शुक्रवार, 28 नवंबर 2025

Book Review: 'Rishte' (Short Story Collection)

लेखिका (Author): लता सुरेश  (Lata Suresh)

यह पुस्तक लता सुरेश द्वारा लिखित एकल लघु कहानी संग्रह है जिसका शीर्षक 'रिश्ते' है। यहां इस पुस्तक की संदीप चौरसिया कर रहे हैं ख़ास समीक्षा, यहां देखिए:-


dil india live (Varanasi).

'रिश्ते' जैसा शीर्षक सुनते ही मन में एक गहरी भावना जागृत होती है, क्योंकि जीवन में रिश्तों से अधिक महत्वपूर्ण और कुछ नहीं। लेखिका लता सुरेश का यह लघु कहानी संग्रह अपने नाम को पूरी तरह से सार्थक करता है, जहां हर कहानी मानव मन की गहराइयों और उसके जटिल संबंधों को छूती है।

विषय-वस्तु और सार

यह संग्रह एक कहानी से दूसरी कहानी तक, हमें मानवीय रिश्तों के अलग-अलग पहलुओं से रूबरू कराता है। चूँकि यह एक लघु कहानी संग्रह है, यह उम्मीद की जाती है कि हर कहानी छोटी, लेकिन अत्यंत मार्मिक और प्रभावशाली होगी। लेखिका ने शायद परिवार, दोस्ती, प्रेम, विश्वासघात, और आधुनिक जीवन शैली में रिश्तों की बदलती परिभाषा जैसे विषयों पर ध्यान केंद्रित किया है। एक कहानी शायद माँ-बेटे के अनकहे प्यार को दर्शाती हो, तो दूसरी दो दोस्तों के बीच उपजे मनमुटाव को। लघु कहानियों की सबसे बड़ी विशेषता उनकी तीव्रता होती है—कम शब्दों में बड़ा अर्थ समेटना—और 'रिश्ते' में यह विशेषता भली-भांति दिखाई पड़ती है। यह किताब उन छोटे-छोटे पलों पर रोशनी डालती है जिन्हें हम अक्सर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन वे ही हमारे जीवन की बुनियाद होते हैं।

लेखन शैली

लता सुरेश की लेखन शैली सरल और हृदयस्पर्शी होने की संभावना है। रिश्तों जैसे भावुक विषय पर लिखने के लिए भाषा में सहानुभूति और स्पष्टता का होना आवश्यक है। ऐसा प्रतीत होता है कि उनकी कहानियों का ताना-बाना हमारे अपने आस-पास के लोगों और घटनाओं से बुना गया है, जिससे पाठक तुरंत कहानियों से जुड़ाव महसूस कर सकता है। लघु कहानी होने के कारण, हर अंत शायद एक प्रश्नचिह्न या एक छोटी-सी सीख छोड़ जाता है, जो पाठक को लंबे समय तक सोचने पर मजबूर करती है।

हमारा निष्कर्ष
'रिश्ते' एक ऐसा संग्रह है जो आपको भावनाओं के कई स्तरों से होकर गुज़ारता है। यह उन पाठकों के लिए एक बेहतरीन चुनाव है जो कम समय में गहन और यथार्थवादी कहानियाँ पढ़ना पसंद करते हैं। यदि आप मानवीय भावनाओं, सामाजिक ताने-बाने, और रिश्तों की नाजुक डोर को करीब से समझना चाहते हैं, तो लता सुरेश की यह किताब निश्चित रूप से आपकी पठन-सूची में होनी चाहिए।
( लेखक नगर के युवा विचारक हैं) 

URS Mubarak: Hazrat Rahim Shah Baba का उर्स कल से, उमड़ेंगे अकीदतमंद

रहीम शाह बाबा के तीन दिनी उर्स में चढ़ेगी अकीदत की चादर


Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi).। हजरत रहीम शाह बाबा (Hazrat Rahim shah baba) रहमतुल्लाह अलैह का तीन दिनी सालाना उर्स अकीदत और एहतराम के साथ बाबा के बेनिया स्थित आस्ताने पर कल मनाया जाएगा। उर्स के मौके पर हज़रत रहीम शाह बाबा के दर पर अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ेगा। उर्स में अकीदतमंद जहां मन्नती चादरें पेश करेंगे वहीं बाबा के आस्ताने पर सरकारी चादर चढ़ी चढ़ाई जाएगी। इस मौके पर फातिहा पढ़ने दूर-दराज़ से अकीदतमंद पहुंचना शुरू हो गये हैं। 


कुरान की तेलावत से होगी शुरुआत 

तीन दिनी उर्स की शुरुआत शनिवार को हजरत रहीम शाह बाबा के दर पर पाक कुरान की तेलावत से होगी। जोहर की नमाज के बाद महफिल-ए-समां का आयोजन किया जाएगा। शाम को चादरपोशी और मगरिब की नमाज के बाद मीलाद शरीफ होगा। मीलाद शरीफ में बड़ी तादाद में अकीदतमंद शामिल होंगे। उर्स के मौके पर तकरीर और लंगर का भी दौर चलेगा। सुबह से शाम तक बाबा के दर पर फातिहा पढ़ने जायरीन पहुंचेंगे। आने वालों का खैरमखदम सज्जादानशीन मोहम्मद सैफ रहीमी करेंगे। उर्स को देखते हुए दरगाह को सजाया गया है, तथा आसपास भी सजावट की गई।


ऐसे ही दूसरे दिन फज्र के बाद कुरआनख्वानी, बाद नमाज असर ग़ुस्ल मजार शरीफ, बाद नमाज मगरिब सरकारी चादरपोशी होगी व मिलाद शरीफ में लोगों का हुजूम उमड़ेगा। बाद नमाज इशा लंगर व महफिले समां का आयोजन होगा। वहीं तीसरे दिन फज्र में कुरआन ख्वानी के बाद 10:30 बजे कुल शरीफ व बादहु रंग महफ़िल, लंगर  फिर बाद नमाज मगरिब महफिले समां होगा। आखिर में अमन और मिल्लत की दुआएं मांगी जाएगी।

Varanasi k Dipak Srivastava को मिला महत्वपूर्ण दायित्व

राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सूचना अधिकार संरक्षण संगठन के बने राष्ट्रीय वरिष्ठ प्रभारी

dil india live (Varanasi). वाराणसी के कृष्ण देव नगर कॉलोनी, सरायनंदन निवासी दीपक कुमार श्रीवास्तव को राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं सूचना अधिकार संरक्षण संगठन का राष्ट्रीय वरिष्ठ प्रभारी (कार्यकारिणी युनिट भारत) के पद पर नियुक्त किया गया है।

उनकी सामाजिक गतिविधियों एवं समाज सेवा के प्रति रूचि को देखते हुए इस महत्वपूर्ण दायित्व को सौंपा गया है। नेशनल चेयरमैन एस. के. मोदनवाल ने उन्हें यह दायित्व देते हुए उम्मीद जाताई है कि दीपक अपने दायित्व का निर्वहन पूर्ण निष्ठा व ईमानदारी से निभायेंगे। संगठन के उद्देश्यों का पालन करते हुए संगठन का विस्तार करेंगे एवं आम जनमानस को मानवाधिकार, सूचनाधिकार के प्रति जागृत करने एवं जनहित के कार्यों को सिद्ध करने में अपना पूर्ण योगदान देते हुए संगठन की लोकप्रियता जनसामान्य में उपार्जित करेंगे। एवं बिना किसी भेदभाव के सभी के मानवाधिकारों का संरक्षण एवं संवर्धन करेंगे। ऐसा कोई कार्य नहीं करेंगे जिससे संगठन की छवि एवं कार्यकर्ताओं की गरिमा को ठेस पहुंचे।

 

गुरुवार, 27 नवंबर 2025

VKM Varanasi ka काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव 2025 में रहा जलवा

विभिन्न प्रतियोगिताओं में प्रथम स्थान हासिल कर मनवाया वीकेएम का लोहा




dil india live (Varanasi). काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव 2025 का जोनल राउंड 21 एवं 22 नवम्बर 2025 को सम्पन्न हुआ जिसमें समूह नृत्य, नुक्कड़ नाटक तथा एकल गायन (शास्त्रीय, उपशास्त्रीय एवं लोकगीत) में वसन्त कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने प्रथम स्थान प्राप्त कर फाइनल राउंड के लिये अपना स्थान सुनिश्चित किया। इसके साथ ही 24 एवं 25 नवम्बर को आयोजित काशी सांसद सांस्कृतिक महोत्सव 2025 के फाइनल राउंड में नृत्य, गायन एवं नुक्कड़ नाटक विधा का आयोजन सनबीम स्कूल वरुणा, कमिश्नरी ऑडिटोरियम एवं गुरु नानक इंग्लिश स्कूल शिवपुर में आयोजित किया गया। जिसमें वसंत कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने प्रतिभाग किया और विभिन्न विधाओं में पुरस्कार प्राप्त किया। समूह लोक नृत्य विधा में महाविद्यालय ने प्रथम स्थान प्राप्त किया जिसमें क्रमशः पालकी प्रिया गोगोई, खुशबू कुमारी, साक्षी कुमारी, रितिका कुशवाहा, गौरी कुमारी ,दीपिका पाठक, रितिका पाठक, अनन्या मिश्रा, तनिष्क और आशा राय ने प्रतिभाग किया। वहीं गायन के सुगम संगीत विधा में महाविद्यालय की छात्रा जयंतिका डे ने प्रथम स्थान तथा शास्त्रीय गायन में द्वितीय स्थान प्राप्त किया। 

ऐसे ही उपशास्त्रीय गायन (ठुमरी) विधा में वैदेही निमगांवकर ने प्रथम स्थान प्राप्त कर महाविद्यालय को गौरवान्वित किया। नुक्कड़ नाटक विधा में महाविद्यालय को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ जिसमें क्रमशःः दीपांशी गर्ग, भाविका, रुचिता, गौरी रावत, जानवी, रिया दुबे, यशस्वी गौर, श्रुति, काजल चैधरी, सुमिरन कुमारी एवं मुस्कान कुमारी ने ने प्रतिभागिता की। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह महाविद्यालय के लिए गौरव का क्षण है कि काशी प्रांत में  महाविद्यालय की छात्राओं ने नृत्य, गायन एवं अभिनय विधा में प्रथम एवं द्वितीय स्थान सुनिश्चित कर हम सबको महिमामंडित किया। इसके साथ ही कहा कि ऐसी प्रतियोगिताओं में प्रतिभागिता से न सिर्फ छात्राओं को मंच प्राप्त होता है बल्कि उन्हें बनारस की सांस्कृतिक पहचान के साथ अपनी प्रतिभा को प्रदर्शित करने का अवसर भी प्राप्त होता है। 

कार्यक्रम के संयोजन में प्रो. पूनम पाण्डेय, प्रो. सीमा वर्मा, डाॅ. कल्पना आनन्द, डाॅ. नैरंजना श्रीवास्तव, डाॅ. सरोज उपाध्याय, डाॅ. अमित कुमार ईश्वर, डाॅ. प्रीति विश्वकर्मा, डाॅ. प्रतिभा यादव एवं डाॅ. अनुजा त्रिपाठी ने सहयोग प्रदान किया।

"संविधान दिवस" पर BLW में हुए विभिन्न कार्यक्रम

राष्ट्रभक्ति युक्त भावना से बरेका में गूंजा संविधान का संदेश 


F.farooqui/Santosh Nagvanshi

dil india live (Varanasi).बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में आज दिनांक 26 नवंबर 2025 को बरेका महाप्रबंधक श्री सोमेश कुमार के मार्गदर्शन में "संविधान दिवस" बड़े  ही उत्साह, गरिमा और राष्ट्रप्रेम की भावना के साथ मनाया गया।   

इस अवसर पर  प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर श्री सुशील कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व मे प्रशासन भवन स्थित स्वागती हॉल में अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा भारतीय संविधान की उद्देशिका का सामूहिक पठन किया गया।  प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर श्री सुशील कुमार श्रीवास्तव ने अधिकारियों और कर्मचारियों को संविधान में वर्णित ‘न्याय,’ ‘समानता’ और ‘बंधुत्व’ के मूल्यों पर जोर देते हुए राष्ट्र की एकता और अखंडता के संवर्धन हेतु निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया। उन्होंने उपस्थित सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को संविधान द्वारा प्रदत्त अधिकारों और कर्तव्यों का पालन करने की प्रेरणा दी, जिससे देश और समाज की प्रगति सुनिश्चित की जा सके।


इस अवसर पर प्रमुख मुख्य यांत्रिक इंजीनियर विवेक शील, प्रमुख मुख्य कार्मिक अधिकारी (प्रशासन) लालजी चौधरी, प्रमुख मुख्य सामग्री प्रबंधक आलोक अग्रवाल, प्रधान वित्त सलाहकार मुक्तेश मित्तल, महानिरीक्षक सह प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त देवराज कुमार मौर्य, प्रमुख मुख्य इंजीनियर शैलेंद्र कुमार सिंह, मुख्य विद्युत इंजीनियर (निरीक्षण) मनोज कुमार गुप्ता, मुख्य संरक्षा अधिकारी राम जन्म चौबे, मुख्य गुणवत्ता आश्वासन प्रबंधक एस.बी.पटेल, वित सलाहकार एवं मुख्य लेखाधिकारी/मुख्यालय अजय श्रीवास्तव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी, संयुक्त सचिव, कर्मचारी परिषद श्रीकांत यादव एवं सदस्य नवीन कुमार सिन्हा और संतोष कुमार यादव समेत बड़ी संख्या में कर्मचारीगण भी उपस्थित रहे।

बरेका प्रशासन भवन स्थित स्वागती हॉल में आयोजित इस कार्यक्रम में संविधान के महान आदर्शों के प्रति प्रत्येक भारतीय को जागरूक करने पर जोर दिया गया, जो उन्हें संवैधानिक अधिकारों एवं कर्तव्यों की याद दिलाता है।

संविधान दिवस के अवसर पर एक अन्य कार्यक्रम में बरेका इंटर कॉलेज में प्रधानाचार्य अशोक कुमार माहेश्वरी के नेतृत्व में शिक्षकों और विद्यार्थियों ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पठन किया। तत्पश्चात् भारतीय संविधान से प्रेरित चित्रकला एवं निबंध प्रतियोगिता में 80 से अधिक छात्रों ने प्रतिभाग कर संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के प्रति अपनी गहरी निष्ठा और जागरूकता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया।

संविधान दिवस के अवसर पर बरेका में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों का उद्देश्य न केवल अधिकारियों, कर्मचारियों एवं विद्यार्थियों समेत समस्त जनमानस को संविधान के प्रति जागरूक करना था , बल्कि उन्हें को संविधान के मूलभूत सिद्धांतों के प्रति प्रेरित करने का एक सशक्त प्रयास भी था।


बुधवार, 26 नवंबर 2025

Indian Postal Department ने मनाया 'संविधान दिवस

संविधान अपनाने की 76 वीं वर्षगांठ पर किया संविधान की उद्देशिका का पाठ

समानता, न्याय और स्वतंत्रता का अद्भुत दस्तावेज है भारतीय संविधान -पीएमजी कृष्ण कुमार यादव


dil india live (Varanasi). भारतीय डाक विभाग द्वारा उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के सभी डाकघरों और प्रशासनिक कार्यालयों में 26 नवंबर, 2025 को 'संविधान दिवस' मनाया गया। क्षेत्रीय कार्यालय, अहमदाबाद  में पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने संविधान अंगीकरण की 76 वीं वर्षगांठ पर सभी अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ, संविधान की उद्देशिका का पाठ और वाचन किया। सभी उपस्थित अधिकारियों व कर्मचारियों ने उद्देशिका दोहराते हुए संविधान में निहित आदर्शों व मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा व्यक्त की। 

इस अवसर पर अपने संबोधन में पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि संविधान सिर्फ किताब नहीं, यह राष्ट्र का मार्गदर्शक है। आज का दिन हमें अधिकारों के साथ कर्तव्यों का भी स्मरण कराता है। डॉ. भीमराव अंबेडकर व संविधान निर्माताओं ने हमें समानता, न्याय और स्वतंत्रता का ऐसा अद्भुत दस्तावेज दिया जिसने भारत को विश्व के सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में स्थापित किया। आज के दिन हम यह संकल्प लें कि संविधान की मर्यादा, नागरिक कर्तव्यों और राष्ट्रीय एकता को सदैव सर्वोपरि रखेंगे। 

पोस्ट मास्टर श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, संविधान सभा में  26 नवंबर 1949 को भारत के संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित किया गया था। करीब 2 वर्ष 11 महीने 17 दिनों की कठोर मेहनत के बाद संविधान को अंतिम रूप दिया गया। उसके मूल स्वरूप में 395 अनुच्छेद, 8 अनुसूचियां और लगभग 1,45,000 शब्द शामिल थे, जिससे यह अब तक का सबसे विस्तृत राष्ट्रीय संविधान बना। बाद में 19 नवंबर 2015 को सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय की अधिसूचना द्वारा 26 नवंबर को प्रतिवर्ष ‘संविधान दिवस’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया।



इनकी रही खास मौजूदगी  
इस अवसर पर सहायक निदेशक वी. एम. वहोरा, रितुल गांधी, वरिष्ठ लेखाधिकारी पूजा राठौर, चेतन सैन, सहायक अधीक्षक जीनेश पटेल, रमेश पटेल, रोनक शाह, डाक निरीक्षक पायल पटेल, आशीष पटेल, गौरी शंकर कुमावत सहित तमाम अधिकारियों-कर्मचारियों ने संविधान दिवस पर शपथ ली।

 

मंगलवार, 25 नवंबर 2025

Guru Teg Bahadur साहिब का 350 वां शहीदी दिवस मना

गुरुद्वारे में गूंजा शब्द कीर्तन हुआ पाठ, चला गुरू का अटूट लंगर


dil india live (Varanasi). सिक्खों के नौवें पातशाह श्री गुरु तेग बहादर साहिब (जिन्हे हिन्द की चादर के नाम से जाना जाता है) की शहादत संसार के इतिहास में अद्वितीय है। सब्र, संतोष, सहनशीलता और अकालपुरख में अटूट विश्वास इनकी शहादत को शिखर तक पहुँचाता है। जालिम और जुल्म का सामना गुरूदेव ने जिस सब्र से किया, निःसन्देह इसकी मिसाल और कहीं नहीं मिलती। इस आधार पर ही सिक्ख शहीदियों ने संसार के इतिहास में महान स्थान प्राप्त किया है। यह दिन नौंवे सिख गुरु के सर्वोच्च बलिदान को याद करने के लिये मनाया जाता है। जिन्होंने धर्म और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए अपना जीवन न्यौछावर कर दिया था।

 श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी महाराज की 350 वीं शहीदी शताब्दी दिवस पर आज 25/11/2025 को प्रातः 6:00 बजे से 8:30 बजे तक ऐतिहासिक तपस्थान गुरूद्वारा नीचीबाग व सांय 7:00 बजे से रात्रि 10:00 बजे तक गुरूद्वारा गुरुबाग में कीर्तन दरबार सजाया गया। उपरान्त गुरू का अटूट लंगर बरताया गया।


इस उपलक्ष्य में पंथ के प्रसिद्ध हजूरी रागी भाई जबरतोड़ सिंह जी दरबार साहिब अमृतसर वाले व भाई नरिन्दर सिंह जी हजूरी रागी गुरुद्वारा गुरूबाग एवं भाई रकम सिंह जी हजूरी रागी गुरुद्वारा नीचीबाग वाराणसी वाले ने गुरुवाणी कीर्तन द्वारा संगत को निहाल किया। शहीदी दिवस के प्रति श्रद्धा को देखते हुए गुरुद्वारा परिसर को विशेष फूलों, प्रकाश सज्जा और आकर्षक मुख्य दिवान हाल से सुसज्जित किया गया था। गुरूद्वारे में काफी संख्या में श्रद्वालुओं ने गुरू साहिब जी के चरणों में मत्था टेक आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे दिन गुरुबाणी से गूंजा परिसर।