बुधवार, 30 जून 2021

'नेशनल पोस्टल वर्कर्स डे' : चिट्ठी-पत्री बाँटने वाला डाकिया हुआ स्मार्ट

डाककर्मियों की भूमिका में हुए तमाम बदलाव, निभा रहे 'कोरोना योद्धा' की भूमिका

हाथ में स्मार्ट फोन व बैग में डिजिटल डिवाइस

वाराणसी 30 जून (दिल इंडिया लाइव)। कभी आपने सोचा है कि आपके क्षेत्र का डाकिया कितनी मुश्किलों के बीच आपके दरवाजे तक डाक पहुँचाता है। कभी आपने अपने डाकिया बाबू को इसके लिए धन्यवाद कहा है ! यदि नहीं तो 1 जुलाई को आप 'नेशनल पोस्टल वर्कर्स डे' के दिन उसका आभार व्यक्त कर सकते हैं। 'नेशनल पोस्टल वर्कर डे' की अवधारणा अमेरिका से आई, जहाँ वाशिंगटन राज्य के सीऐटल शहर में वर्ष 1997 में  कर्मचारियों के सम्मान में इस विशेष दिवस की शुरुआत की गई । धीरे-धीरे इसे भारत सहित अन्य देशों में भी मनाया जाने लगा। यह दिन दुनिया भर में डाक कर्मियों द्वारा की जाने वाली सेवा के सम्मान में मनाया जाता है।

वाराणसी क्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक सेवाओं ने संचार के क्षेत्र में पूरी दुनिया में अपनी अहम भूमिका निभाई है।  जब संचार के अन्य साधन नहीं थे, तो डाक सेवाएँ ही दुनिया भर में लोगों के बीच संवाद का अहम जरिया थीं। आज भी डाककर्मी उतनी ही तन्मयता से लोगों तक पत्रों, पार्सल और मनीऑर्डर के रूप में जरूरी चीजें पहुँचाने का कार्य कर रहे हैं। जाड़ा, गर्मी, बरसात की परवाह किये बिना सुदूर क्षेत्रों, पहाड़ी, मरुस्थली और दुर्गम क्षेत्रों में डाक सेवाएँ प्रदान करने के साथ-साथ दरवाजे पर जाकर डाक वितरण कर रहे हैं। नियुक्ति पत्र, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार, चेक बुक, एटीएम जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों के साथ-साथ विभिन्न मंदिरों के प्रसाद और टीबी बलगम तक डाकियों द्वारा पहुँचाये  जा रहे हैं। कोरोना संक्रमण के दौर में दवाओं, मास्क, पीपीई किट्स, कोरोना किट्स के वितरण से लेकर घर-घर बैंकिंग सेवा पहुँचाने वाले डाककर्मी अब  'कोरोना योद्धा' बन गए हैं, जो कोविड-19  के खिलाफ लड़ाई में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी भी इसके लिए डाककर्मियों की सराहना कर चुके हैं। 

पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने बताया कि डाक विभाग का सबसे मुखर चेहरा डाकिया है। डाकिया की पहचान चिट्ठी-पत्री और मनीऑर्डर बाँटने वाली रही है, पर अब डाकिए के हाथ में स्मार्ट फोन है और बैग में एक डिजिटल डिवाइस भी है। इण्डिया पोस्ट पेमेंट्स  बैंक के शुभारम्भ के बाद आर्थिक और सामाजिक समावेशन के तहत पोस्टमैन चलते-फिरते  एटीएम  के रूप में नई भूमिका निभा रहे हैं। वाराणसी परिक्षेत्र में लगभग 2400 डाकिया लोगों के दरवाजे पर हर रोज दस्तक लगाते हैं। सामान्य दिनों में प्रति माह साढ़े 4 लाख तो कोविड काल के दौरान 1 लाख 70 हजार स्पीड पोस्ट, पंजीकृत पत्र वितरित किये जाते हैं।  इसके अलावा प्रतिमाह लगभग 12 लाख साधारण पत्रों का वितरण भी डाकियों द्वारा वाराणसी परिक्षेत्र में किया जाता है। ई-कामर्स को बढ़ावा देने हेतु कैश ऑन डिलीवरी, लेटर बाक्स से नियमित डाक निकालने हेतु नन्यथा मोबाईल एप एवं डाकियों द्वारा एण्ड्रोयड बेस्ड स्मार्ट फोन आधारित डिलीवरी जैसे तमाम कदम डाक विभाग की अभिनव पहल हैं।

#National Postal Workers Day': The postman who delivered the letter became smart

Change in postal information, due to bad weather 'Corona'

Battery in smart telephone and battery in smartphone#




Have you ever wondered how many difficulties the postman of your area faces during delivering mail to your doorstep? Have you ever thanked your postman for this? If not, you can express your gratitude to them on 'National Postal Workers Day' on 1st July. The concept of 'National Postal Workers' Day' came from America, where this special day was started in the year 1997 in the city of Seattle in Washington State in honour of the Postal workers. Gradually it started being celebrated in other countries including India. This day is celebrated in honour of the service rendered by Postal workers across the world.

Mr. Krishna Kumar Yadav, Postmaster General of Varanasi Region informed that Postal services have played an important role in the field of communication all over the world. When there were no other means of communication, Postal services were the main means of communication between people around the world. Even today, Postal employees are working with the same diligence to deliver essential things in the form of letters, parcels and money orders to the people. Regardless of winter, summer, rain, providing Postal services in remote areas, hilly, desert and inaccessible areas as well as delivering mail at the doorstep. Important documents like appointment letters, passport, driving license, aadhar, cheque book, ATM card along with prasad of various temples and TB sputum are being delivered by postmen. From distribution of medicines, masks, PPE kits, corona kits to door-to-door banking services, Postal workers have now become 'Corona Warriors', playing an active role in the fight against COVID-19. Prime Minister Mr. Narendra Modi has also appreciated the Postal services for this.

Postmaster General Mr. Krishna Kumar Yadav said that the postman is the most vocal face of the Postal Department. The identity of the postman has been to deliver letters and money orders, but now the postman has a smart phone in his hand and a digital device in the bag. With the launch of India Post Payments Bank, Postmen are playing a new role as an moving ATM as a part of economic and social inclusion. In Varanasi region, about 2400 postmen knock on the doors of the people everyday. On normal days, 4.5 lakhs per month and during the COVID period, 1.70 lakhs speed posts, registered letters are distributed. Apart from this, about 12 lakh ordinary letters are also distributed by postmen in Varanasi Region every month. To promote e-commerce, various innovative initiatives  by the Department like cash on delivery, new mobile app to remove regular mail from letter boxes and smart phone based delivery by postmen has been taken.

मंगलवार, 29 जून 2021

बुनकर बिरादराना तंज़ीम पांचो के नये सरदार से मिलिए

अतीकुल्लाह के सिर सजा नये सरदार का ताज

वाराणसी 29 जून (दिल इंडिया लाइव)। मुहल्ला छित्तनपुरा में  इमलियातल्ले मस्ज़िद में बुनकर बिरादराना तंज़ीम पंचो के नए सरदार अतिकुल्ला अंसारी की दस्तार बंदी लाठ मस्ज़िद के इमाम मौलाना ज़ियाउर्रहमान के हाथो हुयी । सदारत मौलाना मंजर हसनैन ने किया । आज इस मौके पर हाजी मुख्तार ने बताया की बुनकर बिरादराना तंज़ीम पांचों के सरदार मुर्तज़ा का लंबी बीमारी के कारण पिछले साल इंतेक़ाल हो गया था तब से ये पद ख़ाली चल रहा था। जिसमे सारे मोहल्ले की एकराईयति से कौम के हमदर्द अतिकुल्ला अंसारी को सर्वसम्मति से पांचों तंजीम का सरदार चुना गया हम सब को पूरी उम्मीद है की नए सरदार सब को एक साथ ले कर चलेंगे और सबको एक सामान समझते हुए सभी के साथ इंसाफ करेंगे । आज इस मौके पर मेहमान खुसूसी बुनकर बिरादराना तंज़ीम बावनी के सद्र हाजी मुख़्तार महतो, बाईसी के सरदार हाजी अब्दुल कलाम, बारहो के सरदार हाजी सरदार हाशिम, चौतीसो के सरदार हैदर महतो, चौदहों के सरदार मक़बूल हसन अशरफी व शहर उत्तरी के पूर्व विधायक हाजी अब्दुल समद अंसारी मौजूद थे। इन सभी मानिँद लोगो ने नए सरदार को मुबारक बाद दिया और दुआये दी। 



निजामत मौलाना आखिर नुमानी ने किया। इस मौके पर में आमिल हाजी मुख़्तार, हाजी अब्दुल कैयुम, हाजी बेलाल, पार्षद साजिद अंसारी, पार्षद हाजी ओकास अंसारी, हाजी मुबारक अली महतो, डॉ0 वकील, मो. शोएब मुन्ना, अतीक अंसारी, नियाज़ अहमद, हाजी इम्तियाज़, अब्दुल जब्बार, अब्दुल रसीद, अंसार अहमद, आदि लोग मौजूद थे । 

                    

सोमवार, 28 जून 2021

हज खिदमतगार डा. अकबर नहीं रहे

सड़क हादसे में डॉ अकबर अली का हुआ इंतेक़ाल

जिलाधिकारी समेत काफी लोगों ने जताया अफसोस, इशा बाद पड़ेगी मिट्टी

वाराणसी 28 जून 2021(दिल इंडिया लाइव)। दालमंडी निवासी बनारस के प्रसिद्धर एनेस्थीसिया विशेषज्ञ और जनरल फिजिशियन डॉ. अकबर अली (59 वर्ष) की आज सुबह एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गयी। इशा की नमाज़ के बाद पिपलानी कटरा स्थित उनके आबाई कब्रिस्तान में उन्हें सुपुर्दे-खाक किया जायेगा। वो अपने पीछे अपनी बेगम, एक बेटे और चार बेटियों का भरा पूरा परिवार छोड़ गये हैं।


शहर के अलग-अलग अस्पतालों में सेवा देने के साथ ही अपने घर पर भी मरीज़ों को देखा करते थे। डॉ.अली, इंडियन रेड क्रॉस सोसायटी, वाराणसी आई बैंक और नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन(नीमा) के सदस्य थे। आप पूर्वांचल हज सेवा समिति के संस्थापक महासचिव भी थे। हज कमेटी ऑफ इंडिया के मास्टर हज ट्रेनर और वाराणसी इम्बारकेशन के लिए राज्य हज समिति के संयोजक थे। आपने लगभग 35 साल मदनपुरा स्थित जनता सेवा अस्पताल की निःशुल्क सेवा की। फिलहाल आप अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर थे। कोरोना काल में भी आप मरीज़ों की सेवा में सराहनीय तौर से सक्रिय रहे थे।

ऐसे हुआ हादसा

डॉ. अकबर अली सोमवार की सुबह भी रोज़ की तरह स्कूटी से अपने घर से रामकटोरा स्थित निजी नर्सिंग होम के लिए निकले थे कि मैदागिन पर तेज रफ्तार कंक्रीट मिक्सर ट्रक के धक्के से वे गिर गए और ट्रक का पिछले पहिया उनके ऊपर चढ़ गया। हादसे के बाद ड्राइवर ट्रक छोड़ कर फरार हो गया। सूचना पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने उन्हें मंडलीय अस्पताल भेजा जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। कथित  डंपर शहर में जारी विकास परियोजनाओं से संबंधित कार्यदायी संस्था का बताया जा रहा है। पुलिस डंपर को कब्जे में लेकर उसके रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से चालक का पता लगा रही है। उधर हादसे के बाद उनकी पत्नी और बच्चे रो रो कर बुरा हाल था। जनता अस्पताल में भर्ती मरीज़ो को आपकी मृत्यु का यकीन नही हो रहा और मरीज़ व उनके परिजन खबर सुनकर रोने लगे। मृदुल भाषी और हँसमुख व्यक्तित्व के धनी थे। जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा, समाजसेवी इतिहासकार डा. मो. आरिफ, मैत्री भवन के पूर्व निदेशक फा. चन्द्रकांत, पूर्वांचल हज सेवा समिति के अध्यक्ष हाजी रईस अहमद एडवोकेट, नीमा के अध्यक्ष डॉ ओ पी सिंह, सामाजिक संस्था "सुल्तान क्लब" के अध्यक्ष डॉ एहतेशामुल हक, जनता सेवा अस्पताल, जमीअत उलेमा ज़िला बनारस, जमीअतुल अंसार संस्था, आजाद हिंद रिलीफ सोसाइटी, मरियम फाउंडेशन, मरकज़ी सीरतुन्नबी कमेटी सहित कई संगठनों ने डा. अकबर अली के इंतेकाल पर अफसोस जताया है। 

पूर्वांचल हज सेवा समिति

 एक आपात शोक सभा पूर्वांचल हज सेवा समिति की हाजी रईस अहमद कि सदारत मे हुई इसमें समिति की तरफ़ से डा. अकबर अली की अचानक मौत पर शोक प्रकट किया, और उनके बच्चे व बच्चियों के लिए सब्र की दुआ की गई l इस शोक सभा सभा में मौलाना रेयाज़ अहमद क़ादिरी हाजी रईस अहमद एडवोकेट, हाजी मोहम्मद ज़ुबैर, हाजी अहमद अली (पप्प), डा. मुहममद अमीन, हाजी अबदुल अहद, हाजी तारिक़ हसन (बबलू), हाजी तलअत महमूद, हाजी सलमान अदनान, अखतर हुसैन अंसारी,शम्सुल आरिफीन, हाजी नेयाज़ अहमद (मामा) आदि मौजूद थे।

कांग्रेस कमेटी

वाराणसी महानगर कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष फसाहत हुसैन बाबू, उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव हसन मेहदी कब्बन एवं वाराणसी प्रभारी महासचिव प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग शाहिद तौसीफ संयुक्त शोक संदेश में कहा कि डा. अकबर अली हाजियो को हज पर रवाना होने से पहले हज की सही अरकान अदा करने की ट्रैनिग देने के लिए हर साल हाजियों के साथ लगे रहते रहे उनके निधन की खबर से पूर्वांचल केलोग काफी गमगीन हैं। उनकी असमयिक मौत से पूरे पूर्वांचल मे शोक की लहर है। उनके निधन से विशेष रूप से मुसलमानो की बहुत बड़ी क्षति हुई है ।जिसकी भरपाई निकट भविष्य मे नामुमकिन है ।


उक्त नेताओ ने उन्हें खिराजे अकीदत पेश करते हुए तमाम लोगों से डॉक्टर अकबर अली के मगफिरत के लिए दुआ की गुजारिश की।

रविवार, 27 जून 2021

ग्रामीण चिकित्सकों ने कोरोना काल में मानवता की अदम्य सेवा की है: डॉ. मोहम्मद आरिफ

आशा ने दिया 5 चिकित्सकों को "कोरोना योद्धा सम्मान" 

मेडिकल किट देकर किया गया सम्मानित  

वाराणसी 27 जून (दिल इंडिया लाइव)। सामाजिक संस्था 'आशा ट्रस्ट' द्वारा विभिन्न जिलों में कोरोना अवधि में उल्लेखनीय सेवा प्रदान करने वाले ग्रामीण चिकित्सकों को चिन्हित करके उन्हें "कोरोना योद्धा सम्मान " दिया जा रहा है।इसी के तहत रविवार को वाराणसी के चांदमारी स्थित एक निजी परिसर में 5 चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। सम्मान पत्र के साथ में उन्हें स्वास्थ्य रक्षक किट भी प्रदान की गयी।  किट में आक्सीमीटर, थर्मामीटर,  थर्मल स्कैनर, वेपोराइजर, फेस शील्ड, दस्ताना, मास्क, दवाएं आदि थे जिसका चिकित्सा के दौरान प्रयोग किया जाता है। इस अवसर पर मुख्य अतिथि वरिष्ठ गांधीवादी इतिहासकार डॉ मोहम्मद आरिफ ने कहा कि  कोरोना संक्रमण के दूसरे लहर के दौरान जब सरकारी अस्पतालों और बड़े अस्पतालों में बेड और आक्सीजन के लिए हाहाकार मचा हुआ था उस समय दूर दराज गाँवों में चिकित्सकों ने बड़ी  जिम्मेदारी के साथ पीड़ित और संक्रमित लोगों को चिकित्सा सुलभ कराई। इन चिकित्सको के पास प्रायः बड़ी डिग्री नही होती लेकिन इनका विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज करने का अनुभव कही बहुत ज्यादा है। और यही कारण था कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान इन चिकित्सकों ने ग्रामीण क्षेत्र में हजारों लोगों की जान बचाई। ग्रामीण क्षेत्र में सेवा कर रहे तमाम निजी चिकित्सकों ने महामारी के दौर में मानवता की सेवा की मिसाल कायम की है, उन्हें प्रोत्साहित किये जाने की आवश्यकता है। कार्यक्रम संयोजक एवं आशा ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा कि ग्रामीण चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के उपयोग का  प्रशिक्षण दिए जाने की जरूरत है जिससे भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर वे और बेहतर सेवा दे सकें। सामाजिक कार्यकर्ता महेश कुमार ने कहा कि प्रत्येक गाँव में मानदेय पर जन स्वास्थ्य रक्षकों की नियुक्ति की जानी चाहिए जिससे ग्रामीण क्षेत्र में सामान्य जांच जैसे रक्तचाप, मधुमेह, ऑक्सीजन स्तर आदि आसानी से सुलभ हो सके। इस क्रम में सम्मानित किये गये चिकित्सकों डॉ  मोहम्मद गुलबहार अहमद फैज़, डॉ नित्या नन्द पाण्डेय, डॉ शिव धनी पटेल, डॉ मोहम्मद नसीम अहमद और डॉ विजय कुमार ने भी  कोरोना संकट काल के समय के अपने अनुभवों को साझा किया।




कार्यक्रम की व्यवस्था और संचालन नाहिदा और दीपक पटेल ने किया।

वाराणसी कैंट से लक्ष्मनपुर 3 किलो मीटर है

पुरानी पेंशन बहाली के लिए अटेवा का ट्विटर अभियान

सांसद-विधायक ले रहें हैं पेंशन तो हमे क्यों नहीं?

वाराणसी 27 जून (दिल इंडिया लाइव)। पुरानी पेंशन बहाली व निजीकरण के विरोध में ट्विटर पर अटेवा और एनएमओपीएस की ओर से अभियान चलाया गया। उत्तर प्रदेश के पेंशन विहीन कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारियों ने ट्विटर पर दो हैशटैग ट्रेंड किया। अटेवा पेंशन बचाओ मंच के प्रदेश अध्यक्ष व नेशनल मूवमेंट फॉर ओल्ड पेंशन स्कीम (एन एम ओ पी एस) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय कुमार बंधु के आह्वान पर प्रदेश सहित पूरे देश में पुरानी पेंशन बहाली व निजीकरण के विरोध में(# Restore Old Pension # Privatization NoSolution) ट्विटर अभियान चलाया गया।            

 प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के पदाधिकारियों ने भारी संख्या में इस ट्यूटर अभियान में भाग लिया। वाराणसी के जिला संयोजक विनोद यादव ने कहा कि पूरे प्रदेश के शिक्षकों व कर्मचारियों का सरकारें शोषण कर रही हैं। सांसद व विधायक खुद चार चार पेंशन ले रहे हैं, परंतु कर्मचारियों शिक्षकों व अधिकारियों को एक भी पेंशन देने से मना किया जा रहा है, जिससे पेंशन विहीन लोगों में आक्रोश है। सरकार पूरी तरह से निजीकरण पर आमादा है। यूपी का विधानसभा चुनाव नजदीक है यदि सरकार हमारी मांगे पूरी नहीं करेगी तो इसका परिणाम उन्हें चुनाव में भुगतना पड़ेगा। वैश्विक महामारी में चुनाव ड्यूटी करने पर हमारे सैकड़ों साथी शहीद हो गए, ऐसे विपदा में भी सरकारी कर्मचारी ही लोगों की मदद करते रहे, परंतु इसके विपरीत एक भी प्राइवेट कर्मचारी दिखाई नहीं दिए।

        ट्विटर अभियान में वाराणसी के जिला संरक्षक रामचंद्र गुप्ता, जिला संयोजक विनोद यादव, जिला सह संयोजक डॉ. एहतेशामुल हक, जिला महामंत्री मनबोध यादव, जिला कोषाध्यक्ष चंद्र प्रकाश गुप्त, जिला मंत्री बी एन यादव, जिला संगठन मंत्री जफ़र अंसारी, मीडिया प्रभारी रामचंदर, नगर अध्यक्ष गुलाब चंद कुशवाहा,सोशल मीडिया प्रभारी सुरेन्द्र कुमार सिंह, शैलेश कुमार, प्रमोद पटेल, इमरान, अब्दुर्रहमान,


सतीश वर्मा, अजय यादव, शकील अंसारी, नौशाद अमान सहित अनेक साथी थे।

शनिवार, 26 जून 2021

नशा विरोधी दिवस पर डेयर ने निकाली जागरूकता रैली

नशे से होने वाले खतरों से कराया रुबरु

वाराणसी 26 जून (दिल इंडिया लाइव) डेयर संस्था सारनाथ द्वारा 26 जून को नशा विरोध दिवस के अवसर पर वाराणसी के प्रमुख रेलवे स्टेशनों कैंटोमेंट, सिटी, काशी और सारनाथ रेलवे स्टेशन पर नशा विरोधी रैलियां निकाली गई। इन जगहों पर संस्था का अनौपचारिक शिक्षा केंद्र भी चलाया जाता है। सस्था ने बच्चों के साथ कोविड नियमों का पालन करते हुए नशा विरोधी दिवस पर अभियान चलाया, साथ ही साथ बच्चों को नशा विरोध दिवस तथा उनसे होने वाले खतरों के बारे में रुबरू 




कराया।

बच्चों के हाथों में placards उनसे नारा लगवा कर उनको जागरूक भी किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य था कि बच्चों को नशे की दलदल से मुक्त कराना और उनको शिक्षा से जोड़ना। तत्पश्चात बच्चों को संस्था द्वारा नाश्ता कराया गया। कार्यक्रम में डेयर संस्था से निदेशक फादर अभी,  प्रोग्राम कोऑर्डिनेटर फादर लिजो, जीआरपी और आरपीएफ के स्टाफ भी मौजूद थे।

यहाँ भी देखें:-https://youtu.be/OYOMLiuk2k4

आशा ट्रस्ट ने चौबेपुर में 5 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराए

ग्रामीण चिकित्सको को दिया गया कोरोना योद्धा सम्मान


वाराणसी 26 जून (दिल इंडिया लाइव)। कोरोना की तीसरी लहर की भविष्यवाणी विभिन्न विशेषज्ञों और सरकार द्वारा की गयी है, इससे निपटने के लिए युद्धस्तर पर तमाम सरकारी और गैर सरकारी प्रयास जारी है। दूसरी लहर में आक्सीजन की किल्लत एक बड़ी चुनौती के रूप में सामने आई थी। जिससे लोग काफी असहाय महसूस कर रहे थे। विभिन्न अध्ययनों से स्पष्ट हुआ है  कि गांव गिरांव में चिकित्सा कार्य में लगे चिकित्सक जन को आवश्यक स्वास्थ्य उपकरणों से लैस होना आवश्यक है, क्यूंकि एक बड़ी आबादी की स्वास्थ्य रक्षा की जिम्मेदारी इनके ऊपर है। सामाजिक संस्था 'आशा ट्रस्ट' ने संभावित तीसरी लहर को चुनौती के रूप में स्वीकारते हुए 'कोविड राहत अभियान' का संचालन किया है। इस क्रम में ऐसे ग्रामीण चिकित्सकों को चिन्हित किया जा रहा है जिन्होंने दूसरी लहर के दौरान उल्लेखनीय सेवा समाज को प्रदान की। संस्था द्वारा इन चिकित्सकों को "कोरोना योद्धा सम्मान पत्र एवं स्वास्थ्य किट देकर सम्मानित किया जा रहा है. यह अभियान पूर्वांचल के विभिन्न जिलों में संचालित किया जा रहा है। संस्था के कार्यकर्ताओं द्वारा. शुक्रवार को चौबेपुर क्षेत्र के डा मेवालाल, डॉ अशोक पाण्डेय, अशोक पाल, डा अरविन्द चौबे, प्रेम कुशवाहा एवं आशा बहू ममता पाल को उनके आवास पर पहुंच कर समान पत्र एवं स्वास्थ्य किट देकर सम्मानित किया। 

आशा ट्रस्ट द्वारा चेन्नई की सामाजिक संस्था भूमिका ट्रस्ट के सहयोग से चौबेपुर क्षेत्र में कुल 5 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर उपलब्ध कराया है, जिसे कैथी, भगवानपुर, भंदहा कला, कादीपुर खुर्द और चौबेपुर बाजार में सामाजिक सोच वाले लोगों के यहाँ स्थापित कराया गया है जो आवश्यकता पड़ने पर सार्वजनिक रूप से लोगों को इसकी सेवा उपलब्ध करायेंगे। भगवानपुर ग्राम में नवनिर्वाचित ग्राम प्रधान राजेन्द्र यादव और कादीपुर में चिकित्सक अशोक पाल को कंसंट्रेटर प्रदान करते हुए आशा संस्था के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा कि देश में विभिन्न संस्थाएं इस दिशा में काम कर रही हैं इनका उद्देश्य मात्र इतना ही है  कि किसी को भी भविष्य में आक्सीजन की आवश्यकता पड़े तो उसे दूर दराज भटकना न पड़े आप पास के इलाके में सर्व सुलभ स्थान पर कंसंट्रेटर उपलब्ध हो. उन्होंने कहा कि ग्रामीण चिकित्सकों ने पिछली आपदा के समय खतरे से खेलते हुए लोगों की सेवा की है हमे उनके प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करनी चाहिए। 

इसके पूर्व आशा ट्रस्ट के भंदहा कला स्थित केंद्र पर काशी में लावारिस, लाचार और घायल लोगों की अदम्य सेवा करने वाले युवा समाजसेवी अमन यादव कबीर को भी कोरोना योद्धा सम्मान से सम्मानित करते हुए उन्हें स्वास्थ्य किट एवं एक 5 लीटर क्षमता का ऑक्सीजन कंसंट्रेटर प्रदान किया जिसका उपयोग वे अपनी एम्बुलेंस सेवा में कर सकेंगे। 

कार्यक्रम में प्रदीप कुमार सिंह, सूरज पाण्डेय, महेश पाण्डेय, स्वयं प्रकाश, रामजनम भाई आदि का विशेष योगदान रहा।

शुक्रवार, 25 जून 2021

ये है पीएम मोदी की स्मार्ट सिटी पर बड़ा धब्बा

लापरवाह नौकरशाह, नहीं निभा रहे जिम्मेदारी 


वाराणसी 25 जून (मो.रिज़वान/दिल इंडिया लाइव)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने काशी को लेकर जो सपना अपनी आंखों में सजाया था वो शायद इस लिए ही अब तक मूर्तरूप नहीं ले पा रहा है, क्यों कि जिन्हें शहर को सजाना संवारना है वो ही लापरवाह बने हुए है। यही वजह है कि पीएम मोदी की स्मार्ट सिटी पर बड़ा धब्बा कभी बीच शहर नई सड़क में दिखाई देता है तो कभी खंदक बनी सरसौली, टकटकपुर, अर्दली बाज़ार की गलिया। कुछ तो है जो पीएम मोदी के स्मार्ट सिटी बनने के सपने में खलल डाल रहा है। नई सड़क के लोग जहां नाराज़ हैं वहीं सरसौली के लोगों का कहना है जन प्रतिनिधि सुनते नहीं, आलम यह है कि चुनाव जीतने के बाद वो क्षेत्र में झांकने नहीं आये। बरसात में तो लोगों का चलना दूभर है। बीच शहर का ये हाल है तो बजरडीहा, नकखीघाट, कोनिया, सरैया, रहमतपुर, लोहता और फुलवरिया का क्या हाल होगा इसका अंदाज़ा आसानी से लगाया जा सकता है।

अवैध बिजली चोरी पर नकेल

छापेमारी में चोरी करते 10 पकड़े गये, मुकदमा


वाराणसी 25 जून (सरफराज अहमद/दिल इंडिया लाइव) बिजली चोरों को लेकर पूर्वाचल विद्युत वितरण निगम ने मोर्चा खोल दिया है। शहर अनलॉक होने के बाद आला अधिकारियों से मिले निर्देश पर शहर में छापेमारी शुरु हो गई है। हंकार टोला क्षेत्र में उस समय हड़कंप मच गया जब बिजली विभाग और विजिलेंस की टीम ने मारा छापा और डायरेक्ट कटिया कनेक्शन कर बिजली चोरी करते 10 लोग पकड़े गए। विभाग की ओर से सभी पर बिजली चोरी के आरोप में एफआईआर दर्ज कराई गई है। जेई- पिन्टू कुमार सिंह ने बताया कि एटीसी लाइन लॉस कम करने के लिए आगे भी इस तरह की छापेमारी जारी रहेगी। इसके साथ ही अवैध रूप से बिजली का इस्तेमाल करने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिससे वे आगे इस तरह का कार्य न कर सकें।

स्लॉटर हाउस को चालू कराने के लिए राज्यपाल को भेजा पत्र

कुरैशी समाज का उत्पीड़न बंद हो: कांग्रेस

वाराणसी 25 जून(दिल इंडिया लाइव) जिला व महानगर कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के संयुक्त तत्वाधान में अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश चेयरमैन शाहनवाज आलम के आह्वान पर  प्रदेशव्यापी कार्यक्रम के तहत कांग्रेसजनों ने कुरैशी समाज पर निरंतर हो रहे हमले, गिरफ़्तारी को रोकने व अन्य पांच सूत्रीय मांगों का राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन  जिलाधिकारी की अनुपस्थिति में अपर नगर मजिस्ट्रेट चतुर्थ श्री पुष्पेंद्र पटेल को सौंपा।, इस दौरान उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव हसन मेहंदी कब्बन ने कहा कि सरकार को चाहिए कि प्रदेश में बंद पड़े स्लॉटर हाउस को आधुनिक तकनीक के साथ चालू करें व जिन जिलों में स्लाटर हाउस नहीं है वहां नए स्लॉटर हाउस का निर्माण कराएं, सरकारी स्लॉटर हाउस न होने की वजह से निजी स्लॉटर हाउस स्वामी मीट को महंगे दामों पर बेचते हैं जिससे महंगाई चरम सीमा पर है, वही उत्तर प्रदेश सरकार छोटे दुकानदारों को लाइसेंस उपलब्ध कराये व नवीनीकरण प्रक्रिया को आसान करने का कार्य करें, वहीं सरकार को कुरैशी समाज के उत्पीड़न से बचने के लिए वह उनकी मदद के लिए उनके लिए एक हेल्पलाइन नंबर जारी करनी चाहिए।

अल्पसंख्यक कांग्रेस के प्रदेश महासचिव व वाराणसी प्रभारी 


शाहिद तौसीफ ने कहा कि कानपुर से लेकर हापुड़ तक बंद पड़े सभी चमड़े के कारखानों को प्रदेश सरकार द्वारा शीघ्र चालू करना चाहिए जिससे कि लोगों को रोजगार का अवसर मिले, वही कुरैशी समाज के  लोगों पर लगी रासुका वह फर्जी मुकदमों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा निर्दोष पाए जाने वाले कुरैशी समाज के लोगों पर लगे मुकदमों को सरकार को वापस लेना चाहिए

 ज्ञापन देने वाले प्रमुख लोगों में हाजी ओकास अंसारी, शाहिद तौसीफ, कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के प्रदेश महासचिव हसन मेहंदी कब्बन, प्रदेश कांग्रेस विधि प्रकोष्ठ के उपाध्यक्ष अशोक सिंह एडवोकेट कांग्रेस अल्पसंखयक विभाग के प्रदेश महासचिव अब्बास रिज़वी शफक जिला अध्यक्ष पार्षद रमज़ान अली महानगर अध्यक्ष पार्षद अफजाल अंसारी हिफाज़त हुसैन आलम ,अबू सैफ सलमान सुल्तान, अफसर खान, आदि थे।

कहीं आप ब्लड प्रेशर के मरीज़ तो नहीं !

जानिये सुपर फुड मारिंगा से दूर होगी बीपी की समस्या 

वाराणसी25 जून (दिल इंडिया लाइव)। मोरिंगा (सहजन) पाउड को पत्तियों से बनाया जाता है। इसमें ढेर सारे औषधीय गुण हैं। यह ब्लड प्रेशर की समस्या को तो दूर करता ही है, इसके सेवन से नींद भी अच्छी आती है। इस पाउडर से तैयार फेस पैक को चेहरे पर लगाने से मुहांसे, दाग-धब्बे और पिंपल्स जैसी समस्याएं दूर हो जाती है। कोरोना वायरस के चलते आजकल लोगों की लाइफ स्टाइल बदल गयी है। घर से बैठकर काम करना, डाइट पर ध्यान न देना, एक्सरसाइज की कमी और तनाव के चलते कई तरह की समस्याओं ने घेर लिया है। ऐसे में मोरिंगा जैसे सुपरफूड हेल्थ के लिए बहुत ही फायदेमंद है। 

- मोरिंगा की एक कप कटी हुई पत्तियां में आयरन, कैल्शियम, विटामिन सी, विटामिन बी 6 और राइबोफ्लेविन होता हैं। इसमें पोटेशियम, विटामिन ए, विटामिन ई और मैग्नीशियम भी है। संतरे की तुलना में इसके पत्ते में विटामिन सी अधिक होता है इस लिए मोरिंगा बेहतर दृष्टि और इम्यूनिटी से लेकर हड्डियों की हेल्थ और त्वचा को ग्लोइंग बनाने तक, सब कुछ कर सकता है।

दाल और सोयाबीन में प्रोटीन की मात्रा बहुत ज्यादा होती है लेकिन कभी-कभी आप प्रोटीन खाने के लिए ऐसी चीज खाना चाहते हैं जो बिना पकाए आप ले सकें। इसके लिए स्मूदी या सूप में मोरिंगा पाउडर को मिलाएं। मोरिंगा प्रोटीन से भरपूर होता है। 

आर्गेनिक हाट में मौजूद है सब कुछ

मोरिंगा लीफ पाउडद के अलावा हमारे यहां चावल, काला चावल, दालें, सरसो, तीसी, मूंगफली व तिल तेल, देशी गाय का घी, गुड, शहद, मोटे अनाज, दलिया, रागी, चना, मटर, मिश्रित आटा, मसाले, मुरब्बा, आचार,, मोरिंगा से बने उत्पाद, तुलसी अर्क, एलोवेरा, अश्वगंधा, शतावरी, अर्जुन छाल चूर्ण, सिरका, आंवला जूस, आंवला लड्डू, रॉकसाल्ट मौजूद हैं।


गुरुवार, 24 जून 2021

अदबी सिंधी संगत करायेगी अकादमिक यात्रा से परिचित

सिंधी साहित्य के शैदाई दयाराम नागवाणी

वाराणसी 24 जून (डॉली मेघनानी/दिल इंडिया लाइव)। कोरोना महामारी के दौर में जहाँ एक ओर लॉकडाउन के कारण सभी प्रकार की गतिविधियाँ थम गई है वहीं दूसरी ओर सामाजिक आभासीय माध्यमों के मंच से साहित्यकार साहित्यिक कार्यक्रमों को निरंतर गतिमान रखते हुए अपने उत्तरदायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। 

शान्तिमोर्चा हिंदी दैनिक,अयोध्या के सम्पादक ज्ञानप्रकाश टेकचंदानी ' सरल ' ने 'अदबी सिंधी संगत,उ.प्र.' नाम से ह्वाट्सएप समूह का गठन किया है। इसका मुख्य उद्देश्य सिंधी साहित्यकारों,संस्कृति कर्मियों, शिक्षकों व पत्रकारों की अकादमिक यात्रा के बारे में सभी सिंधियों को परिचित कराना है।

सरल सर ने मुझे बुजुर्ग सिंधी साहित्य सेवी दयाराम नागवाणी के अकादमिक योगदान को सबके सामने लाने की जिम्मेदारी सौंपी। वाराणसी में उनका आवास मेरे घर से कुछ मिनटों की दूरी पर ही था। मैं उनसे फ़ोन पर अनुमति लेकर उनके निवास पर गई और सिंधी साहित्य के शैदाई से बहुत कुछ जानने और सीखने का अवसर मिला।

श्री दयाराम नागवाणी का जन्म 05 जून सन् 1949 ई. में महाराष्ट्र के उल्हासनगर में हुआ था।1952 ई. में उनका परिवार वाराणसी आकर बस गया। उन्होंने यहाँ अंग्रेज़ी विषय में स्नातकोत्तर करने के साथ बीएड की पढ़ाई पूर्ण की।सन् 1969 ई.में बीएचयू के सेंट्रल हिंदू कॉलेज में अंग्रेज़ी के प्रवक्ता पद पर नियुक्त हुए और वहीं से सन्.... में अवकाश ग्रहण किया।

श्री नागवाणी जी को अंग्रेज़ी के अतिरिक्त सिंधी,पंजाबी व उर्दू भाषाओं का भी ज्ञान है।

श्री नागवाणी जी मूलत अंग्रेज़ी विषय के विद्वान हैं। किंतु मातृभाषा सिंधी होने के कारण उनका सिंधी भाषा - साहित्य के प्रति विशेष लगाव है।यही कारण है कि वे सिंधी साहित्य का निरंतर अध्ययन-मनन करते रहते हैं। उन्होंने सिंधी भाषा में अनेक फुटकर लेख लिखे जो विभिन्न पत्र - पत्रिकाओं प्रकाशित होते रहे हैं। उनमें से उल्लेखनीय हैं : अयोध्या से प्रकाशित सिंधी - हिंदी पाक्षिक 'सिंधु गर्जना' में प्रकाशित उनका लेख 'इएं कोन थींदी काइमु सिंधियत' जिसमें वे सिंधी भाषा के अस्तित्व पर मंडराते ख़तरे पर चिंता करते हुए उसके संरक्षण की बात करते हैं और अपनी मातृभाषा सिंधी में ही बात करने पर बल देते हैं।

सिंधी युवा समिति,वाराणसी की 'समर्पण' में प्रकाशित उनका लेख ' सिंधु जी सुञाणप ' सिंधियों के इष्टदेव झूलेलाल पर केंद्रित है। वाराणसी से ही प्रकाशित एक अन्य वार्षिक स्मारिका 'सेवा' में संत कँवरराम पर आधारित प्रकाशित उनका लेख 'कलावंत कंवर' उनके लेखन की भाषा - शैली का उत्कृष्ट परिचय देता है। है।

वाराणसी से ही प्रकाशित मासिक पत्रिका 'सिंधु चेतना' में उनके सिंधी लतीफे भी छपते रहते थे।जो उनकी बहुगुणी प्रतिभा का दर्शन कराते हैं।

हिंदी दैनिक 'आज' समाचार पत्र में सिंधी भाषी महापुरुषों के चरित्र को सर्व समाज के समक्ष प्रकाश में लाने के उद्देश्य से हेमू कालाणी,भगत कँवरराम,साधु बेला आश्रम आदि विषयों पर इनके अनेक लेख प्रकाशित होते रहे हैं।

यद्यपि उनका मौलिक लेखन तो गौण है परंतु सिंधी की अरबी - फ़ारसी लिपि में प्रकाशित पुस्तकों का देवनागरी लिपि में लिप्यंतरण का कार्य उल्लेखनीय है जिनमें से एक पुस्तक प्रकाशित भी हो चुकी है। इस पुस्तक का शीर्षक है 'आदर्श जीवन या शंकर प्रकाश' जिसके लेखक द्वारिकाप्रसाद रोचीराम शर्मा हैं।यह पुस्तक सिंध के बहुत बड़े संत महाराज शंकरलाल शर्मा के जीवन पर केंद्रित है जो बाद में काशी में आकर बस गए थे। इसके अतिरिक्त नागवाणी जी कई अन्य पुस्तकों के लिप्यंतरण का कार्य भी कर रहे हैं।उनमें महत्वपूर्ण हैं मोहम्मद पुनहल ड॒हर द्वारा लिखित 'भग॒त कंवरराम साहिब : मुसलमाननि जी निगाह में' पुस्तक का देवनागरी लिप्यंतरण कार्य प्रगति पर है।यह पुस्तक कुल 256 पृष्ठों की है।इस पुस्तक में संत कंवरराम के विषय में 10 मुसलमान लेखकों के विचारों का संग्रह है।दूसरी पुस्तक ताज जोयो लिखित 'शहीद भगत कंवरराम: सिंधी  सभ्यता जो मजस्म रूप' का भी लिप्यंतरण का कार्य प्रगति पर है। यह पुस्तक कुल 300 पृष्ठों की है।

श्री नागवाणी जी द्वारा किया गया लिप्यंतरण का कार्य अत्यंत ही प्रशंसनीय है क्योंकि आजकल के सिंधी युवा अपनी मातृभाषा सिंधी  पढ़ना ही नहीं जानते हैं। सिंधी पुस्तकें देवनागरी लिपि में उपलब्ध होने से उनको भी लाभ मिल सकेगा और इस तरह से वे भी सिंधी साहित्य- संस्कृति से परिचित हो सकेंगे। 

श्री दयाराम नागवाणी जी से भेंट के मध्म हुई बातचीत में सिंधी साहित्य के प्रति उनका अगाध प्रेम परिलक्षित हो रहा था। संत कँवरराम के प्रति उनके मन में विशेष आदर का भाव है। उनके पास संत कँवरराम से संबंधित अनेक पुस्तकों का संग्रह है।26 अप्रैल, 2010 में संत कँवरराम की 125 वीं जयंती के अवसर पर भारत के  राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटील के करकमलों से विमोचित भगत कँवरराम स्मारक डाक  टिकट आज भी उन्होंने सहेज कर रखा है।अंग्रेज़ी,सिंधी

और हिंदी भाषा की अनेक पुस्तकों के अतिरिक्त  सिंधी की पत्र - पत्रिकाएँ उनकी अलमारी की शोभा बढ़ा रहे हैं।बीच-बीच में बातों ही बातों में वे सिंधी भाषा के प्रति युवा पीढ़ी की उदासीनता पर चिंता भी व्यक्त कर रहे थे। नागवाणी जी इन दिनों कुछ अस्वस्थ हैं फिर भी सिंधी की सेवा के लिए निरंतर कार्य कर रहे हैं।उन्होंने मुझे भेंट स्वरूप एक पुस्तक भी दी। मैं आभार प्रकट करती हूं आदरणीय सरल सर जी का कि जिनके कारण मुझे एक स्तरीय साहित्यसेवी दयाराम नागवाणी जी से मिलने का सुअवसर दिया।


(लेखक बीएचयू में शोध छात्रा है)

बुधवार, 23 जून 2021

संगीतकार वी. बालसारा

आज जीवित होते, तो सौ साल ‌के रहते !  

खेमचंद प्रकाश, गुलाम हैदर, नौशाद, लता मंगेशकर और राजकपूर जिनके पियानो के दीवाने थे ! 

जयनारायण प्रसाद Jai Narayan Prasad फेसबुक वाल से)


वाराणसी (दिल इंडिया लाइव)।संगीतकार वी. बालसारा न सिर्फ पियानो में पारंगत थे, बल्कि हारमोनियम और रवींद्र संगीत के भी 'मास्टर्स' थे। आज बालसारा साहेब जीवित होते, तो सौ साल के रहते।‌ उनके वाद्य संगीत के दीवाने खेमचंद प्रकाश, गुलाम हैदर, नौशाद, राजकपूर, लता मंगेशकर और शंकर-जयकिशन तक थे। देशभर में वी. बालसारा के चाहने वालों की लंबी फेहरिस्त हैं और बंगाल में तो कहना ही क्या ! 

वी. बालसारा की पैदाइश हालांकि बंबई में हुई थीं, लेकिन गुजरे वे कलकत्ता में। रवींद्रनाथ टैगोर के संगीत और बंगाल की संस्कृति उन्हें खींचकर कलकत्ता ले आई थीं। वर्ष 1954 में कलकत्ता आए, तो फिर लौटे नहीं। वी. बालसारा कलकत्ता और बंगाल के होकर रह गए।

बंबई में 22 जून, 1922 को एक संभ्रांत पारसी परिवार में वी. बालसारा का जन्म हुआ था। उनका निधन कलकत्ता में 24 मार्च, 2005 को हुआ। वी. बालसारा के संगीत के दीवानों में वैसे तो अनगिनत हैं, लेकिन एक महेश गुप्ता हैं, जो हर साल बालसारा की याद में संगीत का जलसा आयोजित करते हैं और संगीत के जानकारों को सम्मानित भी करते हैं। 

कहते हैं कि वी. बालसारा जब सिर्फ छह साल के थे, तब अपनी मां से हारमोनियम सीखा था। उनकी मां का नाम था- नजामेई। संगीत के परिवेश में बालसारा बड़े हुए, तो उन्हें पहली हिंदी फिल्म मिली 'बादल'। उस्ताद मुस्ताक हुसैन की इस फिल्म में वी. बालसारा सहयोगी संगीतकार थे। लेकिन, वर्ष बीतते न बीतते बालसारा को पहली स्वतंत्र फिल्म मिल गई। इस हिंदी फिल्म का नाम था- 'सर्कस गर्ल', जो वसंत कुमार नायडू ने बनाई थीं। साल था 1943 और इस फिल्म ने बालसारा को शोहरत के मुकाम तक पहुंचाया।

बंबई में 1940 से 1950‌ तक वी. बालसारा की अच्छी ‌धाक थीं।। वर्ष 1947 में संगीतकार नौशाद के साथ जुड़े। उससे पहले खेमचंद प्रकाश और गुलाम हैदर उनके चाहने वालों में थे। फिर, आरके फिल्म्स के बैनर तले राजकपूर के साथ रहे। गायिका लता मंगेशकर बालसारा के सबसे बड़ी प्रशंसक अब भी हैं। 1952 में संगीतकार जोड़ी शंकर-जयकिशन ने वी. बालसारा के साथ काम किया। बंबई में रहते हुए बालसारा ने सिने म्यूजिशियन एसोसिएशन की स्थापना की। उद्देश्य था गरीब संगीतकारों की आर्थिक मदद करना। इस संगीत-संस्था के वे सचिव भी रहे।

पियानो, माउथ आर्गन और हारमोनियम में वी. बालसारा   सिद्धहस्त थे। रवींद्र संगीत में भी वे पारंगत थे। जाने-माने संगीतकार ज्ञान प्रकाश घोष के आमंत्रण पर वर्ष 1954 में वी. बालसारा कलकत्ता क्या आए- यहीं के होकर रह गए। वर्ष 2005 में वी. बालसारा चल बसे। कलकत्ता में हिंद सिनेमा के पास (वेलिंगटन के नजदीक) अरकू दत्त लेन की दो मंजिला इमारत पर वे रहते थे। अब वहां कोई नहीं रहता। 

कलकत्ता में एक महेश गुप्ता हैं, जो वी. बालसारा‌ के पास कभी पियानो सीखने गए थे, सीख तो नहीं पाए‌ लेकिन बालसारा के ऐसे फैन बने कि वी. बालसारा की याद में एक संस्था बना डाली- बालसारा मेमोरियल कमिटी। इस संस्था के बैनर तले हर साल उनकी याद में संगीत का एक बेहतरीन जलसा होता है। इस जलसे में बंगाल के बड़े म्यूजिशियन जुटते हैं और वी. बालसारा को अपने तरीके से याद करते हैं। बालसारा के प्रति उनका समर्पण ऐसा कि सबकुछ अपने पैसे से करते हैं ! 


(नीचे‌ तस्वीर में संगीतकार वी. बालसारा (बांए) और दाहिनी तरफ महेश गुप्ता। फोटो सौजन्य : महेश गुप्ता)

आर्गेनिक हाट में आई गुड़ से बनी बुंदी की मिठाई


गुड़, स्वाद के साथ ही सेहत का भी खजाना

वाराणसी 23 जून (दिल इंडिया लाइव)। प्राकृतिक मिठाई के तौर पर पहचाना जाने वाला गुड़, स्वाद के साथ ही सेहत का भी खजाना है। आर्गेनिक हाट करौंदी में गुड़ से बनी कई तरह की मिठाई लोगों को न सिर्फ अपनी ओर आकर्षित कर रही है, बाल्कि लोग इसे खरीद भी रहे हैं। इस बुंदी के लड्डू की सोंधी खूश्बू व मिठास लोगों को खूब भाती है। इसे गुड़ही भी कहते हैं इसमें तिल, तिसी व सौफ भी मिलाया गया है। गुड़ पेट की समस्याओं से निपटने का आसान और फायदेमंद उपाय है। यह गैस बनना और पाचन क्रिया से जुड़ी अन्य समस्याओं को हल करने में सहायक है। खाना खाने के बाद गुड़ का सेवन पाचन में सहयोग करता है। इतना ही नहीं गुड़ सर्दी, जुकाम और खास तौर से कफ से भी राहत दिलाता है। रोजाना दूध या चाय में गुड़ का प्रयोग कर तमाम समस्याओं से छुटकारा पाया जा सकता है। 

कुछ प्रमुख खाद्य पदार्थों की सूची 

चावल, काला चावल, दालें, सरसो, तीसी, मूंगफली व तिल तेल, देशी गाय का घी, गुड, शहद, मोटे अनाज, दलिया, रागी, चना, मटर, मिश्रित आटा, मसाले, मुरब्बा, आचार,, मोरिंगा से बने उत्पाद, तुलसी अर्क, एलोवेरा, अश्वगंधा, शतावरी, अर्जुन छाल चूर्ण, सिरका, आंवला जूस, आंवला लड्डू, रॉकसाल्ट भी इस हॉट में मौजूद है।

मंगलवार, 22 जून 2021

आशा ट्रस्ट ने दिया "कोरोना योद्धा सम्मान पत्र"

'मेडिकल किट' देकर ग्रामीण चिकित्सको का सम्मान

ग्रामीण चिकित्सकों के कोरोना काल में किये गये योगदान की सराहना

वाराणसी 22 जून (दिल इंडिया लाइव)। कोरोना संकट के दौरान उल्लेखनीय सेवा प्रदान करने वाले ग्रामीण चिकित्सकों को चिन्हित करके  सामाजिक संस्था 'आशा ट्रस्ट' द्वारा  "कोरोना योद्धा सम्मान" से सम्मानित किये जाने का निर्णय लिया है। इस क्रम में मंगलवार को राजातालाब कस्बे में स्थित एक लॉन में ट्रस्ट द्वारा मनरेगा मजदूर यूनियन द्वारा चयनित किये गये क्षेत्र के 40 चिकित्सकों को सम्मानित किया गया। सम्मान पत्र के साथ ही उन्हें एक 'स्वास्थ्य रक्षक किट' भी प्रदान की गयी जिसमे आक्सीमीटर, थर्मामीटर, थर्मल स्कैनर, वेपोराइजर, फेस शील्ड, दस्ताना, मास्क, उपयोगी दवाएं आदि है जिसका चिकित्सा के दौरान प्रयोग किया जा सके।

इस अवसर पर कार्यक्रम का संयोजन कर रहे मनरेगा मजदूर यूनियन के संयोजक सुरेश राठोर ने कहा कोरोना संकट की दूसरी लहर के दौरान गाँव गाँव में चिकित्सा सेवा से जुड़े लोगों का बहुत ही सराहनीय और उल्लखनीय योगदान रहा, जब सरकारी अस्पतालों और बड़े अस्पतालों में बेड और आक्सीजन के लिए हाहाकार मचा हुआ था उस समय दूर दराज गाँवों में चिकित्सकजन ने बड़े ही जिम्मेदारी से पीड़ित और संक्रमित लोगों को चिकित्सा सुलभ कराइ. इन चिकित्सको के पास प्रायः बड़ी डिग्री नही होती लेकिन इनका विभिन्न प्रकार की स्वास्थ्य समस्याओं के इलाज करने का अनुभव कही बहुत ज्यादा है और यही कारण था कि कोरोना की दूसरी लहर के दौरान इन चिकित्सकों ने ग्रामीण क्षेत्र में हजारों लोगों की जान बचाई।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि ब्लाक प्रमुख प्रतिनिधि महेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में सेवा कर रहे निजी चिकित्सकों ने महामारी के दौर में मानवता की सेवा की मिसाल कायम की है, उन्हें प्रोत्साहित किये जाने की आवश्यकता है, इससे उनमे भविष्य में और बेहतर सेवा करने का आत्मविश्वास जगेगा.

आशा ट्रस्ट के समन्वयक वल्लभाचार्य पाण्डेय ने कहा ग्रामीण चिकित्सकों को आधुनिक चिकित्सा उपकरणों के उपयोग का  प्रशिक्षण दिए जाने की जरूरत है जिससे भविष्य में ऐसी स्थिति उत्पन्न होने पर वे और अच्छी सेवा दे सकें. उन्होंने कहा कि देश में सभी को बेहतर स्वास्थ्य के अधिकार के लिए जन आंदोलन की आवश्यकता है, जिसमे प्रति 1000 की आबादी पर न्यूनतम आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की मांग हो।

किसान नेता योगीराज पटेल ने कहा कि प्रत्येक गाँव में मानदेय पर जन स्वास्थ्य रक्षकों की नियुक्ति की जानी चाहिए जिससे ग्रामीण क्षेत्र में  रक्तचाप, मधुमेह, ऑक्सीजन स्तर आदि सामान्य जांच की सुविधा आसानी से सुलभ हो सके.

कार्यक्रम में अनेक ग्रामीण चिकित्सकों ने कोरोना संकट काल के समय के अपने अनुभवों को साझा भी। किया।

कार्यक्रम के दौरान कोरोना अवधि में अपनी जान जोखिम में डाल कर पत्रकारिता की जिम्मेदारी का निर्वाह करने वाले ग्रामीण पत्रकार बंधुओं को भी स्वास्थ्य सुरक्षा किट एवं सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से रेनु पटेल,महेश पांडेय,ओमप्रकाश,अरविंद पटेल,नेहा जायसवाल,अजय कुमार,अली हसन,प्रियंका,निशा,पूजा,रीना, मुस्तफा,श्रद्धा,रोहित,अरमान, महेंद्र,अनिता,नैना,पार्वती, सरस्वती,मंजू आदि लोग शामिल हुए।

सम्मानित किये गये चिकित्सक 
'
प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करते संस्था के पदाधिकारी

डॉ.जे.पी.पाल, पवन गुप्ता, प्यारेलाल, नागेश श्री, रामबली, रामदुलार, दशरथ, राजनाथ, अजय कुमार, प्रकाश कुमार, कल्लू प्रसाद यादव, विश्वास चंद्र, हंसराज, दयाराम,आर.के. पाल, ऋतु प्रिया सिंह, लालजी, लोहा सिंह, बाबुलाल, छविनाथ, लक्ष्मी शंकर यादव, धर्मा देवी, ए. के.वर्मा, रमेश, महंगू, मुन्ना, सुरेंद्र, गोविंद, राहुल, अभय, रामदुलार, शोभनाथ, राजेश केसरी, राजू, दिनेश राम, रविशंकर, नित्यानंद,

सम्मानित किये गये पत्रकार

राजकुमार गुप्ता, मयंक, मुश्ताक, दयाशंकर पांडेय, त्रिपुरारी यादव, रवि पांडेय, देवेंद्र वर्मा, कृष्णकांत मिश्रा आदि।

विदुषियों ने किया आनलाईन योग

योग से ही रह सकती हैं महिलाएं निरोग

वाराणसी 21जून (दिल इंडिया लाइव) विश्व योग दिवस पर महिलाये भी किसी से पीछे नहीं रहीं, उन्होंने भी योग अभ्यास का आयोजन कर दुनिया को बता दिया कि योग से ही निरोग रहा जा सकता है। विदुषी महिला मंडल (Vidushi mahila mandal) की ओर से विदुषी पदाधिकारियो व सदस्याओ ने कोरोना काल को देखते हुए आनलाईन योग अभ्यास


कार्यक्रम का आयोजन किया। संस्थापक संरक्षक मनीषा अग्रवाल की मौजूदगी में योग शिक्षक सुश्री निधि गिरि के नेतृत्व में योगा दिवस मनाया गया। मनीषा अग्रवाल ने योग के ऐतिहासिक महत्व पर जहां प्रकाश डाला वहीं रमा सिंह (अध्यक्ष,) गरिमा टकसाली (महामंत्री,) पूजा अग्रवाल (कोषाध्यक्ष) ने योग को महिलाओं की फिटनेस के लिए जरूरी बताया।

डाक विभाग ने 'बी विद योगा, बी एट होम' के तहत मनाया योग दिवस, चिट्ठियों पर लगी विशेष मुहर

मनुष्य की ऊर्जा को बढ़ाता है योग: पोस्टमास्टर जनरल

कोरोना महामारी के दौर में योग को अपनाकर स्वस्थ भारत के निर्माण में बनें सहभागी

वाराणसी 21जून (दिल इंडिया लाइव)। 'अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस' पर डाक विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने कोविड प्रोटोकाल के तहत घर पर रहकर योग दिवस मनाया। कोरोना महामारी के चलते इस वर्ष भारत सरकार ने लोगों से 'बी विद योगा, बी एट होम' का अनुपालन करते हुए 21 जून को सातवाँ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने की अपील की थी। इसी क्रम में वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव सहित ने घर पर योग किया और लोगों को भी इस ओर प्रेरित किया। इसी क्रम में लोगों को योग दिवस की महत्ता बताने हेतु कैण्ट प्रधान डाकघर में पोस्टमास्टर जनरल ने विशेष विरूपण (स्पेशल कैंसिलेशन) भी जारी किया, जिसे सभी प्रधान डाकघरों में योग दिवस के दिन प्राप्त होनी वाली समस्त डाक पर लगाया गया। वेबिनार के माध्यम से भी डाककर्मियों को योगाभ्यास कराया गया। 

इस अवसर पर पोस्टमास्टर जनरल  श्री कृष्ण कुमार यादव ने कहा कि, योग जीवन का वह दर्शन है,जो मनुष्य को उसकी आत्मा से जोड़ता है और मनुष्य के मानसिक, शारीरिक व आध्यात्मिक ऊर्जा को बढ़ाता है। योग न सिर्फ हमें नकारात्मकता से दूर रखता है अपितु हमारे मनोमस्तिष्क में अच्छे विचारों का निर्माण भी करता है। श्री यादव ने कहा कि, कोरोना महामारी के दौर में योग का महत्त्व और अधिक बढ़ जाता है, जिसे अपनाकर हम सभी को स्वस्थ भारत के निर्माण में सहभागी बनना चाहिए। डाक विभाग के अधिकारी-कर्मचारी इस समय 'कोरोना वॉरियर्स' के रूप में कार्य करते हुए फील्ड में तमाम सेवाएँ दे रहे हैं, ऐसे में 'योग फॉर वेलनेस' की भावना उन्हें और भी मजबूत बनाएगी।

सहायक निदेशक श्री राम मिलन ने कहा कि, भारतीय संस्कृति की अमूल्य और विलक्षण धरोहर एवं मानव के उत्तम स्वास्थ्य का आधार योग है। वाराणसी पश्चिमी मंडल के अधीक्षक डाकघर श्री संजय कुमार वर्मा ने कहा कि मानसिक व शारीरिक लाभ के साथ नैतिक बल भी प्रदान करने वाली योग पद्धति ने कोरोना महामारी में बहुत संबल प्रदान किया है। इस अवसर पर कैण्ट प्रधान डाकघर के पोस्टमास्टर रमाशंकर वर्मा, सहायक अधीक्षक अजय कुमार, सहायक लेखा अधिकारी संतोषी राय, डाक निरीक्षक श्रीकांत पाल, वीएन द्विवेदी, श्री प्रकाश गुप्ता,  भी उपस्थित रहे।

Postal Department celebrated Yoga Day under 'Be with Yoga, Be at Home', special stamp on letters


Varanasi 21jun (dil india live)'International day of Yoga' was celebrated by Postal Department in Varanasi Region by following Covid protocol. Due to the Corona pandemic, this year the Government of India had asked to observe the 7th IDY with 'Be with Yoga, Be at Home.' Postmaster General of Varanasi Region Mr. Krishna Kumar Yadav also did yoga at home and inspired people to do the same. In order to make people aware of the importance of Yoga Day, the Postmaster General also issued a special cancellation at Varanasi Cantt. Head Post Office, which was affixed on all the mails booked and received on the day. The postal employees also performed yoga practice through webinar.

On this occasion, Postmaster General Mr. Krishna Kumar Yadav said that Yoga is philosophy of life, which connects human being with his soul and increases the mental, physical and spiritual energy. Yoga not only keeps us away from negativity but also creates good thoughts in our mind. Mr. Yadav said that in the time of Corona pandemic, the importance of yoga increased even more, adopting which we all should participate in building a healthy India. Postal employees are currently serving as 'Corona Warriors' in the field, so the spirit of 'Yoga for Wellness' will make them stronger.

Assistant Director Mr. Ram Milan said that Yoga is the invaluable and unique heritage of Indian culture and the base of good health of human beings. Superintendent of Post Office, Varanasi West Division, Mr. Sanjay Kumar Verma said that the yoga system, which provides moral strength along with mental and physical benefits, has provided a lot of strength in the Corona epidemic. Postmaster, Varanasi Cantt. Head Post Office Ramashankar Verma , Assistant Superintendent Ajay Kumar, Assistant Accounts Officer Santoshi Rai, Postal Inspector Shrikant Pal, V. N. Dwivedi, Shri Prakash Gupta were also present on the occasion.

चित्र :1. पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव सपरिवार योग करते हुए।

2. अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव स्पेशल कैंसिलेशन जारी करते हुए

मुसिलमों ने भी किया योग

सुल्तान क्लब ने की विश्व योग दिवस की अगुवाई

वाराणसी 21जून (दिल इंडिया लाइव)। 7 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी के मुसलिमों ने भी योग कर लोगों को स्वस्थ रहने की अपील की। "सुल्तान क्लब" की अगुवाई में हुए इस आयोजन में बड़ी संख्या में मुसलिम जुटे और योग अभ्यास किया। रसूलपुरा, बड़ी बाजार में संस्था अध्यक्ष डॉक्टर एहतेशामुल हक के आव्हान पर मनाये गये योग दिवस का नेनृत्व  मास्टर अब्दुल रहमान ने किया।

 उन्होंने योग के विभिन्न आसनों के लाभ बताये व योग विभिन्न मुद्राओं में किया। इस अवसर पर  सभी बहुत उत्साहित थे। डॉक्टर एहतेशामुल हक ने कहा की नमाज जैसी पवित्र प्रार्थना  के साथ योग भी स्वास्थ्य के लिए बेहतरीन  व्यायाम है, अगर बच्चे ,जवान ,बूढ़े और महिलाएं योग जैसे व्यायाम को अपना ले तो बहुत सारी बीमारियों जैसे बी पी, शूगर, हृदय रोग इत्यादि बीमारियों से बच सकते हैं, योग यूनानी व आयुर्वेदिक पद्धति का एक अंग है।

 इस अवसर पर अध्यक्ष डॉ एहतेशामूल हक, प्रधानाचार्य मुसर्रत इस्लाम, महासचिव एच हसन नन्हें, सचिव मुस्लिम जावेद अख्तर, कोषाध्यक्ष शमीम रियाज, उपाध्यक्ष महबूब आलम, उप सचिव अब्दुल रहमान, ऑडिटर मुख्तार अहमद अंसारी,


मौलाना अब्दुल्लाह, हाफिज मुनीर इत्यादि शामिल थे।

सोमवार, 21 जून 2021

योग दिवस पर लिया सदैव योग करने का संकल्प



संकल्प ने किया योग शिविर का आयोजन

वाराणसी 21जून (दिल इंडिया लाइव)। विश्व योग दिवस के अवसर पर तमाम लोगों ने न सिर्फ योग किया बल्कि अपने जीवन में सदैव योग को अपनाने का भी संकल्प लिया। संकल्प संस्था के तत्वावधान सोमवार को पार्वतीपुरी कालोनी स्थित उद्यान में योग शिविर का आयोजन किया गया। इस अवसर पर संरक्षक अनिल कुमार जैन ने कहा कि कोविड19 महामारी में योग ने हम सबको स्वस्थ रखने अपनी महती भूमिका निभाई है। हम सभी ने पिछले कई महिनों से इस महामारी के दौरान अपने अपने घरों में रह कर प्राणायाम का अभ्यास किया और इसका हम सभी को लाभ प्राप्त हुआ। हमारी श्वसन प्रणाली मजबूत हुई और हमारा कोविड से बचाव हुआ। आज सम्पूर्ण विश्व को हमारी प्राचीन योग पद्धति पर पूर्ण विश्वास हो गया है और सारा विश्व आज 21 जून को विश्व योग दिवस मना रहा है और हमारे प्राचीन संस्कृति से जुड़ रहा है।

इस अवसर पर संस्था के आलोक जैन, राजकपूर, पुनीत, डा.हर्षित, डा.आंचल, गीता जैन, गीतिका, अभय, अमित आदि ने योगाभ्यास किया।

शनिवार, 19 जून 2021

चिट्ठियाँ करेंगी अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के प्रति लोगों को जागरूक, डाक विभाग लगाएगा विशेष मुहर




योग पर 21 को डाक विभाग जारी करेगा विशेष विरूपण

वाराणसी19 जून (दिल इंडिया लाइव)। 7 वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को यादगार बनाने के लिए डाक विभाग सभी प्रधान डाकघरों में 21 जून को प्रत्येक डाक पर एक विशेष विरूपण (स्पेशल कैंसिलेशन) लगाएगा। योग के महत्व को लोगों तक पहुँचाने के लिए विभाग ने यह प्रयास किया है। योग दिवस के दिन वाराणसी प्रधान डाकघर और कैण्ट प्रधान डाकघर सहित देश के सभी 810 प्रधान डाकघरों में इस विशेष विरूपण को सचित्र डिजाइन के साथ जारी किया जाएगा, जो जन जागरूकता फ़ैलाने के साथ-साथ डाक टिकट संग्रह करने वालों के लिए भी विशेष धरोहर होगा।

 उक्त जानकारी वाराणसी परिक्षेत्र के पोस्टमास्टर जनरल श्री कृष्ण कुमार यादव ने दी। इसके अलावा विभिन्न डाकघरों में बैनर और एलईडी के माध्यम से भी योग दिवस के संबंध में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एस्पिरेशनल जनपद के रूप में चंदौली के सकलडीहा में डाक विभाग द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में योग हेतु विशेष अभियान चलाया जा रहा है। 'योग' एवं 'अंतरराष्ट्रीय योग दिवस' डाक टिकट संग्रह के लिए भी लोकप्रिय विषय बन गया है। वर्ष 2015 में भारतीय डाक विभाग ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर दो डाक टिकट एवं एक मिनिएचर शीट का सेट जारी किया था। वर्ष 2016 में प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी द्वारा द्वितीय अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर सूर्य नमस्कार पर स्मारक डाक टिकट जारी किया गया। वर्ष 2017 में संयुक्त राष्ट्र डाक प्रशासन ने योग के दस आसनों को दिखाते हुए न्यूयार्क में डाक टिकट जारी किया। वर्तमान में ये सभी डाक टिकट और उनसे जुड़ी चीजें फिलेटलिस्ट्स के संग्रह का अभिन्न अंग बन चुकी हैं। श्री यादव ने कहा कि, कोई भी इच्छुक व्यक्ति आसानी से फिलाटेलिक जमा खाता देश के किसी भी डाकघर में 200 रुपए जमा कर खुलवा सकता है और स्मारक डाक टिकट एवं  अन्य फिलेटलिक सामग्री को घर बैठे प्राप्त कर सकता है ।


*(चित्र में : डाक विभाग द्वारा प्रथम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर 2015 में जारी डाक टिकट)*

प्राथमिक शिक्षक संघ ने वेतन रोकने को बताया गलत


टीकाकरण समय से होता तो न जाती शिक्षकों की जान

वाराणसी 19 जनवरी (दिल इंडिया लाइव)। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (पंजीकृत 1160) के प्रदेश अध्यक्ष राम प्रकाश साहू ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया की जनसूचना अधिकार अधिनियम 2005 के तहत मांगी गई जनसूचना के प्रत्यूत्तर में अवर सचिव और सी पी आई ओ भारत सरकार द्वारा कोरोना वैक्सीनेसन को जहा एक ओर ऐच्छिक योजना बताया गया तथा साथ मे यह भी स्प्ष्ट किया गया है कि वैक्सीनेशन न कराने पर किसी भी सरकारी सुविधा से वंचित नही किया जाएगा। वही वाराणसी जनपद  के प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष महेंद्र बहादुर सिंह ने कहा कि चंदौली के जिलाधिकारी संजीव सिंह ने कई समाचार पत्र में प्रकाशित समाचार व आधिकारिक स्तर से जारी आदेश में वैक्सीन न लगवाने पर जून माह का वेतन अवरुद्ध करने का फरमान जारी किया है, जो नियम विरुद्ध हैं। इस तुगलकी आदेश से कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। उन्होंने आगे कहा कि पंचायत चुनाव से पहले अगर इस आदेश को बाध्यकारी कर अध्यापको को वैक्सीनेट करवा दिया गया होता तो इतने बड़े तादाद में प्रदेश में शिक्षकों की कोरोना संक्रमण से म्रुत्यु न होती। उन्होंने अपर मुख्य सचिव बेसिक शिक्षा उत्तर प्रदेश शासन व महानिदेशक स्कूल शिक्षा उ.प्र. को इस आशय का पत्र लिखकर वैक्सीनेशन के अभाव में वेतन अवरुद्ध न किए जाने का आग्रह किया है।

If vaccination was done on time, teachers would not have died
Varanasi 19 January (Dil India Live). Ram Prakash Sahu, the state president of Uttar Pradesh Primary Teachers Association (registered 1160), said in a press release that in response to the public information sought under the Right to Information Act 2005, the Under Secretary and CPIO, Government of India, on the one hand, the Corona Vaccination. An optional scheme has been told and it has also been clarified that no government facility will be denied for not getting vaccination. Mahendra Bahadur Singh, District President of Primary Teachers Association of Varanasi district said that District Magistrate of Chandauli, Sanjeev Singh has issued a decree to block the salary for the month of June for not getting the vaccine in the news published in many newspapers and the order issued from the official level. which are against the rules. There is anger among the employees due to this Tughlaqi order. He further said that if the teachers had been vaccinated by binding this order before the Panchayat elections, then such a large number of teachers in the state would not have died due to corona infection. He also appointed Additional Chief Secretary Basic Education, Government of Uttar Pradesh and Director General School Education, Uttar Pradesh. By writing a letter to this effect, he has been requested not to stop the salary due to lack of vaccination.

शुक्रवार, 18 जून 2021

दूषित पेयजल की आपूर्ति सेलोग

सरसौली चौराहे पर दिया धरना, हुई सभा


वाराणसी (दिल इंडिया लाइव)। बरसात का मौसम शुरु होने से लोगों को जहां गर्मी से थोड़ा राहत मिलने लगती है वहीं कई तरह की समस्यायें भी अपना सिर उठाने लगती है। कहीं सीवर ओवर फ्लो तो कहीं गंदगी और दूषित पेयजल की आपूर्ति से लोग परेशान हो उठते हैं। ऐसे ही टकटकपुर के सरसौली वार्ड नंबर 6 में पिछले 15 दिनों से दूषित पेयजल की आपूर्ति होने से लोगों में आक्रोश था। आज फिर जब दूषित पेयजल की आपूर्ति हुई तो लोगों का सब्र जवाब दे गया।

पूर्व पार्षद सुनीता यादव की अगुवाई में क्षेत्र की जनता ने 15 दिन से साफ पानी न आने और गंदा पानी आने की शिकायत करने  के बाद भी हालात नही सुधरने पर सरसौली चौराहे पर सोशल डिस्टेंसिंग के साथ धरना दिया| जनता का साथ देते हुए पूर्व पार्षद सुनिता यादव ने कहा कि बहुत दुख है कि आम जनता का साथ देने वाला कोई नहीं है। हर तरफ लूट मच गई हैं। इस दौरान क्षेत्रीय पुलिस ने लोगों की मांग पर जेई और ठेकेदार को बुलाकर काम शुरु कराने का आश्वासन दिया जिस पर धरना खत्म हुआ।

गुरुवार, 17 जून 2021

पूर्वांचल में ज़ोरदार बरसात से राहत संग दुश्वारी

बुनकरों के करघों में घुसा पानी

प्रमुख बाज़ारों व दुकानों में भरा पानी, दूध-सब्जी के लिए भी लागों को हुई दुश्वारी

वाराणसी (सरफराज अहमद/हिमांशु राय/दिल इंडिया लाइव)। समय से पहले पूर्वांचल में मानसून की ज़ोरदार दस्तक के चलते शुरु हुई बारिश के कारण जगह-जगह लोगों को दुश्वारी उठानी पड़ी। लोगों को भीषण उमस से भले ही राहत मिल गई हो मगर बरसात के रूप में आयी दुश्वारी से लोग काफी परेशान हुए। बुनकरो के करघों में जहां पानी घुस गया वहीं बनारस में दालमंडी, नई सड़क, दशाश्वमेघ, गुरुबाग, हड़हासराय आदि की दुकानों में पानी भर जाने से भारी नुकसान का अंदेशा हैं। बनारस व्यापार मंडल के अध्यक्ष जियाउदीन खां ने कहां पहले ही कोरोना से कारोबार बर्बाद हो गया उस पर से यह बरसात भी कहर बन कर आयी है। इससे करोड़ों का नुकसान का अनुमान है। जहां बरसात के चलते लोगों को दूध, सब्जी व अखबार मयस्सर नहीं हुआ वहीं जल भराव ने नगर निगम की साफ सफाई के दावों की पोल खोल दी। आलम यह था कि ज्यादातर लोग दोपहर तक घर में ही कैद होने को मजबूर दिखे वहीं जिन्हें ज़रूरी काम से बाहर जाना भी था वो लोग पानी के बीच से होकर गुजरने को विवश दिखे। बुनकर बस्ती, गरीब कुनबों में बरसात किसी कहर से कम नहीं थी, लोग घरों से गंदगी, पानी जहां साफ करते दिखे वही रोज़ी रोटी की चिंता भी उनकी पेशानी पर लकीर बन कर दिखाई दे रही थी।

 झमाझम बारिश ने मौसम को सुहावना बना दिया। सड़क के किनारे और सड़कों में बने गड्ढ़ों में पानी भर गया। नगर निगम द्वारा शहर क्षेत्र में बेहतर साफ सफाई का दावा किया जाता है। हालांकि नगर निगम ने लाक डाउन के चलते शहर के विभिन्न नालों की साफ-सफाई का कार्य बड़ी तत्परता से कराने का दावा किया लेकिन  जल भराव होने से उसके दावों की पोल स्वतः खुल गई। नगर में सनातन धर्म इंटर कालेज के सामने सड़क पर जमे पानी के बीच से लोग वाहन लेकर गुजरने को विवश हुए। वहीं कुछ ऐसा ही हाल अर्दली बाज़ार, दूध सट्टी, पाण्डेयपुर, अंधरापुल, तेलियाबग, नई सड़क, चेतगंज, गौदोलिया में भी दिखा। 





रविवार, 13 जून 2021

रंग ला रहा है काशी अग्रवाल समाज का प्रयास

आनलाइन महिला प्रशिक्षण शिविर तीसरा सत्र

महिलाएं सीख रहीं कला की बारीकियां

वाराणसी(दिल इंडिया लाइव)। श्री काशी अग्रवाल समाज के श्री अग्रसेन महिला समिति एवं समाज सेवा विभाग द्वारा इस वर्ष ग्रीष्मकालीन महिला प्रशिक्षण शिविर का आयोजन आनलाइन किया जा रहा है, जिसका तीसरा सत्र प्रारम्भ हो चुका है। दरअसल कोविड19 महामारी के कारण 21 मई से ऑनलाइन संचालित होने वाले इस प्रशिक्षण शिविर के प्रथम और दूसरे सत्र में सैकड़ों की संख्या में महिलाओं एवं युवतियों ने कूकिंग, हैण्डीक्राफ्ट, सिलाई, पेंन्टिग, कढ़ाई सहित विभिन्न विधाओं एवं कलाओं का प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने व्यक्तित्व को निखारा कर आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम बढ़ाया। जिसके चलते कहा जा सकता है कि काशी अग्रवाल समाज का प्रयास रंग ला रहा है।

प्रशिक्षण शिविर की संयोजिका मालिनी चौधरी (श्री अग्रसेन महिला समिति) एवं गरिमा टकसाली (सहायक मंत्री, समाज सेवा विभाग) बताती हैं कि 22 जून तक  प्रशिक्षण शिविर प्रशिक्षण चलेगा। कोरोना संक्रमण के खिलाफ जारी संघर्ष में कई महिनों से बच्चें घरो में कैद होकर रह गये है। ऐसे में प्रतिदिन पूजा अग्रवाल द्वारा नृत्य की शिक्षा दी जा रही है

अपनी कला का मनवाया लोहा

आनलाइन क्लास मे अग्रसेन नि:शुल्क प्रशिक्षण शिविर में मात्र तेरह वर्ष के प्रशस्त जैन ने मेडिटेशन और ड्राॅइग की अभूतपूर्व क्लास लेकर सभी को अचंभित कर दिया.  बच्चों ने बहुत उत्साहित होकर कक्षाएँ की और अभिवावको ने भी बहुत सराहा। प्रशस्त जैन, मोहित जैन और शगुन जैन के प्रतिभाशाली सुपुत्र है तथा इन्दुभूषन जैन और अनिता जैन के पौत्र है। ऐसे ही जॉनस स्कूल की आठवी कक्षा के  छात्र प्रशस्त को कई कलात्मक अभिरुचियाँ है।चित्रकला के अलावा कैलिग्राफ़ी करने का भी इन्हे शौक है। युवा प्रशस्त की रूचि "ध्यान (meditation) में भी है। अपनी पढ़ाई के अलावा प्रशस्त  खाली समय में पेंटिंग के अलावा ध्यान (meditation) का वर्कशाप भी ऑनलाइन करवाते है। नैसर्गिक गुणों से लबरेज, जिज्ञासु प्रवृति के प्रशस्त को नई और रचनात्मक विषयों को सीखने मे बहुत रुचि  है। समय का सदुपयोग करते हुए प्रशस्त शिक्षाप्रद वीडियोज देखना पसंद करते हैं। प्रशस्त अपने परिवार के साथ बुलानाला में रहते हैं।

अग्रसेन निशुल्क प्रशिक्षण शिविर मे मात्र अठारह वर्ष की सुश्री सृष्टि सिन्हा आनलाइन इन्ग्लिश स्पोकेन छोटे बच्चो का अत्यन्त ही रोचक कक्षा ले रही हैं.. बच्चे बहुत ही खुश हैं... सृष्टि सिन्हा निधि सिन्हा और उदय सिन्हा की प्रतिभाशाली बेटी हैं। 

कला को बनाया अक्सर

महमूरगंज निवासी श्रेया उपाध्याय 19 वर्ष, रचनात्मकता और कला के क्षेत्र को अवसर के रुप में प्रस्तुत कर रही है। श्रेया का भवानी क्रिएशन के नाम से अपना ऑनलाइन स्टोर है.. श्रेया क्रिएटिव और आर्ट्स की ऑनलाइन क्लासेस भी देती हैं, जिसमें लगभग 100 छात्र पंजीकृत हैं। श्रेया ने भवानी क्रिएशन नाम से यूट्यूब चैनल भी बनाया है।



इतनी कम उम्र में श्रेया बच्चों की ही नहीं बल्कि पूरे समाज में एक मिसाल है।

काशी से काबा की उड़ान फिर शुरू कराऊंगा: नौशाद आज़मी

नौशाद आज़मी बोल हज के लिए जारी रहेगा संघर्ष 

वाराणसी 13 जून2021(दिल इंडिया लाइव)। काशी से काबा की उड़ान वर्ष 2018 में बंद होने के बाद आज सेंट्रल हज कमेटी के पूर्व सदस्य हाफिज नौशाद आज़मी ने ऐलान किया है कि जब तक काशी से काबा की उड़ान नहीं शुरु होती है तब तक वो संघर्ष जारी रखेंगे। कोरोना काल खत्म होने पर वो इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलायेंगे।

उत्तर प्रदेश राज्य हज कमेटी से दो बार निर्वाचित सदस्य व केंद्रीय हज कमेटी के पूर्व सदस्य और लंबे समय से हज यात्रियों के लिए संघर्ष करने वाले हाफिज नौशाद अहमद आजमी ने कहा कि कोविड के चलते हज यात्री 2020 व इस बार 2021 में भी हज यात्रियों के हज पर जाने की उम्मीद खत्म हो गई है। अल्लाह सउदी अरब सहित इस दुनिया को इस संकट से बचाए, ताकि भारतीय मुसलमान भी हज और उमराह के लिए जा सकें।

एक सवाल के उत्तर में नौशाद आजमी ने कहा कि हमने बहुत संघर्ष के बाद 2007 में वाराणसी से हज की उड़ान शुरू की थी जिसमें 6 मई 2006 को मोहम्मदाबाद गोहना में प्रांत का एक ऐतिहासिक हज सम्मेलन आयोजित किया गया था जिसमें 25000 से अधिक हज प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया था। उसके बाद श्री प्रफुल पटेल ने हमसे मुलाकात की और वादा किया कि पूर्वांचल के हजयात्री 2007 में वाराणसी से काबा की उड़ान भरेंगे।

18,8,2006 को, लोकसभा में सांसद श्री रामजी लाल सुमन ने लोकसभा में मांग की कि पूर्वी उत्तर प्रदेश के यात्रियों को बनारस से यात्रा करने की अनुमति दी जाए। श्री इकबाल सरावगी व हाफिज नौशाद आज़मी 9 मार्च, 2007 को तत्कालीन प्रधान मंत्री डॉ मनमोहन सिंह से उनके संसद कार्यालय में मुलाकात की और वाराणसी से हज यात्रियों की उड़ान की मांग की और प्रधान मंत्री ने आश्वासन दिया कि 2007 से उत्तर प्रदेश के वाराणसी से  हजयात्री यात्रा करेंगे। 2007 से पहले वाराणसी हवाई अड्डा एक छोटा हवाई अड्डा था। हज की उड़ान के बाद, वाराणसी हवाई अड्डा एक प्रमुख हवाई अड्डा बन गया। नौशाद आज़मी ने कहा कि 2008 में, 5,000 से अधिक तीर्थयात्रियों ने हज और एक प्रमुख सऊदी एयरलाइंस की उड़ान के लिए यात्रा की। लेकिन आज यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने .2018 में जो हज नीति तैयार की उसमें केवल 9 जगहों को ही हज के लिए चयन किया गया। जबकि 21 इम्बारकेशन प्वाइंट पहले थे। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि वाराणसी में हज समिति के एक सदस्य भी थे, और वाराणसी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र भी था लेकिन ये लोग वाराणसी से काबा की उड़ान को नहीं बचा सके।

उन्होने कहा कि हज का पहला काफिला 2007 में हवाई अड्डे से निकल रहा था। जब उद्घाटन समारोह हुआ, तो एक कांग्रेसी सांसद ने पूरे वाराणसी और हवाई अड्डे के रास्ते में अपना नाम यह कहते हुए फहराया कि उन्होंने अपना वादा पूरा किया, जो पूरी तरह से झूठ था। काफिला चला गया, मीडिया के बाहर खड़े लोगों ने पूछा, "आपने पूरी मेहनत की है। आपको आमंत्रित नहीं किया गया है। मीडिया के लोगों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। इंडिया टुडे ने इस इशू को प्रमुखता से प्रकाशित भी किया।, हाफिज नौशाद आज़मी को नाराज़गी है कि बनारस शहर के बुद्धिजीवियों और मुस्लिम सामाजिक संगठनों से उन्होंने सांसद की निंदा नहीं की और उनकी सेवाओं को पूरी तरह से स्वीकार नहीं किया। 

बनारस में हज हाउस भी नहीं बना

 बनारस हज उड़ान शुरू हुए 13 साल बाद भी बनारस में हज हाउस क्यों नहीं बनाया गया? इस पर आज़मी ने सबूत के साथ सवाल का जवाब दिया उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम श्री मुलायम सिंह, के कार्यालय को एक पत्र 16,11,2006 को वाराणसी में हज हाउस के निर्माण के लिए भेजा था जिस पर मुलायम सिंह यादव ने विशेष सचिव श्री जग देव बुलाया गया था, लेकिन 2007 में मायावती सरकार के सत्ता में आने पर बनारस हज हाउस पर केवल सियासत हुई। उन्होने कहा कि वर्ष 2017 से प्रदेश में भाजपा की योगी सरकार है। लगभग चार साल से राज्य में कोई हज कमेटी नहीं है और लगभग एक साल से कोई सेंट्रल हज कमेटी नहीं है। मैं दो साल से बीमार हूं लेकिन अल्लाह ने मुझे स्वास्थ्य देना शुरू कर दिया है और अल्लाह के मेहमानों की खिदमत करने की भावना मेरे खून की एक-एक बूंद में है। कोरोना कॉल के खत्म होने के बाद, मैं हज की उड़ान और हज हाउस के लिए संघर्ष करूंगा।



अपने-अपने गाँव को बच्चे कराएंगे बालश्रम से मुक्त

बाल श्रम रोकने को बच्चों ने की अनूठी पहल 

विश्व बालश्रम निषेध दिवस पर बाल पंचायत की संगोष्ठी 

वाराणसी (दिल इंडिया लाइव)। बाल श्रम को रोकने के लिए अब बच्चों ने भी पहल शुरू कर दी है “विश्व बाल श्रम निषेध दिवस” पर आयोजित वर्चुअल संगोष्ठी में यह तय हुआ कि बड़ों के साथ मिलकर बच्चे भी इस दिशा में पहल करेंगे और अपने-अपने गांव को बालश्रम से मुक्त कराएंगे । 

”विश्व बाल श्रम निषेध दिवस” पर “बाल पंचायत” (बच्चों के हित में बच्चो द्वारा बनाया गया समूह) व ह्यूमन लिबर्टी नेटवर्क की पार्टनर संस्था “मानव संसाधन एवं महिला विकास संस्थान” की ओर से आयोजित वर्चुअल संगोष्ठी में बालश्रम, बाल संरक्षण के मुद्दे पर गंभीर चर्चा हुई । संगोष्ठी में पूर्वी उत्तर प्रदेश के पांच जिलों मिर्जापुर, वाराणसी, चन्दौली, भदोही और जौनपुर के 25 बच्चों ने जिला स्तर पर कार्यरत अधिकारियों से बाल श्रम के रोकथाम पर चर्चा की ।

वर्चुअल संगोष्ठी में मिर्जापुर जिले के बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष बप्पा रावल,  वाराणसी जिले के श्रम प्रर्वतन अधिकारी सुनील कुमार सिन्हा,  वाराणसी की बाल संरक्षण अधिकारी निरूपमा सिंह, चंदौली के बाल संरक्षण अधिकारी किशन वर्मा, भदोही की बाल संरक्षण अधिकारी मीना गुप्ता, जौनपुर के  बाल संरक्षण अधिकारी चन्दन राय, चाइल्ड राइटस के अमन ने बच्चों के विचारों को सुना और उनसे बाल श्रम के रोकथाम पर चर्चा की ।

संगोष्ठी में वाराणसी की नीलम, सूरज,  मिर्जापुर के चन्दन, विजय, अजित, भदोही के अमरजीत, प्रीति, जौनपुर के अमित, पंकज, रवी समेत अन्य बच्चों ने अपने- अपने ग्राम-समाज को बाल श्रम से मुक्त बनाने पर जोर दिया। इसके साथ ही मांग की कि बालश्रम के सभी रूपों पर प्रतिबंध लगाया जाए। उन्होंने कहा कि 18 वर्ष तक के किसी भी बच्चे को स्कूल के बाद या छुट्टी के दौरान किसी भी घरेलू व्यवसाय में काम करने की अनुमति नही दी जानी चाहिये। गाँव में प्रत्येक बच्चे विद्यालय से जुड़ें रहें और जो बच्चे विद्यालय नहीं जा रहे, उनके विद्यालय न जाने के कारण जानने के लिये सर्वेक्षण कराया जाये और उनको विद्यालय से जोड़ा जाये। ग्राम स्तर की बाल संरक्षण समितियो से लेकर सभी स्तरों पर बाल संरक्षण समितियों को सक्रिय किया जाये। इस वर्ष जब ग्राम पंचायत विकास योजना बनायी जाए तो  उसमें बच्चो की सुरक्षा के लिये योजना बनायी जाये और ग्राम पंचायत वार्षिक बजट में गाँव में बाल श्रम को रोकने के लिये बजट बनाया जाये। बच्चों से बात करते हुए वाराणसी की बाल संरक्षण अधिकारी निरूपमा ने बच्चो को बाल सुरक्षा व स्पान्सरशीप योजना के बारे जानकरी दी । वाराणसी के श्रम प्रर्वतन अधिकारी सुनील कुमार सिन्हा ने बच्चों को बाल श्रम के रोकथाम कानून  की जानकारी देते हुये बाल श्रम के खात्मे पर प्रकाश डाला। मिर्जापुर जिले के बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष बप्पा रावल ने भी बच्चों को बाल संरक्षण के बारे में बताया । 

विश्व बाल श्रम विरोध दिवस पर बच्चों ने पोस्टर प्रदर्शनी के माध्यम से समाज को बाल श्रम से मुक्त बनाने की अपील की और नवनिवार्चित ग्राम प्रधानों को  गाँव को बाल श्रम मुक्त बनाने के लिए कहा ।  पाँच जिलों  के 6000 बच्चो ने अपना पाँच सूत्रीय माँग पत्र प्रधानों को दिया व गाँव को बालश्रम से मुक्त बनाने की माँग की । वर्चुअल मीटिंग में नीलम, पंकज ,सुरज , रवी, अजीत ने सक्रिय भूमिका निभाई।

शनिवार, 12 जून 2021

कौन कहता है ईमानदारी खत्म हुई

बीएचयू के छात्र संदीप ने दिया ईमानदारी का सुबूत

वाराणसी (दिल इंडिया लाइव)। बीएचयू एमएसडब्ल्यू का छात्र संदीप गुप्ता कल अपने दोस्त के साथ सर सुंदरलाल हॉस्पिटल किसी काम से गया था। वापस जाते समय उसे बीएचयू मेन गेट के पास एक पर्स मिला पर्स में ₹5000 नगद, आधार कार्ड, डी एल एवं दो एटीएम थे। संदीप गुप्ता ने तुरंत up dgp यूपी पुलिस एवं संबंधित पुलिस अधिकारियों को ट्वीट किया ट्विटर के आधार पर ही एसीपी वाराणसी ने इस मामले को तुरंत संज्ञान में लिया। नतीजा कुछ ही देर में चौकी प्रभारी बीएचयू ने संदीप गुप्ता से संपर्क कर ट्विटर के आधार पर ही जिनका पर्स खोया था उसने संदीप गुप्ता से संपर्क किया संदीप गुप्ता ने उन्हें भी बीएचयू पुलिस चौकी बुलाया और पुलिस की देखरेख में पर्स को उनके पुत्र आयुष भटनागर को सुपुर्द किया। संदीप ने न सिर्फ पैसे के लालच को दरकिनार कर ईमानदारी का सुबूत पेश किया बाल्कि औरों के लिए भी मिसाल बन गये।


हज का सफर इस बार भी नहीं कर सकेंगे भारतीय

कोरोना के चलते फिर निरस्त हुई हज यात्रा


वाराणसी (दिल इंडिया लाइव)। मुकद्दस हज सफर 2021 को अन्य देशों के लोगों के लिए निरस्त कर दिया गया है। सऊदी हुकूमत ने दुनिया में फैले कोरोना महामारी के कारण पिछले बार की तरह इस बार भी हज में विभिन्न देशों के केवल स्थानीय व सऊदी नागरिकों को सीमित संख्या में हज कराने का फ़ैसला लिया है। उक्त जानकारी देते हुए सेण्ट्रल हज कमेटी के पूर्व सदस्य डॉ. इफ्तिखार अहमद जावेद ने बताया कि इस बार भी हज-2021 में अंतरराष्ट्रीय हज रद्द कर दिया गया है। सऊदी में रह रहे केवल 60,000 लोगों को ही हज की अनुमति होगी।

अमन इस्लाम की बुनियाद

किसी के ऊपर जुल्म करना इस्लाम की तालीम नहीं

दुनिया से जाने के बाद होता है मां की कमी का एहसास

प्रयागराज (दिल इंडिया लाइव)। करेली में शनिवार को काजी हुसैन मेहदी मरहूम के अज़खाने में नफिसा मेहदी की बरसी की मजलिस को खिताब करते हुए मौलाना आबिद रजा रिजवी ने कहा कि अमन इस्लाम की बुनियाद है। ऐसे में किसी के ऊपर जुल्म नाजायज है। उन्होंने रसूल अल्लाह की बेटी फातिमा के किरदार की खूबियां बयां की, उन्होंने कुरान की अहमियत बताई। उन्होंने कहा कि जिंदगी को आइना दिखाने का नाम मौत है। तुम अगर सच्चे हो तो मौत की तम्माना करो।


जो आले मोहम्मद की मोहब्बत में मर जाए वो शहीद कहलाता है।

मौलाना ने मां के महत्व को बताते हुए कहा कि मां का महत्त्व वा उनकी कमी बच्चो को मां के दुनियां से जाने के बाद होता है।पेशखनी करते हुए नबील हैदर वाराणसी ने कहीं की हूं मद्दाहे असगरे बेशीर, लोग मुझे नबील कहते है। मजलिस में इंतजार मेहदी,कैफ़ी मेहदी,,आर ए काजमी,शाहिद जैदी,आसिम अब्बास,अब्बास मेहदी,नबील हैदर बनारसी, हसन मेंहदी कब्बन ,नसीर साहब, इतरत नकवी आदि मौजूद थे। आए हुए मोमनीन का शुक्रिया मजलिस के आयोजक कैफ़ी मेंहदी ने किया।

ये देशी विदेशी सिख रहे शास्त्रीय संगीत के गुर

ठुमरी दादरा के तीन दिवसीय कार्यशाला का आगाज़


वाराणसी (प्रताप बहादुर सिंह/दिल इंडिया लाइव)। श्रीमती प्रमिला मिश्रा एकेडमी ऑफ इण्डियन क्लासिकल म्यूजिक के तत्वावधान में शनिवार को तीन दिवसीय ऑनलाइन ठुमरी-दादरा संगीत प्रशिक्षण कार्यशाला का शुभारंभ हुआ। प्रशिक्षण कार्यशाला में दुनिया भर के दो दर्जन से ज्यादा संगीतप्रेमी जुड़े रहे। प्रख्यात शास्त्रीय गायक पण्डित धर्मनाथ मिश्र द्वारा प्रशिक्षुओं को शास्त्रीय संगीत के गुर सिखलाये गए। पहले दिन उन्होंने राग खमाज में बंदिश की ठुमरी और बोलबाट की ठुमरी राग मिश्र खमाज से प्रतिभागियों को अवगत कराया। इसके अलावा बनारस अंग गायकी की खूबसूरती से भी प्रतिभागियों को रूबरू कराया। उनके साथ तबले पर प्रशांत मिश्रा ने संगत किया।

कार्यशाला में विशेष अतिथि के रूप में ऑनलाइन जुड़ी पदमश्री शास्त्रीय गायिका मालिनी अवस्थी ने कहा कि ठुमरी और दादरा काशी की पुरातन शास्त्रीय संगीत की पहचान है जिसे आने वाली पीढ़ियों तक पहुँचाना हमारा दायित्व है। पण्डित धर्मनाथ मिश्र जी काशी की शास्त्रीय संगीत के ध्वजवाहक है। एकेडमी का यह प्रयास अत्यंत सराहनीय है। कार्यक़म संयोजक प्रख्यात सितरविद पण्डित देवब्रत मिश्र ने कहा कि बनारस के गायकी और वाद्ययंत्रों को जन-जन तक पहुँचाना ही हमारा लक्ष्य है ताकि ये कला विलुप्त होने से बचाई जा सके। 

कार्यशाला में पण्डित शिवनाथ मिश्रा के अलावा लंदन से शिवाली, अमेरिका से रवि कुमार, श्रीलंका से हंसी, जापान से राजेश कुशवाहा, अंजनी कुमार, खुशबू के अलावा दुबई, जर्मनी तथा भारत के मुंबई, दिल्ली, जबलपुर, पटना, लखनऊ आदि जगह से भी प्रतिभागियों ने भाग लिया।

बालश्रम विरोधी दिवस पर निकली रैली


बच्चों को बताया बाल अधिकार




वाराणसी (दिल इंडिया लाइव)। बाल श्रम विरोधी दिवस 12 जून को शहर में सोशल डिस्टेंसिंग के साथ मनाया गया। इस दौरान डेयर (DARE) संस्था की ओर से कैंट स्टेशन, काशी स्टेशन, सिटी और सारनाथ रेलवे स्टेशन पर सभी चार अनौपचारिक शिक्षा केंद्रों पर बाल श्रम विरोधी दिवस की धूम रही। इस दौरान बाल श्रम कानून का सख्ती से पालन करने व बाल श्रम पूर्णतः बंद करने के लिए एक अभियान चलाया गया। डेयर संस्था के फादर लिजो (कार्यक्रम समन्वयक) की अगुवाई में कार्यक्रम की शुरुआत छावनी इलाके से रैली निकाल कर हुई। इस दौरान बच्चों को उनके कानूनी अधिकार भी बताया गया।

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