शनिवार, 5 अप्रैल 2025

police Commissioner Varanasi ने रामनवमी के दृष्टिगत भ्रमण कर ड्यूटीरत पुलिस अधिकारियों को दिया दिशा-निर्देश

सड़क पर उतरे सीपी पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा

थाना प्रभारी चौक को लगाई फटकार


Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). पुलिस आयुक्त ने रामनवमी पर्व के दृष्टिगत रामापुरा, गोदौलिया, दालमण्डी, नई सड़क, दशाश्वमेध घाट आदि क्षेत्रों में पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा। दालमण्डी में अवैध पार्किंग एवं अतिक्रमण को लेकर थाना प्रभारी चौक को लगाई फटकार तथा निर्देश दिए कि गलियों में किसी प्रकार का अतिक्रमण न होने पाए। सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे निरंतर भ्रमणशील रहकर ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों की चेकिंग करें और उन्हें समय-समय पर ड्यूटी के संबंध में ब्रीफ करते रहें। किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया के लिए UP-112 की अतिरिक्त पीआरवी गाड़ियों की ड्यूटी लगाई गई।


संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन कैमरों द्वारा भीड़ पर निगरानी रखने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाने के निर्देश भी दिए गए। पुलिसकर्मियों को निर्देशित किया गया कि वे दर्शनार्थियों/श्रद्धालुओं के प्रति विनम्र, सहयोगात्मक और संवेदनशील व्यवहार बनाए रखें। 

इस दौरान पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा रामनवमी पर्व के दृष्टिगत शहर के रामापुरा, गोदौलिया, दालमण्डी, नई सड़क, दशाश्वमेध घाट आदि स्थानों का पैदल भ्रमण कर ड्यूटी पर तैनात अधिकारी/कर्मचारीगण को आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया। पुलिस  इस दौरान पुलिस उपायुक्त काशी जोन गौरव वंशवाल, सम्बन्धित सहायक पुलिस आयुक्त व थाना प्रभारी उपस्थित रहे ।

Sant Ravidas के सच्चे अनुयाई, मानवीय मूल्यों के रक्षक थे Babu jagjivan Ram

पूर्व उपप्रधानमंत्री जगजीवन राम की मनाई गई 118 वीं जयंती 

Varanasi (dil India live). शनिवार 5 अप्रैल दी रविदास स्मारक समिति के तत्वाधान में भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री स्वतंत्रता संग्राम सेनानी बाबू जगजीवन राम की 118 वीं  जयंती रविदास मंदिर राजघाट में श्रद्धा पूर्वक मनाई गई। 

      लोगों ने समता मूलक समाज के संवाहक बाबू जगजीवन राम की प्रतिमा पर पुरुष अर्पित कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। बाबू जगजीवन राम का व्यक्तित्व कृतित्व संगोष्ठी का विषय संस्थापना करते हुए साहित्यकार डॉक्टर जयशंकर जय ने कहा -बाबू जगजीवन राम राष्ट्र निर्माण के कुशल शिल्पी थे वो राष्ट्रीय एकता अखंडता समानता का ताना-बाना जीवन भर मजबूत करते रहे। मुख्य अतिथि महंत रामेश्वर दास ने कहा संत रविदास के सच्चे अनुयाई मानवीय मूल्यों के रक्षक थे जगजीवन राम। आज वो भले ही हमारे बीच नहीं हैं मगर उनके दिखाए मार्ग, उनकी शिक्षा सदैव देश दुनिया के तमाम लोगों का मार्ग दर्शन करते रहेंगे।

विशिष्ट अतिथि प्रमोद पांडे ने अपने उद्बोधन में कहा बाबूजी जीवन राम सामाजिक न्याय के प्रभावित थे वे शोषण रचित और सर्वहारा समाज की लड़ाई जीवन भर लड़ते रहे। संगोष्ठी अध्यक्ष आचार्य महंत डॉक्टर भारत भूषण दास ने कहा वह सच्चे देशभक्त, स्वतंत्रता सेनानी एवं समाजसेवी थे उनको कभी भुलाया नहीं जा सकता। 

     संगोष्ठी को पार्षद अमरदेव यादव, पार्षद बबलू शाह, पार्षद हाजी वकास अंसारी, गांधीवादी गोरखनाथ, अनुराग त्रिवेदी, रामकृष्ण आदि ने संबोधित किया। 

इम्तियाज अहमद वीरेंद्र सिंह हारून मोहन चक्रवर्ती दिनेश यादव। संचालन डॉक्टर जयशंकर जय, किशन जयसवाल मदन लाल यादव शोभनाथ यादव धन्यवाद ज्ञापन वीरेंद्र कुमार बबलू ने किया। मुख्य रूप से पुजारी रामविलास दास धर्मराज विकास अध्यक्ष आयुष्मान चंद्रवंशी महेश मोहित राय बृजेश राम राजकुमार धीरज राजभर रमेश गुप्ता आदि उपस्थित रहे। 

VKM Varanasi main हिंदी रंगमंच दिवस की रही धूम

रंगमंच मानवीय व्यक्तित्व के विकास का प्रभावी उपकरण


Varanasi (dil India live). वसंत कन्या महाविद्यालय के कमच्छा स्थित सेमिनार सभागार में हिंदी रंगमंच दिवस के उपलक्ष्य में 05 अप्रैल को महाविद्यालय के थिएटर क्लब 'रंगमंच' का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर क्लब की मानद संरक्षक, महाविद्यालय की प्रबंधक उमा भट्टाचार्य ने छात्राओं की इस अनोखी पहल की खूब सराहना की। इस अवसर पर बोलते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने थिएटर को मानवीय व्यक्तित्व के विकास का प्रभावी उपकरण बताया। उन्होंने क्लब की गतिविधियों को वर्ष-पर्यंत उत्साह पूर्वक संचालित करते रहने के लिए छात्राओं को प्रेरित किया। रंगमंच को महाविद्यालय में सर्वांगीण विकास के लिए एक अति आवश्यक अंग मानते हुए उन्होंने सभी से 'रंगमंच' से जुड़ने का आह्वाहन किया जिससे उच्च शिक्षा के वास्तविक आदर्शो को प्राप्त किया जा सके। नई शिक्षा नीति में प्रायोगिक शिक्षक और प्रशिक्षण पर दिए जा रहे विशेष बल को देखते हुए रंगमंच के योगदान को उन्होंने रेखांकित किया । 

'मां मुझे टैगोर बना दो' का विशेष मंचन

इस अवसर पर प्रख्यात रंगकर्मी लकी गुप्ता के एकल अभिनय से सजे नाटक 'मां मुझे टैगोर बना दो' का विशेष मंचन हुआ। इस प्रभावी नाट्य प्रस्तुति ने पूरे सभागार को कभी रुलाया तो कभी हंसाया। छात्रों से संवाद करते हुए लकी गुप्ता जी ने कहा कि रंगमंच जैसे प्रकोष्ठ शिक्षक और प्रशिक्षण को आसान और असरकारक बना देते हैं। उन्होंने छात्राओं से अध्ययन के प्रति गंभीर रहने और शिक्षकों से छात्राओं के प्रति संवेदनशीलता बरतने का आग्रह किया। इसके पूर्व, कार्यक्रम का प्रारंभ रंगमंच क्लब के सदस्यों द्वारा तैयार सुंदर नाट्य प्रस्तुति से हुआ। इसके बाद क्लब की संकल्पना, उद्देश्यों आदि से परिचित कराया। क्लब की अध्यक्ष छात्र अदिति तिवारी ने सूत्रधार की भूमिका निभाई। कार्यक्रम में छात्र अधिष्ठाता और आइक्यूएसी की समान्वयिकाओं सहित महाविद्यालय के अध्यापक गण और छात्राओं की उपस्थिति उत्साह पूर्ण रही।

DAV Inter College में प्रवेश परीक्षा में अभ्यर्थियों की भीड़


Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live)। औसानगंज स्थित डीएवी इंटर कॉलेज में शनिवार को प्रवेश परीक्षा में अभ्यर्थियों की भारी भीड़ उमड़ी। कक्षा 6, 9 और 11 के विभिन्न वर्गों में प्रवेश के लिए 600 से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। विद्यालय के कार्यवाहक प्रधानाचार्य अरुण कुमार ने बताया कि पहली बार इतनी बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने प्रवेश के लिए परीक्षा दी है, इसके बाद स्क्रीनिंग कर सीट अनुसार उन्हें प्रवेश दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इसका सम्पूर्ण श्रेय विद्यालय के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव के कुशल प्रबंधन एवं अध्यापकों की कड़ी मेहनत को जाता है जिसके कारण यह विद्यालय वाराणसी जनपद में शीर्षस्थ हो पाया है।

Kazi-E-Hindustan करेंगे Barely में वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ बैठक

देश भर के उलेमा से किया जाएगा वक्फ संशोधन विधेयक पर चर्चा-काजी-ए-हिंदुस्तान

बुजुर्गों ने कीमती जायदाद अल्लाह की राह में कौम की बेहतरी के लिए की वक़्फ़-काजी-ए-हिंदुस्तान 

Barely (dil India live). काज़ी-ए-हिन्दुस्तान मुफ्ती मुहम्मद असजद रजा़ खां का़दरी की सदारत में वक्फ जायदाद की सुरक्षा और इसके संवैधानिक अधिकारों को लेकर विश्व में सूफिज़्म का केंद्र बरेली शरीफ में एक अहम बैठक देर रात हुई। बैठक में उलेमा, अधिवक्तागण व कोर कमेटी के पदाधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में काज़ी-ए-हिन्दुस्तान मुफ्ती मुहम्मद असजद रजा़ खां का़दरी बरेलवी ने कहा कि हमारे बुजुर्गों ने अपनी कीमती जायदाद अल्लाह की राह में वक़्फ़ की ताकि वे हमेशा के लिए धार्मिक, शैक्षिक और कल्याणकारी उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जा सके। भारतीय संविधान के तहत हमें अपनी वक़्फ़ संपत्तियों की सुरक्षा और उनके सही उपयोग का पूरा कानूनी अधिकार प्राप्त है।

उलेमा ने बिल के संवैधानिक, कानूनी और सामाजिक प्रभावों पर अपने विचार व्यक्त किए। बैठक में काज़ी-ए-हिन्दुस्तान ने कहा कि यह बिल संशोधन के नाम पर साजिश है जब कानून सबके लिए बराबरी का न हो तो वह पक्षपाती बन जाता है।

संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन 

उन्होंने कहा कि वक्फ बिल संविधान के अनुच्छेद 26 के तहत मुसलमानों को प्राप्त धार्मिक मामलों के प्रबंधन के अधिकार का उल्लंघन करता है।

वक्फ संपत्ति अल्लाह के नाम पर निहित एक धार्मिक संपत्ति है, जो इस्लामी परंपरा में सदका-ए-जारिया, दान और समुदाय कल्याण के मूल्यों का प्रतीक है। बिल को सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न निर्णयों के खिलाफ एक असंवैधानिक प्रयास बताया गया।

अनुच्छेद 25 और 26 का हनन

बैठक में कहा गया कि यह बिल संविधान के अनुच्छेद 25 और 26 के तहत प्रदत्त धार्मिक स्वतंत्रता और प्रबंधन के अधिकारों के खिलाफ़ है।

 अधिकार क्षेत्र का अतिक्रमण

क़ाज़ी ए हिंदुस्तान ने तर्क दिया कि बिल अनुच्छेद 246 (3) के तहत राज्य के विशेष विधायी अधिकार क्षेत्र का उल्लंघन करता है, जिसके कारण यह असंवैधानिक है।

वर्गीकरण और विभाजन की आशंका

बिल के खंड 3 (ix) पर चर्चा करते हुए कहा गया कि अगाखानी वक्फ और बोहरा वक्फ जैसे उप-समूहों का निर्माण संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों से परे है और इससे समुदाय में विभाजन की संभावना बढ़ती है। यह चिंता व्यक्त की कि संपत्ति के स्वामित्व विवाद को केवल सिविल कोर्ट ही तय कर सकता है, न कि राज्य सरकार के अधिकारी, जैसा कि बिल में प्रस्तावित है। यह प्रावधान प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ है। उन्होंने इसे समानता के अधिकार का उल्लंघन भी करार दिया। बैठक में यह तथ्य उजागर हुआ कि बिल अनुच्छेद 14 के तहत समान संरक्षण के सिद्धांत का उल्लंघन करता है। जहां हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध endowment को संरक्षण प्राप्त है, वहीं मुस्लिम वक्फ के लिए समान सुरक्षा नहीं दी गई है। उपयोग के आधार पर वक्फ को समाप्त करना और गैर-मुस्लिमों द्वारा इसके प्रशासन की व्यवस्था असमानता को दर्शाती है। बैठक में मुंबई के एंटीलिया मामले का उल्लेख हुआ, जो पहले खोजा समुदाय की वक्फ संपत्ति थी और अब सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। यह सवाल उठाया गया कि क्या बिल के जरिए सरकार विवादित वक्फ संपत्तियों को प्रभावित करने का प्रयास कर रही है।

उलेमा किराम ने कहा कि बैठक का मुख्य उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के संरक्षण, प्रबंधन और इसके कानूनी पहलुओं पर विचार-विमर्श करना, खासकर वक्फ (संशोधन) विधेयक 2025 के संदर्भ में जो कल ही संसद में पारित हुआ है। उलेमा किराम के साथ साथ वकीलों ने भी सख्त लफ़्ज़ों में बिल की मजम्मत की और कहा कि जो शरीयत के खिलाफ़ हों। उसको हम नही मानते हैं।

जमात रज़ा ए मुस्तफ़ा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सलमान हसन खान (सलमान मिया) ने कहा कि हम भारत के नागरिक हैं l हमें भारतीय संविधान अपने मौलिक अधिकारों के तहत वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और संरक्षण के लिए अपनी आवाज बुलंद करने की स्वतंत्रता प्रदान करता है।

संविधान का अनुच्छेद 25 और 26 हमें धार्मिक स्वतंत्रता और अपनी धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन का अधिकार देता है, जिसमें वक्फ संपत्तियों का संरक्षण भी शामिल है। इसके साथ ही, अनुच्छेद 14 समानता का अधिकार और अनुच्छेद 21 सम्मानजनक जीवन का अधिकार सुनिश्चित करता है।

भारतीय संविधान किसी भी व्यक्ति या समुदाय के मौलिक अधिकारों के हनन की अनुमति नहीं देता, और वक्फ संपत्तियों पर अतिक्रमण या दुरुपयोग इसी संवैधानिक भावना के खिलाफ है। वक्फ संपत्तियाँ हमारी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत का अभिन्न अंग हैं l

सलमान मिया ने बताया बैठक में यह निर्णय लिया गया कि इस मुद्दे को जनता के समक्ष लाने के लिए देश भर में जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई पर भी विचार किया जाएगा और जल्द ही क़ाज़ी ए हिंदुस्तान के आदेश पर देशभर के प्रमुख उलेमा किराम की बैठक बुलायी जाएगी।

शुक्रवार, 4 अप्रैल 2025

Janta Dal United में भूकंप

बिहार में चुनाव से पहले आधा दर्जन ने जदयू से तोड़ा रिश्ता

जदयू की धर्मनिरपेक्ष छवि पर खड़ा हुआ सवाल 


Patna (dil India live). वक्फ संशोधन विधेयक 2025 को समर्थन देना नीतीश कुमार के लिए बड़ी मुसीबत लेकर आ गया है, इसके चलते बिहार में ऐन चुनाव से पहले जनता दल (यूनाइटेड) में भूकंप जैसे हालात दिख रहे हैं। पार्टी के लिए एक के बाद एक झटके लग रहे हैं, क्योंकि इसके कई प्रमुख नेताओं ने हाल ही में इस्तीफा दे दिया है। दरअसल वक्फ संशोधन विधेयक 2025 के समर्थन को लेकर पार्टी के भीतर असंतोष बढ़ना बिहार में होने जा रहे विधान सभा चुनाव के चश्मे से जदयू के लिए किसी भी एंगल से ठीक नहीं कहा जा सकता है। 

आधा दर्जन ने जदयू तोड़ा रिश्ता 

जनता दल यूनाइटेड के अब तक छह नेता अपनी सदस्यता छोड़ चुके हैं। इनमें मोहम्मद कासिम अंसारी, मोहम्मद शाहनवाज मलिक, नदीम अख्तर, तबरेज सिद्दीकी और राजू नैयर के बाद अब नवादा जिले के JDU जिला सचिव मोहम्मद फिरोज खान ने भी पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। इसके चलते जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। सियासी विशेषज्ञों की मानें तो यह सिलसिला बिहार विधानसभा चुनाव से पहले JDU के लिए एक बड़े संकट का संकेत है, क्योंकि ये इस्तीफे पार्टी की धर्मनिरपेक्ष छवि और अल्पसंख्यक समुदाय के बीच विश्वास को लेकर सवाल उठा रहे हैं।

 नीतीश आरएसएस गठजोड़ का आरोप

फिरोज खान ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर आरएसएस से नजदीकी बढ़ाने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अब मुस्लिम समुदाय के हित में कोई काम नहीं कर रहे हैं और उनकी नीतियां "झूठ और मक्कारी" पर आधारित हैं। फिरोज खान ने बैकवर्ड क्लास बिल को लेकर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह बिल मुसलमानों के हितों के खिलाफ है और इससे उनका हक मारा जा रहा है। फिरोज खान के इस्तीफे के बाद उनके समर्थकों में भी नाराजगी देखी जा रही है। उनके करीबी कई कार्यकर्ताओं ने भी जेडीयू छोड़ने के संकेत दिए हैं। इससे पार्टी में आंतरिक संकट गहराने की आशंका है। इस्तीफा देने के बाद फिरोज खान ने प्रदेश के मुस्लिम समुदाय से अपील की कि वे नीतीश कुमार से दूरी बना लें। उन्होंने कहा कि नीतीश सरकार मुस्लिम समाज को गुमराह कर रही है और उनकी भलाई के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। फिरोज खान के इस्तीफे के बाद जेडीयू में हड़कंप मच गया है। माना जा रहा है कि विपक्षी पार्टियां इस मुद्दे को भुनाने की कोशिश कर सकती हैं। 

वक्फ संशोधन विधेयक संविधान के मूल ढांचे पर हमला- कांग्रेस


  • Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live). वक्फ संशोधन विधेयक 2025 पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस कमेटी ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे संविधान के मूल ढांचे पर हमला और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए हानिकारक बताया है। यह विधेयक वक्फ संपत्तियों के प्रबंधन और प्रशासन में सुधार के उद्देश्य से पेश किया गया था। हालांकि, विपक्ष ने इसे विभाजनकारी और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ करार दिया है। कांग्रेस पार्टी ने इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का ऐलान किया है। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश सचिव, हाजी मोहम्मद तौफीक कुरैशी ने इस विधेयक को "संविधान पर हमला" और "सोची-समझी साजिश" करार दिया। उन्होंने कहा कि यह अधिनियम न केवल मुस्लिम समाज की संपत्तियों को निशाना बनाता है, बल्कि भविष्य में अन्य धर्मों को भी प्रभावित कर सकता है। कांग्रेस पार्टी ने चेतावनी दी है कि यह विधेयक लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है और इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने के लिए प्रतिबद्ध है। कांग्रेस पार्टी इस विधेयक के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेगी। उन्होंने बताया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद, मल्लिकार्जुन खड़गे जी ने इस विधेयक को लेकर अपनी गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने इसे संविधान के मूल सिद्धांतों पर हमला और अल्पसंख्यकों के अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास बताया है। खड़गे ने कहा कि यह विधेयक वक्फ संपत्तियों पर सरकार और भाजपा से जुड़े लोगों को कब्जा करने का अधिकार देगा और मुसलमानों के व्यक्तिगत अधिकारों को छीनने का प्रयास है।

police Commissioner Varanasi ने रामनवमी के दृष्टिगत भ्रमण कर ड्यूटीरत पुलिस अधिकारियों को दिया दिशा-निर्देश

सड़क पर उतरे सीपी पैदल गश्त कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का लिया जायजा थाना प्रभारी चौक को लगाई फटकार Mohd Rizwan  Varanasi (dil India live). पुलिस...