dil india live
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गुरुवार, 9 अप्रैल 2026
DAV PG College Main सूर्य उपासना के पुरा-सांस्कृतिक अध्ययन पर हुई चर्चा
भारतीय वास्तुकला और मूर्तिकला में सूर्य का स्थान अद्वितीय-डॉ. ओम प्रकाश
बुधवार, 8 अप्रैल 2026
VKM Varanasi Main Hindi के पहले आंचलिक उपन्यास देहाती दुनिया के सौ वर्ष पूर्ण होने पर हुई परिचर्चा
आचार्य शिवपूजन सहाय के बहुआयामी रचनाधर्मिता पर डाला प्रकाश
dil india live (Varanasi). आचार्य शिवपूजन सहाय कृत हिंदी के पहले आंचलिक उपन्यास देहाती दुनिया के सौ वर्ष पूर्ण होने पर वसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा वाराणसी के पुनर्नवा हिंदी साहित्य परिषद् हिंदी विभाग द्वारा एक परिचर्चा का आयोजन किया गया। आयोजनकर्ता स्नातक द्वितीय वर्ष की छात्राएं थीं जिसमें देहाती दुनिया के बहाने साहित्य और समाज के अंतर्संबंधों को भारत के ग्रामीण परिप्रेक्ष्य में समझने का एक सार्थक प्रयास दिखाई दिया।
प्राचार्या प्रो.रचना श्रीवास्तव ने छात्राओं के इस पहल की सराहना की। हिंदी विभाग की अध्यक्ष प्रो.आशा यादव ने छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए आचार्य शिवपूजन सहाय के बहुआयामी रचनाधर्मिता पर सूक्ष्मता से प्रकाश डाला। प्रो. सपना भूषण , डॉ. शुभांगी श्रीवास्तव, राजलक्ष्मी जायसवाल ने अपने विचारों से छात्राओं का मार्गदर्शन करते हुए उनका मनोबल बढ़ाया। डॉ . प्रीति विश्वकर्मा ने सभी के प्रति आभार व्यक्त किया।स्वागत कु.जया तथा संचालन साक्षी सैनी द्वारा किया गया। कु.शालिनी, उपमा यादव, शिवा त्रिवेदी, कृष्णा यादव,आस्था राजपूत, खुशबु पटेल,सुरभि कात्यायन इत्यादि छात्राओं ने चर्चा में सक्रिय भागीदारी की।
VKM Varanasi में 'रंगोत्सव' संग थिएटर क्लब 'रंगमंच' की मनाई गई पहली वर्षगांठ
अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जहां निर्बाध, प्रभावपूर्ण और संतुलित हो वही रंगमंच -शांता चटर्जी
dil india live (Varanasi). वसंत कन्या महाविद्यालय, आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ के थिएटर क्लब 'रंगमंच' द्वारा अपनी पहली वर्षगांठ का उत्सव 'रंगोत्सव' का दो दिवसीय आयोजन की शुरुआत हुई। पहले दिन, 8 अप्रैल को एकल अभिनय, एकांकी और शॉर्ट फिल्म वर्गों में प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ जिनमें निर्णायक के रूप में डॉक्टर शांता चटर्जी, प्रोफेसर निहारिका लाल, डॉक्टर सुप्रिया सिंह, डॉक्टर प्रीति विश्वकर्मा ने छात्राओं की प्रभावपूर्ण प्रस्तुतियों में से विजेताओं का चयन किया। छात्राओं ने रंगमंच की गरिमा के अनुरूप बहुविध विषयों को कलात्मक और तकनीकी कुशलता से मंचित किया। कथ्य के रूप में बाल-यौन हिंसा, रानी लक्ष्मीबाई का पराक्रम, लावणी नृत्य की सामाजिक बाध्यता और रूदाली जैसे विषय रहे।
शॉर्ट फिल्म वर्ग के अंतर्गत पहली बार आयोजित प्रतियोगिता में छात्राओं को कल्पना और लेंस का विस्तृत आयाम मिला और कहानी कहने की इलेक्ट्रॉनिक विधा में रोचक तथा भावपूर्ण प्रविष्टियां प्राप्त हुईं। प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने कहा कि क्लब रंगमंच महाविद्यालय के सर्जनात्मक क्रियाशीलता का अनूठा प्रयोग है। क्लब की संयोजक छात्राओं के प्रति अपने प्रेरक संबोधन में उन्होंने उनके उज्जवल और ऊर्जान्वित भविष्य की कामना की। प्रबंधक उमा भट्टाचार्या ने उपस्थित सभा को आशीर्वचन दिया। विशेष अतिथि डॉक्टर शांता चटर्जी ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता जहां निर्बाध, प्रभावपूर्ण और संतुलित हो वही रंगमंच है। महाविद्यालय में ऐसे प्रकोष्ठ को किसी प्रेशर-वॉल्व की तरह देखना चाहिए जिसके माध्यम से रचनात्मक ऊर्जा को सही दिशा में नियोजित किया जा सकता है।
दूसरे दिन, 9 अप्रैल के कार्यक्रमों में रंगमंच क्लब की विशेष नाट्य प्रस्तुति 'जीवा, तुम कब आओगे!' मुख्य आकर्षण का केंद्र होगी। नाट्य का लेखन अंग्रेजी विभाग की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ सुप्रिया सिंह ने किया है। सह-आयोजक अंग्रेजी विभागाध्यक्ष प्रोफेसर निहारिका लाल ने छात्राओं के उत्साह की विशेष सराहना की। क्लब के सदस्यों के सक्रिय सहयोग से कार्यक्रम का आयोजन सफल रहा। मंच-संचालन अदिति मिश्रा ने किया तथा संयोजन नैरंजना श्रीवास्तव का रहा।
Bada Imambara Main 'Yaad-e-Shohda'
इमामबाड़े में हजारों ने दी शहीदों को श्रद्धांजलि, गंगा-जमुनी तहज़ीब की दिखीं मिसाल
ईरान के प्रमुख धार्मिक नेता आयतुल्लाह के प्रतिनिधि ने कहा शहादत कभी व्यर्थ नहीं जाती
Mohd Rizwan
dil india live (Lucknow). उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के Bada Imambara में Yaad-e-Shohda का आयोजन में एक बार फिर शहर की गंगा-जमुनी तहज़ीब जीवंत हो उठी। हजारों की संख्या में उमड़ी भीड़ ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की और इंसानियत, एकता व भाईचारे का समूची दुनिया को पैगाम दिया। इस अवसर पर आयोजित जल्सा-ए-ताज़ियत में धर्मगुरुओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शोहदा-ए-राहे हक (सत्य और न्याय के मार्ग पर शहीद हुए लोगों) को याद करना और उनकी कुर्बानियों को श्रद्धांजलि देना था। श्रद्धांजलि के दौरान उपस्थित लोगों ने नम आंखों से शहीदों को याद किया और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में धार्मिक परंपराओं के अनुरूप मातम, दुआ और खिताब के जरिए शहीदों को श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धांजलि सभा में ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि के रूप में डॉ. अब्दुल मजीद हकीम भी उपस्थित थे। उनकी मौजूदगी को आयोजकों और प्रतिभागियों ने सम्मान का विषय बताया।
जानिए क्या बोले हकीम
ईरान के सर्वोच्च नेता के प्रतिनिधि के रूप में डॉ. अब्दुल मजीद हकीम ने अपने संबोधन में शहीदों की कुर्बानियों को याद करते हुए कहा कि न्याय, सत्य और मानवता की रक्षा के लिए दी गई शहादत कभी व्यर्थ नहीं जाती। उन्होंने समूची दुनिया के लोगों से एकता और शांति बनाए रखने की अपील की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने करते हुए अपने संबोधन में कहा कि शहीदों की याद केवल एक रस्म नहीं, बल्कि यह हमें उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब समाज कई तरह की चुनौतियों से जूझ रहा है, ऐसे कार्यक्रम हमें एकजुट रहने और इंसानियत को सर्वोपरि मानने का संदेश देते हैं।
‘याद-ए-शोहदा’ कार्यक्रम की सबसे खास बात यह रही कि इसमें हर धर्म और समुदाय के लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। हिंदू, मुस्लिम और सिख समुदाय के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिससे आपसी भाईचारे और सौहार्द का अद्भुत दृश्य देखने को मिला। महिलाओं की भागीदारी भी उल्लेखनीय रही। बड़ी संख्या में महिलाओं ने कार्यक्रम में शामिल होकर शहीदों को श्रद्धांजलि दी और सामाजिक एकता का संदेश दिया।
दिखाई दी गंगा-जमुनी तहज़ीब
लखनऊ की पहचान उसकी गंगा-जमुनी तहज़ीब से होती है, और यह कार्यक्रम उसी का सजीव उदाहरण बनकर सामने आया। विभिन्न समुदायों के लोगों ने मिलकर यह साबित किया कि इंसानियत और एकता किसी भी धर्म या जाति से ऊपर है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में कहा कि शहीदों की कुर्बानी हमें जोड़ने का काम करती है और हमें नफरत से दूर रहने की सीख देती है।
इस अवसर पर एक विशेष प्रदर्शनी (एग्जिबिशन) का आयोजन भी किया गया, जिसमें ईरान युद्ध में शहीद हुए लोगों और बच्चों की तस्वीरों को प्रदर्शित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। इन तस्वीरों ने उपस्थित लोगों को भावुक कर दिया और युद्ध की भयावहता का अहसास कराया। इसके अलावा, कार्यक्रम स्थल पर मेडिकल कैंप और ब्लड डोनेशन कैंप भी लगाया गया। बड़ी संख्या में लोगों ने रक्तदान कर मानव सेवा का उदाहरण पेश किया। चिकित्सा शिविर में जरूरतमंदों का मुफ्त इलाज भी किया गया।
इनकी रही खास मौजूदगी
कार्यक्रम में कई प्रमुख राजनीतिक और सामाजिक हस्तियां भी शामिल हुईं। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय, धार्मिक नेता स्वामी सारंग, AIMIM के प्रवक्ता असीम वकार सहित विभिन्न दलों के नेता और सामाजिक कार्यकर्ता कार्यक्रम में मौजूद रहे। इन सभी ने शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए समाज में एकता और शांति बनाए रखने का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान कुछ स्थानों पर इजरायल और अमेरिका के खिलाफ नारे भी लगाए गए, जिससे माहौल में भावनात्मक उबाल देखने को मिला। हालांकि, आयोजन का मुख्य केंद्र शहीदों को श्रद्धांजलि देना और उनकी याद को जीवित रखना ही रहा।
world Famous सितार वादक Bharat Ratna पंडित रवि शंकर का मनाया जन्मदिवस
वाराणसी में प्रयोगात्मक व्याख्यान प्रस्तुत करते सितार वादन की दी प्रस्तुति
dil india live (Varanasi). 07 अप्रैल को वसंत महिला महाविद्यालय राजघाट वाराणसी, आर्य महिला पीजी कॉलेज चेतगंज तथा वसंत कन्या महाविद्यालय कमच्छा के संयुक्त तत्वाधान में विश्व विख्यात सितार वादक भारत रत्न पंडित रवि शंकर के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में वसंत महिला महाविद्यालय राजघाट वाराणसी में प्रयोगात्मक व्याख्यान का आयोजन हुआ जिसमें प्रोफेसर राजेश शाह (वाद्य विभागाध्यक्ष संगीत एवं मंच कला संकाय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय) ने "भारतीय शास्त्रीय संगीत के वैश्वीकरण के संदर्भ में पंडित रविशंकर की भूमिका" विषय पर व्याख्यान प्रस्तुत करते हुए सितार वादन की प्रस्तुति दी। इसके पूर्व प्रोफेसर संजय कुमार वर्मा के द्वारा भारत रत्न पंडित रविशंकर जी के जीवन पर आधारित एक वृत्तचित्र वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत किया गया। यह कार्यक्रम वसंत महिला महाविद्यालय राजघाट वाराणसी के सभागार में आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में तीनों महाविद्यालय के संगीत - गायन व वादन विभाग के सभी शिक्षक गणों के साथ साथ छात्र छात्राओं की बहू संख्या में उपस्थिति रही। इस मौके पर तबले पर संगत डॉक्टर अमित ईश्वर ने किया।
इस अवसर पर वसंत महिला महाविद्यालय राजघाट वाराणसी से गायन विभाग के हनुमान प्रसाद गुप्ता, डॉ जयाशाही तथा वादन विभाग से प्रोफेसर संजय कुमार वर्मा एवं डॉक्टर अमनदीप कौर तथा दिनेश मिश्र व प्रीतम मिश्र, नृत्य विभाग से डॉक्टर अमृत कुमार मिश्रा, वसंत कन्या महाविद्यालय से प्रोफेसर मीनू पाठक तथा डॉक्टर सुमन सिंह व डॉक्टर अमित ईश्वर, आर्य महिला पीजी कॉलेज से प्रोफेसर अनामिका दीक्षित, डॉक्टर शैल कुमारी तथा डिंपल राय, संगीत एवं मंच कला संकाय, काशी हिंदू विश्वविद्यालय से डॉक्टर सतीश कुमार तथा शोधकर्ता एवं छात्र-छात्राएं और कुछ विदेशी मेहमान उपस्थित रहे।
मंगलवार, 7 अप्रैल 2026
Education: UP K Behraich में मेधावी छात्र सम्मान समारोह का हुआ आयोजन
शिक्षा अंधकार से प्रकाशमय बनाती है-फैजान
dil india live (Behraich). बहराइच के महसी ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय चौहाननपुरवा में सत्र 2025–26 के अंक पत्र वितरण तथा मेधावी छात्र सम्मान समारोह का आयोजन किया गया । जिसमें कक्षा 6 से 8 तक की कक्षा में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान पाने वाले मेधावियों को सम्मान पूर्वक पुरस्कृत किया गया तथा सभी बच्चों को अंक पत्र वितरित किया गया।
मेधावियों में कक्षा 6 में शिवानी, वकील और विवेक, कक्षा 7 में मोहिनी, अंकित और विशाल कक्षा 8 में रीता, संदीप और निर्मल क्रमशः प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान पर रहे, वहीं कक्षा 6 की छात्रा शिवानी ने विद्यालय में 94% की उपस्थिति दर्ज की और पुरस्कृत की गई।
इस अवसर पर विद्यालय के वरिष्ठ व विज्ञान शिक्षक फ़ैज़ानुल हक ने पुरस्कृत करते हुए बच्चों तथा अभिभावकों को कहा कि शिक्षा एक ऐसी चीज है जो अंधकार को प्रकाशमय बनाती है और बच्चों को ज़िंदगी जीने का गुण सिखलाती है, और आज के आधुनिक युग में बच्चों को शिक्षित होना उतना ही जरूरी है, जैसे मछली के लिए पानी जरूरी है। धर्मेंद्र कुमार अस्थाना ने अपने शब्दों में कहा कि मेधावी बच्चे ही देश के लिए नींव है।
इस अवसर पर फ़ैजानुल हक, धर्मेंद्र कुमार अस्थाना, बछराज, सुनील इत्यादि और बच्चों के साथ साथ अभिभावक गण उपस्थित थे।
सोमवार, 6 अप्रैल 2026
Madarsa Majidiya Varanasi Main पुरस्कार वितरण समारोह में पहुंचे नेता प्रतिपक्ष
इन्हीं बच्चों में कोई डाक्टर तो कोई इंजिनियर बनने का रखता है दम -लाल बिहारी यादव
dil india live (Varanasi). मदरसा मजीदिया, वाराणसी में सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को वार्षिक परीक्षा परिणाम घोषित हुआ जिसमें मुख्य अतिथि लाल बिहारी यादव (नेता प्रतिपक्ष, विधान परिषद) व विशिष्ट अतिथि युवा सपा नेता व ग्लोबल ग्रुप के डायरेक्टर गुड्डू खान थे। इस अवसर पर कार्यवाहक मदरसा प्रबंधक ने नेता प्रतिपक्ष का स्वागत करते हुए कहा कि आपकी उपस्थिति हमारे लिए अत्यंत गौरव की बात है। आप मदरसे में आए और बच्चों को पुरस्कृत किया इससे हम सब खुद को गौरवान्वित महसूस कर रहे हैं। आयोजन में बच्चों को संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष लाल बिहारी यादव ने कहा कि यही बच्चे कल के भारत के भविष्य हैं। इन्हीं बच्चों में कोई डाक्टर तो कोई इंजिनियर कोई टीचर को साइंटिस्ट आदि बनने का दम रखता है। उन्होंने बच्चों को खूब दिल लगा कर मेहनत से पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
इस मौके पर अनुराग सिंह, अनमोल सिंह, कन्हैया वर्मा, मुफ्ती अब्दुल हन्नान मिस्बाही, हाफ़िज़ तहसीन रज़ा आदि मौजूद थे।
























