शनिवार, 5 अक्टूबर 2024

पैगंबर हज़रत मुहम्मद साहब पर आपत्तिजनक बयान का बनारस में भी विरोध

एआईएमआईएम ने ज्ञापन देकर की कार्रवाई की मांग 



Varanasi (dil India live). गाजियाबाद जिले के डासना देवी मंदिर के महंत यति नरसिंहानंद द्वारा इस्लाम धर्म के प्रवर्तक पैगंबर हज़रत मोहम्मद साहब (स.) के खिलाफ आपत्तिजनक बयान का बनारस में भी मुस्लिम वर्ग ने विरोध दर्ज कराया है। शनिवार को एआईएमआईएम का एक प्रतिनिधिमंडल वाराणसी के पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल से मिलने पहुंचा। उनकी अनुपस्थिति में प्रतिनिधि मंडल ने सात सूत्रीय मांग पत्र कैंट थाना प्रभारी को सौंपा और इस प्रकार के बयानों पर कार्रवाई की मांग की। वाराणसी के एआईएमआईएम जिला अध्यक्ष इम्तियाज अहमद ने इस मौके पर पत्रकारों से कहा कि इस्लाम धर्म के प्रवर्तक पैगंबर हज़रत मोहम्मद साहब (स.) के खिलाफ इस तरह के बयान को मुस्लिम समुदाय बर्दाश्त नहीं कर सकता। उन्होंने कहा कि यह और भी चिंताजनक है कि ऐसे बयानों के बावजूद प्रदेश सरकार और प्रशासन ने यति नरसिंहानंद के खिलाफ अब तक कोई कठोर कार्रवाई नहीं की है। प्रतिनिधिमंडल ने चेतावनी दी कि अगर यति नरसिंहानंद सरस्वती जैसे लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो एआईएमआईएम और राज्य का मुस्लिम समुदाय सड़कों पर उतरने को मजबूर हो जाएगा। उनका आरोप है कि इस तरह के लोग समाज में नफरत फैलाते हैं, और इन्हें खुला छोड़ना देश और समाज के लिए खतरनाक है।

शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2024

फिलिस्तीन के मज़लूमों की आवाज़ थे सैय्यद हसन नसरुल्लाह

सैय्यद हसन नसरुल्लाह की शहादत पर हुआ एहतेजाजी जलसा 



Varanasi (dil India live)। मरकज़ी शिया जामा मस्जिद, दारानगर में बनारस के इमाम ए जुमा, मौलाना सैय्यद मुहम्मद ज़फ़र-उल-हुसैनी की सदारत में लेबनॉन में पिछले दिनों शहीद किये गए सैय्यद हसन नसरुल्लाह की शहादत की याद में जलसा ए एहतेजाज आयोजित किया गया। जलसे का आग़ाज़ मौलवी ताहिर जववाद ने तिलावते कलाम पाक से किया। अतश बनारसी, मातमदार बनारसी, रिज़वान बनारसी ने ताज़ियती कलाम पेश किये। जलसे में तक़रीर करते हुए मौलाना हसन रज़ा ने कहा कि जिस मर्दे मुजाहिद ने अपनी पूरी ज़िंदगी इंसानियत की ख़िदमत करते हुए बसर कर दी आज बहुत अफसोस की बात है कि उस इंसान को लोग आतंकवादी कह रहे हैं। जबकि भारत सरकार ने आतंकवादी संगठनों की जो लिस्ट जारी की है जो होम मिनिस्ट्री की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूद है, उसमें न तो हिज़्बुल्लाह का नाम है और न ही सैय्यद हसन नसरुल्लाह का। मौलाना ने कहा कि मीडिया को इस तरह की झूठी बातें फैलाने से परहेज़ करना चाहिए। जबकि वो फिलिस्तीन के मज़लूम लोगों की आवाज़ थे और इस्राएल की ग़ासिब हुकूमत से लोहा लेते हुए शहीद हुए। मौलाना ज़ायर हसन ईमानी ने तक़रीर करते हुए कहा कि इस्लाम ने और मौला अली ने हमको यही दर्स दिया है कि मज़लूम के साथ हो जाओ और ज़ालिम के ख़िलाफ़ हो जाओ और इसी बात पर अमल करते हुए ईरान फिलिस्तीन के मज़लूम लोगों के साथ खड़ा है। मौलाना ने ज़ोर देते हुए कहा कि मीडिया बंधुओं को सही बातें लोगों के सामने पेश करनी चाहिए न कि अपनी आज़ादी की जंग लड़ने वाले लोगों को आतंकवादी कह कर हमारे दिलों को दुखाया जाए। अगर मीडिया ने अपनी इस हरकत को नहीं रोका तो पूरे मुल्क में मीडिया चैनल और ऐसे एंकरों के खिलाफ मानहानी का मुकदमा दर्ज करने की मुहिम चलाई जाएगी।

 जलसे में मौलाना इश्तेयाक अली, मौलाना तौसीफ़ अली, मौलाना शेर अली ने भी तक़रीर पेश करते हुए मौलाना की बातों को आगे बढ़ाया और सैय्यद हसन नसरुल्लाह की अब तक कि ख़िदमत पर तफसील से रौशनी डाली। हाजी फ़रमान हैदर ने तक़रीर करते हुए कहा कि ये वही हसन नसरुल्लाह हैं जिन्होंने दाइश जैसे आतंकवादियों से दुनिया को पाक किया और भारत को तो उनका एहसानमंद होना चाहिए क्योंकि उन्होंने ही सीरिया से 40 भारतीयों को दाइश के चंगुल से बचाकर सकुशल भारत वापस भेजा था। जलसे की निज़ामत डॉक्टर शफ़ीक़ हैदर ने की।


जलसे के बाद मजलिस का आयोजन हुआ जिसमें मौलाना सैय्यद मुहम्मद अक़ील हुसैनी ने कहा कि फिलिस्तीनी लोगों की ज़मीन हड़पकर यहूदियों ने इस्राएल की हुकूमत बना ली जिसमें उसका साथ अमरीका ने दिया। फिलिस्तीनी लोगों की आज़ादी की जंग लड़ने वाले हिज़्बुल्लाह और हसन नसरुल्लाह को आतंकवादी कहने वालों ये दोहरा मापदंड क्यूं अपना रहे हो। भारतवर्ष की आज़ादी की राह हमवार करने वाले आज़ादी के मतवालों को तो स्वतंत्रता सेनानी कहते हो और फिलिस्तीन की आज़ादी की जंग लड़ने वालों को आतंकवादी कहते हो। हम भारतवर्ष में रहने वाले अमन पसंद लोग अपनी आज़ादी के सेनानियों को देशभक्त और स्वतंत्रता सेनानी मानते हैं और उनकी कुर्बानियों की क़द्र करते हैं और उनके एहसानमंद हैं। उसी तरह मज़लूमों के लिए आवाज़ उठाने वाले सैय्यद हसन नसरुल्लाह को स्वतंत्रता सेनानी मानते हैं और उनकी क़ुरबानी की क़द्र करते हैं। शिया जामा मस्जिद दारानगर के प्रशासनिक सचिव सैय्यद मुनाज़िर हुसैन मंजू ने जलसे में शिरकत करने वाले लोगों का शुक्रिया अदा किया। जलसे में मुख्य रूप से मौलाना सैय्यद अमीन हैदर हुसैनी, मौलाना मेहदी रज़ा, मौलाना इक़बाल हैदर ईमानी, मौलाना शेर अली समेत हज़ारों की तादाद में मोमिनीने बनारस शरीक हुए।

गुरुवार, 3 अक्टूबर 2024

Shaheed Hasan Nasrullah की याद में वाराणसी में कई जगहों पर हुई मजलिस

जुल्म फिर जुल्म है जब हद से बढ़ता है तो मिट जाता है...फरमान हैदर


Varanasi (dil India live). रबीउल अव्वल के आखिरी जुमेरात को शहर भर में शिया समुदाय ने शहीद हसन नसरुल्ला की याद में मजलिसों का जहां आयोजन किया वहीं दुआखानी का भी एहतमाम किया गया।दरगाहे फातमान में मजलिस को खिताब करते हुए शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता सैयद फरमान हैदर ने कहा की जुल्म फिर जुल्म है जब हद से बढ़ता है तो मिट जाता है। सच्चा इंसान वो है जो जुल्म के खिलाफ आवाज उठाएं और मजलूमों की हिमायत करे। मजलिस में जिन शायरों ने कलाम पेश किए तफसीर जौनपुरी, हैदर मोलाई, साहब बनारसी, अंसार बनारसी आदि ने अपने कलाम से लोगों को फैजयाब किया। 
इस अवसर पर दूसरी मजलिस को मौलाना जमीरूल हसन रिजवी ने खिताब किया इसी तरह सदर इमामबाड़ा लाट सरैया, चौहट्टन लाल खां पठानी टोला, बाजरडीहा, रामनगर आदि शिया बहुल इलाकों में भी मजलिस और दुआ खानी करके शहीद हसन नसरुल्ला को याद किया गया।

जामा मस्जिद में एहतेजाजी जलसा कल

मरकज़ी शिया जामा मस्जिद, दारानगर में शुक्रवार को जुमे की नमाज़ के बाद अपराह्न 1 बजे एक एहतेजाजी जलसे का आयोजन किया गया है जिसमें इस्राएल द्वारा लेबनान पर हमला करके सैय्यद हसन नसरुल्लाह को शहीद करने के खिलाफ उलेमा तक़रीर पेश करेंगे एवं अपना विरोध दर्ज कराएंगे। यह जानकारी मुनाजिर हुसैन मंजू ने दी है।

State Level Compatition के विजेताओं को डायट प्राचार्य ने किया सम्मानित

इन दस शिक्षकों ने बढ़ाया है काशी का मान


Varanasi (dil India live). राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद लखनऊ  द्वारा शिक्षकों के कौशल को निखारने एवं गुणवत्तापरक शिक्षण कार्य को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश के शिक्षकों के मध्य कई प्रकार की राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन करती रही है। पिछले दिनों हुई इन प्रतियोगिताओं में वाराणसी के दस नवाचारी शिक्षकों ने सफलता का परचम लहरा कर जनपद का मान-सम्मान बढ़ाया। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) सारनाथ में हुए एक सम्मान समारोह में प्राचार्य/ उप शिक्षा निदेशक उमेश कुमार शुक्ल ने राज्य स्तर की प्रतियोगिताओं में सफलता प्राप्त करने वाले शिक्षकों को प्रमाण पत्र देकर सम्मानित करते हुए कहा कि शीघ्र ही कौशल परक शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए एक वर्कशॉप का आयोजन किया जाएगा,सम्मानित होने वाले शिक्षकों में इस वर्ष के राज्य अध्यापक पुरस्कार विजेता कमलेश कुमार पाण्डेय व श्याम नारायण मौर्य को आदर्श पाठयोजना प्रतियोगिता के लिए,अब्दुर्रहमान ,तूबा आसिम ,डॉ. श्रवण कुमार गुप्त व छवि अग्रवाल को कला ,क्राफ्ट एवं पेपेट्री प्रतियोगिता के लिए, सत्येंद्र कुमार व संगीता यादव को योग प्रतियोगिता के लिए ,अजय कुमार को आईसीटी प्रतियोगिता के लिए ,अरविंद कुमार सिंह व कमलेश कुमार पाण्डेय को कहानी सुनाओ प्रतियोगिता के लिए सम्मानित किया गया। इस अवसर पर डायट प्रवक्ता डॉ. हरगोविंद पुरी, गोविंद चौबे, नर्सिंग मौर्य, डॉ. लालधारी यादव, प्रमोद कुमार सिंह, अरविंद कुमार सिंह, विकास कुशवाहा, डॉ. प्रिंस गुप्त, डॉ. नगमा परवीन ने विजेताओं को शुभकामनाएं दी।

बुधवार, 2 अक्टूबर 2024

मंडल रेल प्रबंधक ने स्वच्छता एवं एकल उपयोगी प्लास्टिक वस्तुओं का उपयोग बंद करने की दिलाई शपथ




Varanasi (dil India live). महात्मा  गाँधी की 155 वीं जयंती के अवसर पर मंडल रेल प्रबंधक विनीत कुमार श्रीवास्तव ने लहरतारा स्थित पूर्वोत्तर रेलवे अधिकारी क्लब  में आयोजित एक समारोह में महात्मा गाँधी के चित्र पर माल्यार्पण कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों को स्वैच्छिक रूप से सफाई, निवास एवं कार्यस्थल को स्वच्छ रखने एवं एकल उपयोगी प्लास्टिक वस्तुओं का उपयोग बंद करने की शपथ दिलाई।

इसी क्रम में वाराणसी मंडल के अधिकारी क्लब में पर्यावरण और हाउसकीपिंग प्रबंधन के तत्वावधान में "स्वभाव स्वच्छता-संस्कार स्वच्छता" की थीम पर 17 सितम्बर से 02 अक्टूबर 2024 तक मंडल पर आयोजित "स्वच्छता ही सेवा" पखवाड़े के समापन समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रमों एवं पुरस्कार वितरण कार्यक्रम का शुभारम्भ मंडल रेल प्रबंधक विनीत कुमार श्रीवास्तव, मंडल महिला कल्याण संगठन की अध्यक्ष मोनिका सक्सेना एवं कार्यकारिणी की सदस्याओं द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस कार्यक्रम में भारत स्काउट एण्ड गाइड जिला संघ वाराणसी के सदस्यों द्वारा स्वभाव में स्वच्छता लाने एवं स्वच्छता के प्रति जागरूकता हेतु नुक्कड़ नाटक का मंचन  किया गया।
इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक (इन्फ्रा) रोशन लाल यादव, अपर मंडल रेल प्रबंधक (परिचालन) राजेश कुमार सिंह, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (Enhm) अभिषेक राय,वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर(C&W) श्री अनुभव पाठक, वरिष्ठ मंडल कार्मिक अधिकारी समीर पॉल, वरिष्ठ मंडल सिगनल एवं दूरसंचार इंजीनियर रजत प्रिय, वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त एस रामकृष्णन, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (सामान्य) पंकज केशरवानी, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (कर्षण) आर एन सिंह, वरिष्ठ मंडल सामाग्री प्रबंधक नितेश अग्रवाल, वरिष्ठ मंडल विद्युत इंजीनियर (ऑपरेशन) अनिल श्रीवास्तव समेत अन्य मंडलीय अधिकारियों ने भी महात्मा गाँधी के चित्र पर पुष्पांजली समर्पित कर स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्धता की शपथ ली।
इस अवसर मंडल रेल प्रबंधक विनीत कुमार श्रीवस्तव ने कहा कि स्वच्छता पखवाड़ा 2014 में प्रधानमंत्री द्वारा आरम्भ इस सोच के साथ किया था की अपने देश के लोग जिस प्रकार विदेशों में स्वच्छता नियमों का पालन करते है वैसा अपने देश मे भी करें तो भारत में स्वच्छता कायम की जा सकती है। हम सभी सबसे पहले स्वयं को स्वच्छ रखें अपने मन को स्वच्छ रखें,अपने परिवेश को स्वच्छ रखें और अपने पर्यावरण को स्वच्छ रखें तो भारत स्वयं स्वच्छ हो जाएगा। उन्होंने महात्मा गाँधी एवं पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती के अबसर पर उनसे प्रेरणा लेते हुए भारत को स्वच्छ बनाने में अपना योगदान दें।



         इसके पश्चात मंडल रेल प्रबंधक विनीत कुमार श्रीवास्तव  द्वारा स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के अंतर्गत कार्मिक एवं स्वास्थय विभाग के निरीक्षकों द्वारा मंडल के विभिन्न स्कूलों एवं विद्यालयों में स्वच्छता संबंधित निबंध, चित्रकला तथा काव्य प्रतियोगिता का आयोजन कराया गया था  जिसे मंडल रेल  प्रबंधक तथा मंडल कल्याण संगठन के अध्यक्ष ने छात्र एवं छात्राओं को पुरस्कृत किया।  इस समारोह का संचालन एवं धन्यवाद ज्ञापन वरिष्ठ मंडल यांत्रिक इंजीनियर (पर्यावरण और हाउसकीपिंग प्रबंधन) अभिषेक राय ने किया।
इसके साथ–साथ  गाँधी जयंती पर  02 अक्टूबर को वाराणसी मंडल के प्रमुख स्टेशनों पर भारत स्काउट एण्ड गाइड जिला संघ वाराणसी के सदस्यों की मदद से स्वच्छता जागरूकता हेतु प्रभात फेरी निकाली गई व साथ ही यात्रियों को नुक्कड़ नाटकों के मंचन के जरिये भी स्वच्छता बरतने हेतु जागरूक किया गया तथा स्वच्छता ही सेवा पखवाड़े के अंतर्गत अनेक प्रकार के सांस्कृतिक कार्यक्रम  कराया गया ।इसी क्रम में महात्मा गाँधी के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर वाराणसी  मंडल के विभिन्न स्टेशनों एवं यूनिटों में स्वच्छता शपथ दिलाई गई और इन पर कार्यरत्त कर्मचारियों को  प्लास्टिक का प्रयोग बंद करने एवं  स्वच्छता के प्रति प्रतिबद्ध रहने की  शपथ दिलाई गई तथा स्टेशनों तथा रेलवे के विभिन्न यूनिटों में झाडू लगाकर साफ-सफाई किया। 
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Mahatma Gandhi -Lal bahadur Shastri की जयंती धूमधाम से मनाई गई


बापू और शास्त्री जी के चित्र पर माल्यार्पण करते महेंद्र बहादुर सिंह 


Varanasi (dil India live)। कंपोजिट विद्यालय खानपुर विकास खंड चिरईगांव में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी व पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती धूमधाम से मनाई गई। इस अवसर पर विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका इंदिरा सिंह द्वारा झंडोतोलन किया गया। विद्यालय परिवार द्वारा महात्मा गांधी व लाल बहादुर शास्त्री के चित्र पर माल्यार्पण व पुष्पांजलि अर्पित किया गया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्यक्रम, वाद विवाद प्रतियोगिता खेलकूद का आयोजन किया गया। सहायक अध्यापक व उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ (पंजीयन 1160) के जिलाध्यक्ष महेंद्र बहादुर सिंह ने अपने वक्तव्य में सत्य अहिंसा व प्रेम के पुजारी को युग पुरुष की संज्ञा दी तथा उपस्थित लोगों को उनके द्वारा बताए गए मार्ग पर चलने का संकल्प दिलाया। उक्त अवसर पर विद्यालय की सहायक अध्यापिका नीलिमा प्रभाकर, सुनीता भट्ट, मालती यादव, पूजा तिवारी, पार्वती राय ने उक्त महापुरुषों के जीवन पर विस्तार से प्रकाश डाला। उक्त अवसर पर "दे दी हमे आजादी बिना खड्ग बिना ढाल। साबरमती के संत तूने कर दिया कमाल, रघुपति राघव राजाराम...गीत भी गाया गया।

सत्य व अहिंसा से ही देश में खुशहाली : एहतेशाम


वाराणसी। विकास खण्ड चिरईगांव के गौराकलां स्थित प्राथमिक विद्यालय में सत्य और अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी व सादगी इमादरी के प्रेरणा स्त्रोत लाल बहादुर शास्त्री के जन्म दिवस बड़े ही हर्षोल्लास के वातावरण में मनाया गया।कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रिंसिपल आरती देवी ने और संचालन वरिष्ठ अध्यापिका रेखा उपाध्याय ने किया।

      इस अवसर पर अटेवा के ज़िला उपाध्यक्ष डॉ एहतेशामुल हक ने कहा कि भारत के दो सपूतों महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री के विचार और कोट्स को लोगों तक फैलाएं, उनकी देश भक्ति ईमानदारी, सत्य और अहिंसा की शिक्षा से हमें प्रेरणा लेनी है जिसके कारण हमारा देश और खुशाल होगा। प्रिंसिपल आरती देवी ने स्वच्छता अभियान के अंतर्गत संचारी रोग से बचाव और साफ सफाई इत्यादि पर विस्तृत रूप से समझाया। बच्चों ने गांधी और शास्त्री के जीवनी पर प्रकाश डाला, सांस्कृत कार्यक्रम के जरिए लोगों को जागरूक किया।
समस्त कक्षाओं में 100 प्रतिशत उपस्थिति वाले छात्र एवं छात्राओं को कॉपी पेंसिल ईरेजर कटर देकर सम्मानित किया गया।
      इस मौके प प्रिंसिपल आरती देवी, अटेवा के ज़िला उपाध्यक्ष डॉ एहतेशामुल हक, ग्राम प्रधान राजीव कुमार राजू, रेखा उपाध्याय,सादिया तबस्सुम, अनीता सिंह,शशिकला,प्रमिला सिंह,ज्योति कुमारी,शक्ति कुमारी,त्रिलोकी प्रसाद इत्यादि सहित काफी संख्या में अभिभावक मौजूद थे।

Gandhi ji के जंतर से ही प्राप्त हो सकेगी आत्म गौरव की अनुभूति

गांधी जी की ही देन की भारत सभी को एक साथ ले कर चलने वाला देश-हाजी ओकास अंसारी 

Gandhi ji को किया नमन, दी गई श्रद्धांजलि 


Varanasi (dil India live). गांधी जयंती पर जलालीपुरा स्थित गांधी पार्क में पूर्व पार्षद वर्तमान पार्षद प्रतिनिधि हाजी ओकास अंसारी के नेतृत्व में गांधी जी के प्रतिमा पर माल्यार्पण कर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी जी को श्रृद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर हाजी ओकास अंसारी ने कहा की गांधी जी ने अहिंसा की राह पर चल कर अंग्रेजों से देश को आजाद कराया और देश की आजादी के बाद एक सशक्त भारत का निर्माण किया। ये गांधी जी की ही देन है भारत सभी धर्म और जाति को एक साथ ले कर चलने वाला देश बना। उन्ही की सोच और मार्ग दर्शन का ही देन है की भारत का संविधान एक शक्तिशाली संविधान बना जो सभी धर्म और जातियों को एक साथ एक धागे में पिरो कर भारत देश पूरी दुनिया में एक शक्तिशाली देश के रूप में आगे बढ़ रहा है । गांधी जी ने पूरे देश वासियों स्वच्छता के साथ रहने की लोगो को सीख दी। आज पूरा देश में स्वच्छता का अभियान चल रहा है । और गांधी जी की देन है हम सभी भारत वासी जात पात को भूल कर  एक दूसरे के साथ मिल जुल रहते हैं । आज इस मौके पर हाजी ओकास अंसारी के साथ मौजूद बिस्मिल्ला अंसारी, मकसूद आलम, बेलाल खान, सरफराज, कमर आलम, वसीम अंसारी, मुस्तकीम, समीम, लड्डू अंसारी, अबरार, जुनैद, हफीजुर्रहमान, ओवैस, साजिद आदि माजूद थे। 

                        


  • प्रणय सिंह 
Varanasi (dil India live). 2 अक्टूबर के दिन भारत ही नहीं विश्व के तमाम देश और मानवता के पुजारी गांधी जी को याद करते हैं।आज भी मानवता,उदारता,परोपकार की भावना रखने वाले लोग गांधी जी को महामानव के रूप में देखते हैं। कई महापुरुषों ने तो उन्हें अकल्पनीय माना है।आइंस्टीन ने तो यहां तक कहा था कि आने वाली पीढ़ियां इस बात पर विश्वास नहीं करेंगी की हाड़ मांस के रूप में ऐसा व्यक्ति भी पृथ्वी पर आया था।गांधी जी तमाम प्रमुख सिद्धांतों की सिर्फ बात नहीं करते थे बल्कि वे उसे पर चलते भी थे। उन्होंने विभिन्न धर्म की अच्छाइयों को आत्मसात किया।अच्छे सिद्धांतों को उन्होंने अपने जीवन में अनुसरण में लाया। अच्छाइयों का अनुसरण करके ही वे आदर्शवादी कहलाए।अच्छे विचारों के अनुसरण में गांधी जी किसी एक देश या सीमा रेखा या धर्म से नहीं बल्कि भिन्न-भिन्न न धर्म और महापुरुषों के विचारों से अनुप्राणित रहे।यद्यपि उन्हें अपने को वैष्णव होने पर गौरव है पर उन्होंने यह भी कहा है कि सभी धर्म उस धर्म के अनुयायियों के लिए अच्छे हैं। गांधी जी ने धर्म को मानवता के उत्थान के लिए प्रेरित माना है। इसीलिए गांधीजी को मानवता का पुजारी कहा जाता है। वह हिंसा त्यागने का आह्वान करते हैं।ऐसी हिंसा जो सिर्फ कायिक ही नहीं बल्कि वाचिक और मानसिक भी हो त्याग दिया जाना चाहिए।क्षमा को व्यवहार में लाने की बात की है।उन्होंने क्षमाशीलता और अहिंसा को वीरों का अस्त्र माना है। हिंसा से प्रति हिंसा और प्रति हिंसा से प्रति प्रतिहिंसा होती रहेगी। जो भविष्य में अनंतकाल तक चलती रहेगी।अर्थात शांति का माहौल कभी न बन पाएगा।अगर क्षमाशीलता नहीं होगी तो यह धरती और मनुष्य द्वंद तथा संघर्ष में घिरा रहेगा। 

    गांधी जी सर्वोदय की बात करते हैं। व्यक्ति जो समाज के हांसिए पर है।उसे आगे लाने के लिए समाज का सहयोग चाहते हैं। सबके हृदय में एक दूसरे के प्रति अनुराग चाहते हैं।गांधी जी का वह जंतर अनुकरणीय है जिसमें उन्होंने कहा है कि जब आपका अहम आपको परेशान करें तो आप अपने से नीचे की ओर देखें।स्वाभाविक है मनुष्य जब अपने से ऊपर की ओर देखता है तो परेशान होता है। तुलनात्मक अल्पता उसे परेशान करती है। इस जंतर से समाज का बहुत बड़ा वर्ग परेशान नहीं होगा। सामाजिक विषमताएं तमाम तरह के दोष उत्पन्न करती हैं।जिससे समाज में जटिलताएं और भी बढ़ जाती है। जटिलताओं को दूर करने सद्भाव और भाईचारा बनाए रखने के लिए सबका उदय चाहे वह आर्थिक रूप में हो सामाजिक हो वैचारिक हो अति आवश्यक है। 

   हर एक व्यक्ति को परिश्रम करके ईमानदारी की रोटी खाने का प्रयत्न करना चाहिए। इसीलिए तो गांधी जी ने कहा था कि बिना परिश्रम करके अन्न खाना चोरी का अन्न खाने के बराबर है। उन्होंने मानसिक श्रम से शारीरिक श्रम को श्रेष्ठ बताया।सच बोलना, ईमानदारी बरतना अपरिग्रह का भाव रखना निंदा और चोरी से दूर रहना क्या अप्रासंगिक है या भविष्य में हो जाएंगे। पूरी दुनिया मानवता के सहचर बोध,भाव व व्यवहार से ही चलेगी। साहचर्य का बोध सर्वोदय से ही होगा। जिसमें समाज अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को आगे बढ़ाने के लिए कार्य करेगी। हासियें पर खड़े व्यक्ति के मन में भी धन संपदा संसाधन से परिपूर्ण व्यक्ति के लिए बुराई के भाव नहीं आएंगे। हर एक व्यक्ति,व्यक्ति में ईश्वर का रूप देखेगा।ऐसा होने से ही एक सशक्त,सीमा रेखा, धार्मिक श्रेष्ठता मुक्त मानवीय समाज बन सकेगा। गांधी जी अपने विचार थोपते नहीं। उनका अनुग्रह तो यहां तक है कि यह विचार सनातनी है, मानवीय है।

पत्रकार/लेखक:-प्रणय सिंह