गुरुवार, 8 जनवरी 2026

Mahamana ji ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना कर एक ऐतिहासिक उदाहरण प्रस्तुत किया-मिथिलेशनंदिनी

आदर्श चरित्रों के अनुशीलन से होगा राष्ट्र निर्माण- मिथिलेशनंदिनी

सेवाज्ञ संस्थानम्, काशी द्वारा ‘महामना महोत्सव पखवाड़ा’ का भव्य समापन



dil india live (Varanasi). मिथिलेशनंदिनी शरण महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा कि आदर्श यह नहीं बताता कि क्या होना चाहिए, बल्कि यह बताता है कि हम वास्तव में कैसे हैं। आदर्श का एक पर्याय ‘दर्पण’ है, जिसमें हम स्वयं को देखते हैं। इसी प्रकार महामना जी के चरित्र को आत्मसात कर हमें अपने भीतर सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि साधनहीनता और अनेक बाधाओं के बावजूद महामना जी ने महासेतु के निर्माण की तरह काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना कर एक ऐतिहासिक उदाहरण प्रस्तुत किया। उन्होंने इस बात पर भी बल दिया कि आधुनिक होने का अर्थ परंपराओं का विनाश नहीं, बल्कि उन्हें आत्मसात करते हुए आगे बढ़ना है। राष्ट्र निर्माण की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा गया कि राष्ट्र एक समेकित जीवन-बोध है, जिसमें साझा कल्याण की भावना निहित होती है। विश्वास की एकता और चरित्र-बल के समन्वय से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। स्वराज, स्वदेशी और स्वशिक्षा महामना मालवीय के चिंतन के मूल आधार थे, जो आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।

सेवाज्ञ संस्थानम्, काशी द्वारा आयोजित महामना महोत्सव पखवाड़ा का समापन आज पुरस्कार वितरण समारोह के साथ गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर विद्वानों, शिक्षाविदों, सामाजिक कार्यकर्ताओं तथा युवाओं की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। समापन समारोह में संस्थान के राष्ट्रीय सचिव श्री माधव झा ने सेवाज्ञ संस्थानम् के उद्देश्यों, विचारधारा तथा संगठनात्मक संरचना पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने देश के विभिन्न राज्यों में सक्रिय संस्था की राज्य इकाइयों के कार्यों का उल्लेख करते हुए बताया कि सेवाज्ञ संस्थानम् राष्ट्र निर्माण के व्यापक लक्ष्य के साथ निरंतर कार्यरत है। इसके साथ ही उन्होंने युवा धर्म संसद एवं उतिष्ठ भारत कार्यक्रम जैसी पहलों की भी जानकारी दी।

काशी हिंदू विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के सेवानिवृत्त विभागाध्यक्ष प्रो. अवधेश प्रधान ने महामना मदन मोहन मालवीय के व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। प्रो. प्रधान ने काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना के पीछे की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और महामना जी के अथक प्रयासों का सजीव वर्णन किया। उन्होंने कहा कि मालवीय जी एक प्रखर वक्ता, उत्कृष्ट शिक्षक, कुशल वकील और निर्भीक पत्रकार थे। बहुमुखी प्रतिभा के धनी महामना जी अनेक भाषाओं के जानकार थे तथा वे मानसिक शिक्षा के साथ-साथ शारीरिक सौष्ठव पर भी विशेष बल देते थे। उनके विचारों में अध्ययन के साथ खेलकूद, व्यायाम और सर्वांगीण विकास को महत्वपूर्ण स्थान प्राप्त था।

पूज्य महाराज मिथिलेशनंदिनी शरण ने अपने उद्बोधन में कहा कि आदर्श यह नहीं बताता कि क्या होना चाहिए, बल्कि यह बताता है कि हम वास्तव में कैसे हैं। आदर्श का एक पर्याय ‘दर्पण’ है, जिसमें हम स्वयं को देखते हैं। इसी प्रकार महामना जी के चरित्र को आत्मसात कर हमें अपने भीतर सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि साधनहीनता और अनेक बाधाओं के बावजूद महामना जी ने महासेतु के निर्माण की तरह काशी हिंदू विश्वविद्यालय की स्थापना कर एक ऐतिहासिक उदाहरण प्रस्तुत किया।

वक्ताओं ने इस बात पर भी बल दिया कि आधुनिक होने का अर्थ परंपराओं का विनाश नहीं, बल्कि उन्हें आत्मसात करते हुए आगे बढ़ना है। राष्ट्र निर्माण की अवधारणा को स्पष्ट करते हुए कहा गया कि राष्ट्र एक समेकित जीवन-बोध है, जिसमें साझा कल्याण की भावना निहित होती है। विश्वास की एकता और चरित्र-बल के समन्वय से ही सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। स्वराज, स्वदेशी और स्वशिक्षा महामना मालवीय के चिंतन के मूल आधार थे, जो आज भी उतने ही प्रासंगिक हैं।


उल्लेखनीय है कि विगत 25 दिसंबर से सेवाज्ञ संस्थानम् की काशी क्षेत्र इकाई द्वारा रक्तदान शिविर,विज्ञान प्रदर्शनी, भाषण प्रतियोगिता, निबंध लेखन एवं चित्रकला  समेत 8 प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिनमें बड़ी संख्या में 50 से अधिक विद्यालयों के विद्यार्थियों ने भाग लिया। समापन समारोह में इन प्रतियोगिताओं के विजेताओं को पुरस्कार प्रदान किए गए।

इस अवसर पर संस्था द्वारा प्रकाशित पुस्तक का विमोचन भी किया गया, जिसमें महामना मदन मोहन मालवीय के जीवन, विचार और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान से संबंधित महत्वपूर्ण सामग्री संकलित है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र निर्माण के संकल्प और महामना के आदर्शों को जीवन में उतारने के आह्वान के साथ किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सेवाज्ञ संस्थानम् के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष, काशी महानगर इकाई के संयोजक शिवम् पाण्डेय, शोला पटेल, सुयश दहौलिया आदि अन्य कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

बुधवार, 7 जनवरी 2026

India Post: आधार नामांकन एवं बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट निःशुल्क

गांधीनगर सेक्टर-17 डाकघर में आधार केंद्र की शुरुआत  

प्रातः 08:00 बजे से सायं 06:00 बजे तक मिलेगी सुविधा

भारतीय डाक विभाग द्वारा स्कूलों में बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट के लिए चलेगा विशेष अभियान-पोस्टमास्टर जनरल कृष्ण कुमार




dil india live (Ahmadabad). नागरिकों को अपने नजदीकी क्षेत्र में ही आधार सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पूरे देश में डाकघरों में आधार केंद्र स्थापित किए गए हैं। इन डाकघर आधार केंद्रों के माध्यम से नागरिकों को नए आधार नामांकन तथा किसी भी प्रकार के संशोधन या विसंगति की स्थिति में आधार अपडेट कराने में सुविधा प्राप्त हो रही है। इसी कड़ी में आधार सेवाओं की निरंतर बढ़ती मांग एवं नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए गांधीनगर में सेक्टर - 17 डाकघर में आधार सेवा केंद्र की शुरुआत 7 जनवरी, 2026 को उत्तर गुजरात परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव द्वारा किया गया।  

प्रातः 08:00 बजे से सायं 06:00 बजे तक कार्यरत इन दो नए आधार काउंटर के साथ गांधीनगर में कुल 38 डाकघर आधार सेवा केंद्र कार्यरत हो गए। गांधीनगर प्रधान डाकघर में भी लोगों को समयबद्ध एवं सुगम सेवा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से  प्रातः 08:00 बजे से सायं 06:00 बजे तक अब दो आधार काउंटर कार्यरत कर दिए गए हैं। उत्तर गुजरात परिक्षेत्र में 257 डाकघर आधारसेवा केंद्र के माध्यम से सेवाएं उपलब्ध हैं। डाकघरों में आधार नामांकन एवं बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (5–7 वर्ष एवं 15–17 वर्ष की आयु वर्ग में) पूर्णतः निःशुल्क प्रदान किया जाता है। वहीं डेमोग्राफिक अपडेट, जैसे नाम, पता, जन्मतिथि अथवा मोबाइल नंबर में संशोधन के लिए ₹75 शुल्क निर्धारित किया गया है। फिंगरप्रिंट एवं फोटो अपडेट जैसे बायोमेट्रिक अपडेट हेतु ₹125 शुल्क देय है। 

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि  वर्तमान में आधार सभी नागरिकों के लिए अपरिहार्य है। ऐसे में नए आधार सेवा केंद्र प्रारंभ करने की यह पहल नागरिक-केंद्रित सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसी कड़ी में  भारतीय डाक विभाग द्वारा सभी स्कूलों में बच्चों के अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट के लिए भी विशेष अभियान चलाया जा रहा है। विभिन्न स्कूल अपने यहाँ आवश्यकतानुसार विशेष कैंप के लिए डाक विभाग को आग्रह भी कर सकते हैं। सुदूरतम क्षेत्रों में आम लोगों तक पहुंचने के लिए डाकघरों में लैपटॉप आधार किटों के माध्यम से शिविर मोड में आधार नामांकन व अद्यतन की सुविधा प्रदान की जा रही है, जिससे अंतिम छोर तक सेवाओं की प्रभावी पहुँच सुनिश्चित हो रही है। यह पहल डिजिटल इंडिया, जनसेवा और अंतिम छोर तक सेवाओं की पहुँच सुनिश्चित करने की दिशा में डाक विभाग की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। 

गांधीनगर मंडल के प्रवर अधीक्षक डाकघर शिशिर कुमार ने बताया कि यूआईडीएआई द्वारा जारी निर्देशों के तहत प्रत्येक व्यक्ति को आधार नामांकन/ अपडेट केंद्र पर कम से कम तीन बार जाना अनिवार्य है। पहली बार 05 वर्ष की आयु तक नया आधार नंबर बनवाने के लिए, दूसरी बार 05 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद बच्चे के स्वयं के बायोमेट्रिक विवरण को अनिवार्य रूप से अपडेट कराने के लिए तथा तीसरी बार 15 वर्ष की आयु पूर्ण होने के बाद व्यक्ति के अपने पुनः बायोमेट्रिक अपडेट के हेतु केंद्र पर उपस्थित होना आवश्यक होता है। बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (5–7 वर्ष एवं 15–17 वर्ष की आयु वर्ग में) पूर्णतः निःशुल्क है।


इनकी रही खास मौजूदगी 

इस अवसर पर प्रवर अधीक्षक, गांधीनगर शिशिर कुमार, सहायक निदेशक वी एम वहोरा, डिप्टी अधीक्षक दीपक वाढेर, सहायक डाक अधीक्षक हेमंत कंतार, दक्षेश चौहान, भाविन प्रजापति, डाक निरीक्षक चिराग सुथार, पोस्टमास्टर खेमचंद भाई वाघेला, रइसा मंसूरी, संजय पटेल सहित तमाम अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

मंगलवार, 6 जनवरी 2026

Varanasi K DAV PG College के स्टूडेंट्स के लिए खुशखबरी

डीएवी के गैर जेआरएफ शोधार्थियों को भी मिलेगी फेलोशिप


dil india live (Varanasi)। काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से सम्बद्ध डीएवी पीजी कॉलेज के गैर जेआरएफ शोधार्थियों के लिए मंगलवार को खुशखबरी आयी, कॉलेज वे शोध छात्र जिन्हें किसी भी प्रकार की फेलोशिप नही मिलती है खासतौर से नेट क्वालीफाई शोधार्थी उन्हें अब कॉलेज प्रबंधन की तरफ़ से प्रतिमाह 8 हजार रुपये की फेलोशिप दी जाएगी। यह शुरुआत कॉलेज में शोध को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एवं विश्वविद्यालय के मानक के अनुरूप शोध छात्रों को दी जाने वाली सुविधाओं के क्रम में प्रदान की जा रही है। 

कॉलेज के प्रबंधक अजीत कुमार सिंह यादव ने बताया कि विगत दिवस विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अजीत कुमार चतुर्वेदी के साथ हुई बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया है। श्री सिंह ने बताया कि अभी तक सिर्फ विश्वविद्यालय में ही गैर जेआरएफ पीएचडी शोधार्थियों को फेलोशिप दी जाती रही है। कॉलेज द्वारा लिए गए इस निर्णय से पीएचडी शोधार्थियों में हर्ष व्याप्त हो गया है, इस निर्णय को तत्काल प्रभाव से लागू भी कर दिया गया है। बैठक में महाविद्यालय के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. मिश्रीलाल भी उपस्थित रहे।

UP के Varanasi में School फिर Closed

भीषण ठंड और कोहरे के चलते वाराणसी में फिर बढ़ा अवकाश 



Sarfaraz Ahmad 

dil india live (Varanasi). बनारस में स्कूल फिर बंद हो गये हैं। बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि जिलाधिकारी वाराणसी के निर्देश के क्रम में जनपद  में अत्यधिक ठण्ड, घने कोहरे व शीत लहर में लगातार हो रही वृद्धि के दृष्टिगत जनपद वाराणसी में संचालित  प्री-प्राइमरी से कक्षा-8 तक के समस्त राजकीय/परिषदीय/अशासकीय राहायता प्राप्त / निजी मान्यता प्राप्त / सी०बी०एस०ई०, आई०सी० एस०ई० बोर्ड सहित अन्य बोर्ड के समस्त विद्यालयों का संचालन दिनांक 7, 8 एवं 9 जनवरी 2026 को बंद रहेगा। विभागीय एवं अन्य कार्यों हेतु अध्यापक एवं अन्य कर्मचारी पूर्व की भांति विद्यालय पर उपस्थित रहेंगे। उन्होंने कहा है कि उक्त आदेश का अनुपालन कड़ाई से सुनिश्चित किया जाए।

सोमवार, 5 जनवरी 2026

UP K Varanasi में GNRF ने किया सेवा कार्य

गरीब नवाज़ रिलीफ फाउंडेशन ने जरुरतमंदों में बांटे कंबल



dil india live (Varanasi)। भीषण सर्दी के इस मौसम में गरीब व ज़रूरतमंदों की सहायता के लिए गरीब नवाज़ रिलीफ फाउंडेशन (GNRF) की ओर से कंबल वितरित किया गया। इस सामाजिक सेवा कार्य का उद्देश्य ठंड के दिनों में लोगों को सुविधा और सुरक्षा प्रदान करना है। गरीब नवाज़ रिलीफ फाउंडेशन के डा. साजिद अत्तारी ने कहा कि मानव सेवा और सामाजिक भलाई के कार्यों में दावतें इस्लामी इंडिया की समाज सेवा विभाग जीएनआरएफ द्वारा सक्रिय योगदान लगातार दिया जा रहा है। इसी भावना के साथ विभिन्न शहरों और क्षेत्रों की तरह अपने शहर बनारस में भी कंबल पहुंचाए गए, ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ प्राप्त कर सकें। इस दौरान सिटी स्टेशन, अलईपुरा, कैंट, राजघाट आदि इलाकों, अस्पतालों आदि के पास सो रहे लोगों को कंबल वितरित किया गया।

अंत में डा. मुबस्सिर ने कहा कि GNRF की ओर से सभी स्वयंसेवकों, ज़िम्मेदार साथियों, सहयोगियों और उन सभी लोगों का दिल से धन्यवाद, जिन्होंने इस सेवा अभियान में पूरी निष्ठा से सहयोग दिया अल्लाह पाक  इस नेक अ़मल को क़बूल फरमाए और आगे भी मानव सेवा करने की प्रेरणा हम सभी को मिलती रहे। इस मौके पर डा. मुबस्सिर, मुस्तकीम अत्तारी, शाहिद अत्तारी, शमीम अत्तारी, फैजान अत्तारी, वारिस अत्तारी, साकीब अत्तारी, मोजम्मिल अत्तारी व डा. साजिद अत्तारी आदि मौजूद थे।

रविवार, 4 जनवरी 2026

Hazrat Malang Shah Baba के उर्स पर उमड़ेगा हुजूम

342 वां सालाना उर्स 17 रजब को, जोर-शोर से चल रही तैयारियां


dil india live (Varanasi). हज़रत मलंग शाह बाबा रहमतुल्लाह अलैह का 342 वां सालाना उर्स,  17 रजब-उल-मुर्जब 1447 हिजरी के मुताबिक 7 जनवरी बुधवार को जगजीवनपुरा मदनपुरा, वाराणसी में स्थित फूटी मस्जिद के पास बाबा के आस्ताना पर धूमधाम से मनाया जाएगा। उर्स में जायरीन का मजमा उमड़ेगा। उर्स में रवायत के अनुसार 6 जनवरी, मंगलवार की रात 10 बजे मजार शरीफ पर गुस्ल होगा और फातिहा ख्वानी होगी। मुख्य उर्स 7 जनवरी, बुधवार को बाद नमाज़ फज्र क़ुरआन खानी से शुरुआत होगी तो नमाज़ असर के बाद चादर गागर और महफ़िलें समां का आयोजन हाजी अब्दुल वजीद मौलादा के दौलतखाने पर होगा। मग़रिब की नमाज़ के तुरंत बाद चादर पोशी की रस्म अदा की जाएगी।इसके बाद क़ुल शरीफ और फातिहा, तथा नमाज़ इशा, मिलाद शरीफ और जलसे का आयोजन किया जाएगा। इस कार्यक्रम की शुरुआत हाफ़िज़ व क़ारी मोहम्मद शायान अज़हर तलावत-ए-क़लाम-ए-इलाही से करेंगे।

उर्स में मौलाना सैयद शाह अमानुल्लाह अहमद कादरी गयावी, मुफ़्ती मोहम्मद हमज़ा शैदा इस्माइली बनारसी, की तक़रीरें होंगी। निज़ामत के फ़राइज़ जावेद रिज़वी अंजाम देंगे। यह जानकारी हाजी अब्दुल वहीद (मौला दा) ने प्रेस नोट के माध्यम से दी है।

UP: देखिए BLW Varanasi Main हुआ रोमांचक क्रिकेट प्रतियोगिता

अध्यक्ष एकादश बनाम संरक्षक एकादश मैत्रीपूर्ण मैच में एक दूसरे से भीड़ें 

रोमांचक मुकाबले में संरक्षक एकादश 6 विकेट से विजयी


F. Farouqi/ Santosh Nagvanshi 

dil india live (Varanasi). बनारस रेल इंजन कारखाना (बरेका) में बरेका खेल संघ के तत्वावधान में आज 04 जनवरी को बरेका स्टेडियम में अध्यक्ष एकादश एवं संरक्षक एकादश के बीच एक मैत्रीपूर्ण लेकिन अत्यंत रोमांचक क्रिकेट मैच खेला गया। मैच खेल भावना, अनुशासन और खेल कौशल का शानदार उदाहरण रहा।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए अध्यक्ष एकादश ने कप्तान प्रमुख मुख्य विद्युत इंजीनियर एवं अध्यक्ष, बरेका खेल संघ सुशील कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व में निर्धारित 15 ओवरों में 6 विकेट के नुकसान पर 120 रन का चुनौतीपूर्ण स्कोर खड़ा किया।


टीम की ओर से वरिष्ठ आंकड़ा संसाधन प्रबंधक एवं सचिव (क्रिकेट) संतोष कुमार सिंह ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए सर्वाधिक 26 रन बनाए। वहीं उप मुख्य सामग्री प्रबंधक अभिषेक पाण्डेय ने 19 रन तथा एस. के. श्रीवास्तव ने उपयोगी 17 रनों का योगदान दिया।

संरक्षक एकादश की ओर से गेंदबाजी में उप मुख्य विद्युत इंजीनियर नीरज सिंह ने 2 विकेट लेकर प्रभावशाली प्रदर्शन किया, जबकि  सी.एम.ई./पी.ओ.एच. एस. बी. पटेल एवं सहायक सामग्री प्रबंधक आनंद वार्ष्णेय ने 1-1 विकेट प्राप्त किया।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी संरक्षक एकादश ने कप्तान महाप्रबंधक, बरेका सोमेश कुमार के नेतृत्व में सधी हुई और आक्रामक बल्लेबाजी का प्रदर्शन करते हुए मात्र 12.3 ओवरों में 4 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

टीम के लिए मुख्य यांत्रिक इंजीनियर (उत्पादन एवं विपणन) एवं महासचिव, बरेका खेल संघ सुनील कुमार ने शानदार नाबाद 45 रन बनाकर मैच को एकतरफा बना दिया। उनके अलावा एस. बी. पटेल ने 16 रन तथा नीरज सिंह ने 13 रनों का योगदान दिया। अध्यक्ष एकादश की ओर से गेंदबाजी में संतोष कुमार सिंह एवं उप मुख्य इंजीनियर साकेत ने 2-2 विकेट लिए। अंततः संरक्षक एकादश ने 6 विकेट से विजय हासिल की। इस मैत्रीपूर्ण मुकाबले ने बरेका में खेल संस्कृति को और सशक्त किया। आपसी सौहार्द एवं टीम भावना को नई ऊर्जा प्रदान की।




इन्हें दिया गया बेहतर खेल पुरस्कार
मैन ऑफ द मैच : सुनील कुमार
बेस्ट बैट्समैन : एस. के. सिंह
बेस्ट बॉलर : महाप्रबंधक सोमेश कुमार
बेस्ट फील्डर : राहुल यादव
बेस्ट ऑलराउंडर : नीरज सिंह