गुरुवार, 16 जुलाई 2026

BLW Varanasi 15 July 2026 :India Government के गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के तत्वावधान में हुई कार्यान्वयन समिति की बैठक

डीएलडब्ल्यू में महाप्रबंधक आशुतोष पंत की अध्यक्षता में हिंदी के क्रियान्वयन के लिए हुई बैठक 

हिंदी के प्रभावी क्रियान्वयन एवं नवाचार पर हुआ व्यापक मंथन

नगर के 60 से अधिक केंद्रीय कार्यालयों के  प्रतिनिधियों ने भाग लिया


  • F.farooqui/ Ajeet Singh rajpoot

dil india live (Varanasi). भारत सरकार के गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग के तत्वावधान में नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति (नराकास), वाराणसी की छमाही बैठक आज 15 जुलाई, 2026 को बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका), वाराणसी में नराकास के अध्यक्ष एवं बरेका के महाप्रबंधक आशुतोष पंत की अध्यक्षता में आयोजित की गई।

बैठक का शुभारंभ अध्यक्ष आशुतोष पंत के स्वागत एवं स्मृति-चिह्न स्वरूप पुस्तक भेंट के साथ हुआ। मुख्य राजभाषा अधिकारी एवं नराकास के उपाध्यक्ष रामजन्म चौबे ने स्वागत संबोधन में सभी सदस्य कार्यालयों का अभिनंदन करते हुए राजभाषा हिंदी के प्रभावी, व्यवहारिक एवं जनोन्मुखी प्रयोग पर बल दिया। कार्यक्रम का संचालन एवं संयोजन नराकास के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी, बरेका यथार्थ पाण्डेय ने किया।

अपने अध्यक्षीय संबोधन में बरेका महाप्रबंधक आशुतोष पंत ने कहा कि राजभाषा हिंदी केवल कार्यालयी भाषा नहीं, बल्कि प्रशासन और जन संपर्क के बीच एक सशक्त सेतु है। उन्होंने सभी सदस्य कार्यालयों से हिंदी के प्रयोग को और अधिक सरल, प्रभावी तथा तकनीक-सम्मत बनाने का आह्वान किया। उन्होंने आधुनिक हिंदी के युग-प्रवर्तक भारतेंदु हरिश्चंद्र का स्मरण करते हुए कहा कि "निज भाषा उन्नति अहै" का संदेश आज भी उतना ही प्रासंगिक है और हमें प्रशासनिक कार्यों में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग के लिए निरंतर प्रेरित करता है।

बनारस दर्पण व अभ्युदय का लोकार्पण

इस अवसर पर नराकास, वाराणसी की पत्रिका "बनारस दर्पण" तथा भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-बीएचयू), वाराणसी की राजभाषा पत्रिका "अभ्युदय" का लोकार्पण भी किया गया।

बैठक में पिछली बैठक की कार्यवृत्त की पुष्टि, लिए गए निर्णयों पर अनुपालन की समीक्षा तथा सदस्य कार्यालयों द्वारा प्रस्तुत राजभाषा संबंधी प्रगति एवं आँकड़ों की विस्तृत समीक्षा की गई। विभिन्न सदस्य कार्यालयों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने संस्थानों में हिंदी के प्रचार-प्रसार, नवाचारों तथा सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों से जुड़े अनुभव साझा किए।

बैठक में नगर के 60 से अधिक केंद्रीय कार्यालयों के प्रमुखों, विभागाध्यक्षों एवं प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। इस अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक, पूर्वोत्तर रेलवे, वाराणसी आशीष जैन ने अपने संबोधन में कहा कि "किसी भी संगठन की सफलता की कुंजी जनता से उसका जुड़ाव है और हिंदी इस जुड़ाव का सबसे सशक्त माध्यम है।"

बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर 

सहायक निदेशक (कार्यान्वयन), गृह मंत्रालय, राजभाषा विभाग, अजय कुमार चौधरी ने राजभाषा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन, डिजिटल माध्यमों में हिंदी के बढ़ते उपयोग तथा सदस्य कार्यालयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की आवश्यकता पर बल दिया। बैठक में बरेका के उप महाप्रबंधक  सागर एवं प्राचार्य, प्राविधिक प्रशिक्षण केंद्र सुभाष चंद्र यादव भी उपस्थित थे।

अंत में नराकास, वाराणसी के सदस्य सचिव एवं वरिष्ठ राजभाषा अधिकारी, बरेका यथार्थ पाण्डेय ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि बैठक में हुए सार्थक विचार-विमर्श एवं सुझावों से वाराणसी के सदस्य कार्यालयों में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को नई गति, नई ऊर्जा एवं नई दिशा प्राप्त होगी।

बुधवार, 15 जुलाई 2026

UP News Update: 14-07-2026: अमन मिल्लत के लिए 640 वें सालाना Urs Hazrat Makhdoom Ashraf jahagir simnani में लगी अकीदत की हाजिरी

बिहार के मंत्री जमा खान व उत्तर प्रदेश के दानिश आजाद अंसारी समेत लाखों ने लगाई हाजिरी 

उर्स में अमन, मिल्लत और मुल्क की तरक्की की हुई दुआएं 


  • Mohd Rizwan 

dil india live (ambedkar nagar). मंगलवार (14-07-2026) को  Hazrat Makhdoom Ashraf jahagir simnani के दर पर अंतिम दिन अकीदतमंदों का सैलाब उमड़ा। इस मौके पर अमन मिल्लत के लिए हज़रत के 640 वें सालाना Urs में दुआएं मांगी गई व अकीदत लुटाने जायरीन का हुजूम उमड़ पड़ा।

दरअसल उर्स-ए-मखदूम अशरफ का मंगलवार (28 मोहर्रम) को सबसे महत्वपूर्ण दिन था। इसलिए किछौछा शरीफ में आस्था का विशाल जनसैलाब उमड़ना लाजमी था।


उर्स सम्पन्न ख़िरका-ए-मुबारक की ज़ियारत

लाखों जायरीन ने उर्स के आखिरी दिन ख़िरका-ए-मुबारक की ज़ियारत कर रूहानी फ़ैज़ हासिल किया। हालांकि, इस दौरान भीषण गर्मी और घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने से जायरीन परेशान जरूर हुएं मगर जियारत होते ही उन्हें वो सुकुन मिला की सारी तकलीफ भूल गए। बिजली की लगातार ट्रिपिंग को लेकर जायरीन में जो नाराज़गी और आक्रोश था। वो सब काफूर हो गया।

उर्स की सबसे अहम रस्म के तहत आस्ताना-ए-मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी के सज्जादानशीन मौलाना सैय्यद शाह मोहिउद्दीन अशरफ ने पवित्र ख़िरका-ए-मुबारक धारण कर सहन-ए-आस्ताना में  ज़ियारत कराई। इस दौरान "लब्बैक या मखदूम अशरफ" के नारों से पूरा उर्स स्थल गूंज उठा और जायरीन ने भाव-विभोर होकर दीदार किया।




अमन के लिए जायरीन ने उठाया दुआ में हाथ 

ज़ियारत के बाद सैय्यद मोहामिद अशरफ उर्फ़ शारिक मियां ने देश में अमन-चैन, खुशहाली, भाईचारे, बनारस के कारोबारियों की तरक्की तथा उर्स में सुरक्षा व्यवस्था संभाल रहे पुलिस-प्रशासन के लिए विशेष दुआ कराई।

उर्स पर बिहार सरकार के मंत्री जमा खान और उत्तर प्रदेश सरकार के अल्पसंख्यक कल्याण राज्य मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने दरगाह पर चादरपोशी कर देश की तरक्की, शांति और खुशहाली की दुआ मांगी। उनके साथ बड़ी संख्या में अकीदतमंद भी मौजूद रहे।

ख़िरका-ए-मुबारक का ऐतिहासिक महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार यह पवित्र ख़िरका-ए-मुबारक हज़रत मखदूम अशरफ जहांगीर सिमनानी को उनके पीर हज़रत अलाउलहक पंडवी ने बतौर तोहफा अता किया था। हर वर्ष उर्स के दौरान इसका दीदार केवल 27 और 28 मोहर्रम को कराया जाता है। 28 मोहर्रम को अंतिम ज़ियारत के साथ इस वर्ष उर्स की रस्म संपन्न हो जाती है।

इस बार सबसे दुखद रहा की जिलाधिकारी ईशा प्रिया द्वारा निर्बाध विद्युत आपूर्ति के निर्देश दिए जाने के बावजूद बिजली विभाग व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहा। लगातार ट्रिपिंग और कटौती के कारण लोगों में नाराज़गी साफ़ दिखाई दिखी।वहीं उर्स के दौरान सुरक्षा व्यवस्था सीओ सिटी नीतीश कुमार और बसखारी थानाध्यक्ष भूपेंद्र सिंह के कंधों पर थी। पुलिस बल के साथ वो पूरे समय मुस्तैद रहे। 

उर्स में इनकी रही खास मौजूदगी  
सैय्यद फ़ैज़ान अहमद एडवोकेट (चांद मियां), सैय्यद मेराज अशरफ एडवोकेट, मौलाना सैय्यद अज़ीज़ अशरफ, सैय्यद खलीक अशरफ, सैय्यद फहद अशरफ, सैय्यद सेराज अशरफ, मलंग सज्जादानशीन मोहम्मद आलम शाह, गफूर शाह, इमरान गांधी सहित बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद थे।

सोमवार, 13 जुलाई 2026

Fashion News 2026: Glamorous India Fashion Week 3.0 में जुटीं हस्तियां, शानदार प्रस्तुतियों ने मोहा सबका मन

उत्साह, भव्यता व आकर्षक प्रस्तुतियों ने बनाया आयोजन को यादगार



dil india live (Varanasi). वाराणसी में ग्लैमरस इंडिया फैशन वीक (GIFW 3.0) का शानदार आयोजन उत्साह, भव्यता और आकर्षक प्रस्तुतियों के बीच जहां सम्पन्न हो गया वहीं यह आयोजन नये उभरते माडल्स और फैशन डिजाइनर्स को कैरियर के लिए बहुत से भविष्य के सुनहरे सपने दिखा गया। इस आयोजन में देशभर से आए फैशन डिज़ाइनरों, मॉडल्स, सेलिब्रिटी गेस्ट और फैशन इंडस्ट्री से जुड़े लोगों ने आयोजन में शिरकत कर इसे यादगार बना दिया।

कार्यक्रम में पारंपरिक भारतीय परिधान से लेकर आधुनिक फैशन कलेक्शन तक का आकर्षक प्रदर्शन किया गया। रैंप पर मॉडल्स ने अपने आत्मविश्वास, बेहतरीन कैटवॉक और शानदार प्रस्तुतियों से दर्शकों का दिल जीत लिया। पूरे आयोजन के दौरान दर्शकों की तालियों की गूंज और उत्साह देखते ही बन रहा था।


त्रिशक्ति साड़ी को स्टेज पर किया रिप्रेजेंट 
कोहिनूर मिसेज इंडिया दीक्षा श्रीवास्तव ने त्रिशक्ति ब्रांड की साड़ी को स्टेज पर रिप्रेजेंट किया। इसे पहनकर रैंपवॉक के दौरान दीक्षा श्रीवास्तव का इतराना लोगों द्वारा खूब पसंद किया गया। त्रिशक्ति ब्रांड की ओनर स्वाति चौधरी, नीलम चतुवेर्दी व अंजू सिंह ने बताया कि त्रिशक्ति ब्रांड की साड़ी जब दीक्षा श्रीवास्तव ने पहनकर कैटवॉक किया तो उसकी खूबसूरती और भी बढ़ गई।



आयोजन के ऑर्गेनाइज़र ऋषि सेठ ने बताया कि Glamorous India Fashion Week का उद्देस्य केवल फैशन शो आयोजित करना नहीं, बल्कि नए और उभरते हुए मॉडल्स एवं डिज़ाइनरों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंच प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि काशी जैसे सांस्कृतिक शहर में इस तरह का आयोजन प्रतिभाओं को नई पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।

कार्यक्रम में सेलिब्रिटी गेस्ट इश्तिा गांगुली भी पहुंची। उनकी उपस्थिति ने कार्यक्रम में चार चांद लगा दिया। वहीं सपोर्टिंग पार्टनर मशहूर मॉडल दीक्षा श्रीवास्तव का विशेष सम्मान किया गया। रैंप पर उनकी शानदार प्रस्तुति, आत्मविश्वास और आकर्षक व्यक्तित्व ने सभी का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

सपोर्टिंग पार्टनर अंजू सिंह ने भी आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं त्रिशक्ति साड़ी द्वारा लगाए गए आकर्षक स्टॉल ने पारंपरिक भारतीय परिधानों की खूबसूरती को बेहतर ढंग से प्रस्तुत किया, जिसे आगंतुकों ने खूब सराहा।

कार्यक्रम में फैशन, फिल्म, व्यापार एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी अनेक प्रतिष्ठित हस्तियों ने शिरकत की। आधुनिक लाइटिंग, संगीत, भव्य मंच सज्जा और उत्कृष्ट व्यवस्थाओं ने आयोजन को और भी खुशनुमा बना दिया।


Sport News 2026: Varanasi में 5 दिवसीय जिलास्तरीय जिमनास्टिक एरोबिक्स कैंप का हुआ आगाज़

स्टेमिना, फ्लैक्सिबिलिटी, स्ट्रैंथ की बारीकियों से अवगत हुए जिमनास्ट
वाराणसी के पाणिनी कन्या महाविद्यालय में एक्सपर्ट से जिमनास्ट प्रशिक्षण लेते हुए (फोटो:दिल इंडिया लाइव)


dil india live (Varanasi). वाराणसी जिला जिमनास्टिक संघ के तत्वावधान में 5 दिवसीय जिम्नास्टिक्स एरोबिक्स कैंप का सोमवार को महमूरगंज स्थित पाणिनि कन्या महाविद्यालय सभागार में आगाज़ हुआ। शिविर की शुरुआत अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी जॉनी कुमार (joni kumar), वाराणसी जिला जिम्नास्टिक संघ के सचिव अखिलेश रावत (Akhilesh Rawat) एवं उपाध्यक्ष अजीत श्रीवास्तव (Ajit Srivastava) ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर किया। पहले दिन विभिन्न विद्यालयों के 65 खिलाड़ियों ने जिम्नास्ट का अभ्यास किया। 

वाराणसी के पाणिनी कन्या महाविद्यालय में जिमनास्टिक व एरोबिक्स प्रशिक्षण शिविर में उद्घाटन में चीफ गेस्ट अन्य (दिल इंडिया लाइव)

वाराणसी के पाणिनी कन्या महाविद्यालय में एक्सपर्ट से जिमनास्ट प्रशिक्षण लेते हुए (फोटो:दिल इंडिया लाइव)

शिविर में अतिथि कोच जॉनी कुमार ने वाराणसी के जिमनास्ट को एरोबिक्स जिम्नास्टिक्स की बारीकियों से अवगत करते हुए प्रतियोगिता में स्टेमिना, फ्लैक्सिबिलिटी, स्ट्रैंथ की बारीकियों से अवगत कराया। साथ ही प्रदर्शन के दौरान बैलेंस, मेडिटेशन के महत्व से खिलाड़ियों को रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य जिम्नास्टिक्स एरोबिक्स की बारीकियों से वाराणसी के जिमनास्ट को रूबरू कराना है जिससे वें राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिताओ में शहर का प्रतिनिधित्व कर सकेंगे। 

 इसके पूर्व अतिथि प्रशिक्षक एवं संघ के पदाधिकारियों का स्वागत संघ के सह सचिव रोहित कुमार ने माल्यापर्ण कर किया। इस अवसर पर संघ की उपाध्यक्ष श्रीमती अर्पिता स्वर्णकार, कोषाध्यक्ष श्रीमती ज्ञानेश्वरी सिंह, कोच आशीष शर्मा, प्रशांत रावत एवं विभिन्न विद्यालयों के प्रशिक्षक उपस्थित रहे। कैंप में प्रदेश स्तर के भी जिमनास्ट प्रतिभाग कर रहे है।

12 July 2026: UP K Varanasi में उठा 18 बनी हाशिम का Tabut, दुलदुल और ताबूत की जियारत को उमड़े जायरीन

ताबूत को देखकर फफक पड़े अजादार, गूंजा ‘लब्बैक या हुसैन‘ का नारा


dil india live (Varanasi). इमाम हुसैन समेत उनके घराने के 18 लोगों की याद में दरगाह फातमान में 18 बनी हाशिम का ताबूत निकाला गया। इस मौके पर एक एक करके 18 ताबूतों को जायरीन के बीच पेश किया गया। लोगों ने जियारत की और इमाम हुसैन के ग़म को ताजा किया। इस मौके पर श इमाम हुसैन की सवारी दुलदुल और हज़रत अब्बास के अलम की भी जियारत हुई। जायरीन ने अंजुमन हैदरी चौक के जेरे इंतजाम हुआ यह आयोजन देर शाम सम्पन्न हुआ। 

मौलाना अकील हुसैनी ने पढ़ी शहादत

जुलूस उठने से पहले इमानिया अरबी कालेज के मौलाना सैयद अकील हुसैनी ने इमाम हुसैन और उनके खानदान के लोगों की शहादत पढ़ी। उन्होंने इमाम हुसैन के बहादुर भाई अबास की शहादत पढ़ते हुए कहा कि 'इमाम हुसैन के खेमों (टेंट) में बच्चे तीन दिन के प्यासे थे। पानी के लिए सभी परेशान थे। ऐसे में इमाम हुसैन की चार साल की बच्ची ने अपने चचा अब्बास से नहर ए फोरात से पानी लाने को कहा।

मौला अब्बास अपने आका और बड़े भाई इमाम हुसैन से इजाजत लेकर नहर पर पहुंचे और पानी भरकर वापस निकले तो उन्हें यजीदी फौजों ने घर लिया और पहले उनके दोनों हाथ काट दिए और सिर पर ऐसा वार किया कि वो शहीद हो गए।मौलाना अकील हुसैनी ने हजरत अब्बास की शहादत के बाद उन्होंने इमाम हुसैन के बेटे अली अकबर की शहादत पढ़ी।  मौलाना इंतजार आब्दी ने 18 ताबूतों का तारूफ कराया।

मौलाना इंतजार आब्दी ने दरगाह फातमान में एक-एक करके 18 ताबूतों का तारूफ कराया। सबसे पहले जनाबे मुस्लिम का तुर्बत आया। उसकी जियारत जायरीनों ने की। सबसे आखिर में इमाम हुसैन के तुर्बत और उनकी सवारी दुलदुल आया जिसकी जियारत को जायरीन उमड़ पड़े।

70 साल के बुजुर्ग और 6 महीने के मासूम को भी नहीं छोड़ा 1448 साल पहले उस वक्त के दुर्दांत आतंकी यज़ीद ने इमाम हुसैन को उनके 71 साथियों समेत मौत के घाट उतार दिया था। इनमें 70 साल के बुजुर्ग और 6 माह के मासूम अली असगर के भी जान को नहीं बख्शा गया। तीन दिन का भूखा-प्यासा करबला के मैदान में शहीद कर दिया गया था। मौलाना अकील हुसैनी के अनुसार, इन 72 शहीदों में पैगंबर मुहम्मद (स.)के खानदान के 18 लोग थे। ये ताबूत उन्हीं 18 बनी हाशिम की याद में उठाए गए हैं।

रविवार, 12 जुलाई 2026

UP Varanasi News: Hajj 2026 मुकम्मल कर kaba से kashi लौटे जायरीन का "जश्न-ए-हुज्जाज-ए-कराम" में हुआ खैरमकदम

बोलें हाजी : काबा पर पड़ी नज़र तो खूब बहें आंसु, भूल गए दुआएं 

ISSRA के तत्वावधान में वाराणसी में हज 2026 से लौटे हाजी और हाजियों का सम्मान समारोह हुआ। जायरीनों ने अपने अनुभव साझा किए और 2027 में हज पर जाने की दुआ मांगी। इस पर तमाम लोगों ने आमीन कहा। यहां जानिए पूरी खबर देखिए वीडियो dil india live पर...

dil india live (Varanasi). इंडियन सोसाइटी फॉर सोशल रिवोल्यूशन एंड एक्शन (Issra) के तत्वावधान में हज 2026 से मुकम्मल करके लौटे हज्जीन/हाजियों के एजाज में "जश्न-ए-हुज्जाज-ए-करम" का एहतमाम Sunday 12 जुलाई 2026 को ग्रीन पैलेस, happy home English School (हैप्पी होम इंग्लिश स्कूल) के पास, आजाद नगर कॉलोनी, मकबूल आलम रोड वाराणसी में मौलाना अब्दुल हादी खान हबीबी की सरपरस्ती में किया गया।

अरबी रुमाल से हुआ खैरमकदम  
इसरा की ओर से जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां ने कार्यक्रम में आएं हाजियों का जोरदार खैरमकदम किया गया। हाजियों को अरबी रुमाल और हज्जीन को ख़्वातीन द्वारा अरबी दुपट्टा पहनाकर उनका खैरमकदम किया गया।



हाजियों ने साझा की मक्का और मदीना की यादें 

हज से लौटकर आएं हाजियों ने अपने जज्बात बयां किए, वाराणसी के हाजी इश्तियाक हुसैन ने कहा कि जब रौज-ए-अकदस सामने आया तो आंखों में सिर्फ आंसू थे। न दिल की बात याद रही न दुआएं, सब कुछ भूल गए बस आंसू बहते रहें। गाजीपुर के हाजी हनीफ ने ISSRA द्वारा दिए गए हज ट्रेनिंग कैंप और पर्चे की तारीफ की। कहा इससे हज के अरकान पूरे करने में काफी सुविधा हुई। मऊ के हाजी खुशीद ने कहा कि काबा शरीफ और मस्जिद-ए-नबवी पर अल्लाह की रहमत बरसती है। रामनगर के हाजी मो. इमरान ने कहा कि अल्लाह अपने मेहमानों के लिए फरिश्तों को भेजता है। एक ही दिन में उमराह और कई तवाफ के बाद जब जम-जम पीकर सेहत की दुआ मांगी जाती है तो सारी थकान दूर हो जाती है। 

चंदौली के हाजी डॉ. फिरोज ने कहा कि 40 दिन हज, उमराह और इबादत में कैसे बीत गए पता ही नहीं चला। तवाफ-ए-विदा के वक्त लगा जैसे रूह जिस्म से निकल जाएगी। जौनपुर के हाजी मोईनुद्दीन ने कहा कि मदीना में रौज-ए-अकदस के सामने रो-रोकर सभी के लिए दुआ मांगी तो अल्लाह ने सभी को हज से सरफराज किया।दूसरे राज्यों के हाजियों की मदद हाजियों ने बताया कि ISSRA के ट्रेनिंग कैंप में सीखे गए अरकान की जानकारी उन्होंने मध्य प्रदेश, कश्मीर, बिहार, राजस्थान, गुजरात, पश्चिम बंगाल और दिल्ली के हाजियों को भी दी।



कार्यक्रम के अंत में उलेमा और हाजी साहबान ने दुआ की कि जो लोग 2026 में किसी वजह से हज पर नहीं जा सके या जिनकी तमन्ना 2027 के लिए है, अल्लाह उन्हें अगले साल 2027 में हज नसीब फरमाए...इस पर मौजूद लोगों ने आमीन कहा।

इस मौके पर लेडीज हज ट्रेनर सबीहा खातून, चांद अफसाना, सनम खान, निकहत फातिमा सहित हाजिया आशिया बेगम, तबस्सुम बानो, रजिया बेगम आदि मौजूद थी। साथ ही मौलाना हसीन अहमद हबीबी, मौलाना मुबारक, मौलाना निजामुद्दीन, हाफिज हबीबुर्रहमान, कारी शाहबुद्दीन, डाक्टर हम्ज़ा, शफातुल्लाह, हशमतुल्लाह राजू, दाऊद बाबी आदि ISSRA के पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित थे।


Education news 2026: Varanasi में बच्चों ने निकाली "Run for education" रैली

शिक्षा से होता है चरित्र निर्माण, चरित्र से राष्ट्र निर्माण-सुमन सिंह

हरी झंडी दिखाकर शुरू हुई "रन फॉर एजुकेशन" शिक्षा जागरूकता रैली, गूंजे नारे




dil india live (Varanasi). वाराणसी में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से शिवपुर स्थित राघव राम वर्मा बालिका इण्टर कालेज द्वारा "शिक्षा जागरूकता रैली - "Run for education" (रन फॉर एजुकेशन) का आयोजन किया गया।

रैली का शुभारंभ डा.(मेजर ) अरविंद कुमार सिंह, प्रधानाचार्या सुमन सिंह एवं प्रबंधक विनोद कुमार बागी द्वारा संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर किया गया। रैली में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं बैंड-बाजे, तख्तियां और बैनरों के साथ शामिल हुए। "पढ़ेगा india तभी बढ़ेगा india", "बेटी पढ़ाओ बेटी बढ़ाओ" के नारों के साथ रैली राघव राव वर्मा बालिका विद्यालय से प्रारंभ होकर नॉर्मल स्कूल, गिलट बाजार चौराहा, पुरानी चुंगी, वीडीए कॉलोनी, शिवपुर थाना एवं पांचो पांडव होते हुए विद्यालय पर आकर समाप्त हुई रैली में मां गायत्री शिक्षण संस्थान के छात्र-छात्राएं भी शामिल थी।

देखिए क्या बोलीं सुमन सिंह 
विद्यालय की प्रधानाचार्या सुमन सिंह ने रैली को संबोधित करते हुए कहा - "शिक्षा से चरित्र निर्माण और चरित्र निर्माण से राष्ट्र निर्माण होता है आज जरूरत है अधिक से अधिक बच्चों को स्कूल से जोड़ने के लिए हमें याद रखना चाहिए कि हो गरीब या धनवान शिक्षा हो एक समान। आज इसकी भी आवश्यकता है कि हमें भाषा की दीवार गिराते हुए एक समान शिक्षा की व्यवस्था पूरे राष्ट्र में लागू करना चाहिए।"

इनकी रही खास मौजूदगी 

इस अवसर पर नीतू सिंह, एस के श्रीवास्तव, डा. मेजर अरविंद कुमार सिंह, कमलेश केशरी, विकास बागी, मां गायत्री शिक्षण संस्थान के प्रबंधक मदन श्रीवास्तव, दोनों विद्यालय के अध्यापक अध्यापिकाएं एवं क्षेत्रीय नागरिक भारी संख्या में उपस्थित थे। स्थानीय लोगों ने रैली का जगह-जगह स्वागत किया। शिवपुर पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था संभाली।