मंडलायुक्त ने कहा कि हम सभी को पुराने अनुभवों से सीखना होगा, अनुभव से सीखा गया ज्ञान ही हमें आगे ले जाता है, यही हमें भावी पीढ़ी को भी सिखाना होगा। उन्होंने नयी पीढ़ी जिसमें जेन - जेड, अल्फा, बीटा की बात हो रही उसको लेकर बात करते हुए संस्कारों की बात कही। सभी को अपने संस्कारिक मूल्यों को याद रखना होगा तभी हम भविष्य के भारत का निर्माण कर सकते हैं। मंडलायुक्त ने बनारस की जनता की तारीफ करते हुए 1781 के राजा चेत सिंह तथा वारेन हेस्टिंग्स के वाकये को भी सुनाया जिसमें उन्होंने बताया की तत्कालीन संघर्ष में प्रजा ने आगे आकर बढ़चढ़कर लोहा लेते हुए अंग्रेजों को धूल चटाई। अंत में उन्होंने सभी को एक बार पुनः स्वतंत्रता दिवस की बधाईयां देते हुए हर्षोल्लास से राष्ट्रीय पर्व मनाने को प्रेरित किया। मंडलायुक्त ने बच्चों को मिठाइयां व टाफियों का वितरण करके स्वतंत्रता दिवस की बधाईयां दीं।

राइफल क्लब में ध्वजारोहण
जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने राइफल क्लब में ध्वजारोहण करने के उपरांत जनपदवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को अंगवस्त्रम तथा उपहार वितरित करके उनको सम्मानित किया। 

अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाईयां देते हुए सभी को राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति सचेत व तत्पर रहने को कहा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए राष्ट्रीय गौरव, एकता, अखंडता और देशभक्ति का प्रतीक है। यह दिन हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों के त्याग, संघर्ष एवं बलिदान का स्मरण कराता है, जिनके अथक प्रयासों से देश को आजादी मिली। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए हम सभी को राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने तथा देश और प्रदेश के विकास में अपना योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने जनपदवासियों से आपसी भाईचारा, सद्भाव और सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी लोग अपने कर्तव्यों का ईमानदारी एवं जिम्मेदारी से निर्वहन करते हुए स्वच्छ, सुरक्षित, समृद्ध और विकसित समाज के निर्माण में सहभागी बनें। 




परिसर में किया वृक्षारोपण 

जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनपदवासियों के सुख, समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए जहां सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं वहीं जिलाधिकारी द्वारा परिसर में वृक्षारोपण किया गया और सभी से पौधारोपण अभियान में शामिल होने की कामना की ताकि पर्यावरण संरक्षण हो सके।

शनिवार, 15 अगस्त 2026

Independence day celebration 2026 Varanasi 15 August: वाराणसी में मंडलायुक्त व जिलाधिकारी ने किया ध्वजारोहण

मण्डलायुक्त बोलें भारत में अनेक भाषाएं, संस्कृतियां होते हुए भी सभी लोग हैं एक 

मण्डलायुक्त व जिलाधिकारी ने 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर दी बधाईयां
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dil india live (Varanasi). वाराणसी के मण्डलायुक्त एस राजलिंगम व जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने 80 वें स्वतंत्रता दिवस पर मंडल और जनपद के सभी लोगों को बधाइयां एवं शुभकामनाएं दी। दोनों ने देश की स्वतंत्रता में अहम योगदान निभाने के लिए स्वतंत्रता सेनानियों को नमन किया तथा उनके वीर प्रयासों को उल्लेखित भी किया।

मंडलायुक्त ने कमिश्नरी कम्पाउंड में ध्वजारोहण के उपरांत अपने उद्बोधन में 1947 में देश की स्वतंत्रता में अहम योगदान निभाने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन करते हुए देशी रियासतों तथा रजवाड़ों को एक करने में सरदार पटेल के योगदान को उल्लेखित किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी के बाद इतनी विविधताओं के बाद सभी लोग अनेकता में एकता को अपनाते हुए भारतीयता को चरितार्थ किया। भारत में अनेकों भाषाएं, संस्कृतियां होते हुए भी सभी लोग एक हैं। हमारा संकल्प होना चाहिए कि हम आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रभक्ति की भावना को पिरोयें। हम सभी अपनी सांस्कृतिक भावनाओं को सहेजकर अपनी पीढ़ी को भी उससे भिग्य कराएं ताकि भारत का भविष्य उज्जवल हो सके। मंडलायुक्त ने कहा कि हम सभी को पुराने अनुभवों से सीखना होगा, अनुभव से सीखा गया ज्ञान ही हमें आगे ले जाता है, यही हमें भावी पीढ़ी को भी सिखाना होगा। उन्होंने नयी पीढ़ी जिसमें जेन - जेड, अल्फा, बीटा की बात हो रही उसको लेकर बात करते हुए संस्कारों की बात कही। सभी को अपने संस्कारिक मूल्यों को याद रखना होगा तभी हम भविष्य के भारत का निर्माण कर सकते हैं। मंडलायुक्त ने बनारस की जनता की तारीफ करते हुए 1781 के राजा चेत सिंह तथा वारेन हेस्टिंग्स के वाकये को भी सुनाया जिसमें उन्होंने बताया की तत्कालीन संघर्ष में प्रजा ने आगे आकर बढ़चढ़कर लोहा लेते हुए अंग्रेजों को धूल चटाई। अंत में उन्होंने सभी को एक बार पुनः स्वतंत्रता दिवस की बधाईयां देते हुए हर्षोल्लास से राष्ट्रीय पर्व मनाने को प्रेरित किया। मंडलायुक्त ने बच्चों को मिठाइयां व टाफियों का वितरण करके स्वतंत्रता दिवस की बधाईयां दीं।











राइफल क्लब में ध्वजारोहण

जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने राइफल क्लब में ध्वजारोहण करने के उपरांत जनपदवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को अंगवस्त्रम तथा उपहार वितरित करके उनको सम्मानित किया। 

अपने संबोधन में जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों, कर्मचारियों को स्वतंत्रता दिवस की बधाईयां देते हुए सभी को राष्ट्रीय मूल्यों के प्रति सचेत व तत्पर रहने को कहा। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस हमारे लिए राष्ट्रीय गौरव, एकता, अखंडता और देशभक्ति का प्रतीक है। यह दिन हमें उन महान स्वतंत्रता सेनानियों और वीर शहीदों के त्याग, संघर्ष एवं बलिदान का स्मरण कराता है, जिनके अथक प्रयासों से देश को आजादी मिली। जिलाधिकारी ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों से प्रेरणा लेते हुए हम सभी को राष्ट्र की एकता एवं अखंडता को मजबूत करने तथा देश और प्रदेश के विकास में अपना योगदान देने का संकल्प लेना चाहिए। उन्होंने जनपदवासियों से आपसी भाईचारा, सद्भाव और सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि विकसित एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में प्रत्येक नागरिक की महत्वपूर्ण भूमिका है। सभी लोग अपने कर्तव्यों का ईमानदारी एवं जिम्मेदारी से निर्वहन करते हुए स्वच्छ, सुरक्षित, समृद्ध और विकसित समाज के निर्माण में सहभागी बनें। 

परिसर में किया वृक्षारोपण 
जिलाधिकारी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जनपदवासियों के सुख, समृद्धि एवं उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए जहां सभी को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं वहीं जिलाधिकारी द्वारा परिसर में वृक्षारोपण किया गया और सभी से पौधारोपण अभियान में शामिल होने की कामना की ताकि पर्यावरण संरक्षण हो सके।

शुक्रवार, 14 अगस्त 2026

Education News VKM kamacha Varanasi Uttar Pradesh 14 August 2026: प्रेमचंद की रचनाओं के रुपांतरण की तकनीक पर चर्चा

कमला पाण्डेय की पुस्तक ‘देशस्य आक्रांतरू’ का हुआ लोकार्पण

ब्रिटिश सरकार द्वारा जब्त की गई सोज़ ए वतन का है संस्कृत अनुवाद
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dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय के तत्वावधान में Hindi विभाग द्वारा प्रेमचंद की रचनाओं के रुपांतरण की तकनीक एवं पाठ और पुस्तक लोकार्पण  का आयोजन किया गया। विशिष्ट अतिथि प्रेमचंद पथ पत्रिका के संपादक राजीव गौड़ ने प्रेमचंद की कहानियों और उसके अनुवाद पर अपने विचार प्रस्तुत किए। इस अवसर पर डॉ. कमला पाण्डेय की पुस्तक ‘देशस्य आक्रांतरू’ पुस्तक का लोकार्पण हुआ। यह पुस्तक ब्रिटिश सरकार द्वारा जब्त की गई प्रेमचंद के सोज़ ए वतन कहानी का संस्कृत अनुवाद है।



‘उत्तरशती के विमर्श, धर्म, समाज, मूल्यबोध’ का लोकार्पण

हिंदी विभागाध्यक्ष प्रो.आशा यादव द्वारा संपादित पुस्तक ‘उत्तरशती के विमर्श, धर्म, समाज, मूल्यबोध’ का लोकार्पण भी अतिथियों द्वारा किया गया। यह पुस्तक उत्तर आधुनिक दौर के स्त्री विमर्श, दलित विमर्श जैसे विषयों को स्वयं में समाहित करती। प्रेमचंद की कहानियों के रूपांतरण की तकनीक और उसी क्रम में जुर्माना कहानी के नाट्य रूपान्तर का भावपूर्ण पाठ डॉ. अनुराधा बनर्जी द्वारा प्रस्तुत किया गया। 

विद्वानों ने प्रेमचंद की कहानियों में हाशिए के समाज के प्रति संवेदनशीलता और राष्ट्रीय प्रतिबद्धता को रेखांकित करते हुए  कथा सम्राट के रचना संसार पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में अतिथियों क स्वागत के साथ प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने प्रेमचंद की कहानियों के पाठ के प्रति छात्राओं को प्रेरित किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. आशा यादव तथा संचालन डॉ. प्रीति विश्वकर्मा द्वारा किया गया।





इनकी रही खास मौजूदगी 

आयोजन में संस्कृत विभाग से डॉ. शांता चटर्जी, डॉ. मंजू कुमारी, डॉ. प्रियंका पाठक, डॉ. अंगिरा, अभिलाषा, हिंदी विभाग से प्रो. सपना भूषण, प्रो. शशिकला, डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव, राजलक्ष्मी जायसवाल, संगीत सितार वादन विभाग से प्रो. मीनू पाठक के साथ ही संस्कृत, अंग्रेजी और हिंदी विभाग की सभी छात्राएं उपस्थित थीं।

Education News Varanasi Uttar Pradesh 14 August 2026: आलाधिकारियों ने सफलता अर्जित करने का Students को दिया मंत्र और अपने अनुभव किए साझा

असफलता से निराश ना हो, एक लक्ष्य लेकर आगे बढ़े- पुलिस आयुक्त

सोशल मीडिया को ना बनने दें करियर में बाधा - डीएम वाराणसी 

डीएवी कॉलेज में छात्र संवाद का हुआ आयोजन
Education News DAV Varanasi Uttar Pradesh August 2026


dil india live (Varanasi). वाराणसी में उत्तर प्रदेश सरकार की पहल पर शुक्रवार को औसानगंज स्थित डीएवी पीजी कॉलेज में जिले के आला अधिकारियों ने छात्र-छात्राओं से सीधा संवाद किया। कॉलेज के स्व. पीएन सिंह यादव स्मृति सभागार में आयोजित छात्र संवाद कार्यशाला में वाराणसी पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल, जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने छात्रों को सिविल सर्विसेज एवं अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता अर्जित करने का मंत्र दिया और अपने अनुभव साझा किये। 

    पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल ने कहा कि असफलता से निराश होने के बजाए एक लक्ष्य को लेकर आगे बढ़ते रहे तो सफल होने से कोई नही रोक सकता है। छात्र जीवन का यह समय बहुत महत्वपूर्ण हो जाता है जब हमें अपनी दिशा तय करनी होगी। यूपीएससी की सबसे बड़ी खूबी यही है कि यहाँ हर विधा के विद्यार्थियों के लिए जगह है। 

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      जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि अनुशासित और लगातार मेहनत करने वाला विद्यार्थी अपने जीवन मे कभी असफल हो ही नही सकता है। मेहनत करने वालों के लिए रास्ते खुदबखुद बन जाते है। एक प्रश्न के जवाब में उन्होंने कहा कि सफलता से पूर्व हमारे जीवन मे कई बाधाएं आती है, उनमें से आजकल सोशल मीडिया भी है, हमें सिर्फ मछली की आँख देखनी है और कुछ नही। आने वाला समय भारत का है, विकसित भारत के विजन को पूरा करने का दारोमदार युवा भारत के ही कंधों पर है। कार्यशाला में उन्होंने दर्जनभर छात्रों की जिज्ञासाओं का समाधान किया।

       कार्यक्रम में एसडीएम राजातालाब शांतनु कुमार सिनसिनवार, एसीपी कोतवाली विजय प्रताप सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेन्द्र प्रताप सिंह, सह जिला विद्यालय निरीक्षक राणा बृजेश सिंह सिसोदिया, बीडीओ हरहुआ अनामिका सिंह सहित अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। 

इसके पूर्व कॉलेज के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव ने पुलिस आयुक्त, जिलाधिकारी एवं अधिकारियों का स्मृति चिन्ह एवं पुष्पगुच्छ देकर स्वागत किया। संचालन आइक्यूएसी की समन्वयक डॉ. पारुल जैन एवं धन्यवाद ज्ञापन पंच बहादुर सिंह ने दिया। इस मौके पर प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष हरिबंश सिंह, पीजी कॉलेज के प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल, उपाचार्य प्रो. संगीता जैन, इन्टर कॉलेज के प्रधानाचार्य अशोक कुमार सिंह सहित समस्त प्राध्यापक, कर्मचारी एवं छात्र - छात्राएं उपस्थित रहे।