प्रशिक्षु कलाकारों के कैनवास पर दिखा वाराणसी का घाट सौंदर्य
चटक एक्रेलिक रंगों की कृतियों में दिखाई दिया तीनों टोन
dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय (VKM) कमच्छा, वाराणसी के चित्रकला विभाग (Painting Dipartment) द्वारा चित्रांकन-दी आर्ट क्लब के तहत बी.ए. तृतीय वर्ष की छात्राओं द्वारा चित्रों की प्रदर्शनी आयोजित की गयी। प्रदर्शनी का उद्घाटन महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव द्वारा किया गया। इस प्रदर्शनी में प्रेरणा राय एवं शिवानी कुमारी ने अपनी कलात्मक अभिव्यक्ति को चित्रों के माध्यम से प्रस्तुत किया। चित्रों के मुख विषयों में देवी- देवताओं, प्रकृति और पर्यावरण के साथ ही थियोसोफिकल सोसाइटी के प्रांगण की दृश्य सुन्दरता तथा वाराणसी के घाट सौंदर्य के दृश्यों को कैनवास पर एक्रेलिक रंगों के माध्यम से अभिव्यक्त किया गया। चटक एक्रेलिक रंगों की कृतियों में तीनों टोन साफ दिखाई दे रहा था।
चित्रित कृतियों में रेखांकन व लीनो कट, वुड कट द्वारा प्रिंट मेकिंग तकनीक में बनाये गये चित्र भी कला रसिकों को लुभाने में सफल रहे। चित्रों को कला प्रेमियों ने दिल की गहराईयों से सराहा। प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव ने दोनों छात्राओं के निर्मित चित्रों की अत्यधिक प्रशंसा की और इन प्रशिक्षु कलाकारों के उज्जवल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दी।
रक्तदान के लिए ज्यादा से ज्यादा लोग आगे आएं-राजेश गुप्ता
dil india live (Varanasi). वाराणसी में रोटरी क्लब ब्लड डोनर्स के चार्टर अध्यक्ष एवं काशी रक्तदान नेत्रदान कुटुंब समिति के संस्थापक सचिव राजेश कुमार गुप्ता (सेंचुरियन) को जब बाबा गणिनाथ भक्त मण्डल की एक सदस्य से इस बात का पता चला कि उनके एक रिश्तेदार को 10 यूनिट रक्त की आवश्यकता है तो राजेश गुप्ता ने अपना ब्लड डोनेट किया। दिलचस्प पहलू यह है कि उनका एक ही प्रोसिजर में 2 डोनेशन हुआ। उन्होंने सिंगल डोनर प्लेटलेट्स और ब्लड दोनों का दान एक ही समय में किया। यह प्रोसिजर होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल के ब्लड बैंक की प्रभारी डॉक्टर वसुंधरा ने के देख रेख में हुआ। इस मौके पर राजेश गुप्ता ने अपील किया है कि रक्तदान के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को आगे आना चाहिए।
कानून-व्यवस्था को और सुदृढ़, प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने का निर्देश
जनसामान्य की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण थाना स्तर पर हो-मोहित अग्रवाल
dil india live (Varanasi). पुलिस आयुक्त कमिश्नरेट वाराणसी मोहित अग्रवाल द्वारा राजपत्रित अधिकारियों के साथ कैम्प कार्यालय में आयोजित समीक्षा बैठक में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़, प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उन्होंने निर्देशित किया कि थाना स्तर पर अपराध नियंत्रण, रात्रि गश्त, ऑपरेशन चक्रव्यूह, यातायात प्रबंधन एवं अन्य पुलिस दायित्वों के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित कर पुलिसिंग को परिणामोन्मुख बनाया जाए। जनसामान्य की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण थाना स्तर पर ही सुनिश्चित करने, जनता के प्रति संवेदनशील एवं शालीन व्यवहार बनाए रखने तथा महिला सुरक्षा एवं महिला संबंधी अपराधों में त्वरित कार्रवाई करने पर विशेष बल दिया गया। साथ ही अपराधों एवं संभावित घटनाओं के पूर्व आकलन, अपराधियों की सक्रिय निगरानी, प्रमुख चौराहों एवं संवेदनशील स्थलों पर 24×7 पुलिस दृश्यता तथा यूपी-112 वाहनों की रणनीतिक तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में पीड़ितों से नियमित संवाद स्थापित कर विवेचना की प्रगति से अवगत कराने, चोरी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण हेतु विशेष अभियान चलाने तथा काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालुओं के प्रति विनम्र व्यवहार एवं सुगम दर्शन व्यवस्था बनाए रखने पर भी जोर दिया गया। इसके अतिरिक्त हुक्का बार, मानव तस्करी, अवैध खनन, अवैध स्लॉटरिंग एवं अन्य संगठित अपराधों के विरुद्ध कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
दावा खारिज, गैंगस्टर कोर्ट ने नहीं दी राहत, संपत्ति पर राज्य सरकार का दावा रहेगा बरकरार
सरफराज अहमद
dil india live (Barabanki). मऊ के बाहुबली विधायक रहे मुख्तार अंसारी के करीबी (गैंग के सक्रिय सदस्य बताए गए) जफर उर्फ चन्दा को न्यायालय से बड़ा झटका लगा है। लगभग 4 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्ति को लेकर दाखिल की गई जफर की अपील को गैंगस्टर न्यायालय ने खारिज कर दिया है। अब इस संपत्ति पर राज्य सरकार का दावा बरकरार रहेगा।
प्राप्त समाचार के अनुसार थाना कोतवाली नगर, बाराबंकी में दर्ज मुकदमा संख्या 369/2021 में मुख्तार अंसारी एवं उसके गैंग के सदस्यों के विरुद्ध धारा 419, 420, 467, 468, 471 आईपीसी सहित अन्य धाराओं में मामला पंजीकृत किया गया था। पुलिस जांच में जफर उर्फ चन्दा को मुख्तार अंसारी गैंग का सक्रिय सदस्य बताया गया है। आरोप है कि वह मुख्तार अंसारी की सुरक्षा में हथियारों के साथ एम्बुलेंस पर चलता था तथा गैंग की आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहता था। इस मामले में पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद जफर और अन्य आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया गया।
पुलिस के अनुसार जांच में यह तथ्य सामने आया कि जफर उर्फ चन्दा ने पिछले 10 से 12 वर्षों के दौरान गैंग के साथ मिलकर आपराधिक गतिविधियों से अवैध धन अर्जित किया और अपने नाम पर बड़े पैमाने पर संपत्तियां खरीदीं। इन संपत्तियों का वर्तमान बाजार मूल्य लगभग 4 करोड़ रुपये आंका गया। इसके आधार पर जिला प्रशासन ने उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप (निवारण) अधिनियम की धारा 14 (1) के तहत कार्रवाई करते हुए उक्त संपत्ति को राज्य के पक्ष में कुर्क करने का आदेश पारित किया था।
रब की रज़ा के लिए तीन दिनों में लाखों जानवर हुए कुर्बान
Sarfaraz/Rizwan
dil India live (Varanasi)। देश दुनिया में बक़रीद का तीन दिनी त्योहार अमनों मिल्लत के साथ सम्पन्न हो गया। बकरीद पर अकेले बनारस में तीन दिनों में मोमिनीन ने रब की रज़ा के लिए लाखों छोटे–बडे जानवरों की कुर्बानी दी। कुर्बानी के बाद उसका तबर्रुक लोगों ने अपने अजीजों, ग़रीबों, मिस्कीनों व उनके हकदारों को तकसीम किया।
इससे पहले कुर्बानी का तीन दिनी पर्व बक़रीद का आगाज़ पहले दिन जुमेरात को रब की रजा के लिए मस्जिदों, ईदगाहों में नमाज़ के साथ शुरू हुआ था। केवल अपने शहर बनारस में ही लाखों लोगों ने रब की बारगाह में सिजदा किया था। नमाज के बाद से घरों में छोटे–बडे जानवरों की कुर्बानी का जो आगाज़ हुआ वो तीन दिनों तक रवायत के साथ मगरिब की नमाज़ के पहले तक चलता रहा।
खुशियों में डूबे नज़र आएं मोमिन
तीन दिन चलने वाली ईदुल अजहा कि खुशियों में मोमिनीन डूबे नज़र आएं। इस मौके पर दोनों वर्गों के लोगों ने दावतों का एक साथ लुत्फ उठाया। तीसरे और अंतिम दिन शाम तक लोगों ने कुर्बानी की। कुर्बानी के बाद गोश्त और सेवईयों का तबर्रुक अजीजों, ग़रीबों और मिसकीनो में तकसीम किया। घरों और आसपास के लोगों के यहां घर के छोटे-छोटे बच्चे तबर्रुक पहुंचाते नज़र आएं तो दूर दराज घरों के बड़े बाइक और कार व अन्य साधनों से तबर्रुक पहुंचाने अपने अज़ीजो और रिश्तेदारों के यहां आते जाते दिखाई दिए। इस बार भी ईदुल अजहा पूरे अमनों मिल्लत और सौहार्द के साथ संपन्न हो गया। इससे जिला जिला प्रशासन व पुलिस प्रशासन ने जहां राहत की सांस ली वहीं उलेमा ने अल्लाह रब्बुल इज्जत का शुक्रिया अदा किया की रब ने अमनों मिल्लत के साथ त्योहार सम्पन्न कराया। कल इतवार होने से लोगों को त्योहार के साथ एक छुट्टी मिल रही है इससे लोगों को आराम का मौका मिलेगा। सोमवार से सभी अपने अपने कामों में व्यस्त हो जाएंगे।
ईदुल अजहा के दिन 91 वर्ष की आयु में भोपाल में निधन
dil india live (Bhopal). उर्दू शायरी की दुनिया के महान शायर बशीर बद्र आज हमारे बीच नहीं रहे। 91 वर्ष की आयु में भोपाल में ईदुल अजहा के मुकद्दस दिन उनका निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ थे और डिमेंशिया से जूझ रहे थे। बशीर बद्र साहब ने ग़ज़ल को सिर्फ़ अदब की महफ़िलों तक सीमित नहीं रखा, बल्कि आम लोगों के दिलों तक पहुँचा दिया। उनकी शायरी में मोहब्बत, तन्हाई, रिश्ते, दर्द और इंसानी एहसास बेहद सादगी और गहराई से दिखाई देते हैं।
कुछ अमर शेर जो हर दिल की आवाज़ हैं
कुछ तो मजबूरियाँ रही होंगी
यूँ कोई बेवफ़ा नहीं होता
उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो
न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
लोग टूट जाते हैं एक घर बनाने में
तुम तरस नहीं खाते बस्तियाँ जलाने में
उन्हें पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया था। उनकी शायरी आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक विरासत रहेगी।
श्रद्धांजलि स्वरूप कुछ पंक्तियाँ
अल्फ़ाज़ के उस फ़नकार को सलाम जिसने दर्द को भी ख़ूबसूरती से लिखा महफ़िलें ख़ामोश होंगी अब शायद पर हर दिल में बशीर बद्र हमेशा रहेंगे ज़िंदा।।
(सुमंगला सुमन)
मुशायरों में, उनको कई बार सुना
आम बोलचाल की भाषा में लिखे बशीर बद्र के शेर ज़िन्दगी की गहरी सच्चाई बयान करते। कई-कई बार लोकसभा में, उनके शेर सुनाई दिये। कम लोगों को पता होगा कि बशीर बद्र ने अटल बिहारी वाजपेयी के लिए लखनऊ में भी चुनाव प्रचार किया था।
Eid ul azha की नमाज के बाद ईदगाहों व मस्जिदों में देश में खुशहाली, तरक्की और आपसी भाईचारे की गुरुवार को दुआए मांगी गई। नमाज को लेकर सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए थे। संवेदनशील इलाकों में पुलिस फोर्स तैनात की गई । सुरक्षा पर विशेष नजर थी, ड्रोन कैमरों से भी निगरानी हो रही थी। हर गतिविधि पर पैनी नजर पुलिस के आलाधिकारी रखें हुए थे। भारी फोर्स की मौजूदगी में अमन और मिल्लत के माहौल के बीच बकरीद की नमाज़ अदा हुई तो प्रशासन ने राहत की सांस ली। दिल इंडिया लाइव की एक खास रिपोर्ट यहां पढ़ें...
sarfaraz/Rizwan/F. Farouqi
Varanasi (dil India live)। ईद-उल-अजहा (Eid ul azha) यानी बकरीद पर रब की बारगाह में पहले मोमीनीन ने सिजदे में सिर झुकाया, फिर ख़ुदा की राह में विभिन्न छोटे बड़े जानवरों की कुर्बानी पेश की। कुर्बानी के साथ ही कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच बकरीद का तीन दिनी त्योहार गुरुवार को पूरी अकीदत के साथ शुरू हो गया। इस दौरान ईदगाहों और मस्जिदों के आसपास कड़ी सुरक्षा व्यवस्था दिखाई दी। पुलिस अधिकारियों ने ईदगाहों का मुआयना किया। बकरीद की नमाज सुबह पौने पौने 6 बजे से 10.30 बजे के बीच जब सकुशल संपन्न हुई तो जिला प्रशासन ने राहत की सांस ली। नमाज अदा करने के बाद बकरा, भेड़, दुंबा आदि जानवरों की कुर्बानी का जो दौर शुरू हुआ वो तीन दिनों तक ऐसे ही जारी रहेगा।
काजी-ए-शहर बनारस मौलाना जमील अहमद ने ईदुल अजहा की लोगों को मुबारकबाद पेश की। इस दौरान उनसे मिलने और मुसाफा करने लोगों का हुजूम उनके दौलतखाने पर उमड़ा हुआ था। इससे पहले ईद-उल-अजहा की नमाज पूरी अकीदत के साथ अदा की गई। मस्जिद हमीदिया शक्कर तालाब में मुफ्ती-ए-बनारस अहले सुन्नत मौलाना मोइनुद्दीन अहमद फारूकी प्यारे मियां, मस्जिद लंगड़े हाफिज नई सड़क में मौलाना जकीउललाह असदुल कादरी, मुगलिया मस्जिद बादशाह बाग में मौलाना हाफिज हसीन अहमद हबीबी, शाही मस्जिद ज्ञानवापी में मौलाना अब्दुल आखिर नोमानी, शाही मस्जिद ढ़ाई कंगूरा में हाफिज नसीम अहमद बशीरी ने नमाज अदा करायी।
ऐसे ही बड़ी ईदगाह विद्यापीठ में मौलाना शमीम, मस्जिद रंग ढलवां फाटक शेख़ सलीम में मौलाना जाहिद, मस्जिद उल्फत बीबी अर्दली बाजार में शैखुल हदीस मौलाना इल्यास कादरी, जामा मस्जिद कम्मू खां डिंठोरी महाल में मौलाना शमसुद्दीन, छोटी मस्जिद डिठोरी महाल में हाफिज शाहरूख तो शिया जामा मस्जिद मीर गुलाम अब्बास अर्दली बाजार में मौलाना तौसीफ़ अली व मस्जिद डिप्टी जाफ़र बख़्त, शिवाला में बक़रीद की नमाज़ मौलाना मुहम्मद हुसैन ने अदा कराई।
ऐसे ही मस्जिद जियापुरा लल्लापुरा में मो. मोइनुद्दीन अंसारी, ईदगाह हकीम सलामत अली में मौलाना अब्दुल बातिन नोमानी, मस्जिद टकटकपुर दरगाह में मौलाना अजहरुल कादरी, मस्जिद याकूब शहीद लंका नगवां में हाफिज मोहम्मद ताहिर, चमेली की मस्जिद कच्ची बाग़ में मौलाना रेयाज़ अहमद क़ादिरी, छंगा बाबा की मस्जिद में मौलाना लतीफ अहमद सेराजी, रहीम दमड़ी की मस्जिद मौलाना नसीर अहमद सेराजी, दाल की मस्जिद में मौलाना निहालुद्दीन सेराजी, गुलरोग़न की मस्जिद में मौलाना रिज़वान अहमद ज़ियाई व मीनार वाली मस्जिद, पीली कोठी में मौलाना मक़सूद अहमद क़ादिरी ने नमाज अदा कराकर लोगों को बकरीद की मुबारकबाद दी। मस्जिद नई बस्ती गौरीगंज में हाफिज परवेज़, जामा मस्जिद राजातालाब में मौलाना जुल्फेकार, मस्जिद हज़रत शाह मूसा शाह ककरमत्ता में हाफ़िज़ खालिद कमाल, मस्जिद ईदगाह लाटशाही में हाफिज हबीबुर्रहमान, ईदगाह पुराना पुल में मौलाना शकील ने नमाज अदा कराई।
ऐसे ही मस्जिद रज़ा मदनपुरा, जहांगीर मस्जिद हटिया, डोमन की मस्जिद, मस्जिद बरतले, शिवाला की मस्जिद अब्दुल रहीम खां, नूरी रिजवी मस्जिद नरिया, मस्जिद बुलाकी शहीद अस्सी, मस्जिद हबीबीया, मस्जिद सम्मन खां गौरीगंज, मस्जिद गौसिया नवाबगंज, मस्जिद अस्तबल, मस्जिद कुशता बेगम शिवाला, मस्जिद पिपलानी कटरा, मस्जिद अल कुरैश, ईदगाह मस्जिद दायम खां, बिचलीं मस्जिद कचहरी समेत लोहता, बजरडीहा, रामनगर, जंसा, बड़ागांव, चोलापुर, पुराना पुल आदि में भी ईदुल अजहा की नमाज अकीदत के साथ अदा की गई। नमाज के बाद लोगों ने एक दूसरे से गले मिल कर ईद मुबारक कहा।
बकरीद के गोश्त का तीन हिस्सा
बकरीद के दिन मुस्लिम समुदाय के लोग अल्लाह के नाम पर छोटे बड़े जानवरों की कुरबानी देकर कुर्बानी के गोश्त को तीन हिस्सों में बांटते नज़र आए। इसमें उन्होंने एक हिस्सा खुद के खाने के लिए, दूसरा हिस्सा गरीबों के लिए और तीसरा अजीजो के लिए लिए किया। कुर्बानी के बाद गोश्त का तबर्रुक लोगों को तकसीम किया गया। इस दौरान दावतों का भी दौर चला जिसमें दोनों मज़हब के लोगों ने हिस्सा लिया। सभी ने सेवइयों का भी लुत्फ उठाया।
मस्जिदों व ईदगाहों पर दिखा मेले सा नज़ारा
बकरीद की नमाज के दौरान मुहल्लों की जामा मस्जिदों और ईदगाहों के आसपास मेले सा नज़ारा देखने को मिला। इस दौरान नमाज के बाद बच्चे अपने अजीजों के साथ गुब्बारे, खिलौने व आइसक्रीम खरीदते दिखाई दिए। इस दौरान पूरा माहौल नूरानी नज़र आ रहा था।
बकरीद की क्या है कहानी
शैखुल हदीस मौलाना इल्यास कादरी ने कहा कि बकरीद पैगम्बर हजरत इब्राहिम की सुन्नत है। एक बार खुदा ने हजरत इब्राहिम का इम्तिहान लेने के लिए ख्वाब में आदेश दिया कि हजरत इब्राहीम अपनी सबसे अजीज चीज़ की कुर्बानी दें। हज़रत इब्राहीम अपनी तमाम अज़ीज़ चीजें कुर्बान करते गये फिर भी उन्हें यही ख़्वाब आता रहा। हजरत इब्राहिम के लिए अब सबसे अजीज उनके बेटे हजरत इस्माईल थे, जिसकी कुर्बानी के लिए वे तैयार हो गए और उन्हे कुर्बानी के लिए ले गये। हज़रत इब्राहीम ने हज़रत इस्माईल को जैसे ही जेबा करने के लिए समंदर के पास लिटाया, छूरी ने हज़रत इस्माईल कि गर्दन पर चलने से इंकार कर दिया। इसके बाद कुर्बानी से पहले रब ने हजरत इस्माईल की जगह ये कहते हुए कुर्बानी के लिए दुम्बा भेज दिया कि वो हज़रत इब्राहिम का इम्तेहान ले रहे थे और इम्तेहान में वो पास हो गये। तभी से कुर्बानी का पर्व मनाया जा रहा है।
70000 का मोबाइल मत लो 17000 से काम चलाओ
मौलाना ने कहा कि कुछ लोग कहते हैं क्या जरूरत है कुर्बानी की ये पैसा बचा कर क़ौम की भलाई में लगाया जाए? मौलाना ने कहा कि इस्लाम का कानून न कभी बदला है न बदलेगा। बदलना है तो खुद को बदलों 70 हजार का मोबाइल मत लो 17 हजार के मोबाइल से काम चलाओ, जो रकम बचे उसे दीन इसलाम की राह में खर्च करो।