बुधवार, 26 अगस्त 2026

Eid miladunnabi news 26 August 2026: यहां जानिए क्यों सजा है सारा जहां, किसका मनाया जा रहा है जश्न

ये है पैग़म्बर हज़रत मुहम्मद रसूल अल्लाह की यौमे पैदाइश ईद मिलाद-उन-नबी का जश्न
Eid miladunnabi 26 August 2026 को पैग़म्बरे इस्लाम Hazrat muhammad (स.) की यौमे पैदाइश


  • सरफराज अहमद/ मोहम्मद रिजवान 

dil india live (Varanasi).  देश दुनिया भर में आज फिर ईद है। ये रमज़ान के रोज़े रखने की खुशी में मनाई जाने वाली ईद नहीं बल्कि ये ईद उस शख्सियत की दुनिया में आमद की खुशी में है जिसने हमें इस्लाम का सिस्टम दिया, जिसने हमें रोज़ा रखना, नमाज़ पढ़ना ही नहीं जिंदगी जीने से लेकर दुनिया से रुखसत होने तक का सलीका बताया। ये ईद-मिलादुन्नबी का जश्न मनाया जा रहा है। इस्लाम धर्म के पैगंबर हजरत मोहम्मद (स.) के जन्मदिन की खुशी की ईद है, इसे हम ईद मिलादुनन्बी या ईद-ए-मिलाद कहते है। 

दरअसल रबीउल अव्वल की 12 वीं तारीख को ही हजरत मोहम्मद (स.) की यौमे पैदाइश (जन्म) हुई थी इसीलिए मुस्लिम इस दिन को जश्न के रूप में मनाते हैं। इस खास मौके पर रात भर मस्जिदों मुहल्लों में इबादत होती हैं और जलसा (इस्लामिक सभा) का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजरत मोहम्मद (स.) की शान में नातिया कलाम व नज़्म अकीदतमंद पेश करते हैं। कई जगहों पर जुलुसे मोहम्मदी निकाले जाते है। इस दिन मस्जिदों व घरों में कुरान को खास तौर पर पढ़ा जाता है और गरीबों में जरूरत की चीजें खैरात व सदका की जाती हैं।



पैगंबर मोहम्मद (स.) की पैदाइश

पैगंबर मोहम्मद (स.) का जन्म अरब के शहर मक्का में 571 ईस्वी में 12 रबीउल अव्वल को सुबह सादिक के वक्त हुआ था। नबी की पैदाइश की सुबह अरब में हर तरफ नूर की बारिश हो रही थी। इस्लामी किताबों में आया है जैसी सुबह उस दिन थी वैसी ना तो कभी सुबह हुई न ही फिज़ा में कभी ऐसी ताजगी देखी गई।

पैगंबर हजरत मोहम्मद (स.) के जन्म से पहले ही उनके वालिद का इंतकाल (निधन) हो चुका था। जब वह 6 वर्ष के थे तो उनकी वालिदा जनाबे आमीना का भी इंतकाल हो गया। मां के इंतकाल के बाद पैगंबर मोहम्मद (स.) अपने चाचा अबू तालिब और दादा अबू  मुतालिब के साथ रहने लगे। इनके वालिद का नाम अब्दुल्लाह और मां का नाम बीबी आमिना था। अल्लाह ने सबसे पहले पैगंबर हजरत मोहम्मद को ही पवित्र कुरान अता की।  इसके बाद ही पैगंबर हजरत मोहम्मद (स.) ने पवित्र कुरान का पैगाम दुनिया के कोने-कोने तक पहुंचाया।

नबी ने क ऐसा इस्लाम का सिस्टम बनाया कि आज पूरी दुनिया में सबसे ज्यादा पढ़ी, समझी और याद की जाने वाली किताब कुरान मजीद है। हर मुसलमान नमाज़ में कुरान की आयतें पढ़ता है। इसलिए पूरी दुनिया में कुरान पढ़ी और याद की जाती है। संपूर्ण कुरान कंठस्थ करने वाले हाफ़िज़ कहलाते हैं जो अकेले बनारस में ही दस हजार से ज्यादा हैं, पूरे देश और दुनिया का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है। 

आज उसी शख्सियत पैग़म्बरे इस्लाम हज़रत मुहम्मद रसूल अल्लाह (स.) की यौमे पैदाइश ईद मिलाद-उन-नबी के तौर पर मनाया जा रहा है।





Eid miladunnabi 26 August 2026

सज गये मुस्लिम इलाक़े गूंज रही नात

इस्लाम धर्म के आखिरी पैगम्बर, हज़रत मोहम्मद मुस्तफा (स.) की यौमे पैदाइश की खुशी में मंगलवार की शाम मुसालिम इलाके रौशनी और सजावट से इतराते नज़र आये। इस दौरान सारा जहां नबी की मोहब्बत और अकीदत लुटाता नज़र आया। हर तरफ नूर की बारिश और डायसो से नबी की शान में कलाम पेश करते शायरों का जज्बा और जुनून देखते ही बन रहा था। यह नज़ारा था अर्दली बाज़ार मुख्य रोड का। यहां देर रात तक शायरों ने जहां कलाम पेश किया वही उलेमा की तकरीर से भी अकीदतमंद फैज़याब हुए। मध्यरात्रि तक शायरों के कलाम फिजा में खुशबू बिखेरते नजर आए। नबी की शान में एक से एक उम्दा कलाम गूंज रहा था।

उधर मरकजी यौमुन्नबी कमेटी की ओर से ईद मिलादुन्नबी पर, आज किसकी आमद से हर तरफ उजाला है, आखिरी पैयंबर है और नूर वाला है... व, आमीना का लाल देखो जगमग जगमग करता है...। जैसे कलाम पेश करते हुए मंगलवार की रात जुलूस निकाला गया। जुलूस बेनियाबाग के पूर्वी छोर हड़हा मैदान से निकला। इसके बाद सराय हाड़हा, छत्तातले, नारियल बाजार, दालमंडी, नई सड़क, मस्जिद खुदा बख्श, कुरैशबाग मस्जिद, उस्ताद बिसमिल्लाह खान मार्ग होकर भीखा शाह गेट पर पहुंचकर समाप्त हुआ। जुलूस में शकील अहमद बबलू, महमूद खां, रेयाज अहमद, इमरान अहमद, दिलशाद अहमद आदि व्यवस्था संभाले हुए थे।

जगमगा उठा मुस्लिम इलाका

Eid miladunnabi 2026 के जश्न के दौरान मुस्लिम इलाके रौशनी से नहां उठे। अर्दली बाजार, पक्की बाजार, मकबूल आलम रोड, नदेसर, लल्लापुरा, हबीबपुरा, नई सड़क, दालमंडी, सराय हड़हा, रेवड़ी तालाब, मदनपुरा, गौरीगंज, शिवाला, बजरडीहा, शक्कर तालाब, जलालीपुरा, कोयला बाजार, पीली कोठी, बड़ी बाजार आदि इलाकों में खूबसूरत विद्युतीय सजावट देखने को मिली। हर तरफ बरसात और बारिश के बावजूद खूबसूरत सजावट की गई थी।



मंगलवार, 25 अगस्त 2026

Education News Varanasi 25 August 2026: P.N.Singh Yadav की 22वीं पुण्यतिथि मनाई गई

सामाजिक न्याय के महान योद्धा थे स्व. पी.एन. सिंह यादव-डाॅ. सुधा यादव

डीएवी में आयोजित संगोष्ठी में भाजपा संसदीय बोर्ड की सदस्य ने रखे विचार


dil india live (Varanasi). वाराणसी 25 अगस्त को डी.ए.वी. पी.जी. काॅलेज DAV PG College में मंगलवार को महाविद्यालय के पूर्व प्रबन्धक एवं सामाजिक न्याय के योद्धा स्व. पी.एन. सिंह यादव (PN Singh Yadav) की 22वीं पुण्यतिथि मनाई गई। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में भाजपा संसदीय बोर्ड एवं केन्द्रीय चुनाव समिति की सदस्य (पूर्व सांसद) डाॅ. सुधा यादव ने कहा कि स्व. पी.एन. सिंह यादव सही मायने में सामाजिक न्याय के महान योद्धा थे, जिन्होंने शिक्षा को माध्यम बनाकर पिछड़ों, वंचितों को समाज में बराबरी का अधिकार मिले, इसकी लड़ाई लड़ी और अपनी जान भी गंवा दी।
सामाजिक न्याय और समावेशी नीतियों की अवधारणा विषयक संगोष्ठी को संबोधित करते हुए डाॅ. सुधा यादव ने कहा कि सामाजिक न्याय की लड़ाई की शुरूआत हमें स्वयं से करनी होगी, समाज हमें क्या दे रहा है उससे ज्यादा महत्वपूर्ण हम समाज को क्या लौटा रहे हैं। हमें सबको साथ लेकर चलना होगा, जो सामाजिक, आर्थिक रूप से पिछड़े और वंचित हैं उनकी मदद बिना किसी जातीय, धार्मिक और लैंगिक भेदभाव के करना ही सही मायने में सामाजिक न्याय है।
 


मुख्य अतिथि नेे कहा कि हमारी सरकार विगत एक दशक में बेटी बचाओं, बेटी पढ़ाओं, जनधन योजना, आयुष्मान भारत योजना जैसी योजनाओं के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंच कर सामाजिक न्याय की अवधारणा को और शक्ति प्रदान कर रही है। अंत में उन्होंने काॅलेज में सामाजिक न्याय के योद्धा स्व. पी.एन. सिंह यादव की मूर्ति न होने पर खेद भी जताया और अगले वर्षों में काॅलेज प्रबंधन से उनकी भव्य प्रतिमा स्थापित करने की आशा जताई।  

इसके पूर्व डाॅ. सुधा यादव, मंत्री/प्रबन्धक अजीत कुमार सिंह यादव एवं अन्य विशिष्टजनों द्वारा स्व. पी.एन. सिंह यादव के तैलचित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनका पुण्य स्मरण किया गया। इस अवसर पर अजीत कुमार सिंह यादव ने मुख्य अतिथि डाॅ. सुधा यादव का स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं पुष्पगुच्छ प्रदान कर अभिनन्दन किया। स्वागत भाषण उपप्राचार्य प्रो. संगीता जैन, संचालन डाॅ. पारूल जैन एवं धन्यवाद ज्ञापन का0 प्राचार्य प्रो. मिश्री लाल ने दिया। 

इस मौके पर मुख्य रूप से प्रबंध समिति के कोषाध्यक्ष हरिबंश सिंह, उपप्राचार्य प्रो. राहुल, प्रधानाचार्य अशोक कुमार सिंह, डाॅ. डाॅ. आहूति सिंह, डाॅ. राजेश झा, डाॅ.ऐश्वर्या उपाध्याय, राहुल श्रीवास्तव, वरिष्ठ भाजपा नेता अशोक यादव, सुमित यादव, चन्द्रजीत यादव, सत्यनारायण सिंह ‘छोटू‘ सहित समस्त विभागों के विभागाध्यक्ष, प्राध्यापक, कर्मचारीगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहें। पुण्यतिथि के अवसर पर डी.ए.वी. इण्टर काॅलेज में भी पूर्व प्रबन्धक को अध्यापकों एवं कर्मचारियों द्वारा श्रद्धांजलि अर्पित की गयी।

Eid miladunnabi news Varanasi Uttar Pradesh August 2026: बिना पास जुलूस शामिल न हों, डीजे पर भी लगी रोक

बैठक में हुआ तय, सौ वाहन को ही पास, स्टाल लगाकर बांटे तबर्रुक न बजाएं डीजे
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dil india live (Varanasi). ACP Bhelupur गौरव कुमार की अध्यक्षता में 1501 वां जश्ने ईद मिलादुन्नबी के अवसर पर निकलने वाले जुलूस-ए-मोहम्मदी सकुशल संपन्न कराने के लिए जुलूस के आयोजक और विभिन्न मुहल्लों के प्रतिष्ठित लोगों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। बैठक में एसीपी भेलूपुर गौरव कुमार ने कहा कि जुलूस पैग़म्बरे इस्लाम का है इसकी खूबसूरती और पाकीज़गी बनाएं रखें कोई ऐसा काम न करें जिससे माहौल खराब हो। तय रुप से अमन और मिल्लत के साथ हर साल की तरह जुलूस निकालें।

इस मौके पर उन्होंने साफ किया कि जुलूस के आयोजक सदर काजी मौलाना हसीन अहमद हबीबी हैं जिन्हें 100 वाहनों का पास जारी करने का डीसीपी काशी जोन ने अख्तियार दिया है। वो वाहनों को पास जारी कर रहे हैं बिना पास के जुलूस में कोई भी वाहन शामिल नहीं होगा अगर कोई होता है या माहौल खराब करने की कोशिश करता है तो उसके लिए वो खुद जिम्मेदार होगा। 
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एसीपी ने यह भी कहा कि खाने पीने का सामान स्टाल लगाकर ही बांटे कोई वाहनों से नहीं बांटा जाएगा। डीजे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा लाउड स्पीकर का ही प्रयोग करें जिले के बाहर के वाहन जुलूस में शामिल न किए जाएं। इस दौरान एसीपी गौरव कुमार ने आयोजक मौलाना हसीन अहमद हबीबी से पूछा कि जुलूस में आगे कौन रहेगा? मौलाना हसीन अहमद हबीबी ने कहा कि जिसे भी आगे आना हो वह आ सकता है मगर सुबह 6.30 बजे मेरा जुलूस उठेगा उससे पहले उसे आना होगा हम सबसे पीछे भी रहने को तैयार हैं मगर जुलूस उठने के बाद किसी को जुलूस ओवर टेक करने नहीं दिया जाएगा वो जुलूस के पीछे ही रहेगा। हमारे पांच सौ वालेंटियर जुलूस में अपने ड्रेस में होंगे वो किसी को भी न ओवर टेक करने न माहौल खराब करने देंगे। इस मौके तय हुआ कि जुलूसे मोहम्मदी में सौ गाड़ी ही शामिल होंगी वो भी जिसके पास आयोजक द्वारा जारी पास होगा।

बैठक में जोन के सभी थाना प्रभारी, सभी चौकी प्रभारी और संभ्रांत लोगों ने अपने विचार व्यक्त किए।


कल निकलेगा जुलूसे मोहम्मदी 

हज़रत मुहम्मद रसूल अल्लाह (से.) की पैदाइश के मुबारक मौके पर शहर में अज़ीमुश्शान जुलूसे मोहम्मदी का आयोजन किया गया है। यह जुलूस 12 रबीउल-अव्वल, 26 अगस्त 2026, बुधवार, सुबह 06:30 बजे नगीना वाली मस्जिद के पास अज़हरी मैदान, रेवड़ी तालाब से उठेगा। जुलूस अपने कदीमी रास्तों से गुजरता हुआ बेनिया बाग (फुटबॉल ग्राउंड) के मैदान में पहुंच कर उलमा-ए-किराम के पाकीज़ा बयानात और दुआओं पर इख़्तेताम पज़ीर होगा। वहीं शहर काजी मौलाना जमील अहमद रज़वी की क़यादत वाला जुलूस रेवड़ी तालाब मैदान में पहुंच कर समाप्त होगा।

बेनियाबाग में होगी इनकी तकरीर 

इस जश्न में खुसूसी तौर पर तशरीफ़ ला रहे हैं - खलीफा-ए-शहज़ादा-ए-गौसुल आज़म, खतीबे यूरोप व एशिया हज़रत अल्लामा सैयद कौसर रब्बानी साहब किबला (मुम्बई) और शहज़ादा-ए-आला हज़रत हज़रत अल्लामा मुफ्ती मोहम्मद इमरान रज़ा खां कादरी बरेलवी (बरेली शरीफ)। सदारत मुफ्ती अब्दुल हादी खां हबीबी और मौलाना हसीन अहमद हबीबी की तकरीर होगी।

इस साल की खास बातें 

इस जश्न में खुसूसी तौर पर तशरीफ़ ला रहे हैं - खलीफा-ए-शहज़ादा-ए-गौसुल आज़म, खतीबे यूरोप व एशिया हज़रत अल्लामा सैयद कौसर रब्बानी साहब किबला (मुम्बई) और शहज़ादा-ए-आला हज़रत हज़रत अल्लामा मुफ्ती मोहम्मद इमरान रज़ा खां कादरी बरेलवी (बरेली शरीफ)।

इस बात पर दें खास ध्यान 

  • बिना पास के वाहन जुलूस में लेकर न शामिल हो
  • जुलूस में D.J. का इस्तेमाल सख्त मना है। सिर्फ लाउड स्पीकर का इस्तेमाल करें। 
  • तबर्रूक या खाने पीने का सामान स्टाल लगाकर बांटे 
  • गाड़ियों से खाने-पीने का सामान न बांटे 
  • जुलूस में शामिल गाडियां एक दूसरे को ओवरटेक न करें 
  • जुलूस की पाकीज़गी बनाएं रखें और दुरुद व नबी की शान में नातिया कलाम पढ़ें।
  • गाड़ियों के पास के लिए आयोजक से संपर्क करें।
    Eid miladunnabi news Varanasi Orderly bazar August 2026
    अर्दली बाज़ार में अंजुमन फैजाने नूरी की सजावट और तैयारियां जोरों पर ।

Health news Varanasi Uttar Pradesh 24 August 2026: VKM Varanasi में सर्वाइकल कैंसर अवेयरनेस प्रोग्राम

अगर जल्दी पता चल जाए तो सर्वाइकल कैंसर को रोका ही नहीं ठीक भी किया जा सकता है-डॉ. श्वेता चौरसिया

सर्वाइकल कैंसर जागरूकता ही पहला वैक्सीन


Health news,Varanasi 24 August, 2026



dil india live (Varanasi). भारत विकास परिषद ने (NSS यूनिट: 014A) वसंत कन्या महाविद्यालय, कमच्छा, वाराणसी के साथ मिलकर कॉलेज कैंपस में 24 अगस्त 2026 को सर्वाइकल कैंसर पर एक अवेयरनेस प्रोग्राम आयोजित किया। इस प्रोग्राम का मकसद युवा लड़कियों और महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर के कारणों, लक्षणों, बचाव और जल्दी पता लगाने के बारे में बताना था, जो भारत में महिलाओं में सबसे आम लेकिन रोके जा सकने वाले कैंसर में से एक है।

प्रोग्राम के चीफ गेस्ट और  स्पीकर  डॉ.  श्वेता चौरसिया, MBBS, MD (गायनेकोलॉजिस्ट) और डायरेक्टर, PMC हॉस्पिटल, रवींद्रपुरी, वाराणसी थीं। 
कार्यक्रम की औपचारिक शुरुआत के बाद डॉ. चौरसिया ने बताया कि रिप्रोडक्टिव हेल्थ के बारे में जानकारी की कमी और इस पर बात करने में झिझक, देर से पता चलना मुख्य कारण हैं। उन्होंने इनके बारे में विस्तार से बताया-

- ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) इन्फेक्शन की मुख्य वजह के तौर पर भूमिका
- 9-26 साल की लड़कियों के लिए HPV वैक्सीनेशन का महत्व
- रेगुलर पैप स्मीयर स्क्रीनिंग और शुरुआती चेक-अप की ज़रूरत
- बचाव में साफ़-सफ़ाई, हेल्दी लाइफ स्टाइल और सुरक्षित तरीकों की भूमिका

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि "अगर जल्दी पता चल जाए तो सर्वाइकल कैंसर को रोका जा सकता है और ठीक किया जा सकता है। जागरूकता ही पहला वैक्सीन है।"

इस प्रोग्राम की अध्यक्षता वसंत कन्या महाविद्यालय की प्रिंसिपल ने की और इसमें भारत विकास परिषद के सदस्य, NSS प्रोग्राम ऑफिसर, फैकल्टी सदस्य और बड़ी संख्या में NSS वॉलंटियर और छात्र शामिल हुए।



एक इंटरैक्टिव सवाल-जवाब सेशन भी हुआ जहाँ छात्रों ने महिलाओं की हेल्थ से जुड़े अपने शक और गलतफहमियों को दूर किया। ऑर्गनाइज़र ने डॉ. श्वेता चौरसिया को उनके कीमती गाइडेंस के लिए धन्यवाद दिया। प्रोग्राम NSS यूनिट के धन्यवाद प्रस्ताव और कम्युनिटी में महिलाओं की हेल्थ के बारे में जागरूकता फैलाने के वादे के साथ खत्म हुआ।

सोमवार, 24 अगस्त 2026

cultural News Varanasi Uttar Pradesh 24 August 2026: Tameer Foundation का एक शाम स्वतंत्रता सेनानियों के नाम Mushayra

मुशायरों से आजादी के आंदोलन में पैदा की जाती थी जागरूकता और राष्ट्रीय चेतना- इतिहासकार डा. आरिफ

जिसकी क़ुर्बानी से आज़ाद हुआ अपना वतन, आज उस क़ौम को ग़द्दार कहा जाता है...समर ग़ाज़ीपुरी





dil india live (Varanasi). साहित्यिक एवं सामाजिक संस्था तामीर फ़ाउंडेशन के तत्वावधान में आज़ादी के 80 वें जश्न के अवसर पर भेलूपुर स्थित ब्राइट एजुकेशनल क्लासेज़ में मुशायरा “एक शाम मुजाहिदीन-ए-आज़ादी के नाम।” का आयोजन किया गया। 

मुशायरे की अध्यक्षता मशहूर शायर आलम बनारसी ने किया तो चंदौली डायट के उर्दू लेक्चरर डॉ. अज़हर सईद ने अपने शानदार निजामत कर लोगों को देर तक बांधे रखा। मुख्य अतिथि व विशिष्ट अतिथियों में डॉ. मुहम्मद आरिफ़, अतीक़ अंसारी, प्रो. शम्स अज़ीज़, हाजी इश्तियाक़ अहमद और राजनीतिक हस्ती अतहर जमाल लारी उपस्थित थे।

कार्यक्रम के आरंभ में तामीर फ़ाउंडेशन के सक्रिय पदाधिकारियों अफ़शा रोमानी, डॉ. अज़हर सईद, शफ़ाअत अली और क़सीमुद्दीन क़सीम ने अतिथियों तथा शायरों का गुलपोशी और शाल ओढ़ाकर स्वागत किया। मुशायरे का आगाज़ रसूल-ए-अकरम की नात से नातख़्वां ओवैस चंदौलवी ने किया।

मुख्य अतिथि डॉ. मुहम्मद आरिफ़ ने मुशायरे की परंपरा को स्वतंत्रता आंदोलन की सांस्कृतिक चेतना से जोड़ते हुए कहा कि मुशायरा केवल कविता सुनने-सुनाने की महफ़िल नहीं रहा है। अंग्रेज़ी शासन के दौर में जब सार्वजनिक सभाओं और प्रदर्शनों पर अनेक प्रकार की पाबंदियां थीं, तब शायरी और साहित्यिक बैठकों के माध्यम से लोगों में जागरूकता और राष्ट्रीय चेतना पैदा की जाती थी। उन्होंने कहा कि आज़ादी किसी सहज उपलब्धि का नाम नहीं, बल्कि अनगिनत त्याग और कुर्बानियों का परिणाम है। इसलिए उसकी रक्षा करना भी हम सबकी साझा ज़िम्मेदारी है। स्वतंत्रता आंदोलन में मुसलमानों की भागीदारी और कुर्बानियों को भी इतिहास के उसी निष्पक्ष और व्यापक संदर्भ में याद किया जाना चाहिए, जिसमें देश के दूसरे स्वतंत्रता सेनानियों का योगदान दर्ज है।

अतहर जमाल लारी ने कहा कि नई पीढ़ी को स्वतंत्रता आंदोलन के वास्तविक इतिहास से परिचित कराना आज पहले से कहीं अधिक आवश्यक है। इतिहास की सार्थकता तभी बनी रहती है, जब उसमें हर समुदाय, वर्ग और व्यक्ति के योगदान को न्यायपूर्ण ढंग से स्थान मिले।


मुशायरे में अध्यक्षता कर रहे आलम बनारसी ने पढ़ा—

नफ़रतों की हरारतें कब तक,

एक न एक दिन बुख़ार निकलेगा।

ज़मज़म रामनगरी ने सुनाया,

लहद में मां की तरह मुझको भींच लेती है,

हमारा रिश्ता अज़ल से है इस ज़मीन के साथ।

ज़िया अहसनी ने पढ़ा कि,

जो उस्वा-ए-यूसुफ़ पे रहा करते हैं क़ायम

वो क़ैद-ए-ज़ुलेख़ा की शिकायत नहीं करते।

डॉ. शाद मशरिक़ी ने पढ़ा,

मिल तो जाएंगे जानने वाले

दूसरा शाद ला न पाओगे।

समर ग़ाज़ीपुरी ने सुनाया,

जिसकी क़ुर्बानी से आज़ाद हुआ अपना वतन,

आज उस क़ौम को ग़द्दार कहा जाता है।

रोशन अहमद रोशन ने कहा,

है कितना अरज़ां ये ख़ून-ए-इंसाँ का,

कि क़त्ल-ओ-ग़ारत गली-गली है।

अज़फ़र बनारसी ने कहा,

दिखावा हम नहीं करते वतनपरस्ती का,

वतनपरस्त हथेली पे जान रखते हैं।

निज़ाम बनारसी ने कहा कि,

झंडा वतन का मर के भी झुकने नहीं दिया,

बिस्मिल्लाह का ये हमीद का हिंदुस्तान है।

शारिक़ फूलपुरी ने कहा—

चराग़ हमने जलाए हैं आदमियत के,

ये अँधेरों से न देखा गया तो क्या होगा।

अबू शहमा का स्वर था—

कोई कह दे ज़रा जा के अग़यार से,

थक के बैठा नहीं हूँ अभी हार के।

जबकि अब्दुर्रहमान नूरी ने पढ़ा,

आज हम बैठ के बस इश्क़ की बातें कर लें,

ये सियासत, ये नज़रियात अभी रहने दें।


इन शायरों के अतिरिक्त डॉ. बख़्तियार नवाज़, आशिक़ बनारसी, अनिल प्रोक़्ता, आकाश मिश्रा, रेशमा खातून, शफ़ाअत अली, ज़ाहिद अल्फ़ाज़ और क़सीमुद्दीन क़सीम ने भी अपना कलाम प्रस्तुत किया, जिसे मौजूद लोगों ने पूरे दिल से न सिर्फ सुना बल्कि पसंद भी किया और सराहा भी।

मुशायरे में शहर के साहित्यप्रेमी और गणमान्य नागरिक भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। डॉ.एहतेशामुल हक़, शमीम रियाज़, मोहम्मद शाहिद, आगा निहाल, इश्तियाक़ अहमद, अब्दुल्लाह बिन ग़फ़्फ़ार, शकील पंजाबी और अहमद इक़बाल आदि मौजूद थे।

इस अवसर पर मेज़बान उस्ताद-ए-शोअरा मुस्लिम अल-हरीरी के पौत्र इफ़्तिख़ार ने शुक्रिया अदा करते हुए अपने बुज़ुर्ग की पुस्तक इस्लामनामा से ‘तूफ़ान-ए-नूह’ के कुछ अंश भी सुनाए। अंत में तामीर फ़ाउंडेशन की उपाध्यक्ष अफ़शा रोमानी ने मुशायरे की सफलता के लिए सभी मेहमानों, शायरों का आभार व्यक्त किया।

1501 वां Eid miladunnabi 26 August 2026: beniya Bagh mai होगी तकरीर, जुटेंगे उलेमा

मरकजी दावते इस्लामी जुलूस-ए मोहम्मदी कमेटी का निकलेगा अमन और मिल्लत का जुलूस

रेवड़ी तालाब से बेनियाबाग तक उमड़ेगा हुजूम
1501 वां Eid miladunnabi Varanasi 26 August 26


dil india live (Varanasi). वाराणसी में मरकजी दावते इस्लामी जुलूस-ए मोहम्मदी कमेटी का जुलूस अमन और मिल्लत का जुलूस होगा। इस जुलूस में जगह जगह दूसरे मजहब के लोग भी जुलूस का स्वागत और अभिनन्दन करते दिखेंगे। दिल इंडिया लाइव के संपादक अमन से खास बातचीत में जुलूस के सुप्रिमो मौलाना हसीन अहमद हबीबी व इसरा के सेक्रेटरी हाजी फारुख खां कहा कि 26 अगस्त 2026 को सरकारे मदीना हज़रत मुहम्मद रसूल अल्लाह का 1501 वां जश्ने ईद मिलादुन्नबी के मुबारक मौके पर शहर में यूं तो बहुत जुलूस निकालेंगे मगर बनारस का मरकजी दावते इस्लामी जुलूस-ए मोहम्मदी कमेटी का जुलूस नबी की अमन, मिल्लत और भाईचारगी की दावत देने निकलेगा। हमारे नबी दुनिया में आएं तो अरब की सरजमीं पर बुराइयों का साम्राज्य था जिसे उन्होंने अपने अहिंसा और अमन के रास्ते पर चल कर खत्म किया। यह जुलूस भी सभी से नेकी, मिल्लत, अहिंसा और अमन के रास्ते पर चलने की गुजारिश करता है।जुलूस 12 रबीउल-अव्वल, 26 अगस्त 2026, بروز बुध, सुबह 06:30 बजे नगीना मस्जिद के पास अज़हरी मैदान, रेवड़ी तालाब से उठेगा।जुलूस अपने कदीमी रास्तों से गुजरता हुआ बेनिया बाग (फुटबॉल ग्राउंड) मैदान में संपन्न होगा जहां तकरीर व दुआएं होगी।

इस जुलूस की खास बातें

इस जश्न में खुसूसी तौर पर तशरीफ़ ला रहे हैं - खलीफा-ए-शहज़ादा-ए-गौसुल आज़म, खतीबे यूरोप व एशिया हज़रत अल्लामा सैयद कौसर रब्बानी किबला (मुम्बई) और शहज़ादा-ए-आला हज़रत हज़रत अल्लामा मुफ्ती मोहम्मद इमरान रज़ा खां कादरी बरेलवी (बरेली शरीफ)। जलसे में सदर की हैसियत से मुफ्ती अब्दुल हादी खां हबीबी और मौलाना हसीन अहमद हबीबी मौजूद रहेंगे।

जुलूस कमेटी की खास अपील

 मरकज़ी दावत-ए-इस्लामी जुलूसे मोहम्मदी कमेटी, बनारस ने सभी आशिकाने रसूल से गुज़ारिश की है कि अपने-अपने मोहल्लों और इलाकों से जुलूसे पाक उठा कर हाथों में सब्ज़ परचम लिये हुए बेनिया बाग पहुंच कर ईद मिलादुन्नबी के फैज़ान से माला माल हों। जुलूस में D.J. का इस्तेमाल सख्त मना है। सिर्फ लाउड स्पीकर का इस्तेमाल करें।


फातिहा ख्वानी बराए इसाले सवाब

मरहूम अल्हाज अबू ज़फर कुरैशी व मगफूर (साबिक नायब सेक्रेटरी, जुलूसे मोहम्मदी कमेटी की इसाले सवाब के लिए बेनियाबाग में फातेहा रखा गया है।




रविवार, 23 अगस्त 2026

Plantation news Varanasi 23 August 2026: Rotary club kashi or Airport authority of India ने मिलकर लगाएं 51 पौधे

पर्यावरण अमूल्य है, इसका संरक्षण हम सबकी जिम्मेदारी-पुनीत गुप्ता 

रोटरी क्लब काशी के प्रयास की हुई सराहना
Plantation news, Varanasi, August 2026


dil india live (Varanasi). वाराणसी में 23 अगस्त को रोटरी क्लब काशी एवं एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा परिसर में वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। पर्यावरण के प्रति अपने योगदान अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता, सीआईएसएफ के सहायक कमांडेंट संजीव सिंह रौतेला, अकासा एयर के राहुल सिंह, मुकुल कुमार भारद्वाज एवं रोटेरियन पीडिजी संजय अग्रवाल के नेतृत्व में 51 पौधे रोपे गए।

Plantation news, Varanasi August 2026


इस अवसर पर मुख्य अतिथि पुनीत गुप्ता ने कहा कि पर्यावरण अमूल्य है, इसका संरक्षण हम सबकी जिम्मेवारी है, इसके लिए रोटरी क्लब काशी का प्रयास बहुत सराहनीय है। कार्यक्रम में रोटरी क्लब काशी के वरिष्ठ रोटेरियन पीडीजी संजय अग्रवाल, पूनम अग्रवाल, अध्यक्ष राजन जायसवाल, सचिव सुभाष सिंह, संयोजक माजिद खान सहित रोटेरियन आर. एस. जायसवाल, श्याम जी रस्तोगी, आशुतोष चौबे, अजय खरे, डॉ. राजीव दूबे, दीपक गुप्ता, आर. के. गाबा, सुधीर जरीवाला, सुयश पाठक एवं अन्य रोटेरियंस उपस्थित रहे।

इस अवसर पर सभी रोटेरियंस ने अपने-अपने नाम से एक-एक पौधा रोपित कर पर्यावरण संरक्षण एवं धरती को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में अध्यक्ष राजन जायसवाल और सचिव सुभाष सिंह ने अतिथियों का  अंगवस्त्र और स्मृति-चिह्न भेंट कर स्वागत किया।