बुधवार, 16 सितंबर 2026

अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट में हुआ National Engineers’ Day Celebration

भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया को किया गया याद, दी गई पुष्पांजलि

Education News Ashoka institute Varanasi 16 September 2026




@dil india live 

Varanasi (वाराणसी)। अशोका इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट (AITM), वाराणसी में भारत रत्न सर एम. विश्वेश्वरैया को पुष्पांजलि एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ नेशनल इंजीनियर्स डे हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर विभिन्न विभागों द्वारा तकनीकी, रचनात्मक और ज्ञानवर्धक गतिविधियों और प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।

CSE विभाग एवं CSI स्टूडेंट चैप्टर

  • ऑनलाइन लोगो डिजाइनिंग प्रतियोगिता हुई जिसमें अंश शर्मा ने प्रथम स्थान प्राप्त किया
  • कोड-ए-थॉन प्रतियोगिता में प्रवीण कुमार (प्रथम), त्र्यंबक पाण्डेय (द्वितीय) व आदित्य मिश्रा (तृतीय) स्थान पर रहे।

 ECE विभाग का परिणाम देखें 

सर्किट सिमुलेशन प्रतियोगिता में समीर विश्वकर्मा (विजेता), अनिकेत (प्रथम रनर-अप), दीपक वर्मा एवं राज गुप्ता (द्वितीय रनर-अप) रहें।

बायोटेक्नोलॉजी विभाग

“Bioengineering for a Sustainable Future” विषय पर पोस्टर प्रेजेंटेशन का आयोजन किया गया।

मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग द्वारा

“Research Nexus: Connecting Knowledge, Innovation & Society” विषय पर एक्सपर्ट टॉक का आयोजन हुआ।

 IEEE स्टूडेंट ब्रांच, अशोका द्वारा समस्या-समाधान और तकनीकी ज्ञान को प्रोत्साहित करने के लिए तकनीकी क्विज़ का आयोजन किया गया। पूरे कार्यक्रम ने इंजीनियरिंग के क्षेत्र में सर एम. विश्वेश्वरैया के अमूल्य योगदान और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका को याद किया।


aitm-varanasi main engineers day 2026 technical celebration



👉 इन खबरों को देखना न भूलें 👈

  1. रोटरी क्लब ब्लड एंड ऑर्गन डोनर्स वाराणसी की बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय NEW
  2. हिंदी ने परम्परा और आधुनिकता की सहयात्रा को साकार किया - DAV PG में संगोष्ठी
  3. वाराणसी को राजभाषा में राष्ट्रीय सम्मान, नराकास को प्रशंसनीय पुरस्कार - BLW
  4. भाषाएं नफरत नहीं मोहब्बत सिखाती हैं - ग़ालिब इंस्टीट्यूट नई दिल्ली

Club News Varanasi September 2026 :Rotary club Blood and organ donors की बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय

20 सितंबर 2026 को क्लब का शपथ ग्रहण समारोह, रोटरी गवर्नर पूनम होगी शामिल 
club News Varanasi Uttar Pradesh 15 September 2026Sep


  • @dil india live 

Varanasi (वाराणसी)। रोटरी क्लब ब्लड एंड ऑर्गन डोनर्स वाराणसी की आज महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता राजेश कुमार गुप्ता, (चार्टर अध्यक्ष) ने की तथा संचालन डॉ. आशीष गुप्ता ने किया।

बैठक में रोटरी गवर्नर पूनम गुलाटी की आधिकारिक यात्रा की तैयारियां, क्लब के आगामी सोशल प्रोजेक्ट्स, मेंबरशिप ग्रोथ तथा रोटरी फाउंडेशन में योगदान को लेकर विस्तृत चर्चा एवं कार्ययोजना तैयार किया गया।

बैठक में निर्णय लिया गया कि 20 सितंबर 2026 को क्लब का शपथ ग्रहण समारोह एवं रोटरी गवर्नर की आधिकारिक यात्रा संयुक्त रूप से होटल हिंदुस्तान, मलदहिया, वाराणसी में आयोजित की जाएगी। कार्यक्रम को सफल एवं प्रभावी बनाने के लिए सदस्यों को विभिन्न जिम्मेदारियाँ भी सौंपी गईं।

इनकी रही खास मौजूदगी 
बैठक में संगीता राय, प्रो. मधु सिंह, अभिमन्यु वर्मा, राहुल चौरसिया, विजय सिंह, दिव्यांक सिंह एवं हरिओम रस्तोगी सहित क्लब के प्रमुख सदस्य उपस्थित रहे। अंत में राहुल चौरसिया ने सभी उपस्थित सदस्यों का धन्यवाद ज्ञापित किया।

 

👉 इन खबरों को देखना न भूलें 👈

  1. रोटरी क्लब ब्लड एंड ऑर्गन डोनर्स वाराणसी की बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय - 20 सितंबर को गवर्नर की यात्रा NEW
  2. हिंदी ने परम्परा और आधुनिकता की सहयात्रा को साकार किया - DAV PG में संगोष्ठी
  3. वाराणसी को राजभाषा में राष्ट्रीय सम्मान, नराकास को प्रशंसनीय पुरस्कार - BLW
  4. भाषाएं नफरत नहीं मोहब्बत सिखाती हैं - ग़ालिब इंस्टीट्यूट नई दिल्ली में मुशायरा

मंगलवार, 15 सितंबर 2026

Education News DAV PG College Varanasi 15 September 2026: हिन्दी ने की परम्परा और आधुनिकता की सहयात्रा पर हुई संगोष्ठी

हिंदी ने परम्परा और आधुनिकता की सहयात्रा को साकार किया


  • @dil india live 

Varanasi (वाराणसी)। डीएवी पीजी कालेज के हिन्दी विभाग द्वारा हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में 'हिंदी भाषा एवं साहित्य : महत्व और उपलब्धि' विषयक संगोष्ठी का आयोजन हुआ।

मुख्य अतिथि डॉ. अशोक कुमार ज्योति, एसोसिएट प्रोफेसर, हिंदी विभाग, BHU ने कहा कि कविता जीवन की रचना है क्योंकि संस्कृति और परम्परा की थाती के रूप में कविता के माध्यम से मानव संस्कृति की परम्परा उत्तरोत्तर विकसित होती है।

उन्होंने कहा कि हिंदी का महत्व सिर्फ भाषा होने के कारण नहीं है बल्कि भारतीय सनातन परम्परा की करुणा, प्रपत्ति और भक्ति की अनन्यता के साथ-साथ राष्ट्रीय जागरण का संदर्भ रचने में भी है। हिंदी ने परम्परा और आधुनिकता की सहयात्रा को साकार किया है।

डॉ. ज्योति ने हिंदी की विकास यात्रा में समाज सुधारकों, राष्ट्रनेताओं, पत्रकारों और साहित्यकारों की भूमिका के साथ-साथ अलीगढ़ की 'हिंदी संवर्धिनी सभा', लखनऊ की 'मातृभाषा सभा' और काशी की 'नागरी प्रचारिणी सभा' के योगदान को विस्तार से बताया।


अध्यक्षता कर रहे प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने कहा कि हिंदी जन-जन की भाषा है, जिसने आम जनता के सरोकारों को राष्ट्रीय जीवन से जोड़ा। हिंदी ने संपर्क भाषा और राष्ट्रभाषा के रूप में बहुत कुछ हासिल किया है, लेकिन सांस्कृतिक विस्तार के लिए अभी और काम करना है।

स्वागत विभागाध्यक्ष प्रो. राकेश कुमार राम, संचालन डॉ. अस्मिता तिवारी एवं धन्यवाद डॉ. नीलम सिंह ने किया। इस अवसर पर प्रो. राकेश द्विवेदी, प्रो. समीर पाठक सहित छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

👉 इन खबरों को देखना न भूलें 👈

  1. रोटरी क्लब ब्लड एंड ऑर्गन डोनर्स वाराणसी की बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय - 20 सितंबर को गवर्नर की यात्रा NEW
  2. हिंदी ने परम्परा और आधुनिकता की सहयात्रा को साकार किया - DAV PG में संगोष्ठी
  3. वाराणसी को राजभाषा में राष्ट्रीय सम्मान, नराकास को प्रशंसनीय पुरस्कार - BLW
  4. भाषाएं नफरत नहीं मोहब्बत सिखाती हैं - ग़ालिब इंस्टीट्यूट नई दिल्ली में मुशायरा

BLW News Varanasi 15 September 2026: अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन मुम्बई में BLW Gm Ashutosh Pant को मिला सम्मान

प्रशस्ति पत्र में नराकास अध्यक्ष एवं बरेका महाप्रबंधक आशुतोष पंत के प्रयासों की विशेष सराहना




  • @dil india live 

F.farooqui/Ajeet Singh rajpoot

Varanasi (वाराणसी)। राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं प्रभावी कार्यान्वयन के क्षेत्र में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वाराणसी ने उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। गृह मंत्रालय, भारत सरकार के राजभाषा विभाग द्वारा वर्ष 2025-26 के दौरान अपने कार्यक्षेत्र में संघ की राजभाषा नीति के उल्लेखनीय कार्य-निष्पादन के लिए नराकास, वाराणसी को ‘नराकास प्रोत्साहन सम्मान’ के अंतर्गत ‘प्रशंसनीय’ श्रेणी में सम्मानित किया गया।

यह सम्मान 14 एवं 15 सितंबर 2026 को सिडको एग्जीबिशन सेंटर, नवी मुंबई (महाराष्ट्र) में आयोजित अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के दौरान 15 सितंबर 2026 को प्रदान किया गया। नराकास, वाराणसी की ओर से बरेका के मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (उत्पादन एवं विपणन) राम जन्म चौबे ने प्रशस्ति पत्र प्राप्त किया।


गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा जारी प्रशस्ति पत्र में नराकास, वाराणसी के अध्यक्ष एवं बनारस रेल इंजन कारखाना के महाप्रबंधक आशुतोष पंत के प्रयासों की विशेष सराहना की गई है। प्रशस्ति पत्र में उल्लेख किया गया है कि समिति के अध्यक्ष आशुतोष पंत के प्रयासों से राजभाषा हिंदी के प्रचार-प्रसार एवं कार्यान्वयन में नराकास, वाराणसी ने उल्लेखनीय प्रगति की है। साथ ही, राजभाषा हिंदी के प्रति उनकी निष्ठा एवं कार्यकुशलता को सराहनीय और प्रेरणादायी बताया गया है।

यह सम्मान वाराणसी में विभिन्न केंद्रीय सरकारी कार्यालयों के मध्य राजभाषा हिंदी के प्रयोग, प्रचार-प्रसार तथा राजभाषा नीति के प्रभावी कार्यान्वयन के लिए किए जा रहे समन्वित एवं सतत प्रयासों को राष्ट्रीय स्तर पर मिली महत्वपूर्ण मान्यता है।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर बनारस रेल इंजन कारखाना परिवार गौरवान्वित है। नराकास, वाराणसी के अध्यक्ष एवं बरेका महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने नराकास से जुड़े सभी कार्यालयों, अधिकारियों एवं कर्मचारियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी हैं।

👉 इन खबरों को देखना न भूलें 👈

  1. रोटरी क्लब ब्लड एंड ऑर्गन डोनर्स वाराणसी की बैठक में आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय - 20 सितंबर को गवर्नर की यात्रा NEW
  2. हिंदी ने परम्परा और आधुनिकता की सहयात्रा को साकार किया - DAV PG में संगोष्ठी
  3. वाराणसी को राजभाषा में राष्ट्रीय सम्मान, नराकास को प्रशंसनीय पुरस्कार - BLW
  4. भाषाएं नफरत नहीं मोहब्बत सिखाती हैं - ग़ालिब इंस्टीट्यूट नई दिल्ली में मुशायरा

Ghalib Institute New Delhi News September 2026: भाषाएं नफरत नहीं, मोहब्बत का संदेश देती हैं-प्रो. जियाउर रहमान सिद्दीकी

मातृभाषा डोगरी फिर भी मुझे उर्दू भाषा से बेहद प्रेम- प्रो. चमन लाल

उर्दू वालों ने मनाया उत्साहपूर्वक हिंदी दिवस

भाषा एवं साहित्य में उल्लेखनीय योगदान देने वालों का हुआ सम्मान

Ghalib Institute New Delhi News September 14-2026


@dil india live 

New Delhi (नई दिल्ली)। हिंदी दिवस के अवसर पर ग़ालिब इंस्टीट्यूट, नई दिल्ली में देश के विभिन्न राज्यों में शैक्षणिक कार्य, भाषा एवं साहित्य के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले शिक्षकों, प्रवक्ताओं एवं आचार्यों के सम्मान में राष्ट्रीय पुरस्कार सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।

समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षकों एवं शिक्षाविदों को उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रोफेसर जियाउर रहमान सिद्दीकी (अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय) ने सभी सम्मानित शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि इस प्रकार के पुरस्कार शिक्षकों में अपने कार्य को और बेहतर ढंग से करने की प्रेरणा एवं शक्ति प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि भाषाएं हमें आपस में जोड़ना सिखाती हैं। भाषाएं नफरत नहीं, बल्कि मोहब्बत का संदेश देती हैं। इसलिए देश की तमाम भाषाओं के संरक्षण, संवर्धन एवं विकास के लिए निरंतर प्रयास किए जाने की आवश्यकता है। भारत की भाषाई विविधता हमारी महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विरासत है।




अवार्ड से नवाजे गए शिक्षाविद

समारोह में मुख्य अतिथि प्रोफेसर जियाउर रहमान सिद्दीकी व विशिष्ट अतिथि डॉ. शमा परवीन, (DIET हापुड़) को भाषाई एवं शैक्षणिक योगदान के लिए ‘नेशनल उर्दू अवॉर्ड’ प्रदान किया गया तो वहीं दूसरी ओर ‘नेशनल लैंग्वेज अवॉर्ड’ डॉ. अज़हर सईद, (प्रवक्ता, DIET चंदौली) को देकर सम्मानित किया गया। ऐसे ही प्रोफेसर जितेंद्र परवाज़ (पंजाबी विश्वविद्यालय पटियाला) तथा प्रोफेसर चमन लाल (जम्मू विश्वविद्यालय) को ‘नेशनल उर्दू रत्न अवॉर्ड’ से नवाजा गया। इसके अलावा देश भर के शिक्षकों को सम्मानित किया गया जिसमें डॉ. आयशा सिद्दिका (हैदराबाद), क़दीर बीबी ((आंध्र प्रदेश), हसन साहब (कर्नाटक), देवदास कोणदेव (महाराष्ट्र), शेख हमीद कुरैशी (छत्तीसगढ़), आफ़ताब ज़िया (मुंबई), मो. वसी-उल-हक अंसारी (बिहार), डॉ. शाह फैसल (जम्मू-कश्मीर) तथा डॉ. शाहिद खान (फतेहपुर) उत्तर प्रदेश सहित महाराष्ट्र, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, हरियाणा, तेलंगाना सहित विभिन्न राज्यों के शिक्षकों को सम्मानित किया गया।

आयोजन में विशिष्ट अतिथि प्रोफेसर चमन लाल ने कहा कि उनकी मातृभाषा डोगरी है, लेकिन उन्हें उर्दू भाषा से बेहद प्रेम है। उन्होंने अब तक उर्दू भाषा में 18 पीएच.डी. और 16 एम.फिल. शोधार्थियों का शोध-निर्देशन किया है।


इस अवसर पर डॉ. अज़हर सईद ने कहा कि उर्दू भाषा से प्रेम करने वाले लोग अपनी सारी जिम्मेदारी केवल सरकारों पर डालकर चैन से नहीं बैठ सकते। उन्होंने कहा कि “सिर्फ इतना कह देने से कि उर्दू भाषा बहुत मीठी है, काम नहीं चलेगा, बल्कि उसकी मिठास को दूसरों तक पहुंचाना भी होगा।” आयोजन में प्रोफेसर जितेंद्र परवाज़ ने अपनी ग़ज़लों एवं रचनाओं की प्रस्तुति से समां बांध दिया।

📚 इन महत्वपूर्ण खबरों को भी जरूर देखें- DIL INDIA live Varanasi 📚

  1. भाषाएं हमें जोड़ती हैं, नफरत नहीं मोहब्बत सिखाती हैं - प्रो. जियाउर रहमान - ग़ालिब इंस्टीट्यूट NEW
  2. नेचर के साथ सेल्फी के लिए समय है तो पौधरोपण के लिए क्यों नहीं - काजल विश्वकर्मा
  3. डाक विभाग में हिंदी पखवाड़े का PMG कृष्ण कुमार यादव ने किया उद्घाटन
  4. प्यारे नबी की 63 साल की जिंदगी दुनिया के लिए मिसाल - हुकुलगंज जलसा
  5. सभी अंबिया का उनको मैं इमाम लिख रहा हूं - नदेसर में नातिया महफ़िल
  6. शिक्षा, स्वास्थ्य व वंचितों का संरक्षण ही कल्याणकारी राज्य के दायित्व
  7. DLW पहाड़ी गेट में KJS प्रेरणा फ्री कोचिंग का शुभारंभ
  8. अर्थशास्त्र सबसे ज्यादा अप टू डेट विषय - DAV PG
  9. शायरी में दिखती है दार्शनिक चिंतन - अल्लामा इकबाल
  10. VKM में बेकिंग कार्यशाला - छात्राएं बनी आत्मनिर्भर
  11. 15 छात्राओं ने 50 से अधिक कृतियों की प्रदर्शनी लगाई
  12. आत्महत्या व्यक्तिगत नहीं सामाजिक विषय
  13. मानस्विनी क्लब शिविर में 130 परीक्षार्थियों का आकलन
  14. स्वस्थ रहना बीमारियों से बचाव तक सीमित नहीं
  15. वूमन स्पिरिट सोसायटी का शिवशक्ति स्वरूपा कार्यक्रम
       दिल्ली से वाराणसी तक हर खबर -             DIL INDIA live News portal 

Natura के साथ Selfie लेने का समय है तो पौधरोपण की भी करें फिक्र तभी बचेगा पर्यावरण

अभी नहीं जागे तो सेल्फी पोज तो दूर हमें दिखेगा भी नहीं प्राकृतिक नज़ारा


 

@dil india live 

Varanasi (वाराणसी)। गर्मी से बचने के लिए लोग पहाड़ों की तरफ रुख करते हैं। कुछ दिन ही सही लेकिन प्रकृति के साथ जुड़ने के लिए जंगल, पर्वत पहाड़ों के बीच छुट्टियां मनाने निकल जाते हैं। खुद को नेचर से जोड़कर उत्साहित होते हैं, रोमांच का बखान स्वजनों से करते हैं। ऐतिहासिक पल को कैमरे में कैद करते हैं और सेल्फी लेकर यात्रा के लिए यादगार बनाते हैं।

लेकिन सवाल की ये सब करते वक्त उनके जेहन में ये बात क्यों नहीं आती कि जिस प्रकृति से जुड़ने के लिए और शुद्ध हवा पानी लेने के लिए वे पर्वत पहाड़ और जंगलों के बीच आते हैं उसके लिए पौध रोपण और पर्यावरण संरक्षण जरूरी है। वरना एक दिन सब उत्साह खत्म हो जाएगा। अभी नहीं जागे तो सेल्फी पोज तो दूर हमें प्राकृतिक का यह अनमोल नज़ारा दिखेगा भी नहीं। इसलिए वक्त रहते हमें जागना होगा। कहा जाता है कि जब जागो तभी सवेरा। 

पौधारोपण को बनाएं आंदोलन मिलेगा आनंद 

पौधारोपण को आप आंदोलन बनाएं आपको जो आनंद और सुकुन मिलेगा उसे आप बयां नहीं कर सकते। प्रकृति और मानव जीवन के संतुलन को बनाए रखने के लिए पौधारोपण (पेड़ लगाना) अत्यंत आवश्यक है। पौधारोपण के मुख्य लाभ और महत्व हम यहां जानेंगे:-

शुद्ध हवा: पेड़ कार्बन डाइऑक्साइड लेते हैं और जीवनदायिनी ऑक्सीजन छोड़ते हैं। 

प्रदूषण नियंत्रण: यह हवा से हानिकारक धूल और गैसों को फ़िल्टर करके वातावरण को साफ रखता है। 

मिट्टी का संरक्षण: पेड़ों की जड़ें मिट्टी को मजबूती से बांधकर रखती हैं, जिससे भूकम्प या बाढ़ के समय मिट्टी का कटाव (मृदा अपरदन) रुकता है। 

जल चक्र में सुधार: पेड़ वर्षा लाने में मदद करते हैं और भूजल स्तर को बनाए रखते हैं। 

वन्यजीवों का घर: पेड़ पक्षियों और कई जीवों को आश्रय और भोजन देते हैं।

मानसिक शांति: हरे-भरे पेड़ तनाव को कम करते हैं और मानसिक स्वास्थ्य में सुधार करते हैं।

पर्यावरण प्रेमी काजल की प्रेरक कहानी
आज हम बात करेंगे ऐसी ही पर्यावरण प्रेमी काजल विश्वकर्मा की। काजल वैसे तो मूलरूप से देवरिया जिले की हैं लेकिन पढ़ाई के लिए वाराणसी आयीं तो यहीं की होकर रह गयीं। वर्तमान में वह रिसर्च स्कॉलर हैं और पढ़ाई के साथ ही पौध रोपण पर भी इनका ध्यान है।

घर पर लगाए पौधे बने पेड़, हॉस्टल को बना दिया ग्रीन 

काजल ने बताया कि वह जिस हॉस्टल में रहती हैं वो आज हरा भरा है, क्योंकि खाद्य पानी और रखरखाव वो मन से करती हैं। घर से मिलने वाले हॉस्टल खर्च के पैसों में कुछ बचाकर गमले भी लायीं और पौध लगाया। इतना ही नहीं वाराणसी में ही अपने रिश्तेदारों के यहां भी पौध लगा दिया। काजल ने बताया कि वाराणसी से पौध ले जाकर वह अपने घर देवरिया में लगायी हैं। इसमें दर्जन से अधिक पौधे अब छायादार और फलदार हैं।

उनका मानना है कि शुद्ध हवा और पानी उन्हें अपने शहर में भी मिल सकता है बशर्ते कि पौध रोपण अभियान में हर किसी को आगे आना होगा। कुछ न करें तो कम से कम साल में एक पौध लगा दें कि उनकी आने वाली पीढ़ी को ऑक्सीजन के लिए भटकना नहीं पड़ेगा। शुद्ध वातावरण के लिए पैसे खर्च कर किसी हिल स्टेशन या जंगल सफारी नहीं जाना होगा। सकून भरा वातावरण अपने शहर में भी प्राप्त कर सकते हैं बशर्ते की सभी को पौध रोपण के लिए आगे आना होगा साथ ही संरक्षण की जिम्मेदारी उठानी होगी।

काजल कर रही हैं पर्यावरण की पहरेदारी 

काजल विश्वकर्मा आज युवाओं के लिए प्रेरणा बन गयी हैं। जितनी की पढ़ाई, उतना ही होता है जितनी को पौधों से लगाव। इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि वो जिस हॉस्टल में रहती हैं वो आज हरा भरा है। उनसे प्रेरणा लेकर काफी लोग पौधे लगा रहे हैं।


🌿 14 खबरें DIL INDIA लाइव पर नहीं पढ़ा है तो एक बार जरुर देखें 🌿

  1. नेचर के साथ सेल्फी के लिए समय है तो पौधरोपण के लिए क्यों नहीं - काजल विश्वकर्मा NEW
  2. डाक विभाग में हिंदी पखवाड़े का PMG कृष्ण कुमार यादव ने किया उद्घाटन
  3. प्यारे नबी की 63 साल की जिंदगी दुनिया के लिए मिसाल - हुकुलगंज जलसा
  4. सभी अंबिया का उनको मैं इमाम लिख रहा हूं - नदेसर में नातिया महफ़िल
  5. शिक्षा, स्वास्थ्य व वंचितों का संरक्षण ही कल्याणकारी राज्य के दायित्व
  6. DLW पहाड़ी गेट में KJS प्रेरणा फ्री कोचिंग का शुभारंभ
  7. अर्थशास्त्र सबसे ज्यादा अप टू डेट विषय - DAV PG
  8. शायरी में दिखती है दार्शनिक चिंतन - अल्लामा इकबाल
  9. VKM में बेकिंग कार्यशाला - छात्राएं बनी आत्मनिर्भर
  10. 15 छात्राओं ने 50 से अधिक कृतियों की प्रदर्शनी लगाई
  11. आत्महत्या व्यक्तिगत नहीं सामाजिक विषय
  12. मानस्विनी क्लब शिविर में 130 परीक्षार्थियों का आकलन
  13. स्वस्थ रहना बीमारियों से बचाव तक सीमित नहीं
  14. वूमन स्पिरिट सोसायटी का शिवशक्ति स्वरूपा कार्यक्रम

सोमवार, 14 सितंबर 2026

Ahmedabad news hindi pakhwada 2026:postmaster general krishna kumar yadav बोलें, हिन्दी सिर्फ साहित्य नहीं बल्कि विज्ञान से लेकर नवाचार की भाषा

डाक विभाग में हिंदी पखवाड़े का पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने किया उद्घाटन





Ahmedabad postel department news hindi pakhwada 14 September 2026
  • @dil india live 

Ahmedabad (अहमदाबाद)। हिंदी मात्र एक भाषा नहीं, अपितु भारतीय संस्कृति, संस्कारों एवं जीवन मूल्यों की प्रबल संवाहक है। हिंदी हमारी मातृभाषा के साथ-साथ राजभाषा भी है, ऐसे में इसके विकास के लिए जरुरी है कि हम हिंदी भाषा को व्यवहारिक क्रियाकलापों के साथ-साथ राजकीय कार्य में भी प्राथमिकता दें।

उक्त उद्गार उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने डाक विभाग द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय, अहमदाबाद में आयोजित हिंदी पखवाड़ा के शुभारंभ के अवसर पर व्यक्त किए। इससे पूर्व उन्होंने मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर और दीप प्रज्वलित कर 'हिंदी दिवस' एवं 'हिंदी पखवाड़ा' (14-28 सितंबर) का शुभारंभ किया।



पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि अपनी सहजता, मधुरता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के बल पर हिंदी भाषा ने वैश्विक स्तर पर विशेष प्रतिष्ठा अर्जित की है। एथनोलॉग के अनुसार हिन्दी विश्व की तीसरी सबसे अधिक बोली जाने वाली भाषा है, वहीं विश्व आर्थिक मंच की गणना के अनुसार यह विश्व की दस शक्तिशाली भाषाओं में से एक है।

उन्होंने कहा कि विश्व के 132 देशों में जा बसे भारतीय मूल के लगभग 2 करोड़ लोग हिंदी माध्यम से ही अपना कार्य निष्पादित करते हैं। विदेशों में 150 से अधिक विश्वविद्यालयों में हिन्दी पढ़ाई जा रही है।

श्री यादव ने कहा कि हिन्दी सिर्फ संवाद व साहित्य ही नहीं बल्कि विज्ञान से लेकर संचार-क्रांति, सूचना-प्रौद्योगिकी और नवाचार की भाषा भी है। भारत सरकार द्वारा विकास कार्यक्रमों और जनसेवाओं के संचालन में हिंदी के प्रयोग को लगातार प्रोत्साहित किया जा रहा है। आज स्थिति यह है कि संयुक्त राष्ट्र जैसी अंतर्राष्ट्रीय संस्थाओं में भी हिंदी की आवाज़ गूंजने लगी है।

अंताक्षरी का भी आयोजन

सहायक निदेशक (राजभाषा) अल्पेश शाह ने बताया कि हिंदी पखवाड़े के अंतर्गत 14 से 28 सितंबर, 2026 तक उत्तर गुजरात परिक्षेत्र में डाककर्मियों के लिए निबंध लेखन, काव्य-पाठ, हिंदी व्याकरण, प्रश्नोत्तरी, अनुवाद, तात्कालिक भाषण और अंताक्षरी का आयोजन किया जाएगा।

इनकी रही खास मौजूदगी 
कार्यक्रम में सहायक निदेशक अल्पेश आर. शाह, वारिस वहोरा, रितुल एन. गांधी, वरिष्ठ लेखाधिकारी पूजा राठोर सहित तमाम अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन गौरी शंकर कुमावत ने किया।

🌿 वाराणसी की 14 हाल में प्रकाशित खबरें - DIL INDIA live पर जरुर पढ़े 🌿

  1. नेचर के साथ सेल्फी के लिए समय है तो पौधरोपण के लिए क्यों नहीं - काजल विश्वकर्मा NEW
  2. डाक विभाग में हिंदी पखवाड़े का PMG कृष्ण कुमार यादव ने किया उद्घाटन
  3. प्यारे नबी की 63 साल की जिंदगी दुनिया के लिए मिसाल - हुकुलगंज जलसा
  4. सभी अंबिया का उनको मैं इमाम लिख रहा हूं - नदेसर में नातिया महफ़िल
  5. शिक्षा, स्वास्थ्य व वंचितों का संरक्षण ही कल्याणकारी राज्य के दायित्व
  6. DLW पहाड़ी गेट में KJS प्रेरणा फ्री कोचिंग का शुभारंभ
  7. अर्थशास्त्र सबसे ज्यादा अप टू डेट विषय - DAV PG
  8. शायरी में दिखती है दार्शनिक चिंतन - अल्लामा इकबाल
  9. VKM में बेकिंग कार्यशाला - छात्राएं बनी आत्मनिर्भर
  10. 15 छात्राओं ने 50 से अधिक कृतियों की प्रदर्शनी लगाई
  11. आत्महत्या व्यक्तिगत नहीं सामाजिक विषय
  12. मानस्विनी क्लब शिविर में 130 परीक्षार्थियों का आकलन
  13. स्वस्थ रहना बीमारियों से बचाव तक सीमित नहीं
  14. वूमन स्पिरिट सोसायटी का शिवशक्ति स्वरूपा कार्यक्रम