बुधवार, 30 अप्रैल 2025

VKM Varanasi main ‘थोड़ा हीलिंग, थोड़ा डीलिंग’ में हुई मस्ती

दिखाई दिया तनाव भरे जीवन में सुकून और मुस्कान के पल

Varanasi (dil India live). बसंत कन्या महाविद्यालय के मनोविज्ञान विभाग और मनस्विनी क्लब के संयुक्त तत्वावधान में आज ‘थोड़ा हीलिंग, थोड़ा डीलिंग’ कार्यक्रम  का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों को अपनी व्यस्त दिनचर्या से कुछ क्षण निकालकर राहत, हँसी और आत्म-देखभाल का अवसर देना था।

कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय की प्राचार्या प्रो. रचना श्रीवास्तव के प्रेरणास्पद शब्दों से हुई। उन्होंने अपने जीवन और बचपन की कुछ रोचक झलकियाँ साझा करते हुए सभी को जीवन में संतुलन बनाए रखने की सीख दी। इस आयोजन में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर के 250 से अधिक छात्र-छात्राओं ने सक्रिय भागीदारी की। ओपन माइक सत्र ने विशेष उत्साह अर्जित किया, जिसमें न केवल छात्रों ने बल्कि गैर-शिक्षण स्टाफ ने भी बड़े जोश के साथ भाग लिया।

इस अवसर पर विद्यार्थियों ने कविताएँ प्रस्तुत कीं, रिलैक्सेशन तकनीकें साझा कीं, अफर्मेशन वॉल पर सकारात्मक विचार लिखे, सेल्फ़ी कॉर्नर का आनंद लिया, और शिक्षकों एवं छात्रों के लिए फेस पेंटिंग की व्यवस्था भी की गई।

कार्यक्रम के दौरान मनस्विनी क्लब द्वारा अपने आधिकारिक Instagram और LinkedIn हैंडल का शुभारंभ भी किया गया, जिससे क्लब की गतिविधियों को व्यापक समुदाय तक पहुँचाने का नया माध्यम खुला। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रामप्रसाद सोनकर द्वारा किया गया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. शुभ्रा सिन्हा, डॉ. अंजू लता सिंह, डॉ. खुशबू मिश्रा, डॉ. शशि प्रभा कश्यप समेत कई अन्य शिक्षक शिक्षिकाएँ एवं कार्यालय स्टाफ भी उपस्थित थी।

वक्फ संशोधन अधिनियम के खिलाफ Varanasi main Light off

वक्फ संसोधन अधिनियम के खिलाफ light off कर मुस्लिमों ने किया शांतिपूर्ण विरोध



मोहम्मद रिजवान 
Varanasi (dil India live). आल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के वक्फ संसोधन अधिनियम के खिलाफ शांतिपूर्ण विरोध का देशभर में असर देखने को मिला। बोर्ड की अपील पर मुस्लिमों ने रात 9 बजे से 9.15 बजे का लोगों ने अपने घरों, दुकानों, प्रतिष्ठानों की लाइट आफ कर विरोध जताया। इसके पीछे तर्क है कि यह अधिनियम मुस्लिम समुदाय के अधिकारों और हितों का उल्लंघन करता है और वक्फ संपत्तियों की सुरक्षा और प्रबंधन के लिए खतरा पैदा करता है। अपील की गई थी कि विरोध के दौरान, मुस्लिम समुदाय के लोग शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखेंगे और सरकार से इस अधिनियम को वापस लेने की मांग करेंगे। बोर्ड ने लोगों से शांति और संयम बनाए रखने का आग्रह किया था जो देखने को मिला। लोगों ने अपनी लाइट आफ कर वक्फ संशोधन विधेयक को वापस लेने की मांग का समर्थन किया और कहा है कि यह विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक तरीके से आगे भी किया जाएगा। 
बनारस में भी लाइट आफ 
इस विरोध का व्यापक असर बनारस में भी ख़ासा देखने को मिला। खासकर मुस्लिम बाहुल्य इलाकों और गलियों में बिजली बंद होने से अंधेरा गुप हो गया। खासकर नई सड़क, दालमंडी, शेख सलीम फाटक, हंकार टोला ( बगीचा), लल्लापुरा, माताकुण्ड, मदनपुरा, रेवड़ीतालाब, गौरीगंज, शिवाला, नदेसर अहिराना गली, अलईपुरा, दोषीपुरा, बड़ी बाजार, पठानी टोला, अर्दली बाज़ार आदि मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में 15 मिनट पूरी तरह बिजली बंद की गई।

अक्षय तृतीया पर किया शरबत, छाता और गमछे का वितरण

किशोर रोटी बैंक ने बीएचयू सिंह द्वार पर लगाया कैंप, राहगीरों की किया मदद

Varanasi (dil India live). अक्षय तृतीया पर “किशोर रोटी बैंक “ द्वारा सिंह द्वार बी एच यू पर विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में शरबत, छाता और गमछे का वितरण किया गया। इस स्वयंसेवी संस्था के सदस्यों ने बढ़ती गर्मी के मौसम में राहगीरों और जरूरतमंद लोगों को शरबत पिलाकर उनकी प्यास बुझाई साथ ही छाता और गमछे का वितरित कर गर्मी से बचाव के लिए आवश्यक सामग्री प्रदान की।


कार्यक्रम का आयोजन संस्था के अध्यक्ष श्लोक सिंह, प्रबंध न्यासी निहारिका ने किया। इसमें अमित सिंह चिंटू ( सभासद , भगवानपुर), अमित राय, दीपांशु तिवारी, रंजना सिंह, धीरज कुमार, अतुल बनारासी, चुन्नू सिंह ने सक्रिय योगदान दिया और स्थानीय लोग ने इस पहल की सराहना की और किशोर रोटी बैंक के प्रयासों को धन्यवाद दिया। श्लोक सिंह ने कहा कि आज २५०० से ज़्यादा लोगो को शरबत का वितरण किया गया। इस तरह के कार्यक्रमों से समाज में एकता और सहयोग की भावना को बढ़ावा मिलता है, और भविष्य में भी इस तरह के आयोजनों के माध्यम से समाज सेवा में योगदान देने के लिए तत्पर है।


मंगलवार, 29 अप्रैल 2025

Varanasi police का बड़ा खुलासा, सिहोरी गिरोह के 7 IPL सट्टेबाज गिरफ्तार

छित्तूपुरा से हुई गिरफ्तारी, गैंग में शामिल तीन सगे भाई भी गिरफ्तार

-गिरोह का सरगना है पीडीआर का हर्षित चंदानी है फरार

Mohd Rizwan 


Varanasi (dil India). Varanasi police ने आइपीएल में सट्टा लगाने वाले सहोरी गिरोह सात मेम्बर्स को गिरफ्तार कर बड़ा खुलासा किया है। वाराणसी के लंका पुलिस ने इनके पास से सट्टे में इस्तेमाल किये जा रहे 10 मोबाइल फोन, 2 कैलकुलेटर व 2 नोटबुक बरामद किए हैं। पकड़े गए सट्टोरियों को मंगलवार को सहायक पुलिस आयुक्त डा. ईशान सोनी ने अपने कार्यालय में मीडिया के सामने पेश किया और इनकी कारस्तानी बयां की। पुलिस ने आरोपितों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया। पुलिस ने बताया कि इस गिरोह का सरगना गोदौलिया पीडीआर निवासी हर्षित चंदानी फरार है। उसकी तलाश की जा रही है।
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मंगलवार को लंका पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि क्षेत्र में कुछ लोग आईपीएल के नाम पर सट्टा लगाकर जुआ खेल रहे हैं। वह लोगों को जुए की लत लगाकर उनके साथ हार-जीत की बाजी लगाते हुए पैसे वसूल रहे है। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर सात आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया। मौके से 7 व्यक्तियों को जुए के पैसों, नोटबुक, कैलकुलेटर व मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया।

गिरफ्तार सटोरियों में विश्वजीत सिन्हा, राजेश सिन्हा, दीपू सिन्हा, दशाश्वमेध थाना क्षेत्र के शकरकंद गली के निवासी हैं और तीनों सगे भाई हैं। इसके अलावा विकास सोनकर भेलूपुर थाना क्षेत्र के बड़ी गैबी विरदोपुर, दीपक केशरी बड़ी गैबी, विष्णु सेठ भेलूपुर थाना क्षेत्र के ही बजरडीहा जक्खा और संजय कुमार भी बड़ी गैबी का निवासी है। इनकी गिरफ्तारी लंका क्षेत्र के छित्तूपुरा वाले विश्वजीत सिन्हा के मकान के छत से की गई।

दस प्रतिशत कमीशन में खेलाते थे सट्टा

पकड़े गए सटोरियों ने पूछताछ में बताया कि हमलोग आईपीएल मैचों में सट्टा लगाते हैं। हर मैच में खिलाड़ियों व रनों पर पैसे लगाकर जीत-हार की बाजी लगाते हैं। जो सट्टे में जीतता है उसको जीत के पैसे दे दिये जाते हैं। हमारे गिरोह का सरगना गोदौलिया पीडीआर निवासी हर्षित चंदानी है। उसी से जुड़कर हम लोग लोगों को ओला वेट पर आईडी भेजते हैं। हम लोग कमीशन पर आगे जिस किसी को आईपीएल मैच खेलना है सट्टा लगवाकर खेलाते हैं। हम अपने कार्य की रिपोर्टिंग हर्षित चन्दानी को ही देते हैं। सट्टा खेलवाने में हमलोगों को 10 प्रतिशत कमीशन मिलता है। हम मात्र एडवास के रूप में कैश सट्टा के तौर पर लगाते हैं। जबकि सट्टे का अधिकांश हिस्सा आनलाइन के रूप में लेन-देन होता है। अभी तक हम लोगों ने आईपीएल सट्टे में करोड़ो रुपये लगाए है। सैकड़ों लोगों को सट्टा खेलाया है। पकड़े गए लोगों ने कहा कि कम समय में अधिक पैसा कमाने की लालच में सट्टा खेल रहे थे।

सोमवार, 28 अप्रैल 2025

Vijeta prayer Ministrizs का मना स्थापना दिवस समारोह

मधुर गीतों ने किया सबको भाव विभोर



Mohd Rizwan 

Varanasi (dil India live)। आज विजेता प्रेयर मिनिस्टरीज का 21 वां फाउंडेशन डे धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम की शुरुआत पास्टर अजय कुमार की प्रार्थना से हुई। इस दौरान उन्होंने कहा की विजेता प्रेयर मिनिस्टरीज 20 वर्ष पूरा कर 21 वें वर्ष में प्रवेश कर गया है। इस मौके पर प्रभु यीशु मसीह को केंद्रीत मधुर गीतों ने सबको भाव विभोर कर दिया। बहन चंदना ने बीते वर्ष की उपलब्धियां मौजूद लोगों से साझा की। इसके पश्चात पास्टर एसपी सिंह ने बीते वर्ष का लेख जोखा प्रस्तुत किया। बहन पूनम ने आगामी वर्ष में विजेता प्रेयर मिनिस्ट्रीज की प्लानिंग बताकर लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इस मौके पर क्वायर टीम ने गीतों से लोगों को मंत्र मुक्त कर दिया। इसमें हनी, विनीत, विनीत, विपुल, पुनीत, विक्की, प्रिंस, पिंकू आदि थे। आयोजन में ग्रेसी के डांस पर सब झूमने लगे। डॉ. वीके रावत, बहन चंदना एवं विनीत को बुके देकर पद ग्रहण कराया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में प्रमुख रूप से डॉक्टर गजेंद्र, पूनम सिंह, बर्मन,  मोहन, स्वास्तिक आदि की भूमिका सराहनीय थी। रवि शरण ने फाउंडेशन डे पर बधाई संदेश दिया लगभग ग्रामीण और नगरीय इलाकों से आए लगभग 400 लोगों ने कार्यक्रम में शिरकत किया। रात्रि भोज के बाद कार्यक्रम सम्पन्न हुआ तो धन्यवाद ज्ञापन डॉक्टर गजेंद्र सिंह ने दिया।

Hajj Camp main बताया कब मारना है शैतान को कंकरी,कब दी जाएं कुर्बानी

तवाफे जियारत है फर्ज, बिना इसके आपका हज नहीं होगा पूरा 

Varanasi (dil India live). ISSRA, वाराणसी, यूपी द्वारा नस्पेशल हज ट्रेनिंग कैम्प का आयोजन इसरा (ISSRA) मुख्यालय उल्फत कंपाउंड, अर्दली बाजार, वाराणसी में किया गया। हज कैंप की सरपरस्ती मौलाना अब्दुल हादी खाँ हबीबी कर रहे थे तो शहर के मायनाज ओलमा की मौजूदगी में कैंप सकुशल सम्पन्न हुआ। मुख्य ओलमा में हाफिज गुलाम रसूल, मौलाना हसीन अहमद हबीबी आदि ने हज यात्रा पर रौशनी डाली। इससे पहले हज कैंप का आगाज़ हाफिज गुलाम रसूल ने पाक कुरान की तिलावत से किया।


इसरा के जनरल सेक्रेटरी हाजी फारुख खां ने कहा कि हिन्दुस्तान से जाने वाले हाजी अमूमन हज्जे तमत्वों करते है। जिसमें तरतीब वाजिब है। सबसे पहले मीना पहुंचकर 10 जिलहिज्ज्जा को बड़े शैतान को कंकरी मारना (रमी) है। फिर उसके बाद कुर्बानी करनी है। कुर्बानी वाजिब है। फिर हलक (सिर मुड़वाये) या तकसीर करवायें। अगर इस तरतीब के खिलाफ किया तो दम वाजिब हो जायेगा। मौलाना हसीन हबीबी साहब ने बताया कि 10 जिलहिज्जा को कंकरी मारने (रमी) कुर्बानी, हलक व तकसीर कराने के बाद आप एहराम का कपडा उतार दें। अब आप एहराम की हालत से बाहर हो गये। मीना अपने खेमे में पहुँचकर गुस्ल करें और नया या पाक-साफ कपड़ा पहनकर इत्र वगैरह लगाकर मिना से मक्का शरीफ जाकर तवाफे जियारत करें। तवाफे जियारत फर्ज है बिना इसके किये आपका हज पूरा नहीं होगा। अगर 10 जिलहिज्जा को आपने तवाफे जियारत न किया हो तो 11 जिलहिज्जा को तीनों शैतानों को कंकरी मारने के बाद तवाफे जियारत मक्का शरीफ जाकर कर लें। आपको याद रहे कि गुरुबे आफताब से पहले मीना में वापस आना। क्यों कि रात में मिना में कयाम वाजिब है। अगर आपने 11 जिलहिज्जा को तवाफे जियास्त न किया हो तो 12 जिलहिज्जा को तीनो शैतानों को कंकरी मारने के बाद मगरिब से पहले मक्का शरीफ जाकर तवाफे जियास्त कर ले और गुरू आफताब से पहले मिना वापस आकर मीना से मक्का शरीफ के लिए रवाना हो और सूरज गुरुब हो गया तो 13 जिलहिज्जा को रुकना वाजिब हो जायेगा और फिर 13 जिलहिज्जा को फिर शैतान को कंकरी मारना होगा। 

औरतों में लेडीज ट्रेनर सबीहा खातून, समन खान, अनम फातमा आदि मौजूद थी। लेडीज ट्रेनर सबीहा खातून ने औरतों को तवाफे जियारत के बारे में बताते हुए कहा कि बेवज़ू तवाफे जियारत किया तो दम वाजिब हो जायेगा। नापाक कपड़ों में हर किस्म का तवाफ मकरूह है। अगर आपने तवाफे जियारत नहीं किया तो हज ही नहीं होगा। इसका कोई बदल नहीं है क्योंकि तवाफे जियारत फर्ज है। 

इनकी रही खास मौजूदगी 

वाराणसी से एकलाख अहमद, मोहम्मद अशरफ, फखरूद्दीन, अली बख्श, रियाज अहमद, नसीर जमाल, मोहम्मद हनीफ, शमीम अहमद, बरूदीन, शमशेर अंसारी, सर्फद्दीन चंदौली से जावेद अली, मसी अहमद खान, नियामतउलाह खान, मंजूर आलम, मो. साजिद बलिया से मुनौवर हुसैन, इम्तियाज अहमद, गाजीपुर से लाल मोहम्मद, मोहम्मद आजम, नसीदुल अमीन, आफताब आलम, जौनपुर से सिददीक जफर, अब्दुल कलाम, अब्दुल वकार, सोनभद्र से मो. आरिफ खान तथा ख़्वातीन में सीमा परवीन, सलमा बेगम, नूरजहां, चांद अफसाना, सुल्ताना, जैतुन निशा, रूखसाना परवीन, खुशबू बानो, मरियम बीबी, दरख्शाह बेगम, निकहत खान, सनम सहित इसरा के सदस्यगण एवं पदाधिकारीगण मौजूद थे। 

रविवार, 27 अप्रैल 2025

High school exam पास करना सफलता की पहली कड़ी-फैज़ान

दसवीं परीक्षा पास छात्र-छात्रों का विद्यालय द्वारा किया गया सम्मान

Behraich (dil India live)। महसी ब्लाक के उच्च प्राथमिक विद्यालय चौहाननपुरवा में गांव के सत्र 2024–25 में दसवीं परीक्षा उत्तीर्ण कर चुके सभी छात्रों को  विद्यालय की ओर से सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इसमें छात्रा लक्ष्मी देवी, छात्र लवकुश, दिलीप, व अनिल ने प्रथम श्रेणी में परीक्षा पास कर गांव का गौरव बढ़ाया। इनके अभिभावक फूले नहीं समा रहे हैं। उच्च प्राथमिक विद्यालय चौहाननपुरवा से सभी छात्रों ने कक्षा 8 वीं यहीं से पास की थी। इससे विद्यालय में भी हर्ष का माहौल है। विद्यालय की ओर से सभी छात्र-छात्राओं को स्मृति चिन्ह भेंट कर व पुरस्कृत कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। 


उत्साहवर्धन करते हुए शिक्षक फ़ैजानुल हक ने कहा कि बच्चे ही भारत के असली भविष्य हैं, गांव में रह कर शिक्षा ग्रहण करना आसान नहीं है, यही बच्चे जब शिक्षित होंगे तो एक दिन दूर नहीं होगा कि पूरा समाज शिक्षित हो जाएगा, और यही लक्ष्य हम सब को लेकर चलना होगा, जब हम शिक्षित होंगे तो सफलता चरण चूमेगी। धर्मेंद्र कुमार अस्थाना ने संबोधित करते हुए अभिभावकों से कहा कि इनकी सफलता के पीछे इनके मां बाप का बहुत बड़ा योगदान हैं कठिन परिश्रम करके बच्चों को पढ़ा रहे है, और शिक्षक के साथ साथ  माता पिता भी बच्चे को गुलदस्ते की तरह सजाते हैं। संचालन श्री दीपचंद्र ने किया। इस अवसर पर श्री फ़ैजानुल हक, धर्मेंद्र कुमार अस्थाना, दीपचंद्र, युगराज, जय शंकर मौर्या, सुमंत मार्या, बछराज बाबूराम के अलावा बच्चों के अभिभावक गण भी उपस्थित थे।

शनिवार, 26 अप्रैल 2025

St. Paul's Church सिगरा से निकला कैंडल मार्च

पहलगाम आतंकी हमले का ईसाई वर्ग ने किया विरोध




Varanasi (dil India live). आज शनिवार को St. Paul's Church सिगरा और ईसाई समाज ने पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़े शब्दों में निन्दा करते हुए विरोध में कैंडल मार्च निकाला। इस मार्च में विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए। 

कैंडल मार्च की शुरुआत पादरी सैम जोशुआ सिंह ने की इस दौरान उन्होंने देश में अमन और शांति की प्रभु यीशु से प्रार्थना की। उन्होंने शहीद हुए लोगों की आत्मा की शांति और उनके परिवारजनों के लिए प्रार्थना में हाथ उठाएं। श्रद्धांजलि और प्रार्थना के दौरान सेंट पाल चर्च स्थित क्रॉस पर लोगों ने कैंडल जलाकर शहीद हुए लोगों को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान देश की सुरक्षा, एकता पर भी पादरी सैम जोशुआ ने जोर दिया।


कैंडल मार्च सिगरा स्थित मिशन कंपाउंड से शुरू होकर सेंट पॉल चर्च में आकर समाप्त हुआ। इस आयोजन के माध्यम से लोगों ने अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और आतंकी घटना की कड़े शब्दों में निंदा की। लोग हाथों में तरह तरह के स्लोगन लिखी तख्तियां लिए हुए चल रहे थे। जुलूस में शामिल तिरंगा झंडा देश की एकता और अखंडता की ओर इशारा कर रहा था।

पहलगाम में हुए आतंकी हमले की मौलाना ने की कड़ी निंदा

जमीयत उलेमा बनारस के अध्यक्ष मौलाना अबदुल्लाह नासिर ने कहा धर्म नहीं इंसानियत का हुआ कत्ल 

Varanasi (dil India live)। जमीयत उलमा जिला बनारस के अध्यक्ष मौलाना अबदुल्लाह नासिर कासमी ने जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि यह किसी एक धर्म या जाति का नहीं बल्कि पूरी इंसानियत का क़त्ल है। ऐसा करने वाले को ऐसी इबरत वाली सज़ा दी जाए ताकि आइंदा कोई इस तरह की हरकत न कर सके। इसको हिंदू मुस्लिम की नज़र से नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि इंसानियत की नज़र से देखा जाए और यह एक धर्म जाति का नहीं बल्कि पूरी इंसानियत का क़त्ल है और उसके लिए जो ऐसा करने वाला है इसको आखिरी हद तक उसकी जांच की जाए और ऐसे लोगों को कड़ी से कड़ी सज़ा दी जाए। अराकीन जमीयत उलेमा ज़िला बनारस ने यह अपील की है कि इसको किसी एक धर्म का मुद्दा न बनाएं बल्कि आपस के प्यार मोहब्बत की पुरानी रवायत को बचाएं रखें।

शिक्षकों के पक्ष में उतरे विधान परिषद सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह

बेसिक शिक्षा निदेशक को  लिखा पत्र, शिक्षण कार्य के बाद स्कूलों में शिक्षकों को न रोका जाए

Lucknow (dil India live). सदस्य विधान परिषद उत्तर प्रदेश देवेन्द्र प्रताप सिंह ने उत्तर प्रदेश के  बेसिक शिक्षा निदेशक को फोन से व पत्र लिखकर मांग की है भीषण गर्मी में शिक्षकों को शिक्षण कार्य के बाद स्कूल में न रोका जाए। उन्होंने अपने पत्र में कुछ इस अंदाज में लिखा है कि निदेशक बेसिक शिक्षा विभाग, आपसे दूरभाष पर हुई वार्ता के कम में अवगत कराना है कि आज जितने लोग अपने जीवन में सफल हैं, उनके निर्माण में उनको शिखर तक पहुँचाने में उनके शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। उ०प्र० में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस के करीब है। आपके द्वारा शासनादेश जारी कर शिक्षण कार्य सुबह 07:30 बजे से 12:30 बजे तक निर्धारित किया गया है तथा 01:30 बजे तक शिक्षकों को विद्यालय पर रूकने का आदेश दिया गया है। इस तरह का आदेश मानवीय संवेदना से परे एवं शिक्षकों के साथ क्रूर मजाक है। शिक्षक आदर तथा श्रद्धा का पात्र है। शिक्षकों के साथ गरिमापूर्ण व्यवहार किया जाना चाहिए। मौसम विभाग ने 40 जनपदों में हीट वेब की चेतावनी जारी किया है और 13 जनपदों में उष्ण रात का भी एलर्ट जारी किया है। उपरोक्त एलर्ट के कम में आपसे अनुरोध है कि शिक्षकों को भी शिक्षण कार्य के समय तक ही विद्यालय में उपस्थित रहने का आदेश तत्काल जारी करने का कष्ट करें। उन्हें बिना किसी वजह परेशान न किया जाए। उनके पत्र लिखने से प्रदेश भर के सरकारी व प्राइवेट स्कूलों के शिक्षकों में खुशी है हालांकि अभी उनके पत्र पर निदेशक बेसिक शिक्षा ने कोई नया दिशा निर्देश जारी नहीं किया है।

Gurudwara Prabandhak कमेटी के स्कूलों ने लहराया परचम

हिंदी व इंग्लिश मीडियम दोनों का रिजल्ट रहा शत प्रतिशत 


Varanasi (dil India live). गुरूनानक खालसा बालिका इण्टर कालेज गुरूबाग, वाराणसी का इण्टरमीडिएट परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहा। विज्ञान वर्ग में सौम्या सेठ ने 77.80% अंक प्राप्त कर विद्यालय परीक्षाफल में प्रथम स्थान, तान्या सोनकर व स्नेहा सिंह ने 77.20% अंक प्राप्त कर द्वितीय तथा उमरा फातिमा ने 76.80% अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान पर रही। वाणिज्य वर्ग में अंजली केशरी ने 79.60% अंक प्राप्त कर विद्यालय परीक्षाफल में प्रथम स्थान, साक्षी प्रजापति ने 77.40% अंक प्राप्त कर द्वितीय तथा अनोखी झा ने 76.20% अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान पर रही। कला वर्ग में तृषा मौर्या ने 76.40% अंक प्राप्त कर विद्यालय परीक्षाफल में प्रथम स्थान, प्रिया सोनकर ने 75.80% अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान तथा शिवांगी चतुर्वेदी ने 74.40% अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान पर रही। बेहतर बोर्ड परीक्षा परिणाम के लिये विद्यालय के चेयरमैन एवं प्रबन्धक ने विद्यालय की डायरेक्टर जगजीत कौर, कार्यवाहक प्रधानाचार्या सुमेधा छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। 

ऐसे ही विद्यालय का हाईस्कूल परीक्षा परिणाम भी शत-प्रतिशत रहा। साक्षी पाण्डेय ने 89.16% अंक प्राप्त कर विद्यालय परीक्षाफल में प्रथम स्थान, स्वाती चौहान ने 88.83% अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान तथा श्रेया ने 87.33% अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान पर रही। 

गुरुनानक इंग्लिश मीडियम स्कूल गुरुबाग, वाराणसी का हाईस्कूल व इण्टरमीडिएट परीक्षा परिणाम शत प्रतिशत रहा। गुरुनानक इंग्लिश मीडियम स्कूल गुरुबाग की छात्राओं ने इस बार पुनः एक शानदार प्रदर्शन कर विद्यालय का फिर से  परचम लहराया। हाईस्कूल में विद्यालय की कु. समृद्धि वर्मा ने 90.5% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान, कु. निशात फातिमा ने 89.6% अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान तथा कु. पंक्तिका लालवानी ने 87.5% अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान पर रही। इण्टर विज्ञान वर्ग में विद्यालय की कु. श्वेता प्रजापति ने 82% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान, कु. निधि सेठ ने 81.4% अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान तथा कु. तहरीम अंसारी ने 80.6% अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान पर रहीं। वाणिज्य वर्ग में कु. रूपाली गुजराती ने 79.6% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान, कु. आमना मोहम्मदी ने 76.4% अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान तथा कु. अंजली यादव ने 75.2% अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान पर रहीं। कला वर्ग में कु. याशिका वर्मा ने 76.8% अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान कु. वैभवी मिश्रा ने 76.6% अंक प्राप्त कर द्वितीय स्थान पर तथा कु. काजल कुमारी ने 75.8% अंक प्राप्त कर तृतीय स्थान पर रहीं। विद्यालय की निदेशिका जगजीत कौर एवं प्रधानाध्यापिका नीलू कौर ने छात्राओं, अभिभावकों, शिक्षिकाओं एवं शिक्षकों को शुभकामनाएं एवं बधाई दी।

शुक्रवार, 25 अप्रैल 2025

Varanasi में नमन गुप्ता 12 वीं के टॉपर

सानिया दूसरे और अंशिका तीसरे नंबर पर 

89.63% परिणाम के साथ बनारस टॉप-3 में शुमार

Varanasi (dil India live). माध्यमिक शिक्षा परिषद द्वारा संचालित यूपी बोर्ड के इंटरमीडिएट का रिजल्ट शुक्रवार को जारी हो गया। बनारस ने यूपी में तीसरा स्थान हासिल किया। बनारस में इंटरमीडिएट की परीक्षा देने वाले 89 फीसदी से अधिक छात्र उत्तीर्ण हुए। 47333 परीक्षार्थियों में 42423 ने परीक्षा पास कर ली।

रामनगर स्थित प्यारी देवी इंटर कॉलेज के छात्र नमन गुप्ता ने जिले में बाजी मारी। सर्वाधिक 92.20 फीसदी अंक लाकर नमन गुप्ता इंटरमीडिएट जिला टॉपर बन गए हैं। विकास इंटर कालेज की मेधावी छात्रा सानिया दूसरे नंबर पर हैं। 91.20 फीसदी अंक हासिल किए। वहीं मां भगवती देवी कालेज बड़ागांव की निवासी अंशिका ने 90.60 फीसदी अंक के साथ जिले में तीसरा स्थान पाया है।

वाराणसी के कई स्कूलों में परीक्षा का परिणाम शत प्रतिशत रहा तो अधिकांश स्कूलों ने 90 फीसदी तक परिणाम लाकर बेहतर प्रदर्शन किया। वाराणसी में इंटरमीडिएट में बोर्ड परीक्षा के लिए 125 सेंटर बनाए गए थे। जिसपर कुल 47,333 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी थी। हाईस्कूल और इंटर मिलकर जनपद में कुल 92,563 छात्र-छात्रांए रजिस्टर्ड थे।


10 वीं में ख्याति ने किया टॉप यूपी में 8 वां रैंक

बोलीं- पिता के हौसले से मिली सफलता

वाराणसी जिले के विकास इंटर कॉलेज की ख्याति सिंह ने 10 वीं में यूपी के टॉप-10 सूची में आठवां स्थान प्राप्त किया है। उन्होंने 600 अंकों में से 580 अंक पाकर ये सफलता हासिल किया है। ख्याति ने अपनी इस सफलता का श्रेय माता- पिता और गुरुजनों को दिया है। उनका कहना है कि परीक्षा देने जाते समय पिता ने जो हौसला दिया। उससे काफी मदद मिली।ख्याति को 96.67 प्रतिशत अंक मिले हैं। टॉपर ख्याति सिंह खुशहाल नगर की रहने वाली हैं। पिता संजय कुमार सिंह प्राइवेट फर्म में अकाउंटेंट हैं और मां कंचन सिंह गृहणी हैं। घर की इकलौती बेटी हैं। उनकी इस उपलब्धि से परिजन काफी खुश हैं।


स्कूलों पर रिजल्ट देखने का था इंतजाम

जिला विद्यालय निरीक्षक अवध किशोर सिंह ने बताया-माध्यमिक शिक्षा परिषद् का रिजल्ट शुक्रवार को बोर्ड ऑफिस प्रयागराज से जारी किया गया। इस रिजल्ट में पहले हाईस्कूल की घोषणा की गई उसके बाद इंटर। ऐसे में सभी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के रिजल्ट देखने का इंतजाम किया गया था। छात्र आसानी से UP Result देख रहे थे। 

सभी स्कूलों पर दिखाया गया रिजल्ट

जिला विद्यालय निरीक्षक अवध किशोर सिंह ने बताया-माध्यमिक शिक्षा परिषद् का रिजल्ट शुक्रवार को बोर्ड ऑफिस प्रयागराज से जारी किया गया। इस रिजल्ट में पहले हाईस्कूल और फिर इंटर की घोषणा की गई । इसके साथ ही सभी विद्यालयों में छात्र-छात्राओं के रिजल्ट देखने का इंतजाम किया गया। 

तब खालिसपुर के अनुज बने थे इंटर टॉपर

जिला विद्यालय निरीक्षक ने बताया वाराणसी के पिंडरा इलाके के खालिसपुर गांव के रहने वाले अनुज मिश्रा ने साल 2024 में इंटर में टॉप किया था। उनके पिता शिक्षक हैं। इंटरमीडिएट की परीक्षा में अनुज ने 96.80 प्रतिशत अंक हासिल कर ये मुकाम हासिल किया था। अनुज ने 500 में से कुल 484 अंक प्राप्त किये थे।

वहीं हाईस्कूल में खुशी यादव ने 96.17 प्रतिशत अंक हासिल कर ये मुकाम हासिल किया था। खुशी के पिता कन्हैया लाल यादव पंचायती राज विभाग में ग्रामीण क्षेत्र के सफाई कर्मचारी हैं। इसके अलावा उनकी मां सरोज देवी खेती करती है। खुशी देवदत्त बालिका उच्चतर माध्यमिक विद्यालय दबेथूआ में पढ़ाई करती हैं। साल 2024 में तीन लड़कियां हाईस्कूल ने संयुक्त रूप से टॉपर थीं। इसमें खुशी यादव के साथ ही साथ सर्वोदय आईसी लखनसेनपुर कालेज की आकांक्षा यादव और श्रद्धा इंटर कालेज कचनार राजातलाब की कविता यादव शामिल थीं।

ईसाई धर्म के सबसे बड़े धर्म गुरु Pope Francis का Vatican City में अंतिम संस्कार कल

सेंट पीटर्स बेसिलिका की मिट्टी में राजकीय सम्मान के साथ होंगे दफ़न 

पोप फ्रांसिस का ईस्टर के दूसरे दिन हुआ था निधन


Vatican City (dil India live). रोमन कैथोलिक ईसाई धर्म के सबसे बड़े धर्म गुरु पोप फ्रांसिस का अंतिम संस्कार 26 अप्रैल शनिवार को किया जाएगा। पोप फ्रांसिस का ईस्टर के दूसरे दिन 21 अप्रैल को निधन हो गया था। वर्तमान में पोप फ्रांसिस के पार्थिव शरीर को वेटिकन सिटी के सेंट पीटर्स बेसिलिका में रखा गया है जहां राजकीय सम्मान के साथ वो विश्राम कर रहे है। पोप का अंतिम संस्कार शनिवार 26 अप्रैल को सेंट पीटर्स बेसिलिका में किया जाना है। पोप के अंतिम संस्कार में कई वैश्विक नेता उपस्थित होंगे और उन्हें श्रद्धांजलि देंगे। अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले नेताओं की सूची काफी लंबी है। पोप फ्रांसिस को अंतिम श्रद्धांजलि देने और उनके अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए प्रिंस विलियम, डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से लेकर कई अन्य नेताओं का जमावड़ा लगेगा। बता दें कि भारत की ओर से राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू इस सप्ताह के अंत में किए जाने वाले पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए शुक्रवार को वेटिकन सिटी रवाना हो चुकी है। राष्ट्रपति मुर्मू के साथ केंद्रीय संसदीय कार्य एवं अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रीजीजू, अल्पसंख्यक मामलों एवं मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी राज्य मंत्री जॉर्ज कुरियन और गोवा विधानसभा के उपाध्यक्ष जोशुआ डी सूजा भी हैं।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपनी पत्नी मेलानिया के साथ पोप के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। ट्रुथ सोशल पर एक सोशल मीडिया पोस्ट में ट्रम्प ने कहा, “मेलानिया और मैं रोम में पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में जाएंगे। हम वहां होने की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

केंसिंग्टन पैलेस द्वारा मिली जानकारी के मुताबिक प्रिंस विलियम शाही परिवार की ओर से वेटिकन में 88 वर्षीय पोप के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। प्रिंस विलियम इस महीने की शुरुआत में रानी कैमिला के साथ रोम आए थे। यहां उन्होंने पोप से वेटिकन में मुलाकात भी की थी। वहीं 10 डाउनिंग स्ट्रीट ने पुष्टि की है कि प्रधानमंत्री कीर स्टारमर भी अंतिम संस्कार में शामिल होंगे।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक यूरोपीय संघ का कहना है कि आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन रोम पहुंच रहे हैं। पोप को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने कैथोलिक चर्च से परे, लाखों लोगों को अपनी विनम्रता और कम भाग्यशाली लोगों के प्रति शुद्ध प्रेम से प्रेरित किया।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों भी अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए रोम पहुचेंगे। पोप को श्रद्धांजलि देने पहुंचने से पहले उन्होंने कहा कि हम पोप के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। बता दें कि पोप की मृत्यु के बाद मैक्रों ने हिंद महासागर क्षेत्र का दौरा बीच में ही छोड़ दिया था।

पोप फ्रांसिस के गृह देश अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली अंतिम संस्कार में शिरकत करेंगे। बता दें कि पोप का अपने देश अर्जेंटीना की राजनीति के साथ नाजुक रिश्ता था। पोप का जन्म अर्जेंटीना में वर्ष 1936 में हुआ था।

ऐसे ही ब्राज़ील के राष्ट्रपति लुइज़ इनासियो लूला दा सिल्वा और उनकी पत्नी जंजा पोप के अंतिम संस्कार में शामिल होंगे। इसके बारे में बोलते हुए, लूला ने कहा कि फ्रांसिस ने “उन आर्थिक मॉडलों की कड़ी आलोचना की है, जिन्होंने मानवता के साथ बहुत अन्याय किया है”। इस बीच, ब्राजील ने भी पोप के लिए सात दिन का शोक घोषित किया।

इस अंतिम संस्कार में शामिल होने वाले अन्य गणमान्य व्यक्तियों में आयरलैंड से प्रधानमंत्री माइकल मार्टिन, स्पेन से राजा फेलिप और रानी लेटिज़िया, बेल्जियम से राजा फिलिप और रानी मैथिल्डे, प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर के साथ, पूर्वी तिमोर से राष्ट्रपति जोस रामोस-होर्ता, जर्मनी से राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमीयर और निवर्तमान चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़, हंगरी से राष्ट्रपति तामस सुल्योक, इटली से राष्ट्रपति सर्जियो मैटरेला और प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी, लातविया से राष्ट्रपति एडगर्स रिंकेविक्स, लिथुआनिया से राष्ट्रपति गीतानास नौसेदा, पोलैंड से राष्ट्रपति इली बोलोजान, स्विट्जरलैंड से राष्ट्रपति करिन केलर-सटर, चेक गणराज्य से प्रधानमंत्री पेट्र फियाला शामिल है। 

ये नहीं होंगे अंतिम संस्कार में शामिल 

कुछ ऐसे नेता भी हैं जो पोप फ्रांसिस के अंतिम संस्कार में हिस्सा नहीं लेंगे। इसमें रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू भी शामिल है। ये ऐसे नेता हैं जो अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। रुस के राष्ट्रपति पुतिन अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे। अंतिम संस्कार में शामिल ना होने का क्रेमलिन ने कोई विशेष कारण नहीं बताया है। मगर अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायालय के गिरफ्तारी वारंट के कारण उनकी अंतर्राष्ट्रीय यात्रा सीमित हो चुकी है। उन्होंने कैथोलिक चर्च के प्रमुख कार्डिनल केविन फैरेल को एक संदेश भेजा। इज़राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने पुष्टि की है कि वह अंतिम संस्कार में उपस्थित नहीं होंगे। उनके अलावा ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते, कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कैरी, चिली के राष्ट्रपति गेब्रियल बोरिक और नीदरलैंड के राजा विलेम अलेक्जेंडर आदि भी पोप के अंतिम संस्कार में शामिल नहीं होंगे।

गुरुवार, 24 अप्रैल 2025

UPSC Rank 1 Shakti Dubey के सम्मान का दौर शुरू

उग्र की धरती ने किया टॉपर बेटी का सम्मान

Mirzapur (dil India live)। यू.पी.एस.सी.की वर्ष 2024 की प्रतियोगी परीक्षा में अखिल भारतीय रैंकिंग में प्रथम स्थान हासिल करने वाली छात्रा शक्ति दूबे को पांडेय बेचन शर्मा उग्र की धरती चुनार के वरिष्ठ संपादक-समीक्षक राजीव कुमार ओझा ने शक्ति दूबे के नैनी स्थित पैतृक आवास पर शाल, स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। उन्होंने शक्ति को इस मुकाम तक पहुँचाने में नींव के पत्थर की भूमिका निभाने वाली उनकी माता श्रीमती प्रेमा देवी को भी स्मृति चिन्ह प्रदान कर श्रद्धा ज्ञापित की। श्री ओझा ने पुलिस सेवा में रहते हुए शक्ति के पठन  पाठन  की उत्तम व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए शक्ति के दारोगा पिता देवेंद्र दूबे को भी बधाई दी। उन्होंने सिविल सेवा की टॉपर बिटिया शक्ति दूबे को कर्मक्षेत्र में जनसरोकारी भूमिका निभाने ,कार्यरत एवं सेवा निवृत्त सीनियर आईएएस अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त करने ,उनके अनुभवों से कर्मक्षेत्र का  व्यावहारिक  मार्गदर्शन प्राप्त करने की सलाह दी। श्री ओझा ने विंध्याचल मंडल के लोकप्रिय कमिश्नर ,लेबर कोर्ट वाराणसी के जज रहे श्री के.एम.पांडेय से टॉपर बिटिया की मोबाइल से बात कराई तथा उनसे निवेदन किया की अपने कर्मक्षेत्र  के अनुभव साझा कर समय समय पर मार्गदर्शन करते रहें। 


मूलतः बलिया की शक्ति दूबे ने यू.पी.एस.सी.की वर्ष 2024 की प्रतियोगी परीक्षा में सफल 1009 परीक्षार्थियों की अखिल भारतीय रैंकिंग में प्रथम स्थान हासिल करने वाली छात्रा शक्ति दूबे की स्नातक तक की शिक्षा इलाहाबाद से और बायो केमिस्ट्री की परास्नातक शिक्षा  मदन मोहन मालवीय के भागीरथ प्रयास से स्थापित काशी हिन्दू विश्वविद्यालय से हुई है। गत  वर्ष की यू.पी.एस.सी.की  प्रतियोगी परीक्षा में शक्ति दूबे ने सफलता हासिल की थी साक्षात्कार तक पहुँच कर वह अपने लक्ष्य तक नहीं पहुंच पाई थी। शक्ति ने हिम्मत नहीं हारी ,निराशा को अपने जज्बे पर हॉबी नहीं होने दिया और इस वर्ष की टॉपर बनकर प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी करने वालों को प्रेरक सन्देश दिया की लक्ष्य हासिल करने का आत्मबल बनाए रखा जाए तभी लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उक्त अवसर पर लखनऊ यूनिवर्सिटी के मेधावी रिसर्च स्कॉलर सुमित मिश्रा और पत्रकार आत्मा त्रिपाठी, बृजेश साहू श्री ओझा के साथ शामिल थे।

बुधवार, 23 अप्रैल 2025

VKM Varanasi main सप्तदिवसीय ‘सर्जना’ का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह का रंगारंग सम्पन्न

प्रतियोगिता व्यक्तित्व निर्माण के लिए अमूल्य-डा. रचना श्रीवास्तव

Varanasi (dil India live). वसन्त कन्या महाविद्यालय के प्रांगण में सप्तदिवसीय सांस्कृतिक एवं अकादमिक मंच ‘सर्जना’ के कार्यक्रमों का समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह सम्पन्न हुआ। इस वर्ष ‘सर्जना’ का मुख्य विषय था ‘जीवन के रंग’। इस अवसर पर महाविद्यालय की प्रबन्धक उमा भट्टाचार्या ने छात्राओं को उनकी उत्साहपूर्ण प्रतिभागिता एवं उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए शुभकामनाएं देते हुए उन्हें निरन्तर आगे बढ़ते रहने की प्रेरणा प्रदान की। प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने प्रतियोगिताओं को व्यक्तित्व निर्माण के लिए अमूल्य बताते हुए सर्जना की सफलता को छात्राओं की महत्त्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में रेखांकित किया एवं समस्त प्रतिभागी छात्राओं के सुनहरे भविष्य की कामना की। 


सांस्कृतिक एवं अकादमिक प्रकोष्ठ के अंतर्गत लगभग 30 प्रतियोगितायें आयोजित की गयी। जिसमें आन द स्पाॅट पेंटिंग पिक्चर नरेशन, मोनो एक्टिंग, टर्नकोट, मिमिकरी, स्टैण्ड आॅफ काॅमेडी, गायन-वादन, स्वरचित कविता पाठ, लेखन, संभाषण, चित्रकला, रंगोली, मेहंदी और जीरो वेस्ट जैसी प्रतियोगितायें आयोजित की गयी थी। समापन एवं पुरस्कार वितरण समारोह के अवसर पर सर्जना प्रभारी एवं गायन विभाग की विभागाध्यक्षा प्रो. सीमा वर्मा द्वारा रिपोर्ट प्रस्तुत किया गया। कार्यक्रम का संचालन डाॅ. आरती चैधरी एवं धन्यवाद ज्ञापन डाॅ. सुमन सिंह द्वारा किया गया। पुरस्कारों की उद्घोषणा डाॅ. सौमिली मंडल ने किया।

कार्यक्रम में अर्पिता बरनवाल और जयन्तिका डे ने ‘स्पीरिट आफ सर्जना’ व वैदेही निमगांवकर ने ‘सर्जना क्वीन’ जैसे महत्त्वपूर्ण पुरस्कार प्राप्त किया। वहीं कला वर्ग स्नातक द्वितीय वर्ष ने अपने उत्साहवर्द्धक प्रतिभागिता एवं प्रस्तुति द्वारा चल बैजन्ती ट्राॅफी पर कब्जा किया। सम्पूर्ण कार्यक्रम का सकुशल संयोजन प्रो. सीमा वर्मा व सह संयोजन डाॅ. सुमन सिंह ने किया।

मंगलवार, 22 अप्रैल 2025

Aman की दुआओं संग yaqub shahid का उर्स संपन्न

हजरत याकूब शहीद के दो दिनी उर्स में जुटे जायरीन, मांगी मन्नतें व मुराद 


Mohd Rizwan 
Varanasi (dil India live)। हज़रत याकूब शहीद बाबा रहमतुल्लाह अलैह नगवां (लंका) का सालाना दो दिनी उर्स मुबारक  मुल्क में अमन, मिल्लत व तरक्की की दुआओं संग सम्पन्न हो गया। 
21 शव्वाल की रात 10 बजे गुस्ल मज़ार शरीफ के साथ शुरू हुए उर्स में दोनों मज़हब के लोगों ने हाजिरी लगाईं। मस्जिद हज़रत याकूब शहीद के इमामे जुमा हाफिज मोहम्मद ताहिर ने बताया कि उर्स के दौरान आम आवाम के साथ ही स्थानीय पार्षद डा. रविन्द्र सिंह, थाना प्रभारी लंका व नगवां चौकी प्रभारी ने भी उर्स का जायजा लिया और सारे इंतजाम की सराहना की।
उर्स में कुरान ख्वानी, कुल शरीफ, गुस्ल व चादरपोशी की रस्म में लोगों का हुजूम दूर दराज से उमड़ा हुआ था। उर्स के दौरान पूरा माहौल गंगा जमुनी तहज़ीब से लबरेज नज़र आया उर्स में आए हुए अकीदतमंद मन्नतें व मुराद के साथ ही कव्वाली के सुफियाना कलाम का लुत्फ उठाते दिखाई दिए।

Banaras हम शर्मिंदा हैं...बहन बेटियों के साथ हो रही अश्लीलता के खिलाफ विपक्षी हुए एकजुट

सर्वदलीय मार्च निकाल कर पीएम के संसदीय कार्यालय में सौंपा ज्ञापन 



Varanasi (dil India live). काशी में बढ़ रहे बलात्कार, अवैध स्पा सेंटर, हुक्काबार के आड़ में बनारस की बहन बेटियों के साथ आये दिन हो रही अश्लीलता और अत्याचार के खिलाफ विपक्षी बनारस में एकजुट नज़र आएं। इन मुद्दों पर मंगलवार को सर्वदलीय मार्च निकाल कर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान स्थानीय सांसद व देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पीएम के संसदीय कार्यालय में ज्ञापन सौंपकर काशी के बदलते हालात से अवगत कराया गया व न्याय की मांग की गई।

इस मौके पर मुख्य रुप से, राधवेंद्र चौबे, अफसर खान, संजीव सिंह, हाजी तौफीक कुरेशी, सैय्यद फसाहत हुसैन बाबू, राजेन्द्र गुप्ता, सतनाम सिंह, विजय उपाध्याय,महफुज आलम मुन्ना, कुंवर सुरेश सिंह, वकील अन्सारी, वैभव त्रिपाठी, राजेश त्रिपाठी, साजिद अन्सारी, चंचल शर्मा, शमशाद खान, हीरा लाल यादव, बबलू शुक्ला, उमाशंकर शुक्ला, संतोष गुप्ता समेत सभी दलों के काफी संख्या में लोग पार्टी पदाधिकारी व सदस्य उपस्थित थे।

UPSC Rank 1 Shakti Dubey

यूपी एससी में शक्ति दुबे ने किया टाॅप, हर्षिता दूसरे स्थान पर


New Delhi (dil India live)। संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में सुश्री शक्ति दुबे ने प्रथम और सुश्री हर्षिता गोयल ने दूसरा स्थान हासिल किया है जबकि श्री डोंगरे अर्चित पराग तीसरे स्थान पर रहे।आयोग ने मंगलवार को परीक्षा का परिणाम घोषित करते हुए बताया कि शीर्ष पांच उम्मीदवारों में से तीन महिलाएं और दो पुरूष हैं।

परीक्षा में कुल 1009 उम्मीदवारों (725 पुरुष और 284 महिला) को विभिन्न सेवाओं में नियुक्ति के लिए आयोग द्वारा अनुशंसित किया गया है।इनमें से भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए 180, भारतीय विदेश सेवा के लिए 55, भारतीय पुलिस सेवा के लिए 147 , सेन्ट्रल सर्विस ग्रुप ए के लिए 605 और ग्रुप बी के लिए 142 उम्मीदवार चुने गये हैं।सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा के लिए कुल 9,92,599 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था, जिनमें से 5,83,213 उम्मीदवार वास्तव में परीक्षा में उपस्थित हुए। कुल 14,627 उम्मीदवार लिखित (मुख्य) परीक्षा के लिए योग्य पाये गये। इनमें से 2,845 उम्मीदवार परीक्षा के व्यक्तित्व परीक्षण के योग्य पाये गये।अंतिम रूप से 1009 उम्मीदवारों को नियुक्तियों के लिए अनुशंसित किया गया है। इन उम्मीदवारों में शीर्ष पांच में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। सुश्री शक्ति दुबे ने प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

उन्होंने राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंध को वैकल्पिक विषय के रूप में लेकर परीक्षा उत्तीर्ण की। उन्होंने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से बायोकेमिस्ट्री में स्नातक (बी.एससी.) किया है।सुश्री हर्षिता गोयल ,एमएस यूनिवर्सिटी ऑफ बड़ौदा से स्नातक (बी.कॉम.) ने राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंध को वैकल्पिक विषय के रूप में लेकर दूसरा स्थान प्राप्त किया।श्री डोंगरे अर्चित पराग, वीआईटी, वेल्लोर से इलेक्ट्रिकल और इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग में स्नातक (बी.टेक.) ने दर्शनशास्त्र को वैकल्पिक विषय के रूप में लेकर तीसरा स्थान प्राप्त किया।सुश्री शाह मार्गी चिराग , गुजरात टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी, अहमदाबाद से कंप्यूटर इंजीनियरिंग में बी.ई. ने समाजशास्त्र को वैकल्पिक विषय के रूप में लेकर चौथा स्थान प्राप्त किया।

श्री. गुरु गोबिंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय, दिल्ली से कंप्यूटर विज्ञान और इंजीनियरिंग में बी.टेक. आकाश गर्ग ने समाजशास्त्र को वैकल्पिक विषय के रूप में चुनकर पांचवां स्थान प्राप्त किया। शीर्ष 25 उम्मीदवारों में 11 महिलाएं और 14 पुरुष शामिल हैं। शीर्ष 25 सफल उम्मीदवारों ने लिखित (मुख्य) परीक्षा में मानव विज्ञान, वाणिज्य और लेखा, भूगोल, गणित, दर्शनशास्त्र, भौतिकी, राजनीति विज्ञान और अंतर्राष्ट्रीय संबंध, लोक प्रशासन, समाजशास्त्र और तमिल भाषा के साहित्य सहित कई वैकल्पिक विषयों का चयन किया है।अनुशंसित उम्मीदवारों में बेंचमार्क विकलांगता वाले 45 व्यक्ति भी शामिल हैं, जिनमें 12 अस्थि विकलांग, 08 दृष्टिबाधित, 16 श्रवण बाधित और 09 बहु विकलांगता वाले व्यक्ति शामिल हैं।

सोमवार, 21 अप्रैल 2025

pope Francis (पोप फ्रांसिस) को मोमबत्ती जलाकर दी गई श्रद्धांजलि

हार्टमनपुर चर्च में हुई प्रार्थना सभा 

Ghazipur (dil India live). आज 21 अप्रैल, 2025 का दिन पूरे विश्व के ईसाई धर्म के लोगों के लिए अत्यधिक दुखद रहा। इसकी मुख्य वजह कैथोलिक ईसाई धर्म गुरु pope Francis (पोप फ्रांसिस) का 88 वर्ष की उम्र में निधन होना है। वह फेफड़ों के इन्फेक्शन की वजह से पिछले कई हफ्तों से अस्वस्थ चल रहे थे। उन्होंने 20 अप्रैल 2025 को ईस्टर की शुभकामनाएं पूरे विश्व को दिया था और आज वेटिकन सिटी के समय अनुसार प्रातः 7:35 पर ईश्वर को प्यारे हो गए। यह बातें फादर पी. विक्टर ने हार्टमनपुर चर्च में शोक सभा की अगुवाई करते हुए कही। 


        इस दुखद घड़ी में हार्टमनपुर चर्च में शोक सभा में हार्टमनपुर छात्रावास के छात्र-छात्राए, सिस्टर्स, फादर्स आदि उपस्थित थे। इस प्रार्थना सभा का शुभारंभ पोप फ्रांसिस के चित्र के सम्मुख मोमबत्तियां जलाकर किया गया तथा धार्मिक विधि अनुसार प्रार्थना सभा किया गया। वक्ताओं ने इसे पूरे विश्व के लिए एक क्षति बताया। 

अलविदा pope Francis 


वेटिकन सिटी में दुनिया के सबसे बड़े ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस का सोमवार को निधन हो गया। उनका निधन वेटिकन के कासा सांता मार्टा स्थित उनके निवास स्थान पर हुआ। कार्डिनल केविन फेरेल, वेटिकन कैमरलेन्गो ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि “सोमवार को रोम से पोप फ्रांसिस पिता के घर लौट गए। उनका पूरा जीवन प्रभु और उनके चर्च की सेवा के लिए समर्पित था।’ उन्होंने कहा कि पोप फ्रांसिस ने हमें मूल्यों, साहस और सार्वभौमिक प्रेम के साथ जीना सिखाया, खासकर सबसे गरीब और सबसे हाशिए पर पड़े लोगों के लिए। 88 वर्षीय पोप फ्रांसिस अपने 12 साल के पोप कार्यकाल में वह कई बीमारियों से पीड़ित रहे। फ्रांसिस, पुरानी फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे। युवावस्था में उनके एक फेफड़े का हिस्सा निकाल दिया गया था। उन्हें 14 फरवरी, 2025 को सांस की तकलीफ के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जो बाद में डबल निमोनिया में बदल गया। उन्होंने वहां 38 दिन बिताए। रविवार को पोप फ्रांसिस ने ईस्टर संडे के अपने संबोधन में विचार की स्वतंत्रता और सहिष्णुता का आह्वान किया।

गाज़ा के हालात पर जताई थी चिंता 

बेसिलिका की बालकनी से 35,000 से अधिक लोगों की भीड़ को ईस्टर की शुभकामनाएं देने के बाद, फ्रांसिस ने अपने पारंपरिक “उर्बी एट ओर्बी” (“शहर और दुनिया के लिए”) आशीर्वाद को पढ़ने का काम एक सहयोगी को सौंप दिया।उन्होंने भाषण में कहा, “धर्म की स्वतंत्रता, विचार की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और दूसरों के विचारों के प्रति सम्मान के बिना शांति नहीं हो सकती है.” उन्होंने “चिंताजनक” यहूदी-विरोध और गाजा में ‘नाटकीय और निंदनीय’ स्थिति की भी निंदा की।

बनारस में शोक, बंद रहेंगे स्कूल कालेज 

पोप फ्रांसिस के निधन से बनारस समेत देश दुनिया में शोक की लहर है। शोक में मसीही संस्थाएं व स्कूल-कालेज कल बंद रहेंगे। खास तौर पर जीवन ज्योति हायर सेकेण्डरी स्कूल सारनाथ, सेंट मैरीज कांवेंट स्कूल कैंटोंमेंट व सोना तालाब, सेंट जांस व सेंट जोसेफ आदि की सभी शाखाओं में अवकाश की घोषणा की गई है।

कैसे हुआ पोप का निधन, क्या थी बीमारी 

वपोप फ्रांसिस का निधन 21 अप्रैल 2025 को वेटिकन के कासा सांता मार्टा स्थित उनके निवास स्थान पर हुआ। वह 88 वर्ष के थे और लंबे समय से फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे। उनके निधन की घोषणा वेटिकन केमरलेंगो कार्डिनल केविन फेरेल ने की, जिन्होंने कहा कि पोप फ्रांसिस ने अपने जीवन को प्रभु और उनके चर्च की सेवा के लिए समर्पित किया था।

पोप फ्रांसिस के निधन की वजह 

- पोप फ्रांसिस पुरानी फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे, जिसके कारण उनके गुर्दे में भी खराबी के शुरुआती चरण नजर आने लगे थे।

- उन्हें 14 फरवरी 2025 को सांस की तकलीफ के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जो बाद में डबल निमोनिया में बदल गया।

- वह अस्पताल में 38 दिन रहे और हाल ही में ईस्टर कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

मोदी व राहुल गांधी समेत कई की प्रतिक्रियाएं

-भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोप फ्रांसिस के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें करुणा, विनम्रता और आध्यात्मिक साहस के प्रतीक के रूप में याद किया।

- कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पोप फ्रांसिस के निधन पर दुख जताया और कहा कि उन्हें एक सच्चे धर्मगुरु के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।


कौन बनेगा नया पोप, क्या है प्रकिया 

नए पोप के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, और कई नाम चर्चा में हैं। कुछ प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं :

- फिलीपींस के कार्डिनल लुई एंटोनियो: अपनी धार्मिक नेतृत्व क्षमता और वैश्विक प्रभाव के लिए जाने जाते हैं।

- इटली के कार्डिनल पेट्रो पैरोलिन: वेटिकन के अनुभवी राजनयिक और चर्च के एक प्रमुख नेता।

- हंगरी के कार्डिनल पीटर एर्डो: चर्च के एक प्रमुख विद्वान और नेता।

- अमेरिका के कार्डिनल रेमंड लियो बर्के: एक अनुभवी कार्डिनल और चर्च के एक प्रमुख नेता।

- इटली के कार्डिनल मैटो जुप्पी: चर्च के एक युवा और गतिशील नेता।

- नीदरलैंड के कार्डिनल विलियम्स जैकब आइजक: चर्च के एक प्रमुख विद्वान और नेता।

- माल्टा के कार्डिनल मारियो ग्रेच: चर्च के एक अनुभवी नेता और वेटिकन के एक प्रमुख अधिकारी।

- जॉर्ज कूवाकड: एक वेटिकन राजनयिक और इंटररिलिजियस डायलॉग के प्रमुख।

नए पोप का चयन "कॉन्क्लेव" नामक प्रक्रिया के तहत किया जाएगा, जिसमें दुनिया भर के कार्डिनल भाग लेंगे। मतदान वेटिकन स्थित सिस्टीन चैपल में आयोजित किया जाएगा। नए पोप के नाम की घोषणा सेंट पीटर्स बेसिलिका की बालकनी से "हैबेमस पापम" की घोषणा के साथ की जाएगी।


pope Francis के निधन से Banaras से Rome तक शोक

अलविदा pope Francis 

मसीही संस्थाएं व स्कूल-कालेज कल रहेंगे शोक में बंद 

ईस्टर संडे को किया था दुनिया को संबोधित, सहिष्णुता पर दिया था जोर


Varanasi (dil India live). वेटिकन सिटी में दुनिया के सबसे बड़े ईसाई धर्मगुरु पोप फ्रांसिस का सोमवार को निधन हो गया। उनका निधन वेटिकन के कासा सांता मार्टा स्थित उनके निवास स्थान पर हुआ। कार्डिनल केविन फेरेल, वेटिकन कैमरलेन्गो ने इसकी घोषणा करते हुए कहा कि “सोमवार को रोम से पोप फ्रांसिस पिता के घर लौट गए। उनका पूरा जीवन प्रभु और उनके चर्च की सेवा के लिए समर्पित था।’ उन्होंने कहा कि पोप फ्रांसिस ने हमें मूल्यों, साहस और सार्वभौमिक प्रेम के साथ जीना सिखाया, खासकर सबसे गरीब और सबसे हाशिए पर पड़े लोगों के लिए। 88 वर्षीय पोप फ्रांसिस अपने 12 साल के पोप कार्यकाल में वह कई बीमारियों से पीड़ित रहे। फ्रांसिस, पुरानी फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे। युवावस्था में उनके एक फेफड़े का हिस्सा निकाल दिया गया था। उन्हें 14 फरवरी, 2025 को सांस की तकलीफ के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जो बाद में डबल निमोनिया में बदल गया। उन्होंने वहां 38 दिन बिताए। रविवार को पोप फ्रांसिस ने ईस्टर संडे के अपने संबोधन में विचार की स्वतंत्रता और सहिष्णुता का आह्वान किया।

गाज़ा के हालात पर जताई थी चिंता 

बेसिलिका की बालकनी से 35,000 से अधिक लोगों की भीड़ को ईस्टर की शुभकामनाएं देने के बाद, फ्रांसिस ने अपने पारंपरिक “उर्बी एट ओर्बी” (“शहर और दुनिया के लिए”) आशीर्वाद को पढ़ने का काम एक सहयोगी को सौंप दिया।उन्होंने भाषण में कहा, “धर्म की स्वतंत्रता, विचार की स्वतंत्रता, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और दूसरों के विचारों के प्रति सम्मान के बिना शांति नहीं हो सकती है.” उन्होंने “चिंताजनक” यहूदी-विरोध और गाजा में ‘नाटकीय और निंदनीय’ स्थिति की भी निंदा की।

बनारस में शोक, बंद रहेंगे स्कूल कालेज 

पोप फ्रांसिस के निधन से बनारस समेत देश दुनिया में शोक की लहर है। शोक में मसीही संस्थाएं व स्कूल-कालेज कल बंद रहेंगे। खास तौर पर जीवन ज्योति हायर सेकेण्डरी स्कूल सारनाथ, सेंट मैरीज कांवेंट स्कूल कैंटोंमेंट व सोना तालाब, सेंट जांस व सेंट जोसेफ आदि की सभी शाखाओं में अवकाश की घोषणा की गई है।

कैसे हुआ पोप का निधन, क्या थी बीमारी 

वपोप फ्रांसिस का निधन 21 अप्रैल 2025 को वेटिकन के कासा सांता मार्टा स्थित उनके निवास स्थान पर हुआ। वह 88 वर्ष के थे और लंबे समय से फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे। उनके निधन की घोषणा वेटिकन केमरलेंगो कार्डिनल केविन फेरेल ने की, जिन्होंने कहा कि पोप फ्रांसिस ने अपने जीवन को प्रभु और उनके चर्च की सेवा के लिए समर्पित किया था।

पोप फ्रांसिस के निधन की वजह 


- पोप फ्रांसिस पुरानी फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित थे, जिसके कारण उनके गुर्दे में भी खराबी के शुरुआती चरण नजर आने लगे थे।
- उन्हें 14 फरवरी 2025 को सांस की तकलीफ के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जो बाद में डबल निमोनिया में बदल गया।
- वह अस्पताल में 38 दिन रहे और हाल ही में ईस्टर कार्यक्रम में शामिल हुए थे।

मोदी व राहुल गांधी समेत कई की प्रतिक्रियाएं

-भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पोप फ्रांसिस के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें करुणा, विनम्रता और आध्यात्मिक साहस के प्रतीक के रूप में याद किया।
- कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी पोप फ्रांसिस के निधन पर दुख जताया और कहा कि उन्हें एक सच्चे धर्मगुरु के रूप में हमेशा याद किया जाएगा।

कौन बनेगा नया पोप, क्या है प्रकिया 

नए पोप के चयन की प्रक्रिया शुरू हो गई है, और कई नाम चर्चा में हैं। कुछ प्रमुख दावेदारों में शामिल हैं :
- फिलीपींस के कार्डिनल लुई एंटोनियो: अपनी धार्मिक नेतृत्व क्षमता और वैश्विक प्रभाव के लिए जाने जाते हैं।
- इटली के कार्डिनल पेट्रो पैरोलिन: वेटिकन के अनुभवी राजनयिक और चर्च के एक प्रमुख नेता।
- हंगरी के कार्डिनल पीटर एर्डो: चर्च के एक प्रमुख विद्वान और नेता।
- अमेरिका के कार्डिनल रेमंड लियो बर्के: एक अनुभवी कार्डिनल और चर्च के एक प्रमुख नेता।
- इटली के कार्डिनल मैटो जुप्पी: चर्च के एक युवा और गतिशील नेता।
- नीदरलैंड के कार्डिनल विलियम्स जैकब आइजक: चर्च के एक प्रमुख विद्वान और नेता।
- माल्टा के कार्डिनल मारियो ग्रेच: चर्च के एक अनुभवी नेता और वेटिकन के एक प्रमुख अधिकारी।
- जॉर्ज कूवाकड: एक वेटिकन राजनयिक और इंटररिलिजियस डायलॉग के प्रमुख।
नए पोप का चयन "कॉन्क्लेव" नामक प्रक्रिया के तहत किया जाएगा, जिसमें दुनिया भर के कार्डिनल भाग लेंगे। मतदान वेटिकन स्थित सिस्टीन चैपल में आयोजित किया जाएगा। नए पोप के नाम की घोषणा सेंट पीटर्स बेसिलिका की बालकनी से "हैबेमस पापम" की घोषणा के साथ की जाएगी।

Hazrat yaqub shahid रहमतुल्लाह अलैह का आज मनाया जा रहा है उर्स

गंगा जमुनी तहज़ीब और मिली जुली संस्कृति का मरकज़ है याकूब शहीद का दर


Mohd Rizwan

Varanasi (dil India live)। हज़रत याकूब शहीद बाबा रहमतुल्लाह अलैह नगवां, (लंका वाराणसी) का दो दिनी उर्स आज अकीदत के साथ मनाया जा रहा है। बाबा के दर पर अकीदतमंद कल से ही हाजिरी दे रहे हैं। इससे पहले उर्स मुबारक 20 अप्रैल (21 शव्वाल) इतवार की रात 10 बजे गुस्ल मज़ार शरीफ के साथ शुरू हो गया था। उसी वक्त हज़रत याकूब शहीद से अकीदत रखने वालों ने हाजिरी लगाईं और फातेहा पढ़ा।

मस्जिद हज़रत याकूब शहीद के इमामे जुमा हाफिज मोहम्मद ताहिर ने बताया कि 22 शव्वाल (21 अप्रैल) को बाद नमाज़ ज़ोहर कुरान ख्वानी के साथ ही अकीदतमंद बाबा के दर पर मन्नतें व मुराद मांगने उमड़ने लगे। बाबा का दर गंगा जमुनी तहज़ीब और मिली जुली संस्कृति का मरकज़ है। यहां दोनों वर्गों के लोग बाबा हज़रत याकूब शहीद में अकीदत और आस्था रखते हैं। उन्होंने कहा कि बाद नमाज़ मगरिब चादर गागर और कुल शरीफ होगा। इसके बाद आखिर में कव्वाली का सुफियाना कलाम मशहूर कव्वाल पेश करेंगे। उर्स देर रात तक जारी रहेगा।

रविवार, 20 अप्रैल 2025

Happy Easter ki गिरजाघरों में सुनाई दी गूंज

लोगों ने एक दूसरे को दी ईस्टर की बधाईयां 


वाराणसी। मध्य रात्रि से शुरू हुआ ईस्टर का जश्न रविवार को अपने शवाब पर था। कैथलिक व प्रोटेस्टेंट मसीही समुदाय ने ईस्टर को पुनुरुत्थान दिवस की खुशी के रूप में सेलीब्रेट किया। इस दौरान जुलूस निकले व गिरजाघरों में विशेष आराधनाएं हुई। लोगों ने एक दूसरे को हैप्पी ईस्टर' कह विश किया। सेंट मेरीज महागिरजा में ईस्टर संडे सुबह 8 बजे वाराणसी धर्मप्रांत की ओर से मनाया गया। इसमें हिन्दी व अंग्रेजी में अलग-अलग आराधना करायी गयी। इस मौके पर विदेशी सैलानियों ने भी महागिरजा में आराधना की। इस दौरान लोगों में एग और बन का प्रसाद भी बांटा गया।

तेलियाबाग चर्च में हुई प्रार्थना सभा

तेलियावाग सीएनआई चर्च में पादरी आदित्य कुमार ने प्रार्थना सभा को सम्बोधित करते हुए ईसा मसीह की महानता और उनके चमत्कार पर प्रकाश डाला। इस मौके पर मसीही गीत से पूरा चर्च गुंजायमान हो उठा। इससे पहले सुबह जुलूस निकला जिसमें कैंडिल लेकर ईसाई समुदाय के नर नारियों और बच्चों ने शिरकत की। ईस्टर का जश्न मनाते मसीही जुलूस गिरजाघर पहुंच कर सम्पन्न हुआ। लाल गिरजा में पादरी इकबाल मसीह ने प्रार्थना सभा में यीशु के प्रेम एवं वलिदान के महत्व पर रौशनी डाली। यहां विजय दयाल, शीला पॉल, डा. रोशनी फिलिप्स, रोमी सिंह, नील चरण कमल, डेविड, मोनिका फिलिप्स, रोहित चरण, सनी, आनंद आदि मौजूद थे। 

चर्च ऑफ बनारस में नाट्य का मंचन

चर्च ऑफ बनारस छावनी में पादरी बेन जॉन की अगुवाई व सु जॉन के संयोजन में ईस्टर मनाया गया। ईस्टर पर यहां नाठ्य का मंचन हुआ जिसमें चर्च के वच्चों ने प्रभु यीशु का कब्र से जी उठने को अपनी अभिव्यक्ति से मंच पर दर्शाया। यहां अंत में लोगों ने ईस्टर लंच भी किया।


लाल गिरजा पहुंचा कैडिल जुलूस

लाल गिरजाघर की कलीसिया ने सुवह कटिंग मेमोरियल से कैंडिल मार्च निकला जिसमें बड़ी संख्या में मसीही हाथों में कैडिल लिए हुए थे। जुलूस प्रभु यीशु मसीह की जयकार करते हुए लाल गिरजाघर कैंटोंमेंट पहुंच कर सम्पन्न हुआ। इस दौरान लोगों ने एक दूसरे को बधाई दी।

सेंट पाल चर्च में ईस्टर की खुशी

सिगरा स्थित सेंट पाल चर्च में पुनरुत्थान दिवस पादरी सैम जोशुआ की अगुवाई में मनाया गया। ऐसे ही सेंट थामस चर्च में पादरी न्यूटन स्टीवन, महमूरगंज स्थित सेंट बेटलफूल गॉस्थल चर्च में पास्टर एंड्रू थामस्, विजेता प्रेयर फिनिस्ट्रीज में पास्टर अजय कुमार की अगुवाई में ईस्टर मनाया गया।

Issra के hajj Training camp में उमड़े लोग

8 जिलहिज्जा को मिना के लिए रवाना होंने से पहले कर लें अपनी पूरी तैयारी 

Varanasi (dil India live). इसरा (ISSRA), वाराणसी की ओर से स्पेशल हज ट्रेनिंग कैम्प, ISSRA मुख्यालय उल्फत कंपाउंड, अर्दली बाजार में इस इतवार को भी जारी रहा। आज तीसरे इतवार को मौलाना अब्दुल हादी खां हबीबी की सरपरस्ती तथा शहर के मायनाज ओलमा की मौजूदगी में सकुशल सम्पन्न हुआ।हाफिज गुलाम रसूल,  मौलाना हसीन अहमद हबीबी, मौलाना निजामुद्दीन चतुर्वेदी आदि लोग मुख्य रूप से मौजूद थे। हाफिज गुलाम रसूल साहब ने प्रोग्राम की शुरूआत तिलावते कलाम पाक से की। मौलाना मुबारक ने अपने बयान में बताया कि 8 जिलहिज्जा को आप मीना के लिए रवाना होगें। इसकी तैयारी आप पहले से कर लें अपनी जरूरत की चीज जैसे तसबीह, पाकेट कलामपाक, फोल्डिंग चटाई, फोल्डिंग जानामाज, पानी की बोतल, खाने का सूखा सामान जैसे मेवा, सोन पपड़ी, सत्तू, फरूई चना वगैरह और जरूरत की अपनी दवायें मोअल्लिम का एड्रेस और फोन नम्बर जरूर रख लें। अपना मोबाइल और चार्जर अपने साथ जरूर रखें ताकि अपने ग्रुप से अगर बिछड़ गए तो राब्ता कायम कर सकें। 8 जिलहिज्जा को एहराम पहन कर मक्का से मीना को रवाना होना है, मीना में रात को कयाम करना है। वहाँ जोहर अस्र, मगरिब और ऐशा की नमाज पढ़ना है। मौलाना हसीन साहब ने हज के बारे में बताते हुए कहा कि दूसरे दिन 9 जिलहिज्जा की फज की नमाज मीना में पढ़कर अराफात के लिए रवाना होना है। याद रहे कि अगर आप यदि अराफात की हद में ही पहुंच सके तो आप का हज नहीं होगा। क्योंकि वकूफे आराफात फर्ज है यह हज का रूक्ने आजम है। मस्जिद नमरा में जोहर और अस्र की नमाज एक साथ पढ़ना है। अगर मस्जिद के बाहर पढ़ेगे तो जोहर की नमाज जोहर के बाद और अस की नमाज अस्र के वक्त पढ़ेगे। मगरीब के बाद मगरीब की नमाज बिना पढ़े हुए अराफात से मुज्दलेफा को रवाना होना है। मगरीब और ईशा की नमाज एक साथ मुज्दलेफा में अदा पढ़नी है कजा नहीं। रात में मुज्दलेफा में कयाम करना है। वकूफे मुज्दलेफा वाजिब है। आप मुज्देलफा में करीब 70 कंकरी चुनकर शैतान को मारने के लिए अपने पास रख लें। तीसरे दिन 10 जिलहिज्जा को मुज्देलफा से फजीर के बाद तुलूए आफताब से पहले मीना के लिए रवाना होना है। ज़वाल से पहले सिर्फ बड़े शैतान को 7 कंकरी मारना वाजिब है। 1.जब आप 10 जिलहिज्जा को बड़े शैतान को 7 कंकरी मार लेंगे तो उसके बाद कुर्बानी वाजिब है। हज्जे तमत्तो करने वाले को कुर्बानी करना मुस्तहब है। 2. यहाँ पर जानवर की वही शराइत है जो बकरीद की कुर्बानी की होती है। मसलन बकरा एक साल का हो इससे कम उम्र है तो कुर्बानी जाइज नहीं है। 3. अगर जानवर का कान एक तिहाई से ज्यादा कटा होगा तो कुर्बानी होगी ही नहीं। 4. अगर जबह करने आता है तो खुद जबह करें कि सुन्नत है। वरना जबह के वक्त हाजिर रहें। 5. ऊँट की कुर्बानी अफजल है। 6. यहाँ कुर्बानी के बाद अपने और तमाम मुसलमानों के हज व कुर्बानी कुबूल होने की दुआ माँगें। हज्जे तमत्तों के लिए तरतीब वाजिब है कि पहले रमी करें। फिर कुर्बानी करें तब हलक करायें। अगर इस तरतीब के खिलाफ किया तो दम वाजिब हो जायेगा। इसके अलावा हज जायरीन को अरबी की गिनती व अरबी में बोले जाने वाले आम बोलचाल की भाषाओं की जानकारी भी दी गई। औरतों में लेडीज ट्रेनर निकहत फातमा, समन खानम मौजूद थी।

ख़्वातीन की अलग हुई ट्रेनिंग

लेडीज ट्रेनर सबीहा खातून ने औरतों को रमी के बारे में बताते हुए कहा कि अमूमन देखा जाता है कि मर्द अक्सर बिना किसी वजह के औरतों की तरफ से रमी कर दिया करते हैं इस तरह से औरतें रमी की सआदत से महरूम रह जाती है और चूँकि रमी वाजिब है लिहाजा वाजिब के छूटने के सबब उन पर दम भी वाजिब हो जाता है। लिहाजा औरतें अपनी रमी खुद करें। लेडीज ट्रेनर सनम खानम बताती हैं कि अगर आप मरीज हैं और इस हालत में रमी अपना हाथ पकड़वा कर भी नहीं कर सकती हैं आप अपने साथ के मर्दों को रमी करने की इजाजत करें तब वे आपकी तरफ से रमी करेंगे। कुर्बानी के बाद औरतें सिर्फ तकसीर करवायें यानी चौथाई (1/4) सर के बालों में से हर बाल अगली पोर के बराबर कटवायें या खुद कैंची से काट लें। 

इनकी रही खास मौजूदगी 

इस मौके पर खुसूसी तौर पर वाराणसी से अली बख्श, रियाज अहमद, नसीर जमाल, मोहम्मद हनीफ, शमीम अहमद, ब‌रूदीन, शमशेर अंसारी, सर्फद्दीन चंदौली से जावेद अली, मसी अहमद खान, नियामतउलाह खान, मंजूर आलम, मो० साजिद बलिया से मुनौवर हुसैन, इम्तियाज अहमद, गाजीपुर से लाल मोहम्मद, मोहम्मद आजम, नसीदुल अमीन, आफताब आलम, जौनपुर से सिददीक जफर, अब्दुल कलाम, अब्दुल वकार, सोनभद्र से मो० आरिफ खान तथा औरतों में, चांद अफसाना, सुलताना, जैतुननिशा, रूखसाना परवीन, खुश्बू बानो, मरियम बीबी, दरख्शा बेगम, निकहत खान, सनम सहित इसरा के सदस्यगण एवं पदाधिकारीगण मौजूद थे। इस स्पेशल हज ट्रेनिंग कैम्प की अगली कड़ी में चौथे इतवार का प्रोग्राम 27 को इसरा (ISSRA) मुख्यालय में होगा।

प. हरिराम द्विवेदी में बनारस के लोकमन एवं मनुष्यता को परखने की थी दृष्टि-डा.रामसुधार सिंह

भाषा केवल प्रान्त की धरोहर नहीं होती बल्कि वह हमारी होती है धरोहर

Varanasi (dil India live). वसंत कन्या महाविद्यालय में पं. हरिराम द्विवेदी भोजपुरी साहित्य-शोध अध्ययन पीठ, हिन्दी विभाग द्वारा आयोजित पंडित हरिराम द्विवेदी जयंती समारोह एवं भोजपुरी कवि सम्मेलन अपरान्ह 2ः00 से 4ः30 के बीच महाविद्यालय के सभागार में हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पांजलि से हुआ तत्पश्चात् संगीत विभाग की प्रो. सीमा वर्मा के निर्देशन में छात्राओं द्वारा सुमधुर कुलगीत का प्रस्तुत किया गया। इस मौके पर उत्तरीय और पौधा देकर प्रबंधक, प्राचार्या एवं विभागाध्यक्ष द्वारा अतिथियों को सम्मानित किया गया। स्वागत वक्तव्य देते हुए महाविद्यालय की प्राचार्या प्रोफेसर रचना श्रीवास्तव ने कहा कि यहां इस अवसर पर आज हिन्दी के सितारे विभिन्न रूप में उपस्थित हैं। आज के इस कार्यक्रम से निश्चित रूप से भोजपुरी जगत में एक नया अध्याय जुड़ेगा। अपनी संस्कृति एवं सभ्यता को संवारने के लिए मातृभाषा अत्यन्त आवश्यक है।

अध्ययन पीठ को स्थापित करने के उद्देश्य के विषय में हिन्दी विभाग की अध्यक्षा प्रो. आशा यादव ने कहा कि कोई भी भाषा केवल प्रान्त की धरोहर नहीं होती बल्कि वह हमारी धरोहर होती है। भोजपुरी अत्यन्त उदार भाषा है इसमें कोमलता इतनी है कि यह किसी भी भाषा को अपने में समाहित करने की क्षमता रखती है। 12 वीं शताब्दी के उक्ति-व्यक्ति प्रकरण में भोजपुरी की चर्चा आती है। इसके लिखित स्वरूप का ना होना इसकी सबसे बड़ी विडम्बना है। अगर इसको शोध से जोड़ दिया जाये तो इसका महत्व बढ़ सकता है। भोजपुरी भाषा को आगे बढ़ाये जाने के संदर्भ में ही इस पीठ की स्थापना की गई है। आपने बताया कि भोजपुरी के संदर्भ में एक एम.ओ.यू. भी हस्ताक्षरित किया गया है। द्विवेदी लोकजीवन एवं संस्कृति के लिए समर्पित कवि हैं। इन्होंनेे राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भोजपुरी को प्रसारित किया। वे अधिकतर बाबूजी और हरि भैया के नाम से प्रचलित थे।

महाविद्यालय की प्रबन्धक उमा भट्टाचार्या ने कहा कि हिन्दी विभाग, महाविद्यालय का उत्कृष्ट विभाग है। आज हम भोजपुरी के नामित कवि को सम्मानित करने जा रहे हैं। भोजपुरी एक मीठी भाषा है। जिससे हम अपने व्यक्तित्व में निखार ला सकते है।

अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए उदय प्रताप कॉलेज हिंदी विभाग के पूर्व अध्यक्ष प्रो. राम सुधार सिंह ने कहा कि द्विवेदी जी पर बात करने के लिए मन और संवेदना की जरूरत है। अधिकांशतः कवि एवं कविता पर साथ बात नहीं की जा सकती है। किन्तु हरिराम द्विवेदी में कवि एवं कविता अलग-अलग नहीं है उनमें बनारस के लोकमन एवं मनुष्यता को परखने की दृष्टि थी। उन्होंने अपने वक्तव्य में हरिराम द्विवेदी की रचना एवं उसकी विशेषता पर भी बात कही।

मुख्य अतिथि वक्ता के रूप में बोलते हुए हिन्दी विभाग काहिविवि के पूर्व अध्यक्ष प्रो. सदानंद शाही ने कहा कि द्विवेदी जी भोजपुरी के हीरामन थे। कवि की खूबियों के साथ कमियों की भी बात की जानी चाहिए। द्विवेदी जी जो समय के पाबंद थे और वह उनके आचरण में भी दिखाई देता है। जीवन में समय की पाबंदी सफलता का मूलमंत्र है। उनके अंदर अभिमान नहीं था। कवि और कविता के लिए लोगों के जुबान पर टिके रहना सबसे बड़ी सफलता है। भोजपुरी की गंभीरता द्विवेदी जी के साहित्य में दिखाई देता है। वे एक स्वप्नद्रष्टा कवि थे जो स्वप्नों को जिंदा रखने की बात करते थे।

प्रो. चन्द्रकला त्रिपाठी ने पं. हरिराम द्विवेदी की स्मृतियों को साझा करते हुए कहा कि हरि भैया सबसे सरलता और नेह से मिलते थे। भोजपुरी में प्रयुक्त मेहना, महीन इत्यादि शब्दों की व्याख्या करते हुए उन्होंने द्विवेदी जी की स्मृतियों को साझा किया। भाषा की देशज टोन को अपने मधुर कंठ से गाकर सुनाया और यह भी बताया कि भोजपुरी का कलेवर पाकर कौशल्या का कलेजा और भी संवेदनशील हो जाता है।

तत्पश्चात् अपना वक्तव्य देते हुए प्रो. आनंद वर्धन शर्मा द्विवेदी जी के बारे में कहते है कि उनके हृदय में सरलता, कोमलता, स्निग्धता स्थायी रूप से विद्यमान था जो न केवल उनके व्यक्तित्व में अपितु रचनाओं में भी समान रूप से दिखाई देता है। द्विवेदी जी ने रोला, दोहा, नवगीत एवं मुक्त छन्द का बहुलता के साथ प्रयोग किया है।

भोजपुरी के जाने-माने कवि और कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि प्रो. प्रकाश उदय ने भोजपुरी के महत्व एवं पं द्विवेदी पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि हरि भैया जी का महत्व केवल भोजपुरी के कवि के रूप में ही नहीं अपितु उन्होंने बांवला जी जैसे व्यक्तित्व को भी स्थापित किया है। वे कवि के साथ एक जिंदादिल इंसान भी थे। धुन, राग, साज उनके भीतर चलता रहता था। उनकी कविता में लहर थी। द्विवेदी जी में कजरी का पंाडित्य भरा हुआ था। उनका मानना था कि लोकगीत एवं लोककथा को कंठ में बसाने एवं कहे जाने से ही उसका संरक्षण किया जा सकता है।

ऑल इंडिया रेडियो आकाशवाणी महमूरगंज, वाराणसी के निदेशक राजेश गौतम ने अपना वक्तव्य देते हुए कहा कि लोकगीत, लोककथा, नौटंकी इत्यादि लोकविधाओं पर द्विवेदी जी की अच्छी पकड़ थी। उनकी स्मृतियां संजोने योग्य है क्योंकि उन्होंने लोकगीत एवं लोकसंगीत में अंतर भी बताया है।

सारस्वत अतिथि के रूप में पूर्व प्राचार्या एवं पीठ की कार्यकारिणी समिति की उपाध्यक्ष प्रो. सविता भारद्वाज ने बताया कि बाबूजी बेटियों को बहुत प्रेम करते थे। वे संत जैसे आचरण एवं चरित्र वाले व्यक्ति थे। साथ ही उन्होंने अध्ययनपीठ को स्थापित करने की परिकल्पना एवं अध्ययनपीठ को अपनी तरफ से पुस्तकें भी भेंट करने की बात कही।

कार्यक्रम के मध्यावसान में पंडित हरिराम द्विवेदी के जीवन पर आधारित लघु फिल्म का प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम के द्वितीय सत्र भोजपुरी कवि-सम्मलेन में महाविद्यालय की प्राचार्या द्वारा अंगवस्त्र एवं पौधा देकर अतिथियों का अभिनन्दन किया गया । तत्पश्चात् अतिथि-कवियों प्रो. रामसुधार सिंह, 

प्रो. सदानंद शाही, प्रो. जगदीश पंथी, प्रो. आनंद वर्धन शर्मा, प्रो. प्रकाश उदय, डॉ. रामनारायण तिवारी, श्री नागेश शांडिल्य, प्रो. आशा यादव ने विविध विषयों पर अपने भोजपुरी काव्य-पाठ से कार्यक्रम को जीवन्तता प्रदान की। मंच संचालन हिन्दी विभाग की डॉ. प्रीति विश्वकर्मा ने किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. सपना भूषण ने किया।

कार्यक्रम में महाविद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएँ, विद्यार्थी एवं अन्य गणमान्य अतिथियों के साथ छपरा से पृथ्वीराज जी, काहिविवि से प्रो. वशिष्ठ नारायण त्रिपाठी एवं महाविद्यालय की पूर्व अध्यापिका डाॅ. कुमुद रंजन भी उपस्थित थीं साथ ही आभासीय माध्यम से महाविद्यालय की पूर्व प्राचार्या डॉ0 कुसुम मिश्रा, 

डॉ. माधुरी अग्रवाल, डॉ. अनुराधा बनर्जी, डाॅ. नन्दिनी वर्मा, डाॅ. बीना सिंह एवं प्रो. आशा यादव जुड़ी रहीं । रिपोर्ट लेखन डॉ. शशिकला एवं राजलक्ष्मी ने किया ।

शनिवार, 19 अप्रैल 2025

St. Mary's Church में हुआ देर रात ईस्टर का आगाज ...

देश दुनिया में ईस्टर का महापर्व शुरू 

महागिरजा में झूमे मसीही, ख्रीस्त हमारा जी उठा, खुशी मनाएं झूमे-गाएं...

Varanasi (dil India live)। सेंट मेरीज महागिरजा की घड़ी ने जैसे मध्य रात्रि का संकेत दिया, मसीही समुदाय ईस्टर की खुशी में झूम उठा। कैथलिक चर्चे में एक साथ पास्का गीत बुलंद हो उठे 'जी उठा-जी उठा, खीस्त हमारा जी उठा, खुशी मनाए, झूमे गाए अल्लेलूया।'...व 'आओ खीस्त भक्तगण आओ, परित्राता की महिमा गाओ, पूजनीय पास्का के बलि को तुम सब महिमा गान चढ़ाओ।' देर रात तक सेंट मेरीज महागिरजा के अलावा मातृधाम, सेंट जांस महरौली, सेंट फ्रांसिस ऑफ असीसी चर्च नगवां, सेंट जॉस महरौली, सेंट जांस डीरेका, मरियम माता चर्च मवैया समेत तमाम कैथलिक चर्च खूबसूरत गीतों से देर रात तक गूंजते रहे। दरअसल प्रभु ईसा मसीह की क्रूस पर शुक्रवार को हुई पवित्र मौत के बाद रविवार को प्रभु ईसा मसीह जी उठे थे इसकी खुशी में मसीही समुदाय ने देर रात्रि तक खुशियां मनाई। इस दौरान चर्चों और गिरजाघरों में प्रभु यीशु की झांकी देखने मसीही पहुंचे, विशेष प्रार्थना सभा भी हुई। सेंट मेरीज महागिरजा में वाराणसी धर्मप्रांत के धर्माध्यक्ष बिशप यूजीन की अगुवाई व पल्ली पुरोहित के संयोजन में प्रार्थना सभा व गीत- संगीत का कार्यक्रम शुरू हुआ। कार्यक्रम में देर रात चर्च परिसर में कैंडल के आग से आशीष की गयी। तत्पश्चात उसी आग से एक बड़ा-सा कैंडल जलाया गया। जिसे लोग पास्का मोमबत्ती कहते हैं। उस कैंडल से उपस्थित सभी लोगों ने बारी-बारी से कैंडल जलाकर एक जुलूस निकाला और जुलूस में प्रभु यीशु का जयकारा लगाते हुए मसीही चर्च के अंदर चले गये।

इस मौके पर फादर थामस, फादर अगस्टीन, सिस्टर अंजू, सिस्टर प्रीति, सिस्टर मंजू, सिस्टर विनाया, सिस्टर तारा आदि मौजूद थीं।  उधर प्रोटेस्टेंट मसीही समुदाय के गिरजाघरों में ईस्टर की पूर्वसंध्या पर बाइबिल का पाठ हुआ। सेंट पाल चर्च में पादरी सैम जोशुआ सिंह की अगुवाई में ईसा मसीह के दुखभोग काल पर प्रकाश डाला गया। लाल चर्च में यूथ फेलोशिप व वीमेन विंग की ओर से पूर्वसंध्या पर प्रार्थना सभा हुई तो तेलियाबाग चर्च में पादरी आदित्य ने प्रार्थना सभा को संबोधित किया।

आज बटेगा ईस्टर एग

 प्रभु ईसा मसीह के पुनः जीवित होने की याद में ईस्टर पर रविवार को ईस्टर एग का तबर्रक लोगों में बांटा जायेगा। ईसाई मान्यता है कि अंडा पुनर्रत्थान का प्रतीक है। इसलिए एंग का तबर्रुक तकसीम किया जाता है।


उधर खलारी कैथोलिक चर्च में शनिवार को मसीही विश्वासियों ने पास्का जागरण का पर्व हर्षोल्लास मनाया। मान्यता के अनुसार आज के दिन ही प्रभु यीशु सूली पर चढ़ने के बाद फिर से जी उठे थे। इसी खुशी में मसीही विश्वासी पास्का जागरण का पर्व मनाते हैं। फादर आर्थर, फादर हेलारियुस तिग्गा व फादर ऑस्कर टोप्पो ने ज्योति गुणगान गाया। लोगों को बाइबल का पाठ पढ़ाया गया। फादर ने प्रभु यीशु के पूर्व जन्म के बारे में बताया। कहा कि जिस प्रकार प्रभु यीशु मृत्यु से जी उठे, उसी प्रकार हम मानव जाति भी दुनिया के अंत में पूरे शरीर के साथ पुनर्जीवित होंगे। इसलिए सभी लोग दुनिया के अंतिम दिन तक अच्छा काम करें। कहा कि यह पर्व प्रेम, दया, दीनता, नम्रता का संदेश देता है। प्रभु यीशु ने दूसरों के लिए प्रेम करने व जीने की शिक्षा दी है। इस अवसर पर फादर खलारी चर्च में सिस्टर निर्मला सामुएल, सिस्टर दिव्या, सिस्टर नेली, सिस्टर ओलिश, सुषमा, नेली तिर्की, नेहा तिग्गा, प्रिया खलखो, उजाला लकड़ा, जोयसी कुजूर, संगीता टोप्पो, नरेश करमाली, अमित तिर्की, प्रदीप कुजूर, रोबिन एक्का, चार्ल्स पेंटोनी, प्रकाश टोप्पो, अनुराग टोप्पो, आदित्य कुजूर, समीर मिंज, सुनील तिर्की, विनोद टोप्पो, पॉल खलखो, रूमीला रुंडा, इनोसेंट कुजूर, प्रकाश कुजूर, ज्ञान कुजूर, सी कुजूर, पारस खलखो, गाजो रुंडा, जेवियर तिग्गा, पीटर तिग्गा, रोहित मैथ्यू, दीपक टोप्पो, विनीता टोप्पो, तेरेसा कुजूर, तेरेसा तिग्गा सहित कई मसीही विश्वासी उपस्थित थे।