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रविवार, 30 अगस्त 2026
Education News Varanasi Uttar Pradesh 30 August 2026:पितरकुंडा में 'D A CLASSES' का हुआ आगाज़
Education News Varanasi Uttar Pradesh August 2026: कंदवा नट बस्ती में जला शिक्षा का दीया
'उज्जवल पाठशाला' का शुभारंभ, वंचित बच्चों को मिलेगी निःशुल्क शिक्षा
dil india live (Varanasi). वाराणसी, 30 August 2026 उज्जवल किरण जनकल्याण ट्रस्ट की पहल पर कंदवा स्थित अमरा खैरा नट बस्ती में रविवार को ‘उज्जवल पाठशाला’ का शुभारंभ किया गया। इस निःशुल्क शिक्षा केंद्र में बस्ती के बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाएगा।
कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि लोक समिति के नंदलाल मास्टर, सौहार्द पीस सेंटर के फादर आनंद और ट्रस्ट के अध्यक्ष अरविंद कुमार ने दीप प्रज्वलित कर किया। संचालन अधिवक्ता अबू हाशमी ने किया।
पाठशाला की महत्वपूर्ण बातें
रविवार को शुरू हुई ‘उज्जवल पाठशाला’ बच्चों को Foundational Literacy and Numeracy (FLN) के तहत पढ़ने-लिखने और गणित का बुनियादी ज्ञान दिया जाएगा। जो बच्चे किसी वजह से स्कूल छोड़ चुके हैं, उन्हें फिर से स्कूल में दाखिला दिलाकर पढ़ाई जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए उनके पैरेंट्स से भी बातचीत और जरुरत पड़ने पर उनकी काउन्सलिंग की जाएगी।इस नेक पहल में WH Smith Memorial School की प्रिंसिपल डॉ. अनीता डे, रोटरी क्लब वाराणसी साउथ, L1 कोचिंग के शिक्षक ब्रिजेश व अम्बर और होप रील्स प्रोडक्शन का सहयोग रहेगा।
इस अवसर पर फादर आनंद ने महात्मा ज्योतिबा फुले एवं सावित्रीबाई फुले के शिक्षा और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में किए गए योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने बच्चों को उनके जीवन और संघर्ष से प्रेरणा लेकर नियमित रूप से शिक्षा प्राप्त करने तथा अपने भविष्य को बेहतर बनाने के लिए प्रेरित किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में उज्जवल किरण जनकल्याण ट्रस्ट के सदस्यों एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का महत्वपूर्ण योगदान रहा। अधिवक्ता अबू हाशमी, मौसमी राय, अशोक कुमार, किरन देवी आदि उपस्थित रहे।
शनिवार, 29 अगस्त 2026
Health news Varanasi Uttar Pradesh August 2026:स्वाइन फ्लू को लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट, जारी किया दिशानिर्देश
बुखार-खांसी को न करें नजरअंदाज, समय से लें चिकित्सकीय सलाह : सीएमओ
स्वाइन फ्लू की रोकथाम के लिए अस्पतालों में बेड व दवाओं की व्यवस्था, निगरानी के निर्देश
dil india live (Varanasi). वाराणसी में स्वाइन फ्लू (इन्फ्लुएंजा-ए/एच1एन1) की रोकथाम एवं जनसामान्य को बीमारी के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. एन.पी. सिंह ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किया हैं। उन्होंने जनपद स्तरीय चिकित्सालयों के साथ-साथ सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर आवश्यक बेड आरक्षित रखने तथा स्वाइन फ्लू के उपचार में प्रयुक्त आवश्यक औषधियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
सीएमओ ने कहा कि स्वाइन फ्लू एक संक्रामक श्वसन रोग है। संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने अथवा बोलने के दौरान निकलने वाली श्वसन बूंदों के संपर्क में आने से इसका संक्रमण फैल सकता है। इसलिए बीमारी के लक्षणों की समय से पहचान और उचित उपचार बेहद महत्वपूर्ण है।
आप भी जानिए क्या है स्वाइन फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू से संक्रमित व्यक्ति में सामान्यतः बुखार, खांसी, गले में खराश, नाक बहना या बंद होना, सिरदर्द, शरीर एवं मांसपेशियों में दर्द, अत्यधिक थकान एवं कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कुछ मामलों में उल्टी अथवा दस्त की शिकायत भी हो सकती है। विशेष रूप से बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं तथा पहले से किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित व्यक्तियों में लक्षण दिखाई देने पर तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेना आवश्यक है।
बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
• खांसते और छींकते समय नाक एवं मुंह को रूमाल या टिश्यू से ढकें।
• साबुन-पानी से नियमित रूप से हाथ धोएं अथवा हैंड सैनिटाइजर का प्रयोग करें।
• बुखार, खांसी अथवा अन्य श्वसन संबंधी लक्षण होने पर भीड़भाड़ वाले स्थानों पर जाने से बचें।
• संक्रमित अथवा बीमार व्यक्ति के संपर्क में आने से बचें।
• इस्तेमाल किए गए टिश्यू को खुले में न फेंकें।
• पर्याप्त आराम एवं तरल पदार्थ का सेवन करें।
• चिकित्सकीय परामर्श के बिना एंटीबायोटिक या अन्य दवाओं का सेवन न करें।
लक्षणयुक्त व्यक्तियों की सूचना पोर्टल पर होगी अपलोड
सीएमओ डॉ. एन.पी. सिंह ने सभी संबंधित अधिकारियों एवं स्वास्थ्य केन्द्र प्रभारियों को निर्देशित किया है कि स्वाइन फ्लू के लक्षणों से युक्त व्यक्तियों की समय से पहचान, चिकित्सकीय जांच, उपचार एवं आवश्यकतानुसार रेफरल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। ऐसे चिन्हित व्यक्तियों से संबंधित आवश्यक जानकारी निर्धारित पोर्टल पर समय से अपलोड की जाए, ताकि जनपद स्तर पर बीमारी की निगरानी एवं प्रभावी नियंत्रण किया जा सके। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में आवश्यक औषधियों, जांच एवं उपचार संबंधी संसाधनों की उपलब्धता की नियमित समीक्षा करने के भी निर्देश दिए हैं।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने जनसामान्य से अपील की है कि स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर घबराएं नहीं, बल्कि समय से चिकित्सकीय सलाह लें। बीमारी के संबंध में किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें और चिकित्सक की सलाह के अनुसार ही उपचार कराएं। सावधानी, स्वच्छता और समय पर उपचार के माध्यम से स्वाइन फ्लू के संक्रमण को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।
ये है जागरूकता का फार्मूला
- हाथों को बार-बार साबुन से धोएं ।
- खांसते/छींकते समय मुंह ढकें।
- लक्षण होने पर चिकित्सकीय सलाह लें।
- पर्याप्त आराम और तरल पदार्थ लें।
- बिना चिकित्सकीय सलाह दवा न लें।
- लक्षण होने पर भीड़ में न जाएं।
- बीमारी को नजरअंदाज न करें।
- अफवाहों पर भरोसा न करें।
Education News Varanasi Uttar Pradesh August 2026: 'Learning at Home' नवाचार के लिए वाराणसी के लाल को National Award
डायट के वाराणसी में वरिष्ठ प्रवक्ता हैं क्षमा शंकर पांडेय
राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान देगा अवार्ड
dil india live (Varanasi). वाराणसी के लाल ने शिक्षा के क्षेत्र में कुछ ऐसा कमाल कर दिखाया है कि इस काम के लिए उसका नाम राष्ट्रीय पुरस्कार (National Award) विजेता की फेहरिस्त में शामिल हो गया है। जी हां शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार के लिए वाराणसी डायट (DIET) के वरिष्ठ प्रवक्ता क्षमाशंकर पांडेय को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा।
दो सितंबर को दिल्ली में सम्मान
क्षमा शंकर पांडेय को यह सम्मान राष्ट्रीय शैक्षिक योजना एवं प्रशासन संस्थान (NIEPA), नई दिल्ली द्वारा 2-3 सितंबर 2026 को आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन एवं पुरस्कार वितरण समारोह में दिया जाएगा।
होम बेस्ड टाइम टेबल किया विकसित
क्षमा शंकर पांडेय द्वारा विकसित "होम बेस्ड टाइम टेबल (Learning at Home)" नवाचार को प्रयागराज के विकासखंड कौड़िहार के 119 विद्यालयों के लगभग 12,500 विद्यार्थियों पर लागू किया गया। इस पहल से बच्चों को घर पर नियमित और व्यवस्थित पढ़ाई का मौका मिला, जिससे उनकी शैक्षिक गुणवत्ता में बड़ा सुधार हुआ।
हम आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश से बेहतर शैक्षिक प्रशासन एवं नवाचार के लिए चयनित 11 शिक्षा अधिकारियों में उनका नाम भी शामिल है। यह नवाचार ग्रामीण और वंचित क्षेत्रों के बच्चों के लिए वरदान साबित हुआ है। इस काम के लिए तमाम शिक्षकों और शिक्षा अधिकारियों के साथ ही दिल इंडिया लाइव भी उन्हें बधाई दे रहा है।
शुक्रवार, 28 अगस्त 2026
URS Mubarak Varanasi Uttar Pradesh September 2026: हज़रत बाबा बहादुर शहीद के दर पर लगेगा कौमी एकता का मेला
बाबा बहादुर शहीद का दर गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल
सालाना उर्स मुबारक का एक सितंबर से होगा आगाज़
dil india live (Varanasi). URS Mubarak Varanasi Uttar Pradesh September 2026. वाराणसी में छावनी स्थित गंगा-जमुनी तहजीब और हिंदू-मुस्लिम कौमी एकता की मिसाल, हज़रत बाबा बहादुर शहीद रहमतुल्लाह अलैह का सालाना उर्स मुबारक 1 सितंबर व 2 सितंबर 2026 को बड़ी अकीदत से मनाया जाएगा। उर्स के दौरान बाबा के दर पर सभी मज़हब के लोगों का हुजूम उमड़ता है।
हज़रत बहादुर शहीद का उर्स का प्रोग्राम
हज़रत बहादुर शहीद का सालाना उर्स हिजरी की 18 व 19 रबिउल अव्वल को होने जा रहा है। उर्स कमेटी ने सभी जायरीन और अकीदतमंदों से शिरकत की गुजारिश का पोस्टर जारी किया है। इस क्रम में, 1 सितंबर 2026, बरोज़ मंगलवार जश्न ईद मिलादुन्नबी (सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम) और रात 2:30 बजे कुल शरीफ व सुबह लंगर का प्रोग्राम होगा।
2 सितंबर 2026, बरोज़ बुधवार बाद नमाज फज्र कुरआन ख्वानी, बाद नमाज मगरिब चादर गागर की रस्म अदायगी और बाद नमाज ईशा महफिले समां के तहत कव्वाली का शानदार प्रोग्राम होगा।
गद्दीनशीन बड़े सगीरउल्लाह खान व समीउल्लाह खान ने बताया कि जलसे में मौलाना शम्सुद्दीन साहब रज़वी और हज़रत अब्दुल कय्यूम की तकरीर होगी, नकीबुल हिंद कारी वसीम अकरम की निजामत और हफीज़ अहमद आजमी, निज़ाम बनारसी जैसे शायर अपने कलाम से हज़रत बहादुर शहीद को खिराजे अकीदत पेश करेंगे।
गुरुवार, 27 अगस्त 2026
Education News Varanasi Uttar Pradesh 27 August 2026 DAV PG college: संस्कृत दिवस पर हुई विभिन्न प्रतियोगिताएं
श्लोक अंत्याक्षरी में शिवेंद्र, संस्कृत गीत में रोहित रहे प्रथम
dil india live (Varanasi). वाराणसी के डीएवी पीजी कॉलेज के संस्कृत विभाग द्वारा गुरुवार को संस्कृत दिवस के अवसर पर विभिन्न प्रतियोगिता का आयोजन हुआ। स्त्रोत पाठ, संस्कृत भाषण, संस्कृत श्लोकान्त्याक्षरी एवं संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। स्तोत्रपाठ एवं संस्कृत गीत प्रतियोगिता में रोहित दूबे प्रथम, वृषभानु तिवारी द्वितीय एवं अभय कुमार पाण्डेय तृतीय स्थान पर रहे। संस्कृत भाषण में जयन्त देव प्रथम, गोविंद राज ज्योतिषी द्वितीय एवं आशीष शुक्ला तृतीय स्थान पर रहे। संस्कृत सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता में रोहित दुबे प्रथम, शिवेंद्र कुमार दूसरे एवं निर्जला तीसरें स्थान पर रही। संस्कृत श्लोकान्त्याक्षरी प्रतियोगिता में शिवेंद्र कुमार प्रथम, रोहित दुबे द्वितीय एवं आदर्श पाण्डेय तीसरें स्थान पर रहे।
इस मौके पर मुख्य अतिथि महाविद्यालय के का. प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने कहा कि संस्कृत भाषा और भारतीय संस्कृति दोनों एक दूसरे के पूरक है, इसमें हमेशा लोक कल्याण और विश्व कल्याण की कामना की गई है।
उन्होंने कहा कि यही वह भाषा है जिसमें मानव को मानव बनाने की तकनीक है, यह हमारे विचारों का शोधन करती है। संस्कृत भाषा वही है जो मानव के चरित्र और संस्कार को चमकाए। यह पुनः जनभाषा बने यही कामना है।
विशिष्ट अतिथि उप- प्राचार्या प्रो. संगीता जैन रही। विभागाध्यक्षा प्रो. पूनम सिंह ने स्वागत एवं डॉ. दीपक कुमार शर्मा ने धन्यवाद दिया। कार्यक्रम में डॉ. त्रिपुर सुन्दरी, डॉ. रंगनाथ, डॉ. अमित कुमार मिश्र निर्णायक मण्डल में रहे।
Kauri Exhibition Hall में दिखी बच्चों की कला दुनिया, Warli और Gond Art में कृतियां उकेर सबको चौकाया
नन्हीं तुलिका से अभिव्यक्त कर काशी की ऐतिहासिक धरोहर Kidzee के नन्हें कलाकारों ने जीता दिल
dil india live (Varanasi) शिक्षा, धर्म और सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी अपने आप में अनूठी है। यहां पग पग पर केवल मंदिर, मस्जिद ही नहीं कला और संस्कृति के रंग भी स्वत दिखाई देते हैं। कुछ ऐसी ही कला संस्कृति की मिसाल हमें देखने को मिली Kauri Exhibition Hall (कला दीर्घा) में। Kauri चौकाघाट में Kidzee Elementary School, Nadesar Branch के नन्हे मुन्ने बच्चों की पिछले दिनों प्रेरणादायक कला प्रदर्शनी और कल्चरल प्रोग्राम आयोजित किया गया था। प्ले ग्रुप से class 5 तक के इन बच्चों ने ज्यादातर पेंटिंग्स वारली और गौड़ आर्ट शैली में बनाई थीं, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर स्वत: खींचा। लोग चकित थे खासकर बच्चों के पैरेंट्स और टीचर्स भी, इतनी कम उम्र में बच्चों की कला समझ इतनी बड़ी और पारखी है ये किसी ने सोचा भी नहीं था।
dil india live (Varanasi) शिक्षा, धर्म और सांस्कृतिक राजधानी वाराणसी अपने आप में अनूठी है। यहां पग पग पर केवल मंदिर, मस्जिद ही नहीं कला और संस्कृति के रंग भी स्वत दिखाई देते हैं। कुछ ऐसी ही कला संस्कृति की मिसाल हमें देखने को मिली Kauri Exhibition Hall (कला दीर्घा) में। Kauri चौकाघाट में Kidzee Elementary School, Nadesar Branch के नन्हे मुन्ने बच्चों की पिछले दिनों प्रेरणादायक कला प्रदर्शनी और कल्चरल प्रोग्राम आयोजित किया गया था। प्ले ग्रुप से class 5 तक के इन बच्चों ने ज्यादातर पेंटिंग्स वारली और गौड़ आर्ट शैली में बनाई थीं, जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर स्वत: खींचा। लोग चकित थे खासकर बच्चों के पैरेंट्स और टीचर्स भी, इतनी कम उम्र में बच्चों की कला समझ इतनी बड़ी और पारखी है ये किसी ने सोचा भी नहीं था।
क्या है वारली और गौड़ आर्ट?
बच्चों ने दो प्रसिद्ध जनजातीय कला को अपने अंदाज में पेश किया जिसमें वारली और गौड़ आर्ट शामिल है।
वारली आर्ट
महाराष्ट्र की वारली जनजाति की यह 400 साल पुरानी कला है। इसमें मिट्टी की दीवारों पर चावल के आटे से सफेद रंग से चित्र बनाए जाते हैं। तिकोने आकार के इंसान, गोले और रोजमर्रा की जिंदगी इसकी पहचान है।गौड़ / गोंड आर्ट
मध्य प्रदेश के गोंड जनजाति की यह कला प्रकृति को समर्पित है। इसमें बारीक बिंदुओं और लकीरों से जानवरों, पेड़ों और कहानियों को चटख प्राकृतिक रंगों से दिखाया जाता है।
नन्हें हाथों ने इसी Warli-Gond स्टाइल में काशी के घाट, मंदिर और गांव की तस्वीरें बनाईं। साथ ही नुक्कड़ नाटक, देशभक्ति गीत और कविताओं की प्रस्तुति ने आयोजन में चार चांद लगा दिया। अभिभावकों ने इस अनोखी पहल के लिए स्कूल संचालक, प्रिंसिपल रितिका सरीन और टीचर्स को सराहा तो kauri की इंचार्ज स्तुति ने आभार व्यक्त किया।
































