मंगलवार, 9 जून 2026

Varanasi Main Ganga isnan के दौरान हादसा गहरे पानी में डूबा युवक व किशोर

पानी में जाकर डूबने वाले युवक व किशोर को जल पुलिस ने बचाया 
अस्सी घाट पर डूबने से बचाया गया किशोर

dil india live (Varanasi). आज 09/06/2026 को डूबने की दो घटनाएं हुई। पहली घटना समय करीब 10:30 बजे Varanasi में हादसा हो गया। इस हादसे में एक व्यक्ति गहरे पानी में डूब गया। पुलिस ने बताया कि वह व्यक्ति जो मीर घाट पर स्नान करते वक्त पैर फिसलने की वजह से गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा मौके पर मौजूद ड्यूटी में लगे आरक्षी प्रमोद कुमार ठाकुर द्वारा तत्परता एवं साहस का परिचय देते हुए तत्काल नदी में पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया व राहत एवं बचाव उपकरण का प्रयोग कर गंगा में डूब रहे उक्त व्यक्ति को सकुशल बचाकर गंगा नदी से बाहर निकाला गया।

इसके बाद उक्त बचाएं गये व्यक्ति के परिजन को सुपुर्द किया गया। बचाए गए युवक की स्थिति सामान्य है। उक्त व्यक्ति के परिजनों द्वारा जल पुलिस का धन्यवाद करते हुए, कमिश्नरेट वाराणसी पुलिस की भूरि-भूरि प्रशंसा की गई। घाट पर स्नान कर रहे अन्य व्यक्तियों को बैरिकेटिंग के अन्दर रह कर ही स्नान करने हेतु बताया गया । जिससे कोई भी अप्रिय घटना घटित न हो।

अस्सी घाट पर डूब रहे किशोर को बचाया

आज 09/06/2026 को 06:25 पर सुबह एक लड़का उम्र लगभग 15 वर्ष जोकि जखनी तिमुहानी वाराणसी से अपने परिवारजन के साथ वाराणसी गंगा स्नान आया था, अस्सी घाट पर स्नान के दौरान गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। मौके पर मौजूद ड्यूटी में लगे वैभव सिंह व जल पुलिस गश्त पार्टी के द्वारा तत्परता एवं साहस का परिचय देते हुए तत्काल नदी में पहुंचकर रेस्क्यू अभियान चलाया व राहत एवं बचाव उपकरण का प्रयोग कर गंगा में डूब रहे उक्त बालक को सकुशल बचाकर गंगा नदी से बाहर निकाला गया तथा उनके परिजन को सुपुर्द किया गया। बचाए गए बालक की स्थिति सामान्य है। 

सराहनीय कार्य करने वाली पुलिस टीम में वोट चालक चन्द्रशेखर, कांस्टेबल वैभव सिंह, होमगार्ड अशोक कुमार जल पुलिस कमिश्नरेट वाराणसी शामिल थे।

जल पुलिस ने की यह अपील 

वाराणसी जल पुलिस द्वारा गंगा में स्नान करने वाले सभी श्र्द्धालुगण व आम जनमानस से अपील किया है कि गंगा स्नान के दौरान बैरिकेटिंग के अन्दर रह कर ही स्नान करें।

रविवार, 7 जून 2026

Hazrat Laatshahi Baba का उर्स अकीदत के साथ सम्पन्न

लाटशाही दरबार से झोली भर कर लौटे जायरीन

लाटशाही बाबा का 3 दिनी उर्स देश की तरक्की, अमन, मिल्लत की दुआओं संग सम्पन्न 

उर्स में हज़रत लाट शाही बाबा रहमतुल्लाह अलैह के दर पर जुटे जायरीन 


Varanasi (dil India live)। सर्किट हाउस स्थित हज़रत सैय्यद मुख्तार अली शाह शहीद उर्फ लाटशाही बाबा (रह.) का तीन दिवसीय उर्स रविवार को फजर की नमाज के साथ अमन, मिल्लत और देश की तरक्की की दुआओं संग सम्पन्न हो गया। उर्स के दौरान बाबा के दर पर अकीदत का सैलाब उमड़ा हुआ था। शनिवार की रात से रविवार की सुबह तक जायरीन बाबा के दर पर अपनी अकीदत लुटाते नज़र आएं। आलम यह था कि सर्किट हाउस, कचहरी के साथ ही आसपास के इलाके की सड़क पर पांव रखने भर की भी जगह नहीं थी। इससे पूर्व शाम को चादर-गागर का जुलूस निकला, जो कदीमी रास्ते से होता हुआ बाबा के आस्ताने पर पहुंचा। यहां बाबा की मजार पर चादरपोशी कर अकीदतमंदों ने मुल्क की सलामती व खुशहाली की दुआएं मांगी।

 तीन दिवसीय उर्स के दौरान कुरानख्वानी, फातेहा व लंगर का दौर चलता रहा। उर्स के मौके पर प्रशासनिक अधिकारियों संग बंगाल, बिहार, हरिद्वार, दिल्ली, अजमेर सहित पूर्वाचल भर से हजारों अकीदतमंदों ने बाबा के दर पर हाजिरी लगाकर दुआएं व मन्नतें मुराद मांगी। उर्स के दौरान जहां दोनों वर्गों के लोगों का हुजूम उमड़ा हुआ था वहीं उर्स को देखते हुए लगे मेले में सभी ने अस्थाई दुकानों से खरीदारी की। बच्चे झूला वह चरखी का लुत्फ उठाते दिखाई दिए। सुबह बाबा के दर पर अमन, मिल्लत और देश की खुशहाली एवं तरक्की की दुआओं संग उर्स संपन्न हो गया।

दस बजते-बजते आस्ताने के आसपास सन्नाटा पसरा गया कुछ चुनार के नानखताई, बिस्कुट वाले और कप व बर्तन वाले ही बचे थे जो सामान समेटते नज़र आएं। बाबा के दर से तमाम लोग ऐसे भी थे जो सिर्फ साल में एकाध बार ही उर्स के मौके पर आ पातें हैं उन तमाम लोगों ने फिर आने का वादा कर बाबा से बिदा लिया। 


दरअसल हज़रत लाटशाही शहीद बाबा (रह.) का असली नाम सैय्यद मुख्तार अली शाह था। सूफी जाफर हसनी की मानें तो बाबा फतेहपुर के रहने वाले थे। हज़रत लाटशाही बाबा सन् 1742 में बनारस आए। आप काशी नरेश के शिवपुर परगना के शहर काजी बने। राजा चेतसिंह ने बाबा के इंसाफ और बहादुरी के चलते अपनी सल्तनत में सिपहसालार बनाया। उन्होंने अंग्रेजों के खिलाफ 1782, 1784 व 1786 में राजा चेतसिंह की ओर से जंग लड़ी। जंग में अंग्रेजों ने अपनी हार मानते हुए संधि की। इसके बाद अंग्रेजों की ओर से दूसरा गवर्नर भेजा गया। 1798 में उसने धोखे से जंग छेड़ दी। इस जंग में अंग्रेजों से लोहा लेते हुए सैय्यद मुख्तार अली शाह लाटशाही बाबा राजा तेज सिंह के कुनबे को बचाते हुए खुद शहीद हो गए। राजा चेतसिंह की ओर से उन्हें लार्ड गवर्नर नियुक्त होने के कारण इनका नाम बाद में लाटशाही बाबा पड़ गया। आज बाबा को मानने वाले देश दुनिया में फैले हुए हैं। उर्स के दौरान बाबा से अकीदत रखने वाले देश के कोने कोने से कचहरी, अर्दली बाजार व पक्की बाजार पहुंचते हैं। उर्स के दौरान इन इलाकों के तक़रीबन सभी घरों में मेहमान होते हैं।

शनिवार, 6 जून 2026

Ashraf Ansari को चिराग़ ने बनाया विधान परिषद प्रत्याशी, जानिए अशरफ को क्यों मिला इनाम

लोक जनशक्ति पार्टी के प्रत्येक कार्यकर्ता का सम्मान सर्वोपरि-चिराग पासवान


dil india live (Patna). लोक जनशक्ति पार्टी ने भभुआ के अशरफ़ अंसारी को विधान परिषद का उम्मीदवार घोषित किया है। इस घोषणा के बाद चिराग पासवान ने न सिर्फ अपने पिता को याद किया बल्कि अशरफ अंसारी के पिता रमजान अंसारी को भी याद करते हुए सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट डाली है इस पोस्ट और उनके फैसले को सही करार दे रहे हैं। यहां जानिए चिराग़ पासवान ने क्या लिखा...

चिराग़ पासवान ने अपनी पोस्ट में लिखा है कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रत्येक कार्यकर्ता का सम्मान मेरे लिए सर्वोपरि है। विपरीत परिस्थितियों में भी हमारे कार्यकर्ताओं ने श्रद्धेय रामविलास पासवान जी के आदर्शों और सिद्धांतों का झंडा मजबूती के साथ न सिर्फ थामे रखा, बल्कि बिना किसी व्यक्तिगत आकांक्षा के पार्टी के मूल्यों, विचारों और संघर्षों को बिहार के कोने-कोने तक पहुंचाने का कर्मठ प्रयास निरंतर किया है। ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं की निष्ठा और मेहनत ही संगठन की सबसे बड़ी ताकत है।

सन् 2013 में तत्कालीन राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रद्धेय रामविलास पासवान जी ने जब मुझे केंद्रीय संसदीय बोर्ड की जिम्मेदारी देकर बिहार भेजा था , तब अशरफ अंसारी जी के पूजनीय पिताजी ने भभुआ में एक सफल कार्यक्रम कराकर मुझे राजनीतिक पहचान दिलाई थी। आज उन्हें विधान परिषद का प्रत्याशी बनाया जाना मेरे लिए सम्मान की बात है।

यह फैसला हर उस कार्यकर्ता के लिए प्रेरणा है जो निस्वार्थ भाव से पार्टी की सेवा कर रहें है। यह निर्णय स्पष्ट संदेश देता है कि लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) में संगठन के प्रति समर्पण, संघर्ष और निष्ठा का सम्मान किया जाता है तथा जमीनी कार्यकर्ताओं को सर्वोच्च स्थान दिया जाता है।

कार्यकर्ता ही हमारी सबसे बड़ी पूंजी हैं और उनका सम्मान ही हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। यही हमारी राजनीति है, यही हमारी प्रतिबद्धता है।

PNG Gas service का वाराणसी में हो रहा लगातार विस्तार

गेल इंडिया ने एपेक्स हॉस्पिटल की कैंटीन में पीएनजी सेवा की प्रारंभ


dil india live (Varanasi). गेल (इंडिया) लिमिटेड ने वाराणसी सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन परियोजना के अंतर्गत स्वच्छ, सुरक्षित एवं किफायती ऊर्जा के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि करते हुए भिखारिपुर क्षेत्र स्थित "एपेक्स हॉस्पिटल" के कैंटीन में पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति सफलतापूर्वक शनिवार को प्रारंभ कर दी। यह पहल वाणिज्यिक एवं संस्थागत प्रतिष्ठानों को हरित ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। गेल ने बताया कि, आपूर्ति परियोजना का सफल क्रियान्वयन गेल की प्रोजेक्ट्स टीम द्वारा किया गया, जिसका नेतृत्व नवाज़िश अली अंसारी (उप महाप्रबंधक) द्वारा किया जा रहा है। वहीं, वाराणसी सीजीडी परियोजना का समग्र संचालन  सुशील कुमार, महाप्रबंधक (GM) के मार्गदर्शन में प्रभावी रूप से किया जा रहा है। 


अधिकारियों का कहना है कि, भिखारिपुर स्थित 'एपेक्स हॉस्पिटल" कैंटीन, जो प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों को सेवाएं प्रदान करता है, पूर्व में अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रतिमाह लगभग 60 एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भर था। आपूर्ति प्रारंभ होने के बाद अब प्रतिष्ठान को निरंतर, सुरक्षित एवं निर्बाध गैस उपलब्ध हो रही है, जिससे संचालन अधिक सुचारु, दक्ष और विश्वसनीय बन गया है। साथ ही, पहले उपयोग में लाए जा रहे इन एलपीजी सिलेंडरों को अब अन्य क्षेत्रों में पुनः उपयोग में लाया जा सकेगा, जिससे अधिक उपभोक्ताओं तक इसकी उपलब्धता सुनिश्चित होगी। गेल ने बताया भिखारिपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में भी इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, सुरक्षित और पर्यावरण अनुकूल ऊर्जा विकल्प उपलब्ध कराया जा सके। 

उन्होंने कहा कि, एपेक्स हॉस्पिटल कैंटीन में पीएनजी आपूर्ति की शुरुआत, वाराणसी को स्वच्छ एवं सुरक्षित ऊर्जा की दिशा में अग्रसर करने की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो गेल की सतत विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रदर्शित करती है। अंत में, गेल (इंडिया) लिमिटेड सभी उपभोक्ताओं से अपील करता है कि वे पीएनजी कनेक्शन अपनाकर आधुनिक, सुरक्षित एवं सुविधाजनक ऊर्जा प्रणाली का लाभ उठाएं।

Anita Singh Jaunpur की नयी शहर कोतवाल बनीं

जौनपुर को मिली पहली महिला कोतवाल, जानिए बलिया की बेटी की क्या है उपलब्धि

त्रिवेणी सिंह को कार्यभार संभालने के महज तीन दिन में भेजा गया गैर जनपद 


dil india live (Jaunpur). जौनपुर शहर कोतवाली में निरीक्षक अनीता सिंह को नया शहर कोतवाल नियुक्त किया गया है। यह बड़ा फेरबदल होने से यहां तरह तरह की चर्चाएं हो रही है क्योंकि अनीता सिंह से पहले नियुक्त किए गए त्रिवेणी सिंह को कार्यभार संभालने के महज तीन दिन बाद ही गैर जनपद तबादला कर दिया गया। 

आरोप तो यहां तक लग रहे हैं की यह सब सफेदपोश दबाव के चलते हुआ है। दरअसल जौनपुर के इतिहास में यह पहला मौका है जब किसी शहर कोतवाल का कार्यकाल सिर्फ तीन दिन का रहा हो। यह भी ख़ास है कि शहर कोतवाली की कमान पहली बार किसी महिला अधिकारी को सौंपी गई है।

कौन हैं अनीता सिंह जानिए इतिहास 

मूल रूप से बलिया निवासी अनीता सिंह वर्ष 2010 बैच की उपनिरीक्षक रही हैं और विभागीय पदोन्नति के बाद निरीक्षक बनीं। इससे पहले वह महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन की प्रभारी के रूप में भी अपनी सेवाएं दे चुकी हैं। बताया जा रहा है कि हाल ही में पदोन्नत होकर निरीक्षक बने त्रिवेणी सिंह को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कुंवर अनुपम सिंह ने सोमवार रात शहर कोतवाल नियुक्त किया था। मंगलवार को कार्यभार संभालने के बाद उनकी तैनाती को लेकर सफेदपोश विरोध करने लगे। सूत्रों के अनुसार सत्तारूढ़ दल के कुछ नेताओं की आपत्ति के बाद उनके स्थानांतरण की प्रक्रिया न सिर्फ तेज हो गई बल्कि शुक्रवार को उनका स्थानांतरण आदेश जारी हो गया और त्रिवेणी सिंह को कार्यमुक्त कर दिया गया। अब अनीता सिंह ने शहर कोतवाल का कार्यभार ग्रहण कर लिया। शहर की कानून-व्यवस्था और पुलिसिंग को लेकर लोगों की निगाहें नई महिला शहर कोतवाल पर टिकी हैं। देखना यह है कि इस पद पर वो कितने दिनों तक बनी रहेगी और कैसे कानून व्यवस्था बनाए रखेंगी।

शुक्रवार, 5 जून 2026

Varanasi Main गेल इंडिया द्वारा संझा चूल्हा में नेचुरल गैस PNG Gas service शुरू

वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को हरित ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम



dil india live (Varanasi). वाराणसी में गेल इंडिया ने सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन परियोजना के अंतर्गत शिवपुरी तरना स्थित "सांझा चूल्हा" (किचन दो) में पाइप्ड नैचुरल गैस (पीएनजी) की आपूर्ति सफलतापूर्वक प्रारंभ कर दी गई है। यह पहल वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों को हरित ऊर्जा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। रिसोर्स पर गेल ने बताया कि, इस आपूर्ति परियोजना का सफल क्रियान्वयन गेल की प्रोजेक्ट्स टीम द्वारा किया गया। जिसका नेतृत्व नवाज़िश अली अंसारी, उप महाप्रबंधक द्वारा किया जा रहा है। वहीं, वाराणसी सीजीडी परियोजना का समग्र संचालन सुशील कुमार,महाप्रबंधक (जीएम) के मार्गदर्शन में प्रभावी रूप से किया जा रहा है। श्री अंसारी ने बताया कि, तरना स्थित "संझा चूल्हा" किचन-2, जो प्रतिदिन बड़ी संख्या में ग्राहकों को सेवाएं प्रदान करता है, पूर्व में अपनी ऊर्जा आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए प्रतिमाह लगभग 150 एलपीजी सिलेंडरों पर निर्भर था। पीएनजी आपूर्ति प्रारंभ होने के बाद अब प्रतिष्ठान को निरंतर, सुरक्षित एवं निर्बाध गैस उपलब्ध हो रही है, जिससे संचालन अधिक सुचारु, दक्ष और विश्वसनीय बन गया है। साथ ही, पहले उपयोग में लाए जा रहे इन एलपीजी सिलेंडरों को अब अन्य क्षेत्रों में पुनः उपयोग में लाया जा सकेगा, जिससे अधिक उपभोक्ताओं तक इसकी उपलब्धता सुनिश्चित होगी। पीएनजी के उपयोग से सिलेंडर भंडारण एवं परिवहन से जुड़ी जटिलताओं का प्रभावी समाधान होता है, साथ ही सुरक्षा मानकों में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। इसके अतिरिक्त, यह एक पर्यावरण–अनुकूल ईंधन है, जो कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने में अहम भूमिका निभाता है। गेल (इंडिया) लिमिटेड वाणिज्यिक, संस्थागत एवं घरेलू उपभोक्ताओं को पीएनजी नेटवर्क से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयासरत है। तरना एवं आसपास के क्षेत्रों में भी इस दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है, जिससे उपभोक्ताओं को विश्वसनीय, सुरक्षित और पर्यावरण-अनुकूल ऊर्जा विकल्प उपलब्ध कराया जा सके।  

संझा चूल्हा (किचन-2) में पीएनजी आपूर्ति की शुरुआत, वाराणसी को स्वच्छ एवं सुरक्षित ऊर्जा की दिशा में अग्रसर करने की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है, जो गेल की सतत विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति प्रतिबद्धता को सशक्त रूप से प्रदर्शित करती है।  अंत में, गेल (इंडिया) लिमिटेड सभी उपभोक्ताओं से अपील करता है कि वे पीएनजी कनेक्शन अपनाकर आधुनिक, सुरक्षित एवं सुविधाजनक ऊर्जा प्रणाली का लाभ उठाएं।

Hajj 2027 : इसरा ने जारी किया पासपोर्ट बनवाने के लिए हेल्पलाइन नंबर

आंखों में सजाया है हज का ख़्वाब तो पहले बनवाएं पासपोर्ट


dil india live (Varanasi). हज 2026 काबा में मुकम्मल हो चुका है। जायरीन के वतन वापसी का दौर जारी है।हज कमेटी ऑफ इण्डिया द्वारा हज 2027 के लिए 02.06.2026 को सर्कुलर जारी कर दिया गया है। ऐसे में हज पर जाने का आंखों में ख़्वाब सजाने वालों को पहले पासपोर्ट बनवाना होगा ताकि समय रहते वो हज का फार्म भर सकें।

 Hajj कमेटी के सर्कुलर नं.-1 के सम्बन्ध में इसरा (ISSRA) मुख्यालय उल्फत बीबी कंपाउंड अर्दली बाजार, वाराणसी में मोहम्मद शाहरूख की अध्यक्षता में एक बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में सर्वसम्मति से यह तय हुआ कि हज 2027 पर जाने वाले जायरीनों के पासपोर्ट बनवाने के लिए उन्हें प्रचार-प्रसार के माध्यम से जागरूक की जायेगा ताकि समय रहते सभी का पासपोर्ट बन सकें। इस दौरान जागरूकता के लिए पांच सदस्यीय टीम गठित कर हेल्पलाइन नं. जारी किया गया। जिससे जायरीन उन नम्बरों पर संपर्क कर पासपोर्ट बनवाने एवं हज 2027 के लिए सम्बन्धित जानकारी हासिल कर सकेंगे।

हज और पासपोर्ट के लिए इन नंबर्स पर करें संपर्क 
हाजी मो. फारूक-9453365297
मो. शाहरूख-6394226843
हाजी जाहिद-9838706589
अलहम अंसारी-8896548272 5 
फजहुद्दीन-9005699552