शुक्रवार, 9 जनवरी 2026

Education: UP K Varanasi Main फिर हुई स्कूलों में छुट्टियां, जानिए पूरा समाचार

अब Monday से खुलेंगे school, होगी पढ़ाई




Sarfaraz Ahmad 

dil india live (Varanasi). वाराणसी में स्कूलों को फिर बंद कर दिया गया है। अब सोमवार से स्कूल अगर मौसम ठीक रहा तो खुलेंगे और पढ़ाई-लिखाई होगी। बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने उक्त जानकारी साझा करते हुए बताया कि जिलाधिकारी, जनपद वाराणसी के निर्देश के क्रम में जनपद में अत्यधिक ठण्ड, घने कोहरे व शीत लहर में लगातार हो रही वृद्धि के दृष्टिगत जनपद वाराणसी में संचालित प्री-प्राइमरी से कक्षा-8 तक के समस्त निजी मान्यता प्राप्त /सी०बी०एस०ई०. आई०सी०एस०ई० बोर्ड सहित अन्य बोर्ड के समस्त विद्यालयों का संचालन 10 जनवरी 2026 तक बंद रहेगा। जिन विद्यलायों पर बूथ यू०आर०सी०, बी०आर०सी० है वे खुले रहेंगे व निर्वाचन / कार्य में लगे अध्यापक, शिक्षामित्र व अन्य कार्मिक उपस्थित रहेंगे। उक्त आदेश का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित किया जायेगा। ग्यारह को इतवार है इसलिए स्कूल मौसम ठीक रहने पर सोमवार से खुलेंगे।


Education : English का तीन दिवसीय workshop Varanasi Main सम्पन्न

डायट सारनाथ में हुआ था अशासकीय माध्यमिक टीचर्स का क्लास 9 व 10 का प्रशिक्षण


dil india live (Varanasi). जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान सारनाथ वाराणसी में अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत कक्षा 9 एवं 10 के अंग्रेजी विषय का तीन दिवसीय प्रशिक्षण दिनांक 7.1.2026 से 9/ 1/ 2026 तक प्राचार्य उमेश कुमार शुक्ला के निर्देशन में संपन्न हुआ। 

प्रशिक्षण में संयोजक डॉक्टर अमित कुमार दुबे ने माध्यमिक विद्यालयों में पढ़ाई जाने वाली अंग्रेजी भाषा साहित्य व्याकरण के सभी पहलुओं पर विस्तार पूर्वक चर्चा करते हुए बताया कि आज के समय में अंग्रेजी भाषा की उपयोगिता /उपादेयता बढ़ी है। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षित शिक्षकों के द्वारा अंग्रेजी शिक्षण में आने वाली बाधाओं को दूर किया जा सकता है।


इस अवसर पर जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे शिक्षकों के लिए इस प्रशिक्षण को एक  सुअवसर बताते हुए इसे विद्यालय में प्रयोग करने की बात कही। कार्यक्रम में डीसी अनुराग दुबे, रंजना दुबे, राहुल पाठक, जनार्दन यादव एवं विकास त्रिपाठी मौजूद थे।

69th All India Railway गोल्फ चैंपियनशिप में BLW ने लहराया परचम

रेल कोच फैक्ट्री (RCF) कपूरथला उपविजेता, साउथ सेंट्रल रेलवे को तीसरा स्थान



F. farouqi/ Santosh Nagvanshi 

dil india live (Varanasi). रेल डिब्बा कारखाना (RCF), कपूरथला के गोल्फ कोर्स में आयोजित 69 वीं ऑल इंडिया रेलवे गोल्फ चैंपियनशिप 2025-26 का 08 जनवरी 2026 को भव्य समापन हुआ। इस प्रतिष्ठित अखिल भारतीय प्रतियोगिता में बनारस लोकोमोटिव वर्क्स (बरेका), बनारस की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त कर चैंपियनशिप अपने नाम की।

बरेका टीम ने कुल 448 के प्रभावशाली स्कोर के साथ प्रतियोगिता में शीर्ष स्थान हासिल किया। वहीं मेज़बान रेल कोच फैक्ट्री (RCF), कपूरथला,पंजाब की टीम ने 452 के स्कोर के साथ उपविजेता का गौरव प्राप्त किया, जबकि साउथ सेंट्रल रेलवे, सिकंदराबाद की टीम 472 के स्कोर के साथ तृतीय स्थान पर रही।

व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन किया। RCF के युवराज सिंह ने लॉन्गेस्ट ड्राइव प्रतियोगिता जीतने का श्रेय प्राप्त किया और 141 के ग्रॉस स्कोर के साथ सर्वश्रेष्ठ गोल्फर घोषित किए गए। बरेका के गुलफाम हुसैन एवं इमामुल हक को 148-148 के स्कोर के साथ क्रमशः प्रथम एवं द्वितीय उपविजेता पुरस्कार प्रदान किए गए।

पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि द्वारा विजेता एवं उपविजेता टीमों को ट्रॉफी प्रदान की गई। इस अवसर पर रेलवे खेल नियंत्रण बोर्ड एवं RCF स्पोर्ट्स एसोसिएशन के वरिष्ठ अधिकारी, खेल प्रेमी और बड़ी संख्या में खिलाड़ी उपस्थित रहे। यह चैंपियनशिप रेलवे खेलों में बढ़ती प्रतिस्पर्धा, खेल भावना और खिलाड़ियों की उत्कृष्ट प्रतिभा का जीवंत उदाहरण बनी।

बरेका की इस ऐतिहासिक जीत पर बरेका महाप्रबंधक एवं संरक्षक, बरेका खेलकूद संघ सोमेश कुमार, प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एवं अध्यक्ष, बरेका खेलकूद संघ सुशील कुमार श्रीवास्तव,मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (उत्पादन एवं विपणन) एवं महासचिव, बरेका खेलकूद संघ सुनील कुमार, उप महाप्रबंधक सागर एवं जन संपर्क अधिकारी राजेश कुमार ने बरेका की टीम को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं।

गुरुवार, 8 जनवरी 2026

Mahamana ji ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना कर एक ऐतिहासिक उदाहरण प्रस्तुत किया-मिथिलेशनंदिनी

आदर्श चरित्रों के अनुशीलन से होगा राष्ट्र निर्माण- मिथिलेशनंदिनी

सेवाज्ञ संस्थानम्, काशी द्वारा ‘महामना महोत्सव पखवाड़ा’ का भव्य समापन



dil india live (Varanasi). मिथिलेशनंदिनी शरण महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि आदर्श यह नहीं बताता कि क्या होना चाहिए, बल्कि यह बताता है कि हम वास्तव में कैसे हैं। आदर्श का एक पर्याय ‘दर्पण’ है, जिसमें हम स्वयं को देखते हैं। इसी प्रकार महामना जी के चरित्र को आत्मसात कर हमें अपने भीतर सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि साधनहीनता और अनेक बाधाओं के बावजूद महामना जी ने महासेतु के निर्माण की तरह काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना कर एक ऐतिहासिक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि आधुनिक होने का अर्थ परंपराओं का विनाश नहीं, बल्कि उन्हें आत्मसात करते हुए आगे बढ़ना है। राष्ट्र निर्माण की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा गया कि राष्ट्र एक समेकित जीवन-बोध है, जिसमें साझा कल्याण की भावना निहित होती है। विश्वास की एकता और चरित्र-बल के समन्वय से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। स्वराज, स्वदेशी और स्वशिक्षा महामना मालवीय के चिंतन के मूल आधार थे, जो आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।

सेवाज्ञ संस्थानम्, काशी द्वारा आयोजित महामना महोत्सव पखवाड़ा का समापन आज पुरस्कार वितरण समारोह के साथ गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्वानों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा युवाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। समापन समारोह में संस्थान के राष्ट्रीय सचिव श्री माधव झा ने सेवाज्ञ संस्थानम् के उद्देश्यों, विचारधारा तथा संगठनात्मक संरचना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय संस्था की राज्य इकाइयों के कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि सेवाज्ञ संस्थानम् राष्ट्र निर्माण के व्यापक लक्ष्य के साथ निरंतर कार्यरत है। इसके साथ ही उन्होंने युवा धर्म संसद एवं उतिष्ठ भारत कार्यक्रम जैसी पहलों की भी जानकारी दी।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष प्रो. अवधेश प्रधान ने महामना मदन मोहन मालवीय के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रो. प्रधान ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना के पीछे की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और महामना जी के अथक प्रयासों का सजीव वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मालवीय जी एक प्रखर वक्ता, उत्कृष्ट शिक्षक, कुशल वकील और निर्भीक पत्रकार थे। बहुमुखी प्रतिभा के धनी महामना जी अनेक भाषाओं के जानकार थे तथा वे मानसिक शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक सौष्ठव पर भी विशेष बल देते थे। उनके विचारों में अध्ययन के साथ खेलकूद, व्यायाम और सर्वांगीण विकास को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त था।

पूज्य महाराज मिथिलेशनंदिनी शरण ने अपने उद्बोधन में कहा कि आदर्श यह नहीं बताता कि क्या होना चाहिए, बल्कि यह बताता है कि हम वास्तव में कैसे हैं। आदर्श का एक पर्याय ‘दर्पण’ है, जिसमें हम स्वयं को देखते हैं। इसी प्रकार महामना जी के चरित्र को आत्मसात कर हमें अपने भीतर सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि साधनहीनता और अनेक बाधाओं के बावजूद महामना जी ने महासेतु के निर्माण की तरह काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना कर एक ऐतिहासिक उदाहरण प्रस्तुत किया।

वक्ताओं ने इस बात पर भी बल दिया कि आधुनिक होने का अर्थ परंपराओं का विनाश नहीं, बल्कि उन्हें आत्मसात करते हुए आगे बढ़ना है। राष्ट्र निर्माण की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा गया कि राष्ट्र एक समेकित जीवन-बोध है, जिसमें साझा कल्याण की भावना निहित होती है। विश्वास की एकता और चरित्र-बल के समन्वय से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। स्वराज, स्वदेशी और स्वशिक्षा महामना मालवीय के चिंतन के मूल आधार थे, जो आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।


उल्लेखनीय है कि विगत 25 दिसंबर से सेवाज्ञ संस्थानम् की काशी क्षेत्र इकाई द्वारा रक्तदान शिविर,विज्ञान प्रदर्शनी, भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन एवं चित्रकला  समेत 8 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में 50 से अधिक विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। समापन समारोह में इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।

इस अवसर पर संस्था द्वारा प्रकाशित पुस्तक का विमोचन भी किया गया, जिसमें महामना मदन मोहन मालवीय के जीवन, विचार और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान से संबंधित महत्वपूर्ण सामग्री संकलित है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण के संकल्प और महामना के आदर्शों को जीवन में उतारने के आह्वान के साथ किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सेवाज्ञ संस्थानम् के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष, काशी महानगर इकाई के संयोजक शिवम् पाण्डेय, शोला पटेल, सुयश दहौलिया आदि अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बुधवार, 7 जनवरी 2026

India Post: आधार नामांकन एवं बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट निःशुल्क

गांधीनगर सेक्टर-17 डाकघर में आधार केंद्र की शुरुआत  

प्रातः 08:00 बजे से सायं 06:00 बजे तक मिलेगी सुविधा

भारतीय डाक विभाग द्वारा स्कूलों में बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट के लिए चलेगा विशेष अभियान-पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार




dil india live (Ahmadabad). नागरिकों को अपने नजदीकी क्षेत्र में ही आधार सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूरे देश में डाकघरों में आधार केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन डाकघर आधार केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को नए आधार नामांकन तथा किसी भी प्रकार के संशोधन या विसंगति की स्थिति में आधार अपडेट कराने में सुविधा प्राप्त हो रही है। इसी कड़ी में आधार सेवाओं की निरंतर बढ़ती मांग एवं नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गांधीनगर में सेक्टर - 17 डाकघर में आधार सेवा केंद्र की शुरुआत 7 जनवरी, 2026 को उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव द्वारा किया गया।  

प्रातः 08:00 बजे से सायं 06:00 बजे तक कार्यरत इन दो नए आधार काउंटर के साथ गांधीनगर में कुल 38 डाकघर आधार सेवा केंद्र कार्यरत हो गए। गांधीनगर प्रधान डाकघर में भी लोगों को समयबद्ध एवं सुगम सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से  प्रातः 08:00 बजे से सायं 06:00 बजे तक अब दो आधार काउंटर कार्यरत कर दिए गए हैं। उत्तर गुजरात परिक्षेत्र में 257 डाकघर आधारसेवा केंद्र के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध हैं। डाकघरों में आधार नामांकन एवं बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (5–7 वर्ष एवं 15–17 वर्ष की आयु वर्ग में) पूर्णतः निःशुल्क प्रदान किया जाता है। वहीं डेमोग्राफिक अपडेट, जैसे नाम, पता, जन्मतिथि अथवा मोबाइल नंबर में संशोधन के लिए ₹75 शुल्क निर्धारित किया गया है। फिंगरप्रिंट एवं फोटो अपडेट जैसे बायोमेट्रिक अपडेट हेतु ₹125 शुल्क देय है। 

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि  वर्तमान में आधार सभी नागरिकों के लिए अपरिहार्य है। ऐसे में नए आधार सेवा केंद्र प्रारंभ करने की यह पहल नागरिक-केंद्रित सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी कड़ी में  भारतीय डाक विभाग द्वारा सभी स्कूलों में बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न स्कूल अपने यहाँ आवश्यकतानुसार विशेष कैंप के लिए डाक विभाग को आग्रह भी कर सकते हैं। सुदूरतम क्षेत्रों में आम लोगों तक पहुंचने के लिए डाकघरों में लैपटॉप आधार किटों के माध्यम से शिविर मोड में आधार नामांकन व अद्यतन की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे अंतिम छोर तक सेवाओं की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित हो रही है। यह पहल डिजिटल इंडिया, जनसेवा और अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में डाक विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। 

गांधीनगर मंडल के प्रवर अधीक्षक डाकघर शिशिर कुमार ने बताया कि यूआईडीएआई द्वारा जारी निर्देशों के तहत प्रत्येक व्यक्ति को आधार नामांकन/ अपडेट केंद्र पर कम से कम तीन बार जाना अनिवार्य है। पहली बार 05 वर्ष की आयु तक नया आधार नंबर बनवाने के लिए, दूसरी बार 05 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद बच्चे के स्वयं के बायोमेट्रिक विवरण को अनिवार्य रूप से अपडेट कराने के लिए तथा तीसरी बार 15 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद व्यक्ति के अपने पुनः बायोमेट्रिक अपडेट के हेतु केंद्र पर उपस्थित होना आवश्यक होता है। बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (5–7 वर्ष एवं 15–17 वर्ष की आयु वर्ग में) पूर्णतः निःशुल्क है।


इनकी रही खास मौजूदगी 

इस अवसर पर प्रवर अधीक्षक, गांधीनगर शिशिर कुमार, सहायक निदेशक वी एम वहोरा, डिप्टी अधीक्षक दीपक वाढेर, सहायक डाक अधीक्षक हेमंत कंतार, दक्षेश चौहान, भाविन प्रजापति, डाक निरीक्षक चिराग सुथार, पोस्टमास्टर खेमचंद भाई वाघेला, रइसा मंसूरी, संजय पटेल सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

मंगलवार, 6 जनवरी 2026

Varanasi K DAV PG College के स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी

डीएवी के गैर जेआरएफ शोधार्थियों को भी मिलेगी फेलोशिप


dil india live (Varanasi)। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से सम्बद्ध डीएवी पीजी कॉलेज के गैर जेआरएफ शोधार्थियों के लिए मंगलवार को खुशखबरी आयी, कॉलेज वे शोध छात्र जिन्हें किसी भी प्रकार की फेलोशिप नही मिलती है खासतौर से नेट क्वालीफाई शोधार्थी उन्हें अब कॉलेज प्रबंधन की तरफ़ से प्रतिमाह 8 हजार रुपये की फेलोशिप दी जाएगी। यह शुरुआत कॉलेज में शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एवं विश्वविद्यालय के मानक के अनुरूप शोध छात्रों को दी जाने वाली सुविधाओं के क्रम में प्रदान की जा रही है। 

कॉलेज के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव ने बताया कि विगत दिवस विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी के साथ हुई बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया है। श्री सिंह ने बताया कि अभी तक सिर्फ विश्वविद्यालय में ही गैर जेआरएफ पीएचडी शोधार्थियों को फेलोशिप दी जाती रही है। कॉलेज द्वारा लिए गए इस निर्णय से पीएचडी शोधार्थियों में हर्ष व्याप्त हो गया है, इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया गया है। बैठक में महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल भी उपस्थित रहे।

UP के Varanasi में School फिर Closed

भीषण ठंड और कोहरे के चलते वाराणसी में फिर बढ़ा अवकाश 



Sarfaraz Ahmad 

dil india live (Varanasi). बनारस में स्कूल फिर बंद हो गये हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि जिलाधिकारी वाराणसी के निर्देश के क्रम में जनपद  में अत्यधिक ठण्ड, घने कोहरे व शीत लहर में लगातार हो रही वृद्धि के दृष्टिगत जनपद वाराणसी में संचालित  प्री-प्राइमरी से कक्षा-8 तक के समस्त राजकीय/परिषदीय/अशासकीय राहायता प्राप्त / निजी मान्यता प्राप्त / सी०बी०एस०ई०, आई०सी० एस०ई० बोर्ड सहित अन्य बोर्ड के समस्त विद्यालयों का संचालन दिनांक 7, 8 एवं 9 जनवरी 2026 को बंद रहेगा। विभागीय एवं अन्य कार्यों हेतु अध्यापक एवं अन्य कर्मचारी पूर्व की भांति विद्यालय पर उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा है कि उक्त आदेश का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए।