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रविवार, 8 मार्च 2026
शनिवार, 7 मार्च 2026
Varanasi में Saturday Raha Roza iftar दावतों के नाम
मस्जिद बीबी रजिया में आयतुल्लाह ख़ामेनेई व ईरान की फ़तह के लिए हुई दुआख़्वानी
उम्मते मुस्लिमां, मदरसा ख़ानमजान व हबीबीया मंजिल समेत कई जगहों पर इफ्तार दावत
Sarfaraz/Rizwan
dil india live (Varanasi). शनिवार इफ्तार दावतों के नाम रहा। इस दौरान उम्मते मुस्लिमां, मदरसा ख़ानमजान व हबीबीया मंजिल समेत शहर और आसपास के इलाकों में कई जगहों पर इफ्तार दावतें हुई जिसमें लोगों का हुजूम उमड़ा। उम्मते मुस्लिमां के तत्वाधान में शनिवार को चौक स्थित मस्जिद बीबी रज़िया में रोज़ा इफ़्तार दावत में कसीर तादाद में रोज़ेदार समेत शहर के गणमान्य नागरिक सम्मिलित हुए। मग़रिब की अज़ान होने पर रोज़ेदारों ने खजूर से रोज़ा खोला। मग़रिब की नमाज़ मौलाना अज़ीजुल्ला क़ादरी ने अदा कराई। नमाज़ के बाद मुल्क में अमन चैन और तरक़्क़ी के साथ ही ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनेई की मग़फ़ेरत और ईरान की फ़तह के लिए दुआख़्वानी हुई।
इस अवसर पर अतहर जमाल लारी, मुनाज़िर हुसैन मंजू, सैय्यद नईम, सेक्रेटरी शमसुद्दीन, राजू, दालमंडी व्यापार मंडल के सेक्रेटरी मो. शाहनवाज़ शानू, अब्दुल माजिद, आबिद शेख, दिलशाद अहमद दिल्लु, मस्जिद बीबी रज़िया के मुतवल्ली मोहम्मद सैफ़, फ़ादर आनंद, किशन दीक्षित, संजीव सिंह, राघवेंद्र चौबे, फसाहत हुसैन बाबू आदि मौजूद थे।
ऐसे ही अर्दली बाज़ार स्थित मदरसा ख़ानम जान में कांग्रेसी नेता शहाबुद्दीन लोदी के संयोजन में सामूहिक रोज़ा इफ़्तार का आयोजन किया गया। जैसे ही मगरिब के अज़ान की सदा गूंजी सभी ने खजूर, शरबत से रोज़ा खोल कर लज़ीज़ इफ्तार का लुत्फ उठाया। इफ्तार के बाद सभी ने कौमों मिल्लत की सलामती, आपसी भाईचारा, अमन और शांति के लिए रब से दुआएं की। इस पाक मौक़े पर इफ़्तार के दुआओं की कुबूलियत का एक विशेष समय माना जाता है। दिन भर की इबादत के बाद अल्लाह का शुक्रिया अदा करने का एक बेहतरीन मौका होता है। मगरिब की नमाज मौलाना कारी शाकिब अली ने अदा कराई। आयोजन में अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे, पूर्व सांसद राजेश मिश्रा, पूर्व सांसद कैलाश सिंह यादव, पूर्व विधायक हाजी अब्दुल समद अंसारी, कांग्रेस प्रदेश प्रवक्ता संजीव सिंह, कांग्रेस प्रदेश सचिव फसाहत हुसैन बाबू, प्रजानाथ शर्मा, हसन मेंहदी कब्बन,सहित अनेक राजनीतिक, सामाजिक हस्तियों ने शिरकत की। अतिथियों का स्वागत मदरसा प्रबंधक दानिश शहाब ने किया। धन्यवाद ज्ञापन इरफाना यासमीन ने किया।
उधर मरहूम अली आज़म हबीबी के अर्दली बाज़ार स्थित आवास हबीबीया मंजिल में मोहम्मद हबीब के संयोजन में रोज़ा इफ्तार दावत का आयोजन किया गया। इस मौके पर मौलाना अजहरुल कादरी ने फातेहा व दुआख्वानी में अमन, मिल्लत और देश की तरक्की की दुआएं मांगी। आयोजन में डाक्टर हाजी जहीर, इतिहासकार डाक्टर मोहम्मद आरिफ, हशमतुल्ला राजू, मोहम्मद शफातुल्ला, मौलाना शफी अहमद, जमाल आरिफ, इकबाल हामिद, मोहम्मद अदनान, आतिफ मोहम्मद खालिद, इसरा के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां, मोहम्मद शाहरुख, शादाब हसन, सैय्यद, फिरोज खान, डाक्टर हम्ज़ा, मोहम्मद तौसीफ, मोहम्मद इमरान आदि मौजूद थे। शुक्रिया मोहम्मद ज़ैद अख्तर ने दिया। ऐसे ही शहर में कई जगहों पर रोज़ा इफ्तार दावत का आयोजन किया गया था।
VKM Varanasi Main राष्ट्रीय सेवा योजना एक दिवसीय शिविर
महिला दिवस की पूर्व संध्या : महिलाओं के महत्व और मूल्यों को समझने पर दिया जोर
dil india live (Varanasi). अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के पूर्व दिवस पर राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई 4 वसंत कन्या महाविद्यालय द्वारा 7 मार्च 2026 को एक दिवसीय शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का उद्देश्य महिला सशक्तिकरण, उनकी समस्याओं और समाज में उनके योगदान के प्रति जागरूकता फैलाना, विशेष रूप से भारतीय महिलाओं की भूमिका को समझाना था। इस कार्यक्रम में NSS स्वयंसेवकों, अध्यापकों और आमंत्रित अतिथियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम में लोगों का स्वागत करते हुए देते प्राचार्य प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने आयोजन की सफलता के लिए शुभकामनाएं दी।
कार्यक्रम की शुरुआत में राष्ट्रीय सेवा योजना की ताली एवं लक्ष्य गीत से हुई तत्पश्चात डॉक्टर शुभांगी श्रीवास्तव ने समस्त शिक्षिकाओं मुख्य अतिथि एवं छात्राओं का स्वागत किया। इस अवसर पर , डॉ. आरती चौधरी , डॉ. अनुराधा बापुली, डॉ अनु सिंह, डॉ. पूर्णिमा सिंह, डॉ. श्वेता की उपस्थिति और सहयोग भी रहा।
मुख्य अतिथि प्रोफेसर शुभ्रा सिन्हा ने महिला सशक्तिकरण के अंतर्गत निर्णय लेने की क्षमता के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने महिलाओं की आर्थिक निर्भरता और आत्मनिर्भरता के विषय में भी अपने विचार साझा किए। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने समाज में महिलाओं के महत्व और उनके मूल्यों को समझने की आवश्यकता पर जोर दिया। पूरे शिविर के दौरान स्वयंसेवकों ने महिलाओं और समाज से जुड़े मनोवैज्ञानिक तथा सामाजिक प्रश्नों में सक्रिय रूप से भाग लिया।
इसके बाद कृष्णा यादव (बी.ए. द्वितीय वर्ष) और शालिनी यादव (बी.ए. प्रथम वर्ष) ने महिला दिवस पर कविता पाठ किया। छात्राओं को हस्तकला कौशल आर्ट एंड क्राफ्ट में तीन दिवसीय कार्यशाला को सफलतापूर्वक पूर्ण करने पर प्रमाण पत्र प्रदान किया गया। कार्यक्रम का संचालन शालिनी गुप्ता ने किया धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर शुभांगी श्रीवास्तव ने दिया।
अंत में शिविर का समापन NSS स्वयंसेवकों में महिलाओं के सशक्तिकरण के मनोवैज्ञानिक पक्ष को समझने और उसके प्रति प्रतिबद्धता के साथ हुआ।
Muqaddas Ramadan: जी हां हम हैं नन्हें रोजेदार
वाराणसी के हुदा रफी व हम्द रफी ने रखा रोजा,पेश की मिसाल
dil india live (Varanasi). रमज़ान की रहमतों और बरकतों का क्या कहना, अल्लाहु अकबर अल्लाहु अकबर। यह वो मुक़द्दस महीना है जिसमें रब्बुल इज्ज़त बड़े बुजुर्ग ही नहीं बल्कि छोटे छोटे मासूम बच्चों को भी रोज़ा रखने की तौफीक अता फरमाता है। रब की रज़ा के लिए घर वालों से जिद करके वाराणसी के पठानी टोला की रहने वाली 9 वर्षीय नन्ही हुदा रफ़ी और उसका भाई हम्द रफी ने भी रोजा रखकर मिसाल पेश किया है। इसके चलते इन मासूम बच्चों के वालिदैन (अपने माता-पिता) का सिर भी फख्र से ऊंचा हो गया है।
घर वालों का कहना है कि दोनों बचपन से ही पढ़ाई में काफी तेज और मेहनती हैं। उनके इस सफर में उनके माता-पिता और उस्तादों का अहम योगदान रहा, जिनके सही मार्गदर्शन और लगन ने इस कठिन कार्य को मुमकिन कर दिखाया। दोनों की इस उपलब्धि की खबर जैसे ही पठानी टोला और आसपास के इलाकों में फैली, उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि नन्ही हुदा व हम्द रफी अन्य बच्चों के लिए एक मिसाल हैं। "बेटियां हर मैदान में आगे बढ़ रही हैं, और हुद ने भी यह साबित कर दिया कि अगर इरादे नेक हों और मेहनत सच्ची, तो उम्र कोई बाधा नहीं बनती।" ऐसा ही होनहार हम्द रफी भी है। वाराणसी के सेंट मैरीज कांवेंट स्कूल में तालीम ले रहे दोनों बच्चों ने यह दिखा दिया है कि अगर इरादें नेक हों तो मंजिल आसान हो जाती है।
UP K Varanasi Main रोज़ा इफ्तार और होली मिलन एक साथ
'होली मिलन' 'इफ्तार और काव्य पाठ' ने पेश किया सौहार्द की मिसाल
Mohd Rizwan
dil india live (Varanasi). उत्तर प्रदेश की सांस्कृतिक नगरी वाराणसी ने एक बार फिर दुनिया को आपसी भाईचारे का संदेश दिया है। इनकम टैक्स बार एसोसिएशन, वाराणसी द्वारा एक ऐतिहासिक आयोजन किया गया, जहां 81 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद होली मिलन समारोह और रोजा इफ्तार का संगम एक साथ देखने को मिला।
इस भव्य कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए मुख्य आयकर आयुक्त (Chief Commissioner of Income Tax) हरि गोविंद सिंह बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। उनके साथ विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों और शहर के नामी अधिवक्ताओं ने भी इस साझा उत्सव का आनंद लिया। इनकम टैक्स बार भवन में शाम में हुए इस कार्यक्रम में धार्मिक सौहार्द के साथ-साथ साहित्य की भी बयार बही। 'रंगम' कार्यक्रम के तहत एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें मशहूर कवियों ने अपनी काव्य रचनाओं से समां बांधा।
एसोसिएशन के अध्यक्ष और 'प्रधान सेवक' आशुतोष भारद्वाज ने इस आयोजन के ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया "इनकम टैक्स बार की स्थापना 1945 में हुई थी। 81 साल बाद यह पहला सुखद संयोग है जब होली और रमजान के इस पवित्र महीने में इफ्तार का आयोजन एक साथ हुआ है। यह हमारी साझा विरासत और एकता का प्रतीक है।"
इनकी रही खास मौजूदगी
ऐतिहासिक अवसर पर महामंत्री विजय जैन, एडिशनल कमिश्नर जीपी सिंह, डिप्टी डायरेक्टर उत्कर्ष पांडे, विशेष लोक अभियोजक नियाज़ अहमद ख़ान, समेत पूर्व अध्यक्ष ओपी शुक्ल, हर्ष सिंह, रतन चंद्र वर्मा, असीम जफर, अली सेराज खान, फिरोज अहमद और नदीम अहमद ख़ान, अनूप सिंह, रत्नाकर सिंह जैसे कई अधिवक्ता उपस्थित रहे।
शुक्रवार, 6 मार्च 2026
BLW Varanasi Main 55 वां "राष्ट्रीय संरक्षा सप्ताह" की शुरुआत
राष्ट्रीय संरक्षा सप्ताह" के अंतर्गत विभिन्न कार्यक्रमों का हुआ आयोजन
F. Farouqi Babu
dil india live (Varanasi). बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) मे महाप्रबंधक आशुतोष पंत के मार्गदर्शन में मनाये जा रहे 55 वें "राष्ट्रीय संरक्षा सप्ताह" के अंतर्गत आज 6 मार्च 2026 को "प्रभात फेरी" सहित विभिन्न प्रकार के कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।
मुख्य संरक्षा अधिकारी राम जन्म चौबे ने इस जन- जागरूकता प्रभात फेरी को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह प्रभात फेरी कुंदन तिराहा से प्रारंभ होकर सूर्य सरोवर, काली मंदिर, बैंक ऑफ़ बड़ौदा और बरेका कॉलोनी से होते हुए पुनः कुंदन तिराहे पर आकर समाप्त हुई। प्रभात फेरी के दौरान लोगों के हाथों में संरक्षा से प्रेरित विभिन्न प्रकार के नारों से युक्त तख्तियां और बैनर समस्त जनमानस को संरक्षा के प्रति प्रेरित कर रहे थे। इस दौरान संरक्षा से प्रेरित नारों के उद्घोष से संपूर्ण बरेका परिसर गुंजायमान हो उठा।
एक अन्य कार्यक्रम के अंतर्गत बरेका कर्मशाला के लोको डिवीजन के कर्मचारियों के बीच संरक्षा जागरूकता के लिए फायर एवं व्यक्तिगत संरक्षा उपकरण का प्रशिक्षण ,संरक्षा शपथ ,संरक्षा प्रश्नोतरी एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया जिसमे कर्मचारियों ने बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया।
सप्ताहव्यापी कार्यक्रम के इस कड़ी मे आज कर्मशाला परिसर में कंट्र्क्चुयल कर्मचारियों के बीच भी संरक्षा जागरूकता के लिए फायर एवं व्यक्तिगत संरक्षा उपकरण का प्रशिक्षण एवं संरक्षा शपथ जैसे कार्यक्रमों का आयोजन किया गया जिसमे कर्मचारियों ने अति उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
बच्चों में संरक्षा जागरूकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बरेका पेंटिंग स्कूल, “कलांजलि” में “उन्नत सुरक्षा के लिए लोगों को संलग्न करे, शिक्षित करें और सशक्त बनाएँ” विषय पर पेंटिंग प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया जिसमें बच्चों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। इन विभिन्न कार्यक्रमों का उद्देश्य अधिकारियों, कर्मचारियों समेत समस्त जनमानस में संरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना था।
उल्लेखनीय है कि प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी बनारस रेल इंजन कारखाना में बरेका संरक्षा अनुभाग द्वारा दिनांक 04 से 10 मार्च तक 55वें राष्ट्रीय संरक्षा सप्ताह का आयोजन किया जा रहा है।
इस अवसर पर उप मुख्य संरक्षा अधिकारी अक्षय कांत धुसिया,सहायक कार्मिक अधिकारी एवं सचिव मंडल कमांडर सेंट जॉन्स एम्बुलेंस ब्रिगेड पीयूष मिंज, बरेका नागरिक सुरक्षा संगठन, सेंट जॉन्स एंबुलेंस ब्रिगेड और भारत स्काउट एंड गाइड के सदस्य, रेलवे सुरक्षा बल के जवान और बड़ी संख्या में कर्मचारी एवं आमजन उपस्थित रहे।
UP K Varanasi Main अमेरिका इस्राएल के ख़िलाफ़ लगाए गए नारे
आयतुल्लाह ख़ामेनेई की शहादत पर शिया जामा मस्जिद दारानगर में मजलिस
Sarfaraz Ahmad
dil india live (Varanasi). मरकज़ी शिया जामा मस्जिद दारानगर में जुमा की नमाज़ के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह ख़ामेनेई की याद में जलसे व मजलिस का आयोजन हुआ। जलसे का आग़ाज़ मौलाना सरताज हुसैन ने तिलावते कलाम पाक से किया। मौलाना ज़ायर हसन ईमानी और मौलाना सैय्यद अमीन हैदर हुसैनी ने जलसे को ख़िताब करते हुए कहा कि आयतुल्लाह ख़ामेनेई सिर्फ़ कोई सियासी रहनुमा नहीं थे बल्कि वो पूरी दुनिया में रहने वाले शिया समुदाय के सबसे बड़े धर्मगुरु थे। उन्होंने मौत को ज़िल्लत की ज़िंदगी पर तरजीह दी और ज़ालिमों के ख़िलाफ़ अंतिम समय तक मोर्चे पर डटे रहे। उनकी शहादत की खबर सुनकर हर वो इंसान रोया जो उनसे मुहब्बत रखता था। जलसे की निज़ामत डॉक्टर शफ़ीक़ हैदर ने की। इस दौरान अमेरिका और इस्राएल के ख़िलाफ़ जम कर नारे बाज़ी की गई और भारत सरकार द्वारा विदेश सचिव को ईरान एम्बेसी भेजकर शोक संवेदना व्यक्त करने की प्रशंसा की गई साथ ही सरकार से मुतालेबा किया गया कि जल्द से जल्द अमेरिका और इस्राइल से अपने सारे रिश्ते तोड़ लेना चाहिए क्योंकि ये देश किसी के सगे नहीं है और वक़्त आने पर ये पीठ दिखाने वाले देश हैं।
आखिर में मजलिस को ख़िताब करते हुए मौलाना सैय्यद अक़ील हुसैनी हुसैनी ने कहा कि ज़ालिम समझ रहा हैं कि अब ईरान की क़यादत करने वाला कोई नहीं बचा और अब हसको मिटा दिया जाएगा और घुटनों पर ले आया जाएगा लेकिन उनको मालूम होना चाहिये कि हम लोग इमाम हुसैन के रास्ते पर चलने वाले लोग हैं। इमाम हुसैन को शहीद करने के बाद यज़ीद भी यही सोच रहा था कि अब इस्लाम मिट गया लेकिन उसको नहीं मालूम कि शहीद का खून जब ज़मीन पर गिरता है तो एक नया इनकेलाब लाता है और हर दिल में ऐसी आग रौशन हो जाती है जिसकी रौशनी कभी मद्धिम नहीं पड़ती। जलसे में मौलाना शौकत अली, सैय्यद मुनाज़िर हुसैन मंजू, मातमदार बनारसी, अतश बनारसी, रिजवान बनारसी समेत बनारस की सभी मातमी अंजुमनों के सदस्य एवं शिया समुदाय के सैकड़ों लोग एकित्रत हुए। इस अवसर पर पुलिस विभाग भी अपने लाव लश्कर के साथ मस्जिद प्रांगण में मुस्तैद दिखा।

































