शनिवार, 13 जून 2026

Hazrat mushkil aasan Shah Baba भर दे झोली मेरी....

सैयद जलालुद्दीन शाह के उर्स में गूंजती रही शायरों के नातिया कलाम की मिठास





Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi). Varanasi में हज़रत सैयद शेख जलालुद्दीन शाह उर्फ हज़रत मुश्किल आसान शाह (Hazrat mushkil aasan Shah) बाबा का दो दिनी सालाना उर्स पूरी अकीदत और एहतराम के साथ मनाया जा रहा है। अब्दुल हलीम गुलशेरी की अगुवाई में उर्स शुरू हुआ था। पीडब्लूडी रोड कटिंग मेमोरियल इंटर कालेज परिसर स्थित बाबा का दर नूरानी कलाम की आवाज से गुलज़ार था जहां लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था। इस दौरान सुबह फजर की नमाज के बाद मौजूद लोगों ने पाक कुरान की तेलावत की। कुरानख्वानी का सिलसिला जोहर की नमाज के बाद तक चलता रहा। उर्स के दौरान लंगर का तबर्रुक का मौजूद लोगों ने लुत्फ उठाया। 

हजरत सैय्यद शैख जलालुददीन उर्फ मुश्किल आसान शाह (Hazrat mushkil aasan Shah) रहमतुल्लाह अलैह का यह उर्स ज़ेरेसरपरस्ती हुजूर साहिबे सज्जादा सूफी ख्वाजा दिल बहार हसन शाह की अगुवाई में मनाया जा रहा है। उर्स में बाबा का आस्ताना विद्युतीय रौशनी से जगमगा रहा है। आज चादरपोशी व महफिले समां का आयोजन किया गया है। बाद नमाजे ईशा हल्काए जिक व महफिले समां व बरोज इतवार बाद नमाजे फजर कुल शरीफ होगा। इससे पहले बाद नमाज फज्र पाक कुरान की तेलावत की गई तो बाद नमाज़ जोहर लंगर में अकीदतमंदों का हुजूम उमड़ा। 


इन शायरों के कलाम की रही गूंज

इससे पहले मिलाद मग़रिब की नमाज के बाद हुआ व बाद नमाज ईशा नातिया मुशायरा व गुस्ल का एहतमाम किया गया। अब्दुल हलीम गुलशेरी की अगुवाई में हुए नातिया मुशायरे में मशहूर शायर अहमद आज़मी, मुख्तार बनारसी, शमीम गाजीपुरी, निज़ाम बनारसी, नवाब बनारसी आदि शायरों ने कलाम पेश किया। देर रात तक आस्ताने पर शायरों के कलाम की मिठास गूंज रही थी।

शुक्रवार, 12 जून 2026

मीट की दुकान शहर से बाहर किए जाने के मुद्दे पर Nagar Nigam ने स्वीकार की अपनी भूल- कांग्रेस

गुलशन अंसारी ने मीट की दुकानें काशी से बाहर करने का कोई प्रस्ताव नहीं दिया-राघवेंद्र चौबे


Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi). वाराणसी में मीट-मांस, मछली व मुर्गा की दुकानों को काशी शहर से बाहर किए जाने को लेकर पिछले दिनों चले विवाद पर अब स्थिति पूरी तरह साफ हो गई है। कांग्रेस महानगर अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे एवं कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी द्वारा लगातार उठाए गए सवालों और नगर निगम प्रशासन से जवाब मांगे जाने के बाद नगर निगम प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया था, जिसमें मीट और मांस की दुकानों को काशी शहर से बाहर स्थानांतरित करने की मांग की गई हो।

पिछले दिनों विभिन्न माध्यमों से यह चर्चा सामने आई थी कि मीट-मांस की दुकानों को शहर से बाहर करने का प्रस्ताव कांग्रेस पार्षद दल के नेता गुलशन अंसारी की ओर से दिया गया था। इस दावे का गुलशन अंसारी ने तत्काल खंडन करते हुए इसे पूरी तरह भ्रामक और तथ्यहीन बताया था। उन्होंने सार्वजनिक रूप से महापौर और नगर निगम प्रशासन से मांग की थी कि यदि उनके द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव दिया गया है तो उसकी प्रति सार्वजनिक की जाए।

गुलशन अंसारी ने कहा था कि यदि नगर निगम के पास ऐसा कोई दस्तावेज मौजूद है तो उसे जनता के सामने रखा जाए, अन्यथा कांग्रेस पार्षद दल को बदनाम करने और जनता को गुमराह करने का प्रयास बंद किया जाए। उन्होंने यह भी कहा था कि काशी की गंगा-जमुनी तहजीब और सामाजिक सौहार्द को राजनीतिक लाभ के लिए विवादों में घसीटना उचित नहीं है।

लगातार उठ रहे सवालों और तथ्यात्मक स्थिति सामने आने के बाद नगर निगम प्रशासन तथा महापौर ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्षद दल की ओर से ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया था। इसके बाद कांग्रेस नेताओं ने इसे सत्य की जीत बताया। महानगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राघवेंद्र चौबे ने कहा कि कांग्रेस ने शुरू से ही सच्चाई को सामने लाने का कार्य किया। उन्होंने कहा कि नगर निगम प्रशासन और महापौर द्वारा वास्तविक स्थिति स्पष्ट करना एक सकारात्मक और स्वागत योग्य कदम है।

राघवेंद्र चौबे ने कहा, “हम नगर निगम और महापौर द्वारा तथ्यों को स्वीकार करने तथा वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने का स्वागत करते हैं। लोकतंत्र में सत्य को स्वीकार करना साहस का काम होता है। कांग्रेस ने केवल जनता के सामने सच्चाई रखने का प्रयास किया था और आज वही सत्य सामने आ गया है।”

उन्होंने कहा कि अब जबकि यह स्पष्ट हो चुका है कि गुलशन अंसारी द्वारा ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया था, इसलिए उन सभी भ्रांतियों और अफवाहों का भी अंत हो जाना चाहिए जिन्हें आधार बनाकर कांग्रेस को घेरने का प्रयास किया जा रहा था, जिसका उद्देश्य केवल सच्चाई को सामने लाना था। उन्होंने कहा कि कांग्रेस किसी भी प्रकार की नफरत या विभाजन की राजनीति में विश्वास नहीं करती। काशी की पहचान उसकी साझा संस्कृति, आपसी भाईचारा और गंगा-जमुनी तहजीब से है और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।

गुलशन अंसारी ने कहा, “मैंने केवल इतना कहा था कि यदि मेरे नाम पर कोई प्रस्ताव बताया जा रहा है तो उसे सार्वजनिक किया जाए। आज यह स्पष्ट हो गया है कि ऐसा कोई प्रस्ताव था ही नहीं। मैं नगर निगम द्वारा वास्तविक स्थिति स्पष्ट किए जाने का स्वागत करता हूं और उम्मीद करता हूं कि भविष्य में बिना तथ्यों के किसी व्यक्ति या दल को बदनाम करने का प्रयास नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने आगे कहा कि मीट-मांस की दुकानों को लेकर जो भी निर्णय लिए जाएं, उनमें सभी पक्षों की राय, व्यापारियों के हित और हजारों परिवारों की आजीविका का ध्यान रखा जाना चाहिए। इस व्यवसाय से बड़ी संख्या में लोगों की रोजी-रोटी जुड़ी हुई है। इसलिए किसी भी प्रकार की नीति बनाते समय मानवीय और आर्थिक पक्षों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

गुरुवार, 11 जून 2026

Bihar Election news: विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव- 2026 में अशरफ़ अंसारी निर्विरोध निर्वाचित

अशरफ़ अंसारी के निर्विरोध निर्वाचित होने पर चिराग़ पासवान ने दी बधाई 

dil india live (Patna)। बिहार विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव- 2026 में निर्विरोध निर्वाचित होने पर अशरफ अंसारी को लोजपा (रामविलास) के अगुवा चिराग़ पासवान ने हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दी।

उन्होंने सोशल मीडिया पर बधाई संदेश शेयर किया और लिखा, अशरफ अंसारी आपकी जीत लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रति आपका समर्पण, संगठन को मजबूत बनाने में आपका निरंतर योगदान का परिणाम है।

आपका निर्विरोध निर्वाचन न केवल आपके लंबे सामाजिक एवं राजनीतिक योगदान की स्वीकृति है, बल्कि समावेशी राजनीति और जनसेवा के प्रति आपकी निष्ठा का भी सम्मान है। मुझे पूर्ण विश्वास है कि आप बिहार विधान परिषद में जनता की आकांक्षाओं, वंचित वर्गों की अपेक्षाओं और विकास से जुड़े मुद्दों को पूरी मजबूती के साथ उठाते हुए जनहित में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। आपके सफल एवं उज्ज्वल कार्यकाल के लिए मेरी ओर से पुनः हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।

UP K Benaras में मांस-मछली की दुकानों के विस्थापन का विरोध

विस्थापन के मुद्दे पर सड़क पर उतरे हिंदू सामाजिक कार्यकर्ता, एसडीएम को दिया ज्ञापन 

ऐलान: निगम के निर्णय से हजारों मल्लाहों, बंगाली समाज, अघोर परंपरा, मुस्लिम समुदाय और गरीब व्यापारियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। स्वच्छता और सुंदरीकरण की आड़ में गरीबों की रोजी-रोटी छीनने और बनारस के बहुसांस्कृतिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा।


  • मोहम्मद रिजवान 

dil india live (Varanasi). वाराणसी शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम ने शहरी क्षेत्र से मांस, मछली और मुर्गे की दुकानों को स्थानान्तरित करने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के विरोध में सामजिक संगठन सड़क पर उतर आए हैं। मज़े की बात तो यह है कि इसमें मुस्लिम नहीं बल्कि अधिकांश हिंदू सामाजिक कार्यकर्ता शामिल थे। इस दौरान साझा संस्कृति मंच के बैनर तले जुटे सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर मार्च निकाल कर जिलाधिकारी को संबोधित मांगों का ज्ञापन एसडीएम शिवानी सिंह को सौंपा। 

ज्ञापन सौंपने के बाद कार्यकर्ताओं के प्रतिनिधि मंडल ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि स्वच्छता के नाम पर कॉर्पोरेट को फायदा पहुँचाने की साज़िश की जा रही है। इस निर्णय से हजारों मल्लाहों, बंगाली समाज, अघोर परंपरा, मुस्लिम समुदाय और गरीब व्यापारियों के सामने बड़ा संकट खड़ा हो जाएगा। नगर निगम के निर्णय को एकतरफा बताते हुए कार्यकर्ताओं ने कहा कि स्वच्छता और सुंदरीकरण की आड़ में गरीबों की रोजी-रोटी छीनने और बनारस के बहुसांस्कृतिक ताने-बाने को छिन्न-भिन्न करने की किसी भी कोशिश का पुरजोर विरोध किया जाएगा।

अन्य वक्ताओं ने कहा कि एक तरफ गरीब खुदरा दुकानदारों को उजाड़ा जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ बड़े होटलों, मॉल्स और जोमैटो, स्विगी, ब्लिंकिट जैसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स को धड़ल्ले से मांस-मछली बेचने की खुली छूट है। यह साफ तौर पर हिंदू-मुस्लिम राजनीति का मोहरा बनाकर गरीब व्यापारियों को तबाह करने और पूरा बाजार कॉर्पोरेट घरानों की झोली में डालने का खेल है।

BHU 28 UP Girls बटालियन NCC में वार्षिक प्रशिक्षण शिविर का आगाज़

युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता व राष्ट्र सेवा की भावना सुदृढ़ करने का माध्यम है एनसीसी-कर्नल जी. पी. सिंह




dil india live (Varanasi). काशी हिन्दू विश्वविद्यालय (बीएचयू), वाराणसी स्थित 28 यूपी गर्ल्स बटालियन एनसीसी (28 UP Girls NCC)  में वार्षिक प्रशिक्षण शिविर (NTC) का आगाज़ उत्साह, अनुशासन एवं देशभक्ति के वातावरण के मध्य हुआ। शिविर के उद्घाटन अवसर पर विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों से आई लगभग 425 कैडेट्स की उपस्थिति ने परिसर को ऊर्जा और उत्साह से भर दिया। उद्घाटन समारोह में बटालियन के कमांडिंग ऑफिसर कर्नल जी. पी. सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का आरम्भ एनसीसी के अनुशासित वातावरण एवं औपचारिक परंपराओं के साथ किया गया। अपने प्रेरणादायक संबोधन में कर्नल जी. पी. सिंह ने कैडेट्स को एनसीसी के मूल उद्देश्यों, कर्तव्यों एवं राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका के प्रति जागरूक किया। उन्होंने कहा कि एनसीसी केवल एक संगठन नहीं, बल्कि युवाओं के व्यक्तित्व निर्माण, नेतृत्व क्षमता के विकास एवं राष्ट्र सेवा की भावना को सुदृढ़ करने का माध्यम है। उन्होंने कैडेट्स को संबोधित करते हुए कहा कि प्रत्येक एनसीसी कैडेट राष्ट्र का अनुशासित एवं जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में कार्य करता है।

कर्नल सिंह ने विशेष रूप से शिविर के दौरान अनुशासन एवं मर्यादा बनाए रखने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि एनसीसी का मूल मंत्र “एकता और अनुशासन” केवल एक नारा नहीं, बल्कि प्रत्येक कैडेट के जीवन का आधार होना चाहिए। उन्होंने कैडेट्स से परस्पर सहयोग, सामूहिक भावना एवं टीम वर्क के साथ पूरे शिविर में भाग लेने का आह्वान किया।

उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि शिविर में उपस्थित सभी कैडेट्स की मूलभूत आवश्यकताओं का पूर्ण ध्यान रखा जाएगा। वर्तमान मौसम की परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए उन्होंने कैडेट्स को विशेष रूप से स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने, पौष्टिक भोजन लेने एवं पर्याप्त मात्रा में पानी पीकर स्वयं को हाइड्रेटेड रखने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि एक स्वस्थ एवं ऊर्जावान कैडेट ही प्रशिक्षण का पूर्ण लाभ प्राप्त कर सकता है।

बुधवार, 10 जून 2026

Muharram 2026: कब है Mahe Muharram, Varanasi में क्यों खास होता है मोहर्रम, यहां जानिए

13 दिन तक लगातार निकलेगा जुलूस मनेगा इमाम हुसैन का ग़म

यौमे आशूरा, चेहल्लुम ही नहीं 1 मोहर्रम से साठे तक जुलूस ही जुलूस 

कर्बला के शहीदों की याद दो माह आठ दिन रहेगा ग़म का अय्याम

ताबूत के जूलूस का फाइल फोटो वाराणसी 


Varanasi (dil India live). (Muharram News 2026) बनारस का मोहर्रम कई मायनों में दूसरे शहरों से खास होता है। ज़्यादातर शहरों में मोहर्रम की खास तारीखों पर ही जुलूस निकाला जाता है और बड़े आयोजन होते हैं जिसमें यौमे मोहर्रम की दस तारीख यानी आशूरा, तीजा, चेहल्लुम ही खास रहता है मगर मजहबी शहर बनारस में शहीदाने कर्बला की याद में यौमे आशूरा चेहल्लुम ही नहीं बल्कि एक मोहर्रम से साठे तक जुलूस ही जुलूस निकाले जाते हैं। कर्बला के शहीदों की याद में दो माह आठ दिन ग़म का अय्याम रहता है। इस दौरान एक मोहर्रम से 13 दिन तक लगातार जुलूस निकलता है। 

कब है मोहर्रम, कैसे होगी शुरुआत 

इमाम हुसैन की याद में मनाएं जाने वाला माहे मोहर्रम यूं तो चांद के दीदार के साथ शुरू होता है। यह महीना इस्लामी हिजरी सन् का पहला महीना होता है। आज जिलहिज्जा की 23 तारीख है। इस लिहाज से अगर 16 जून (29 जिलहिज्जा) चांद रात है। 16 को चांद का दीदार होता है तो मोहर्रम का आगाज़ हो जाएगा। चांद के दीदार के साथ ही अजाखाने सजा दिए जाएंगे ख़्वातीन अपनी चूड़ियां और साजो श्रृंगार हटाकर काला लिवास पहन लेंगी। मर्द भी काले पोशाक में हो जाएंगे। एक मोहर्रम से जुलूस का सिलसिला शुरू हो जाएगा जो दो माह आठ दिन तक चलेगा। इस दौरान शादी ब्याह और खुशी के कोई भी आयोजन नहीं होंगे।

मोहर्रम पर यौमे आशूरा का फाइल फोटो 

यह है मोहर्रम का शिड्यूल

पहला जुलूस पहली मोहर्रम को सदर इमामबाड़े में कैंपस में ही उठाया जाता है। यहां अलम और दुलदुल के साथ अंजुमने नोहाख्वानी व मातम का नज़राना पेश करेंगी। दूसरी मोहर्रम को शिवपुर में अंजुमने पंजतनी के तत्वाधान में अलम व दुलदुल का जुलूस रात 8.00 बजे उठाया जाता है। बनारस के अलावा दूसरे शहरों की अंजुमनें भी शिरकत करती हैं। इसी दिन भारत रत्न उस्ताद बिस्मिल्ला खां के मकान पर दिन में 2. 00 बजे कदीमी मजलिस का आयोजन होता है। 

तीसरी मोहर्रम तीसरी मोहर्रम को अलम व दुलदुल का कदीमी जुलूस औसानगंज नवाब की ड्योढ़ी से सायं काल उठाया जाता है। अंजुमन जीवादिया जुलूस के साथ-साथ रहती है। इसी दिन शिवाला में अलीम हुसैन रिजवी के निवास से अलम ताबूत का जुलूस उठाया जायेगा, जो हरिश्चन्द्र घाट के पास कुम्हार के इमामबाड़े पर समाप्त होगा। तीन मोहर्रम को ही रामनगर के बारीगढ़ी स्थित सगीर साहब के मकान से अलग का जुलूस उठाया जायेगा। 

चौथी मोहर्रम को ताजिये का जुलूस शिवाले में आलीम हुसैन रिजवी के निवास से गौरीगंज स्थित वरिष्ठ पत्रकार काजिम रिज़वी के इमामबाड़े पर समाप्त होगा। चार मोहर्रम को ही चौहट्टा में इम्तेयाज हुसैन के मकान से 2.00 बजे दिन में जुलूस उठकर इमामबाड़े तक जायेगा। चौथी मुहर्रम को ही तीसरा जुलूस दुलदुल का चौहट्टा लाल खां इमामबाड़े से रात 8:00 बजे उठकर अपने कदीमी रास्तों से होता हुआ सदर इमामबाड़ा लाट सरैया पर समाप्त होगा। 

पाँचवी मोहर्रम को छत्तातले गोविन्दपुरा इमामबाड़े से अलम का जुलूस अंजुमन हैदरी के संयोजन में उठाया जायेगा। जुलूस में लोग मरसिया पढ़ेंगे। शहनाई पर मातमी धुन भारत रत्न उस्ताद विस्मिल्लाह खां के परिवार के लोग पेश करेंगे। पांच मोहर्रम को अर्दली बाजार में हाजी अबुल हसन के निवास से इमाम हुसैन के छः महीने के बच्चे शहीद अली असगर की याद में झूले का जुलूस उठेगा। जो मास्टर जहीर हुसैन के इमामबाड़े पर जाकर समाप्त होगा। पांच मोहर्रम को ही रामनगर में महाराज बनारस की मन्नत का जुलूस उठाया जायेगा। जिसमें अलम व दुलदुल शामिल रहेगा। 

छठी मोहर्रम की तारीख बनारस के मोहर्रम के लिए ऐतिहासिक है। इसमें दुलदुल का जुलूस सायं 5.00 बजे अंजुमन जव्वादिया के जेरे इम्तियाज कच्चीसराय इमामबाड़े से उठाया जाता है। ये जुलूस तकरीबन 40 घंटे तक पूरे शहर में भ्रमण करता है। सभी धर्मों के लोग इसमें शिरकत करते हैं। तकरीबन 9 थाना क्षेत्रों से होकर यह जुलूस गुजरता है और 8 मोहर्रम की सुबह समाप्त होता है। 

सातवीं मोहर्रम को चौहट्टा लाल खां में इमाम हुसैन के भतीजे (इमाम हसन के पुत्र) 13 साल के जनाबे कासिम की याद में मेहदी का जुलूस में उठाया जाता हैं। यहां मेहंदी का दो जुलूस उठाया जाता है। एक जुलूस देर रात अपने कदीमी रास्ते से होता हुआ सदर इमामबाड़े लाट सरैया पर समाप्त होता है। ये जुलूस अंजुमन आबिदया के जेरे इन्तजाम उठाया जाता है। दोषीपुरा में अंजुमन कारवाने कर्बला द्वारा मेहदी का जूलूस उठाया जाता है। हर घर में जनाबे कासिम की याद में रात 12.00 बजे मेंहदी रोशन की जाती है। और फातिहा होती है। सात मोहर्रम को कर्बला में इमाम हुसैन व उनके साथियों का पानी बन्द कर दिया गया था। 

आठवीं मोहर्रम का दिन इमाम हुसैन के छोटे भाई से सम्बन्धित है। इस दिन जनाबे अब्बास के नाम पर हाजिरी की फातिहा करायी जाती है। जनाबे अब्बास इमाम हुसैन के (अलमबरदार) भी थे। इस मौके पर रात 8 बजे खाजा नब्बू के चाहमामा स्थित निवास से ताबूत का जुलूस अजुमन हैदरी के तत्वाधान में उठाया जायेगा। लियाकत अली कर्बलायी मर्सिया पेश करेंगे। इसी जुलूस में शहनाई पर मातमी धुनों के साथ आंसुओं का नजराना पेश करेंगे। ये जुलूस फातमान से पलटकर भोर में छत्तातले पर समाप्त होगा। शिवाले में डिप्टी जाफर बख्त की मस्जिद से अलग व ताबूत का जुलूस उठाया जायेगा। शिवाले में ही बराती बेगम के इमामबाड़े से दुलदुल का जुलूस उठकर कुम्हार का इमामबाड़ा हरिश्चन्द घाट पर समाप्त होगा। आठ मुहर्रम को ही चौहट्टा लाल खा में मिरजा मेंहदी के निवास से अलम व ताबूत का जूलस उठकर मिरपूरा इमामबाड़े जाकर समाप्त होगा। चौहट्टा लाल खां में ही एक और जुलूस आलीम हुसैन के मकान से ताबूत व अलम का जुलूस उठाया जायेगा। इस जुलूस की विशेषता यह है कि पूरे रास्ते में अधेरा का दिया जाता है। रास्तों की लाईट बुझा दी जाती है। यह जुलूस भी मीरपुरा इमामबाड़े पर जाकर समाप्त होता है। आठ मोहर्रम को ही अर्दली बाजार में जियारत दुसैन के निवास से शब्बीर शद्दू के संयोजन में अलम व दुलदुल का उठाया जायेगा।

ऐसे ही मोहर्रम की नव तारीख को शहर के सभी इमामबाड़ों से गश्ती अलम का जुलूस निकाला जाता है साथ ही शिवाला से दूल्हे का जुलूस निकाला जाता है। ऐसे ही दसवीं मोहर्रम को इमाम हुसैन समेत कर्बला के वीरों की शहादत मनाई जाती है। शहर भर में जुलूस उठाया जाता है। ऐसे ही ग़म का यह अययाम दो माह आठ दिन तक चलेगा। 

11 मोहर्रम को दालमंडी से लुटा हुआ काफिला।
12 मोहर्रम को कर्बला के शहीदों का शहर भर में तीजे का जुलूस।
13 मोहर्रम को सदर इमामबाड़े में दुलदुल का जुलूस उठेगा।

मंगलवार, 9 जून 2026

Eye Discharge क्या है, ये कहीं ख़तरे की घंटी तो नहीं?

यहां जानिए आंखों से डिस्चार्ज का क्या है मतलब और कब विशेषज्ञ से लेनीं है सलाह?

Mohd Rizwan 

dil india live (Varanasi). आंखों से डिस्चार्ज (Eye Discharge) होना एक सामान्य समस्या है। सुबह उठने पर आंखों के कोनों में थोड़ा सा पदार्थ जमा होना सामान्य हो सकता है, लेकिन यदि डिस्चार्ज अधिक मात्रा में हो या उसका रंग व स्वरूप बदल जाए, तो यह किसी आंख संबंधी समस्या का संकेत हो सकता है।

नेत्र विशेषज्ञ बताते हैं कि आंखों से निकलने वाला तरल, म्यूकस (बलगम जैसा पदार्थ), पस या अन्य अवशेष Eye Discharge कहलाता है। दरअसल यह आंखों की प्राकृतिक सुरक्षा प्रणाली का हिस्सा है, जो धूल, एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों और सूक्ष्मजीवों को बाहर निकालने में मदद करता है। हालांकि, डिस्चार्ज की मात्रा, रंग या बनावट में बदलाव किसी समस्या का संकेत हो सकता है।



सामान्य प्रकार के Eye Discharge

✅ पानी जैसा डिस्चार्ज (Watery Discharge)

एलर्जी, वायरल संक्रमण, ड्राई आई या पर्यावरणीय कारणों से हो सकता है। आमतौर पर साफ और पानी जैसा होता है।

✅ चिपचिपा म्यूकस डिस्चार्ज (Mucous Discharge)

अक्सर एलर्जिक कंजंक्टिवाइटिस और ड्राई आई में देखा जाता है।

✅ पीला या हरा डिस्चार्ज (Yellow/Green Discharge)

आमतौर पर बैक्टीरियल संक्रमण का संकेत होता है और पलकों को आपस में चिपका सकता है।

✅ गाढ़ा पस जैसा डिस्चार्ज (Purulent Discharge)

गंभीर संक्रमण का संकेत हो सकता है और तत्काल चिकित्सा सलाह की आवश्यकता होती है।

इसके सामान्य कारण

🔹 कंजंक्टिवाइटिस (Pink Eye)

🔹 ड्राई आई डिजीज

🔹 ब्लेफेराइटिस (पलकों की सूजन)

🔹 एलर्जी

🔹 कॉन्टैक्ट लेंस से जुड़ी समस्याएं

🔹 आंसू की नली का अवरुद्ध होना