हर बदलते दशक के साथ विकास की परिभाषा और आयाम बदलते रहे-प्रो. एन.के. मिश्रा
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Varanasi (वाराणसी)। डीएवी पीजी कॉलेज के अर्थशास्त्र विभाग द्वारा शनिवार को 'डिकोडिंग डेवलपमेंट' विषय पर एक दिवसीय दीक्षारम्भ एवं उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि काशी हिन्दू विश्वविद्यालय अर्थशास्त्र विभाग के वरिष्ठ आचार्य प्रो. एन.के. मिश्रा ने छात्रों को अर्थशास्त्र की महत्ता से रूबरू कराया। उन्होंने कहा कि "अर्थशास्त्र सबसे ज्यादा अप टू डेट रहने वाला विषय है।"
प्रो. मिश्रा ने कहा कि अर्थशास्त्र में 50 के दशक में विकास शब्द आया लेकिन हर बदलते दशक के साथ विकास की परिभाषा और आयाम बदलते रहे। अर्थशास्त्र ही है जो हमें समय के साथ बदलना सिखाता है। उन्होंने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था की दूसरे देशों से तुलना ठीक नहीं है, इसका सबसे प्रमुख कारण पारिस्थितिकी अन्तर है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह जरूरी नहीं कि जीडीपी बढ़ने से अर्थव्यवस्था भी बढ़ रही हो। अर्थशास्त्र ही ऐसा विषय है जो ग्रोथ इंजन को आगे बढ़ाने में सहयोग करता है।
अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल ने कहा कि अर्थशास्त्र ही व्यक्ति के सामाजिक और व्यक्तिगत जीवन का मूल आधार है, जब भी अर्थ का प्रवाह बाधित होगा तो विकास निश्चित रूप से बाधित होगा।
महाविद्यालय के मंत्री/प्रबन्धक अजीत कुमार सिंह यादव ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को शुभकामना दी। कार्यक्रम का संचालन विभागाध्यक्ष प्रो. अनूप मिश्रा ने किया, स्वागत डॉ. आहूति सिंह एवं धन्यवाद ज्ञापन डॉ. शालिनी सिंह ने किया।
इस अवसर पर डॉ. मयंक कुमार सिंह, डॉ. सिद्धार्थ सिंह, मृत्युंजय प्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में नवप्रवेशी छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



























